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उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में नजर आएगा पृथ्वी के प्रति उत्तर प्रदेश का संकल्प

सस्टेनेबिलिटी की दिशा में अग्रसर यूपी, पानी बचाने से लेकर वनों के विस्तार तक की अनोखी पहल आधुनिक सिंचाई तकनीक, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान और क्लाइमेट रेज़िलिएंस पर फोकस हॉल नंबर 8 में सिंचाई, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग करेंगे उपलब्धियों का प्रदर्शन  25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में यूपीआईटीएस 2025 का भव्य आयोजन  लखनऊ उत्तर प्रदेश को “नए भारत का ग्रोथ इंजन” बनाने की दिशा में योगी सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस 2025) राज्य की आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक ताकत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने जा रहा है। 25 से 29 सितंबर तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले इस भव्य आयोजन का यह तीसरा संस्करण होगा, जिसमें व्यापार, उद्योग, संस्कृति, खानपान, तकनीकी नवाचार के अतिरिक्त इस बार सस्टेनेबिलिटी की अनूठी झलक देखने को मिलेगी। योगी सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ संघर्ष में अपनी प्रतिबद्धता का एक सशक्त संदेश देते हुए यहां 'उत्तर प्रदेश प्लेजेस टू द प्लैनेट' यानी पृथ्वी के प्रति उत्तर प्रदेश का संकल्प भी लिया है। यूपीआईटीएस 2025 का यह पहलू इस बात का सशक्त उदाहरण है कि कैसे उत्तर प्रदेश खुद को भारत के ग्रोथ इंजन के साथ-साथ ग्रीन इंजन के रूप में भी स्थापित कर रहा है। हॉल नंबर 8 में होगा उपलब्धियों का प्रदर्शन इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर के बीच आयोजित होने जा रहे इस आयोजन में हॉल नंबर 8 का दृश्य कुछ खास होगा, जहां सिंचाई, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग अपनी योजनाओं और उपलब्धियों का प्रदर्शन करेंगे। यहां आगंतुकों को दिखाया जाएगा कि किस तरह यूपी आधुनिक सिंचाई समाधानों के जरिए न केवल किसानों की उपज बढ़ा रहा है, बल्कि पानी की भारी बचत भी कर रहा है। यह पहल भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा और किसानों की समृद्धि सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त कर रही है। इस मौके पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को भी विशेष रूप से रेखांकित किया गया। इस अभियान ने अब तक प्रदेश में करीब पांच लाख एकड़ तक वन आच्छादन बढ़ाने में सफलता पाई है। यह उपलब्धि न केवल पर्यावरणीय संतुलन की दिशा में क्रांतिकारी कदम है, बल्कि हर नागरिक को हरियाली से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास भी है। ग्रीन फ्यूचर की ओर अग्रसर उत्तर प्रदेश  कार्यक्रम में यह भी बताया जाएगा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश ने विकास और पारिस्थितिकी के बीच संतुलन साधने का ठोस मॉडल तैयार किया है। सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को ध्यान में रखते हुए राज्य ग्रीन फ्यूचर की ओर तेजी से अग्रसर है। आयोजन समिति के अनुसार, इस सेक्शन का उद्देश्य आगंतुकों को प्रेरित करना और उन्हें यह विश्वास दिलाना है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि यह मॉडल न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए क्लाइमेट जस्टिस और सतत विकास की दिशा में प्रेरक साबित होगा।  पांच दिनों तक बिजनेस, संस्कृति और क्रिएटिविटी का दिखेगा संगम उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो का मंच सज चुका है, जहां 5 दिनों तक व्यापार, संस्कृति, खानपान और रचनात्मकता का अद्भुत मेल देखने को मिलेगा। इस मेगा इवेंट में उत्तर प्रदेश अपनी ताकत और संभावनाओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगा। आयोजन का मुख्य उद्देश्य राज्य को ग्लोबल सोर्सिंग हब के रूप में स्थापित करना है, जहां छोटे, मध्यम और बड़े उद्योगों से लेकर पारंपरिक वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) के खजाने, आधुनिक तकनीक, हस्तशिल्प और प्रदेश की विविधतापूर्ण व्यंजन संस्कृति सब एक ही छत के नीचे दिखाई देंगे। इस बार आयोजन में एमएसएमई और स्टार्टअप्स को विशेष प्लेटफार्म दिया गया है, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खरीदारों और निवेशकों से जुड़ सकें। वहीं, मेगा इंडस्ट्री सेक्टर की कंपनियां भी अपने उत्पाद और सेवाओं का प्रदर्शन करेंगी। व्यापारियों, निवेशकों और खरीदारों के लिए यह आयोजन न केवल नए अवसरों का द्वार खोलेगा, बल्कि 'मेक इन यूपी' की अवधारणा को सशक्त भी करेगा। प्रदर्शनी में आने वाले विज़िटर्स को खरीदारी और बिज़नेस डील्स के साथ-साथ यूपी के क्राफ्ट, कल्चर और कुजीन का लुत्फ भी मिलेगा। प्रदेश के पारंपरिक शिल्प, पीतल, जरी-ज़रदोज़ी, बनारसी साड़ी से लेकर आधुनिक तकनीकी नवाचारों तक की झलक यहां देखने को मिलेगी। साथ ही, आगंतुकों को अवध, बुंदेलखंड और पूर्वांचल की पाक विरासत का स्वाद चखने का मौका मिलेगा।

कलश स्थापना के लिए गंगा जल ले जा रहे थे, सड़क हादसे में परिवार के 3 सदस्यों की मौत

झारखंड शारदीय नवरात्र के पहले दिन झारखंड के गोड्डा जिले में एक भीषण सड़क हादसा हो गया. हादसे में कार सवार दंपति सहित तीन लोगों की मौत हो गई. हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई. घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. घटना के बाद से मृतकों के परिवार में कोहराम मच गया है. मृतक कलश स्थापना के लिए गांगा स्नान कर जल लेकर वापस लौट रहे थे. इसी दौरान यह हादसा हुआ. घटना जिले के महागामा थाना क्षेत्र की है. घटना के दौरान कार गोड्डा जिला के महागामा-एकचारी मुख्य मार्ग से गुजर रही थी. इस दौरान कार अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क से सीधे खाई में गिर गई. इस भीषण हादसे में कार सवार पति- पत्नी सहित 3 लोगों की मौके पर मौत हो गई. घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ लग गई. कार सवार मृतकों की पहचान महागामा ऊर्जा नगर निवासी जोगेंद्र कुमार यादव , उनकी पत्नी बिंदेश्वरी देवी और एक अन्य की पहचान कौशल्या देवी के रूप में हुई हैं. गांगा जल लेकर लौट रहे थे मृतक भीषण हादसे को लेकर मिली जानकारी के मुताबिक नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना और पूजा संपन्न होना था. इसलिए पति- पत्नी सहित 3 लोग कार पर सवार होकर कहलगांव स्थित गंगा घाट गए थे, जहां स्नान करने के बाद गंगा जल लेकर गोड्डा अपने घर लौट रहे थे. इसी बीच तेज रफ्तार कार अनियंत्रित हो गई और सीधे सड़क किनारे खाई में जा गिरी. हादसा इतना भयानक था की कार पूरी तरह चकनाचूर हो गई. परिवार में मचा कोहराम मौके पर पहुंचे लोगों ने हादसे की सूचना स्थानीय महागामा थाना की पुलिस को दिया. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने क्रेन की मदद से कार को खाई से बाहर निकाला. इसके साथ ही तीनों मृतकों के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए लिए भेज दिया गया. घटना की सूचना पीड़ित परिवार को दी गई. सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. मामले में पुलिस घटना को लेकर जांच कर रही है.  

चौंकाने वाली घटना: हरियाणा कैबिनेट मंत्री के बंगले में कांस्टेबल ने लिया खुदकुशी का निर्णय

गुरुग्राम हरियाणा के गुरुग्राम से सनसनीखेज वारदात सामने आई है. यहां कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के सरकारी बंगले में एक पुलिस कांस्टेबल ने सुसाइड कर लिया. वो यहां गार्ड रूम में तैनात था. घटना का खुलासा तब हुआ, जब उसके एक साथी ने उसे कमरे के अंदर बेहोशी की हालत में पाया. तुरंत मंत्री और पुलिस को जानकारी दी गई. आनन-फानन में कांस्टेबल को अस्पताल पहुंचाया गया. मगर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मृतक की पहचान 49 वर्षीय कांस्टेबल जगबीर सिंह के रूप में हुई है. वो झज्जर जिले के सुखपुरा गांव का रहने वाला था. पुलिस के मुताबिक, 49 साल के कॉन्स्टेबल जगबीर सिंह राव नरबीर सिंह के बंगले के प्रवेश द्वार पर सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात था. शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या माना जा रहा है. हालांकि, मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. पुलिस इस केस की जांच में जुटी हुई है. घटना सिविल लाइंस इलाके की है. यहां हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह के सरकारी बंगले पर सुरक्षा में तैनात एक सिपाही मृत पाया गया. पुलिस के मुताबिक, यह घटना रात ढाई बजे के वक्त हुई है. क्या बोले मामले में SHO? SHO कृष्ण कुमार ने कहा- हमें शक है कि सिपाही ने कोई जहरीला पदार्थ खाया हो सकता है, जिससे उसकी मौत हुई. हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही सच्चाई सामने आएगी.’ पुलिस का कहना है कि अभी तक मृतक के परिवार वालों ने कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं की है और न ही कोई बयान दिया है. परिवार के बयान के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी. कौन था मृतक सिपाही? जानकारी के मुताबिक, मृतक सिपाही एक पूर्व सैनिक था, जिसने 2014 में हरियाणा पुलिस में अपनी सेवाएं शुरू की थीं. जब राव नरबीर सिंह मंत्री बने, तब उनकी सुरक्षा के लिए इस सिपाही को बंगले पर तैनात किया गया था. उसके साथ कई अन्य पुलिसकर्मी भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा थे.  

मुख्यमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत स्वदेशी संकल्प विषयक प्रदेश स्तरीय कार्यशाला को किया संबोधित

2047 में विकसित होगा भारत, स्वदेशी व आत्मनिर्भर संकल्प अभियान के माध्यम से बढ़ेगा इसका रास्ताः सीएम योगी  2017 के पहले बीमारू था यूपी, यदि 8 वर्ष में बीमारी हट सकती है तो 22 वर्ष में यूपी विकसित भी हो सकता हैः मुख्यमंत्री  स्वदेशी व आत्मनिर्भर का सबसे अच्छा मॉडल है यूपीआईटीएस, यहां होगा यूपी की ताकत का अहसासः योगी अयोध्या दीपोत्सव में प्रज्ज्वलित होंगे रिकॉर्डतोड़ दीप, दीप भी भारत का स्वदेशी मॉडलः सीएम  योगी की अपीलः देश का पैसा भारत के कारीगरों, हस्तशिल्पियों व युवाओं के हाथों में ही जाए, यह भारत के अंदर लगेगा तो समृद्धि का कारण बनेगा  बोले-जिन लोगों ने वाद के आधार पर बांटा, वे आज भी समाज को बांट और काट रहे हैं लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपदों में स्वदेशी मेले लगाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इसमें एमएसएमई विभाग सहयोग करेगा। दीपावली के पहले हर जनपद में 10 से 18 के बीच एक सप्ताह तक ओडीओपी व स्थानीय उत्पादों का मेला लगे। यह कार्यक्रम बहुत अच्छा हो सकता है। इससे स्थानीय उद्यमियों व व्यापारियों को बहुत लाभ होता है और लोग विदेशी उत्पाद खरीदने से भी बचते हैं। सीएम ने कहा कि 2017 से पहले चीन का झालर बाजार में छा जाता था, लेकिन अब लोग मिट्टी के दीप जला रहे हैं। 2017 में दीपोत्सव के आयोजन में 51 हजार दीप अयोध्या मंडल में नहीं मिल पाए थे। इसे पूरे प्रदेश से जुटाना पड़ा था परंतु गत वर्ष जितने दीप प्रज्ज्वलित कराए गए थे, यह सभी अयोध्या में बने थे। इस बार भी दीपोत्सव में रिकॉर्डतोड़ दीप प्रज्ज्वलित होंगे और यह मिट्टी व गाय के गोबर से बनेंगे। लोकल लोगों को तैयार करना होगा। हर घऱ में दीप जले,  दीप भी भारत का स्वदेशी मॉडल है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को आत्मनिर्भर भारत स्वदेशी संकल्प विषयक प्रदेश स्तरीय कार्यशाला को संबोधित किया।  स्वदेशी व आत्मनिर्भर का सबसे अच्छा मॉडल है यूपीआईटीएस सीएम योगी ने कहा कि 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में यूपीआईटीएस का आयोजन होगा। 25 को इसके तीसरे चरण का शुभारंभ सुबह 9.30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। यह स्वदेशी और आत्मनिर्भर का सबसे अच्छा मॉडल है। यूपी के अंदर बने उत्पाद को केवल शोकेस ही नहीं किया जाएगा, बल्कि उसे बड़ा भी मंच मिलेगा। 500 विदेशी समेत पूरे देश से व्यापारी भी खरीदारी करने आ रहे हैं। दिल्ली, नोएडा, ग्रेनो, यमुना अथॉरिटी समेत आसपास के सभी होटल फुल हो चुके हैं। पिछले साल चार दिन में 2200 करोड़ की बिक्री हुई थी। इस सफलतम आयोजन से यूपी के कारीगरों, उद्यमियों व हस्तशिल्पियों को प्लेटफॉर्म मिलता है। सभी से अनुरोध किया कि एक दिन आईटीएस का अवलोकन करें। यहां यूपी की ताकत का अहसास होगा। स्वदेशी विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने और उसकी आधारशिला को सुदृढ़ करने का अभियान  सीएम ने कहा कि स्वदेशी आत्मनिर्भर भारत के अभियान का हिस्सा बनने वाला है। यह विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने और उसकी आधारशिला को सुदृढ़ करने का अभियान है। स्वदेशी केवल नारा नहीं है और न ही यह खादी वस्त्रों तक सीमित है। भाजपा नेतृत्व की सरकार देश में सुई से लेकर समुद्री मालवाहक जहाजों और फाउंटेन पेन से लेकर एरोप्लेन का निर्माण कर रही है। पीएम मोदी ने स्वदेशी की इस अवधारणा को व्यापक व विराट रूप दिया है। जो भारत में निर्मित हो, जिसमें भारत के श्रमिकों का पसीना और यहां के युवा शक्ति की प्रतिभा लगी हो। वह स्वदेशी है। मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड यानी दुनिया के लिए भारत के द्वारा बनाया गया उत्पाद हमारे लिए स्वदेशी है। हम स्वदेशी को जीवन का हिस्सा बनाएं।   भारत का कोई सानी नहीं था सीएम योगी ने सीपी जोशी के वक्तव्य की चर्चा की और कहा कि दो हजार वर्ष पहले दुनिया की अर्थव्यवस्था में भारत का योगदान 40 फीसदी था। आज से 300 वर्ष पहले दुनिया की अर्थव्यवस्था में भारत का योगदान 25 फीसदी था। औद्योगिकीकरण से होने वाले उत्पादन में भारत का योगदान नंबर एक (अकेले 25 फीसदी) था। वृहत्तर भारत मतलब आज का भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश। 300 वर्ष तक भारत दुनिया की नंबर एक की आर्थिक ताकत और नंबर एक का उत्पादक राष्ट्र था और कृषि में भारत का कोई सानी नहीं था।  विदेशी शासकों ने स्वार्थ के लिए बंगाल के कारीगरों के हाथ काट दिए थे  मुख्यमंत्री ने कहा कि भौगोलिक दृष्टि से भारत दुनिया में सातवें नंबर पर है। बृहत्तर भारत से पहले रूस, चीन, अमेरिका, कनाडा, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया है। भारत, पाकिस्तान व बांग्लादेश के पास कुल भूभाग साढ़े 42 करोड़ हेक्टेयर का भौगोलिक क्षेत्रफल था, जबकि रूसी संघ के पास 1 अरब 70 करोड़ हेक्टेयर लैंड है। इन देशों में केवल 20 फीसदी भूमि पर कृषि हो सकती है, लेकिन भारत अकेले 60 फीसदी भूभाग पर कृषि करता है। भारत के पास सबसे उर्वरा भूमि और सबसे अच्छा जल संसाधन है। भारत कपड़े का सबसे बड़ा उत्पादक था। भारत दुनिया में कपड़ा बेचता था। मुख्यमंत्री ने बंगाल के इतिहास का जिक्र किया और कहा कि विदेशी शासकों ने स्वार्थ के लिए वहां के कारीगरों के हाथ काट दिए थे। सीएम ने कहा कि होली से दीवाली के बीच हर गांव में गाय, बकरी, भैंस खेतों में बांधे जाते थे। वह उसी हिसाब से खेती को उर्वरक को बनाते थे। हम जितनी खेती का दोहन करते थे, उससे दोगुना रिटर्न करते थे। पीएम मोदी जिसे नेचुरल फॉर्मिंग और सुभाष पालेकर जीरो बजट खेती कहते हैं। हमारा किसान जीरो बजट खेती ही करता था। गाय का गोबर, मूत्र व उससे जुड़े उत्पाद, खुर धऱती को मुलायम करते थे और उर्वरकता को बढ़ाए रखते थे। इससे खूब अन्न उत्पादन होता था।  जिन लोगों ने वाद के आधार पर बांटा, वे आज भी समाज को बांट और काट रहे हैं  सीएम योगी ने कहा कि भारत पर इस्लाम के पहले हमले का जिक्र किया और कहा कि सन 1100 तक भारत में हिंदुओं की आबादी 60 करोड़ थी, लेकिन आजादी के समय 1947 तक यह घटकर सिर्फ 30 करोड़ रह गई। 800-900 वर्ष में हमारी आबादी घटी और खेती के उत्पादन को भी कम कर दिया गया। सिर्फ आक्रांताओं ने ही नहीं मारा, बल्कि भूख, बीमारी, यातनाओं से भी … Read more

71वीं नेशनल फिल्म अवॉर्ड सेरेमनी : मोहनलाल को दादा साहब फाल्के पुरस्कार मिला

शाहरुख खान-विक्रांत मैसी को बेस्ट एक्टर, रानी मुखर्जी बनीं बेस्ट एक्ट्रेस   नई दिल्ली विज्ञान भवन में मंगलवार को आयोजित 71वीं नेशनल फिल्म अवॉर्ड सेरेमनी में भारतीय सिनेमा की प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। . राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विभिन्न श्रेणियों में विजेताओं को अवॉर्ड प्रदान किए। इस अवसर पर शाहरुख खान और विक्रांत मैसी को बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड दिया गया। वहीं, रानी मुखर्जी को बेस्ट एक्ट्रेस का सम्मान मिला। फिल्म रॉकी और रानी की प्रेम कहानी के गीत ढिंढोरा बाजे के लिए वैभवी मर्चेंट को बेस्ट कोरियोग्राफी का अवॉर्ड प्रदान किया गया। इसके अलावा, सान्या मल्होत्रा स्टारर फिल्म कटहल को बेस्ट हिंदी फिल्म घोषित किया गया, जिसे डायरेक्टर यशोवर्धन मिश्रा ने रिसीव किया। गौरतलब है कि नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स की शुरुआत 1954 में हुई थी और तब से यह समारोह लगातार नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित होता आ रहा है। अगस्त 2023 में जिन विजेताओं की घोषणा हुई थी, उन्हें आज औपचारिक रूप से सम्मानित किया गया।

सभी 75 जिलों से सरकार को मिल रहे बहुमूल्य सुझाव, ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी भागीदारी

प्रदेशवासियों के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा, स्वास्थ्य और कृषि समेत कई सेक्टर्स में मिल रहे सुझाव प्रयागराज, गोरखपुर, मेरठ, कानपुर नगर, बस्ती समेत कई जिलों से भारी संख्या में मिले सुझाव प्रदेश में कम्प्यूटर संग्रहालय की स्थापना से लेकर गांव-शहर तक हाई-स्पीड इंटरनेट की मांग  सीसीटीवी नेटवर्क, सुरक्षा ऐप व त्वरित पुलिस रिस्पॉन्स के साथ महिलाओं के कौशल प्रशिक्षण पर जोर  जनता से मिलने वाले अच्छे सुझावों को विजन डॉक्युमेंट में शामिल करेगी योगी सरकार  लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार के “समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान” के तहत राज्य के सभी 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों व प्रबुद्ध जनों द्वारा छात्रों, शिक्षकों, उद्यमियों, कृषकों, मीडिया, श्रमिक संघठनों और आमजन से संवाद किया जा रहा है। विगत 8 वर्षों की विकास यात्रा साझा करने के साथ ही पूरे प्रदेश के सभी नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के साथ भविष्य के रोडमैप पर चर्चा कर सुझाव लिए जा रहे हैं। मंगलवार तक अभियान में करीब पांच लाख सुझाव प्राप्त हो चुके हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों से करीब 4 लाख और नगरीय क्षेत्रों से करीब एक लाख सुझाव प्राप्त हुए हैं। सबसे अधिक भागीदारी 31 से 60 वर्ष आयु वर्ग की दिख रही है, जबकि जेन-ज़ी और वरिष्ठ नागरिकों ने भी सक्रियता दिखाई है।  शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि समेत हर सेक्टर के लिए उपयोगी सुझाव सुझावों में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, नगरीय एवं ग्रामीण विकास, आईटी-टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री जैसे क्षेत्रों पर जनता का ज्यादा जोर है। खासकर शिक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होने वाली नीतियों में पारदर्शिता को लेकर नागरिकों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं।  ये हैं कुछ प्रमुख सुझाव गाजियाबाद के ऋतिक शर्मा ने उत्तर प्रदेश में भारत का सबसे बड़ा कम्प्यूटर संग्रहालय स्थापित करने का सुझाव दिया। इसमें एनालॉग यंत्रों से लेकर आधुनिक मेनफ्रेम तक की यात्रा प्रदर्शित हो। यह तकनीकी पर्यटन और युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा। बलिया के आशुतोष पटेल ने हर गांव-नगर तक हाई-स्पीड इंटरनेट व यूनिवर्सल डिजिटल-आईडी की व्यवस्था, स्कूलों में एआई/एआर/वीआर शिक्षा, हेल्थ-टेक, एग्री-टेक और स्मार्ट सिटी समाधान लागू करने का सुझाव दिया। वाराणसी की आकांक्षा ने सार्वजनिक स्थानों की रोशनी और डिजाइन सुधारने, सीसीटीवी नेटवर्क, सुरक्षा ऐप व त्वरित पुलिस रिस्पॉन्स की व्यवस्था पर बल दिया। साथ ही महिलाओं के लिए कौशल, वित्तीय पहुंच और फास्ट ट्रैक न्यायालयों की सिफारिश की। लखनऊ की महिमा सिंह ने शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण, समान वेतन, स्वास्थ्य व प्रजनन अधिकार, नेतृत्व में भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने बाल विवाह उन्मूलन, घरेलू कार्य की मान्यता और सहायता प्रणालियों की मजबूती को भी जरूरी बताया। अभियान में अब तक फिरोजाबाद, बस्ती, जौनपुर, कानपुर नगर, कानपुर देहात, गोरखपुर, सहारनपुर, शामली, एटा, मेरठ, फर्रुखाबाद, मैनपुरी, महाराजगंज और प्रयागराज से ही 2 लाख से अधिक फीडबैक प्राप्त हुए। सरकार का कहना है कि जनता की इन सुझावों को विकास रोडमैप में शामिल कर उत्तर प्रदेश को 2047 तक विकसित राज्य बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

उत्तराखंड में रेवेन्यू सरप्लस: CM पुष्कर सिंह धामी ने CAG की रिपोर्ट को सराहा

उत्तराखंड  भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में ₹5,310 करोड़ का राजस्व अधिशेष दर्ज कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. इस उपलब्धि के साथ उत्तराखंड उन राज्यों में शामिल हो गया है जिन्होंने इस अवधि में राजस्व अधिशेष दर्ज किया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि सीएजी की रिपोर्ट में दर्ज यह उपलब्धि उत्तराखंड की सुशासन की नीतियों का परिणाम है. हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प से प्रेरणा लेकर राज्य को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं. उत्तराखंड की आर्थिक आत्मनिर्भरता मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्तराखंड की आर्थिक आत्मनिर्भरता और समृद्ध भविष्य की दिशा में रखा गया एक मजबूत कदम है. सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और वित्तीय अनुशासन की नीति पर आगे बढ़ते हुए उत्तराखंड को एक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है. सीएजी रिपोर्ट की प्रमुख बिंदुएं:- राजस्व अधिशेष : वित्तीय वर्ष 2022-23 में उत्तराखंड ने ₹5,310 करोड़ का अधिशेष दर्ज किया. समग्र प्रगति : यह उपलब्धि राज्य की वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार का संकेत देती है. आर्थिक मजबूती का प्रमाण : कभी बिमारु श्रेणी से जोड़े जाने के बाद अब उत्तराखंड ने सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन का उदाहरण प्रस्तुत किया है. सकारात्मक आर्थिक परिवर्तन : पूर्व में वित्तीय अनुशासन की चुनौतियों के बावजूद सतर्क प्रबंधन व पारदर्शी नीतियों के बल पर राज्य ने यह उपलब्धि हासिल की.  

सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारणी की 11 हजार 678 करोड़ 74 लाख रुपये की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन

13 स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में सार्वजनिक निजी भागीदारी के तहत निजी ऑपरेटर के सहयोग से राज्य के भीतर हैलीकॉप्टर सेवा संचालन की स्वीकृति प्रदान गई है। संपूर्ण प्रदेश के हवाई अड्डों, हैलीपेड एवं हवाई पट्टियों के बीच निजी ऑपरेटर द्वारा चयनित स्थानों पर हैलीकॉप्टर सेवा प्रदाय की जायेगी। हैलीकॉप्टर का संचालन तीन सेक्टरों में किया जाएगा। सेक्टर-1 में इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, मांडू, महेश्वर, गांधीसागर, मंदसौर, नीमच, हनुवंतिया, खंडवा, खरगौन, बुरहानपुर, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, झाबुआ, नलखेड़ा, भोपाल और जबलपुर शामिल होंगे। सेक्टर-2 में भोपाल, मढ़ई, पचमढ़ी, तामिया, छिंदवाड़ा, सांची, इंदौर, दतिया, दमोह, ग्वालियर, शिवपुरी, कूनो (श्योपुर), ओरछा, गुना, राजगढ़, सागर, होशंगाबाद, बैतूल, टीकमगढ़ और जबलपुर शामिल होंगे। सेक्टर-3 में जबलपुर, बांधवगढ़, कान्हा, चित्रकूट, सरसी, परसिली, मैहर, सतना, पन्ना, खजुराहो, कटनी, रीवा, सिंगरौली, अमरकंटक, सिवनी, सीधी, मंडला, पेंच, डिंडौरी, भोपाल और इंदौर के बीच हेलीकाप्टर सेवा का संचालन किया जायेगा। इस सेवा का उद्देश्य प्रमुख शहरों, धार्मिक स्थलों, राष्ट्रीय उद्यानो और पर्यटक स्थलों के मध्य निजी ऑपरेटर के सहयोग से किफायती एवं स्थायी हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराना है। इस सेवा से यात्रियों, पर्यटकों, व्यवसाइयों, निवेशकों एवं प्रदेश के रहवासियों का प्रदेश में आवागमन सुगम हो सकेगा। इससे प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक शहरों एवं पर्यटक स्थलों के बीच व्यवसाय एवं पर्यटन गतिविधियों में अभिवृद्धि होगी और रोजगार के नये अवसरों का सृजन भी होगा। सतपुड़ा ताप विद्युत गृह , सारणी की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड की 660 मेगावाट की सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारणी की पुनरीक्षित लागत 11 हजार 678 करोड़ 74 लाख रुपये (नॉन EPC सहित) का अनुमोदन प्रदान किया गया है। परियोजना का वित्त पोषण 20:80 अंशपूँजी एवं ऋण के अनुपात में किया जायेगा। राज्य शासन द्वारा 20 प्रतिशत अंशपूँजी में से 684 करोड़ 53 लाख रूपये की राशि प्रदान की जायेगी और शेष राशि की व्यवस्था म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा स्वयं के स्त्रोत से की जायेगी। राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 तक प्रदान/आवंटित की गई 431 करोड़ 45 लाख रुपये की राशि के अतिरिक्त शेष राज्यांश वित्तीय वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक की अवधि में 50 करोड़ 62 लाख रूपये विभागीय बजट के माध्यम से प्रत्येक वर्ष म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड को उपलब्ध कराई जायेगी। अमरकंटक ताप विद्युत गृह , चचाई की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड की 660 मेगावाट की अमरकंटक ताप विद्युत गृह, चचाई की पुनरीक्षित लागत 11 हजार 476 करोड़ 31 लाख रूपये का अनुमोदन प्रदान किया गया है। परियोजना का वित्त पोषण 20:80 अंशपूँजी एवं ऋण के अनुपात में किया जायेगा। राज्य शासन द्वारा 20 प्रतिशत अंशपूँजी में से 699 करोड़ 90 लाख रुपये की राशि प्रदान की जायेगी और शेष राशि की व्यवस्था मप्र पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड दवारा स्वयं के स्त्रोत से की जायेगी। राज्य शासन दवारा वित्तीय वर्ष 2025-26 तक प्रदान/आवंटित की गई 365 करोड़ रुपये की राशि के अतिरिक्त शेष राज्यांश वित्तीय वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक की अवधि में 66 करोड़ 98 लाख रुपये विभागीय बजट के माध्यम से प्रत्येक वर्ष म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड को उपलब्ध कराई जायेगी। सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा 13 स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मापदण्डों अनुसार मान्यता प्राप्त करने के लिए नॉन क्लीनिकल एवं पैरा क्लीनिकल संकायों में सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की गई है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना, विदिशा, रतलाम, खण्डवा, शहडोल, शिवपुरी, दतिया और छिंदवाड़ा में स्थित स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में इन पदों का सृजन किया गया हैं। इससे राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मापदण्डों अनुसार चिकित्सा महाविद्यालयों का सुचारू संचालन सुनिश्चित हो सकेगा एवं चिकित्सा महाविद्यालयों से उत्तीर्ण स्नातकोत्तर छात्र सीनियर रेसीडेंटशिप चिकित्सा महाविद्यालय में ही कर पायेंगे और नॉन क्लीनिकल एवं पैरा क्लीनिकल संकायों में भी प्रदेश को चिकित्सा शिक्षक प्राप्त हो सकेंगे।

रेखा गुप्ता का दो टूक संदेश: ‘मेरे पोस्टर पर फोटो लगाने की कोशिश न करें’

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के मौके पर दिल्ली सरकार सेवा पखवाड़ा चला रही है. 2 अक्टूबर तक चलने वाले इस 15 दिनों के सेवा पखवाड़े में 75 जन सुविधाओं को शुरू किया जा रहा है. इसी के अंतर्गत मंगलवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनकी पूरी कैबिनेट ने स्वच्छता अभियान के तहत सफाई अभियान चलाया. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता खुद शालीमार बाग में रिंग रोड पहुंची और झाड़ू लगाई, कूड़ा बीना. इस दौरान मुख्यमंत्री ने पोस्टर चिपकाकर शहर को गन्दा करने वाले लोगों को सख्त हिदायत और चेतावनी दी. सफाई अभियान के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि स्वच्छता अभियान एक लगातार करने वाला काम है. यह एक दिन का या कुछ घंटे का ड्राइव नहीं है, यह हम सब भारतीयों को समझना होगा कि यह शहर हमारा है. मैं देख रही हूं, यहां-वहां तंबाकू के पाउच, पानी की बोतल, और दौने पत्तल पड़े हैं. भंडारा करके हम वहीं छोड़ देते हैं. पोस्टर चिपके हुए हैं. यह सब इस शहर को गंदा कर रहे हैं और एक दिन 1 घंटे की स्वच्छता से कुछ नहीं होना है. यह लगातार करने वाला काम हैं. हजारों लोगों ने किया पार्टिसिपेशन सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत आज हमने रिंग रोड की ड्राइव ली है और पूरी रोड पर हर जगह दिल्ली के लोग स्वच्छता अभियान चला रहे हैं. हजारों लोगों ने इसमें आज पार्टिसिपेशन किया है और मैं सोचती हूं कि यह सारा का सारा ड्राइव और यह काम लगातार करने वाला है. उन्होंने कहा कि ये काम संस्थाएं, RWA, जनप्रतिनिधि अधिकारी के साथ-साथ हर व्यक्ति के लिए करने वाला काम है. अगर ऐसा होता है, तभी हमारा शहर साफ-सुथरा रह पाएगा. पोस्टर लगाकर शहर को न करें गंदा: सीएम मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मेरा सभी दिल्ली वासियों से निवेदन है कि कृपया करके वॉल राइटिंग और पोस्टर लगाकर शहर को गंदा ना करें. इसकी वजह से हमारा शहर लगातार गंदा हो रहा है. उन्होंने कहा कि विशेषकर कर नेताओं से मेरा अनुरोध है कि कृपया करके कम से कम मेरी फोटो के साथ कोई पोस्टर लगाने की गुस्ताखी न करें. मैं हाथ जोड़कर आप लोगों से निवेदन कर रही हूं. किसी भी डिफेसमेंट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अधिकारियों को भी समझना पड़ेगा और जनता को भी सहयोग करना पड़ेगा. दिल्ली की ओर से यह स्वच्छता अभियान निरंतर चलेगा. रामलीला और दुर्गा पूजा में स्पीकर की समय सीमा बड़ी दिल्ली सरकार ने रामलीला और दुर्गा पूजा पंडाल में स्पीकर इस्तेमाल करने की समय सीमा 10 से 12 बजे तक करने का आदेश दिया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मैं हमेशा यही देखती थी कि हमारे हिंदू उत्सवों को दिक्कत होती थी, क्योंकि रामलीला कभी 10 बजे खत्म नहीं हो सकती, और दुर्गा पूजा कभी 10 बजे तक खत्म नहीं हो सकती. जब गुजरात में डांडिया रात भर चल सकता है, और जब बाकी राज्यों में इवेंट रात भर हो सकते हैं, तो दिल्ली वालों का क्या कसूर है? इसीलिए इस बार हमने रात 12 बजे तक की परमिशन सभी रामलीला, दुर्गा पूजा, और सांस्कृतिक धार्मिक उत्सव को दी है. ईश्वर की कृपा हम सब पर बनी रहे. 15 दिन 75 सेवाओं का संकल्प दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह लगातार सेवा पखवाड़े के अंतर्गत चल रहे विकास कार्य हैं. रोजाना हम दिल्ली की जनता को कुछ ना कुछ समर्पित कर रहे हैं. 15 दिन 75 सेवाएं, ऐसा हमारा संकल्प था. इसी श्रृंखला में आज इंटर इंटरस्टेट बस जो कि एक समय में बिल्कुल बंद हो गई थी, आज से हम वह दोबारा शुरू कर रहे हैं.  

सुप्रीम कोर्ट में गूंजी जोजरी नदी की पुकार, प्रदूषण से ग्रामीण परेशान

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को राजस्थान की जोजरी नदी में प्रदूषण से जुड़े मामले की सुनवाई हुई। नदी में प्रदूषण की वजह से यहां की कृषि योग्य भूमि बंजर हो गई है। इसके चलते स्थानीय लोगों को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 16 सितंबर को मामले का स्वत: संज्ञान लिया था और कहा था कि नदी में औद्योगिक कचरे से सैकड़ों गांव प्रभावित हो रहे हैं। आरोप है इनसे निकलने वाला औद्योगिक कचरा नदी में डाला जा रहा है। इसका असर सैकड़ों गांवों पर पड़ा है। कचरे की वजह से जहरीले हो चुके जोजरी नदी के पानी ने पर्यावरण और आम जनमानस को नुकसान पहुंचाया है। नदी का पानी जानवरों के लिए भी जहरीला हो गया है, जिससे न केवल स्वास्थ्य बल्कि पूरा पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित हो रहा है। पश्चिमी राजस्थान की जीवनरेखा कही जाने वाली जोजरी नदी आज जहरीली हो गई है। जोधपुर से पाली और बालोतरा तक बहने वाली इस नदी में लगभग 400 से ज्यादा औद्योगिक इकाइयों का प्रदूषित पानी और कचरा डाला जा रहा है। इसकी वजह से नदी का पानी पीने योग्य नहीं है। जोजरी नदी राजस्थान के जोधपुर जिले में स्थित 83 किलोमीटर लंबी मौसमी नदी है। इसका उद्गम नागौर जिले से होता है। यह उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम दिशा में बहते हुए जोधपुर जिले के खेड़ालदा खुर्द के पास लूनी नदी में मिलती है। नदी का जलग्रहण क्षेत्र लगभग 3,600 वर्ग किलोमीटर तक में फैला हुआ है। मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी।