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भगवान विष्णु पर बयान को लेकर CJI गवई ने जताई सफाई, VHP ने की संयम की अपील

नई दिल्ली  खजुराहो के प्रसिद्ध जावरी मंदिर में भगवान विष्णु की खंडित मूर्ति की मरम्मत करने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस बीआर गवई ने एक टिप्पणी कर दी थी। इसको लेकर सोशल मीडिया पर जमकर बवाल हो रहा था। यही नहीं विश्व हिंदू परिषद जैसे संगठन ने भी चीफ जस्टिस को नसीहत दी थी कि वाणी पर संयम रखना चाहिए। अब इस मामले में खुद चीफ जस्टिस बीआर गवई का बयान आया है और उन्होंने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि मेरे बयान को सोशल मीडिया पर गलत ढंग से पेश किया गया। उन्होंने कहा कि किसी ने मुझे अगले दिन बताया कि मेरी टिप्पणी को सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। मैं सभी धर्मों का सम्मान करता हूं। चीफ जस्टिस ने यह टिप्पणी किसी मामले की सुनवाई के दौरान की। वहीं सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मैं चीफ जस्टिस बीआर गवई को बीते 10 सालों से जानता हूं। वह हर धार्मिक स्थल जाते हैं और सभी का आदर करते हैं। मेहता ने कहा कि यह एक गंभीर मसला है। उन्होंने कहा कि हमने न्यूटन का लॉ पढ़ा है कि हर ऐक्शन का रिएक्शन होता है। लेकिन आज तो हर ऐक्शन पर सोशल मीडिया में गलत रिएक्शन होता है। उन्होंने कहा कि चीफ जस्टिस तो अकसर सभी धर्मों के स्थलों पर जाते हैं। वह सभी का आदर करते हैं। वहीं कपिल सिब्बल भी इस दौरान मौजूद थे। उन्होंने कहा कि ऐसी चीजों का सामना तो हम हर दिन करते हैं। इस तरह किसी को बदनाम नहीं किया जा सकता। मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने कहा कि नेपाल में भी ऐसी ही चीजें हुई थीं। बता दें कि मूर्ति की मरम्मत की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने याची को झिड़कते हुए कहा था कि आपकी अर्जी जनहित याचिका नहीं है बल्कि प्रचार याचिका है। उन्होंने कहा था कि यदि आप भगवान विष्णु के इतने कट्टर भक्त हैं तो फिर उन्हीं से प्रार्थना कीजिए। उनकी टिप्पणी का यह हिस्सा सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा था और लोग उनकी आलोचना कर रहे थे। क्या कहा था चीफ जस्टिस ने, जिस पर मचा इतना बवाल इसी को लेकर विश्व हिंदू परिषद का भी गुरुवार को बयान आया। संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने चीफ जस्टिस के नाम एक लेटर लिखा था। उन्होंने लिखा था, 'परसों सर्वोच्च न्यायालय में खजुराहो के प्रसिद्ध जावरी मंदिर में स्थित भगवान विष्णु की खंडित मूर्ति की मरम्मत के लिए याचिका की सुनवाई थी। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने मौखिक टिप्पणी की, मूर्ति की मरम्मत के लिए भगवान से ही प्रार्थना कीजिए। आप कहते हैं कि आप भगवान विष्णु के कट्टर भक्त हैं, तो अब उन्हीं से प्रार्थना कीजिए। न्यायालय न्याय का मंदिर है। भारतीय समाज की न्यायालयों में श्रद्धा और विश्वास है। हम सब का कर्तव्य है कि यह विश्वास ना सिर्फ बना रहे वरन् और मजबूत हो।' VHP बोली- जजों को भी रखना होगा वाणी पर संयम इसके आगे नसीहत देते हुए विश्व हिंदू परिषद ने कहा, 'हम सब का यह भी कर्तव्य है कि अपनी वाणी में संयम रखें। विशेष तौर पर न्यायालय के अंदर। यह जिम्मेवारी मुकदमा लड़ने वालों की है, वकीलों की है और उतनी ही न्यायाधीशों की भी है। हमको लगता है कि मुख्य न्यायाधीश की मौखिक टिप्पणी ने हिन्दू धर्म की आस्थाओं का उपहास उड़ाया गया है। अच्छा होगा अगर इस तरह की टिप्पणी करने से बचा जाए।'  

तालिबान का इंटरनेट प्रतिबंध: अफगान नागरिकों की डिजिटल दुनिया ठप्प

जलालाबाद अफगानिस्तान में तालिबान ने अजीबोगरीब फरमान जारी किया है। तालिबानी शासन ने "अनैतिकता रोकने" के नाम पर पूरे देश में इंटरनेल और  फाइबर-ऑप्टिक सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है। इससे पूरे देश में खलबली मच गई है। तालिबान द्वारा शुरू की गई यह सख्ती अब पूरे देश में लागू हो चुकी है। देश के सर्वोच्च नेता द्वारा फाइबर-ऑप्टिक इंटरनेट पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाने के बाद कई और प्रांत इंटरनेट सेवाओं से कट गए हैं। 4 साल से सत्ता में है तालिबान तालिबान ने अगस्त 2021 में अफगानिस्तान की सत्ता संभाली थी। इसके बाद यह पहली बार है जब इस तरह का व्यापक प्रतिबंध लगाया गया है। इस फैसले से अब सरकारी दफ्तरों, निजी क्षेत्र, शैक्षणिक संस्थानों और आम नागरिकों के घरों में Wi-Fi इंटरनेट सेवा पूरी तरह ठप हो गई है। हालांकि मोबाइल इंटरनेट सेवा अब भी चालू है। अधिकारियों का कहना है कि "जरूरी कार्यों" के लिए वैकल्पिक उपायों की तलाश की जा रही है। मंगलवार को उत्तरी बल्ख प्रांत में Wi-Fi सेवा के बंद होने की पुष्टि की गई, वहीं देश के अन्य हिस्सों से भी भारी व्यवधान की खबरें मिल रही हैं। गुरुवार को बघलान, बदख्शान, कुंदुज़, नंगरहार और तखार जैसे प्रांतों में इंटरनेट सेवा पूरी तरह बंद कर दी गई। अफगान मीडिया ने की निंदा अफगान मीडिया समर्थन संगठन (AMSO) ने इस प्रतिबंध की कड़ी निंदा की और अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। संगठन ने कहा, "तालिबान नेता के आदेश पर उठाया गया यह कदम न केवल लाखों नागरिकों की मुफ्त सूचना और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच को बाधित करता है, बल्कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मीडिया कार्यों के लिए भी एक गंभीर खतरा है। पिछले वर्ष, संचार मंत्रालय के प्रवक्ता इनायतुल्लाह अलोकोज़ई ने TOLO न्यूज़ को बताया था कि अफगानिस्तान में 1,800 किलोमीटर से अधिक लंबा फाइबर-ऑप्टिक नेटवर्क है, और इसमें 488 किलोमीटर और जोड़ने की मंजूरी भी दी गई थी। नंगरहार संस्कृति निदेशालय के सिद्दीकुल्लाह कुरैशी ने एसोसिएटेड प्रेस को इस प्रतिबंध की पुष्टि की। कुंदुज़ के राज्यपाल कार्यालय ने एक आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में इंटरनेट बंदी की सूचना साझा की।

आज तक माओवादी लगाते थे पोस्टर, अब पुलिस ने संभाली कमान — वॉन्टेड नक्सलियों के लिए ग्रामीणों से सहयोग की अपील

खांजूर/ कांकेर कांकेर जिले में पुलिस ने अंदरूनी गांवों में वांछित माओवादियों के बैनर लगाकर उन पर इनाम घोषित किया है। पुलिस ने बुधवार को परलकोट क्षेत्र के अंदरूनी और माओवादी प्रभावित इलाकों में एक अनोखी पहल शुरू की। पुलिस ने यहां के गांवों और जंगलों में वांछित माओवादियों के पोस्टर और बैनर लगाए हैं, ताकि स्थानीय लोगों की मदद से इन माओवादियों को पकड़ा जा सके। इस कदम को माओवाद के खिलाफ लड़ाई में एक नया मोड़ माना जा रहा है। इन पोस्टरों में वांछित माओवादियों की तस्वीरें, उनके नाम और उन पर घोषित इनाम की जानकारी दी गई है। साथ ही, पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें इन माओवादियों के बारे में कोई भी जानकारी मिले, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। जानकारी देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी। अक्सर, स्थानीय लोग माओवादियों के बारे में बहुत कुछ जानते हैं, लेकिन डर की वजह से वे पुलिस को नहीं बताते। इन पोस्टरों से न केवल उन्हें जानकारी मिलेगी, बल्कि उन्हें यह भी एहसास होगा कि उनकी मदद से इन अपराधियों को पकड़ा जा सकता है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य माओवादियों को उनके अपने गढ़ में ही कमजोर करना है। जब स्थानीय आबादी उनके खिलाफ हो जाएगी और उनके बारे में जानकारी देना शुरू कर देगी, तो उनके लिए छिपना और अपनी गतिविधियों को अंजाम देना मुश्किल हो जाएगा। पुलिस को सफलता की उम्मीद यह पहला मौका नहीं है जब पुलिस ने इस तरह की रणनीति अपनाई है, लेकिन इस बार इसे और बड़े पैमाने पर और व्यवस्थित तरीके से लागू किया गया है। पुलिस को उम्मीद है कि इस पहल से उन्हें वांछित माओवादियों को पकड़ने में बड़ी सफलता मिलेगी और क्षेत्र में शांति बहाल करने में मदद मिलेगी। यह देखना बाकी है कि यह पहल कितनी प्रभावी साबित होती है, लेकिन यह साफ है कि पुलिस माओवाद के खिलाफ लड़ाई में नए और रचनात्मक तरीके अपना रही है। पोस्टर में पांच लाख के इनामी माओवादियों के नाम पुलिस द्वारा एक बैनर में माओवादी बसंती आंचल, पुष्पा हेमला, रामा कुंजाम, श्रवण मरकर, विश्वनाथ, रामको मंडावी, रानी उर्फ उमा, जानकी सोरी पर पांच-पांच लाख रुपये और मनीषा कोर्राम, जमली मंडावी, कुमारी मंगली, कमला पददा दर्रो पर एक-एक लाख का इनाम घोषित है। इसके अलावा, अन्य स्थानों पर अलग-अलग माओवादियों के नाम और इनाम का भी उल्लेख किया गया है।

अनुराग ठाकुर का कटाक्ष: हाइड्रोजन बम फोड़ने वाले थे, फुलझड़ी से काम चला राहुल गांधी ने

नई दिल्ली लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस कर वोटर लिस्ट में फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है। इसे लेकर बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार चुनावी हार और जनता द्वारा खारिज किए जाने से हताश और निराश हैं। ठाकुर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने 'आरोपों की राजनीति' को अपना आभूषण बना लिया है, लेकिन जब इन्हीं आरोपों को साबित करने की बात आती है तो पीठ दिखाकर भाग जाते हैं।   झूठे आरोप लगाने की आदत: अनुराग ठाकुर अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी की आदत गलत और निराधार आरोप लगाने की बन गई है। उन्होंने दावा किया कि जब चुनाव आयोग उनके आरोपों को सत्यापित करने के लिए कहता है, तो वह पीछे हट जाते हैं। इसके अलावा, जब उन्हें शपथ पत्र देने के लिए कहा जाता है, तो वह मुकर जाते हैं। ठाकुर ने आगे कहा, "आरोप लगाने के बाद माफी मांगने और कोर्ट से फटकार खाने का काम राहुल गांधी का हो गया है। हर मामले में उनको फटकार ही लगी है।" हाइड्रोजन बम की जगह फुलझड़ी राहुल गांधी की प्रेस कांफ्रेंस पर तंज कसते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रेस कांफ्रेंस में हाइड्रोजन बम फोड़ने वाले थे, फुलझड़ी से काम चलाना पड़ा। "राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस 90 चुनाव हारी है" अनुराग ठाकुर ने यह भी दावा किया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी लगभग 90 चुनाव हारी है, जिससे उनकी हताशा और निराशा दिन व दिन बढ़ती जा रही है।   रोज प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं और झूठ बोलते हैं: अमित साटम मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम ने कहा, "राहुल गांधी हमेशा ऐसे बयान देकर देश को गुमराह करने की कोशिश करते हैं। चुनाव आयोग ने उन्हें तकनीकी और संवैधानिक तौर पर जो करने को कहा है, वो वो नहीं करते। वो रोज़ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं और झूठ बोलते हैं। मुझे लगता है कि अगर वो थोड़ा आत्मचिंतन करें कि उन्हें इतने कम वोट क्यों मिले और वो क्यों हारे, तो शायद वो ज़िंदगी में थोड़ा आगे बढ़ जाएं, क्योंकि जब भी कोई व्यक्ति आत्मचिंतन करता है, तो उसे अपनी गलतियां समझ आती हैं और उन्हें सुधारने का मौका मिलता है। मुझे लगता है कि देश उन पर ध्यान नहीं दे रहा है और अगर उनके पास कोई सही आरोप है, तो उन्हें संवैधानिक, तकनीकी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। वो प्रक्रिया का पालन इसलिए नहीं कर रहे, क्योंकि उन्हें पता है कि उनका झूठ उजागर होने वाला है।" ये दिवालियापन है: संजय सेठ केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने कहा, "ये दिवालियापन है। आप नेता प्रतिपक्ष हैं। आप संवैधानिक संस्था पर आरोप लगा रहे हैं। आपको ना ED पर विश्वास ना CBI, ना चुनाव आयोग, ना EVM, ना जनता पर विश्वास, कभी-कभी आप सिंदूर पर प्रश्न चिन्ह खड़े करते हैं… क्या हो गया है? देश की जनता इसलिए आपको सीरियस नहीं लेती है। आपको तीसरी बार किनारे बिठा दिया तो आप अपना खीझपन चुनाव आयोग पर निकाल रहे हैं। देश की जनता फिर आपको किनारे बिठाएगी, बिहार में भी किनारे बिठाएगी।"

मुआवजे को लेकर सियासत गरमाई, धनखड़ ने हुड्डा को घेरा

झज्जर भाजपा के राष्ट्रीय सचिव और वरिष्ठ नेता ओपी धनखड़ ने गुरूवार को झज्जर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को आड़े हाथों लिया। हाल ही में हुड्डा द्वारा बर्बाद फसलों के लिए 70 हजार रूपए प्रति एकड़ मुआवजे की मांग पर तंज कसते हुए धनखड़ ने कहा कि "अपने दस साल के कार्यकाल में हुड्डा किसानों को डेढ़-डेढ़ रुपये के चेक थमाते थे, और आज बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं। किसान मुद्दों पर बात करते हुए धनखड़ ने दावा किया कि भाजपा सरकार के प्रयासों से हरियाणा भर में जल निकासी की स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है। धनखड़ झज्जर स्थित नेहरू कॉलेज में आयोजित ‘लोंग डे बाजार’ कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि अगर मौसम अनुकूल रहा, तो राज्य में रबी की फसल बेहतर होने की पूरी उम्मीद है। बीमा योजनाओं को लेकर भी उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोला और कहा कि हुड्डा सरकार के समय किसानों को बीमा कंपनियों के नाम पर सिर्फ ठगा गया। आज वही बीमा कंपनियां किसानों को 30 से 35 हजार रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा दे रही हैं। धनखड़ ने कहा कि भाजपा सरकार किसान हितैषी नीतियों के दम पर काम कर रही है, जबकि कांग्रेस केवल राजनीति कर रही है। इस मौके पर उन्होंने लोग डे बाजार में स्टॉल लगाने वाले छात्राओं की भी खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि छात्रों और कॉलेज का इस दिशा में कदम सराहनीय है। उन्होंने कहा कि आज के समय की जो डिमांड पर उसी पर इन छात्रों का फोकस है। युवा प्रतिभा के धनी है। राहुल गांधी पर तीखा हमला धनखड़ ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का पूरा जीवन केवल आरोप लगाने में ही बीत जाएगा। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि आज विश्व में यदि कोई शानदार नेतृत्व है, तो वह नरेंद्र मोदी के रूप में भारत के पास है। धनखड़ झज्जर स्थित नेहरू कॉलेज में आयोजित ‘लोंग डे बाजार’ कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब जनता से नहीं, बल्कि घुसपैठियों से वोट मांग रही है।

कांग्रेस घुसपैठियों व अर्बन नक्सल्स को बचाने की कर रही राजनीति: अनुराग सिंह ठाकुर 

धमाका नहीं, ड्रामा कर रहे राहुल गांधी: अनुराग सिंह ठाकुर  कांग्रेस घुसपैठियों व अर्बन नक्सल्स को बचाने की कर रही राजनीति: अनुराग सिंह ठाकुर  राहुल का क़बूलनामा, नहीं लड़ रहे लोकतंत्र के लिए: अनुराग सिंह ठाकुर  राहुल तथ्यों से दूर, हिट एंड रन की कर रहे राजनीति: अनुराग सिंह ठाकुर  आरोपों की राजनीति को राहुल ने बनाया आभूषण: अनुराग सिंह ठाकुर  आलंद सीट कांग्रेस के खाते में, राहुल बतायें..क्या वोट चोरी से जीते: अनुराग सिंह ठाकुर  नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय मंत्री,भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व सांसद  अनुराग ठाकुर ने आज गुरुवार को नई दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित किया और राहुल गाँधी के झूठे दावों की एक-एक करके सच्चाई उजागर करते हुए राहुल गाँधी और कांग्रेस पार्टी पर करारा हमला बोला। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए  अनुराग सिंह ठाकुर ने राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि राफेल से लेकर ‘चौकीदार चोर है’ तक और सावरकर से लेकर आरएसएस से जुड़े मुद्दे तक हर बार राहुल गांधी को कोर्ट से फटकार मिली है और उन्हें कई बार माफी मांगनी पड़ी। कीचड़ उछाल कर भाग जाने वाला राहुल गांधी का ‘हिट एंड रन’ वाला रवैया आज की भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी दिखाई दिया।  अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि एक नेता जिनके नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी लगभग 90 चुनाव हारी, उनकी हताशा और निराशा दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। चुनावी हार और जनता से नकारे जाने के बावजूद, उन्होंने आरोपों की राजनीति को अपना आभूषण बना लिया है, लेकिन जब उनके लगाए गए आरोपों को प्रमाणित करने के लिए कहा जाता है, तो वे पीठ दिखाकर भाग जाते हैं। शपथपत्र देने के लिए कहा जाए, तो वे मुकर जाते हैं। गलत और निराधार आरोप लगाना राहुल गांधी की आदत बन चुकी है। यह उनके लिए एक ऐसा व्यवहार बन गया है जिसमें वे बार-बार गलत और बेसलेस आरोप लगाते हैं, बाद में माफी मांगते हैं और कोर्ट से फटकार खाते हैं। चाहे राफेल का मामला हो, ‘चौकीदार चोर है’ का आरोप हो, या सावरकर जी या आरएसएस से जुड़ा मुद्दा हो या पेगासस के मामले, हर बार राहुल गांधी को कोर्ट से फटकार मिली है। कई बार उन्हें माफी मांगनी पड़ी और वे कीचड़ उछालने के बाद भाग खड़े हुए। यह ‘हिट एंड रन’ वाला रवैया आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी दिखाई दिया। हाइड्रोजन बम फोड़ने का दावा फुलझड़ी निकला और वह भी फुस्स साबित हुआ। वरिष्ठ भाजपा सांसद ने कहा कि चुनाव आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी भी वोट को ऑनलाइन किसी भी आम नागरिक द्वारा हटाया या मिटाया नहीं जा सकता। किसी भी वोट को बिना प्रभावित व्यक्ति की बात सुने, हटाया या मिटाया नहीं जा सकता। 2023 में कुछ असफल प्रयास किए गए थे, जो विफल रहे। चुनाव आयोग ने ही इन मामलों की एफआईआर दर्ज करने और जांच कराने के निर्देश दिए थे। चुनाव आयोग ने पहले ही मोबाइल नंबर और आईपी एड्रेस उपलब्ध करवा दिए हैं। यदि ये सभी डेटा उपलब्ध हैं, तो कांग्रेस शासित राज्य कर्नाटक की सीआईडी ने अब तक क्या किया? रिकॉर्ड के अनुसार, आलंद विधानसभा क्षेत्र 2023 में कांग्रेस के ही उम्मीदवार ने 10,348 मतों से जीता था। तो क्या राहुल गांधी और कांग्रेस ने वोट चोरी करके जीत हासिल की थी?  अनुराग सिंह  ठाकुर ने कहा कि चुनाव दर चुनाव हार और जनता से नकार दिए जाने पर राहुल गांधी की हताशा, निराशा दिन पे दिन बढ़ती ही जा रही है। आरोपों की राजीनीति को राहुल गांधी ने अपना आभूषण बना लिया है और जब उनसे उन्हीं के लगाये आरोपों को authenticate करने को कहा जाता है तो पीठ दिखा कर भाग खड़े होते हैं। आज राहुल गांधी ने जो बातें कहीं, उसमें वे हाइड्रोजन बम खुद पर ही फोड़ बैठे और बोले कि मैं लोकतंत्र बचाने नहीं आ रहा हूँ। क्या वे लोकतंत्र को बर्बाद करने की तैयारी कर रहे हैं? गलत और निराधार आरोप लगाना, बार-बार संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाना, चुनाव आयोग पर आरोप लगाना, कभी ईवीएम पर, कभी वीवीपैट पर, कभी चुनाव नतीजों पर और कभी टूलकिट के सहारे, क्या यह भारत के लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति उनकी आदत बन गई है? आखिर कांग्रेस पार्टी क्या चाहती है? पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सत्ता और अफसरों का दुरुपयोग करके चुनाव में लाभ उठाया, लेकिन कोर्ट ने उन्हें सही रास्ता दिखाया। राजीव गांधी की हत्या के बाद लोकसभा चुनाव स्थगित नहीं हुआ। यदि चुनाव एक महीने के लिए स्थगित किया गया होता, तो उस समय के चुनाव आयोग ने किस पार्टी को लाभ पहुँचाया? रमा देवी जी, एम.एस. गिल, टी.एन. शाशन समेत अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति किस पार्टी ने की और बाद में वे किस दल में लौट गए? सभी कांग्रेस पार्टी में। राहुल गांधी का बार-बार प्रयास यही है कि भारत के निष्पक्ष चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर प्रहार किया जाए और लोकतंत्र को कमजोर किया जाए। राहुल गाँधी लोगों को भ्रमित करने की कोशिश करते हैं, जैसे बांग्लादेश और नेपाल में स्थितियाँ बनी, वैसी स्थिति ये भारत में करना चाहते हैं लेकिन देश की जनता उनके भ्रमजाल में नहीं फंसने वाली। देश में हाल ही में एक और उदाहरण सामने आया है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने मलूर विधानसभा के 2023 के चुनाव को खारिज किया, जो कांग्रेस ने वोटों के गबन के साथ जीता था। कोर्ट ने भाजपा उम्मीदवार मंजूनाथ गौड़ा के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि मलूर विधानसभा में मतगणना के दौरान गंभीर अनियमितताएं हुईं। क्या कांग्रेस ने फेरबदल करके सीट जीती थी? भाजपा सांसद ने कहा कि राहुल गांधी को जवाब देना ही होगा। उन्होंने कांग्रेस पार्टी और उस समय के चुनाव आयुक्तों का जिक्र करते हुए कहा कि जब नवीन चावला की नियुक्ति हुई, तो तत्कालीन चीफ इलेक्शन कमिश्नर ने आरोप लगाया और प्रेसिडेंट को लिखा कि चावला संवेदनशील और गोपनीय जानकारी लीक कर रहे हैं। सांसद ने सवाल उठाया कि जब राहुल गांधी ने बार-बार आरोप लगाए और कोर्ट गए, तो उन्हें बार-बार माफी मांगनी पड़ी और कोर्ट से फटकार भी मिली। क्या इसी … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वदेशी अपनाने के लिए प्रदेशवासियों को किया प्रेरित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

स्वदेशी ही था राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के अंग्रेजों से संघर्ष का मूल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वदेशी अपनाने के लिए प्रदेशवासियों को किया प्रेरित गर्व से कहो हम स्वदेशी अपनाएंगे प्रधानमंत्री  मोदी ने प्रदेश में अपना जन्म दिवस मनाकर जनजातीय अंचल धार को किया धन्य माताओं-बहनों-बेटियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सरकारी खजाने में कोई कमी नहीं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह के 168वें बलिदान दिवस कार्यक्रम को किया संबोधित महाकौशल महावीरों की धरती है, जिसे राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह जैसे बलिदानियों ने अपने रक्त से सींचा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वाधीनता संग्राम के अमर बलिदानी राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह ने अंग्रेजों के खिलाफ जो लड़ाई लड़ी, उसका मूल 'स्वदेशी' ही था। देश में हमारा अपना शासन और कानून होना चाहिए, इस भाव ने ही जनजातीय वीरों को विदेशी ताकतों से संघर्ष के लिए प्रेरित किया। वे अंग्रेजों के आगे कभी झुके नहीं और पिता-पुत्र (राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह) की जोड़ी ने एक लक्ष्य के लिए लड़ते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया और वे अमर हो गए। राज्य सरकार ने उनके बलिदान स्थल को स्मारक के रूप में विकसित किया है। अपनी संस्कृति के लिए प्रतिबद्ध राजा शंकर शाह अपने संस्कारों पर सदैव अडिग रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के 168वें बलिदान दिवस पर गुरूवार को जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दोनों अमर बलिदानियों को नमन कर पुष्पांजलि अर्पित की। अंग्रेजों के सामने नहीं झुके, हो गए शहीद मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह दोनों पिता पुत्रों ने रानी दुर्गावती की परम्‍परा को कायम रखते हुए अंग्रेजों के खिलाफ कविता के माध्‍यम से आवाज उठाई। उन्‍होंने अंग्रेजों के सामने सीना ठोककर जंगल, जमीन और अपने राष्‍ट्र को बचाने के लिए गीतों की रचना की। अंग्रेज उनके विद्रोह को बर्दाश्‍त नहीं कर पाये और कायरता का परिचय देते हुए उन्‍हें तोप के मुंह पर खड़ा कर उड़ा दिया गया। अंग्रेजों ने दोनो पिता-पुत्रों को बंदी बनाकर बगैर कोई मुकदमा चलाये उन्‍हें तोप से उड़ाने का काम किया था। अंग्रेजों ने उनके सामने धर्म बदलने, अंग्रेजी सत्‍ता को स्‍वीकार करने और माफी मांगने की शर्त रखी और इसे मान लेने पर उनकी रिहाई के लिए तैयार थे। लेकिन दोनों पिता-पुत्रों ने अंग्रेजों के इस प्रस्‍ताव को बहादुरी के साथ ठुकरा दिया और कहा कि तोप से उड़ाने के बाद भी यदि वे बच गये तो फिर से अंग्रेजी सत्‍ता के खिलाफ गीत लिखेंगे और अपने राष्‍ट्र की रक्षा के लिए विद्रोह करेंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हर व्‍यक्ति के जीवन में जन्‍म और मृत्‍यु एक बार आती है, लेकिन देश की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले शहीद हमेशा के लिए अमर हो जाते हैं। राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह ऐसे ही शहीद हैं जो हमेशा के लिए अमर हो गये हैं। उनका बलिदान हमें देश सेवा और देश की रक्षा करने की प्रेरणा देता है। मध्‍यप्रदेश सरकार की ओर से उनके बलिदान दिवस पर मैं उन्‍हें नमन करता हूं और प्रणाम करता हूं। मां नर्मदा की पवित्र नगरी में गोंडवाना साम्राज्‍य के अमर शहीदों को स्‍मरण कर मैं स्‍वयं भी गौरवान्‍वित महसूस कर रहा हूं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में देश में स्वदेशी अपनाने का अभियान चल रहा है, विकसित भारत का मार्ग स्वदेशी से होकर गुजरता है। प्रदेश में बहनों ने स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की अनोखी मिसाल प्रस्तुत की है। हमारे गांव आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के श्रेष्ठ उदाहरण रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'गर्व से कहो हम स्वदेशी अपनाएंगे' के उद्घोष के साथ उपस्थित जनसमुदाय को दैनिक उपयोग की स्वदेशी सामग्री अपनाने के लिए प्रेरित किया। जबलपुर की धरा जनजातीय वीरों के रक्त से हुई है सिंचित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्राचीनकाल से महकौशल, महावीरों की धरती रही है, जो राजा शंकर शाह, रघुनाथ शाह और राना दुर्गावती जैसी महान विभूतियों के बलिदान को समेटे हुए है। जबलपुर की धरा जनजातीय वीरों के रक्त से सिंचित हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए शाह वंश का अदम्य साहस, अमर शौर्य और अद्वितीय बलिदान सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मां भारती के चरणों में बलिदान देने वाले महावीर होते हैं। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। यही त्याग आने वाली पीढ़ियों के हृदय में राष्ट्रभक्ति की पवित्र ज्योति प्रज्ज्वलित करता रहेगा। 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान' में माताएं-बहनें कराएं जांच मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने कल प्रदेश के जनजातीय अंचल (धार) में अपना जन्म दिवस मनाकर प्रदेश को धन्य किया है। केंद्र और राज्य सरकार जनजातीय भाई-बहनों के कल्याण के लिए संकल्पित हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने प्रदेश के कपास उत्पादक किसानों को 'पीएम मित्र पार्क' की सौगात दी है। माता-बहनों-बेटियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सरकारी खजाने में कोई कमी नहीं है। हमारे लिए मां, बहन, बेटियों का सम्मान और उनका स्वास्थ्य सर्वोपरि है। समय पर बीमारी की जांच हो जाए तो जान बच सकती है। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि माताएं-बहनें "स्वस्थ नारी-सशक्‍त परिवार" अभियान अंतर्गत आयोजित शिविर में स्वास्थ्य जांच कराने के लिए आगे आएं। प्रधानमंत्री  मोदी की प्रतिबद्धता के अनुरूप राज्य सरकार पूर्ण समर्पण, सक्रियता और संवेदनशीलता के साथ इस दिशा में गतिविधियां संचालित करने के लिए तत्पर है। प्रदेश में स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार अभियान के साथ स्वच्छता का संकल्प भी लिया गया है। लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह ने कार्यक्रम में पधारे सभी का आभार प्रकट किया। इस अवसर पर सांसद  आशीष दुबे, राज्यसभा सदस्य मती सुमित्रा वाल्मीकि, विधायक डॉ. अभिलाष पांडे, विधायक  अशोक रोहाणी, महापौर  जगत बहादुर सिंह 'अन्नू भैया' जनप्रतिनिधि सहित नागरिक उपस्थित थे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने स्‍वदेशी अभियान प्रदर्शनी का किया अवलोकन मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा पखवाड़ा के दौरान नेताजी सुभाषचंद्र बोस कल्‍चरल एंड इन्‍फॉर्मेशन सेंटर में लगी स्‍वदेशी उत्‍पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने स्‍व सहायता समूहों के विभिन्‍न स्‍टॉलों … Read more

महिलाओं, बच्चों सहित समाज के हर वर्ग को उपचार मुहैया कराना प्राथमिकता: ब्रजेश पाठक

स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार हमारा लक्ष्य: ब्रजेश पाठक  महिलाओं, बच्चों सहित समाज के हर वर्ग को उपचार मुहैया कराना प्राथमिकता: ब्रजेश पाठक  डिप्टी सीएम ने सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत संचालित योजनाओं का बाराबंकी के जिला अस्पताल, चिनहट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया औचक निरीक्षण  ब्रजेश पाठक ने साफ-सफाई सहित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर अस्पतालों के प्रबंधन को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश लखनऊ डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने गुरुवार को बाराबंकी के जिला अस्पताल एवं चिनहट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का स्थलीय निरीक्षण किया। मरीजों एवं उनकी तीमारदारों से अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की और अस्पताल प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार हमारा लक्ष्य है। हमारी सरकार गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध करा रही है। अस्पताल में आने वाले हर मरीज को इलाज उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिवस पर देश भर में 17 सितंबर से 02 अक्टूबर तक आयोजित हो रहे सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम के अंतर्गत अस्पतालों में आयोजित विभिन्न स्वास्थ्य गतिविधियों का स्थलीय निरीक्षण करने के लिए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इन चिकित्सकीय इकाइयों पर पहुंचे। गुरुवार दोपहर वे बाराबंकी स्थित रफी अहमद किदवई जिला चिकित्सालय पहुंचे। यहां उन्होंने चिकित्सालय परिसर में संचालित ब्लड सेंटर का निरीक्षण किया। साथ ही डिप्टी सीएम पैथोलॉजी कलेक्शन सेंटर भी पहुंचे। उन्होंने अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मरीजों एवं तीमारदारों से अस्पताल की चिकित्सकीय व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया कि परिसर में जलभराव बिलकुल न हो। साफ-सफाई का उचित ध्यान रखा जाए। अस्पताल में आने वाले हर मरीज को समुचित उपचार मिले। दवाओं की कतई कमी नहीं है, कोई भी मरीज बिना इलाज के अस्पताल से नहीं जाए।  इसके बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक चिनहट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां भी मरीजों एवं उनके तीमारदारों से भेंट कर केंद्र की व्यवस्थाओं एवं सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। डिप्टी सीएम ने यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर आयोजित सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्योंक्रमों से आमजन को सीधे लाभ पहुंचे, इस दिशा में हम बहुत तेजी से कार्य कर रहे हैं। प्रदेश भर में व्यापक स्तर पर रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों के लिए भी विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति की बैठक शीघ्र आयोजित करने की मांग

रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति की बैठक शीघ्र आयोजित करने की मांग रेलवे सलाहकार समिति सदस्य निलेश श्रीवास्तव ने लिखा बैठक को लेकर पत्र भोपाल  रेलवे उपभोक्ता सलाहकार समिति के सदस्य निलेश श्रीवास्तव ने रेल विभाग को पत्र लिखकर समिति की बैठक शीघ्र आयोजित करने की मांग की है। निलेश कुमार ने वरिष्ठ मंडल प्रबंधक सौरव कटारिया एवं रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति मंडल भोपाल के सचिव को भेजे पत्र में उल्लेखित किया है कि मार्च माह में समिति की केवल एक बैठक 21 मार्च 2025 भोपाल में आयोजित की गई थी, जबकि नियम अनुसार वर्ष में कम से कम तीन बैठके होना आवश्यक है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि रेल विभाग की इस उदासीनता से उपभोक्ताओं से जुड़े मुद्दे उठाए जाने में कठिनाई होती है। साथ उन्होंने मांग की है कि समिति की अगली बैठक कब और कहां आयोजित की जा रही है, इसकी जानकारी जल्दी दी जाए, ताकि रेलवे से जुड़ी जन समस्याओं का निराकरण जल्द से जल्द हो सके। रेल जनता के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है, जिसका उपयोग आमजन लगातार अपने जीवन में करते हैं। रेल यात्रा करते समय यात्रियों को हो रही असुविधाओं को ध्यान में रखकर पूर्ण सुविधाओं में परिवर्तित करने का कार्य रेल विभाग द्वारा लगातार किया जा रहा है। समिति की बैठक यदि निरंतर समय पर होती रहे तो आमजन की रेल समस्याओं का निपटान समय से होता रहेगा। रेलवे सलाहकार समिति सदस्य निलेश श्रीवास्तव ने मांग की है की रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति बैठक का निर्णय जल्द से जल्द कर समिति के सभी सदस्यों को सूचित किया जाए।

लेखपाल डैशबोर्ड का हुआ शुभारंभ:सिंगल लाग-इन के माध्यम से समस्त कार्यों का सुचारू निस्तारण किया जा सकेगा

अब एक ही पोर्टल से होगा लेखपालों का कामकाज, डैशबोर्ड का हुआ औपचारिक शुभारंभ लखनऊ उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद के अध्यक्ष श्री अनिल कुमार ने आज सरोजनी नगर तहसील में लेखपाल डैशबोर्ड का शुभारंभ करते हुए कहा कि लेखपालों द्वारा किए जाने वाले समस्त कार्य अब एक ही प्लेटफार्म पर दिखाई देंगे। लेखपालों द्वारा सिंगल लॉगइन के माध्यम से समस्त कार्यों का सुचारू निस्तारण किया जा सकेगा एवं कार्यों की उच्च स्तर से सतत मॉनिटरिंग भी की जा सकेगी।  इस अवसर पर अध्यक्ष, राजस्व परिषद ने कहा कि प्रदेश के 22,000 से अधिक लेखपाल प्रतिदिन नागरिकों के सबसे निकट रहकर भूमि अभिलेख अद्यतन, प्रमाणपत्र सत्यापन और राजस्व संबंधी कार्यों का दायित्व निभाते हैं। अब “लेखपाल डैशबोर्ड” इन सभी कार्यों को ऑनलाइन और अधिक सुव्यवस्थित बनाएगा। अध्यक्ष श्री अनिल कुमार ने विस्तार से बताया कि इस डैशबोर्ड के माध्यम से भूमि अभिलेख संशोधन, आय-जाति-निवास प्रमाणपत्रों की स्थिति, धारा 34, 80, 89 एवं 98 की कार्यवाहियाँ, हल्का मैपिंग और अवकाश स्वीकृति की प्रक्रियाएँ एकल लाग-इन पर उपलब्ध होंगी। उच्चाधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता को वास्तविक समय में देख सकेंगे। अध्यक्ष, राजस्व परिषद इस परियोजना को साकार करने में योगदान देने वाली एनआईसी की तकनीकी टीम, परिषद से सम्बद्ध सभी तहसीलदारों और लेखपालों की मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि “यह पहल केवल तकनीकी विकास नहीं, बल्कि राजस्व परिवार के हजारों कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास और महीनों की कठिन मेहनत का परिणाम है।  श्री अनिल कुमार ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री जी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राजस्व परिषद प्रदेश की राजस्व संबंधी सभी सेवाओं को डिजिटल माध्यम से सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि शीघ्र ही “राजस्व निरीक्षक डैशबोर्ड”, “तहसीलदार डैशबोर्ड” तथा “उपजिलाधिकारी डैशबोर्ड” भी विकसित किए जाएंगे। इनके माध्यम से राजस्व प्रशासन के प्रत्येक स्तर पर कार्य की निगरानी और दक्षता को और अधिक मजबूत किया जाएगा तथा पारदर्शिता और जवाबदेही को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जाएगा।  इस अवसर पर जिलाधिकारी लखनऊ श्री विशाख जी, उप जिलाधिकारी (सरोजनी नगर) श्री अंकित, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्री गंगाराव एवं श्री अनिल यादव तहसीलदार श्री सुखबीर सहित जनपद लखनऊ के विभिन्न तहसीलों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।