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भाजपा ने मंडी में खोला नया पार्टी कार्यालय, लेह हिंसा पर बोले जयराम ठाकुर

मंडी, हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले मे भारतीय जनता पार्टी के नए जिला कार्यालय का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर मौजूद रहे। नए पार्टी कार्यालय के शुभारंभ उन्होंने मीडियाकर्मियों ने कहा कि भाजपा संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने के लिए हर जिले में अपना कार्यालय स्थापित कर रही है। मंडी में यह अस्थाई कार्यालय है और स्थायी भवन के लिए जमीन तलाशी जा रही है। जल्द ही इसका निर्माण भी किया जाएगा। पार्टी के नए कार्यालय के शुभारंभ की तस्वीरें शेयर करते हुए जयराम ठाकुर ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “आज मंडी में प्रदेश संगठन महामंत्री श्री सिद्धार्थन जी के साथ जिला भाजपा कार्यालय का शुभारंभ किया। यह नया कार्यालय क्षेत्र में संगठन की मजबूती के साथ-साथ जनसेवा, विकास और सुशासन के हमारे संकल्प को और गति देने का केंद्र बनेगा। उपस्थित सभी विधायकगण, पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।” कार्यालय का शुभारंभ करने के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान जयराम ठाकुर ने लेह में हुई हिंसक घटनाओं की कड़ी निंदा की। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। जयराम ठाकुर ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन हिंसा का कोई स्थान नहीं। जो लोग ऐसी घटनाओं को अंजाम देते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। केंद्र सरकार इस मामले पर पूरी तरह नजर बनाए हुए है और जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं,, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि वोट चोरी कर सत्ता चलाने वाली कांग्रेस आज भाजपा पर ही आरोप लगाने का काम कर रही है। राहुल गांधी की देश में कोई स्वीकार्यता नहीं है, उनकी बातों को कोई गंभीरता से नहीं लेता। उनके आरोपों का कोई महत्व नहीं रह जाता और देश इस सच्चाई को देख रहा है। भाजपा के इस कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा संगठन मंत्री सिद्धार्थन, मंडी सदर के विधायक अनिल शर्मा, बल्ह के विधायक इंद्र सिंह गांधी, प्रदेश महामंत्री पायल वैद्य और मंडी जिला भाजपा अध्यक्ष निहाल चंद शर्मा समेत पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।  

ब्रह्माकुमारी प्रतिनिधि मण्डल ने मुख्यमंत्री साय से की मुलाकात, वैश्विक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए दिया निमंत्रण

मुख्यमंत्री साय को वैश्विक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए दिया निमंत्रण रायपुर,  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री  निवास कार्यालय में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के प्रतिनिधि मण्डल ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर रायपुर की संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने मुख्यमंत्री  साय को आगामी 10 से 13 अक्टूबर तक माउण्ट आबू में आयोजित होने वाले वैश्विक शिखर महासम्मेलन में सम्मिलित होने हेतु आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री  साय ने प्रतिनिधि मण्डल को इस आयोजन के लिए शुभकामनाएँ दीं तथा आमंत्रण के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा शांति, आध्यात्मिकता और मानवता के कल्याण के लिए किए जा रहे कार्य अनुकरणीय हैं। भेंट के दौरान सविता दीदी ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के आगामी रायपुर प्रवास के दौरान नवा रायपुर, सेक्टर-20 स्थित शान्ति शिखर के नये भवन "एकेडमी फार ए पीसफुल वर्ल्ड- शान्ति शिखर" के लोकार्पण कार्यक्रम की जानकारी भी मुख्यमंत्री को दी। प्रतिनिधि मण्डल में ब्रह्माकुमारी सविता दीदी के साथ बीके रश्मि दीदी, बीके महेश डोडवानी और बीके हीरेन्द्र नायक भी उपस्थित रहे।  

भाजपा को लाडो लक्ष्मी योजना से मिलेगी बढ़त? हरियाणा में बेटियों को मिलेंगे सबसे ज्यादा रुपये

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने लाडो लक्ष्मी योजना की शुरुआत कर देश की राजनीति में नया अध्याय लिख दिया है। यह योजना न सिर्फ हरियाणा सरकार के लिए गेम चेंजर साबित होगी बल्कि भाजपा बिहार, पश्चिम बंगाल, पंजाब और यूपी के विधानसभा चुनाव में भी इस योजना को भुनाने की कोशिश करेगी। इस योजना की सबसे बड़ी यूएसपी यही है कि जो राशि पात्र महिलाओं व लाभार्थियों को दी जा रही है, वह देश में सबसे ज्यादा है। पूरे देश में इस समय आठ योजनाएं चल रही हैं जिनके माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए उनके बैंक खाते में हर माह वित्तीय मदद दी जाती है। राज्य सरकार की लाडो लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये दिए जाएंगे। बाकी किसी योजना में इतने पैसे नहीं मिलते हैं। मध्य प्रदेश में 1250 रुपये, ओडिशा में 800 रुपये, महाराष्ट्र में 1500 रुपये, पश्चिम बंगाल में 1200 रुपये, झारखंड में 1000 रुपये, कर्नाटक में दो हजार रुपये, तेलगांना में दो हजार रुपये और हिमाचल प्रदेश में 11 सौ रुपये दिए जा रहे हैं। दिल्ली और पंजाब में भी योजना प्रस्तावित हैं, जहां एक-एक हजार रुपये दिए जाने हैं। भाजपा सरकार अब यही भुनाने की कोशिश करेगी कि उसने जो वादा किया था, उसे वह समय पर पूरा कर रही है। हालांकि विपक्ष सवाल उठा रहा है कि पहले सभी महिलाओं को वित्तीय मदद देने की घोषणा की गई थी, मगर अब सिर्फ कुछ ही महिलाओं को दी जा रही है। विपक्ष को जवाब देते हुए सीएम ने कहा- अभी तो सरकार को एक साल पूरा नहीं हुआ है। इस योजना को चार चरणों में पूरा जाना है। बाकी तीन चरणों की घोषणा भी बहुत जल्द किया जाएगा। सबसे ज्यादा हरियाणा में महिलाओं को दिए जाएंगे पैसे प्रदेश                       योजना        लाभ (राशि) मध्यप्रदेश             लाडली बहना      1250 ओडिशा               सुभद्रा                800 महाराष्ट्र         माझी लाडकी बहीण   1500 पश्चिम बंगाल     लक्ष्मी भंडार    1200 झारखंड          मैया सम्मान       1000 कर्नाटक       गृह लक्ष्मी योजना    2000 तेलगांना       गृह लक्ष्मी योजना    2000 योजना को लेकर महिलाओं में था गजब उत्साह लाडो लक्ष्मी योजना के लॉचिंग के मौके पर ताऊ देवी लाल स्टेडियम महिलाओं से पूरा खचाखच भरा हुआ था। योजना को लेकर महिलाओं के चेहरे पर एक अलग ही खुशी देखने को मिल रही थी। महिलाओं को इस बात का अहसास था कि जब उनके खाते में रुपये आएंगे तो वे उन रुपयों से अपनी ख्वाहिशों को पूरा कर पाएंगी। अंबाला से पहुंची पल्लवी ने बताया, ये पैसे उनकी जिंदगी के लिए काफी अहम रखते हैं। उनके पति एक दुकान में नौकरी करते हैं। उन पैसों से जैसे-तैसे खर्चा चल रहा है। इससे उन्हें काफी बल मिल पाएगा। वहीं, पंचकूला की सखी ने बताया, सरकार से मिलने वाली यह मदद उनके परिवार के लिए काफी मायने रखती हैं। इस महंगाई के दौर में ये पैसे उनके बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में मदद करेगी। अब प्रतियोगी परीक्षाओं की कर पाउंगी तैयारी : पुष्पेंद्र रायपुररानी की पुष्पेंद्र ने बताया, उसे इस योजना का बेसब्री से इंतजार था। इस योजना से आने वाले रुपयों से मैं अब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर पाउंगी। मेरा सपना सरकारी नौकरी करने का है। इस वित्तीय मदद से मैं अब सीईटी की कोचिंग की तैयारी कर पाउंगी। मेरे मम्मी पापा नहीं है, इस योजना से मिलेगा सहारा : रजनी मंच से लाडो लक्ष्मी योजना में आवेदन करने वाली रजनी ने बताया, उसके मम्मी-पापा नहीं है। राज्य सरकार की इस योजना से मुझे काफी लाभ मिलेगा। इन रुपयों की मदद से मेरी आगे की पढ़ाई सुचारू रूप से जारी रह सकेगी। मैं नर्सरी टीचर बनना चाहती हूं। पैसे होंगे तो कुछ कर पाउंगी : कामना रायपुररानी की कामना ने बताया, वह अभी ग्रेजुएशन कर रही हैं। ग्रेजुएशन के बाद कुछ सोचा नहीं है। इतने पैसे नहीं हैं कि कोई तैयारी कर पाउं। अब यदि पैसे आते हैं तो मैं कुछ आगे सोच पाउंगी। मेरे पास प्रशासन की ओर से कॉल आई थी कि आपको इस योजना में आवेदन कर सकती हैं। यह सुनते ही मैं खुश हो गई थी।

सुप्रीम कोर्ट का दिवाली से पहले अहम फैसला, दिल्ली-NCR में चल सकेंगे ग्रीन पटाखे

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली से पहले पटाखों को लेकर शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने दिल्ली-एनसीआर में उन निर्माताओं को ग्रीन पटाखे बनाने की इजाजत दे दी, जिनके पास नेशनल एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (NEERI) और पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (PESO) से प्रमाणित सर्टिफिकेट हैं। हालांकि, कोर्ट ने यह शर्त रखी है कि ये निर्माता दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में अगले आदेश तक किसी भी प्रकार के पटाखों की बिक्री नहीं कर सकेंगे। निर्माताओं को यह सुनिश्चित करने के लिए हलफनामा देना होगा कि वे दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री नहीं करेंगे। यह फैसला वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के मकसद से लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह हितधारकों के साथ मिलकर दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री और भंडारण पर प्रतिबंध से संबंधित समाधान तैयार करे और इसे 8 अक्टूबर तक कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करे। इससे पहले, एससी ने दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर प्रतिबंध को चुनिंदा तरीके से लागू करने पर सवाल उठाया था। इसने कहा था कि अगर स्वच्छ हवा राष्ट्रीय राजधानी के कुलीन निवासियों का अधिकार है, तो यह पूरे देश के नागरिकों को भी मिलना चाहिए। चीफ जस्टिस बीआर गवई और जज विनोद चंद्रन की पीठ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पटाखों के विनियमन से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। कोर्ट का तर्क और संतुलन सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि बिहार में खनन पर प्रतिबंध लगाने से अवैध माफिया पैदा हो गए। ऐसे में दिल्ली-NCR में भी पटाखों पर पूर्ण पाबंदी से अवैध बाजार बढ़ रहा है। कोर्ट का कहना है कि इस मसले पर संतुलित दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है। बिक्री पर अभी भी संशय हालांकि राहत सिर्फ निर्माण तक सीमित है। कोर्ट ने अभी साफ नहीं किया है कि दिल्ली-NCR में पटाखों की बिक्री और दागने की इजाजत होगी या नहीं। इस पर अंतिम फैसला 8 अक्टूबर की सुनवाई में हो सकता है। केंद्र सरकार को आदेश सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि सभी हितधारकों के साथ मिलकर पटाखों पर प्रतिबंध लागू करने की स्पष्ट नीति बनाई जाए। कोर्ट ने माना कि अब तक दिल्ली-NCR में पूरी तरह बैन लागू नहीं हो सका है। अब सभी की निगाहें 8 अक्टूबर पर दिल्ली-NCR की जनता में उत्सुकता है कि क्या दिवाली पर सालों बाद पटाखों की आवाज गूंजेगी। अब देखना होगा कि 8 अक्टूबर की सुनवाई में कोर्ट बिक्री और आतिशबाज़ी पर क्या फैसला सुनाता है। इससे कई सवाल खड़े हुए हैं कि क्या यह कदम प्रदूषण संकट को और बढ़ाएगा या फिर “ग्रीन पटाखे” सच में समाधान साबित होंगे। पटाखा बनाने वालों को देना होगा लिखित वचन बता दें कि पटाखा निर्माताओं को यह भी लिखित वचन देना होगा कि वे दिल्ली-एनसीआर में कोई पटाखा नहीं बेचेंगे। यह आदेश इसलिए दिया गया है क्योंकि इस क्षेत्र में दिवाली के समय प्रदूषण का स्तर बहुत बढ़ जाता है। इस मामले पर अगली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट यह तय करेगा कि आगे बिक्री पर क्या कदम उठाए जाएं। पूरे देश में नहीं लगा सकते रोक- बीआर गवई  बता दें कि, मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने साफ कहा कि वह पूरे देश में पटाखों की बिक्री और निर्माण पर पूरी तरह से रोक नहीं लगा सकता, क्योंकि केंद्र सरकार ने इस बारे में कोई राष्ट्रीय स्तर का प्रतिबंध प्रस्तावित नहीं किया है। राजधानी में 494 तक पहुंच गया था एक्यूआई शीर्ष अदालत का यह कदम दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए उठाया गया है। नवंबर 2024 में राजधानी का औसत एक्यूआई 494 तक पहुंच गया था, जिससे शहर घने स्मॉग की चादर में लिपट गया था और लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया था। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला दिवाली से ठीक पहले आया है, जब पटाखों की बिक्री और जलाने से प्रदूषण का स्तर और ज्यादा बढ़ सकता था। अब दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी।  क्या NCR के शहर ही साफ हवा के हकदार? चीफ जस्टिस ने कहा, ‘अगर एनसीआर के शहर स्वच्छ हवा के हकदार हैं, तो दूसरे शहरों के लोग क्यों नहीं? जो भी नीति होनी चाहिए, वह अखिल भारतीय स्तर पर होनी चाहिए। हम केवल इसलिए दिल्ली के लिए नीति नहीं बना सकते कि वे देश के कुलीन नागरिक हैं।’ उन्होंने कहा, ‘मैं पिछली सर्दियों में अमृतसर में था और वहां प्रदूषण दिल्ली से भी बदतर था। अगर पटाखों पर प्रतिबंध लगाना है, तो उन्हें पूरे देश में प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।’ सीनियर वकील अपराजिता सिंह ने कहा कि कुलीन वर्ग अपना ख्याल खुद रखता है। प्रदूषण होने पर वे दिल्ली से बाहर चले जाते हैं। पीठ ने केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग से इस मुद्दे पर विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त करने को कहा।

India A ने किया नामुमकिन को मुमकिन, 400+ रन चेज कर तोड़े सारे रिकॉर्ड – केएल राहुल चमके

लखनऊ  इंडिया ए टीम ने कमाल कर दिखाया। शुक्रवार को लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में ध्रुव जुरेल की कप्तानी वाली इंडिया ए टीम ने सबसे बड़ा लक्ष्य अपने इतिहास का हासिल किया है। पहली बार किसी इंडिया ए टीम ने 400 से ज्यादा रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत हासिल की है। ऑस्ट्रेलिया ए ने इंडिया ए के सामने 412 रनों का लक्ष्य रखा था, जिसे इंडिया ने केएल राहुल की कमाल की 176 रनों की पारी और साई सुदर्शन के दमदार शतक के दम पर हासिल कर इतिहास रच दिया। इस मुकाबले में इंडिया ए टीम के कप्तान ध्रुव जुरेल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। हालांकि, कप्तान का ये फैसला सही साबित नहीं हुआ था, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया ए के बल्लेबाज ने बोर्ड पर 420 रन लगा दिए थे। इसके बाद भारतीय टीम पहली पारी में बल्लेबाजी करने उतरी तो 194 रन बनाकर ढेर हो गई। इस तरह 226 रनों की बेसकीमती बढ़त ऑस्ट्रेलिया ए को पहली पारी के आधार पर मिल गई। इसके बाद भारतीय ए टीम के गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी की और 185 रनों पर मेहमान टीम को रोक दिया। बावजूद इसके इंडिया को 412 रनों का लक्ष्य मिला, क्योंकि पहली पारी के आधार पर बड़ी बढ़त ऑस्ट्रेलिया ए को मिल चुकी थी। उधर, इंडिया ए को 412 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए अच्छी शुरुआत मिली, क्योंकि एन जगदीशन और केएल राहुल ने पहले विकेट के लिए 176 रन जोड़े। 36 रन एन जगदीशन बनाकर आउट हुए। इसके बाद केएल राहुल रिटायर्ड हर्ट होकर पवेलियन लौटे, लेकिन शुरुआत अच्छी मिल चुकी थी और अर्धशतक केएल राहुल ने पूरा कर लिया था। दूसरे दिन केएल राहुल ने फिर से बल्लेबाजी की और 176 रन बनाकर नाबाद लौटे। वहीं, साई सुदर्शन ने दमदार 100 रन बनाए। देवदत्त पडिक्कल और मानव सुथर 5-5 रन बना सके, लेकिन कप्तान ध्रुव जुरेल ने 56 रनों की पारी खेली, जिससे भारत जीत के करीब पहुंचा। नितीश कुमार रेड्डी ने 16 रन बना और वे नाबाद लौटे। इस तरह भारत को 5 विकेट से जीत मिली।

गोविंदगढ़ किला पर दंपती के साथ दरिंदगी, दो आरोपी गिरफ्तार, रीवा में सनसनी

रीवा   रीवा जिले में करीब एक साल पहले न्यू कपल के साथ हुई दरिंदगी जैसी ही खौफनाक घटना फिर हुई. इस बार ये घटना गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र में हुई. यहां भी बदमाशों ने हैवानियत की हदें पार की. गोविंदगढ़ किला घूमने गए पति-पत्नि को बदमाशों ने पहले तो उनके साथ बेरहमी मारपीट की और फिर दोनों को खंभे से बांधकर बंधक बनाया. इसके बाद दोबारा लोहे के पाइप से पीटा. कपल के कपडे़ फाड़कर महिला के साथ अश्लील हरकतें की. कपल को लूटकर बंधा हुआ मौके से बदमाश फरार हो गए. गोविंदगढ़ किला घूमने गया था कपल ये भयावह घटना 24 सितंबर  शाम तकरीबन 5 बजे की है. गोविंदगढ़ निवासी कपल घूमने के लिए गोविंदगढ़ किला पहुंचे. इसी दौरान पति-पत्नि तालाब किनारे जाकर बैठ गए. अचानक दो बदमाश वहां आ धमके और बदसलूकी करने लगे. ये देखकर महिला के पति ने परिजनों को फोन करके सूचना दी. इसके बाद बदमाशों ने दंपती के मोबाइल फोन छीन लिए और फिर मारपीट शुरू कर दी. खंभे से बांधकर पीटा, पति-पत्नी के कपड़े फाड़े दोनों बदमाश यहीं नहीं रुके. पति-पत्नी को खंडहर में ले गए और बंधक बना लिया. दोनों को अलग-अलग खंभों से रस्सी से बांध दिया. बदमाशों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए दोबारा लोहे के पाइप से पति-पत्नी की जमकर पिटाई की और महिला के कपडे फाड़ दिए. उसके साथ ही अश्लील हरकतें भी की. बदमाश अपने मंसूबों मे कमयाब हो पाते, इससे पहले ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई. पुलिस के आने भनक लगते ही बदमाशों ने पति-पत्नी से पर्स और नगदी छीनी और जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए. बदमाशों के घेरते ही युवक ने परिजनों को किया कॉल चूंकि बदमाशों द्वारा घेरते ही महिला के पति ने परिजनों को फोन करके सारा वाकया बता दिया. इसके बाद जब अचानक पति-पत्नी के फोन बंद हुए तो परिजनों को बड़ी अनहोनी होने की आशंका हुई. परिजनों ने तत्काल घटना की सूचना पुलिस को दी. इस पर थाना प्रभारी अरविन्द राठौर पुलिस टीम के साथ गोविंदगढ़ किला पहुंचे. पुलिस ने पति-पत्नी को बंधन से मुक्त कराया. गंभीर रूप से घायल दंपती को अस्पताल में भर्ती कराया. इसके बाद पुलिस बदमाशो की तलाश मे जुट गई. घटना के 24 घंटे के अंदर दोनों बदमाश गिरफ्तार एसडीओपी उदित मिश्रा ने बताया "पति-पत्नी की शिकायत पर गोविंदगढ़ थाने मे मामला दर्ज किया गया. दंपती को के सथ दो बदमाशों ने मारपीट कर रस्सी के जरिए खंभे से बांधा. महिला के साथ छेड़खानी की गई है. अलग -अलग टीम गठित कर बदमाशों की तलाश शुरू की गई. घटना के अगले दिन गुरुवार को थाना क्षेत्र मे दबिश देते हुए कुछ संदेहियों को पकड़कर पुलिस की टीम ने पूछताछ की तो दो आरोपियों ने वारदात करना कबूल लिया." दंपती से लूटे गए मोबाइल, नगदी बरामद एसडीओपी उदित मिश्रा ने बताया "इस वारदात के दो आरोपी शिव कुमार मिश्रा और महेन्द्र कुमार लोनिया को गिरफ्तार किया गया है. इनके पास से लूटे हुए 3 मोबाइल फोन, पर्स, और नगदी बरामद की गई है. इसके आलावा लोहे वारदात मे मारपीट के लिए इस्तेमाल की गई लोहे की पाइप भी बरामद किए गए है. आरोपियों से पूछताछ की जा रही, जो भी तथ्य निकलेंगे उसके आधार पर आगे के कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ 309[6], 74 BNS 351 [3]के तहत अपराध दर्ज किया गया है." एक साल पहले गुढ़ थाना क्षेत्र में भी हुई थी दरिंदगी रीवा जिले के गुढ़ थाना क्षेत्र में 22 अक्टूबर 2024 में भी ऐसी ही दरिंदगी की वारदात सामने आई थी. सामूहिक दुष्कर्म के मामले ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया था. दरिंदों ने ऐसी घिनौनी वारदात की थी, जिसे सुनकर लोग अंदर तक कांप गए. इस वारदात के 6 माह बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आठों दरिंदों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. मामले के अनुसार पति और पत्नी एक-दूसरे की फोटो खींच रहे थे कि इसी दौरान समीप मे ही शराब पार्टी कर रहे बदमाशों की नजर दंपती पर पड़ी. शराब के नशे मे धुत दरिंदों ने पति-पत्नि के साथ मारपीट शुरू कर दी. पति का मोबाइल छीना और उसे बंधक बना लिया. इसके बाद पति के सामने ही नवविवाहिता से सामूहिक दुष्कर्म किया. 

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो : सीएम युवा कॉनक्लेव के दूसरे दिन उमड़ा उत्साह

ओसियान इंटरप्राइजेज के कॉरपोरेट गिफ्टिंग स्टॉल पर 125 से अधिक युवाओं ने गहरी रुचि दिखाई विभिन्न मशीनरी सप्लायर स्टॉल्स पर रही जबरदस्त भीड़ योगी सरकार की पहल से बढ़ा स्टार्टअप्स का मनोबल ग्रेटर नोएडा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS-2025) में आयोजित सीएम युवा कॉनक्लेव के दूसरे दिन युवाओं की भारी भीड़ देखी गई। हजारों छात्र-छात्राओं ने स्टॉल्स का भ्रमण कर नए बिजनेस आइडियाज और इनोवेटिव उद्यमों की जानकारी प्राप्त की। 2000 से अधिक बिजनेस इन्क्वायरी फिरोजाबाद, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, गौतमबुद्ध नगर, मैनपुरी और मथुरा से आए 700 से अधिक छात्रों समेत एनसीआर के करीब 1500 युवाओं ने प्रदर्शनी विजिट की। समस्त स्टॉल्स पर युवाओं द्वारा 2000 से अधिक बिजनेस इन्क्वायरी की गईं। खास तौर पर ओसियान इंटरप्राइजेज के कॉरपोरेट गिफ्टिंग स्टॉल पर 125 से अधिक युवाओं ने गहरी रुचि दिखाई। वहीं, क्यूटीएम, ग्रिप इंटरनेशनल, प्रॉस्पर ग्रुप और कोशिश सस्टेनेबल साल्यूशन्स के मशीनरी सप्लायर स्टॉल्स पर भी जबरदस्त भीड़ रही। स्टार्टअप्स और फूड ब्रांड्स का आकर्षण कॉनक्लेव के दौरान 20 से अधिक बी टू बी मीटिंग्स सम्पन्न हुईं। इसके साथ ही डॉ. गैराज, मिस्टर सैंडविच, धोबीलाइट, अर्द्धसैनिक कैंटीन और अमूल इंडिया जैसे स्टार्टअप्स व ब्रांड्स ने छात्रों को अपने बिजनेस मॉडल प्रस्तुत किए। विषय विशेषज्ञों ने भी उद्यमिता और स्टार्टअप स्थापना पर विस्तृत जानकारी देकर युवाओं का मार्गदर्शन किया। योगी सरकार की पहल से बढ़ा आत्मविश्वास सीएम युवा कॉनक्लेव ने स्पष्ट कर दिया कि योगी सरकार की नीतियां और UPITS-2025 जैसे प्लेटफॉर्म न केवल निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं बल्कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी प्रदान कर रहे हैं। यह आयोजन प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रहा है।  

जीएसटी बचत उत्सव: ट्रैक्टर खरीदी में किसानों को मिली बड़ी राहत : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जीएसटी बचत उत्सव के बीच औचक निरीक्षण पर देवपुरी स्थित ट्रैक्टर शोरूम पहुंचे। साय ने यहां किसानों से आत्मीय संवाद कर जीएसटी कटौती पर उनकी प्रतिक्रिया और खरीदी में हुई बचत की जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने शोरूम में ट्रैक्टर और हार्वेस्टर खरीदने आए किसानों को चाबी सौंपकर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने अभनपुर के बिरोदा निवासी रवि कुमार साहू को उनके नए हार्वेस्टर की चाबी सौंपी। इस अवसर पर खुशी व्यक्त करते हुए रवि साहू ने कहा, "मैने सपने में भी नहीं सोच था कि मैं नया हार्वेस्टर खरीदूंगा। मैं सेकेंड हैंड हार्वेस्टर खरीदने के बारे में सोच रहा था। जीएसटी उत्सव में नए हार्वेस्टर खरीद पर मुझे पूरे 2 लाख रुपए की बचत हुई है। किसानों की चिंता का समाधान हमारे संवेदनशील प्रधानमंत्री मोदी जी और किसानहितैषी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी ही कर सकते हैं। मुख्यमंत्री जी ने स्वयं मुझे मेरे नए हार्वेस्टर की चाबी सौंपी और मुझसे बेहद आत्मीयता से संवाद किया। मैंने उन्हें बताया कि मेरे पास दो एकड़ खेत है और अब हार्वेस्टर आने से मैं गांव में साझेदारी से और अधिक खेती कर पाऊंगा।” श्री रवि ने जीएसटी में कटौती के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया। मुख्यमंत्री  साय ने अभनपुर कोलर से आए वरिष्ठ किसान ज्ञानिक राम साहू को उनके नए ट्रैक्टर की चाबी सौंपी। मुख्यमंत्री से संवाद करते हुए साहू ने बताया कि जीएसटी में कटौती के बाद नए ट्रैक्टर की खरीदी पर उन्हें पूरे 60 हजार रुपए की बचत हुई है। उन्होंने कहा कि इस बचत से उनका परिवार त्योहार को और अच्छे से मना सकेगा। ट्रैक्टर शो रूम के प्रोप्राइटर अशोक अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से संवाद में बताया कि जीएसटी में कटौती के कारण बिक्री में इज़ाफ़ा हो रहा है और ग्राहकों का उत्साह बढ़ा है। उन्होंने कहा, “पहले जो ट्रैक्टर 10.25 लाख रुपए का आता था, वह अब 9.75 लाख रुपए में उपलब्ध है, जिससे किसानों को 50 हजार रुपए की बचत हो रही है। इसी तरह 7.62 लाख का ट्रैक्टर अब 7.21 लाख और 6.51 लाख का ट्रैक्टर अब 6.11 लाख रुपए में मिल रहा है। कीमतों में कटौती और फेस्टिवल डिस्काउंट से किसानों की बड़ी बचत हो रही है। जीएसटी दर घटने के बाद हार्वेस्टर भी सस्ते हो गए हैं।” जीएसटी कटौती से बाइक खरीदी में 7 हजार की बचत इसके बाद मुख्यमंत्री साय देवपुरी के बजाज बाइक शोरूम पहुंचे और यहां मौजूद ग्राहकों से जीएसटी कटौती पर आत्मीय चर्चा की। उन्होंने बाइक खरीदने आए संतोषी नगर निवासी श्री एम.डी. गुलाब को उनकी नई बाइक की चाबी सौंपी।  श्री गुलाब ने बताया कि जीएसटी में कटौती के बाद बाइक खरीदने पर उन्हें 7 हजार रुपए की बचत हुई है। उन्होंने कहा, “मैंने बजाज प्लेटिना 110 सीसी बाइक खरीदी है, जिसकी पहले कीमत 89,000 रुपए थी, जो अब मुझे 82,000 रुपए में मिली।” मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लागू जीएसटी 2.0 ने आम जनता, किसानों और उपभोक्ताओं को वास्तविक राहत दी है। ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और अन्य कृषि यंत्रों की कीमतों में आई कमी से किसानों को सीधा लाभ हो रहा है, जिससे उनकी खेती-किसानी और जीवनयापन और सुगम होगा। उन्होंने कहा कि इस जीएसटी बचत उत्सव से उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ कम हुआ है और त्यौहारी सीजन में परिवारों की खुशियाँ बढ़ी हैं।  यह सुधार न केवल आर्थिक गतिविधियों को गति दे रहा है बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में उत्साह और समृद्धि का नया वातावरण भी बना रहा है।

देश में शुरू हो रहा स्वदेशी 4G, पीएम मोदी करेंगे BSNL की नई सेवाओं का उद्घाटन

नई दिल्ली  बीएसएनएल के इतिहास का एक और खास दिन नजदीक आ रहा है। शनिवार को बीएसएनएल के 4G नेटवर्क की शुरुआत होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीएसएनएल की 4G स्‍टैक का शुभारंभ करेंगे, जो देशभर में 98 हजार साइटों पर रोलआउट होगा। बीएसएनएल 4जी इसलिए भी खास है, क्‍योंकि यह पूरी तरह से स्‍वदेशी तकनीक पर तैयार हुआ है। अब भारत दुनिया का पांचवां ऐसा देश बन जाएगा जो 4G से जुड़े सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर को खुद बना सकता है और सप्‍लाई कर सकता है। सर्विस के लॉन्‍च होते ही भारत के सभी टेलिकॉम ऑपरेटर 4G से लैस हो जाएंगे। जियो, एयरटेल, वीआई जैसी कंपनियां पहले से ही 4G और 5G नेटवर्क पर हैं। ज्‍योत‍िराद‍ित्‍य सिंधिया ने किया पोस्‍ट केंद्रीय मंत्री ज्‍योत‍िराद‍ित्‍य सिंधिया ने इस संबंध में एक पोस्‍ट किया है। उन्‍होंने ल‍िखा- भारत की दूरसंचार यात्रा में एक ऐतिहासिक छलांग। बीएसएनएल के 25 साल पूरे होने के अवसर पर शनिवार को प्रधानमंत्री दो ऐतिहासिक इन‍िशिएट‍िवप को अनवील करेंगे। उन्‍होंने लिखा है कि बीएसएनएल 4G स्टैक का का नेशनवाइड रोलआउट कल 98 हजार साइटों पर किया जाएगा। इसके अलावा देश में 4G नेटवर्क की शुरुआत की जाएगी। ज्‍योत‍िरादित्‍य सिं‍धिया ने लिखा है कि बीएसएनएल 4जी से देश का कोई कोना अछूता नहीं रहेगा। TCS ने इंटीग्रेट करवाया पूरा सिस्‍टम बीएसएनएल 4जी के रोलआउट में टाटा कंसल्‍टेंसी सर्विसेज का भी अहम रोल है। रिपोर्ट के अनुसार, 4जी के लिए कोर नेटवर्क को सी-डॉट यानी सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलिमैट‍िक्‍स ने तैयार किया है। रेड‍ियो एक्‍सेस नेटवर्क को तेजस नेटवर्क ने डेवलप किया है और पूरे सिस्‍टम को टीसीएस ने इंटीग्रेट किया है। 5G में हो सकेगा अपग्रेड प्राइवेट टेलिकॉम कंपनियों के मुकाबले में बीएसएनएल 4जी लॉन्‍च करने में भले पीछे रह गई हो, लेकिन 5जी में वह बराबर की टक्‍कर दे सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, बीएसएनएल के 4जी नेटवर्क को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इसे आसानी से 5जी में अपग्रेड किया जा सकेगा। बीएसएनएल इस साल के आखिर तक दिल्‍ली और मुंबई से अपनी 5जी सेवाएं शुरू कर सकती है। बीएसएनएल 4जी रोलआउट का फायदा उसके 9 करोड़ से ज्‍यादा वायरलैस सब्‍सक्राइबर्स को मिलने की उम्‍मीद है। कई यूजर्स जिन्‍होंने मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्‍ट‍िविटी की वजहों से बीएसएनएल का साथ छोड़ा, वह भी वापस लौट सकते हैं, क्‍योंकि सरकारी कंपनी के रिचार्ज प्‍लान, प्राइवेट कंपनियों से सस्‍ते हैं।

‘साड़ीज़ ऑफ़ इंडिया’ प्रदर्शनी, नई दिल्ली में बाग प्रिंट बना आकर्षण का केन्द्र

भोपाल दिल्ली क्राफ्ट्स काउंसिल द्वारा नई दिल्ली में प्रतिष्ठित ‘साड़ीज़ ऑफ़ इंडिया’ प्रदर्शनी में कला और परंपरा का अनोखा संगम देखने को मिला। इस भव्य प्रदर्शनी में देशभर के चुनिंदा और श्रेष्ठ शिल्पकारों को आमंत्रित किया गया है, जहाँ भारत की विविधता और समृद्ध हस्तकला परंपरा को एक ही छत के नीचे देखने का अवसर मिल रहा है। मध्यप्रदेश का बाग प्रिंट आयोजन का विशेष आकर्षण बना हुआ है। प्रदर्शनी 27 सितम्बर तक चलेगी। प्रदर्शनी के दूसरे दिन बॉलीवुड की प्रसिद्ध अभिनेत्री और सांसद सुश्री कंगना रनौत ने मध्यप्रदेश के बाग प्रिंट शिल्पकार श्री मोहम्मद आरिफ खत्री की कलाकृतियों की जमकर तारीफ़ की और विस्तार से बाग प्रिंट की तकनीक और प्राकृतिक रंगों के महत्व पर बातचीत की। श्री खत्री ने सुश्री रनौत को मध्यप्रदेश बाग प्रिंट कला के उद्गम स्थल बाग गांव आने का आमंत्रिण दिया। उन्होंने कहा कि हमारी पीढ़ियाँ इस धरोहर को संभालती आई हैं और आज भी यह गाँव कला की जीवंत पाठशाला है। प्रदर्शनी में उपस्थित जानी-मानी क्राफ्ट रिवाइवलिस्ट मंजीरी नेरोला, कामियानी जलन और दिल्ली क्राफ्ट्स काउंसिल की अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा राय ने भी बाग प्रिंट साड़ियों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि परंपरा और आधुनिकता का बाग प्रिंट सुंदर संगम हैं, जिनमें प्राकृतिक रंगों की चमक और हस्तकला की शान झलकती है। गौरतलब है कि श्री खत्री को उनके नवाचार और बाग प्रिंट को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए कई सम्मान प्राप्त हुए हैं। कला-प्रेमियों और दर्शकों के लिए यह प्रदर्शनी केवल साड़ियों का नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के विविध रंगों का उत्सव है।