samacharsecretary.com

तेज रफ्तार बाइक की भिड़ंत से युवक की मौत…

 जनकपुर  थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मोहनटोला में शिक्षक की गाड़ी से भिडंत होने पर युवक की मौत हो गई। आज सुबह लगभग 10:00 बजे मोहनटोल के माध्यमिक शाला में पदस्थ शिक्षक शिवलाल अपनी होंडा साइन मोटरसाइकिल से माध्यमिक शाला मोहन टोला के लिए निकले थे। मगर जब मुख्य मार्ग से शिक्षक शिवलाल मुड़कर माध्यमिक शाला की ओर जा रहे थे तभी पीछे से मुकेश कुमार सिंह पिता शिव मूरत सिंह उम्र 21 वर्ष की मोटरसाइकिल हीरो एचएफ डीलक्स से भीड़ गई।  जिसके बाद ग्रामीणों की मदद से मुकेश कुमार को इलाज के लिए जनकपुर सामुदायिक स्वास्थ्यकेंद्र लाया गया  मगर डॉक्टर ने उसे मृत्यु घोषित कर दिया। जनकपुर पुलिस मामले की जांच कर रही है। वही मुकेश के मृत्यु होने की खबर सुनकर गांव में ग़म का माहौल है।

शांति और भक्ति का नया केंद्र: जोधपुर का स्वामीनारायण मंदिर तैयार

जोधपुर  ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नगरी जोधपुर के बीच बोचासनवासी श्री अक्षर पुरूषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) मंदिर एक अद्वितीय स्थल के रूप में उभरा. ये मंदिर भक्ति का एक पवित्र स्थान और आध्यात्मिक उत्थान का एक प्रकाश स्तंभ है. यह एक दिव्य जगह है जहां मन और आत्मा को शाश्वत शांति का अनुभव होता है. भक्ति, विश्वास और कृतज्ञता से निर्मित यह मंदिर ईश्वर की असीम महानता और अनंत दिव्यता के प्रति एक विनम्र भेंट है. यह हर आत्मा को आनंद, सत्य, चेतना और परम आनंद की ओर अनंत यात्रा पर निकलने के लिए आमंत्रित करता है. यह मंदिर परिसर स्वामीनारायण संप्रदाय के संस्थापक भगवान स्वामीनारायण को समर्पित है. अपने जीवन और शिक्षा के जरिए उन्होंने हिंदू धर्म के शाश्वत सिद्धांतों के अनुसार नैतिक जीवन तथा सामाजिक उत्थान पर बल दिया. उनका जीवन आज भी दुनिया भर के लाखों लोगों को भक्ति, धार्मिकता और सत्य को दैनिक जीवन के मार्गदर्शक सिद्धांतों के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करता है. इस मंदिर के पीछे प्रमुख स्वामी महाराज की प्रेरणा है. वह एक आध्यात्मिक गुरु रहे, जिनके निस्वार्थ, विनम्र और करुणामय जीवन ने अनगिनत जीवन बदल दिए. उन्होंने दुनिया भर में 1,200 से ज्यादा मंदिरों और सांस्कृतिक केंद्रों, साथ ही अस्पतालों, स्कूलों और मानवीय संस्थाओं के निर्माण को प्रेरित किया. साथ ही शांति, सद्भाव और नैतिक जीवन के अपने दृष्टिकोण से समाज का उत्थान किया. प्रमुख स्वामी महाराज हिंदू आस्था और संस्कृति के एक प्रखर प्रकाश स्तंभ थे.   इस मंदिर की परिकल्पना और साकार रूप महंत स्वामी महाराज, प्रमुख स्वामी महाराज के वर्तमान आध्यात्मिक उत्तराधिकारी और BAPS के वर्तमान गुरु, के दिव्य मार्गदर्शन में हुआ. अपने गुरु की दिव्य दृष्टि को साकार करते हुए महंत स्वामी महाराज ने दुनिया भर के हजारों स्वयंसेवकों को इस मंदिर के निर्माण के लिए समर्पण और निस्वार्थ सेवा को प्रेरित किया. उन्होंने संदेश देते हुए कहा कि हमारी प्राचीन हिंदू कला, वास्तुकला और संस्कृति के बारे में जानें. शांति, सद्भाव, नैतिकता और निस्वार्थ सेवा के शाश्वत मूल्यों को अपनाएं. अपने जीवन, परिवार और समाज में विश्वास और प्रेम का प्रवाह निरंतर बना रहे. मंदिर की विशेषताएं पवित्र पूजा मंडपः यहां हर विजिटर पवित्रता, शांति और ईश्वर की दिव्य उपस्थिति का अनुभव करता है. देवताओं के दर्शन भक्तों को आंतरिक शक्ति, शांति और आध्यात्मिक आनंद से भर देते हैं. नीलकंठ अभिषेक मंडपमः भूतल पर भगवान स्वामीनारायण की नीलकंठ वर्णी के रूप में एक दीप्तिमान पंचधातु मूर्ति चमकती है. अपनी किशोरावस्था में, नीलकंठ वर्णी ने सात वर्षों तक पूरे भारत में 12,000 किलोमीटर से अधिक की यात्रा की. इस दौरान त्याग, अनुशासन और भक्ति की प्रेरणा दी. यह मंडपम अभिषेक, प्रार्थना और चिंतन के लिए एक स्थान प्रदान करता है, जो आंतरिक शांति और आत्म-अनुशासन का संचार करता है. सभा मंडपः एक विशाल सभागार में प्रवचन, भक्ति संगीत और सत्संग सभाएं आयोजित की जाती हैं, जो दैनिक जीवन के लिए व्यावहारिक आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करती हैं. उद्यान और चिल्ड्रेन पार्कः मंदिर परिसर भूदृश्य उद्यानों से सुसज्जित है और जल्द ही इसमें एक चिल्ड्रेन पार्क भी होगा, जो सभी उम्र के विजिटर्स को शांति और आनंद प्रदान करेगा.   क्या है BAPS संगठन? बोचासनवासी श्री अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (BAPS) एक वैश्विक सामाजिक-आध्यात्मिक हिंदू संघ है, जिसकी औपचारिक स्थापना 1907 में भगवान स्वामीनारायण की परंपरा के तीसरे आध्यात्मिक उत्तराधिकारी शास्त्रीजी महाराज ने की थी. वैदिक मूल्यों पर आधारित BAPS मंदिरों, शैक्षिक सेवाओं, स्वास्थ्य सेवा, आपदा राहत, नशामुक्ति अभियानों, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण आदि के माध्यम से मानवता की सेवा करता है. दुनिया भर में 5,025 से अधिक केंद्रों और संयुक्त राष्ट्र में एक सलाहकार गैर सरकारी संगठन के रूप में मान्यता प्राप्त, BAPS समग्र उत्थान, नैतिक जीवन और आध्यात्मिक जागृति के लिए कार्य करता है.   संस्थापक: भगवान स्वामीनारायण (1781-1830 ई.) स्थापना: 1907 में शास्त्रीजी महाराज द्वारा मुख्य उद्देश्य: नैतिक और सामाजिक उत्थान के साथ आध्यात्मिक प्रगति विजन: सद्भाव, सह-अस्तित्व और विश्व बंधुत्व को बढ़ावा देना आउटरीच: दुनिया भर में 1,700 से अधिक मंदिर, मान्यता प्राप्त मानवीय सेवाएं मुख्य सिद्धांत: अक्षरब्रह्म गुरु के मार्गदर्शन में परब्रह्म पुरुषोत्तम के प्रति अटूट भक्ति  

मुख्यमंत्री फेस तय करने का जिम्मा विधायकों को, पप्पू यादव ने कांग्रेस सम्मान पर जताई चिंता

मोतिहारी बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां काफी तेज हैंं। इस चुनाव में महागठबंधन और एनडीए के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है। लेकिन चुनाव से पहले अभी तक महागठबंधन का सीएम फेस कौन होगा? इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। राष्ट्रीय जनता दल के कई कार्यकर्ता यह कहते हैं आए हैं महागठबंधन में सीएम फेस तेजस्वी यादव होंगे। हालांकि, अभी तक इसपर महागठबंधन में शामिल घटक दलों की तरफ से साफ-साफ नहीं कहा गया है। इस बीच पूर्णिया के निर्दलीय सांसद और कांग्रेस नेता पप्पू यादव ने महागठबंधन में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर बड़ा बयान दिया है। पप्पू यादव मोतिहारी में मौजूद थे। सांसद पप्पू यादव ने यहां महागठबंधन के सीएम फेस को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि चुनाव के बाद विधायक मुख्यमंत्री का चेहरा तय करेंगे। साथ ही साथ पप्पू यादव ने यह भी कहा है कि कांग्रेस पार्टी के सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं होगा। पप्पू यादव ने कहा, 'जनता हमारे विधायकों का चयन करेगी और विधायक मुख्यमंत्री का चयन करेंगे। अभी मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का मुद्दा नहीं है। ये हमारे नेता ने कह दिया है। एनडीए से पूछिए कि उनका सीएम फेस है क्या? अमित शाह कई बार कह चुके हैं कि हम उनके नेतृत्व में लड़ेंगे लेकिन सीएम फेस बाद में देखेंगे। पप्पू यादव ने आगे कहा कि हमारे नेता का सम्मान, कांग्रेस वर्कर का सम्मान और कांग्रेस पार्टी के सम्मान, इन तीनों से कोई समझौता नहीं होगा। मोतिहारी आएंगे प्रियंका गांधी पप्पू यादव ने कहा कि मोतिहारी में प्रियंका गांधी का आगमन एनडीए सरकार के खिलाफ बड़ा जन आंदोलन बनेगा। सोमवार को सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने कहा कि वह युवाओं-बेटियों के हक की जोरदार आवाज बनेगी। प्रियंका गांधी 26 सितंबर को मोतिहारी के गांधी मैदान में रैली को संबोधित करेंगी। उन्होंने कहा कि यह रैली संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने के लिए बड़ी क्रांति का प्रतीक बनेगी। यह 2025 से शुरू होकर 2029 तक देश बचाने का अभियान चलेगा।

परिवार पहचान पत्र से होगा बड़ा बदलाव, हरियाणा में एआई क्रांति फैलाएगी हर रिकॉर्ड में पारदर्शिता

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार अब परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) को सिर्फ पहचान या आधार लिंकिंग तक सीमित नहीं रखना चाहती। दूसरी पारी में इस योजना का चेहरा बदलने वाला है। सरकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशिल इंटेलिजेंस) के सहारे पीपीपी को भूमि स्वामित्व रिकॉर्ड, आयकर रिटर्न (आईटीआर), बैंक अकाउंट और टीडीएस डेटा से जोड़ने की तैयारी कर रही है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ उन्हीं तक पहुंचे जिन्हें वास्तव में इसकी ज़रूरत है। अभी तक पीपीपी केवल आधार और लाभार्थी परिवार के एक बैंक अकाउंट से जुड़ा हुआ है। लेकिन अब इसका दायरा काफी व्यापक होने जा रहा है। राज्य सरकार ने भूमि अभिलेखों को लिंक करने का काम पहले ही शुरू कर दिया है। अगले चरण में इसे केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के डाटा से भी जोड़ दिया जाएगा। यानी किसी भी परिवार की आय, बैंकिंग ट्रांजेक्शन और टैक्स रिटर्न एक क्लिक में ट्रैक हो सकेंगे। हरियाणा सरकार का यह कदम कल्याणकारी योजनाओं की डिलीवरी को स्मार्ट और पारदर्शी बनाने की दिशा में क्रांतिकारी साबित हो सकता है। अब यह केवल पहचान का दस्तावेज नहीं रहेगा, बल्कि आर्थिक और सामाजिक स्थिति का पूरा डिजिटल खाका होगा। सरकार की उम्मीद है कि पीपीपी और एआई का यह मेल हरियाणा की ‘लाभार्थी राजनीति’ को नई दिशा देगा और असली हकदारों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करेगा। एआई बदलेगा सरकारी योजनाओं की तस्वीर पीपीपी कार्यक्रम के स्टेट कोऑर्डिनेटर सतीश खोला का कहना है कि भूमि अभिलेखों और सीबीडीटी डेटा को पीपीपी से जोड़ना कल्याणकारी योजनाओं की पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। एआई से डेटा का विश्लेषण होगा, जिससे पात्रता का अधिक सटीक आकलन किया जा सकेगा। खोला के मुताबिक, योजना की उच्चस्तरीय समीक्षा हो चुकी है और जल्द ही इसे लागू किया जाएगा। 76 लाख परिवार जुड़े, 40 लाख बीपीएल हरियाणा में अब तक 76 लाख से ज्यादा परिवार पहचान पत्र बनाए जा चुके हैं। इनमें से 40 लाख से अधिक परिवार बीपीएल श्रेणी में दर्ज हैं। यही वजह है कि सरकार अब इस डाटा को और अधिक पारदर्शी बनाना चाहती है, ताकि वास्तविक गरीब परिवारों को ही लाभ मिल सके। हालांकि बीपीएल परिवारों की संख्या बढ़ने और फिर कटने को लेकर विपक्ष सरकार को घेरता भी रहा है। विधानसभा के हालिया मानसून सत्र में भी यह मुद्दा उठ चुका है। आय प्रमाण पत्र की जगह डिजिटल ट्रैकिंग अभी तक किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए आय प्रमाण पत्र, आधार और कुछ सहायक दस्तावेज़ देना अनिवार्य था। लेकिन अब तस्वीर बदल जाएगी। एआई संचालित सिस्टम सीधे यह बता सकेगा कि किस परिवार की वास्तविक आय कितनी है, उनके पास कितनी जमीन है और वे किस टैक्स स्लैब में आते हैं। एक अधिकारी ने बताया कि डिजिटल रिकॉर्ड पहले से सरकारी विभागों में मौजूद हैं। एआई इन्हें जोड़कर पात्रता का असली नक्शा खींच देगा। योजनाओं में होगी पारदर्शिता सरकार का तर्क है कि जब लाभार्थियों का पूरा वित्तीय व भूमि डाटा एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा, तो फर्जीवाड़े की संभावना बेहद कम हो जाएगी। किसी भी परिवार के कई बैंक खातों की जानकारी भी सामने आ जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि योजना का लाभ डुप्लीकेट अकाउंट या गलत दस्तावेज़ के आधार पर न लिया जाए। सरकार का कहना है कि यह कदम केवल प्रशासनिक सुधार नहीं है, बल्कि सामाजिक न्याय की दिशा में भी एक बड़ा प्रयोग है। भविष्य की लम्बी प्लानिंग पीपीपी का यह नया स्वरूप हरियाणा को उन चुनिंदा राज्यों की कतार में खड़ा कर देगा, जो डेटा-ड्रिवन गवर्नेंस की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। पहले चरण में आधार और बैंक अकाउंट लिंक किए जाएंगे। इसके बाद दूसरे चरण में भूमि रिकॉर्ड और टैक्स डाटा इंटीग्रेशन पर काम होगा। तीसरे चरण में एआई आधारित डेटा विश्लेषण और पात्रता निर्धारण पर काम होगा।

यात्रियों के लिए खुशखबरी: पंजाब में नए हाईस्पीड ट्रेन कनेक्शन पर जल्द ही हरी झंडी

चंडीगढ़  पंजाब के लिए केंद्र दो प्रमुख रेल परियोजनाओं की घोषणा करने जा रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और उनके उप-मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू मोहाली-राजपुरा रेल लिंक के शुरू होने की घोषणा करेंगे, जो 50 वर्षों से लंबित एक मांग है।  वह फिरोजपुर-नयी दिल्ली वंदे भारत ट्रेन के शुरू होने की भी घोषणा करेंगे, जिसे इसी सप्ताह हरी झंडी दिखाई जाएगी। यह ट्रेन बुधवार को छोड़कर पूरे सप्ताह चलेगी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मोहाली-राजपुरा रेल लिंक आखिरकार शुरू होने जा रहा है। यह चंडीगढ़ को मालवा क्षेत्र- राजपुरा, पटियाला, संगरूर आदि से जोड़ेगा। फिरोजपुर से नयी दिल्ली तक वंदे भारत ट्रेन पूरे मालवा क्षेत्र को दिल्ली से भी जोड़ेगी। यह ट्रेन फिरोजपुर से बठिंडा, धुरी, पटियाला, अंबाला होते हुए नयी दिल्ली तक चलेगी।

बिहार पूजा स्पेशल बस: किराया हुआ 1/3 तक कम, जानें सब्सिडी और टाइमिंग

पटना  बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) की त्योहारी सीजन सेवा के तहत पर्व स्पेशल बसों से दिल्ली, गुरुग्राम, अंबाला, कोलकाता, लखनऊ जैसे शहरों से बिहार आना-जाना काफी सस्ता हो गया है। राज्य सरकार पर्व स्पेशल बसों के किराया पर भारी सब्सिडी दे रही है, जिससे सफर का खर्च एक तिहाई तक कम हो गया है। दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ के दौरान हवाई किराया बढ़ने और ट्रेन में टिकट की सदाबहार किल्लत के कारण सरकार ने कई शहरों से एसी और नॉन एसी बसों को चलाने का फैसला किया है। बीएसआरटीसी ने बसों की समय सारिणी (टाइम टेबल) के साथ असली किराया, उसमें दी जा रही सब्सिडी और पैसेंजर द्वारा भुगतान की जाने वाली राशि की लिस्ट भी जारी कर दी है। बिहार में नवंबर में विधानसभा चुनाव है और वोटरों को लुभाने के लिए सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार कई वर्गों के लिए एक के बाद एक नकद सहायता राशि की स्कीम शुरू कर रही है। पहले से चल रही योजनाओं में मदद की राशि बढ़ाई जा रही है। बस किराया पर सब्सिडी को उसी से जोड़कर देखा जा रहा है। पर्व स्पेशल बसें 20 सितंबर से 30 नवंबर तक चलेंगी। छठ 28 अक्टूबर को ही है लेकिन चुनाव को ध्यान में रखते हुए योजना में वापसी के लिए 30 नवंबर तक का समय कवर कर लिया गया है ताकि वोटर चाहे तो मतदान के बाद लौटे। उदाहरण के लिए किशनगंज से दिल्ली का निर्धारित किराया एससी स्लीपर के लिए 3247 रुपये है लेकिन इसमें सरकार की तरफ से 992 रुपये की सब्सिडी दी जा रही है। एक पैसेंजर को इस बस से किशनगंज आने या किशनगंज से दिल्ली जाने के लिए मात्र 2255 रुपये ही देने होंगे। यह मूल किराया में 30 परसेंट से ऊपर की छूट है। बिहार के अलग-अलग जिलों से दिल्ली, गुरुग्राम, कोलकाता, लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, अंबाला, सिलीगुड़ी, रांची समेत अन्य शहरों के लिए बस किराए में अलग-अलग सब्सिडी है और कुछ में यह मदद 37-38 फीसदी तक जा रही है।

रायपुर: महतारी सदन योजना से होगा महिला-प्रधान विकास, छत्तीसगढ़ बनेगा उदाहरण – मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड के करेली बड़ी गांव से प्रदेश के 51 महतारी सदनों का लोकार्पण किया। नवरात्रि के पावन पर्व के दौरान शुरू की गई महतारी सदन योजना को  साय ने प्रदेश की माताओं और बहनों की तरक्की के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि माताओं-बहनों, के लिए गाँवों में ही केंद्र बनाने महतारी सदनों के निर्माण की घोषणा सरकार ने की थी ताकि आप वहां एकत्रित होकर एक बड़ी सुविधापूर्ण जगह में मिल-जुलकर अपना काम कर सकें। आज यह बड़ा काम पूरा हुआ है। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  विजय शर्मा, राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, लोकसभा सांसद मती रूप कुमारी चौधरी, पूर्व मंत्री एवं कुरूद के विधायक  अजय चन्द्राकर सहित सचिव मती निहारिका बारिक और जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण जन एवं गणमान्य नौगरिक मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने आस्था महिला संकुल संगठन करेली बड़ी की महिला समूह सदस्यों को महतारी सदन का हस्तांतरण प्रमाण पत्र भी सौंपा। मुख्यमंत्री ने परिसर मौल का पौधा भी रोपा।  51 महतारी सदनों का किया लोकार्पण  मुख्यमंत्री ने धमतरी के करेली बड़ी से 51 महतारी सदनों का किया लोकार्पण मुख्यमंत्री ने धमतरी के करेली बड़ी से 51 महतारी सदनों का किया लोकार्पण मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी सदन योजना छत्तीसगढ़ को महिला-केंद्रित विकास का मॉडल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। महतारी सदन केवल महिलाओं की तरक्की का आधार ही नहीं बनेगा, बल्कि यह पूरे प्रदेश की तरक्की का आधार बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महतारी सदन माताओं-बहनों की शक्ति, सम्मान और आत्मनिर्भरता का नया केंद्र होगा। महतारी सदन शिक्षा, कौशल और उद्यमिता के द्वार खोलेंगे। उन्होंने कहा कि इन सदनों में महिला स्व-सहायता समूहों को जोड़कर आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। माताएँ-बहनों के लिए महतारी सदन में सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, हस्तशिल्प, कृषि-आधारित प्रशिक्षण और डिजिटल साक्षरता जैसे अनेक कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

भाजपा के नए अध्यक्ष पर सस्पेंस, विपक्ष ने साधा निशाना

नई दिल्ली  भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष के चुनाव में देरी पर अब विपक्ष निशाना साध रहा है। विपक्षी गठबंधन INDIA के सदस्य दल शिवसेना (UBT) ने आरोप लगाए हैं कि देश को चलाने वाली पार्टी अपने खुद के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव नहीं कर पा रही है। उनका दावा है कि किसी एक नेता के नाम पर सहमति नहीं बन पा रही है। फिलहाल, इसे लेकर भाजपा की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। शिवसेना (यूबीटी) से राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा, 'एकमत नहीं हो रहा है नाम के ऊपर यह भी सच है। एक पार्टी देश चला रही है, लेकिन अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष का चयन नहीं कर पा रही है। यह क्या मामला है, क्या मसला है किसी को नहीं पता। आप चुनाव आयोग को बदल सकते हो, आप सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को बदल सकते हो, आप किसी को भी बदल सकते हो।' उन्होंने आगे कहा, 'आप देश के उपराष्ट्रपति को घर भेज सकते हो, लेकिन आपकी पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष का चयन नहीं कर सकती। यह क्या मामला है, देश को पता होना चाहिए। आप कल राष्ट्रपति को भी घर भेजेंगे, जैसे धनखड़ साहब को भेजा है, लेकिन आप अपनी पार्टी का अध्यक्ष नहीं चुन सकते।' पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देकर इस्तीफा दे दिया था। हाल ही में हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में सीपी राधाकृष्ण ने जीत हासिल की है। भाजपा अध्यक्ष फिलहाल, केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा भाजपा की कमान संभाल रहे हैं और इससे पहले उन्हें कार्यकाल विस्तार दिया जा चुका है। यह साफ नहीं है कि भाजपा कब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव करेगी, लेकिन अटकलें लगाई जा रही हैं कि बिहार विधानसभा चुनाव के पहले पार्टी नया कप्तान चुन सकती है। हालांकि, इसे लेकर भी आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। रेस में कौन भाजपा ने अब तक संभावित उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं, लेकिन अटकलें हैं कि इस रेस में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मनोहर लाल खट्टर, भूपेंद्र यादव, धर्मेंद्र प्रधान का नाम शामिल है। साथ ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नाम की भी अटकलें जारी हैं। फिलहाल, पार्टी ने या किसी भी नेता ने इस बात की पुष्टि नहीं की है।  

कार्डियोलॉजी विभाग ने हृदय के 100% ब्लॉकेज पर दर्ज की जीत, एसीआई में मरीज की सफल एंजियोप्लास्टी

  रायपुर पं. जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट (एसीआई) अब न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पड़ोसी राज्यों के मरीजों के लिए भी जीवनदाता बनता जा रहा है। हाल ही में एसीआई के कार्डियोलॉजी विभाग में मध्यप्रदेश निवासी 60 वर्षीय मरीज के हृदय की 100% ब्लॉक हो चुकी चार नसों की सफल एंजियोप्लास्टी की गई। मरीज के परिजनों के अनुसार, मरीज लंबे समय से दवाओं के सहारे जीवन जी रहे थे। मध्यप्रदेश के कई बड़े अस्पतालों ने एंजियोप्लास्टी करने से मना कर दिया था। इस बीच उनके एक करीबी रिश्तेदार से पता चला कि एसीआई में कुछ वर्ष पूर्व एक मरीज के जटिल हृदय रोग का सफल उपचार किया गया है। इसी भरोसे के साथ वे रायपुर पहुँचे। स्वयं मरीज अपना अनुभव बताते हुए कहते हैं कि जब कई बड़े अस्पतालों के डॉक्टरों ने कह दिया था कि उनके यहाँ इलाज संभव नहीं है तो एसीआई बड़ी उम्मीद लेकर आया था। डॉक्टर से हमने कह भी दिया था कि जितना भी रिस्क हो, आप इलाज़ की तैयारी कीजिये, मैं उसके लिए मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार हूँ। अंततः यहाँ के डॉक्टरों ने मुझे नया जीवनदान दिया।  कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित वास्तव के नेतृत्व में हुई इस प्रक्रिया में राइट फीमोरल एंजियोप्लास्टी के जरिए मरीज की ब्लॉक नसों को खोला गया। फिलहाल मरीज पूरी तरह स्वस्थ हैं और जल्द ही उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। डॉ. वास्तव ने बताया कि पाँच वर्ष पूर्व भी मध्यप्रदेश से आए एक मरीज की सफल लेजर एंजियोप्लास्टी की गई थी। इस बार भी कठोर ब्लॉकेज को देखते हुए लेजर की तैयारी की गई थी, किंतु सौभाग्य से सामान्य एंजियोप्लास्टी से ही सफल परिणाम मिल गये। डीन डॉ. विवेक चौधरी ने मरीज की स्थिति को देखते हुए विभाग को अतिशीघ्र एंजियोप्लास्टी करने के निर्देश दिये।

रायगढ़ में उपभोक्ता बन रहे ऊर्जा उत्पादक – बचत भी, कमाई भी

रायपुर : प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से बदल रही जिंदगी रायगढ़ में उपभोक्ता बन रहे ऊर्जा उत्पादक – बचत भी, कमाई भी बिजली का बिल हुआ अतीत, सूरज की रोशनी बनी आत्मनिर्भरता का जरिया रायपुर सूरज की किरणें अब केवल जीवनदायिनी शक्ति ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और आर्थिक मजबूती का नया स्रोत भी बन चुकी हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने आम उपभोक्ताओं को ऊर्जा उपभोक्ता से ऊर्जा उत्पादक बना दिया है। रायगढ़ जिले में यह योजना सैकड़ों परिवारों के जीवन को नई रोशनी दे रही है। अब तक जिले में 300 से अधिक घरों की छत पर सौर पैनल लगाए जा चुके हैं। इस योजना का लाभ उठाने वाले परिवारों के अनुभव ही इसकी असली सफलता की कहानी बयां कर रही हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से बदल रही जिंदगी लोहरसिंह गांव के ईश्वर प्रसाद नायक ने बताया कि 3 किलोवॉट का सोलर प्लांट लगाने के बाद अप्रैल में 267 यूनिट बिजली उत्पन्न हुई। उन्हें 577 रुपए की छूट मिली। मई में उनका पूरा उपभोग सौर ऊर्जा से पूरा हुआ और बिल शून्य हो गया। रायगढ़ के प्रदीप मिश्रा और प्रदीप पटेल ने बताया गया कि इस योजना ने उन्हें आर्थिक राहत के साथ मानसिक शांति और आत्मनिर्भरता का अहसास भी कराया। हीरापुर कोतरा रोड के राजेंद्र चौरसिया ने बताया कि जुलाई में उनके 3 किलोवॉट प्लांट से 507 यूनिट बिजली उत्पन्न हुई। उन्हें 4,178 रुपए की छूट मिली। वे अब अतिरिक्त बिजली ग्रिड में देकर हर महीने हजारों रुपये की बचत कर रहे हैं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम उपभोक्ताओं को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का एक सशक्त माध्यम है। उपभोक्ता न केवल घरेलू जरूरतें पूरी कर सकते हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में बेचकर अतिरिक्त आमदनी भी अर्जित कर सकते हैं। विभागीय टीमें गांव-गांव जाकर नागरिकों को योजना का लाभ समझा रही हैं। यह योजना केवल सस्ती बिजली तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उपभोक्ताओं को बचत और अतिरिक्त कमाई का अवसर देती है। परिवारों को आर्थिक सशक्तिकरण प्रदान करती है। पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देती है।   आकर्षक सब्सिडी और आसान प्रक्रिया विभागीय अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 1 किलोवाट प्लांट से प्रतिमाह लगभग 120 यूनिट बिजली उत्पादन होता है। इसमें केंद्र सरकार 30 हजार रुपए एवं राज्य सरकार 15 हजार रुपए सब्सिडी प्रदान करती है। 2 किलोवाट प्लांट से प्रतिमाह लगभग 240 यूनिट बिजली उत्पादन होता है। इसमें केंद्र सरकार 60 हजार रुपए एवं राज्य सरकार 30 हजार रुपए सब्सिडी देती है। 3 किलोवाट प्लांट से प्रतिमाह लगभग 360 यूनिट बिजली उत्पादन होता है। इसमें केंद्र सरकार 78 हजार रुपए एवं राज्य सरकार 30 हजार रुपए सब्सिडी देती है। शेष राशि उपभोक्ता स्वयं वहन करेंगे, जिसे बैंक ऋण सुविधा के माध्यम से भी प्राप्त किया जा सकता है। योजना का लाभ पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से दिया जा रहा है। उपभोक्ता चउेनतलंहींत.हवअ.पद पोर्टल, पीएम सूर्यघर मोबाइल ऐप, सीएसपीडीसीएल वेबसाइट, मोर बिजली ऐप अथवा टोल-फ्री नंबर 1912 पर कॉल कर आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त नजदीकी सीएसपीडीसीएल कार्यालय से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। उपभोक्ता स्वयं ही ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से वेंडर का चयन कर सकते हैं।