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सिंगल यूज प्लास्टिक पर मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्व और राष्ट्रीय उद्यानों में कड़ा प्रतिबंध, जुर्माना भी लगाया जाएगा

 भोपाल  अब मध्य प्रदेश के सभी राष्ट्रीय उद्यानों और टाइगर रिजर्वों में सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंधित कर दिया गया है। एक अक्टूबर से इन्हें खोला जाएगा और इसके साथ ही प्रतिबंध लागू हो जाएगा। वन विभाग इनका कड़ाई से पालन भी करवाएगा। उल्लंघन करने पर 500 रुपये से लेकर 5 हजार रुपये तक अर्थदंड का भी प्रविधान किया गया है। बता दें कि पर्यटकों की सुविधा के लिए पार्क प्रबंधन बायोडिग्रेडिबल पदार्थ से बनी पानी की बोतल सशुल्क उपलब्ध कराएगा। कपड़े के बैग पर्यटकों को सशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे पर्यटक पार्क में प्लास्टिक बैग न लाएं। कपड़े के बैग स्व-सहायता समूह के सदस्यों से तैयार करवाए जाएंगे। इस तरह ईको (पर्यावरण हितैषी) पर्यटन से स्थानीय समुदाय की आजीविका के अवसर विकसित करने का प्रयास भी होगा। इससे उनकी वनों पर उनकी निर्भरता कम होगी और वनों का संरक्षण भी हो सकेगा। स्थानीय समुदाय के लोगों में क्षमता विकास एवं कौशल उन्नयन के लिए गाइड प्रशिक्षण, अतिथि सत्कार, खानसामा और अनुभूति प्रेरक प्रशिक्षण दिए जाएंगे। प्रयास होगा कि ईको पर्यटन से प्राकृतिक और सांस्कृतिक संसाधनों का संरक्षण किया जाए और स्थानीय समुदायों को आर्थिक लाभ के अवसर प्रदान किए जा सकें। गाइड के कौशल का होगा मूल्यांकन इसके अलावा, राष्ट्रीय उद्यानों और टाइगर रिजर्वों और अभयारण्यों में गाइड के कौशल का मूल्यांकन हर वर्ष किया जाएगा। अपेक्षित मापदंडों के नीचे वाले गाइड को रोस्टर से हटा दिया जाएगा। एक अक्टूबर से गाइड का शुल्क भी बढ़ा दिया गया है। अब वनों में वाहन से एक राउंड के भ्रमण पर पर्यटकों को जी-वन श्रेणी के गाइड को 600 रुपये की जगह एक हजार रुपये तथा जी-टू श्रेणी के गाइड को 480 रुपये के स्थान पर 800 रुपये देने होंगे। प्रदेश में नौ टाइगर रिजर्व     कान्हा टाइगर रिजर्व     बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व     सतपुड़ा टाइगर रिजर्व     पेंच टाइगर रिजर्व     पन्ना टाइगर रिजर्व     रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व     संजय दुबरी टाइगर रिजर्व     डॉ. विष्णु वाकणकर (रातापानी) टाइगर रिजर्व     माधव टाइगर रिजर्व ये राष्ट्रीय उद्यान भी हैं। इसके अलावा दो अन्य राष्ट्रीय उद्यान यानी कुल 11 हैं। प्रदेश में 26 अभयारण्य हैं।     सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में सिंगल यूज प्लास्टिक पहले से ही प्रतिबंधित है। अन्य टाइगर रिजर्वों और राष्ट्रीय उद्यानों में भी अब इसे प्रतिबंधित किया गया है। इसका और अधिक कड़ाई से पालन करवाया जाएगा।     -एल. कृष्णमूर्ति, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी), वन विभाग, मध्य प्रदेश यह होता है सिंगल यूज प्लास्टिक यह प्लास्टिक सिर्फ एक बार इस्तेमाल करके फेंक दिया जाता है। जैसे पालीथीन बैग, प्लास्टिक स्ट्रा, कटोरी, प्लेट, कप, चम्मच, कैंडी, चाकलेट, चिप्स के रैपर आदि। इसे दोबारा उपयोग में लाना कठिन या असंभव होता है। सिंगल यूज प्लास्टिक पर्यावरण में सैकड़ों वर्षों तक बना रहता है। मिट्टी, पानी, जानवरों और मनुष्यों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है।  

पुतिन की नीति ने पलटा खेल, रूस को हुआ आर्थिक लाभ – ट्रंप रह गए पीछे

नई दिल्ली  यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के दबाव में अमेरिका और यूरोप लगातार रूस पर नए-नए प्रतिबंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तो यहां तक कह चुके हैं कि यूरोपीय संघ पूरी तरह से रूसी तेल खरीदना बंद करे. लेकिन उनकी ये चाल कामयाब नहीं हो पाई. इसके उलट, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ऐसा खेल रचा कि देश का खजाना कच्चे तेल की कमाई से भर गया. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस का समुद्री कच्चा तेल निर्यात 21 सितंबर तक के 28 दिनों में औसतन 36.2 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया. यह मई 2024 के बाद का सबसे बड़ा आंकड़ा है. यानी पश्चिमी देशों की सख्ती और लगातार हमलों के बावजूद रूस ने तेल बेचने का नया रिकॉर्ड बना डाला. यूक्रेन की तरफ से किए गए ड्रोन हमलों ने रूस की कई तेल रिफाइनरियों को नुकसान पहुंचाया. इसके कारण उत्पादन घटकर 50 लाख बैरल प्रतिदिन से नीचे चला गया, जो अप्रैल 2022 के बाद का सबसे कम स्तर है. जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी के अनुमान के अनुसार, अगस्त और सितंबर में रूस सामान्य रूप से 54 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चे तेल का प्रोसेस करता था. यूक्रेनी ड्रोन हमलों का शोर ज्‍यादा, असर कम यूक्रेन द्वारा रूस की रिफाइनरियों और अन्‍य रणनीतिक ठिकानों पर ड्रोन हमले में बड़े नुकसान के दावे किए गए हैं. लेकिन, असल में उतनी हानि हुई नहीं है. रूस ने पिछले हफ्ते बाल्टिक पोर्ट प्रिमोर्स्क से रिकॉर्ड 12 टैंकर कच्चा तेल लेकर निकले. यह दिखाता है कि पंपिंग स्टेशनों पर हमलों के बावजूद रूस की सप्लाई लाइन मजबूत बनी हुई है. बंदरगाहों पर मौजूद स्टोरेज टैंकों ने भी काम आसान कर दिया. पंप स्टेशनों की मरम्मत होने तक इन टैंकों से तेल की आपूर्ति बिना रुकावट जारी रही. रूस ने अपनी रणनीति में भी बदलाव किया. रिफाइनिंग कम होने के बाद भी रूस ने कच्चे तेल को घरेलू खपत में लगाने के बजाय सीधे निर्यात टर्मिनलों पर भेज दिया. इससे विदेशों में कच्चे तेल की आपूर्ति और बढ़ गई और रूस की जेब भी भर गई. यूरोपीय संघ की दुविधा यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए रूस पर नए प्रतिबंधों की संभावना अभी दूर दिखती है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि आगे कोई नया कदम तभी उठाया जाएगा जब यूरोपीय संघ पूरी तरह रूसी तेल की खरीद बंद करे. डोनाल्ड ट्रंप बार-बार दबाव बना रहे हैं कि यूरोपीय संघ पूरी तरह से रूसी तेल खरीद बंद करे. लेकिन ऐसा होना अभी मुश्किल है. हंगरी और स्लोवाकिया जैसे देश रूस के तेल पर निर्भर हैं और वे इस फैसले का विरोध कर रहे हैं. इसी कारण यूरोपीय संघ प्रतिबंध लगाने के बजाय अब टैरिफ जैसे व्यापारिक उपायों पर विचार कर रहा है. यह भी पुतिन के लिए राहत की बात है क्योंकि इसका असर सीमित होगा.

Deendayal Ladli Lado Yojana: महिलाओं को आर्थिक सहारा, योजना पोर्टल आज होगा लॉन्च, ₹2100 प्रतिमाह की मदद

चंडीगढ़  हरियाणा के सीएम नायब सैनी आज  दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना का शुभारंभ करेंगे, जिसके लिए पंचकूला में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम की तैयारियां पूरी हो चुकी है। कल सीएम लाडो लक्ष्मी योजना से संबंधित पोर्टल लांच करेंगे, जिसके बाद 2100 रुपए की राशि के लिए आवेदन प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी। हरियाणा दिवस पर एक नवंबर को महिलाओं को खाते में पहली बार 2100 रुपए आएंगे। इसके बाद हर माह 2100 रुपए आते रहेंगे। केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रीजत को छोड़कर बाकी सभी मंत्रियों की योजना लांच करने के लिए ड्यूटी अलग-अलग जिलों में लगाई गई है। शुरुआत में एक लाख वार्षिक आय वाले परिवारों की की महिलाओं को मिलेगा लाभ प्रदेश सरकार पहले चरण में एक लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाओं को लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ देगी, लेकिन सरकार भविष्य में इस योजना के तीन चरण और लांच करने पर विचार कर रही है। सरकार की योजना पांच लाख रुपए तक वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाओं को लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ देने की है। पहले चरण में 23 से 60 साल उम्र की कुल 20 लाख 97 हजार 256 महिलाओं को 2100 रुपए मासिक भत्ता देने की योजना है। इनमें विवाहित महिलाओं की संख्या 18 लाख 14 हजार 621 है, जबकि अविवाहित महिलाओं की संख्या 2 लाख 82 हजार 635 है। प्रदेश सरकार इस योजना के लिए धीरे-धीरे तीन चरण और जारी करने पर विचार कर रही है। दूसरे चरण में 1 लाख से 1 लाख 80 हजार रुपए वार्षिक तक आय वाले परिवारों की महिलाओं को लाडो लक्ष्मी योजना के दायरे में लाया जाएगा। लाडो लक्ष्मी योजना के तीसरे चरण में 1 लाख 80 हजार रुपए वार्षिक से 3 लाख रुपए वार्षिक तक आय वाले परिवारों की महिलाओं को 2100 रुपए मासिक देने की संभावना है। चौथे और अंतिम चरण में 3 लाख से 5 लाख रुपए वार्षिक तक आय वाले परिवारों की महिलाओं को भी सरकार लाडो लक्ष्मी योजना के दायरे में ला सकती है। लाडो लक्ष्मी योजना का चौथा चरण साल 2028-29 के आसपास आरंभ किया जा सकता है। तीन लाख रुपये वार्षिक तक आय वाले परिवारों की महिलाओं की संख्या 46 लाख 62 हजार हैं, जिनमें से करीब 22 लाख महिलाओं को पहले चरण में 2100 रुपये मासिक दिए जाने वाले हैं। तीन से पांच लाख रुपये वार्षिक तक आय वाले परिवारों की महिलाओं की संख्या करीब 7 लाख के आसपास बताई जाती है।

हरियाणा: 11 जिलों में खराब लिंगानुपात पर सख्ती, सरकार CMO पर ले सकती है एक्शन

चंडीगढ़  हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने कहा कि लिंगानुपात सुधारने के मामले में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि जिन जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सी.एम.ओ.) परफॉर्मेंस नहीं दिखा रहे, उनके खिलाफ । विभाग सख्त कार्रवाई करेगा और उन पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने आज वर्चुअल माध्यम से राज्य टास्क फोर्स (एस.टी.एफ.) की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने सभी सी.एम.ओ. को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिलों में सक्रिय रहते हुए फील्ड स्तर पर निगरानी को और मजबूत करें। साथ ही मुख्यालय के अधिकारियों को भी आदेश दिए कि वे जिलों को पूरा सहयोग प्रदान करें और ठोस कदम उठाएं।  बैठक के दौरान बताया गया कि इस वर्ष 1 जनवरी से 22 सितम्बर तक राज्य का लिंगानुपात सुधर कर 907 हो गया है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान 904 था। हालांकि जिलावार कुछ जिलों की परफॉर्मेंस नकारात्मक सामने आई है, इस सूची में प्रदेश के 11 जिले शामिल थे। इनमें चरखी दादरी, करनाल, सिरसा, हिसार, अंबाला, यमुनानगर, सोनीपत, कैथल, महेंद्रगढ़, भिवानी तथा पलवल शामिल है। इन जिलों में अन्य की तुलना में प्रदर्शन कमजोर पाया गया है और लिंगानुपात माइंस में है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने इन जिलों के सी.एम.ओ. को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि वे ठोस कार्ययोजना बनाकर जल्दसे जल्द सुधारात्मक कदम उठाएं।   बैठक में कैथल जिले के मामले पर भी चर्चा हुई, जिसमें एक सरकारी फार्मासिस्ट द्वारा अवैध रूप से एम.टी. पी. किट बेचे जाने की शिकायत मिली थी। इस पर स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने सख्त रुख अपनाते हुए कैथल सी. एम. ओ. से कार्रवाई रिपोर्ट लेते हुए निर्देश दिए कि फार्मासिस्ट को तत्काल निलंबित किया जाए और उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।  स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि रिवर्स ट्रैकिंग की प्रक्रिया को और तेज किया जाए। स्वस्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अब तक 11 मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। बैठक में प्राइवेट चिकित्सकों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी ली गई। इसके साथ ही जिन जिलों के एस. एम. ओ. और सी.एम.ओ. अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रहे हैं, उनके खिलाफ विभागीय स्तर पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए। बैठक में महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाए (डी.जी.एच.एस.) डा. मनीष बंसल, डा. कुलदीप सिंह, राज्य टास्क फोर्स के कन्वीनर डा. वीरेंद्र यादव सहित कई अधिकारी शामिल थे

आज का राशिफल (25 सितंबर): कुछ राशियों को मिलेगा सूर्य जैसा तेज़, जानें आपका दिन कैसा रहेगा

मेष मेष राशि का दिन हैप्पी-हैप्पी रहने वाला है। नए टास्क के प्रति अलर्ट रहें, जो आपको प्रमोशन भी दिला सकते हैं। अपना बेस्ट परिणाम देने के लिए पेशेवर चुनौतियों को सावधानी के साथ संभालें। आज आपकी लव लाइफ बेहतरीन रहेगी। वृषभ आज का आपका दिन शानदार रहने वाला है। धन-वृद्धि के योग बन रहे हैं। जिन लोगों को जॉब की तलाश थी, उनका सपना पूरा होता नजर आएगा। लव के मामले में कुछ लोगों को पेरेंट्स का सपोर्ट मिलेगा। मिथुन आज के दिन अपनी हेल्थ पर ध्यान दें। लव के मामले में उतार-चढ़ाव की सिचूऐशन बनी रहेगी। जिम्मेदारियों को नजरअंदाज न करें। कुछ व्यापारियों को नई पार्टनरशिप भी मिल सकती है। हर काम में सफलता हासिल होगी। कर्क आज के दिन आपके लिए शुभ माना जा रहा है। पार्टनर के साथ आपकी दूरियां धीरे-धीरे खत्म हो जाएंगी। सेहत आपका साथ देगी। पैसों के मामले में आज लेन-देन करते वक्त सावधानी बरतने की एडवाइस दी जाती है। सिंह आज के दिन पॉजिटिव दृष्टिकोण बनाए रखें। आपके लिए विकास, भावनात्मक सफलता और आश्चर्यजनक अवसरों का वादा करता है। करियर के मामले में नए टास्क पाने के लिए खुद को तैयार कर लें। कन्या आज के दिन पॉजिटिव सोच बनाए रखें। अपने लॉंग टर्म लक्ष्यों पर कायम रहना आपके लिए अच्छा रहेगा। स्ट्रेस से दूर रहें। आज अपनी मेंटल हेल्थ पर फोकस करना चाहिए। काम का प्रेशर ज्यादा लेने से मेंटल हेल्थ और फिजिकल हेल्थ भी प्रभावित होती है। तुला आज के दिन आपके लिए विकास और रोमांस के अवसरों से भरपूर रहेगा। वहीं, वित्त के मामले में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। नए अनुभवों के लिए खुले रहें लेकिन जहां आवश्यक हो वहां, सतर्क भी रहें। वृश्चिक आज के दिन डाइट को हेल्दी रखें। लव के मामले में दिन रोमांटिक रहेगा। प्रोग्रेस करने के लिए बैलेंस की आवश्यकता होती है। अप्रत्याशित चुनौतियां सामने आ सकती हैं, फिर भी खुद को संतुलित करते हुए आगे बढ़ते रहें। धनु आज के दिन आज धन का आगमन होगा। सेहत के मामले में फिटनेस पर ध्यान दें। अचानक खर्चे सामने आ सकते हैं। प्रोडक्टिव बने रहें। आपके लिए आज का दिन थोड़ा बिजी-बिजी रहन वाला है। स्ट्रेस दूर होगा। मकर आज के दिन कामकाज के चक्कर में अपनी पर्सनल लाइफ से समझौता करना ठीक नहीं है। पैसे कमाने में कोई प्रॉब्लम नहीं आएगी। कुछ लोगों को ओवरटाइम करना पड़ सकता है। परिवार और दोस्तों के लिए भी समय निकालें। कुंभ आज के दिन वर्क-लाइफ बैलेंस मेन्टेन करके आगे बढ़ें। आज किसी पुराने इनवेस्टमेंट से तगड़ा प्रॉफिट मिल सकता है। डेडलाइन के भीतर टास्क कंप्लीट कर लेने की सलाह दी जाती है। किसी भी बहस में पड़ने से बचें। मीन आज का आपका दिन इनोवेटिव विचारों पर फोकस करने वाला दिन है। अपने प्रोफेशनल जीवन में चुनौतियों के साथ-साथ रचनात्मकता की उम्मीद करें। नई शुरुआत को खुली बांहों से अपनाएं।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल गुरुवार को करेंगे “स्वस्थ नारी सशक्त परिवार” अभियान का शुभारंभ

भोपाल. उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल सरोजनी नायडू शासकीय स्वशासी कन्या महाविद्यालय भोपाल में “स्वस्थ नारी सशक्त परिवार” अभियान के अंतर्गत 25 सितम्बर को विशेष स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ करेंगे। शिविर में छात्राओं एवं शिक्षकों के लिए स्वास्थ्य जांच (उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कैंसर, सिकल सेल स्क्रीनिंग, एनीमिया, किशोरियों में पोषण जागरूकता, क्षय रोग जांच) की सुविधाएँ उपलब्ध रहेंगी। साथ ही आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ आईडी (आभा) बनाने की सुविधा भी दी जाएगी। जागरूकता गतिविधियों के अंतर्गत खुल के पूछो (विशेषज्ञों से संवाद), स्वास्थ्य प्रश्नोत्तरी, खेल गतिविधियाँ तथा “थोड़ी सेहत, थोड़ी मस्ती” थीम पर जुम्बा सत्र का आयोजन होगा। शिविर स्थल पर स्वैच्छिक रक्तदान की व्यवस्था भी रहेगी। साथ ही छात्राओं व शिक्षकों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना, मिथकों का निराकरण और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित भी किया जायेगा।  

सुचारू विद्युत आपूर्ति के लिये 24×7 फोन पर उपलब्ध हैं बिजली कार्मिक

भोपाल. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा उपभोक्‍ताओं को निर्बाध और गुणवत्‍तापूर्ण विद्युत आपूर्ति की सुचारू व्यवस्था के लिये कंपनी कार्य क्षेत्र के बिजली कार्मिकों को मुख्यालय पर रहने एवं 24X7 दिवस अपने फोन चालू रखने के निर्देश जारी किए गये हैं। गौरतलब है कि विभिन्‍न प्राकृतिक और अन्य कारणों से विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्मिकों के मुख्‍यालय पर नहीं रहने के कारण विद्युत आपूर्ति को दुरूस्त करने में लगने वाले अधिक समय से उपभोक्‍ताओं को होने वाली परेशानी और उपभोक्‍ताओं की सुविधा को संज्ञान में लेते हुए कंपनी द्वारा सभी कर्मिकों को मुख्‍यालय पर रहने के निर्देश जारी किये गये हैं। कंपनी ने बताया है कि कार्मिकों के मुख्‍यालय पर नहीं रहने के कारण उपभोक्ताओं को निरंतर विद्युत आपूर्ति किए जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इस दौरान उपभोक्ता शिकायतों की संख्या बढ़ने एवं उपभोक्ता असंतोष की स्थिति से निपटने के लिए कंपनी द्वारा अपने कार्यक्षेत्र के 16 जिलों के मैदानी अमले के साथ-साथ विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था से जुड़े नियमित/संविदा/सेवाप्रदाता कार्मिकों को डयूटी समाप्ति के उपरांत भी अपने मुख्यालय पर रहने एवं 24×7 दिवस तथा अवकाश के दौरान भी अपना मोबाइल फोन चालू रखने के निर्देश जारी किए हैं। कंपनी ने कहा है कि मुख्‍यालयों पर पदस्‍थ कार्मिकों को 24×7 दिवस मुख्‍यालय पर उपस्थित रहकर मुख्‍यालय पर निवासरत होने संबंधी स्‍वप्रमाणित घोषणा पत्र अपने उच्‍च अधिकारी को प्रस्‍तुत करना होगा। साथ ही उच्‍च अधिकारियों को स्‍वयं के घोषणा पत्र सहित उनके अधीनस्‍थ कार्मिकों से प्राप्‍त घोषणा पत्र पर अपनी टिप्‍पणी दर्ज कर कंपनी मुख्‍यालय को प्रस्‍तुत करना होगा। कंपनी ने कहा है कि किसी भी अधिकारी अथवा कर्मचारी का मोबाइल यदि विशेष कारणों से बंद भी होता है तो वे अन्य संपर्क सूत्र से अपने नियंत्रणकर्ता अधिकारी को अवगत करायेंगे तथा नियंत्रणकर्ता अधिकारी की अनुमति के बिना कोई भी कार्मिक मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। यदि कोई भी कर्मचारी निर्देशों का पालन नहीं करता है तो उसके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। साथ ही उन्हें गृह भाड़े भत्ते का भी भुगतान नहीं किया जाएगा।   

हरियाणा सरकार का नया फैसला: परिवार पहचान पत्र से जुड़ेगा अतिरिक्त डाटा, जानिए क्या होगा फायदा

चण्डीगढ़ हरियाणा में सरकार ने परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है, जिसके तहत अब परिवार पहचान पत्र धारकों का लैंड और टैक्स से जुड़ा डाटा सरकार की ओर से पीपीपी में जोड़ा जाएगा। सरकार के फैसले के तहत भूमि स्वामित्व रिकॉर्ड और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड का डाटा, जिसमें आयकर रिटर्न, बैंक अकाउंट, स्रोत पर कर कटौती और अन्य वित्तीय लेनदेन का विवरण को शामिल किया जाएगा। अभी प्रत्येक परिवार पहचान पत्र केवल आधार और लाभार्थियों के मामले में एक ही बैंक खाते से जुड़ा है। दूसरे चरण में, इसका दायरा बढ़ाकर इसमें व्यापक दस्तावेज शामिल किए जाएंगे।   सीबीडीटी डेटाबेस को लिंक करने से अधिकारियों को फैमिली आईडी से जुड़े सभी बैंक खातों की जानकारी मिल सकेगी। इसी तरह, आईटीआर से किसी व्यक्ति या परिवार की वित्तीय स्थिति की गहरी जानकारी मिलेगी, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि सरकारी सहायता केवल उन्हीं लोगों तक पहुंचे जिन्हें वास्तव में इसकी जरूरत है।  इसकी पुष्टि करते हुए, पीपीपी कार्यक्रम के स्टेट कोऑर्डिनेटर सतीश खोला ने बताया कि योजना की उच्चतम स्तर पर समीक्षा की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में, राज्य भर में 76 लाख से ज्यादा परिवार पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं, जिनमें से 40 लाख से ज्यादा बीपीएल श्रेणी में आते हैं। खोला ने बताया, भूमि अभिलेखों और सीबीडीटी डेटा को पारिवारिक पहचान पत्रों के साथ एकीकृत करना कल्याणकारी योजनाओं के वितरण में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अब तक, आय और पात्रता का निर्धारण आय प्रमाण पत्र, आधार और सीमित सहायक दस्तावेजों के माध्यम से किया जाता रहा है।  सरकारी विभागों में पहले से ही डिजिटल अभिलेखों का विशाल भंडार मौजूद है। चरण-2 में अधिक सटीक और व्यापक आकलन के लिए इन डेटा सेट को एकीकृत करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई)-संचालित प्रणालियों का उपयोग किया जाएगा।

पंजाब की महिला DSP मनदीप कौर का बड़ा खुलासा – प्रदर्शन के दौरान की गई बदसलूकी, बताया क्या-क्या हुआ

नाभा  नाभा में किसान और पुलिस आमने-सामने हुई झड़प में सुर्खियों में आई नाभा की DSP मनदीप कौर को लेकर अहम खबर सामने आई है। महिला DSP अब इस पूरे विवाद को लेकर जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि विवाद में किसानों की पगड़ी पुलिस द्वारा नहीं उतारी गई थी, बल्कि विवाद वहां पर मौज गलत लोगों के कारण हुआ। महिला  DSP ने बताया कि मौके की वीडियो क्लिप्स को गलत तरीके से तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है। दरअसल, वहां पर किसानों के वेश में गुंडे आए थे जिन्होंने उन्हें पीछे से गलत तरीके से छुआ था।  महिला DSP ने बताया कि पिछले दिन चोरी हुई ट्रालियों को लेकर नगर काउंसिल की अध्यक्ष सुजाता चावला के पति पंकज पप्पू की गिरफ्तारी के बाद 22 सितंबर को डीएसपी दफ्तर के बाहर किसानों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। इस विरोध प्रदर्शन में 4 यूनियनों ने भाग लिया, जिनमें भारतीय किसान यूनियन आजाद, भारतीय किसान यूनियन भटेड कलां और क्रांतिकारी यूनियन शामिल थीं। डीएसपी मनदीप अपने दफ्तर से बाहर निकलीं तो उनके और किसानों के बीच तू-तू मैं-मैं हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि किसान और पुलिस आमने-सामने आ गए। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि, उनके साथ कुछ किसानों ने बदतमीजी की थी। DSP मनदीप कौर ने मौके पर कहा कि मैंने किसानों को धरने से बिल्कुल भी नहीं रोका और वे धरना दे रहे थे। मैं उनसे बातचीत करने आई थी, और जब मैं गाड़ी लेकर जरूरी काम के लिए जाने लगी तो उन्होंने मेरी गाड़ी रोककर मेरे साथ खींच-तानी की और वर्दी को भी हाथ लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों ने मेरा जूड़ा भी खींचा गया था। अब DSP मनदीप कौर ने कहा है कि उन्हें एक भी ऐसा वीडियो लाकर दिखा दो कि पुलिस ने किसानों की पगड़ी उतारी है। नहीं उस वीडियो लाइव कर दें। यही नहीं श्री दरबार साहिब जाकर कसम खाकर कह दो कि मेरे साथ कुछ भी गलत नहीं हुआ है। वहां पर किसानों के भेष में गुंडे थे, इसीलिए मैंने धरने प्रदर्शन के दौरान गुंडे शब्द का इस्तेमाल किया था। वहीं धरने से पहले किसानों ने कहा था कि,  सरकारी गाड़ियों को आने जाने के लिए जगह दी जाएगी। जोकि नहीं हुआ। जहां बात जुड़ा खोलने की है तो भी इन्होंने धक्का मुक्की में खोला है। लेकिन वीडियो क्लिप में दिखाया गया है कि, मैने खुद जुड़े को खोला है। दरअसल मेरा हाथ मेरे सिर पर गया था। उसका कारण ये था कि एक महिला के हाथ में कोई पत्थर जैसी वस्तु थी जो हमारे ऊपर हमला कर रही थी। उसे रोकने केलिए ही मेरा हाथ सिर के ऊपर गया था। इस क्लिप को भी गलत तरीके से पेश किया गया है। DSP मनदीप कौर ने आरोप लगाया कि धरने के दौरान कहा जा रहा था कि इनके ऊपर चढ़ जाओ, पकड़ों इन्हें। ऐसे-ऐसे गलत शब्द इस्तेमाल किए जा रहे थे। यहां तक कि मुझे गलत तरीके से टच किया गया था। मुझे ही वहीं बल्कि इस दौरान मौजूद अन्य महिला मुलाजिमों को भी गलत तरीके से टच किया गया था। उन्होंने कहा कि कोई भी पुलिस मुलाजिम कभी भी नहीं चाहेगा कि उसके इलाके का माहौल खराब हो। उसके थाने के बाहर धरना लगाया जाए। महिला DSP किसानो से अपील की है कि,  जब कभी आप लोग इकट्ठ करें और धरने लगाएं तो  कृप्या इस बात का ध्यान जरुर रखें कि आपके धरनें में कैसे-कैसे लोग शामिल होने आ रहे हैं। कुछ गलत लोगों की वजह से विवाद बढ़ जाता है और आपकी मांगे सही होने के बावजूद सरकार व अफसरों तक नहीं पहुंच पाती।

छिंदवाड़ा ने स्वच्छता में रचा इतिहास, फिक्की राष्ट्रीय पुरस्कार से हुआ सम्मानित

भोपाल. छिंदवाड़ा जिले ने स्वच्छता के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धि प्राप्त कर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन किया है। जिला पंचायत छिंदवाड़ा को अभिनव ‘’वॉश ऑन व्हील्स’’ नवाचार के लिए प्रतिष्ठित इंडिया सेनीटेशन कोएलिशन फिक्की राष्ट्रीय पुरस्कार 2025 से नवाजा गया है। इसे सतत रखरखाव एवं सामुदायिक प्रबंधन श्रेणी में प्रदान किया गया, जिसके साथ ढाई लाख रुपये की नकद राशि भी प्राप्त हुई। नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में छिंदवाड़ा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अग्रिम कुमार ने यह पुरस्कार प्राप्त किया। छिंदवाड़ा देश का पहला जिला स्तरीय संगठन बन गया है, जिसे इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया। छिन्दवाडा वॉश ऑन व्हील्स को राष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रशंसा मिल रही है। भोपाल में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पर महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस नवाचार की सराहना की थी। इसके अलावा, यह मॉडल राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित पत्रिका अकॉलैड्स में भी स्थान पा चुका है जो मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है। वॉश ऑन व्हील्स: स्वच्छता का अनूठा मॉडल वॉश ऑन व्हील्स नवाचार ने ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों की सफाई और रखरखाव की चुनौती का अभिनव समाधान प्रस्तुत किया है। मोबाइल इकाइयों के माध्यम से गांव-गांव जाकर शौचालयों की नियमित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित किया जा रहा है। इस पहल ने न केवल स्वच्छता को स्थायी बनाया, बल्कि सामुदायिक सहभागिता की मिसाल भी कायम की। इस नवाचार की प्रस्तुति 11 जून 2025 को सीईओ जिला पंचायत कुमार ने फिक्की की कार्यकारी निर्णायक समिति के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दी थी, जिसे सर्वसम्मति से सराहा गया। आर्थिक और सामाजिक प्रभाव की इस पहल से संलग्न 45 स्वच्छता साथियों ने अब तक 40 हजार शौचालय इकाइयों की सफाई कर लगभग 40 लाख रुपये की आय अर्जित की है। यह मॉडल न केवल स्वच्छता को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण का भी माध्यम बन रहा है। यह उपलब्धि न केवल छिंदवाड़ा, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है।