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दिल्ली हाट के रूप में विकसित होगा भोपाल हाट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

स्वदेशी मेला-स्वदेशी व्यंजनों के संग, भोपाल वासियों को स्वदेशी वस्तुओं की आत्मीयता का कराएगा अनुभव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिल्ली हाट के रूप में विकसित होगा भोपाल हाट स्वदेशी मेले से हुई सेवा पखवाड़ा की शुरूआत स्वदेशी मेले में मिल रही है गांवों की बहन-बेटियों द्वारा बनाई एलईडी दशहरे पर धूमधाम से होगा शस्त्र पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल हाट में स्वदेशी मेला-स्वदेशी व्यंजनों के संग का किया शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने जन्म दिवस पर सेवा का संकल्प लेते हुए सेवा पखवाड़े के माध्यम से 'वोकल फॉर लोकल' की भावना को प्रोत्साहित कर रहे हैं। उनकी प्रतिबद्धता के अनुरूप देश में स्वदेशी के अभियान को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत 02 अक्टूबर तक सबका साथ-सबका विकास के भाव से जन भागीदारी, स्वच्छता और कल्याणकारी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। भोपाल हाट में लगा स्व-सहायता समूहों का 'स्वदेशी मेला-स्वदेशी व्यंजनों के संग', इन गतिविधियों की शुरूआत है। मेले में 40 स्व-सहायता समूह भाग ले रहे हैं। इससे लगभग 3 हजार 600 से अधिक परिवार लाभान्वित होंगे। आगामी तीज-त्यौहारों के दृष्टिगत यह स्वदेशी मेला महत्वपूर्ण है, इससे भोपाल वासी स्वदेशी उत्पादों की आत्मीयता का अनुभव ले सकेंगे। इसके माध्यम से गांवों में घर-घर में बनने वाली वस्तुओं को बाजार और प्लेटफार्म उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। इन गतिविधियों से ही आदि काल से भारत की पहचान रहे, स्वावलंबन के भाव को प्रोत्साहन मिलेगा। स्वदेशी के उत्पाद अपने गांव, जिले और प्रदेश के गौरवान्वित करते हुए आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को "स्वदेशी मेला-स्वदेशी व्यंजनों के संग" का भोपाल हाट में शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वदेशी मेला में लगे स्टॉल्स का अवलोकन किया, विक्रेताओं तथा सामग्री निर्माताओं से चर्चा की और वॉटर बॉटल बैग सहित अन्य सामग्री भी खरीदी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम भोजपुर के सिद्धी विनायक आजीविका स्व-सहायता समूह द्वारा लगाए गए चाट के स्टॉल पर पानी-पुरी का आनंद भी लिया। सनातन संस्कृति और विरासत से विकास के पथ पर देश अग्रसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दशहरे पर प्रदेश में धूम-धाम से शस्त्र पूजन किया जाएगा। यह सौभाग्य का विषय है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। स्वतंत्रता से पहले सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने कल्पना कर ली थी कि आजादी तो मिलेगी, लेकिन इसके बाद देश को आजाद रखने के लिए सभी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में देश भक्त नागरिकों की आवश्यकता होगी। वर्तमान में जीवन के सभी क्षेत्रों में स्वदेशी के भाव के साथ सनातन संस्कृति और विरासत से विकास के पथ पर देश अग्रसर है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर प्रधानमंत्री मोदी के योगदान के परिणामस्वरूप भारत ने दुनिया में अलग पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री मोदी अन्नदाता, युवा, नारी सशक्तिकरण और गरीब सहित सभी वर्गों के लिये समर्पित भाव से निरंतर सक्रिय हैं। पीएम मित्र पार्क से खुलेंगे प्रदेश की समृद्धि के द्वार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का प्रदेश की धरती पर 17 सितम्बर को शुभागमन हो रहा है। वे पीएम मित्र पार्क की नीव रखेंगे। गरीब परिवार से निकले मोदी के प्रधानमंत्री बनने से देश गौरवान्वित हुआ है। उन्होंने अपने जन्म दिन पर सेवा पखवाड़े में माताओं-बहनों के लिए सेवा का संकल्प लिया है। 'स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार' अभियान में प्रदेश भर में महिलाओं की सभी प्रकार की जांच होंगी, महिला के स्वस्थ होने से परिवार सशक्त होंगे। साथ ही रोजगार के अवसरों के साथ ही प्रदेश में विकास के लिए सभी क्षेत्रों में कार्य हो रहा है। बड़ी संख्या में प्रदेश के किसान कपास उत्पादक हैं, कपास पर केन्द्रित उद्योगों से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी सृजित होते हैं। राज्य सरकार कपास उत्पादन और इससे जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। पीएम मित्रा पार्क की नींव रखेंगे। पीएम मित्र पार्क धार-झाबुआ अंचल में एक लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और दो लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा और सबकी समृद्धि के द्वार भी खुलेंगे। यहां बने वस्त्र विश्व के सभी प्रमुख देशों तक जाएंगे। प्रदेश में होने वाले जैविक कॉटन की बेहतर गुणवत्ता के कारण सम्पूर्ण विश्व में इसकी मांग है। स्थापित हो रहे पीएम मित्र पार्क के परिणामस्वरूप प्रदेश के जैविक कॉटन को वैश्विक स्तर पर उचित महत्व मिल सकेगा। भारत के दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने में स्व-सहायता समूहों की भी होगी भूमिका पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्व-सहायता समूह तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं। आजीविका मिशन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में भी फूड प्रोसेसिंग हो रही है। समूह की हमारी बहनों को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है। जिला स्तर पर स्व-सहायता समूहों के उत्पादों के मेले लगाए जाएंगे। भोपाल हाट को दिल्ली हाट के रूप में विकसित करने की योजना पर राज्य सरकार कार्य कर रही है। भारत जब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा तो इसमें सबसे बड़ी भूमिका स्व-सहायता समूहों की होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिवस की बधाई भी दी। स्वदेशी मेले से करें त्यौहारों के लिए खरीददारी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश के हर जिले में उद्योग केंद्र की स्थापना हो रही है। गरीब कल्याण हमारी प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्म दिन स्वदेशी अभियान को समर्पित है। इस स्वदेशी बाजार में हुजूर विधानसभा के 40 स्व-सहायता समूहों की बहनों ने यहां अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए हैं। दीपावली सहित सभी त्यौहार आ रहे हैं। अब विदेशी एलईडी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है, स्वदेशी मेले में गांव की बहन-बेटियों द्वारा बनाई गई एलईडी भी मिलेगी। यह स्वदेशी मेला 4 दिन तक चलेगा। विधायक शर्मा ने नगरवासियों को दीपावली, नवरात्र और दशहरा के दृष्टिगत स्वदेशी मेले से खरीददारी करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, महापौर श्रीमती मालती राय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रामकुंवर गुर्जर, रवींद्र यति, कीरत सिंह सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूह की महिला सदस्य उपस्थित थीं।  

प्रधानमंत्री मोदी: स्वदेशी आंदोलन के अग्रदूत और आत्मनिर्भर भारत के मार्गदर्शक

सीएम ब्लॉग भोपाल  "परिश्रम में जो तपा है, उसने ही तो इतिहास रचा है, जिसने फौलादी चट्टानों को तोड़ा है, उसने ही समय को मोड़ा है, समय को मोड़ देने का भी यही समय है, सही समय है।" यह उद्घोष करने वाले हमारे प्रेरक, मार्गदर्शक और भारत निर्माण के दृष्टा यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को उनके जन्मदिवस पर अनंत शुभकामनाएं। हमारा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री जी आज इस विशेष दिवस पर मध्यप्रदेश आ रहे हैं। उनकी इस यात्रा से प्रदेश को एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। वे धार जिले के भैंसोला ग्राम में देश के पहले "पीएम मित्र पार्क" की आधारशिला रखेंगे। इसके साथ ही वे ‘स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार और पोषण अभियान’ तथा ‘स्वच्छता ही सेवा' पखवाड़े का शुभारंभ करेंगे। मैं प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता के साथ प्रधानमंत्री जी का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन करता हूँ। प्रधानमंत्री जी का संपूर्ण जीवन परिश्रम, पुरुषार्थ और सेवा के प्रेरणादायी संकल्प की यात्रा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के माध्यम से राष्ट्र और समाज सेवा का संकल्प लेकर उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की यात्रा आरंभ की, जो प्रधानमंत्री के रूप में भी ध्येयनिष्ठ रही है। उनके लिए राष्ट्र प्रथम और सर्वोपरि है। यह उनके राष्ट्र निर्माण और देशहित में लिए गए निर्णयों और नेतृत्व क्षमता का ही परिणाम है कि आज भारत की गणना विश्व के अग्रणी राष्ट्रों में हो रही है। उनके प्रत्येक निर्णय में राष्ट्र की नींव को सशक्त करने की झलक है। कश्मीर में धारा 370 को समाप्त करना और उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद श्रीरामलला को अपने जन्म स्थान अयोध्या में प्रतिष्ठित करने में उनकी पहल अविश्वसनीय है। उन्होंने एक राष्ट्र, एक पहचान के लिए विभाजनकारी प्रवृत्तियों को समाप्त किया और समाज में एकत्व का भाव स्थापित किया। उनका दूरदर्शी नेतृत्व आधुनिक भारत को आत्मनिर्भर, सुरक्षित, समृद्ध और सांस्कृतिक रूप से गौरवशाली राष्ट्र बनाने की दिशा में निरंतर प्रेरित कर रहा है। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि उनके मार्गदर्शन में जनकल्याण, आर्थिक सुदृढ़ीकरण, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भारत को अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं। प्रधानमंत्री के रूप में दायित्व संभालते ही सबसे पहले उन्होंने देशवासियों के स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छता अभियान छेड़ा। वे स्वयं हाथ में झाड़ू लेकर दिल्ली के प्रगति मैदान पहुँचे। गांव-गांव में स्वच्छता अभियान चलाया गया। प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर मध्यप्रदेश की जनता भी इस अभियान में जुट गई और गांव से लेकर नगर तक स्वच्छता अभियान में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य बना। इंदौर ने लगातार 8 बार देश में स्वच्छ शहर के रूप में प्रथम स्थान प्राप्त किया। मोदी जी ने आम नागरिक को आधुनिक चिकित्सा सेवा प्रदान करने के लिए आयुष्मान भारत योजना शुरू की, जिससे गरीब और असहाय परिवारों को उपचार में सहायता मिली। इस योजना से 40 करोड़ से अधिक नागरिकों को मुफ्त स्वास्थ सेवाएं प्राप्त हो रही हैं। समाज को अपने सांस्कृतिक गौरव के प्रति आत्मविश्वास उत्पन्न कराने के लिये प्रधानमंत्री जी ने हमें ‘विरासत के साथ विकास’ का नारा दिया। भारतीय संस्कृति के गौरव और आधुनिकता के संतुलन को साधते हुए उन्होंने लोगों में आत्मनिर्भरता और राष्ट्रप्रेम की भावना जगाई। मुझे यह बताते हुए गर्व का अनुभव हो रहा है कि मोदी जी ने भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। जब उन्होंने कार्यभार संभाला था तब भारत विश्व की ग्यारहवीं अर्थव्यवस्था था। केवल ग्यारह वर्षों में भारत चौथे स्थान पर पहुंचा और अब तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। तेल आयात, व्यापार, रक्षा उत्पादन और तकनीकी नवाचार में भारत ने नई मिसाल कायम की है। आयुध निर्यातक देश के रूप में भी भारत ने अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया। 'स्पेस टेक्नोलॉजी' में भारत ने चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव पर तिरंगा फहराकर विश्व को चकित कर दिया और विज्ञान तथा तकनीक में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशेषता है कि वे जो कहते हैं उसका क्रियान्वयन भी करते हैं। उन्होंने इसी वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से जीएसटी रिफॉर्म की घोषणा की थी और एक माह के भीतर इसे लागू करने का निर्णय ले लिया। इस फैसले से देश की कर-प्रणाली सरल होगी, महंगाई कम होगी और आर्थिक न्याय के साथ समावेशी विकास को गति मिलेगी। प्रधानमंत्री जी की आर्थिक नीतियों ने निवेश, उत्पादन और रोज़गार के क्षेत्र में नई संभावनाएं निर्मित की हैं। ये नीतियाँ देशवासियों को राहत देने के साथ वैश्विक स्तर पर भारत के आत्म-सम्मान का प्रतीक बनी। अमेरिका जैसी आर्थिक महाशक्ति ने भारत पर भारी टैरिफ लागू कर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन मोदी जी की रणनीति ने उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। रूस और चीन के साथ सहयोग कर नए व्यापारिक मार्ग स्थापित करना और जीएसटी जैसे आर्थिक सुधार लागू करना उनकी कुशल और निर्णायक नेतृत्व क्षमता का परिणाम है। प्रधानमंत्री जी का लक्ष्य है कि देश का युवा आत्मनिर्भर बने और राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाए। युवाओं को उनकी क्षमता के अनुरूप रोज़गार देने के लिए उन्होंने ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोज़गार योजना’ लागू की। इसका उद्देश्य साढ़े तीन करोड़ से अधिक युवाओं को रोज़गार उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में युवाओं को कौशल विकास, स्वरोज़गार, स्टार्टअप, तकनीकी नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। मुद्रा योजना के तहत लगभग 52.5 करोड़ छोटे उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्रदान कर उनके व्यवसाय को गति दी गई। प्रधानमंत्री जी का मानना है कि किसी भी परिवार, समाज और राष्ट्र की नींव में महिलाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने महिलाओं के कल्याण, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन के लिए अनेक योजनाएँ लागू की हैं। उज्ज्वला योजना से 10.33 करोड़ से अधिक महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाई। इससे महिलाओं के स्वास्थ्य में भी सुधार हुआ और उन्हें सम्मान जनक जीवन जीने का अवसर भी मिला। प्रधानमंत्री आवास योजना से 4 करोड़ से अधिक लोगों को संपत्ति का अधिकार मिला। महिला आरक्षण लागू कर उन्होंने महिलाओं की राजनीतिक सहभागिता को बढ़ावा दिया। 'लखपति दीदी अभियान' के माध्यम से 3 करोड़ महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। पिछले 10 वर्षों में उन्होंने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। उन्होंने … Read more

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के स्वाभिमान को दी नई पहचान: जगदीश देवड़ा

"प्रधानमंत्री जी के जन्म दिवस पर विशेष" भोपाल  भारत के नागरिक भाग्यशाली हैं कि वे भारत का नवनिर्माण होता देख रहे हैं। हर क्षेत्र में नया भारत बन रहा है। इन गौरवशाली क्षणों का श्रेय यशस्वी, सशक्त और विश्व दृष्ट‍ि सम्पन्न प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जाता है। उन्होंने भारत के स्वाभिमान को जगाया है और आत्म-विश्वास को मजबूत किया है।  माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 75वें जन्म दिवस पर मध्यप्रदेश के नागरिकों की ओर से कोटि-कोटि बधाइयां और शुभकामनाएं। वे दीर्घायु हों और हमेशा हमें नेतृत्व प्रदान करते रहें। वे अपने जन्म दिवस पर मध्यप्रदेश को ऐसा उपहार देने आये हैं, जिससे प्रदेश और देश के इतिहास में एक नया पन्ना जुड़ रहा है। देश की महत्वाकांक्षी "पीएम मित्र पार्क परियोजना" का भूमि-पूजन हो रहा है। यह पार्क मध्यप्रदेश के लिये अनमोल उपहार साबित होगा। हमारे कपास उत्पादक किसानों का जीवन बदलेगा और समृद्ध‍ि के नये द्वार खुलेंगे। प्रधानमंत्री मोदी भारत के लिए वरदान साबित हुए हैं। भारत निराशा में डूबा राष्ट्र बनता जा रहा था। युवाओं में भी निराशा थी। व्यापार डूब रहा था। भ्रष्टाचार फैल रहा था। हमारी कोई वैश्व‍िक पहचान नहीं थी। अर्थव्यवस्था में हम पिछड़ गये थे। प्रधानमंत्री पद की शपथ लेते ही उन्होंने अविलंब विकासोन्मुखी कार्यों की शुरूआत कर दी। राष्ट्रवादी मूल्यों और संस्कृति में वे अच्छी तरह पल्लवित थे। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज भारत बदल रहा है। हर क्षेत्र में नये परिवर्तन हो रहे हैं। हमारी नीचे जाती अर्थव्यवस्था अब विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री मोदी एक युग-दृष्टा हैं। वे भविष्य को पहचान लेते हैं और आने वाली चुनौतियों से निपटने की रणनीतियां तैयार रखते हैं। उन्होने विश्वपटल पर भारत की पहचान को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। मोदी जी का जीवन हमें निरंतर प्रेरणा देता है। साधारण परिवार में जन्म लेकर देशहित को सर्वोपरि मानते हुए वे जिस तरह जनसेवा के पथ पर अग्रसर हुए, वह असाधारण है। बचपन से ही राष्ट्रप्रेम और सेवा-भावना उनकी शक्ति रही। आज जब हम 21वीं सदी के भारत की कल्पना करते हैं, तब मोदी जी का व्यक्तित्व और कार्यशैली एक मार्गदर्शक दीपस्तंभ के रूप में सामने आते हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी जी ने भारत को केवल ‘विकास’ की दिशा में आगे नहीं बढ़ाया, बल्कि ‘विश्वगुरु’ बनने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए। स्वच्छ भारत अभियान से लेकर स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत तक मोदी जी की हर पहल जनता के कल्याण और देश को मजबूत बनाने का सशक्त कदम है। उन्होंने स्वदेशी अपनाने के लिये समस्त भारतीयों को प्रेरित किया है। मोदी को देश की युवा शक्त‍ि और उनके कार्य कौशल पर अटूट भरोसा है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने भारत की साख को इतना ऊँचा उठाया है कि आज पूरा विश्व भारत के नेतृत्व को सम्मान की दृष्टि से देखता है। G20 की अध्यक्षता, अंतरिक्ष विज्ञान में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ, सीमा सुरक्षा की सुदृढ़ता और गरीब कल्याण की योजनाएँ उनके नेतृत्व की गाथा को अमर कर रही हैं। ऑपरेशन सिंदूर से विश्व पटल पर भारत की एक अलग छवि बनी है। मध्यप्रदेश में भी मोदी जी की नीतियों और दूरदर्शिता का सीधा लाभ जनता को मिला है। प्रधानमंत्री आवास, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि नि:शुल्क राशन, जैसी योजनाओं ने करोड़ों परिवारों का जीवन बदला है। गाँव-गाँव तक सड़क, बिजली, पानी और डिजिटल कनेक्टिविटी पहुँचाना मोदी जी के संकल्प और अथक परिश्रम का परिणाम है। वे केवल राजनेता नहीं, बल्कि एक संकल्प और नवाचार के अद्वितीय प्रतीक हैं। उनका जीवन हमें सिखाता है कि ईमानदारी, राष्ट्रनिष्ठा और कठोर परिश्रम से असंभव को भी संभव किया जा सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी वैश्विक लोकप्रियता साबित करते हुए दुनिया के सबसे पसंदीदा नेता बनने का गौरव हासिल किया है। एक अंतरराष्ट्रीय सर्वेक्षण में पीएम मोदी को 75 प्रतिशत ‘अप्रूवल रेटिंग’ मिली है। यह रेटिंग उन्हें 20 देशों के शीर्ष नेताओं की सूची में सबसे ऊपर रखती है। विशेषज्ञों का कहना है कि मोदी की लोकप्रियता का कारण उनकी मजबूत अंतरराष्ट्रीय छवि, निर्णय लेने की क्षमता और भारत के घरेलू और वैश्विक हितों पर आधारित स्पष्ट नीतियां हैं। यह इस बात का संकेत है कि भारत न केवल वैश्विक राजनीति में तेजी से उभर रहा है बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी स्वीकृति मिल रही हैं। ऑपरेशन सिंदूर और जीएसटी सुधार से पूरे विश्व में भारत के प्रति दृष्ट‍िकोण बदल गया है। प्रधानमंत्री के रूप में उन्होने सबका विश्वास जीता है। हर वर्ग को राष्ट्र निर्माण के लिये प्रेरित और प्रोत्साहित करने के कई कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी के निर्णयों का परिणाम अब हमारे सामने आने लगा है। उदाहरण के लिए भारत अब डिजिटल इंडिया के रूप में जाना जाने लगा है। लोक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के लिये उठाये गये कदमों का सकारात्मक प्रभाव दिखने लगा है। स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच गांव-गांव तक हुई है। 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020' देश के शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव है जिसे पूरे भारत में सराहा गया है। नीति में बुनियादी शिक्षा में सुधार, स्कूल संरचनाओं में बदलाव, चार वर्षीय अंतःविषय स्नातक कार्यक्रम और देश में शिक्षा का अंतर्राष्ट्रीयकृत करने का प्रस्ताव है। ये सब भारत को एक वैश्विक शिक्षा केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विकास का हर क्षेत्र बदल रहा है। अभी भारत को विश्व गुरू बनने का सपना पूरा करना है। हम सब संकल्प लें कि प्रधानमंत्री मोदी जी के आदर्शों पर कदम से कदम मिलाकर चलेंगे। मध्यप्रदेश की जनता की ओर से एक बार फिर हमारे लोकप्रिय यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जन्म दिवस की कोशिट: शुभकामनाएं। 

शराब घोटाले की गुत्थी सुलझी? ED ने चैतन्य बघेल को मास्टरमाइंड बताया, चार्जशीट में दर्ज कई बड़े दावे

रायपुर, छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल पर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने बड़ा आरोप लगाते हुए राज्य में हुए ‘शराब घोटाले’ के सिडिकेट का मास्टरमाइंड (मुखिया) बताया है और कहा है कि उन्होंने ही घोटाले से अर्जित लगभग 1000 करोड़ रुपए की आय को इधर-उधर किया था। ईडी ने इस बात का दावा सोमवार को जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (VI) डमरुधर चौहान की अदालत में दायर अपनी चौथी पूरक अभियोजन शिकायत (आरोपपत्र) मे किया। इसमें उसने दावा किया कि चैतन्य ने जानबूझकर अपराध की आय को छिपाने, कब्जा करने, अधिग्रहण करने और इसका उपयोग करने में सहायता की और गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर साजिश रची। ईडी द्वारा दाखिल इस आरोप पत्र में बताया गया है कि, ‘इस सिंडिकेट (गिरोह) में शीर्ष स्तर पर चैतन्य का नियंत्रण था, और उसकी भूमिका केवल प्रतीकात्मक ही नहीं, बल्कि प्रभावशाली और निर्णायक भी थी। वह सिंडिकेट द्वारा एकत्रित सभी अवैध धन का हिसाब रखने के लिए जिम्मेदार था। धन के संग्रह और वितरण से संबंधित सभी बड़े फैसले उसके (चैतन्य के) निर्देशों के तहत लिए जाते थे। मुख्यमंत्री के बेटे के रूप में उनकी स्थिति ने उन्हें सिंडिकेट का नियंत्रक बना दिया।' इसमें कहा गया है, ‘जांच से यह भी पता चला है कि चैतन्य बघेल अपराध की आय के प्राप्तकर्ता हैं, जिसे उन्होंने अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में लगाया और वे इस प्रकार विकसित की गई इन संपत्तियों को बेदाग संपत्ति के रूप में पेश कर रहे हैं और उन पर दावा कर रहे हैं।' अभियोजन शिकायत में कहा गया है कि जांच से पहले ही पता चला है कि अपराध की आय का एक बड़ा हिस्सा लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू नामक व्यक्ति द्वारा एकत्र किया जा रहा था, जिसने ईडी के सामने अपने बयान में खुलासा किया है कि उसने चैतन्य के साथ मिलकर शराब घोटाले से अर्जित एक हजार करोड़ रुपए से अधिक की आय को संभाला था। इसमें कहा गया है कि उन्होंने (बंसल ने) स्पष्ट रूप से कहा है कि चैतन्य के निर्देश पर, 2019 से 2022 के बीच की अवधि में कांग्रेस के राज्य इकाई के तत्कालीन कोषाध्यक्ष राम गोपाल अग्रवाल और अन्य को बड़ी मात्रा में नकदी पहुंचाई गई थी। अभियोजन शिकायत में कहा गया है कि बंसल कथित तौर पर दीपेन चावड़ा के माध्यम से अनवर ढेबर से अपराध की यह आय एकत्र करते थे और उसके बाद चैतन्य के समन्वय से ये धनराशि राम गोपाल अग्रवाल तक पहुंचाई जाती थी। आरोप पत्र में ईडी ने बताया कि 'बंसल ने अपने बयान में खुलासा करते हुए बताया कि वह भूपेश बघेल को पिछले 25 सालों से जानते हैं और दोनों के पारिवारिक संबंध हैं। वह चैतन्य के साथ नियमित रूप से रायपुर स्थित मुख्यमंत्री आवास जाया करते थे। उस समय रायपुर स्थित मुख्यमंत्री आवास की ऐसी ही एक यात्रा के दौरान, भूपेश बघेल ने उन्हें (बंसल को) स्पष्ट रूप से बताया था कि अनवर ढेबर उन्हें कुछ सामान भेजेंगे, और उसे आगे उन्हें रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाना होगा। इसके बाद, चैतन्य बघेल ने नकदी की कथित डिलीवरी से एक दिन पहले उन्हें सूचित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामान शब्द नकदी के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक कोड वर्ड है।’ अग्रवाल फिलहाल फरार हैं। ईडी ने ने आरोपी लगाते हुए कहा कि चैतन्य शराब गिरोह का केंद्रीय व्यक्ति और नियंत्रक था, जो इससे जुड़ी कमाई पर सीधा नियंत्रण रखता था, अवैध धन के प्रवाह की निगरानी करता था, और अपराध की आय का उपयोग व्यक्तिगत और व्यावसायिक उपक्रमों के लिए करता था। आरोप पत्र में कहा गया है कि चैतन्य बघेल ने अपनी रियल एस्टेट परियोजना, विट्ठल ग्रीन में 18.90 करोड़ रुपए और अपनी रियल एस्टेट फर्म मेसर्स बघेल डेवलपर्स एंड एसोसिएट्स में 3.10 करोड़ रुपए की आपराधिक आय का उपयोग किया था। अभियोजन शिकायत में कहा गया है कि जांच में आरोपियों के मोबाइल फोन से वॉट्सएप चैट के रूप में महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत भी बरामद किए गए हैं। ईडी के आरोपों के अनुसार लगभग 2,500 करोड़ रुपए से अधिक का यह शराब घोटाला प्रदेश में साल 2019 से 2022 के बीच हुआ था, जब छत्तीसगढ़ में चैतन्य के पिता भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार का शासन था। इसी घोटाले के आरोप में चैतन्य को केंद्रीय एजेंसी ने 18 जुलाई को दुर्ग जिले के भिलाई शहर में स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया था। ईडी ने अब तक इस मामले में एक अभियोजन शिकायत और चार पूरक अभियोजन शिकायतें दर्ज की हैं और दावा किया है कि कथित घोटाले के परिणामस्वरूप राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और एक शराब गिरोह के लाभार्थियों की जेबें भरी गईं। सोमवार को दायर अभियोजन शिकायत में ईडी ने कहा कि 2019 में छत्तीसगढ़ में नई (कांग्रेस) सरकार के गठन के बाद, एक संगठित शराब गिरोह बनाया गया था। इस गिरोह के दिन-प्रतिदिन के संचालन को संभालने के लिए, तत्कालीन IAS अधिकारी अनिल टुटेजा और कारोबारी अनवर ढेबर (दोनों को मामले में ईडी द्वारा दायर पिछली अभियोजन शिकायतों में आरोपी के रूप में नामित किया गया है) का चयन किया गया था।  

यूपी के वाहन मालिकों को बड़ी राहत… 5 साल के सभी ई-चालान होंगे माफ

लखनऊ  उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने एक अहम और ऐतिहासिक फैसला लिया है. राज्य में 2017 से 2021 तक बने लाखों ई-चालान अब कानून के तहत स्वतः समाप्त माने जाएंगे. यानी जिन चालानों पर अदालतों में कार्रवाई लंबित थी या जो समय-सीमा से बाहर हो चुके हैं, वे अब मान्य नहीं रहेंगे. इस कदम से प्रदेशभर के वाहन मालिकों को बड़ी राहत मिलेगी. इस फैसले के साथ ही फिटनेस, परमिट, वाहन ट्रांसफर और हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) जैसी सेवाओं पर लगे अवरोध हट जाएंगे. यानी अब पुराने ई-चालानों की वजह से वाहन मालिकों को इन सेवाओं में अड़चन नहीं होगी. कितने चालान थे लंबित? परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 2017 से 2021 के बीच कुल 30,52,090 ई-चालान काटे गए थे. इनमें से 17,59,077 पहले ही निस्तारित हो चुके हैं, जबकि 12,93,013 चालान अब तक लंबित हैं. इनमें से 10,84,732 चालान कोर्ट में पेंडिंग हैं जबकि 1,29,163 चालान ऑफिस स्तर पर पेंडिंग हैं. अब ये सभी चालान खुद खत्म हो जाएंगे. एक महीने के भीतर सभी चालानों की स्थिति पोर्टल पर अपडेट कर दी जाएगी और जनता आसानी से ई-चालान पोर्टल पर जाकर अपने वाहन/चालान का स्टेटस देख सकेगी. क्यों लिया गया ये फैसला? परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह द्वारा आदेश में बताया गया कि यह फैसला जनहित, पारदर्शिता और कानून के पालन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. लंबे समय से कोर्ट में पड़े छोटे-मोटे चालानों से न्यायपालिका और प्रवर्तन तंत्र पर अनावश्यक बोझ बढ़ रहा था. इनकी वसूली लगभग असंभव हो चुकी थी. हाई कोर्ट ने भी कई आदेशों में साफ कहा कि ऐसे ई-चालान “by operation of law” अब समाप्त माने जाएंगे. राज्य सरकार ने नए कानून और अदालत के निर्देशों के बाद इसे पोर्टल स्तर पर लागू करने का आदेश जारी किया है. किन पर लागू नहीं होगा यह आदेश? यह राहत टैक्स रिकवरी से जुड़े चालानों पर लागू नहीं होगी. यानी मोटर व्हीकल्स टैक्सेशन एक्ट के तहत बकाया टैक्स वाले मामलों पर कार्रवाई अलग से जारी रहेगी. इसी तरह, गंभीर दुर्घटनाओं, IPC से जुड़े मामलों या शराब पीकर वाहन चलाने जैसे प्रकरण इस दायरे से बाहर रखे गए हैं. इन धाराओं में शामिल चालानों को खत्म नहीं किया जाएगा. जनता को कैसे फायदा होगा? इसका सीधा लाभ वाहन मालिकों को मिल सकेगा क्योंकि इससे वाहन सेवाएं आसान हो जाएंगी. अब फिटनेस, परमिट, ट्रांसफर या HSRP के लिए आवेदन करते समय पुराने ई-चालानों की वजह से रुकावट नहीं आएगी. इसके अलावा लाखों वाहन मालिकों पर से पुराने केस हट जाएंगे और उन्हें कानूनी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा. खासकर ऑटो, ट्रांसपोर्ट और टैक्सी ऑपरेटरों के लिए यह फैसला बड़ी राहत लेकर आया है. आगे क्या होगा? 30 दिन के भीतर सभी जिलों के RTO/ARTO दफ्तर लंबित चालानों की स्थिति बदलकर पोर्टल पर “Disposed-Abated” या “Closed-Time Bar” कर देंगे. एक महीने बाद वाहन मालिक पोर्टल पर लॉगिन करके देख सकेंगे कि उनका चालान खत्म हुआ या नहीं. हाई कोर्ट के जिन मामलों में खास तौर पर आदेश दिए गए हैं, वहां सात दिन के भीतर चालान पोर्टल से हटा दिए जाएंगे.

प्रसिद्ध कवि सुरजीत नवदीप का निधन, सीएम साय ने जताया गहरा शोक

रायपुर छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध हास्य-व्यंग्य के कवि, धमतरी जिला हिंदी साहित्य समिति के संरक्षक सुरजीत नवदीप के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शोक जताया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि प्रसिद्ध हास्य-व्यंग्य कवि, अखिल भारतीय कवि सम्मेलनों के लोकप्रिय मंच संचालक, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व सदस्य और धमतरी जिला हिंदी साहित्य समिति के संरक्षक सुरजीत नवदीप के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। यह हिंदी साहित्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। सीएम ने कहा, नवदीप जी की सहज हास्य-व्यंग्य शैली, समाज की विसंगतियों पर गहरी दृष्टि और मंचीय उपस्थिति ने हिंदी साहित्य को नई ऊंचाइयां दी। आपकी रचनाएं और आपका व्यक्तित्व सदैव साहित्य प्रेमियों को प्रेरित करता रहेगा। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति दें।     प्रसिद्ध हास्य-व्यंग्य कवि, अखिल भारतीय कवि सम्मेलनों के लोकप्रिय मंच संचालक, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व सदस्य और धमतरी जिला हिंदी साहित्य समिति के संरक्षक श्री सुरजीत नवदीप जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। यह हिंदी साहित्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।

धर्म परिवर्तन और लव जिहाद मामले में सुप्रीम कोर्ट की सख्त कार्रवाई, चार राज्यों से रिपोर्ट तलब

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने धर्मांतरण विरोधी कानून पर यूपी-उत्तराखंड समेत 4 राज्यों से जवाब मांगा है. कोर्ट ने इन कानूनों पर रोक लगाने वाली याचिका पर राज्यों से चार हफ्ते में जवाब मांगा है. इस संबंध में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान को नोटिस जारी किया गया है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने चार हफ्ते में राज्यों को जवाब दाखिल करने के लिए कहा है. वहीं, अब अगली सुनवाई 6 हफ्ते बाद होगी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्यों के जवाब दाखिल होने के बाद कानून पर रोक लगाने की मांग पर विचार किया जाएगा. याचिकाकर्ताओं में जमीयत उलेमा ए हिंद और सिटीजन फॉर जस्टिस एंड पीस जैसे कई संगठन शामिल हैं.   याचिकाओं में कहा गया है कि यह कानून अलग-अलग धर्मों से ताल्लुक रखने वाले जोड़ों को परेशान करने का जरिया बन गए है. इनकी आड़ में किसी को भी धर्मांतरण के आरोप में फंसाया जा सकता है. SC ने चार राज्यों से मांगा जवाब लव-जिहाद और गैरकानूनी तरीके से धर्म परिवर्तन के खिलाफ यूपी,उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और मध्यप्रदेश और गुजरात में बने कानूनों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है.  

ट्रम्प-सहबाज शरीफ मुलाकात की अटकलें, UNGA के दौरान हो सकती है बातचीत

वाशिंगटन  यूएस के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ की जल्द मुलाकात हो सकती है. यह मुलाकात न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के दौरान हो सकती है. पाक पीएम 26 सितंबर को UNGA में अपना भाषण देंगे, इसके बाद दोनों की अलग से मुलाकात की संभावना है. इस दौरान आसीमन मुनीर भी मौजूद रह सकते हैं. सूत्रों के हवाले से बताया कि मुनीर को फील्ड मार्शल का पद दिए जाने के बाद से वह द्विपक्षीय वार्ताओं में सक्रिय रूप से शरीफ के साथ रहे हैं. मुनीर को यह पद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद दिया गया, इस दौरान पाकिस्तान के अंदर बहावलपुर और मुरीदके में भारतीय सेना ने आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया गया था.   इससे कुछ महीने पहले ही मुनीर अमेरिका पहुंचे थे और ट्रंप द्वारा आयोजित डिनर में भी शामिल हुए थे. इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि मुनीर से मिलकर उन्हें सम्मानित महसूस हुआ और दोनों के बीच ईरान-इजराइल संघर्ष से उत्पन्न स्थिति पर बातचीत हुई है. ऐसी अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि अमेरिका ईरान पर हमला करने के लिए पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल करने पर विचार कर रहा है. जब ट्रंप और मुनीर की बैठक हुई थी तब विदेश मंत्री मार्को रुबियो और मध्य पूर्व के लिए अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ भी मौजूद थे. मुनीर के साथ पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और खुफिया एजेंसी आईएसआई के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल असीम मलिक भी मौजूद थे.

TMC सांसद यूसुफ पठान की राहत नहीं, हाईकोर्ट ने अतिक्रमण मामले में आवेदन ठुकराया

अहमदाबाद  गुजरात हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए यूसुफ पठान को अतिक्रमणकारी करार दिया है. पूर्व क्रिकेटर व वर्तमान टीएमसी सांसद यूसुफ पठान पर सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप है. हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि जल्द ही जमीन को खाली किया जाए. अतिक्रमण के संबंध में यूसुफ पठान की तरफ से याचिका कोर्ट में दायर की गई थी. हाईकोर्ट ने पठान की याचिका खारिज करते हुए उसे अतिक्रमणकारी करार दिया है. वडोदरा के भूखंड को खाली करने का आदेश गुजरात हाईकोर्ट ने पूर्व क्रिकेटर और तृणमूल कांग्रेस सांसद यूसुफ पठान को वडोदरा में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का दोषी पाया है. कोर्ट ने उन्हें विवादित भूखंड को खाली करने का आदेश दिया है. इस फैसले में कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि सेलिब्रिटी कानून से ऊपर नहीं हो सकते और उन्हें विशेष छूट देना समाज के लिए गलत संदेश देता है. सिंगल बेंच ने की सुनवाई न्यायमूर्ति मोना भट्ट की सिंगल बेंच ने यह फैसला सुनाया, जिसमें यूसुफ पठान की याचिका खारिज कर दी गई जिसमें उन्होंने अपने बंगले से सटे सरकारी भूखंड पर कब्जा बनाए रखने की अनुमति मांगी थी। कोर्ट ने क्या कहा? हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा सेलिब्रिटीज का समाज पर गहरा प्रभाव होता है. यदि उन्हें कानून तोड़ने के बावजूद छूट दी जाती है तो इससे न्यायिक व्यवस्था पर से जनता का भरोसा कमजोर होता है. ऐसे व्यक्तियों की जिम्मेदारी आम नागरिकों से ज्यादा होती है. क्या है मामला यह विवाद वर्ष 2012 में शुरू हुआ था. वडोदरा नगर निगम ने यूसुफ पठान को सरकारी जमीन खाली करने का नोटिस जारी किया था. पठान ने इस नोटिस को चुनौती दी और गुजरात हाईकोर्ट का रुख किया. उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि उनके और उनके भाई इरफान पठान की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें वह जमीन खरीदने की अनुमति दी जाए. उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री को भी इस संबंध में आवेदन दिया था. सरकार का क्या रुख रहा यूसुफ पठान की अर्जी को नगर निगम ने राज्य सरकार को भेजा था, लेकिन वर्ष 2014 में सरकार ने भूमि आवंटन के प्रस्ताव को खारिज कर दिया. इसके बावजूद पठान ने जमीन पर कब्जा बनाए रखा, जससे मामला कानूनी कार्रवाई तक पहुंचा।

Vivo Y31 5G सीरीज़ आई मार्केट में, दमदार बैटरी और 50MP कैमरा बना हाइलाइट

नई दिल्ली, Vivo Y31 सीरीज भारत में लॉन्च हो गई है. ये कंपनी की Y-सीरीज में लेटेस्ट एडिशन है, जिसे कंपनी इस हफ्ते लॉन्च किया है. इस सीरीज में दो स्मार्टफोन- Vivo Y31 5G और Vivo Y31 Pro 5G लॉन्च हुए हैं, जो दमदार फीचर्स के साथ आते हैं. दोनों ही फोन्स मिड रेंज बजट यूजर्स को टार्गेट करते हैं. कंपनी ने नॉन-प्रो मॉडल में डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया है, जो LED फ्लैश के साथ आता है. वहीं प्रो वेरिएंट में भी कंपनी ने डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया है. दोनों ही फोन्स दो कलर ऑप्शन में उपलब्ध होंगे. आइए जानते हैं इनकी कीमत और खास फीचर्स. कितनी है कीमत? Vivo Y31 5G को कंपनी ने 14,999 रुपये में लॉन्च किया है. ये कीमत फोन के 4GB RAM + 128GB स्टोरेज वेरिएंट की है. वहीं फोन का 6GB RAM + 128GB स्टोरेज वेरिएंट 16,499 रुपये में आता है. स्मार्टफोन रोज रेड और डायमंड ग्रीन कलर में मिलेगा. वहीं Vivo Y31 Pro 5G को कंपनी ने 18,999 रुपये में लॉन्च किया है. ये कीमत फोन के 8GB RAM + 128GB स्टोरेज वेरिएंट की है. वहीं 256GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 20,999 रुपये है. ये फोन माचा ब्राउन और ड्रीमी वॉइट में आता है. दोनों ही फोन्स को आप फ्लिपकार्ट से खरीद सकते हैं. क्या हैं स्पेसिफिकेशन्स? Vivo Y31 5G डुअल सिम सपोर्ट मिलता है. स्मार्टफोन Android 15 पर बेस्ड FuntouchOS 15 पर काम करता है. इसमें 6.68-inch का LCD डिस्प्ले मिलता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट के साथ आता है. स्मार्टफोन Snapdragon 4 Gen 2 प्रोसेसर पर काम करता है. फोन में 50MP + 0.08MP का डुअल रियर कैमरा सेटअप मिलता है. वहीं फ्रंट में 8MP का सेल्फी कैमरा दिया गया है. स्मार्टफोन 6500mAh की बैटरी और 44W की चार्जिंग सपोर्ट करता है. सिक्योरिटी के लिए इसमें साइड माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है. वहीं प्रो वेरिएंट की बात करें, तो इसमें 6.72-inch का LCD डिस्प्ले मिलता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करता है. स्मार्टफोन MediaTek Dimensity 7300 प्रोसेसर के साथ आता है. इसमें भी डुअल रियर और 8MP का फ्रंट कैमरा मिलता है. बैटरी भी स्टैंडर्ड मॉडल वाली ही मिलती है.