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पंजाब में अफसरों और कर्मचारियों को CM Mann की दो टूक – लापरवाही नहीं चलेगी

चंडीगढ़/जालंधर  पिछले तीन वर्षों के दौरान किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करने का दावा करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछले वर्षों की तरह, इस वर्ष भी राज्य सरकार पंजाब में सुचारू और समयबद्ध खरीद का इतिहास दोहराएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी किसान को कोई समस्या आती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।  यहां एक बैठक के दौरान राज्य में चल रहे खरीद कार्यों की समीक्षा करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ओर राज्य सरकार धान की सुचारू और शीघ्र खरीद सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर किसानों को समय पर भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य के किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए मंडियों में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना चाहिए। धान की खरीद 15 सितंबर से शुरू है और 175 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद के लिए पहले ही व्यापक व्यवस्था की जा चुकी है। धान की सुचारू और निर्बाध खरीद की वकालत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाबी किसानों की कड़ी मेहनत से अर्जित फसल का दाना-दाना खरीदा जाएगा। उन्होंने राज्य की खरीद एजेंसियों को चालू सीजन में धान की खरीद के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए। पंजाब मंडी बोर्ड ने खरीफ खरीद सीजन 2025-26 में धान की खरीद के लिए 1822 रैगुलर खऱीद केंद्र नोटिफाई किए हैं। सभी नोटिफाइड मंडियों को खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग, पंजाब को आवंटित कर दिया गया है। उन्होंने किसानों से फसल को पूरी तरह से सुखाकर मंडियों में लाने की भी अपील की। धान की खरीद के लिए राज्य सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से पूरी खरीद प्रक्रिया की निगरानी करेंगे ताकि किसानों को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े। पंजाब में फसल खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए सरकार ने कई अनुकरणीय पहल की हैं। 

Chrome को टक्कर देने आया Comet ब्राउज़र, अरविंद श्रीनिवास ने किया भारतीय यूजर्स के लिए लॉन्च

नई दिल्ली Google Chrome वेब ब्राउजर को अब भारत में कड़ी टक्कर मिल सकती है. दरअसल Perplexity के CEO अरविंद श्रीनिवास ने ऐलान किया है कि अब भारतीय यूजर्स के लिए भी Perplexity Comet ब्राउजर एवेलेबल हो जाएगा. आपको बता दें कि पिछले कुछ महीने में कॉमेट ब्राउजर काफी सुर्खियां बटोर रहा है.  परप्लेक्सिटी के कॉमेट ब्राउजर की सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसमे कंपनी Agentic AI का सपोर्ट दिया है. इस ब्राउजर में इनबिल्ट असिस्टेंट दिया गया है जो आपके दिए गए कमांड के बेसिस पर खुद से टास्क परफॉर्म करता है. उदाहरण के तौर पर आप इस ब्राउजर में दिए गए असिस्टेंट को कमांड दे कर टिकट बुक करा सकते हैं.  एजेंटिक वेब ब्राउजर्स की सबसे बड़ी खासियत ये होती है कि ये आपके लिए खुद से आपके टैब्स को टेकओवर लेकर उसमें काम कर सकते हैं. आपको इसे सिर्फ कमांड देना है और ये खुद से वेबसाइट्स के साथ इंट्रैक्ट कर सकता है.  Perplexity Comet अब तक इन्वाइट बेस्ड ब्राउजर है यानी सभी को इसका ऐक्सेस नहीं मिला है. अब भारत में इसे विंडोज और मैक कंप्यूटर्स और लैपटॉप्स में यूज किया जा सकेगा. हालांकि एंड्रॉयड और आईफोन में कॉमेट ब्राउजर के लिए और इंतजार करना होगा, क्योंकि अभी सिर्फ साइन अप कर सकते हैं. जब एवेलेबल होगा तब ही आप इसे मोबाइल फोन में डाउनलोड कर सकेंगे.  Perplexity CEO अरविंद श्रीनिवास ने एक लिंक्डइन पोस्ट में कहा है कि भारत के सभी Perplexity Pro यूजर्स के लिए Comet ब्राउजर रोलआउट किया जा रहा है. यानी परप्लेक्सिटी के फ्री यूजर्स को कॉमेट ब्राउजर नहीं मिलेगा.  गौरतलब है कि अमेरिका में कंपनी ने सबसे पहले Perplexity AI ने कॉमेट ब्राउजर को इन्वाइट ऑनली जारी किया था. शुरुआत में इसे खूब सराहना मिली और लोगों ने भी खूब पसंद किया. क्योंकि ये यूजर्स को इफिशिएंट और फास्ट बना रहा है. कई यूजर्स ने इसे डिफॉल्ट भी बना लिया, लेकिन धीरे धीरे इसे लेकर लोग शिकायत कर रहे हैं.  Perplexity का कॉमेट ब्राउजर क्रोम की तरह ही ज्यादा एनर्जी कंज्यूम कर रहा है यानी आपके कंप्यूटर का ज्यादा सीपीयू इसी ब्राउजर के लिए यूज होगा. प्राइवेसी को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि Perplexity Comet का असिस्टेंट आपके ब्राउजर और टैब को पूरी तरह कंट्रोल में ले सकता है. इतना ही नहीं आगे ये भी प्लान है कि कंप्यूटर के नेटिव सेटिंग्स के साथ भी Perplexity का कॉमेट असिस्टेंट काम कर सकता है.  कैसे करें यूज? अगर आपके पास Perplexity Pro सब्सक्रिप्शन है तो आप कॉमेट ब्राउजर की वेबसाइट पर जा कर इसे डाउनलोड कर सकते हैं. लॉगइन करने के बाद आप इसे यूज कर सकते हैं.

एक हफ्ते धूप ही धूप, हिमाचल से मानसून अलविदा – 454 मौतों का दर्दनाक आंकड़ा

शिमला,  हिमाचल प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून जल्द ही विदा होने वाला है। मौसम विभाग ने बताया कि राज्य से मॉनसून की विदाई के लिए परिस्थितियाँ पूरी तरह अनुकूल हो गई हैं और अगले 24 घंटों में मानसून हिमाचल से विदा हो जाएगा। विभाग ने अनुमान जताया है कि राज्य भर में 30 सितम्बर तक मौसम पूरी तरह साफ रहेगा और लोगों को अगले एक हफ्ते तक गुनगुनी धूप का आनंद मिलेगा। बीते 24 घंटों के दौरान पूरे प्रदेश में कहीं भी बारिश नहीं हुई है और आज सुबह से ही धूप खिली हुई है। इस तरह सितंबर के अंत तक राज्य में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इधर, बीते दिनों हुई भारी बारिश से प्रभावित इलाकों में बंद पड़ी सड़कों को खोलने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार फिलहाल प्रदेश में 2 नेशनल हाइवे और 320 सड़कें अभी भी अवरुद्ध हैं। ऊना और कुल्लू जिले में एक-एक नेशनल हाइवे बंद है, जबकि मंडी में 105, कुल्लू में 100, कांगड़ा में 40 और शिमला में 21 सड़कें बंद पड़ी हैं। इसके अलावा 46 बिजली ट्रांसफार्मर और 69 पेयजल योजनाएं भी ठप पड़ी हैं, जिससे स्थानीय लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस मानसून सीजन ने हिमाचल को गहरे जख्म दिए हैं। राज्य आपदा प्रबंधन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार अब तक 454 लोगों की मौत हुई है और 50 लोग अब भी लापता हैं। मृतकों में सर्वाधिक 68 लोग चंबा जिले में मारे गए हैं, जबकि मंडी में 67, कांगड़ा में 57, कुल्लू में 49, शिमला में 48, सोलन में 32, किन्नौर में 30, ऊना में 29, बिलासपुर में 24, सिरमौर में 23, हमीरपुर में 17 और लाहौल-स्पीति में 10 लोगों की मौत दर्ज की गई है। लापता लोगों में 30 मंडी से हैं, जबकि चंबा से 5, सिरमौर से 4, शिमला और किन्नौर से 3-3, कुल्लू और कांगड़ा से 2-2 तथा लाहौल-स्पीति से एक व्यक्ति लापता है। इस दौरान 498 लोग घायल भी हुए हैं। प्राकृतिक आपदाओं ने न केवल इंसानों की जान ली बल्कि हजारों परिवारों को बेघर भी किया है। अब तक 1,736 मकान पूरी तरह जमींदोज हो चुके हैं जबकि 7,494 मकानों को आंशिक क्षति पहुँची है। इसके अलावा 496 दुकानें और 7,399 गौशालाएं भी ध्वस्त हुई हैं। पशुधन में 2,519 मवेशियों और 26 हजार से अधिक पोल्ट्री पक्षियों की मौत दर्ज की गई है। सरकार द्वारा किए गए प्रारंभिक आकलन के अनुसार इस मानसून सीजन में अब तक कुल 4,881 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। इनमें सबसे अधिक क्षति लोक निर्माण विभाग को हुई है, जहां सड़कों और पुलों को 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचा है। जलशक्ति विभाग को 1,476 करोड़ और ऊर्जा विभाग को 1,394 करोड़ रुपये की क्षति दर्ज की गई है। प्राकृतिक आपदाओं के रूप में इस मानसून ने 148 बार भूस्खलन, 98 बार फ्लैश फ्लड और 47 बार बादल फटने की घटनाएं दीं। लाहौल-स्पीति में सबसे ज्यादा 30 बार भूस्खलन हुआ, जबकि शिमला में 29 बार। फ्लैश फ्लड की सबसे अधिक 57 घटनाएं भी लाहौल-स्पीति में दर्ज की गईं। बादल फटने की घटनाएं मंडी जिले में सबसे ज्यादा 19 बार हुईं, जबकि कुल्लू में 12 और चंबा में 6 बार बादल फटे। गौरतलब है कि इस साल मानसून 20 जून को हिमाचल पहुँचा था और सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश से मानसून की सामान्य विदाई तिथि 25 सितम्बर मानी जाती है, लेकिन बीते दस वर्षों में केवल तीन बार ही यह सितम्बर में विदा हुआ है, जबकि सात बार अक्टूबर में विदाई हुई। वर्ष 2024 में मानसून 2 अक्टूबर, 2023 में 6 अक्टूबर और 2022 में 3 अक्टूबर को विदा हुआ था। इस बार इसके समय से पहले लौटने की संभावना है।    

एनएचएआई इंदौर बायपास पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर के कार्य शीघ्र करे पूर्ण: जल संसाधन मंत्री सिलावट

भोपाल. जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इंदौर बायपास पर निर्माणाधीन अर्जुन बरोदा, झलारिया और कनाडिया फ्लाई ओवर का कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए। साथ ही रोड चौड़ीकरण, सर्विस रोड दुरुस्ती और बंद लाइट चालू करने का कार्य भी प्राथमिकता के साथ किया जाए, जिससे यातायात सुचारू हो और ट्रैफिक जाम की समस्या समाप्त हो। मंत्री सिलावट ने बुधवार को मंत्रालय में एनएचएआई और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में एनएचएआई के रीजनल ऑफिसर एस.के. सिंह, एमपीआरडीसी के चीफ इंजीनियर राकेश जैन, प्रमुख अभियंता जल संसाधन विनोद कुमार देवड़ा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री सिलावट ने निर्देश दिए कि लक्षित कार्य तय समय-सीमा में पूर्ण किया जाना सुनिश्चित करें, जिससे जनता को परेशानियों का सामना न करना पड़े। मंत्री सिलावट ने इन कार्यों के लिए अधिकारियों की सहमति से समय-सीमा भी निर्धारित की। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित समय सीमा के अनुसार 15 जनवरी 2026 तक अर्जुन बरोदा का फ्लाई ओवर और 30 जनवरी 2026 तक झलारिया का फ्लाई ओवर पूर्ण होकर प्रारंभ हो जाएगा। इसी प्रकार 31 मार्च 2026 तक कनाडिया (एमआर 10) का फ्लाई ओवर, दीपावली के पहले फ्लाई ओवर के दोनों तरफ की सर्विस रोड की मरम्मत और डामरीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। आगामी 10 दिनों में पूरे मार्ग पर लाइट भी लगा दी जाएगी। मंत्री सिलावट ने निर्देश दिए कि इन मार्गों पर यातायात बाधित न हो इसके लिए एनएचएआई स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस के साथ समन्वय कर व्यवस्था सुनिश्चित करें।  

जीएसटी बचत उत्सव को लेकर जनभावनाओं से रूबरू होने “के मार्ट” पहुंचे मुख्यमंत्री

  मंथली बजट में आई कमी, कम कीमत में लिया ज्यादा सामान, जीएसटी कटौती नहीं यह "बचत क्रांति" है, मोदी जी ही ले सकते हैं ऐसा साहसिक निर्णय – लोगों ने मुख्यमंत्री को दी ऐसी प्रतिक्रिया जीएसटी दरों में हुए ऐतिहासिक सुधार से बाजारों में बढ़ी रौनक जीएसटी दरों में कमी से रोज़मर्रा के सामान हुए सस्ते प्राइस टैग में सूचित की जा रही है जीएसटी दरों में कमी के बाद नई कीमत रायपुर, राजधानी रायपुर के सरोना स्थित शुभम "के मार्ट" में रोजमर्रा की ज़रूरत का सामान खरीद रहे लोग उस समय सुखद आश्चर्य से भर उठे, जब उन्होंने देखा कि जीएसटी बचत का लाभ उन्हें मिल रहा है या नहीं, इसे देखने स्वयं प्रदेश के मुखिया पहुँचे हैं। दरअसल, जीएसटी बचत उत्सव को लेकर जनभावनाओं से रूबरू होने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय "शुभम के मार्ट" पहुंचे। उन्होंने खुद ग्राहक बनकर 1,645 रुपये के घरेलू सामान की शॉपिंग की और यूपीआई से भुगतान भी किया। इस दौरान उन्होंने खरीदारी कर रहे लोगों से बातचीत की और जीएसटी दरों में कटौती से घरेलू सामानों के मूल्य में आए फर्क के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मार्ट में ज़रूरत के सामान खरीदे और जीएसटी दरों में कमी का लाभ लिया। इस दौरान उन्होंने आत्मीयता से लोगों का हालचाल जाना। उन्होंने खरीदारी कर रही गृहिणियों से घरेलू बजट पर आए असर की जानकारी ली, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों से उनकी दिनचर्या के बारे में पूछताछ की। इस बीच उन्होंने रोजमर्रा का सामान खरीदते हुए अन्य ग्राहकों से आत्मीयतापूर्वक वार्तालाप किया। मुख्यमंत्री का यह आत्मीय व्यवहार देखकर मौजूद लोग गद्गद हो उठे और बोले कि प्रदेश का मुखिया आज हमारे बीच एक आम आदमी की तरह शामिल है। इस दौरान उन्होंने खरीददारों से चर्चा करते हुए जीएसटी सुधारों पर विचार सुने। लोगों ने बताया कि दवाइयों और राशन की कीमत घटने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री मुस्कुराते हुए बोले—“यही तो असली मकसद है कि सुधार की गूंज आम जनता तक पहुँचे।” इसके बाद उन्होंने खुद भी सामान खरीदा और नई कीमतें देखकर कहा—“यह सुधार केवल कागज पर नहीं, बल्कि हर परिवार की ज़िंदगी में दिखाई देने वाला परिवर्तन है।” मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी से स्वदेशी की मुहिम का साथ देने का आग्रह भी किया, जिस पर लोगों ने कहा—“आप आगे बढ़िए, हम आपके साथ हैं।” जीएसटी कटौती नहीं, यह "बचत क्रांति" है मुख्यमंत्री से चर्चा करते हुए खरीदारी कर रहे रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी श्री टी. पी. सिंह ने कहा कि आने वाले समय में जब इस दौर का इतिहास लिखा जाएगा, तब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए जीएसटी सुधार को ऐतिहासिक बजट क्रांति के रूप में दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा—“पहले हम जितने पैसों में 30 दिन का राशन लेते थे, अब उन्हीं पैसों से 40 दिन से अधिक का राशन ले पा रहे हैं। हमारे प्रधानमंत्री ही इतना बड़ा साहसिक निर्णय ले सकते थे, कोई और ऐसा नहीं कर पाता।” स्टेशनरी में 12 प्रतिशत था टैक्स, अब हो गया जीरो राजधानी रायपुर के अवंती विहार निवासी श्री लद्दाराम नैनवानी ने बताया कि जीएसटी सुधार का सकारात्मक प्रभाव शिक्षा से भी जुड़ा है। शुभम "के मार्ट" में मुख्यमंत्री को नोटबुक दिखाते हुए उन्होंने कहा—“पहले इस पर 12 प्रतिशत टैक्स लगता था, लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी जी ने इसे शून्य कर दिया है। इस ऐतिहासिक कदम से कॉपियाँ और आवश्यक स्टेशनरी सस्ती हो गई हैं। ऐसा निर्णय हमारे प्रधानमंत्री ही कर सकते हैं।” उन्होंने आगे बताया—“पहले मैं बच्चों के लिए सालाना लगभग 2,000 रुपये की स्टेशनरी लेता था और अब इसमें लगभग 240 रुपये की बचत हो रही है।” चार ज़रूरी सामान खरीदने आए, जीएसटी छूट से खरीदा 4 गुना अधिक सामान मार्ट में खरीदारी करने पहुंचे श्री मुरलीधर ने मुख्यमंत्री से बातचीत में बताया—“मैं आज केवल 4 ज़रूरी सामान खरीदने आया था, लेकिन जीएसटी दरों में कमी देखकर 4 गुना अधिक सामान खरीद लिया। जीएसटी में व्यापक सुधार से रोजमर्रा की सामग्रियाँ सस्ती हुई हैं और हमें सीधा लाभ मिल रहा है।” देवांगन दंपति ने बताया मंथली बजट में 10 प्रतिशत की कमी शुभम "के मार्ट" में खरीदारी करने पहुंचे चंगोराभाटा निवासी दंपति श्री जितेंद्र और श्रीमती पद्मा देवांगन ने कहा—“हमारे मासिक बजट में 10 प्रतिशत की कमी आई है।” गृहिणी श्रीमती पद्मा ने नए प्राइस टैग देखकर कहा—“पहले यही डिटर्जेंट और मसाले मैं ज्यादा कीमत में खरीदती थी। अब दरों में कटौती के बाद कम दाम देखकर सचमुच खुशी हो रही है। त्योहारी खरीदारी में काफी बचत हो रही है।” बजट से ज्यादा खरीदारी का मिला मौका श्रीमती सविता मौर्य और श्रीमती अनीता साकार नवरात्रि में आयोजित होने वाले कन्या भोज के लिए श्रृंगार सामग्री खरीदने आईं थीं। उन्होंने कहा—“श्रृंगार सामग्री के दाम पहले से कम हो गए हैं। जीएसटी दरों में कटौती ने हमें निर्धारित बजट से अधिक खरीदारी करने का अवसर दिया है। पहली बार लगता है कि त्योहारी सेल केवल विज्ञापन नहीं, बल्कि असल में राहत है।” उल्लेखनीय है कि जीएसटी दरों में हुए ऐतिहासिक सुधारों के बाद बाजारों में रौनक बढ़ी है और लोग लगातार खरीदारी कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में त्योहारी सीजन में लोगों को जीएसटी दरों में कटौती का बड़ा उपहार मिला है और इससे रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुएँ सस्ती हुई हैं।

बौद्धिक दिव्यांगजनों के विकास एवं पुनर्वास विषय पर हुआ तीन दिवसीय प्रशिक्षण

भोपाल. "बौद्धिक दिव्यांगजनों के विकास एवं पुनर्वास" विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान सीहोर में आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण 17 से 19 सितम्बर 2025 को आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर द एम्पावरमेंट ऑफ पर्सन्स विथ इंटेलेक्चुअल डिसएबिलिटीज (NIEPID), हैदराबाद तथा जय वकील फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बौद्धिक दिव्यांगजनों के सर्वांगीण विकास, पुनर्वास की नवीन तकनीकों, शिक्षा एवं पुनर्वास सेवाओं की सुलभता पर विस्तार से जानकारी दी गई। इसमें विभिन्न जिलों से आए शासकीय अशासकीय बौद्धिक दियांगजनों से सम्बंधित संस्थाओं के विशेष शिक्षकों, पुनर्वास पेशेवरों, सामाजिक कार्यकर्ता एवं अभिभावक शामिल हुए। कार्यक्रम के उद्घाटन-सत्र में वक्ताओं ने कहा कि बौद्धिक दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए परिवार, समाज एवं संस्थाओं की सामूहिक भूमिका अत्यंत आवश्यक है। प्रशिक्षण के दौरान व्यवहार सुधार, आत्मनिर्भरता, कौशल विकास तथा पुनर्वास संबंधी व्यावहारिक कार्यशालाओं का भी आयोजन किया गया। समापन-सत्र में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। प्रतिभागियों ने ऐसे प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि यह बौद्धिक दिव्यांगजनों की बेहतरी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मंत्री निर्मला भूरिया का बाल निकेतन का औचक निरीक्षण : बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए दिए सख्त निर्देश

भोपाल. महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने बुधवार को भोपाल के हमीदिया रोड स्थित बाल निकेतन का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां मौजूद बच्चों से बातचीत कर उनकी शिक्षा, भोजन, आवास और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मंत्री सुश्री भूरिया ने संयुक्त संचालक श्रीमती नकीजहां कुरैशी और बाल निकेतन अधीक्षक श्री हरिओम शर्मा को निर्देशित किया कि बच्चों के आवास, पोषण, शिक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर और गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि बच्चों की भावनात्मक और मानसिक आवश्यकताओं का भी विशेष ध्यान रखा जाए। मंत्री सुश्री भूरिया ने बाल निकेतन के नवनिर्मित भवन का निरीक्षण करते हुए रहने के कक्ष, इंडोर गेम्स हॉल, ऑडिटोरियम और अन्य व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली। इस अवसर पर बच्चों ने नृत्य और गायन प्रस्तुत कर अपने हुनर का प्रदर्शन किया, जिसे मंत्री सुश्री भूरिया ने सराहा। मंत्री से बच्चों ने अपने पसंदीदा पर्यटन स्थल पर भ्रमण की इच्छा भी जताई, जिसे सुनते ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि बाल निकेतन में अनाथ, निराश्रित और परित्यक्त बच्चों को बाल कल्याण समिति के माध्यम से प्रवेश देकर उन्हें आवास, भोजन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। यह संस्था समाज के कमजोर वर्ग के बच्चों के पुनर्वास और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित रहे।  

दिल्ली मेट्रो में वीडियो शूटिंग पर सख्त कार्रवाई, रील और डांस पर अब रोक

नई दिल्ली दिल्ली मेट्रो जो हमेशा अपनी साफ-सुथरी और समय पर चलने वाली ट्रेनों के लिए जानी जाती थी, अब सोशल मीडिया स्टार्स के लिए फेवरेट लोकेशन बन चुकी थी। ट्रेनों में शूटिंग, डांस या कोई भी कंटेंट बनाने के मामले अक्सर वायरल वीडियो के रूप में सामने आते रहते थे। लेकिन अब मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सख्त कदम उठाते हुए ट्रेनों में सोशल मीडिया शूटिंग पर पाबंदी लगा दी है। DMRC ने ऐलान किया है कि रील्स शूट करना, डांस करना या कोई भी सोशल मीडिया कंटेंट बनाना सख्त मना है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। मेट्रो में सुनाई देगा अलर्ट दिल्ली मेट्रो ने 14 सितंबर से नई मुहिम शुरू की है, जिसके तहत ट्रेनों में रील्स बनाना, डांस वीडियो बनाना या कोई भी सोशल मीडिया कंटेंट बनाना सख्ती से प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह मुहिम इस हफ्ते के अंत तक दिल्ली मेट्रो के हर कोने तक पहुंच जाएगी। यात्रियों को हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में सीधे-सीधे चेतावनी दी जाएगी कि यह गतिविधियाँ पूरी तरह से मनाही हैं।    DMRC के अधिकारियों का कहना है कि ये नई घोषणाएँ पुरानी चेतावनियों का हिस्सा हैं, जैसे फर्श पर बैठना या कोच में खाना खाने से मना करना। इन नियमों का उद्देश्य यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि मेट्रो सफर एक आरामदायक और व्यवस्थित अनुभव बने रहे। DMRC अधिकारियों का कहना है कि ये घोषणाएँ केवल चेतावनी नहीं हैं, बल्कि इसके पीछे कानून का डंडा भी है। भले ही मेट्रो रेलवे अधिनियम 2002 में रील बनाने का कोई सीधा जिक्र नहीं है, लेकिन मेट्रो परिसर में असुविधा पैदा करने वाले प्रावधानों के तहत उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जा सकता है। यानी अगर आप पकड़े गए, तो आपकी जेब भी ढीली हो सकती है। क्यों उठाया गया यह कदम? DMRC के प्रधान कार्यकारी निदेशक, कॉर्पोरेट संचार, अनुज दयाल ने बताया कि यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि यात्रियों को किसी भी तरह की असुविधा न हो। उन्होंने कहा, “हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि किसी की वीडियो शूटिंग के कारण दूसरे यात्रियों को परेशानी न हो।” साथ ही, DMRC ने सोशल मीडिया अभियान भी शुरू किया है जिसमें यात्रियों से अपील की गई है कि वे अपने फोन पर तेज आवाज में संगीत बजाने से बचें। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम मेट्रो यात्रा को आरामदायक और सुरक्षित बनाए रखने के लिए जरूरी है। पिछले कुछ सालों में दिल्ली मेट्रो सोशल मीडिया कंटेंट के लिए तेजी से लोकप्रिय स्पॉट बन गई है। कई लोग ट्रेन के अंदर नाच, लिप-सिंक और स्टंट वीडियो बनाते हैं, जो ऑनलाइन वायरल हो जाते हैं। लेकिन यह लोकप्रियता हमेशा सकारात्मक नहीं रही। कई बार ऐसे वीडियो अन्य यात्रियों के लिए परेशानी और असुरक्षा का कारण बने हैं। अप्रैल में एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें एक व्यक्ति कोच के अंदर शराब पीते और उबला अंडा खाते हुए दिखा। वहीं, एक अन्य वीडियो में दो यात्रियों के बीच शर्टलेस झगड़ा देखने को मिला। 2023 में ही DMRC ने अपनी फ्लाइंग स्क्वॉड को निर्देश दिया था कि वे रील बनाने या आपत्तिजनक सामग्री शूट करने वाले यात्रियों पर निगरानी रखें। लेकिन इसके बावजूद ऐसे वीडियो लगातार वायरल होते रहे, जिससे यह साबित होता है कि पूरी तरह मैनेज करना आसान नहीं है। नियमित यात्रियों का कहना है कि यह समस्या केवल सोशल मीडिया ट्रेंड तक सीमित नहीं है, बल्कि यात्रियों की सुविधा, आराम और सुरक्षा से भी जुड़ी है। DMRC यात्रियों के लिए कर रहा कोशिशें DMRC के प्रधान कार्यकारी निदेशक अनुज दयाल ने कहा कि लगातार यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। उनके अनुसार, चाहे तेज आवाज़ में संगीत बजाने पर रोक हो या वीडियो शूटिंग और डांस वीडियो बनाने पर प्रतिबंध, इन सभी पहलों का मकसद मेट्रो यात्रा को आरामदायक, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है। DMRC अधिकारियों ने बताया कि नियमों का पालन सुनिश्चित करना अकेले पर्याप्त नहीं है। यात्रियों को समझाना और जागरूक करना भी उतना ही जरूरी है। इसीलिए, मेट्रो में घोषणाओं के माध्यम से नियमित चेतावनी दी जा रही है और सोशल मीडिया पर भी यात्रियों को जागरूक करने के अभियान चलाए जा रहे हैं।

पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति के लिए 25 सितंबर को विंध्याचल भवन में होंगे साक्षात्कार

भोपाल. पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना-2025 के अंतर्गत विदेश में उच्च शिक्षा अध्ययन के लिये आवेदन करने वाले युवाओं का साक्षात्कार 25 सितंबर (गुरुवार) को होगा। साधिकार चयन समिति द्वारा यह साक्षात्कार प्रातः 10:30 बजे से प्रारंभ किया जाएगा। साक्षात्कार विंध्याचल भवन के द्वितीय तल स्थित आयुक्त, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय में होगा। सभी पात्र अभ्यर्थियों को समय पर उपस्थित होने के लिए निर्देश दिए गए हैं। हर वर्ष 50 छात्रों का होता है चयन पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति के तहत हर वर्ष 50 छात्र छात्राओं का चयन किया जाता है। गत वर्षों में पिछड़ा वर्ग के सैकड़ों छात्र छात्राएं इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं।  

सभी राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी ला रहे हैं पदक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत में खेल के क्षेत्र में नई क्रांति हुई है। भारतीय खिलाड़ी और जवानों ने हर अवसर पर देश-प्रदेश का मान बढ़ाया है। भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए स्वदेशी और खेल क्रांति के लिए फिट इंडिया मूवमेंट महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री मोदी देश के लिए महत्वपूर्ण इन दोनों गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी फिट इंडिया मूवमेंट के अंतर्गत जीवनशैली में बदलाव के लिए सभी को प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने 'भोजन में तेल कम करने और जीवन में खेल गतिविधियां बढ़ाने' का सभी देशवासियों से आहवान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल-सीहोर संसदीय क्षेत्र के 'सांसद खेल महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को शासकीय सुभाष एक्सीलेंस उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भारत माता की जय के नारों और आतिशबाजी के बीच आसमान में तिरंगे गुब्बारे छोड़कर 'सांसद खेल महोत्सव 2025' के शुभारंभ की विधिवत घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज आरंभ हो रहे सांसद खेल महोत्सव में 71 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने नामांकन कराया है, यह प्रदेश के विद्यार्थियों में निरंतर बढ़ रही खेल गतिविधियों के प्रति रूचि का परिणाम है। प्रसन्नता का विषय है कि सांसद खेल महोत्सव, सेवा पखवाड़ा का भाग बन रहा है। प्रदेश के हर घर से खिलाड़ी और हर गांव से चैम्पियन निकले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए  पौष्टिक आहार पर ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने अपने भोजन में दूध, दही और मक्खन उचित मात्रा में शामिल करने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। सनातन संस्कृति में आदिकाल से ही खेलों का विशेष महत्व रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन-जन में खेल भावना विकसित करने और हर वार्ड व ग्राम तक खेल गतिविधियों का विस्तार करने के उद्देश्य से सांसद खेल महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। प्रयास है कि प्रदेश के हर घर से खिलाड़ी और हर गांव से चैम्पियन निकले। राज्य सरकार खेल, खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को कर रही है प्रोत्साहित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी नगरों और पंचायतों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है, इसी का परिणाम है कि सभी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी पदक ला रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार खेल, खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों को हर स्तर पर प्रोत्साहित कर रही है। प्रशिक्षकों के प्रमोशन, वेतन की व्यवस्था की गई है। विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स टीचर को कुलगुरु बनने तक का अवसर प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में मार्शल आर्ट के अंतर्गत मलखम्ब, जूडो, कुश्ती और ताइक्वांडो के खिलाड़ियों द्वारा दिए गए प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने स्काउट गाइड के दल और बैंड ग्रुप के प्रदर्शन की भी सराहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विद्यार्थियों और उपस्थित जनसमुदाय को नवरात्रि पर्व और दशहरे की शुभकामनाएं दीं। खिलाड़ियों ने 24 से अधिक खेलों के लिए कराया रजिस्ट्रेशन सांसद आलोक शर्मा ने बताया कि सांसद खेल महोत्सव के अंतर्गत भोपाल-सीहोर संसदीय क्षेत्र के 71 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने 24 से अधिक खेलों के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। यह प्रतियोगिताएं पंचायत और नगरीय निकाय स्तर पर कराई जाएंगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के युवा खेल महोत्सव से देश में युवाओं को फिटनेस की प्रेरणा मिली है। प्रदेशाध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश खेलों के मामले में अग्रणी बनता जा रहा है। खेल युवाओं को अपनी प्रतिभा, योग्यता और क्षमता का उपयोग सृजनात्मक गतिविधियों में करने के लिए प्रेरित करते हैं। जहां खेल गतिविधियां अधिक हैं, वे राज्य सभी क्षेत्रों में उन्नति कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की मंशा अनुरूप मध्यप्रदेश के सभी जनप्रतिनिधि खेलों को प्रोत्साहन देने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।  मलखम्ब के खिलाड़ियों ने किया शानदार प्रदर्शन मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सांसद आलोक शर्मा ने वस्त्र पट्टिका एवं स्मृचि चिह्न भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मां भारती सहित पंडित दीनदयाल उपाध्याय तथा श्रद्धेय श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन और कन्या पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उद्घाटन अवसर पर हुए मार्च पास्ट में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का मान बढ़ाने वाली 18 महिला खिलाड़ियों ने भाग लिया। साथ ही मार्च पास्ट में 120 प्रतिभावान खिलाड़ी भी शामिल हुए। मॉडल स्कूल के बैंड ने मनमोहक प्रस्तुति दी। मध्यप्रदेश ताइक्वांडो एवं जूडो खेल अकादमी के खिलाड़ियों एवं कुश्ती व कराटे के खिलाड़ियों ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में प्रदेश के राजकीय खेल मलखम्ब के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा तथा परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम मंत्री तथा भोपाल जिले के प्रभारी चैतन्य कुमार काश्यप, पिछड़ा वर्ग अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, संगठन मंत्री हितानंद शर्मा, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक विष्णु खत्री, विधायक भगवानदास सबनानी, विधायक सीहोर सुदेश राय सहित भोपाल-सीहोर संसदीय क्षेत्र के नगरीय‍ निकायों एवं पंचायतों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और खिलाड़ी उपस्थित थे।