samacharsecretary.com

दर्दनाक बस हादसा: पंजाब में यात्रियों की चीख-पुकार से मचा कोहराम

तलवाड़ा/ हाजीपुर प्राइवेट कंपनी की एक मिनी बस अनियंत्रित होकर सफेदे के पेड़ से टकरा गई। इसमें 7 सवारियों को चोटें आई हैं। जानकारी के अनुसार यह मिनी बस दसूहा से तलवाड़ा आ रही थी कि वह झीर दा खूह बस स्टाफ से पीछे ही कुछ दूरी पर सफेदे के पेड़ से टकरा गई। बस के एक भाग को काफी क्षति पहुंची है। यह मिनी बस जब पेड़ से तो बीच सवारियों की चीखें निकलनी शुरू हो गईं। आसपास से लोग हादसा स्थल पर पहुंचे। बस में सवार घबराई कुछ सवारियों ने तो जैसे-तैसे बाहर आ निकलने में हिम्मत जुटा ली, लेकिन जो सवारियां घबराहट की परिस्थितियों में बीच ही सहारा ढूढ़ रही थीं उन्हें लोगों ने बड़ी हिम्मत से बाहर निकाला। हादसे की सूचना मिलते ही एम्बुलैंस गाड़ी भी घटनास्थल पर पहुंच गईं। पुलिस ने भी मौके पर आकर हादसे के कारणों को जानना शुरू कर दिया। कुछ के घायल सवारियों को अस्पताल उपचार हेतु भेजा गया। ड्राइवर सहित जिन 7 सवारियों को हल्की चोटें आईं उनमें तारा चंद पुत्र महिंदर सिंह वहीफतो (ड्राइवर), ममता रानी पत्नी निर्मल सिंह कराडी, प्रीतपाल सिंह पुत्र तरसेम लाल श्रीपन्डायान, सुरेश कुमारी जालंधर, अमरजीत कौर पत्नी गुरदीप सिंह मीर दसूहा, सुरजीत सिंह पुत्र शिव सिंह पंडोरी, कमलजीत कौर पत्नी सुरजीत सिंह शामिल हैं। चोटिल सवारियां इलाज के बाद अपने गंतव्य स्थानों को चली गईं।  

पश्चिमी यूपी में 1 अक्टूबर से शुरू होगी धान खरीद, 23,500 से ज्यादा किसानों ने किया रजिस्ट्रेशन

पश्चिमी यूपी में पहली अक्टूबर से होगी धान खरीद, साढ़े 23 हजार से अधिक किसानों ने कराया पंजीकरण पहली नवंबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में की जाएगी खरीद  लखनऊ संभाग के हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर जनपद में भी बुधवार से की जाएगी खरीद  धान (कॉमन)-2369 और (ग्रेड ए) का 2389 रुपये प्रति कुंतल एमएसपी तय पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी 2026 तक चलेगी खरीद 3300 क्रय केंद्रों के माध्यम से 60 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य   48 घंटे के भीतर किसानों को भुगतान कराएगी योगी सरकार लखनऊ खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत पहली अक्टूबर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और लखनऊ संभाग के हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर जनपद में धान खरीद प्रारंभ होगी। पहली नवंबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश और लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली व उन्नाव में खरीद होगी। मंगलवार (30 सितंबर) सुबह 11 बजे तक साढ़े 23 हजार से अधिक किसानों ने पंजीकरण करा लिया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी 2026 तक धान खरीद होगी। सरकार ने इस वर्ष धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि भी की है। धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (कॉमन)-2369 और (ग्रेड ए) का 2389 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है। योगी सरकार ने 48 घंटे के भीतर किसानों को भुगतान का निर्देश दिया है। क्रय केंद्र सुबह 9 से शाम पांच बजे तक खुले रहेंगे।  fcs.up.gov.in या UP KISAN MITRA  पर पंजीकरण अनिवार्य  धान बिक्री के लिए किसानों का पंजीकृत होना अनिवार्य है। किसानों को खाद्य व रसद विभाग की वेबसाइट fcs.up.gov.in या मोबाइल ऐप UP KISAN MITRA  पर पंजीकरण कराना होगा। खरीद पंजीकृत किसानों से ही होगी। खाद्य व रसद विभाग के मुताबिक किसान किसी भी सहायता या जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 18001800150 नंबर पर कॉल याा अपने जनपद के जिला खाद्य विपणन अधिकारी, तहसील के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी व ब्लॉक के विपणन निरीक्षक से भी संपर्क साध सकते हैं।  पश्चिम उत्तर प्रदेश व लखनऊ के इन जनपदों में पहली अक्टूबर से होगी खरीद पश्चिम उत्तर प्रदेश के संभागों में पहली अक्टूबर से धान खरीद शुरू होगी, जो 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। यह खरीद पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली,आगरा, अलीगढ़, झांसी संभाग में होगी। वहीं लखनऊ संभाग के हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर जनपद में भी धान खरीद इसी अवधि में होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश व लखनऊ संभाग के इन जनपदों में पहली नवंबर से शुरू होगी खरीद पूर्वी उत्तर प्रदेश के संभागों में पहली नवम्बर से धान खरीद शुरू होगी। यह खरीद पूर्वी उत्तर प्रदेश के चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर व प्रयागराज संभाग में होगी। इसके साथ ही लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली व उन्नाव में भी पहली नवंबर से खरीद होगी, जो 28 फरवरी 2026 तक चलेगी।   साढ़े 23 हजार से अधिक किसानों ने करा लिया पंजीकरण  30 सितंबर (सुबह 11 बजे) तक साढ़े 23 हजार से अधिक किसानों ने धान विक्रय के लिए पंजीकरण कर लिया है। विभाग के मुताबिक धान की बिक्री के लिए ओटीपी आधारित सिंगल पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। किसान मोबाइल पर एसएमएस से मिले ओटीपी को भरकर पंजीकरण करा सकते हैं। वहीं किसानों को भुगतान सीधे आधार लिंक्ड बैंक खाते में किया जाएगा। बिचौलियों को रोकने व पारदर्शिता बरतते हुए क्रय केंद्रों पर धान की खरीद ई-पॉप (इलेक्ट्रॉनिक प्वॉइंट ऑफ परचेज) डिवाइस के माध्यम से पहले की भांति किसानों के बायोमीट्रिक सत्यापन के जरिए ही होगी। 

चुनाव आयोग अलर्ट मोड में, चीफ इलेक्शन कमिश्नर करेंगे ग्राउंड रिपोर्ट की जांच

पटना   बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस किया है. इसी क्रम में आज मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे. यह बैठक सुबह 9:30 बजे से शुरू होकर शाम 3 बजे तक चलेगी. इसमें राज्य के सभी कमिश्नर, आईजी, डीआईजी, जिलाधिकारी और एसएसपी शामिल होंगे. दो सत्रों में आयोजित होगी बैठक बैठक दो सत्रों में आयोजित हो रही है. पहला सत्र सुबह 9:30 बजे से प्रारंभ हुआ जबकि दूसरा सत्र दोपहर 1:30 बजे से शुरू होगा. इस दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त राज्य में सुरक्षा बलों की जरूरत का आकलन करेंगे और संभावित संवेदनशील क्षेत्रों को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी. चुनावी दृष्टिकोण से यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि बिहार जैसे बड़े राज्य में शांति और निष्पक्षता के साथ मतदान सुनिश्चित करना चुनाव आयोग की प्राथमिकता है. 4 अक्टूबर को पटना का दौरा कर सकते हैं चीफ इलेक्शन कमिश्नर सूत्रों के अनुसार, मुख्य निर्वाचन आयुक्त आगामी 4 अक्टूबर को पटना का दौरा भी कर सकते हैं. इस दौरान वे सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे और उनकी चिंताओं और सुझावों पर चर्चा करेंगे. इसके अगले दिन यानी 5 अक्टूबर को वे बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, जिलाधिकारियों, आईजी और एसएसपी के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक करेंगे. इस बैठक में कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति, सुरक्षा बलों की तैनाती और संवेदनशील बूथों की पहचान जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. आज जारी होगी अंतिम वोटर लिस्ट बिहार में विधानसभा चुनाव की आहट तेज हो चुकी है. चुनाव आयोग मतदाता सूची से लेकर सुरक्षा इंतज़ाम तक हर स्तर पर सक्रिय है. आज मंगलवार को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन भी किया जाएगा और अब सुरक्षा पर गहन मंथन हो रहा है. विशेषज्ञ मानते हैं कि आयोग का यह कदम चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है. 

47 साल बाद सहारा का साम्राज्य संकट में, लखनऊ में प्रशासन की सख्ती से मचा हलचल

लखनऊ  लखनऊ में कभी शहर की पहचान रहा सहाराश्री सुब्रत रॉय का साम्राज्य अब ढहने की कगार पर है. सुब्रत रॉय के निधन के बाद सरकारी एजेंसियों ने समूह की संपत्तियों पर कार्रवाई तेज कर दी है. इसी कड़ी में अब नगर निगम सहारा शहर की 130 एकड़ जमीन को सील करने की तैयारी में है.  आपको बता दें कि लखनऊ में सहारा इंडिया का साम्राज्य अब अंत की तरफ बढ़ रहा है. सुब्रत रॉय के निधन के बाद सरकारी एजेंसियां सहारा समूह की संपत्तियों पर तेजी से कार्रवाई कर रही हैं. इसी क्रम में लखनऊ नगर निगम जल्द ही गोमती नगर में स्थित सहारा शहर की 130 एकड़ जमीन को सील करेगा.  नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि सहारा ने लाइसेंस डीड की शर्तों का उल्लंघन किया है, जिस कारण यह कार्रवाई की जा रही है. नगर निगम ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट भी दायर करने की तैयारी की है.  क्या है मामला? नगर निगम ने 1994-95 में मुलायम सिंह यादव सरकार के समय सहारा को 170 एकड़ जमीन लीज पर दी थी, जिसमें से 130 एकड़ जमीन लाइसेंस डीड के तहत आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं के लिए थी. लेकिन सहारा समूह ने नियमों का उल्लंघन करते हुए यहां लग्जरी बंगले, ऑडिटोरियम, स्टेडियम और हेलीपैड जैसी सुविधाएं बना लीं. नगर निगम ने सहारा के नोटिस का जवाब खारिज कर दिया है और अब कार्रवाई शुरू हो गई है.  कार्रवाई के दौरान क्या होगा? सीलिंग की कार्रवाई के दौरान सहारा शहर के सभी गेट सील कर दिए जाएंगे. फिलहाल परिसर में रह रहे कर्मचारियों, सुरक्षा गार्डों और केयरटेकर को बाहर निकाला जाएगा. केवल एक गेट आवाजाही के लिए खुला रहेगा, जिसे बाद में बंद कर दिया जाएगा. इसके बाद नगर निगम पूरे परिसर को अपने कब्जे में लेकर अपनी सुरक्षा तैनात करेगा. 

कृषि को मिलेगा संबल: रायपुर में सिंचाई परियोजनाओं के लिए 5.56 करोड़ की मंजूरी

कृषि को मिलेगा संबल: रायपुर में सिंचाई परियोजनाओं के लिए 5.56 करोड़ की मंजूरी रायपुर के किसानों को राहत, कंजी और लोकल नाला सिंचाई कार्यों पर खर्च होंगे 5.56 करोड़ रायपुर छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा जांजगीर-चांपा जिले की दो सिंचाई योजनाओं के कार्यों के लिए 5 करोड़ 56 लाख 99 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। विकासखण्ड जैजेपुर के अंतर्गत लोकल नाला पर जुनवानी स्टापडेम सह रपटा निर्माण कार्य के लिए दो करोड़ 7 लाख 32 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण हो जाने पर निस्तारी, भू-जल संवर्धन के साथ ही 50 हेक्टेयर क्षेत्र में कृषकों द्वारा स्वयं के साधन से सिंचाई की जा सकेगी। विकासखण्ड पामगढ़ के अंतर्गत कंजी नाला में भवतरा एनीकट कम काजवे का निर्माण कार्य हेतु 3 करोड़ 49 लाख 67 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना से निस्तारी भू-जल सवर्धन के साथ ही 35 हेक्टेयर खरीफ एवं 53 हेक्टेयर रबी कुल 88 हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों द्वारा स्वयं के साधन से सिंचाई किया जाना प्रस्तावित है। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से सिंचाई योजनाओं के कार्यों को पूर्ण कराना मुख्य अभियंता मिनीमाता (हसदेव) बांगो परियोजना जल संसाधन विभाग बिलासपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

मुख्यमंत्री साय रायपुर शहर के विभिन्न गरबा महोत्सव में हुए शामिल, मातारानी का दर्शन कर लिया आशीर्वाद

रायपुर : उत्साह, उमंग और सद्भावना बढ़ाने का पर्व है नवरात्रि : मुख्यमंत्री  साय मुख्यमंत्री  साय रायपुर शहर के विभिन्न गरबा महोत्सव में हुए शामिल, मातारानी का दर्शन कर लिया आशीर्वाद रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय नवरात्रि के पावन पर्व पर विगत रात्रि राजधानी रायपुर स्थित विभिन्न गरबा समारोहों में शामिल हुए। उन्होंने मातारानी का दर्शन कर प्रदेश की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर रायपुर शहर गरबा के रंग में सराबोर दिखाई दिया और हर तरफ़ उत्सव का उल्लास वातावरण में व्याप्त था। मुख्यमंत्री  साय भानपुरी स्थित  कच्छ कड़वा पाटीदार समाज, आशीर्वाद भवन में  गुजराती लोहाणा महाजन समाज द्वारा आयोजित "झणकारो 2025", इनडोर स्टेडियम में "रंगीलो रास 2025" तथा ओमाया पार्क में "रास गरबा उत्सव" में सम्मिलित हुए। इन आयोजनों में समाजजनों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक कच्छ पगड़ी पहनाकर और तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया। गरबा की धुनों और रंगारंग माहौल में मुख्यमंत्री की उपस्थिति ने जनसमूह में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया। प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की शुभकामनाएँ देते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नवरात्रि उत्साह, उमंग और सद्भावना बढ़ाने का पर्व है। यह पर्व सामाजिक समरसता को और मजबूत करता है तथा जन-जन में ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ में देवी को विभिन्न स्वरूपों में पूजा जाता है और मातृशक्ति के आशीर्वाद से प्रदेश निरंतर उन्नति के पथ पर अग्रसर है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी, धमतरी में मां अंगारमोती एवं बिलईमाता, सरगुजा और रतनपुर में मां महामाया, डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी जैसे अनेक स्वरूपों में माता प्रदेश में विराजमान हैं। इन सभी शक्तिपीठों का आध्यात्मिक महत्व न केवल प्रदेश की आस्था को मजबूत करता है बल्कि सांस्कृतिक धरोहर के रूप में भी छत्तीसगढ़ को विशिष्ट पहचान प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि नवरात्र के प्रथम दिन ही यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी ने जीएसटी रिफॉर्म लागू कर देश की आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान की है। यह सुधार न केवल व्यापार को सुगम बनाएगा बल्कि उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ भी देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ‘बचत उत्सव’ के माध्यम से आम नागरिकों की जेब में पैसों की उल्लेखनीय बचत हो रही है और यह अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार कर रही है। मुख्यमंत्री  साय ने लोगों से आह्वान किया कि जब भी बाजार जाएँ तो स्वदेशी वस्तुओं की खरीदी को प्राथमिकता दें। स्वदेशी से न केवल देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है बल्कि स्थानीय स्तर पर उत्पादन और स्वरोजगार के अवसर भी सृजित होते हैं। उन्होंने कहा कि स्वदेशी को अपनाना आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है और यही देश की समृद्धि का आधार बनेगा। इस अवसर पर रायपुर सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, विधायक  मोतीलाल साहू,  पुरंदर मिश्रा,  सुनील सोनी, आरंग विधायक  अनुज शर्मा, पूर्व विधायक  देवजी भाई पटेल, स्थानीय जनप्रतिनिधि, मंडल आयोग के अध्यक्ष सहित कच्छ कड़वा पाटीदार समाज और  गुजराती लोहाणा महाजन समाज के वरिष्ठजन एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

युवाओं के उग्र आंदोलन से हिली मेडागास्कर सरकार, बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी बड़ी वजह

अंतानानारिवो अफ्रीका के दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित द्वीपीय राष्ट्र मेडागास्कर में युवाओं के नेतृत्व में भड़के हिंसक विरोध प्रदर्शनों ने सरकार को भंग करने पर मजबूर कर दिया। बिजली और पानी की किल्लत से तंग आ चुके युवाओं ने पिछले हफ्ते शुरू हुए आंदोलन में राजधानी अंतानानारिवो के सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ खुला विद्रोह किया। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इन प्रदर्शनों में कम से कम 22 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। राष्ट्रपति एंड्री रजोएलिना ने सोमवार को टेलीविजन पर संबोधन में पूरी सरकार को भंग करने की घोषणा की और जनता से माफी मांगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह 2023 में रजोएलिना के फिर से चुने जाने के बाद उनकी सत्ता के लिए सबसे गंभीर चुनौती है और हाल के वर्षों में द्वीप राष्ट्र में देखी गई सबसे बड़ी अशांति है। प्रदर्शनों की शुरुआत और हिंसा का दौर विरोध प्रदर्शन पिछले हफ्ते शुरू हुए और सोमवार, 29 सितंबर को चरम पर पहुंच गए। राजधानी अंतानानारिवो के मुख्य विश्वविद्यालय में सैकड़ों युवा इकट्ठा हुए, जहां उन्होंने प्लेकार्ड थामे राष्ट्रीय गान गाया और शहर के केंद्र की ओर मार्च करने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने नेपाल के हालिया आंदोलनों से प्रेरित होकर वहां के झंडे का इस्तेमाल किया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स पर एकजुट हुए ये युवा मुख्य रूप से बेरोजगारी, आर्थिक संकट और दैनिक जीवन की बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे थे। हालांकि, मार्च के दौरान पुलिस ने आंसू गैस और रबर की गोलियां चलाकर भीड़ को तितर-बितर कर दिया। इससे स्थिति और बिगड़ गई। राजधानी में लूटपाट की घटनाएं बढ़ गईं, जिसमें सुपरमार्केट, उपकरण की दुकानें, बैंक और राजनेताओं के घरों को निशाना बनाया गया। अंतानानारिवो की आबादी 14 लाख है, लेकिन इन दंगों ने पूरे शहर को अराजकता की चपेट में ला दिया। पिछले हफ्ते से ही शाम ढलते ही सुबह तक कर्फ्यू लगा हुआ है, जिसे सुरक्षा बल सख्ती से लागू कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय ने मृतकों की संख्या 22 बताई है, जिसमें प्रदर्शनकारी, राहगीर और लूटपाट के दौरान मारे गए लोग शामिल हैं। घायलों की संख्या 100 से अधिक है। हालांकि, मेडागास्कर के विदेश मंत्रालय ने इन आंकड़ों को खारिज करते हुए कहा कि ये "अफवाहों या गलत सूचनाओं" पर आधारित हैं। मौतों में कुछ गुटों द्वारा की गई हिंसा भी शामिल है, जो प्रदर्शनों से अलग थीं। बिजली-पानी की कमी: आंदोलन की जड़ प्रदर्शनकारियों का मुख्य गुस्सा बिजली की बार-बार होने वाली कटौती और पानी की भारी कमी पर केंद्रित था। मेडागास्कर अफ्रीका के सबसे गरीब देशों में से एक है। यह लंबे समय से आर्थिक संकट से जूझ रहा है। विश्व बैंक के अनुसार, 2022 में इसकी 3 करोड़ आबादी का लगभग 75 प्रतिशत गरीबी रेखा से नीचे जी रहा था। युवा बेरोजगारी और महंगाई ने हालात को और बदतर बना दिया है। प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति रजोएलिना की सरकार को इन बुनियादी सुविधाओं में सुधार न करने का दोषी ठहरा रहे थे। ये आंदोलन केन्या, नेपाल और मोरक्को के युवा-नेतृत्व वाले हालिया प्रदर्शनों से प्रेरित दिखे, जहां सोशल मीडिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नाकामी को "दैनिक जीवन पर हमला" करार दिया। राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया: सरकार भंग, माफी और संवाद का वादा राष्ट्रपति एंड्री रजोएलिना 2023 में फिर से चुने गए थे। उन्होंने इन घटनाओं को अपनी सत्ता के लिए सबसे बड़ा खतरा माना। सोमवार को टेलीविजन संबोधन में उन्होंने कहा, "हम मानते हैं और माफी मांगते हैं यदि सरकार के सदस्यों ने उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारियां पूरी नहीं कीं।" उन्होंने आगे कहा, "मैं गुस्से, उदासी और बिजली कटौती तथा पानी की आपूर्ति की समस्याओं से उत्पन्न कठिनाइयों को समझता हूं। मैंने पुकार सुनी, दर्द महसूस किया, दैनिक जीवन पर प्रभाव को समझा।" रजोएलिना ने सरकार को तत्काल भंग करने की घोषणा की और लूटपाट से प्रभावित व्यवसायों को सहायता देने का वादा किया। उन्होंने युवाओं से संवाद खोलने की इच्छा जताई, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। यह कदम मेडागास्कर में वर्षों बाद सबसे बड़ा राजनीतिक उथल-पुथल का संकेत देता है। मेडागास्कर की राजनीतिक पृष्ठभूमि मेडागास्कर लंबे समय से राजनीतिक अस्थिरता से ग्रस्त रहा है। 2009 में रजोएलिना खुद एक तख्तापलट के जरिए सत्ता में आए थे, लेकिन 2023 के चुनावों में वे फिर जीते। देश की अर्थव्यवस्था कृषि और खनन पर निर्भर है, लेकिन जलवायु परिवर्तन, चक्रवात और वैश्विक महामारी ने इसे बुरी तरह प्रभावित किया है। युवा आबादी, जो कुल जनसंख्या का बड़ा हिस्सा है, वह बदलाव की मांग कर रही है, लेकिन सरकार की नीतियां अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरीं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त राष्ट्र ने हिंसा की निंदा की है, लेकिन कोई विशेष प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ा सकती है, यदि मूल समस्याओं का समाधान न हो।

नवरात्रि ऐप पर डर्टी चैट और प्लानिंग का खुलासा, विवा कॉलेज के गरबा ग्रुप में सामने आई गंभीर बात

विरार  देश में इस समय नवरात्री की धूम है. हर तरफ पूजा पाठ से लेकर गरबा तक कई रांगा-रंग कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. इसी बीच महाराष्ट्र के विरार इलाके से नवरात्रि के पावन मौके पर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यहां न्यू विवा कॉलेज में डांडिया के दौरान कुछ छात्रों ने लड़कियों का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया ऐप डिस्कॉर्ड पर डाला और उन पर अश्लील कमेंट भी किए. यह मामला सामने आने पर कार्यक्रम आयोजकों ने तुरंत इसकी शिकायत पुलिस को दी, जिसके बाद FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. लड़कियों के वीडियो डाल किए गंदे कमेंट्स पुलिस FIR के मुताबिक, न्यू विवा कॉलेज में पिछले 20 सालों से नवरात्रि पर गरबा का आयोजन होता है. इसमें कॉलेज के छात्र, पूर्व छात्र और इलाके के लोग शामिल होते हैं. इस बार भी 22 सितंबर से 26 सितंबर तक गरबा का कार्यक्रम चला. इसी दौरान कॉलेज के एक छात्र ने डांडिया खेलती लड़कियों का वीडियो बनाया और उसे डिस्कॉर्ड पर पोस्ट कर दिया. न सिर्फ इतना, बल्कि उसने और एक अन्य युवक ने इन वीडियो पर अश्लील भाषा में कमेंट भी किए. कैसे लगा आरोपी का पता? दरअसल, 26 सितंबर की शाम को कॉलेज में डांडिया का कार्यक्रम चल ही रहा था कि एक अज्ञात व्यक्ति कॉलेज प्रशासन के पास पहुंचा और बताया कि एक छात्र ने लड़कियों का वीडियो डालकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक बातें लिखी हैं. इसके बाद कॉलेज ने जब अन्य छात्रों से पूछताछ की, तो पता चला कि वीडियो शाहिद नाम के छात्र ने अपने मोबाइल और व्हाट्सएप नंबर (9765383955) से डिस्कॉर्ड पर डाला है. वहीं, फैज नाम के एक और अकाउंट से उन पर गंदे कमेंट्स किए गए हैं. पुलिस की कार्रवाई इस घटना की शिकायत मिलते ही विरार पुलिस ने शाहिद और फैज नामक अकाउंट होल्डर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने इस हरकत से समाज और लड़कियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है. फिलहाल जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन अकाउंट्स को कौन-कौन चला रहा था और वीडियो कैसे शेयर किए गए.

गठबंधन की सियासत में कांग्रेस की चाल बदलती, विवादित बिल पर अचानक बदला रुख

नई दिल्ली बिहार चुनाव से पहले विपक्षी एकता बनाने की कोशिश और इंडिया गठबंधन की एकजुटता का संदेश देने की कोशिशों के तहत मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने अपने पुराने रुख में बदलाव किया है। इसी कड़ी में कांग्रेस ने इंडिया गठबंधन के अंदर सभी साथी दलों के बीच आम सहमति बनाने की कोशिश में पीएम-सीएम को हटाने संबंधी 130वें संविधान संसशोधन बिल समेत कुल तीन विधेयकों पर बनी संयुक्त संसदीय समिति का बहिषाकार करने का फैसला किया है। यह वही बिल है, जिसमें प्रावधान किया गया है कि 30 दिनों की जेल की सज़ा काट रहे प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को स्वतः बर्खास्त कर दिया जाएगा। हालाँकि, कांग्रेस का यह फैसला तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आप और शिवसेना द्वारा जेपीसी के बहिष्कार की घोषणा के बाद आया है। दरअसल, कांग्रेस भ्रष्टाचार का ठप्पा लगाए जाने के डर से अब तक जेपीसी से बाहर रहने के फैसले से हिचकिचा रही थी। कांग्रेस के अलावा दूसरे प्रमुख विपक्षी दलों यानी डीएमके, एनसीपी और वाम दलों की भी JPC में भागीदारी भी संदिग्ध है। इससे इस बात की संभावना प्रबल हो गई है कि अब पूरा विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट हो गया है और जेपीसी का बहिष्कार करने जा रहा है। बता दें कि संसद के मॉनसून सत्र के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इन विधेयकों को संसद में पेश किया था, जिसे बाद में सदन ने संयुक्त संसदीय समिति को जांच के लिए भेज दिया था। कांग्रेस का क्या तर्क था? कांग्रेस सूत्रों के हवाले से TOI की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पार्टी ने जेपीसी से दूर रहने का औपचारिक फैसला ले लिया है और जल्द ही लोकसभा अध्यक्ष को इस बारे में सूचित किया जाएगा। पहले कांग्रेस इस तर्क के साथ जेपीसी में शामिल होने को तैयार हुई थी कि सरकार को इस समिति में मनमानी करने की पूरी छूट नहीं दी जा सकती लेकिन इस विचार पर विपक्षी एकता भारी पड़ी और अब कांग्रेस ने उन चारों दलों का साथ देने का फैसला किया, जो पहले ही दिन से JPC का बहिष्कार कर रहे थे। केसी वेणुगोपाल ने दिए थे संकेत कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी इससे पहले इस बात के संकेत दिए थे कि कांग्रेस इंडिया गठबंधन के साथी दलों के बीच इस मुद्दे पर आम सहमति बनाने की कोशिश करेगी और मिलकर ही सामूहिक फैसला लेगी। बता दें कि जब 30 अगस्त को लोकसभा में यह बिल पेश किया गया था, तब विपक्षी दलों ने सदन में खूब हंगामा मचाया था। बड़ी बात यह भी है कि तीनों विधेयकों को जेपीसी को सौंपे जाने के फैसले की घोषणा के लगभग एक महीने बाद भी लोकसभा अध्यक्ष जेपीसी की घोषणा नहीं कर पाए हैं।

हरियाणा राजनीति में हलचल: हुड्डा को मिली CLP लीडर की जिम्मेदारी, BJP बोली- ‘यह तो पहले से तय था’

झज्जर  हरियाणा की राजनीति में जारी सियासी खींचतान के बीच भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओपी धनखड़ ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को कांग्रेस विधायक दल का आधिकारिक नेता बनाए जाने पर चुटकी लेते हुए कहा कि ‘पहले वे अघोषित नेता थे, अब घोषित हो गए हैं।’ धनखड़ ने कहा कि कांग्रेस का यही ढंग है] जिसे पहले से पर्दे के पीछे ताकत दी जाती है, उसी को बाद में मंच पर बिठा दिया जाता है। धनखड़ ने कहा कि कांग्रेस बार-बार नेतृत्व संकट से जूझ रही है। राव नरेंद्र सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाने और हुड्डा को सीएलपी लीडर घोषित करने के बावजूद पार्टी में असंतोष कम नहीं होगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘देखते हैं, कांग्रेस भविष्य में कितना अच्छा कर पाती है।’ इनेलो पर भी साधा निशाना इनेलो द्वारा साल 2029 में हरियाणा में सरकार बनाने का दावा करने पर धनखड़ ने व्यंग्य किया कि यह ‘हवाई घोषणा’ है। उन्होंने कहा कि जनता भाजपा की नीतियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा करती है। इसलिए आने वाले कई वर्षों तक प्रदेश में भाजपा की ही सरकार बनेगी। सेवा पखवाड़ा और ‘बचत पर्व’ का जिक्र धनखड़ बाढ़सा कैंसर इंस्टीट्यूट में भाजपा द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर का उद्घाटन करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस से शुरू हुआ सेवा पखवाड़ा अब प्रदेश में एक उत्सव का रूप ले चुका है। रक्तदान, स्वास्थ्य जांच, स्वच्छता अभियान, पौधारोपण और खेल प्रतियोगिताओं जैसे कार्यक्रम समाज को नयी दिशा दे रहे हैं। जीएसटी दरों में हालिया कटौती पर धनखड़ ने कहा कि बाजारों में उत्साह है और लोग इसे ‘बचत पर्व’ मानकर खरीददारी कर रहे हैं। इसे प्रधानमंत्री की दूरदर्शी आर्थिक नीति का नतीजा बताया।