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Vivo Y31 5G सीरीज़ आई मार्केट में, दमदार बैटरी और 50MP कैमरा बना हाइलाइट

नई दिल्ली, Vivo Y31 सीरीज भारत में लॉन्च हो गई है. ये कंपनी की Y-सीरीज में लेटेस्ट एडिशन है, जिसे कंपनी इस हफ्ते लॉन्च किया है. इस सीरीज में दो स्मार्टफोन- Vivo Y31 5G और Vivo Y31 Pro 5G लॉन्च हुए हैं, जो दमदार फीचर्स के साथ आते हैं. दोनों ही फोन्स मिड रेंज बजट यूजर्स को टार्गेट करते हैं. कंपनी ने नॉन-प्रो मॉडल में डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया है, जो LED फ्लैश के साथ आता है. वहीं प्रो वेरिएंट में भी कंपनी ने डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया है. दोनों ही फोन्स दो कलर ऑप्शन में उपलब्ध होंगे. आइए जानते हैं इनकी कीमत और खास फीचर्स. कितनी है कीमत? Vivo Y31 5G को कंपनी ने 14,999 रुपये में लॉन्च किया है. ये कीमत फोन के 4GB RAM + 128GB स्टोरेज वेरिएंट की है. वहीं फोन का 6GB RAM + 128GB स्टोरेज वेरिएंट 16,499 रुपये में आता है. स्मार्टफोन रोज रेड और डायमंड ग्रीन कलर में मिलेगा. वहीं Vivo Y31 Pro 5G को कंपनी ने 18,999 रुपये में लॉन्च किया है. ये कीमत फोन के 8GB RAM + 128GB स्टोरेज वेरिएंट की है. वहीं 256GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 20,999 रुपये है. ये फोन माचा ब्राउन और ड्रीमी वॉइट में आता है. दोनों ही फोन्स को आप फ्लिपकार्ट से खरीद सकते हैं. क्या हैं स्पेसिफिकेशन्स? Vivo Y31 5G डुअल सिम सपोर्ट मिलता है. स्मार्टफोन Android 15 पर बेस्ड FuntouchOS 15 पर काम करता है. इसमें 6.68-inch का LCD डिस्प्ले मिलता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट के साथ आता है. स्मार्टफोन Snapdragon 4 Gen 2 प्रोसेसर पर काम करता है. फोन में 50MP + 0.08MP का डुअल रियर कैमरा सेटअप मिलता है. वहीं फ्रंट में 8MP का सेल्फी कैमरा दिया गया है. स्मार्टफोन 6500mAh की बैटरी और 44W की चार्जिंग सपोर्ट करता है. सिक्योरिटी के लिए इसमें साइड माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है. वहीं प्रो वेरिएंट की बात करें, तो इसमें 6.72-inch का LCD डिस्प्ले मिलता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करता है. स्मार्टफोन MediaTek Dimensity 7300 प्रोसेसर के साथ आता है. इसमें भी डुअल रियर और 8MP का फ्रंट कैमरा मिलता है. बैटरी भी स्टैंडर्ड मॉडल वाली ही मिलती है.

सैलजा का दावा: हरियाणा में अपराधियों पर नियंत्रण खो गया, कानून-व्यवस्था ध्वस्त

सिरसा  सिरसा की सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने हरियाणा की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार और पुलिस की लापरवाही से अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। सैलजा ने कहा कि सोमवार को सोनीपत, पलवल, बहादुरगढ़ और पानीपत में हुई चार हत्याएं इस बात का सबूत हैं कि अपराध पर काबू पाने में सरकार पूरी तरह नाकाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव-गांव और शहर-शहर में फैला नशे का नेटवर्क युवाओं को बर्बाद कर रहा है और अपराध को बढ़ावा दे रहा है। यह कारोबार सरकार की शह पर फल-फूल रहा है। एसपीआई रिपोर्ट में हरियाणा असुरक्षित सैलजा ने कहा कि सोशल प्रोग्रेस इंडेक्स (एसपीआई) रिपोर्ट ने हरियाणा को असुरक्षित राज्यों में गिना है। अपहरण, हत्या, लूट और महिलाओं से छेड़छाड़ की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है। सांसद ने कहा कि पुलिस प्रशासन राजनीतिक दबाव में पंगु हो चुका है। अपराधियों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि लापता लोगों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। भाजपा सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग सैलजा ने मांग की कि अपराधियों पर सख्त कार्रवाई हो, नशे के नेटवर्क को तोड़ा जाए और पुलिस को राजनीतिक दबाव से मुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा के 11 साल के शासनकाल में अपराध ही अपराध बढ़े हैं और जनता अब भय व असुरक्षा में नहीं जी सकती। कांग्रेस इस लड़ाई को मजबूती से लड़ेगी।

महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनाव पर सुप्रीम कोर्ट का फटकार, जल्द कराए जाएं चुनाव

मुंबई  महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव कराने की मांग वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि 31 जनवरी 2026 तक महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव कराए जाएं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य चुनाव आयोग स्थानीय निकाय के चुनाव की तारीख आगे नहीं बढ़ाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने 31 अक्टूबर तक परिसीमन की प्रक्रिया पूरा किए जाने का आदेश दिया है. कोर्ट ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि कर्मचारियों को रिटर्निंग ऑफिसर के तौर पर तुरंत नियुक्त करे. राज्य निर्वाचन आयोग दो सप्ताह में कर्मचारियों की लिस्ट मुख्य सचिव को सौंपनी है. राज्य चुनाव आयोग को सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि ईवीएम की उपलब्धता पर 31 नवंबर तक सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करें. कोर्ट ने पूछा- क्या हो चुके चुनाव? यह आदेश जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने दिया है. कोर्ट ने मई में स्थानीय निकाय चुनाव कराने के लिए एक अंतरिम आदेश पारित किया था, जो ओबीसी के लिए आरक्षण लागू करने से संबंधित मुकदमेबाजी के कारण 2022 से रुके हुए थे. कोर्ट ने पूछा कि क्या चुनाव हो चुके हैं? मई में आदेश दिया गया था कि चुनाव 4 महीने (सितंबर के अंत तक) में होने थे. महाराष्ट्र के वकील ने कोर्ट को बताया कि प्रक्रिया चल रही है, परिसीमन हो चुका है. राज्य चुनाव आयोग कुछ समय बढ़ाने की मांग कर रहा है, इसके लिए एक अर्जी भी दाखिल की गई है. SC ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा कि हम आपको जनवरी तक का समय क्यों दें? महाराष्ट्र सरकार की तरफ से कहा गया कि 29 नगर निगम हैं, पहली बार एक साथ चुनाव हो रहे हैं. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए महाराष्ट्र सरकार के वकील से कहा कि आपकी निष्क्रियता आपकी अक्षमता को दर्शाती है, हमें कारण बताया जाए. महाराष्ट्र सरकार के वकील ने कहा कि हमारे पास 65,000 ईवीएम मशीनें हैं, 50,000 और चाहिए, इसके लिए हमने ऑर्डर दे दिए हैं.  

उद्योग-धंधों की तरक्की के लिए विश्वकर्मा पूजा कैसे करें?

हिंदू धर्म में भगवान विश्वकर्मा को देव शिल्पकार और वास्तुकला, उद्योग-धंधों तथा तकनीक के देवता माना गया है. हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को विश्वकर्मा जयंती और विश्वकर्मा पूजा का आयोजन किया जाता है. इस दिन कारखानों, दुकानों, उद्योग-धंधों, ऑफिसों और मशीनों की विशेष पूजा की जाती है. मान्यता है कि भगवान विश्वकर्मा की कृपा से कारोबार में तरक्की, कार्यस्थल पर सुख-समृद्धि और मशीनों में कभी कोई खराबी नहीं आती. कौन हैं भगवान विश्वकर्मा? भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि के पहले इंजीनियर और वास्तुकार के रूप में जाना जाता है. शास्त्रों के अनुसार, उन्होंने देवताओं के लिए अस्त्र-शस्त्र, महल और नगरों का निर्माण किया. महाभारत काल की द्वारका नगरी, लंका, इंद्रप्रस्थ, और भगवान शिव के त्रिशूल का निर्माण भी उन्होंने ही किया था. यही वजह है कि उन्हें निर्माण और रचना का देवता माना जाता है. विश्वकर्मा पूजा की शुभ तिथि और मुहूर्त     पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 16 सितंबर 2025, रात 09:41 बजे     पूर्णिमा तिथि समाप्त: 17 सितंबर 2025, शाम 07:12 बजे     पूजन का शुभ समय: 17 सितंबर को सुबह 07:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक सर्वश्रेष्ठ रहेगा. विश्वकर्मा पूजन विधि इस दिन सबसे पहले, सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें. अपने कार्यस्थल, मशीनों, और औजारों को अच्छी तरह साफ करें. पूजा के लिए एक चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं. भगवान विश्वकर्मा की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें. साथ में भगवान विष्णु की मूर्ति भी स्थापित की जा सकती है. हाथ में जल लेकर संकल्प लें और गणेश जी की पूजा से आरंभ करें, क्योंकि हर शुभ कार्य में सबसे पहले गणेश जी की पूजा की जाती है. अब भगवान विश्वकर्मा और भगवान विष्णु को रोली, चावल, फूल और प्रसाद चढ़ाएं. कलश पर स्वास्तिक बनाएं और उसे पूजा स्थल पर रखें. अपने औजारों और मशीनों पर रोली-चावल से तिलक लगाएं. धूप और दीपक जलाकर आरती करें. पूजा के बाद, प्रसाद को सभी में बांटें. विश्वकर्मा पूजा के दिन करें ये काम     पूजा के दिन मशीनों और औजारों का उपयोग न करें. उन्हें आराम दें.     इस दिन कार्यस्थल पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें.     जरूरतमंदों को दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है.     विश्वकर्मा पूजा के दिन ‘ओम विश्वकर्मणे नमः’ मंत्र का जाप करना बहुत ही फलदायी होता है. विश्वकर्मा पूजा का महत्व विश्वकर्मा पूजा का पर्व सृष्टि के निर्माणकर्ता और वास्तु के देवता के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रतीक है. इस दिन लोग अपने औजारों, मशीनों, और कार्यस्थल की पूजा करते हैं. यह पूजा न केवल भौतिक समृद्धि बल्कि आध्यात्मिक उन्नति भी लाती है. ऐसा माना जाता है कि जो लोग पूरी श्रद्धा से भगवान विश्वकर्मा की पूजा करते हैं, उनके व्यवसाय में कभी कोई रुकावट नहीं आती और हमेशा लाभ होता है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार एवं पोषण अभियान और आदि सेवा पर्व का करेंगे शुभारंभ

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 सितम्बर को मध्यप्रदेश के धार जिले के भैंसोला ग्राम आएंगे स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार एवं पोषण अभियान और आदि सेवा पर्व का करेंगे शुभारंभ देश के पहले पीएम मित्र पार्क का करेंगे शिलान्यास एक बगिया माँ के नाम के अभियान में समूह की महिला को पौधे करेंगे भेंट सिकल सेल स्क्रीनिंग के 1 करोड़वे कार्ड का करेंगे वितरण सुमन सखी चैटबॉट की होगी लॉन्चिंग प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अंतर्गत हितग्राहियों के खातों में राशि होगी अंतरित धार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 सितम्बर को मध्यप्रदेश के धार जिले के ग्राम भैंसोला आएंगे। प्रधानमंत्री मोदी 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार एवं पोषण' अभियान और 'आदि सेवा पर्व', का शुभारंभ करेंगे। साथ ही देश के पहले 'पीएम मित्र पार्क' का शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहेंगे। "स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार एवं पोषण अभियान" महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के लिए स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में यह अभियान ऐतिहासिक कदम है। अभियान का संचालन स्वास्थ्य और परिवार कल्याण और महिला एवं बाल विकास विभाग संयुक्त रूप से करते हुए महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूकता लाने स्वास्थ्य शिविरों और स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से निवारक, संवर्धनात्मक और उपचारात्मक सेवाओं की आपूर्ति करेंगे। दोनों विभागों द्वारा संचालित होने वाले इस विशेष अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करना है, जिससे वे निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकें। स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है। इस अभियान में महिलाओं की व्यापक स्वास्थ्य जांच भी होगी। अभियान में एनीमिया की रोकथाम, संतुलित आहार और मासिक-धर्म स्वच्छता पर जागरूकता अभियान भी चलाएंगे, जिससे महिलाओं और किशोरियों की स्वास्थ्य और पोषण संबंधी आवश्यकताओं को समग्र और समन्वित तरीके से पूरा किया जा सके। प्रधानमंत्री मित्र पार्क प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शिलान्यास किये जा रहे पीएम मित्र पार्क का सबसे बड़ा लाभ प्रदेश के कपास उत्पादकों को मिलेगा। लगभग 2158 एकड़ में विकसित होने वाला पीएम मित्र पार्क विश्व स्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित है। यहां 20 MLD का कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, 10 MVA का सौर ऊर्जा संयंत्र, पानी और बिजली की पुख्ता आपूर्ति, आधुनिक सड़कें और 81 प्लग-एंड-प्ले यूनिट्स जैसी व्यवस्थाएँ विकसित की जा रही हैं। श्रमिकों और महिला कर्मचारियों के लिए आवास और सामाजिक सुविधाएं इसे केवल औद्योगिक क्षेत्र नहीं, बल्कि आदर्श औद्योगिक नगर का रूप देती हैं। पीएम मित्र पार्क में देश की अग्रणी टैक्सटाइल कंपनियों ने भरोसा जताते हुए अब तक 23 हजार 146 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव दिये हैं। यह निवेश उद्योगों की स्थापना के साथ स्थानीय लोगों के लिए नए रोजगार सृजन का मार्ग प्रशस्त करेगा। वस्त्र क्षेत्र के बड़े संगठनों और उद्योग समूहों ने यहां निवेश करने की इच्छा जताई है। इससे न केवल प्रदेश को औद्योगिक लाभ मिलेगा, बल्कि निर्यात भी बढ़ेगा। धार से तैयार वस्त्र और परिधान अब सीधे ग्लोबल मार्केट में पहुंचेंगे, जल्दी ही मध्यप्रदेश की पहचान अब टैक्सटाइल-हब के रूप में होने लगेगी। प्रधानमंत्री मोदी के '5-एफ' विज़न के अनुरूप यह पार्क 'फार्म से फाइबर, फाइबर से फैक्ट्री, फैक्ट्री से फैशन और फैशन से फॉरेन की संपूर्ण वैल्यू चैन बनायेगा। किसानों से प्राप्त कच्चा कपास उद्योगों में धागा बनेगा, वहीं से वस्त्र और परिधान तैयार होंगे और यही उत्पाद विदेशों तक जाएंगे। इस तरह पूरी वैल्यू चैन एक ही स्थान पर पूरी होगी। यही इस पार्क की विशिष्टता होगी और अन्य पार्कों के ‍लिये आदर्श बनेगी। 'पीएम मित्र पार्क' से लगभग 3 लाख रोजगार सृजित होंगे। इसमें एक लाख प्रत्यक्ष और दो लाख अप्रत्यक्ष रोजगार शामिल होंगे। कपास आधारित उद्योगों के विस्तार से किसानों को उनकी फसल का दोगुना मूल्य मिलेगा। यह अवसर केवल रोजगार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गांव-गांव तक आर्थिक गतिविधियों को गति देगा और स्थानीय बाजारों से लेकर निर्यात तक नई संभावनाएँ पैदा करेगा। "आदि सेवा पर्व" आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत “आदि सेवा पर्व” जनजातीय गौरव और राष्ट्र निर्माण के संगम का प्रतीक पर्व होगा। इस दौरान जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कौशल विकास, आजीविका संवर्धन, स्वच्छता, जल-संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण जैसी सेवा गतिविधियाँ आयोजित होंगी। हर गतिविधि के केन्द्र में सेवा का भाव और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प होगा। इस अभियान में “ट्रायबल विलेज एक्शन प्लान एवं ट्रायबल विलेज विज़न 2030” पर विशेष जोर दिया जायेगा। इसके अंतर्गत प्रत्येक गाँव के लिए विकास का दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किया जायेगा। एक बगिया माँ के नाम पर्यावरण सुधार के साथ महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिये चलाये जा रहे "एक बगिया माँ के नाम" अभियान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महिला स्व-सहायता समूह की एक महिला को पौधा भेंट करेंगे। मध्यप्रदेश में अब तक 10 हजार 162 महिलाओं को माँ की बगिया तैयार करने की स्वीकृति दी जा चुकी है। समूह की महिलाओं को पौधों की सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराये जा रहे हैं। 'सुमन सखी चैटबॉट' की लॉन्चिंग प्रधानमंत्री मोदी "प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान" में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में जागरूकता के लिये 'सुमन सखी चैटबॉट' लांच करेंगे। इससे ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों की गर्भवती महिलाओं को समय पर सही जानकारी और आवश्यक सेवाएं मिल सकेंगी। सिकल सेल स्क्रीनिंग के एक करोड़वें कार्ड का वितरण प्रधानमंत्री मोदी सिकल सेल स्क्रीनिंग एवं काउंसिलिंग के एक करोड़वें कार्ड का वितरण करेंगे। यह उपलब्धि ऐतिहासिक है। यह केवल एक कार्ड का वितरण नहीं, बल्कि सिकल सेल एनीमिया के खिलाफ देश की सामूहिक लड़ाई का प्रतीक है। मध्यप्रदेश सिकल सेल उन्मूलन अभियान में देश में रोल मॉडल बनकर उभरा है। 'प्रधानमंत्री मातृ-वंदना योजना' की राशि का होगा अंतरण 'प्रधानमंत्री मातृ-वंदना योजना' मातृत्व के सम्मान और सशक्तिकरण का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी कार्यक्रम में सिंगल क्लिक से देश भर की पात्र महिलाओं के खातों में योजना की राशि अंतरित करेंगे। मध्यप्रदेश की लगभग एक लाख माता-बहनें इससे लाभान्वित होंगी।

17 सितंबर से अस्पतालों में विशेष स्वच्छता अभियान, सीएम डॉ. यादव ने की घोषणा

जनप्रतिनिधि और आमजन की भागीदारी की जाए सुनिश्चित जिला कलेक्टर्स को निर्देश जारी सेवा पर्व को सार्थक बनाने के लिए सामाजिक संस्थाओं से की सहयोग की अपील भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेज और जिलों में स्थित प्रमुख चिकित्सालयों में सेवा पर्व और सेवा पखवाड़े के तहत 17 सितम्बर से साफ-सफाई का व्यापक अभियान चलाने के निर्देश जिला कलेक्टर्स को दिये हैं। अभियान के तहत कचरे और अनुपयोगी सामग्री को भी प्राथमिकता से हटाया जायेगा। सेवा पर्व को सार्थक बनाने के लिए प्रदेश की सामाजिक संस्थाओं से भी सहयोग की अपील की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एवं संभागीय कमिश्नर को भी निर्देशित किया है कि वे सफाई अभियान का निरीक्षण और निगरानी करें। मंत्री, सांसद एवं विधायकगण से भी अनुरोध किया है कि वे साफ-सफाई अभियान का निरीक्षण कर आमजन और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी प्रोत्साहित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने साफ-सफाई के अभियान में आम जनता, सामाजिक संगठन, जनप्रतिनिधियों से भी सहभागिता की अपेक्षा की है। प्रदेश के समस्त कलेक्टर्स को निर्देशित किया है कि वे रोगी कल्याण समिति को सशक्त कर साफ-सफाई अभियान में जनता की भागीदारी भी सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा पर्व को नया आयाम देते हुए अस्पतालों में सफाई व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिये। उल्लेखनीय है‍कि 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर की अवधि में प्रदेश में "स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार" अभियान का संचालन भी किया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। विभिन्न रोगों की जांच के साथ ही आमजन को स्वास्थ्य संबंधी शिक्षा प्रदान करने का कार्य भी किया जाएगा।  

कचरा और गंदा पानी बनेगा संसाधन! सरकार का इनोवेटिव प्लान बदलेगा इंफ्रास्ट्रक्चर की तस्वीर: मंत्री गडकरी

नई दिल्ली सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी वर्तमान में केंद्र सरकार में एक अहम चेहरा हैं. वे भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और अपने कामकाज की वजह से उन्हें अक्सर हाईवे मैन ऑफ इंडिया भी कहा जाता है. नितिन गडकरी ने  देश को प्रदूषण मुक्त करने और कचरा हटाकर उसका निस्तारण करने का सरकार का एक प्लान एबीपी के मंच से साझा किया है. नितिन गडकरी का कहना है कि भविष्य में टॉयलेट के पानी और कचरे से इमारतें व सड़कें बनाई जाएगी. चलिए जानें कि यह कैसे संभव होगा.  कचरे से कैसे बनेगी सड़क?  नितिन गड़करी ने सरकार का भविष्य का प्लान बताते हुए कहा, ‘80 लाख टन सॉलिड कचरा रोड बनाने के वक्त डाला गया है. दिल्ली-मुंबई हाईवे और UR2 रोड को बनाने में उस कचरे का इस्तेमाल किया गया है. अब सरकार का प्लान है कि 2027 खत्म होने से पहले इस देश का पूरा सॉलिड कचरा अलग करके रोड बनाने में डाला जाएगा और इससे देश को प्रदूषण के मुक्त किया जाएगा.’  टॉयलेट के गंदे पानी का कैसे होगा इस्तेमाल? नितिन गडकरी ने गंदे पानी के इस्तेमाल को लेकर कहा, ‘इसके अलावा टॉयलेट का जो गंदा पानी है, जो कि रिसाइकिल होता है उसको रिसाइकिल करके उसकी टेस्टिंग करके अब ऑर्डर निकाला जाएगा कि बिल्डिंग और रोड बनाने के लिए उस फिल्टर पानी का इस्तेमाल किया जाएगा. इससे देश का प्रदूषण कम होगा और जनता को इससे मुक्ति मिलेगी.’ क्यों जरूरी है यह कदम? भारत में हर दिन लाखों टन कचरा और गंदा पानी निकलता है. अब तक इसका बड़ा हिस्सा खुले में फेंका जाता रहा है, जिससे नदियां, जमीन और हवा प्रदूषित हो रही हैं. अगर इन्हें निर्माण में उपयोग किया जाए तो कचरे का बोझ कम होगा और पर्यावरण पर दबाव घटेगा, साथ ही साथ शहरी विकास परियोजनाओं में सस्ती और टिकाऊ सामग्री की उपलब्धता भी बढ़ेगी. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हो चुका है प्रयोग ऐसा नहीं है कि भारत में इस तकनीक का पहली बार इस्तेमाल किया जा रहा है, बल्कि ऐसी तकनीकें यूरोप और एशियाई देशों में पहले से अपनाई जा रही हैं. वहां सीवेज स्लज और रीसाइकिल्ड वेस्ट से हाईवे, फ्लाईओवर और पब्लिक बिल्डिंग्स बनाई जा चुकी हैं. भारत में यह कदम कचरे से संपदा मिशन के तहत उठाया जा रहा है.

15 साल का इंतजार खत्म, हरियाणा ओलंपिक गेम्स नवंबर में धमाका करने को तैयार

चंडीगढ़  पंद्रह साल का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म होने जा रहा है। इस नवंबर हरियाणा फिर खेलों का अखाड़ा बनेगा, जहां तालियों की गड़गड़ाहट गूंजेगी और खिलाड़ियों के नाम पुकारे जाएंगे। प्रदेश का सबसे बड़ा खेल महाकुंभ ‘हरियाणा ओलंपिक गेम्स’ भव्य अंदाज में लौट रहा है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने आयोजन को मंजूरी देते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक पल के गवाह वे खुद बनेंगे और गेम्स का उद्घाटन करेंगे। मंगलवार को हरियाणा ओलंपिक संघ (एचओए) अध्यक्ष कप्तान जसविंद्र मीनू बेनीवाल और प्रधान महासचिव एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया। फर्जीवाड़े पर सख्ती खेलों में गड़बड़ी रोकने के लिए एचओए ने कड़ा कदम उठाया है। अब खिलाड़ियों को मिलने वाले सर्टिफिकेट पर माता-पिता का नाम, आधार नंबर और जन्मतिथि दर्ज होगी। इससे नकली खिलाड़ियों की एंट्री पूरी तरह बंद होगी और मेहनत करने वाले असली खिलाड़ियों को ही लाभ मिलेगा। सेवा पखवाड़ा से जुड़ा खेल अभियान बैठक में पंचायत मंत्री पंवार ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से 2 अक्तूबर तक सेवा पखवाड़ा मनाया जाएगा। इस दौरान 75 गांवों में व्यायामशालाएं और इंडोर स्टेडियम शुरू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। साथ ही व्यापक स्वच्छता अभियान भी चलेगा। सरकार का मानना है कि इन पहलों से गांवों में खेल संस्कृति, स्वास्थ्य और स्वच्छता—तीनों को बढ़ावा मिलेगा। हरियाणा ने खेलों में अपनी पहचान बनाई : बेनीवाल ओलंपिक संघ अध्यक्ष मीनू बेनीवाल ने कहा कि हरियाणा ने हमेशा खेलों में अपनी पहचान बनाई है। यहां के खिलाड़ियों ने ओलंपिक और एशियाई खेलों में देश को बार-बार मेडल दिलाए हैं। ऐसे में 15 साल बाद लौट रहे हरियाणा ओलंपिक गेम्स युवाओं में नया उत्साह भरेंगे। यह आयोजन न सिर्फ प्रतियोगिता का बड़ा मंच बनेगा, बल्कि मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व में ‘खेलो हरियाणा – बढ़ो आगे’ के संदेश को भी मजबूत करेगा।

इंदिरा एकादशी व्रत 2025: शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और खास नियम

हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत बहुत महत्व रखता है. एकादशी का व्रत श्रीहरि विष्णु भगवान के लिए रखा जाता है. साल में कुल 24 एकादशी के व्रत पड़ते हैं. इस व्रत को करने से समस्त पापों का नाश होता है और भगवान की कृपा प्राप्त होती है. एकादशी के व्रत का पारण अगले दिन किया जाता है. साल 2025 में आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को इंदिरा एकादशी के नाम से जाना जाता है. इस एकादशी का विशेष महत्व है क्योंकि यह व्रत पितृपक्ष के दौरान आता है. इंदिरा एकादशी के दिन उन लोगों का श्राद्ध कर्म किया जाता है जिनकी मृत्यु कृष्ण पक्ष या शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के दिन हुई हो. इंदिरा एकादशी के दिन पूरी श्रद्धा और नियमों का पालन करते हुए व्रत करने से पितरों की कृपा के साथ-साथ भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है. साथ ही पितृ ऋण से मुक्ति भी मिलती है. इंदिरा एकादशी 2025 तिथि व समय     एकादशी तिथि प्रारंभ: 17 सितंबर 2025, बुधवार, रात 12:21 बजे     एकादशी तिथि समाप्त: 17 सितंबर 2025, रात 11:39 बजे व्रत पारण     एकादशी व्रत का पारण 18 सितंबर, गुरुवार को सुबह 6:07 से 8:34 बजे के बीच कर सकते हैं.     व्रत का पारण द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले करना अनिवार्य है. इस दिन द्वादशी तिथि रात 11:24 बजे समाप्त होगी. पूजन-विधि     इंदिरा एकादशी के दिन प्रातः स्नान कर व्रत का संकल्प लें.     भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र के सामने दीपक जलाकर धूप, फूल, तुलसीदल और पंचामृत से पूजा करें.     श्रीहरि को पीले वस्त्र और मौसमी फल अर्पित करें.     विष्णु सहस्रनाम या विष्णु मंत्र का जाप करें.     दिनभर उपवास रखते हुए पितरों का स्मरण करें.     शाम को कथा सुनें और भोग लगाकर प्रसाद ग्रहण करें. पंचांग के अनुसार एकादशी का व्रत शुभ योगों में रखा जाएगा. इस दिन परिघ योग का निर्माण हो रहा है. साथ ही शिव योग का संयोग रहेगा. इस व्रत को करने से श्राद्ध कर्म के अनुसार पुण्य फल की प्राप्ति होती है.

मौलाना शहाबुद्दीन का आरोप: वक्फ बोर्ड बन गया करप्शन का अड्डा, योगी सरकार करे कार्रवाई

बरेली ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का स्वागत करते हुए उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि वक्फ बोर्ड को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाए क्योंकि यह करप्शन का अड्डा बन चुका है। मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल 2025 को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की भावनाओं का ख्याल रखते हुए संतुलित फैसला सुनाया है। यह फैसला देश, समाज और मुसलमानों के हित में है।मौलाना ने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड का दफ्तर रिश्वतखोरी का गढ़ बन चुका है। छोटी-छोटी मस्जिद, कब्रिस्तान या दरगाह की कमेटी गठित कराने के लिए वर्षों चक्कर लगाने पड़ते हैं और बिना रिश्वत कोई काम नहीं होता। लखनऊ का जुमला याद कराया, लगाए आरोप मौलाना ने कहा है किलखनऊ में यह जुमला मशहूर है कि वक्फ बोर्ड की एक-एक ईंट पैसा मांगती है। भाजपा सरकार करप्शन पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है, इसलिए वक्फ बोर्ड से जुड़े सभी भ्रष्टाचार की जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बोर्ड के अध्यक्ष अखिलेश यादव के चहेते हैं और 18 साल से सत्ता बदलने के बावजूद पद पर जमे हुए हैं। सपा, बसपा और यहां तक कि भाजपा शासनकाल में भी उन्हें कुर्सी पर बनाए रखा गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उनमें ऐसी कौन-सी खूबियां हैं, जिसकी वजह से उन्हें लगातार अध्यक्ष बनाए रखा गया। मुस्लिम संगठन ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया स्वागत वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 के कुछ अहम प्रावधानों पर उच्चतम न्यायालय द्वारा अंतरिम रोक लगाए जाने का मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद (एएम) और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) समेत कई संगठनों और धर्मगुरुओं ने सोमवार को स्वागत किया। शीर्ष अदालत में इस विवादित अधिनियम को चुनौती देने वाली जमीयत के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि उनका संगठन इस ‘काले कानून’ के ख़त्म होने तक ‘अपनी क़ानूनी और लोकतांत्रिक जद्दोजहद को जारी रखेगा।” वहीं, ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा कि उसे अदालतों पर पूरा भरोसा है और इंसाफ मिलने की उम्मीद है।