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शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से ओबीसी उत्थान की नई राह पर योगी सरकार

ओबीसी वर्ग के उत्थान के लिए योगी सरकार ने तैयार किया मजबूत खाका   शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से ओबीसी उत्थान की नई राह पर योगी सरकार  2047 तक 7 करोड़ ओबीसी छात्रों को 80,000 करोड़ की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति देने का लक्ष्य – शादी अनुदान योजना में 24 लाख बेटियों को 14,400 करोड़ रुपये का लाभ देने का लक्ष्य, अनुदान बढ़ाकर 60,000 रुपये करने की है तैयारी  – कंप्यूटर प्रशिक्षण से रोजगार के नए अवसर, 11 लाख युवाओं को कौशल विकास का लक्ष्य – छात्रावासों का अनुरक्षण और नए निर्माण से ओबीसी छात्रों की शिक्षा को मिलेगा सहारा लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश को ‘विकसित यूपी’ के रूप में स्थापित करने का दूरदर्शी लक्ष्य निर्धारित किया है। इस महत्त्वाकांक्षी विजन की आधारशिला ग्रामीण युवाओं, खासकर पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करना, साथ ही ग्राम स्वच्छता और अवसंरचना को मजबूत बनाना है। सरकार का मानना है कि अगले 22 वर्षों में इन क्षेत्रों में व्यापक सुधार से यूपी न केवल 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है, बल्कि भारत की विकास यात्रा में भी निर्णायक भूमिका निभा सकता है। इस दिशा में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ओबीसी समुदाय के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए ठोस कदम उठा रहा है, जो प्रदेश के 52% से अधिक आबादी वाले इस वर्ग के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। ओबीसी उत्थान में योगी सरकार ने की अभूतपूर्व प्रगति प्रदेश में ओबीसी वर्ग की आबादी 52% से अधिक है, और उनके सशक्तिकरण के बिना ‘विकसित यूपी’ का सपना अधूरा रहेगा। पिछले आठ वर्षों में विभाग ने ओबीसी कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2024-25 में 32,22,499 ओबीसी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति प्रदान की गई, जबकि पिछले आठ सालों में कुल 2,07,53,457 छात्रों को 13,535.33 करोड़ रुपये का लाभ मिला। यह राशि पूर्ववर्ती सरकार के 4,197 करोड़ रुपये के व्यय से चार गुना अधिक है, जो योगी सरकार की ओबीसी समुदाय के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। विभाग का लक्ष्य 2047 तक 7 करोड़ से अधिक ओबीसी छात्रों को 80,000 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति देकर शिक्षा के माध्यम से सामाजिक बराबरी सुनिश्चित करना है। यह कदम ग्रामीण ओबीसी युवाओं को उच्च शिक्षा तक पहुंचाने में मददगार साबित होगा। शादी अनुदान योजना बना है गरीब बेटियों का सहारा ओबीसी समुदाय की गरीब बेटियों के लिए शादी अनुदान योजना एक क्रांतिकारी कदम है। पिछले आठ वर्षों में 1,221 करोड़ रुपये खर्च कर 6,10,483 बेटियों की शादी कराई गई, जबकि पूर्ववर्ती सरकार में यह संख्या महज 2,75,311 और व्यय 344 करोड़ रुपये था। अब अनुदान राशि को 20,000 रुपये से बढ़ाकर 60,000 रुपये करने का प्रस्ताव विचाराधीन है, जो ओबीसी परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा। 2047 तक 24 लाख बेटियों को 14,400 करोड़ रुपये का लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है, जो न केवल सामाजिक उत्थान को बढ़ावा देगा, बल्कि गरीबी उन्मूलन में भी योगदान देगा। यह योजना ओबीसी बेटियों को आत्मसम्मान और आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में महत्वपूर्ण है।  तकनीकी प्रशिक्षण से युवाओं के लिए खुल रहे रोजगार के द्वार पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना के तहत पिछले आठ वर्षों में 1,39,698 ओबीसी युवाओं को सीसीसी और ओ-लेवल प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे हजारों को सरकारी और निजी क्षेत्र में रोजगार मिला। यह कदम ग्रामीण ओबीसी युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। विभाग का लक्ष्य 2047 तक 11 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करना और 3,850 करोड़ रुपये व्यय करना है। यह पहल न केवल रोजगार सृजन को बढ़ावा देगी, बल्कि ओबीसी समुदाय को डिजिटल युग में आगे बढ़ाने में मदद करेगी। ओबीसी छात्रों के लिए छात्रावासों का विस्तार देगी योगी सरकार ओबीसी छात्रावासों के अनुरक्षण और नए निर्माण को 2047 तक प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि निःशुल्क आवास सुविधा से अधिक से अधिक ओबीसी छात्र लाभान्वित हों। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की कमी को दूर करने के लिए यह कदम अहम है। नई छात्रावास सुविधाएं ओबीसी छात्रों को बेहतर माहौल में पढ़ाई करने का अवसर प्रदान करेंगी, जो ‘विकसित यूपी’ के विजन का अभिन्न हिस्सा है। विभाग का प्रयास है कि हर जिले में ओबीसी छात्रों के लिए आधुनिक छात्रावास बनें, ताकि शिक्षा उनकी पहुंच से बाहर न रहे। यूपी को राष्ट्रीय विकास में अग्रणी राज्य बनाने में ओबीसी वर्ग का विकास अहम ग्रामीण शिक्षा, स्वच्छता और अवसंरचना को मजबूत करने से ओबीसी समुदाय का सशक्तीकरण संभव है। पिछले आठ वर्षों में विभाग ने शिक्षा, विवाह और रोजगार में जो प्रगति की, वह ओबीसी कल्याण की दिशा में मील का पत्थर है। छात्रवृत्ति, शादी अनुदान और तकनीकी प्रशिक्षण जैसी योजनाओं ने ओबीसी युवाओं और बेटियों को नई दिशा दी है। 2047 तक यह प्रयास ओबीसी समुदाय को समृद्ध बनाएगा और यूपी को राष्ट्रीय विकास में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करेगा। पिछड़ा वर्ग कल्याण व दिव्यांग सशक्तीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ओबीसी समुदाय की भागीदारी के बिना विकास अधूरा है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की इन पहलों से न केवल ओबीसी युवाओं को अवसर मिल रहे हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा। 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य तभी साकार होगा, जब ओबीसी समुदाय को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के समान अवसर मिलें। विभाग का यह विजन ओबीसी समुदाय को मुख्यधारा में लाकर यूपी को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में अग्रसर है।  

सीएम योगी के मार्गदर्शन में लखीमपुर खीरी की डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल की पहल पर बाढ़ पीड़ितों की मदद को आगे आए कॉरपोरेट सेक्टर, उद्यमी और स्वयंसेवी संस्थाएं

योगी सरकार ने खीरी में पेश की जनसहभागिता की मिसाल, 5 हजार सीएसआर स्पेशल किट बनीं बाढ़ पीड़ितों का संबल   सीएम योगी के मार्गदर्शन में लखीमपुर खीरी की डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल की पहल पर बाढ़ पीड़ितों की मदद को आगे आए कॉरपोरेट सेक्टर, उद्यमी और स्वयंसेवी संस्थाएं  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप बाढ़ पीड़ितों को सरकारी सहायता के साथ उपलब्ध करायी जा रही स्पेशल किट  – 45 लाख रुपये की लागत से तैयार की गयी किट, जरूरत पड़ने पर और भी किट की जाएंगी तैयार – किट में मच्छरदानी, छाता, बैटरी सहित टॉर्च, सेनेटरी पैड और गर्म पानी के थर्मस का किया जा रहा वितरण  – एक किट की कीमत है करीब 9 सौ रुपये, पिछले वर्ष भी सीएसआर स्पेशल किट बाढ़ पीड़ितों को की गयी थीं वितरित      लखनऊ/लखीमपुर खीरी   कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों।                           ये पंक्तियां याेगी सरकार के लखीमपुर खीरी जिला प्रशासन पर पूरी तरह से चरितार्थ होती हैं। यहां पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप आपदा में जनसहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिला, जहां पर जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी द्वारा बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए 5 हजार सीएसआर स्पेशल किट का वितरण किया जा रहा है। यह किट योगी सरकार द्वारा सरकारी वित्तीय सहायता, मुआवजा और राहत किट के अतिरिक्त वितरित की जा रही है। इस किट को जिलाधिकारी की पहल पर 45 लाख रुपये की लागत से कॉरपोरेट सेक्टर, उद्यमियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से तैयार किया गया। इसी के साथ खीरी पूरे प्रदेश में ऐसा पहला जिला हैं, जहां पर बाढ़ पीड़ितों के लिए सीएसआर स्पेशल किट वितरित की जा रही है। एक किट की लागत करीब 900 रुपये है। बता दें कि पिछले वर्ष भी आपदा की घड़ी में सीएम योगी के मार्गदर्शन में सीएसआर स्पेशल किट का वितरण किया गया था।  निराश्रित महिलाओं, दिव्यागों और 70 वर्ष से ऊपर के वृद्धजनों को उपलब्ध करायी जा रही किट जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हमेशा अापदा के समय प्रदेशवासियों के साथ खड़े रहते हैं। उनके द्वारा न केवल आपदा की घड़ी में पीड़ितों को हर संभव मदद उपलब्ध करायी जाती है बल्कि वह खुद पीड़ितों पर दर्द साझा करने के लिए उनसे मुलाकात कर कुशलक्षेम पूछते रहते हैं। इसी क्रम में सीएम योगी की दूरदर्शी सोच को आत्मसात करते हुए सरकारी सहायता के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों में 5 हजार सीएसआर स्पेशल किट का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि किट को जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए जिले की पांच बाढ़ प्रभावित तहसीलों के सभी बाढ़ प्रभावित गांव में निराश्रित महिलाओं, दिव्यांगों और 70 वर्ष से ऊपर के वृद्धजनों को चिन्हित किया गया है। इसके साथ ही हर जरूरतमंद को स्पेशल किट का वितरण किया जा रहा है। जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने गुरुवार को सदर तहसील में विधायक योगेश वर्मा के साथ जरूरतमंदों को सीएसआर स्पेशल किट वितरित की।  बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए जरूरत पड़ने पर और भी स्पेशल किट करायी जाएगी तैयार जिलाधिकारी ने बताया कि जिले की निघासन, धौरहरा, गोला गोकर्णनाथ औा पलिया तहसीलों में चिन्हित दिव्यांगजन, निराश्रित महिला एवं 70 वर्ष से अधिक उम्र वाले वृद्धजनों को स्पेशल सीएसआर किट का वितरण किया गया। उन्होंने बताया कि फिलहाल बाढ़ पीड़ितों को पांच हजार स्पेशल किट उपलब्ध करायी जा रही है। वहीं जरूरत पड़ने पर और भी सीएसआर स्पेशल किट को बनवाया जाएगा। किट में मच्छरदानी, छाता, बैटरी सहित टॉर्च, सेनेटरी पैड (2 पैकेट) और गर्म पानी रखने के लिए 2 लीटर की थर्मस शामिल है।   

चुनाव आयोग का जवाब – मतदाता सूची से नाम हटने पर मिलता है सुधार का मौका

नई दिल्ली  राहुल गांधी की ओर से लगाए आरोपों पर चुनाव आयोग की ओर से जवाब दिया गया है। आयोग ने कहा कि किसी भी वोटर को ऑनलाइन डिलीट नहीं किया जा सकता। इलेक्शन कमिशन ने कहा कि राहुल गांधी के सारे आरोप आधारहीन और गलत हैं। चुनाव आयोग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि वोट काटने से पहले पक्ष रखने का मौका मिलता है। आयोग ने कहा कि यदि किसी का नाम डिलीट हुआ तो फिर डीएम और सीईओ के पास शिकायत भेजनी होती है। दरअसल राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि अनजान नंबरों से वोट डिलीट किए गए हैं। राहुल गांधी ने कर्नाटक की आलंद सीट का उदाहरण देते हुए कहा था कि एक नंबर का इस्तेमाल करते हुए 10 से 12 नंबर डिलीट हुए। वहीं चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि कोई भी व्यक्ति किसी का नाम वोटर लिस्ट से हटाया नहीं जा सकता। आयोग के सूत्रों का कहना है कि जल्दी ही कांग्रेस के आरोपों का जवाब देने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की जाएगी। आलंद सीट पर वोटरों के नाम डिलीट किए जाने के आरोपों पर भी इलेक्शन कमिशन ने जवाब दिया है। आयोग ने कहा कि इस मामले का हमने संज्ञान लिया था और इस मामले में इलेक्शन कमिशन ने खुद एफआईआर कराई थी। बता दें कि राहुल गांधी का कहना है कि वह लगातार चुनाव आयोग को घेरते रहेंगे। उन्होंने कहा कि अभी जो हमने पेश किया है, वह हाइड्रोजन बम नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि मैं हर बात पूरी सच्चाई के साथ कहता हूं और दावे के पीछे सबूत का आधार होता है। उन्होंने कहा कि मैं अपनी टीम से कह चुका हूं कि अच्छे से रिसर्च करें और दावे में सच्चाई होने पर ही मैं मंच पर जाऊंगा। गौरतलब है कि पहले भी जब राहुल गांधी ने आरोप लगाए थे तो खुद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार समेत पूरी टीम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।  

नई चुनौती के लिए तैयार: वेस्टइंडीज टीम में 5 नए चेहरे, कप्तानी मिली स्टार स्पिनर को

नेपाल नेपाल के खिलाफ होने वाली 3 मैचों की टी20 सीरीज के लिए वेस्टइंडीज टीम का ऐलान कर दिया गया है. नेपाल के खिलाफ विंडीज ने नए खिलाड़ियों से सजी टीम उतारने का फैसला किया है. टीम की कमान स्टार स्पिनर अकील हुसैन संभालेंगे, जो गेंद और बल्ले दोनों से मैच का रुख पलटने की क्षमता रखते हैं. खास बात ये है कि नेपाल के खिलाफ विंडीज के टी20 स्क्वाड में 5 अनकैप्ड खिलाड़ियों को जगह मिली है. वेस्टइंडीज औप नेपाल के बीच पहली बार खेली जा रही इस द्विपक्षीय सीरीज में काइल मेयर्स, जेसन होल्डर और फैबियन एलन ही सीनियर खिलाड़ी हैं, बाकि सभी युवा प्लेयर रखे गए हैं. विंडीज के 17वें टी20 कप्तान बने अकील हुसैन अकील हुसैन तीनों फॉर्मेट में विंडीज के स्टार स्पिनर हैं. वो शाई होप , रोस्टन चेज और पूर्व कप्तान रोवमैन पॉवेल के साथ सालों तक खेले हैं. वो दो बार की विश्व टी20 चैंपियन टीम के 17वें कप्तान चुने गए हैं. इन 5 खिलाड़ियों को पहली बार मिला मौका नेपाल के खिलाफ इस स्क्वाड में एकीम अगस्टे, नवीन बिदैसी, जिशान मोटारा, रेमन साइमंड्स और अमीर जांगू के रूप में 5 अनकैप्ड खिलाड़ी शामिल हैं. इन्हें पहली बार टी20 में चुना गया है. इतना ही नहीं, टीम में यूएसए के लिए 8 टी20 मैच खेलने वाले बल्लेबाज करीमा गोरे को भी वेस्टइंडीज की टीम में शआमिल हैं. वो पहली बार विंडीज के लिए टी20 खेलते नजर आ सकते हैं. कहां होगें सीरीज के सभी मैच? वेस्टइंडीज और नेपाल के बीच यह टी20 सीरीज शारजाह में होगी.. पहला मुकाबला 27 सितंबर को होगा. फिर बचे हुए दो मैच 29 और 30 सितंबर को खेले जाएंगे. सभी तीन मैच शारजाह में खेले जाएंगे. नेपाल के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए ऐसी है वेस्टइंडीज की टीम अकील हुसैन (कप्तान), फैबियन एलन, ज्वेल एंड्रयू, एकीम ऑगस्टे, नवीन बिदैसे, जेडिया ब्लेड्स, कीसी कार्टी, करीमा गोर, जेसन होल्डर, आमिर जंगू, काइल मेयर्स, ओबेद मैकॉय, ज़िशान मोटारा, रेमन सिमंड्स, शमर स्प्रिंगर.

नहर प्रबंधन सुधार की दिशा में कदम, हरियाणा सरकार ने पुराने आदेश वापस लिए

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने किसानों की सुविधा और नहर जल प्रबंधन को दुरुस्त करने के लिए एक अहम कदम उठाया है। सरकार ने जून 2020 में जारी उन आदेशों को रद्द कर दिया है, जिनके तहत जुई, सिवानी और हिसार जल सेवाएं प्रभागों से कुछ नहर तंत्र लोहारू डिवीजन में स्थानांतरित किए गए थे। पिछले पांच वर्षों में इस व्यवस्था के चलते कई व्यवहारिक कठिनाइयाँ सामने आईं। नहरों के केवल टेल हिस्से लोहारू डिवीजन में रहे, जबकि हेड हिस्से अपने मूल प्रभागों के पास ही थे। इस विभाजन से नहर जल का कुशल प्रबंधन नहीं हो पाया और खासतौर पर टेल एंड पर बसे किसानों को पानी की कमी का सामना करना पड़ा। सरकार ने किसानों की समस्याओं को देखते हुए नहरों को उनके मूल प्रभागों को लौटा दिया है। इस कदम से हेड से लेकर टेल तक बेहतर नियंत्रण और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। पानी की आपूर्ति निष्पक्ष और भरोसेमंद ढंग से टेल एंड गांवों तक पहुँचेगी। फील्ड स्टाफ भी किसानों की शिकायतों के समाधान में अधिक संवेदनशील और जिम्मेदार रहेगा। विभाग पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ और कार्य की दोहराव भी समाप्त हो जाएगी। किसानों की सुविधा सर्वोपरि सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसानों को सुविधा में कोई कमी न आए। वर्ष 2023 में सरकार ने गांव खेड़ा, ब्लॉक सिवानी, जिला भिवानी में 17.54 करोड़ रुपये की लागत से एकीकृत कार्यालय परिसर, नहर विश्राम गृह और स्टाफ आवासीय भवन को मंजूरी दी थी। यह परियोजना अब 80 प्रतिशत पूरी हो चुकी है और जल्द ही इसमें तीनों अहम कार्यालय—एसडीओ सिवानी (लोहारू डिवीजन, एलडब्ल्यूएस सर्किल), एसडीओ माइकाड़ा (माइकाड़ा डिवीजन) और एसडीओ सिवानी (सिवानी डिवीजन, वाईडब्ल्यूएस सर्किल)—एक ही छत के नीचे काम करेंगे। इससे किसानों को रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। क्या कहती हैं मंत्री श्रुति चौधरी सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि यह फैसला हमारी सरकार की किसानों के प्रति प्रतिबद्धता और नहर जल प्रबंधन को सुधारने का प्रमाण है। हम जमीनी हालात को देखते हुए पुराने फैसलों की समीक्षा करने से हिचकिचाते नहीं हैं। नहर प्रबंधन को सही दिशा देने के साथ-साथ हम आधुनिक ढांचे में भी निवेश कर रहे हैं ताकि हर किसान को सेवाएं आसानी और बिना किसी झंझट के मिल सकें। किसानों के लिए राहत सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल नहर प्रबंधन सुचारू होगा बल्कि किसानों तक समय पर पानी पहुंचच पाएगा। प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी और किसानों की संतुष्टि भी सुनिश्चित होगी। खासकर टेल एंड के किसान इस निर्णय से सीधा लाभ उठाएंगे और जल वितरण व्यवस्था में सुधार का अनुभव करेंगे।

पीवी सिंधु का धमाका! China Masters 2025 में क्वार्टर फाइनल में प्रवेश

नई दिल्ली  इन दिनों चीन में चाइना मास्टर्स बैडमिंटन टूर्नामेंट 2025 की धूम है. जिसमें भारत की स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधु कमाल का कर रही हैं. महिला सिंगल्स में राउंड ऑफ-32 के बाद अब उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल में गजब का खेल दिखाया. सिंधु ने थाईलैंड की खिलाड़ी को सीधे 2 सेटों में मात दी और क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली. सिंधु ने दोनों ही सेट एकतफरा अंदाज में जीते. पूरे मुकाबले में किसी भी मौके पर थाईलैंड की खिलाड़ी पोर्नपावी चोचुवोंग को वापसी करने का मौका नहीं मिला. पीवी सिंधु ने पोर्नपावी चोचुवोंग को सीधे गेम में 21-15, 21-15 से मात दी है. मैच 41 मिनट तक चला, जिसमें पीवी सिंधु का जलवा दिखा. उन्होंने इस जीत के साथ चोचुवोंग के खिलाफ अपने हेड-टु-हेड रिकॉर्ड को 6-5 कर लिया है. दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट सिंधु फिलहाल वर्ल्ड रैंकिंग में 14वें नंबर पर काबिज हैं. पीवी सिंधु की यह जीत इसलिए भी खास है, क्योंकि उन्हें हॉन्गकॉन्ग ओपन 2025 में हार मिली थी. वो पहले राउंड में बाहर हो गई थीं.   जीत के बाद क्या बोलीं पीवी सिंधु ? पोर्नपावी चोचुवोंग के खिलाफ मिली जीत पर उन्होंने खुशी जाहिर की. सिंधु ने कहा ‘मैं जीत से खुश हूं और मेरे लिए शुरुआत से ही सतर्क रहना और अपना शत-प्रतिशत देना बेहद जरूरी था. वह (चोचुवोंग) एक टॉप खिलाड़ी हैं. मैंने इंडोनेशिया ओपन में उनके साथ खेला था और उस समय भी मुकाबला कड़ा था. पहला गेम जीतने के बाद, मैं दूसरे गेम में ज्यादा सतर्क थी.’ क्वार्टर फाइनल में किससे होगा पीवी सिंधु का मुकाबला? अब पीवी सिंधु क्वार्टर फाइनल में नजर आएंगी. उनका मुकाबला टॉप सीड कोरिया की एन से यंग और डेनमार्क की मिया ब्लिकफेल्ट के बीच होने वाले मैच की विजेता से होगा. 

राज्यपाल पटेल ने राजा शंकरशाह- कुंवर रघुनाथशाह का किया पुण्य स्मरण

राज्यपाल  पटेल ने राजा शंकरशाह- कुंवर रघुनाथशाह का किया पुण्य स्मरण बलिदान दिवस कार्यक्रम राजभवन में मना भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने जनजातीय महानायक राजा शंकरशाह- कुंवर रघुनाथशाह के बलिदान दिवस पर उनका पुण्य स्मरण किया। उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। बलिदान दिवस कार्यक्रम का आयोजन राजभवन के बेंक्वेट हॉल में गुरुवार को किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, राज्यपाल के अपर सचिव  उमाशंकर भार्गव सहित राजभवन के अन्य अधिकारी-कर्मचारियों ने भी क्रांतिवीरों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।                       

कल्कि सीक्वल में नहीं दिखेंगी दीपिका? शेड्यूल और शर्तों को लेकर हुआ ब्रेकअप!

मुंबई  बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. साल 2024 में आई तेलुगू ब्लॉकबस्टर फिल्म 'कल्कि 2898 एडी' के सीक्वल में दीपिका नजर नहीं आएंगी. मेकर्स ने ऐलान किया है कि एक्ट्रेस इस रोल में वापसी नहीं करेंगी. यह खबर सही में शॉकिंग है. कल्कि 2 में नहीं होंगी दीपिका नाग अश्विन के निर्देशन में बनी फिल्म 'कल्कि 2898 एडी' को प्रोड्यूस करने वाली व्यजयंती मूवीज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में इस खबर को शेयर किया. उन्होंने लिखा, 'यह आधिकारिक रूप से घोषणा की जाती है कि दीपिका पादुकोण फिल्म कल्कि 2898 एडी के आने वाले सीक्वल का हिस्सा नहीं होंगी. काफी विचार-विमर्श के बाद हमने अलग होने का फैसला किया है. पहली फिल्म के लंबे सफर के बावजूद, हमें एक साझेदारी नहीं मिल सकी. और कल्कि 2898 एडी जैसी फिल्म कमिटमेंट और उससे भी अधिक की हकदार है. हम दीपिका को भविष्य के कार्यों के लिए शुभकामनाएं देते हैं.' दीपिका पादुकोण ने फिल्म 'कल्कि 2898 एडी' में सुमति का रोल निभाया था, जो दुनिया का उद्धार करने वाले कल्कि की मां है. एक्ट्रेस को फिल्म में प्रेग्नेंट महिला के रूप में देखा गया था, जिसकी जान के पीछे कमल हासन यानी सुप्रीम यास्किन पड़ा है. इस पिक्चर के क्लाइमैक्स के दौरान दीपिका पादुकोण असल जिंदगी में भी प्रेग्नेंट थीं. उन्होंने 8 सितंबर 2024 को अपनी और रणवीर सिंह की बेटी दुआ को जन्म दिया था. 'कल्कि 2898 एडी' में दीपिका पादुकोण के साथ फिल्म में प्रभास और अमिताभ बच्चन ने काम किया था. प्रभास इस फिल्म में डबल रोल में थे. उन्होंने एक बाउंटी हंटर और महाभारत के कर्ण का रोल निभाया था. डायरेक्टर नाग आश्विन की ये फिल्म महाभारत से प्रेरित थी. इसकी कहानी को कुरक्षेत्र में महाभारत के युद्ध के 6000 साल बाद डिस्टोपियन दुनिया में सेट किया गया था, जहां एक 200 साल के गॉड किंग सुप्रीम यास्किन का राज है. इस फिल्म को दो पार्ट में बनाया जाना था. दोनों में दीपिका पादुकोण काम कर रही हैं, हालांकि अब चीजें बदल गई हैं. क्या है दीपिका के बाहर होने की वजह? दीपिका पादुकोण के 'कल्कि 2898 एडी' से बाहर होने की वजह का खुलासा नहीं किया गया है. हालांकि मेकर्स के ट्वीट में कमिटमेंट की बात कही गई है, जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि शायद दीपिका के 8 घंटे की शिफ्ट का चक्कर यहां भी हुआ है. इससे पहले डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म 'स्पिरिट' से दीपिका बाहर हो गई थीं. तब बताया गया था कि उन्होंने मेकर्स से कई बड़ी डिमांड्स की थीं, जिनमें 8 घंटे की शिफ्ट और भारी-भरकम फीस शामिल थी.

मांगों को लेकर वेरका मिल्क व कैटलफीड आउटसोर्स कर्मचारी यूनियन CM आवास घेराव की तैयारी में

चंडीगढ़  वेरका मिल्क और कैटलफीड प्लांट आउटसोर्स कर्मचारी यूनियन ने चंडीगढ़ वेरका प्लांट के गेट पर रैली की और पंजाब सरकार व मिल्कफेड प्रबंधन के खिलाफ  नारेबाजी की। यूनियन के प्रधान रूपिंदर सिंह ने बताया कि इसी तरह की रैलियां वेरका के अन्य प्लांटों में भी आयोजित की गईं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से यूनियन की मांगें लंबित हैं और प्रबंधन पिछली बैठकों में स्वीकार की गई मांगों को भी लागू नहीं कर रहा है। जायज मांगों को मानने की बजाय पंजाब सरकार की शह पर यूनियन नेताओं को डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है। रूपिंदर सिंह ने बताया कि 15 सितंबर को चंडीगढ़ में प्रबंध निदेशक राहुल गुप्ता के साथ हुई बैठक के दौरान यूनियन नेताओं को मुकदमे दर्ज करने और जेल भेजने की धमकियाँ दी गई थीं। इसके विरोध में सूबा कमेटी ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। यूनियन ने घोषणा की कि 28 सितंबर को शहीद भगत सिंह की जयंती के अवसर पर “ठेका संघर्ष मोर्चा” के बैनर तले पंजाब के मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, यूनियन ने 6 अक्टूबर 2025 से लगातार तीन दिन तक विरोध प्रदर्शन करने का भी ऐलान किया। प्रधान रूपिंदर सिंह ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी जायज़ माँगें स्वीकार नहीं होतीं, तब तक यह शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस दौरान किसी भी प्लांट को नुकसान होता है तो उसकी ज़िम्मेदारी पंजाब सरकार और वेरका प्रबंधन की होगी। इस अवसर पर पवित्र सिंह, रविंदर सिंह, इंदरजीत सिंह, हरमिंदर सिंह सहित बड़ी संख्या में सदस्य मौजूद थे।

कूनो की रानी धीरा पहुंची गांधी सागर, जहां पहले से हैं दो नर चीते — जंगल में रोमांच बढ़ा

मंदसौर  प्रोजेक्ट चीता के तहत मध्य प्रदेश में चीतों की संख्या बढ़ाने की कवायद लगातार चल रही है. कूनो नेशनल पार्क के बाद मंदसौर के गांधी सागर अभ्यारण्य को चीतों के नए आशियाने के रूप में स्थापित किया जा रहा है. इसी के तहत बुधवार को यहां पर कूनो की मादा चीता 'धीरा' का छोड़ा गया. धीरा के आने से यहां चीतों की संख्या 3 हो गई. करीब 5 महीने पहले यहां पर 2 नर चीतों को छोड़ा गया था. यह कदम कूनो के बाहर चीतों के प्राकृतिक संबंध और प्रजनन को बढ़ावा देने के लिए उठाया जा रहा है. गांधी सागर अभ्यारण्य में धीरा को शिफ्ट किया गया चीता प्रोजेक्ट के तहत कूनो नेशनल पार्क के बाद गांधी सागर अभ्यारण्य चीतों का दूसरा आश्रय स्थल है. इसको चीतों के लिए अनुकूल स्थान माना गया है. बीते अप्रैल माह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यहां पर 2 नर चीतों 'प्रभाष' और 'पावक' को छोड़ा था. इस अभ्यारण्य में चीतों में प्रजनन बढ़ाने के उद्देश्य से साढ़े 7 वर्षीय मादा चीता धीरा को छोड़ा गया. बुधवार की सुबह कुनो राष्ट्रीय उद्यान से शुरू हुए इस ऑपरेशन में वन विभाग की टीम, वेटरनरी विशेषज्ञ और फील्ड स्टाफ हर चरण पर बारीकी से नजर रख रहे. धीरा को विशेष रूप से तैयार एयर-कंडीशंड वाहन से 7 घंटे में 300 किलोमीटर की यात्रा कर गांधी सागर लाया गया. इस चीता को उसी बाड़ा भाग-2 में छोड़ा गया है, जहां दोनों नर चीता को छोड़ा गया था. 3 महीने तक धीरा पर रखी जाएगी नजर गांधी सागर अभ्यारण क्षेत्र के अधीक्षक के अमित राठौर ने बताया कि "मादा चिता धीरा को रावली कुड़ी इलाके में सुरक्षित छोड़ दिया गया है. अगले 3 महीने तक यहां लगे सीसीटीवी कैमरे के जरिए इसकी निगरानी की जाएगी." इस अवसर पर मध्य प्रदेश शासन के कई अधिकारी मौजूद रहे. गांधी सागर अभ्यारण्य में चीतों की यह बढ़ती संख्या परियोजना के सफल क्रियान्वयन और प्रदेश में वन्य जीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है. दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों में से एक है धीरा भारत सरकार की अति महत्वाकांक्षी परियोजना 'चीता प्रोजेक्ट' के तहत 2022 में नामीबिया से 8 चीते (5 नर 3 मादा) लाए गए थे. इसके बाद फरवरी 2023 में साउथ अफ्रीका के वॉटरबर्ग बायोस्फीयर रिजर्व से 12 चीते और लाए गए. धीरा भी उन्हीं 12 अफ्रीकी चीते में से एक है. सभी चीतों को कूनो नेशनल पार्क में बसाया गया था. इनमें से अभी तक 9 की मौत हो चुकी है. जबकि अभी तक यहां पर 26 शावकों ने जन्म लिया, जिनमें से भी 10 की मौत हो गई. अभी प्रदेश में 27 चीते मौजूद हैं. इसमें 24 चीते कूनो और 3 चीते गांधी सागर अभ्यारण्य में मौजूद हैं. इस चीते प्रोजेक्ट के 3 साल भी पूरे हो गए हैं. 17 सितंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन पर कूनो में पहली बार चीतों को छोड़ा था.