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बिहार जाने वाली बसों का किराया कम हुआ, दिल्ली-हरियाणा-UP-बंगाल रूट पर टिकट में बड़ी राहत

पटना बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) की त्योहारी सीजन सेवा के तहत पर्व स्पेशल बसों से दिल्ली, गुरुग्राम, अंबाला, कोलकाता, लखनऊ जैसे शहरों से बिहार आना-जाना काफी सस्ता हो गया है। राज्य सरकार पर्व स्पेशल बसों के किराया पर भारी सब्सिडी दे रही है, जिससे सफर का खर्च एक तिहाई तक कम हो गया है। दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ के दौरान हवाई किराया बढ़ने और ट्रेन में टिकट की सदाबहार किल्लत के कारण सरकार ने कई शहरों से एसी और नॉन एसी बसों को चलाने का फैसला किया है। बीएसआरटीसी ने बसों की समय सारिणी (टाइम टेबल) के साथ असली किराया, उसमें दी जा रही सब्सिडी और पैसेंजर द्वारा भुगतान की जाने वाली राशि की लिस्ट भी जारी कर दी है। बिहार में नवंबर में विधानसभा चुनाव है और वोटरों को लुभाने के लिए सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार कई वर्गों के लिए एक के बाद एक नकद सहायता राशि की स्कीम शुरू कर रही है। पहले से चल रही योजनाओं में मदद की राशि बढ़ाई जा रही है। बस किराया पर सब्सिडी को उसी से जोड़कर देखा जा रहा है। पर्व स्पेशल बसें 20 सितंबर से 30 नवंबर तक चलेंगी। छठ 28 अक्टूबर को ही है लेकिन चुनाव को ध्यान में रखते हुए योजना में वापसी के लिए 30 नवंबर तक का समय कवर कर लिया गया है ताकि वोटर चाहे तो मतदान के बाद लौटे। दिल्ली-NCR, चंडीगढ़ से दशहरा, दिवाली, छठ में बिहार, BSRTC बसों की टिकट बुकिंग 1 सितंबर से खुलेगी उदाहरण के लिए किशनगंज से दिल्ली का निर्धारित किराया एससी स्लीपर के लिए 3247 रुपये है लेकिन इसमें सरकार की तरफ से 992 रुपये की सब्सिडी दी जा रही है। एक पैसेंजर को इस बस से किशनगंज आने या किशनगंज से दिल्ली जाने के लिए मात्र 2255 रुपये ही देने होंगे। यह मूल किराया में 30 परसेंट से ऊपर की छूट है। बिहार के अलग-अलग जिलों से दिल्ली, गुरुग्राम, कोलकाता, लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, अंबाला, सिलीगुड़ी, रांची समेत अन्य शहरों के लिए बस किराए में अलग-अलग सब्सिडी है और कुछ में यह मदद 37-38 फीसदी तक जा रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पोर्टल और मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम का करेंगे शुभारंभ

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 25 सितम्बर को सागर जिले के जैसीनगर में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पोर्टल और मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा ऊर्जा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नीति-2025 लागू की गयी है। इस नीति के तहत राज्य के जिलों में पाईप लाईन बिछाकर उपभोक्ताओं को पीएनजी (पाईप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन प्रदाय किये जायेंगे। साथ ही वाहनों के लिए सीएनजी स्टेशन स्थापित किये जायेंगे, इससे घर-घर स्वच्छ और सस्ता ईधन उपलब्ध होगा। राज्य सरकार का लक्ष्य निवेशकों को आकर्षित करना और मध्यप्रदेश को भारत के अग्रणी ग्रीन एनर्जी हब के रूप में स्थापित करना है। मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि उपभोक्ताओं की सुविधा के सार्वजनिक उचित मूल्य दुकानों से वितरित होने वाले राशन की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जायेगा। उपभोक्ताओं में "आपका राशन-आपका अधिकार" संबंधी जागरूकता के लिये शिविरों का आयोजन किया जायेगा। खाद्यान्न प्राप्त होते ही पंजीबद्ध उपभोक्ताओं को एसएमएस से राशन की मात्रा संबंधी जानकारी मिलेगी। उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न पहुंचने की जानकारी भी उपभोक्ताओं को एसएमएस के माध्यम से मिलेगी। सिंगल विंडो पोर्टल के लाभ सिटी गैस ड्रिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के विकास के लिए सीएनजी स्टेशन संचालित करने के लिए एनओसी एवं पाईपलाईन बिछाये जाने हेतु अनुमति दिये जाने का प्रावधान है। इसी के लिए सिंगल विंडो पोर्टल का निर्माण किया गया है। जिला स्तर पर विभिन्न प्रकार की अनुमतियां देने के लिए कलेक्टर को सिंगल विंडो पोर्टल के लिये अधिकृत किया गया है। आवेदक संस्था द्वारा सिंगल विंडो पोर्टल पर जिला कलेक्टर को आवेदन कर, निर्धारित समय-सीमा में एनओसी/अनुमति प्राप्त की जा सकेगी। एनओसी अधिकतम समय-सीमा 60 दिन एवं अनुमति प्राप्त करने के लिये अधिकतम 77 दिवस निर्धारित की गई है। हितग्राही को लाभ जिलों में पाईपलाईन के माध्यम से उपभोक्ताओं के घरों तक निर्वाध रूप से पीएनजी का प्रदाय किया जाता है। इससे उपभोक्ताओं के घरों में निर्वाध गैस की उपलब्धता बनी रहेगी। इसका उपयोग खाना पकाने एवं अन्य घरेलू कार्यों में किया जाता है, जो सस्ता एवं सुलभ है। बार-बार सिलेंडर बुक करने और रीफिलिंग की परेशानी नहीं होती है। पीएनजी का उपयोग सुरक्षित है क्योंकि यह हवा से हल्की होती है। अत: रिसाव होने पर यह ऊपर उठकर हवा में फैल जाती है, जिससे आग लगने का खतरा कम होता है। इसमें सेफ्टी फीचर होते हैं, जिससे सिलेण्डर ब्लास्ट होने जैसी घटना की संभावना नहीं है। सीएनजी आज के सबसे स्वच्छ ईंधन में से एक है। यह डीजल, पेट्रोल जैसे अन्य ईथनों की तुलना में बहुत कम वायु प्रदूषण करती है। इस नेटवर्क की स्थापना से जिले में भारी पूंजी निवेश द्वारा बुनियादी ढांचे का निर्माण के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन होता है।  

जालंधर में शराब ठेकों पर कार्रवाई, सहगल ग्रुप पर जुर्माना; अमृतसर में 4 बारों के लाइसेंस रद्द

जालंधर आबकारी विभाग ने शराब नियमों के उल्लंघन और देर रात तक बीयर बार खुले रखने के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इसी क्रम में, जालंधर ज़ोन के अंतर्गत आने वाले दो बीयर/शराब बार समूहों को अगले दो दिनों के लिए सील (बंद) करने के आदेश जारी किए गए हैं। ज़ोन के चार अन्य बीयर/शराब बारों के लाइसेंस एक महीने के लिए निलंबित कर दिए गए हैं। इससे पहले, विभाग ने जालंधर के मॉडल टाउन स्थित कुख्यात क्लब का लाइसेंस भी निलंबित कर दिया था। आबकारी उपायुक्त (डीईटीसी) एस.के. गर्ग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, रामा मंडी समूह के अंतर्गत आने वाले 23 बार 24 और 25 सितंबर को बंद रहेंगे। इसी प्रकार, होशियारपुर रोड स्थित हरियाणा समूह के 26 बार 24 से 26 सितंबर तक तीन दिनों के लिए बंद रहेंगे। गर्ग ने जालंधर ज़ोन के अंतर्गत आने वाले अमृतसर क्षेत्र में चार पब/बार के खिलाफ कार्रवाई की है। बॉन चिक बार, एल्गिन कैफ़े बार और कासा आर्टेसा बार को नियमों का उल्लंघन करने और देर रात तक बार खुले रखने के कारण एक महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। इस बीच, हरियाणा में बेची जा रही बीयर की बरामदगी के कारण ब्रू डॉग बार का लाइसेंस एक महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार रामा मंडी समूह के 23 ठेके 24 और 25 सितम्बर को बंद रखे जाएंगे। वहीं, होशियारपुर के हरियाणा समूह के 26 ठेके 24 से 26 सितम्बर तक सील किए जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि जालंधर के रामा मंडी समूह ने 16 सितम्बर को अमृतसर में 27 पेटियां शराब बेची थीं, जो नियमों का उल्लंघन था। 5 लाख रुपए जुर्माना भी लगाया इसी तरह होशियारपुर के हरियाणा समूह ने 10 सिंतबर को पठानकोट में 81 पेटियां शराब बेचीं। इन मामलों की जांच के बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए ठेकों को बंद करने का आदेश जारी किया। इसके अलावा अमृतसर की 4 बारों का लाइसेंस एक महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले डिप्टी कमिश्नर एक्साइज ने सहगल समूह पर शराब की तस्करी के आरोप में 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था और उसके सभी ठेके एक दिन के लिए बंद करवाए गए थे। एक्साइज विभाग का कहना है कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य नियमों का सख्ती से पालन करवाना और शराब कारोबार में अनुशासन बनाए रखना है। अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, रामा मंडी समूह पर 27 पेटी शराब बेचने का आरोप है, जो 16 सितंबर को अमृतसर में ज़ब्त की गई थी। हरियाणा के एक ऐसे ही समूह ने 81 पेटी शराब बेची थी, जो 10 सितंबर को पठानकोट में ज़ब्त की गई थी। इन शराबों की बिक्री को नियमों के विरुद्ध घोषित किया गया है और इसके लिए दोनों समूहों को क्रमशः दो और तीन दिनों के लिए सील कर दिया गया है। गौरतलब है कि हाल ही में आबकारी उपायुक्त ने शराब की तस्करी के आरोप में सहगल समूह पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। इस संबंध में समूह के सभी ठेके भी एक दिन के लिए बंद कर दिए गए थे।  

पंजाब कैबिनेट ने दी धर्मसोत पर केस चलाने की मंजूरी, विजिलेंस ने 2022 में दर्ज की थी एफआईआर

चंडीगढ़  पंजाब कैबिनेट की बैठक आज मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में सीएम आवास पर हुई। पंजाब के पूर्व मंत्री साधु सिंह धर्मसोत पर भ्रष्टाचार के मामले में केस चलाने को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।  विजिलेंस ब्यूरो ने जून 2022 में धर्मसोत पर एफआईआर दर्ज की थी। जांच में सामने आया कि धर्मसोत ने 1.67 करोड़ रुपये की रिश्वत ली थी। पूर्व मंत्री पर पीएमएलए 2022 के तहत भी कार्रवाई होगी। कैबिनेट ने राज्यपाल को केस चलाने की सिफारिश भेज दी है।   कैबिनेट में ग्रामीण विकास व पंचायत विभाग के तहत कॉमन भूमि की समीक्षा कर अवैध कब्जों पर जुर्माना लगाने और राजस्व वसूली का निर्णय लिया गया। इससे प्राप्त राशि का आधा हिस्सा पंचायत व आधा हिस्सा नगरपालिका को जाएगा। पंजाब में जो पुरानी खालें या पगडंडिया हैं, उन्हें नियमित किया जाएगा। जिन खालों को कमर्शियल बिल्डिंग दुकानें या अन्य निर्माण करके बेच दिया गए हैं, उसमें बिल्डर से चार गुना जुर्माना वसूला जाएगा। डीसी की तरफ से राशि निर्धारित की जाएगी।   कैबिनेट ने सिविल सप्लाई से जुड़े 1688 मिलर्स को राहत देते हुए बकाया राशि जमा करने के लिए ओटीएस स्कीम पेश की है। मूल राशि पर ब्याज और पेनल्टी माफ की जाएगी। जिन मामलों में 15% तक एम्बेजलमेंट है, वे किस्तों में राशि जमा कर सकेंगे। इसी तरह प्री-जीएसटी एरियर से जुड़े मामलों में भी ओटीएस योजना लाई गई है। पंजाब इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एक्ट और अन्य एक्ट के करीब 2039 मामलों में टैक्स व पेनल्टी माफ की जाएगी। इस योजना का लाभ लगभग 20 हजार व्यापारियों को मिलेगा। स्कीम 31 दिसम्बर तक लागू रहेगी। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने बताया कि जीएसटी में केंद्र सरकार की तरफ से कटौती के फैसलों को कैबिनेट में मंजूरी दे दी गई है। आने वाले विधानसभा सेशन में इसे पास करेंगे। उन्होंने बताया एनआईए के तहत जो केस अलग अलग कोर्ट में चलते हैं उन सभी केसों के निपटारे के लिए मोहाली में सेशन जज के अंडर स्पेशल कोर्ट बनाई जाएगी। सारे केस मोहाली अदालत में चलेंगे। इसका इंतजाम पंजाब सरकार करेगी। जबकि इसका भुगतान केंद्र सरकार करेगी। गावों में अवैध कब्जों की वसूली होगी पंजाब सरकार ने फैसला किया है कि गांवों की कॉमन जमीन (विलेज कॉमन लैंड) में जो रास्ते खाली छोड़े गए थे और उन पर लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है, उनसे अब पैसे वसूले जाएंगे। इसके लिए जिला उपायुक्त (डीसी) की अगुआई में एक कमेटी बनाई जाएगी, जो रेट तय करेगी। जब रेट तय हो जाएंगे तो उसी हिसाब से कब्जाधारियों से रकम ली जाएगी। वसूले गए पैसों का आधा हिस्सा कमेटी को और आधा हिस्सा विभाग को जाएगा। दो तरह की ओटीएस स्कीमें शुरू पंजाब के शैलरों के लिए वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी को मंजूरी दी गई है। इसके तहत 188 केस आएंगे, जिनसे पैनल्टी और ब्याज नहीं लिए जाएंगे। पंजाब सरकार ने दो तरह की ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट) स्कीमें शुरू की हैं, ताकि लोगों को अपने पुराने बकाए चुकाने में आसानी हो सके। इनमें पहला फूड सप्लाई डिफाल्टरों के लिए है। यह स्कीम उन 1,688 शैलर मालिकों के लिए है, जिन्होंने फूड सप्लाई विभाग का पैसा नहीं लौटाया। वे अपनी बकाया राशि तीन किस्तों में जमा कर सकते हैं। पैसा जमा करने के बाद ही वे अपनी दुकानें चला सकेंगे। दूसरा प्री-जीएसटी मामलों के लिए। इसमें 20,039 केस शामिल हैं। अगर टैक्स मामला 1 करोड़ तक का है, तो 50% जुर्माना और मूल टैक्स माफ होगा। 1 करोड़ से 25 करोड़ तक के मामलों में 25% माफी मिलेगी। बाकी शर्तें पहले जैसी ही रहेंगी। दोनों स्कीमें 31 दिसंबर तक लागू रहेंगी। उसके बाद ऐसी कोई ओटीएस स्कीम नहीं लाई जाएगी।   उद्योग जगत के लिए राइट टू बिजनेस एक्ट में संशोधन कर बड़ी राहत दी गई है। ग्रीन और ऑरेंज श्रेणी की इंडस्ट्री तथा रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को 5 से 18 दिनों में अनुमति देने का प्रावधान किया गया है। कैबिनेट ने नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) के मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए मोहाली में एक विशेष अदालत स्थापित करने का फैसला किया है, जहां एक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश तैनात किया जाएगा। कैबिनेट ने केंद्र सरकार की सिफारिशों पर जीएसटी स्लैब और कम्पंसेशन से जुड़े संशोधनों को भी मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को किसानों और प्रभावितों को मुआवजा जल्द जारी करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे राज्य स्तरीय स्वदेशी जागरण सप्ताह का शुभारंभ

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश जन-अभियान परिषद एवं स्वदेशी जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में राज्य स्तरीय स्वदेशी जागरण सप्ताह का रवीन्द्र भवन भोपाल में गुरुवार को शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में मुख्यमंत्री निवास से प्रात: 9 बजे से रवीन्द्र भवन तक रैली निकाली जायेगी। रैली में मध्यप्रदेश जन-अभियान परिषद एवं स्वदेशी जागरण मंच के 300 प्रतिभागी सहभागिता करेंगे। महा-अभियान प्रदेश के 313 विकासखण्डों में 25 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक चलेगा। स्वदेशी जागरण सप्ताह में स्वदेशी वस्तुओं का प्रचार-प्रसार करने और बढ़ावा देने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में स्वदेशी जागरण सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मध्यप्रदेश जन-अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर, स्वर्णिम भारत वर्ष फाउण्डेशन एवं अखिल भारतीय सह प्रमुख स्वदेशी मेला के सीईओ साकेत सिंह राठौर, स्वाबलंबी भारत अभियान के अखिल भारतीय सह-समन्वयक जितेन्द्र गुप्त, सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान मध्यप्रदेश के प्रादेशिक अध्यक्ष मोहन गुप्ता और स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहेंगे।  

रांची में एनसीबी की बड़ी कार्रवाई, नशा तस्करों की 48.6 लाख की संपत्ति सील

रांची,  नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) रांची ज़ोनल यूनिट ने बड़ी कार्रवाई की है। ब्यूरो ने तस्करों की अवैध कमाई पर सीधी चोट करते हुए करीब 48.6 लाख रुपये की संपत्ति फ्रीज कर दी है। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा हेरफेर अधिनियम (साफेमा) के तहत की गई है और सक्षम प्राधिकरण ने इसे मंजूरी भी दे दी है। यह मामला पिछले साल 8 अगस्त को सामने आया था। उस समय एनसीबी को गुप्त सूचना मिली थी कि बड़ी मात्रा में डोडा (पोपी स्ट्रॉ) की खेप ले जाई जा रही है। टीम ने मांडर स्थित हेसमी टोल प्लाज़ा पर एक वाहन को रोका। तलाशी में 4,317 किलो से ज़्यादा डोडा बरामद हुआ। इस ऑपरेशन में मास्टरमाइंड मोहम्मद इमरान आलम समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क से जुड़े हैं, जिसकी डोर राजस्थान तक फैली हुई है। यही नेटवर्क लगातार बिहार और झारखंड में नशीले पदार्थों की आपूर्ति कर रहा था। एनसीबी अधिकारियों का कहना है कि एजेंसी की रणनीति सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, अब तस्करों की अवैध संपत्तियों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है, ताकि उन्हें आर्थिक रूप से कमजोर किया जा सके। साफेमा के तहत संपत्ति फ्रीज करना उसी दिशा में उठाया गया अहम कदम है। बताया गया कि जांच अभी जारी है और आरोपियों से जुड़ी अन्य संपत्तियों की भी छानबीन की जा रही है। एजेंसी ने साफ कर दिया है कि आगे भी ऐसी कार्रवाइयां होती रहेंगी। ब्यूरो ने आम लोगों से अपील की है कि वे नशे के खिलाफ इस लड़ाई में सहयोग करें। अगर किसी को नशीले पदार्थों की बिक्री या तस्करी की जानकारी मिले तो राष्ट्रीय नशा विरोधी हेल्पलाइन 1933 पर सूचना दी जा सकती है। सूचना देने वाले का नाम और पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।  

धान उत्पादक किसानों को दीपावली से पहले ही बोनस के रूप में दिया तोहफा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देश का उदर-पोषण करने वाले अन्नदाताओं की खुशहाली में ही हम सबकी खुशहाली है। अन्नदाताओं की आर्थिक मजबूती ही देश और प्रदेश के विकास और समृद्धि का आधार है। हमारी सरकार ने किसानों के सभी हितों का विशेष ध्यान रखा है। हमारी विकास नीतियों के मूल में किसान ही हैं। गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी कल्याण के लिए हम मिशन मोड में आगे बढ़ रहे हैं। किसानों को उनके हर वाजिब हक के साथ-साथ हमारी सरकार किसान सम्मान निधि भी दे रही है। यह निधि किसानों के प्रति हमारे सम्मान की अभिव्यक्ति है। किसानों के कल्याण और इनकी समृद्धि के लिए हमारी सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को बालाघाट जिले के कटंगी तहसील मुख्यालय में राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के 6 लाख 69 हजार 272 धान उत्पादक किसानों के खाते में 337 करोड़ 12 लाख रुपये की प्रोत्साहन (बोनस) राशि सिंगल क्लिक से उनके बैंक खातों में अंतरित की। ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जित करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 4 हजार अधिकतम 10 हजार रूपये की बोनस राशि देने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले में करीब 245 करोड़ रुपये की लागत वाले 78 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया। इसमें 39 करोड़ रूपए लागत से बालाघाट में सरेखा आर.ओ.बी. एवं परसवाड़ा में 31 करोड़ रूपए की लागत से नवनिर्मित सांदीपनि विद्यालय भवन का लोकार्पण भी शामिल है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले के नक्सल प्रभावित ग्रामों के 850 युवाओं को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए। इन सभी युवाओं को गृह विभाग के विशेष सहयोगी दस्ते में नियुक्ति दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले में हुए रोजगार महोत्सव के जरिए चुने गए 3700 से अधिक युवाओं को प्रतिष्ठित निजी कंपनियों में नियुक्ति पत्र भी दिए। इन चयनितों में लगभग 1000 युवतियां भी शामिल हैं, जिन्हें बेंगलुरु की निजी कंपनियों में नियुक्ति दी जा रही है। किसानों को कोई तकलीफ नहीं होने देंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सम्मेलन न केवल किसानों की समृद्धि, बल्कि युवाओं के लिए भी नए अवसरों से भरपूर है। किसान और युवा विकास के सेतु की तरह हैं। प्रदेश के समग्र विकास के लिए हमारी सरकार इन दोनों के परिश्रम और असीम ऊर्जा को नई दिशा देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के आशीर्वाद से ही किसान का बेटा आज मुख्यमंत्री है। किसानों को कोई तकलीफ नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि गेहूं और सोयाबीन पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की अतिरिक्त बोनस राशि भी दी जाएगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बालाघाट जिले के जीआई टैग प्राप्त चिन्नौर का चावल और जैविक गुड़ भेंट किया गया। मुख्यमंत्री ने दी अनेक सौगातें किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि कटंगी में नया सामुदायिक अस्पताल बनाया जाएगा। हाईस्कूल को हायर सेकेंड्री स्कूल में प्रोन्नत किया जाएगा। कटंगी से सिवनी राजमार्ग पर नया सेतु बनाया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के किसानों की बड़ी समस्या का निदान करते हुए कहा कि पेंच नेशनल पार्क की परिधि क्षेत्र से लगे खेतों की फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए चारों ओर सोलर फेंसिंग कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि राजीव सागर सिंचाई परियोजना से नहलेसरा बांध को इंटरलिंक कराने के लिए परीक्षण कराकर कार्ययोजना तैयार कराई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जंगली जानवरों के हमले में जान गंवाने वाले क्षेत्र के 5 मृतकों स्व. सुखराम, स्व. प्रकाश, स्व. अनिल, स्व. मंगरू एवं स्व. सेवकराम के परिजनों को मुआवजे की शेष राशि के रूप में 17-17 लाख रूपए देने की घोषणा की। इन सभी मृतकों के परिजन को 25-25 लाख रुपए मुआवजा मिलना था इसमें से 8-8 लाख रूपए परिजनों को पहले ही दिए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां चंद्रघंटा के साथ ज्वाला मैया का आशीर्वाद भी कटंगी में मिला है। बालाघाट ने विकास का लंबा रास्ता तय किया है और आज विकास की अहम धुरी बन चुका है। यहां के किसानों और जवानों ने अपने परिश्रम से क्षेत्र का माहौल ही बदल दिया है। यहां के जीआई टैग वाले चिन्नौर के चावल की खुशबू दूर-दूर तक फैली हुई है। उन्होंने कहा कि रोजगार के अभाव में बालाघाट के कुछ युवा पथ भ्रमित हो गए थे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सल उन्मूलन के लिए 31 मार्च 2025 की तारीख तय कर दी है। उन्होंने कहा कि आज बालाघाट के 850 जवानों को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं। अब यहीं के युवा यहीं पर प्रशिक्षण लेकर अपने गांव, कस्बे, जल, जंगल, जमीन और वन्य प्राणियों की रक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार अपने सभी संकल्पों को पूरा करते हुए तेजी से आगे बढ़ रही है। किसानों को सम्मान निधि के साथ-साथ प्रोत्साहन राशि का लाभ मिल रहा है। राज्य सरकार ने लाड़ली बहनों से किया वादा भी निभाया है। रक्षाबंधन पर उन्हें 1500 रुपए दिए, अब दीपावली की भाईदूज से हर माह 1500 रुपए देंगे। हम धीरे-धीरे यह राशि बढ़ाकर 3000 रुपए कर देंगे। गौमाता को संरक्षण और सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने गौमाता को संरक्षण देने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना शुरू की है। किसान भाई अधिक से अधिक गाय पालकर दुग्ध उत्पादन करें और अपनी आय बढ़ाएं। किसान भाई गौपालन के साथ-साथ प्राकृतिक खेती से जुड़ें। उन्होंने कहा कि जिसके घर गाय वो गोपाल, 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास गौमाता में होता है। कोई भी गौमाता को परेशान करेगा, उसे समाज में रहने की कोई जगह नहीं है। हमारी सरकार ने गौशालाओं के अनुदान की राशि बढ़ाई है। प्रदेश में बड़ी-बड़ी गौशालाएं खोली जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दीपावली से पहले ही किसानों को धान के बोनस के रूप में तोहफा मिला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जीएसटी की दरों में छूट देकर देशवासियों को दीपावली का बचत गिफ्ट दिया है। हम स्वदेशी उत्पादों और स्वदेशी वस्तुओं का अधिक से अधिक उपयोग करें और इस स्वदेशी भाव को … Read more

हिमाचल प्रदेश के नैना देवी में भक्तों का सैलाब, हरियाणा डिप्टी स्पीकर ने भी टेका माथा

बिलासपुर,  हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नैना देवी में नवरात्रि के तीसरे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। भक्त माता के चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा अर्चना कर रहे हैं। इस अवसर पर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु नैना देवी मंदिर पहुंच रहे हैं। मंदिर के बाहर श्रद्धालु सुबह से ही कतारों में खड़े होकर मां नैना देवी के दर्शन और आशीर्वाद लेने पहुंचे। मंदिर न्यास ने हिमाचल प्रदेश सरकार के दिशानिर्देशों के तहत श्रद्धालुओं की सुविधा की व्यवस्था की है। श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में गूंज उठा। हरियाणा सरकार के डिप्टी स्पीकर कृष्ण लाल ने भी शक्तिपीठ श्री नैना देवी मंदिर में पूजा-अर्चना कर माता का आशीर्वाद लिया। पुजारी हरीश शर्मा ने बताया कि मंदिर में नवरात्रि के तीसरे दिन काफी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। सरकार के आदेशानुसार सारे कार्य किए जा रहे हैं। महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बारिश और भूस्खलन की वजह से जो रास्ते बंद हो गए थे, उन्हें खोल दिया गया है और अन्य रास्तों को सही कराया जा रहा है। मैं सभी भक्तों से अनुरोध करता हूं कि इन शुभ नवरात्रि के दिनों में आकर माता का आशीर्वाद प्राप्त करें। श्रद्धालुओं ने बताया, “आज का दर्शन बहुत शुभ था, यह एक बहुत ही सकारात्मक और संतोषजनक अनुभव था। आज के दिन ज्यादा भीड़ देखने को मिल रही है। माता भक्तों की मनोकामना जल्दी पूरी करती है।” श्रद्धालुओं ने बताया कि सरकार के दिशा-निर्देशों पर जिला प्रशासन एवं मंदिर ट्रस्ट द्वारा सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। मंदिर और रास्तों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और जगह-जगह सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं। श्रद्धालु लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट जिले के ग्रामीण एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्र के करीब 4 हजार युवाओं को रोजगार के लिये नियुक्ति-पत्र वितरित किये। इसमें लगभग एक हजार युवतियॉ शामिल है, जिनका बैंगलोर की कंपनियों में प्लेसमेंट हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के 850 युवाओं को गृह विभाग के विशेष दस्ते में नौकारी के नियुक्ति-पत्र भी सौंपे। इतनी बड़ी संख्या में जिले के ग्रामीण एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्र के युवाओं को रोजगार मिलने से न केवल उनका एवं परिवार का भविष्य संवरेगा साथ ही नक्सलवाद जैसी चुनौती को खत्म करने में मदद मिलेगी। बालाघाट के कटंगी तहसील में हुए कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा, कंपनी के प्रतिनिधियों, चयनित अभ्यर्थी और उनके परिजन शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने देश की प्रतिष्ठित कंपनियों से चर्चा उपरांत सांदीपनि विद्यालय बालाघाट में 20 से 22 सितम्बर तक रोजगार महोत्सव का आयोजन कराया। कंपनियों द्वारा लगभग 5 हजार युवाओं की भर्ती की जाना है। तीन दिन के इस महोत्सव में सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं तथा शासकीय विभागों के सहयोग से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से अधिक से अधिक युवाओं को शामिल कराया गया और उन्हें बालाघाट पहुंचाने में मदद की गई। इस रोजगार महोत्सव में टाटा मोटर्स, टाटा इलेक्ट्रानिक्स, एमआरएफ, क्यूमयुईएसएस बैंगलुरू, एल एंड टी, सीआईआई छिंदवाड़ा, रेमंड कंपनी एवं अन्य कंपनियों के प्रतिनिधियों द्वारा 10वीं पास, 12वीं पास एवं आईटीआई डिप्लोमा प्राप्त 2734 युवाओं का इंटरव्यू लेकर चयन किया गया है। इसमें 1889 युवक एवं 845 युवतियॉ शामिल है। पुलिस द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्र के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिये विशेष कैम्प लगाया गया जिसमें 500 युवाओं का चयन एल एंड टी कंपनी द्वारा किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा पूर्व में आयोजित किये गए रोजगार मेलों में भी 500 युवाओं का चयन किया गया है। इस प्रकार बालाघाट के ग्रामीण एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्र के 3734 युवाओं को देश की प्रतिष्ठित कंपनी में रोजगार उपलब्ध कराया गया है।  

मुख्यमंत्री साय राष्ट्रीय सेवा योजना के स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह में हुए शामिल

रायपुर, व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर किया गया हर कार्य सेवा और राष्ट्र निर्माण का कार्य होता है। राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक राष्ट्रनिर्माण में महत्वपूर्ण भागीदारी निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत देशभर में 4 लाख से अधिक विद्यार्थी स्वयंसेवक के रूप में कार्य कर रहे हैं। हमारे प्रदेश में भी एक लाख से अधिक विद्यार्थी सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभा रहे हैं, जो छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। आज जिन स्वयंसेवकों को उनके श्रेष्ठ कार्यों के लिए सम्मानित किया जा रहा है, उन्हें हम हार्दिक बधाई देते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज़ादी की लड़ाई के समय यह माना जाता था कि स्वतंत्रता संग्राम में सहयोग देना ही राष्ट्रसेवा है। आज जब देश स्वतंत्र हो चुका है, तो राष्ट्रसेवा का अर्थ है सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में अपना समग्र योगदान देना। एनएसएस के स्वयंसेवक इस दिशा में बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्वयंसेवकों को राष्ट्रसेवा का स्वरूप समझाते हुए कहा कि जब हम एक पेड़ लगाते हैं तो राष्ट्रसेवा करते हैं। जब हम किसी को अस्पताल तक पहुँचाते हैं तो राष्ट्रसेवा करते हैं। किसी की आर्थिक मदद करना, किसी को पढ़ने-लिखने में सहयोग करना भी राष्ट्रसेवा ही है। हर कार्य जो हम अपने व्यक्तिगत स्वार्थ से परे होकर करते हैं, वही सेवा और राष्ट्र निर्माण का कार्य है। उन्होंने कहा कि एनएसएस के स्वयंसेवक पूरे मनोयोग से सेवा करते रहें और शिक्षा के प्रचार-प्रसार में योगदान दें ताकि कोई भी शिक्षा से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। नई औद्योगिक नीति के तहत उद्योगों में रोजगार देने वाले उद्यमियों को सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। पिछले 10 महीनों में लगभग 7.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस निवेश से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सेवा केवल दूसरों की मदद करना ही नहीं है, बल्कि यह चरित्र, सोच और जिम्मेदारी की भावना को आकार देने का माध्यम भी है। युवाओं की ऊर्जा और उत्साह ही समाज और राष्ट्र की असली पूंजी है। एनएसएस स्वयंसेवक जिस लगन और समर्पण से सेवा कार्य कर रहे हैं, वह हमारी युवा शक्ति का परिचायक है। स्वच्छ भारत अभियान की सफलता में एनएसएस स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका रही है। उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य सहित अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना की पत्रिका ‘समर्पण’ और विकसित भारत क्विज कार्यक्रम के पोस्टर का विमोचन किया। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य कर रही संस्थाओं, अधिकारियों और स्वयंसेवकों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर सीएसआईडीसी के अध्यक्ष  राजीव अग्रवाल, सचिव उच्च शिक्षा डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त उच्च शिक्षा संतोष कुमार देवांगन, एनएसएस उप कार्यक्रम सलाहकार डॉ. अशोक कुमार श्रोती, राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. नीता बाजपेयी, सभी जिलों के एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक और प्रदेशभर से बड़ी संख्या में आए स्वयंसेवक उपस्थित थे।