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सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारणी की 11 हजार 678 करोड़ 74 लाख रुपये की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन

मंत्रि-परिषद ने सार्वजनिक निजी भागीदारी से हैलीकॉप्टर सेवा संचालन की दी स्वीकृति सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारणी की 11 हजार 678 करोड़ 74 लाख रुपये की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन अमरकंटक ताप विद्युत गृह, चचाई की 11 हजार 476 करोड़ 31 लाख रूपये पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन 13 स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में सार्वजनिक निजी भागीदारी के तहत निजी ऑपरेटर के सहयोग से राज्य के भीतर हैलीकॉप्टर सेवा संचालन की स्वीकृति प्रदान गई है। संपूर्ण प्रदेश के हवाई अड्डों, हैलीपेड एवं हवाई पट्टियों के बीच निजी ऑपरेटर द्वारा चयनित स्थानों पर हैलीकॉप्टर सेवा प्रदाय की जायेगी। हैलीकॉप्टर का संचालन तीन सेक्टरों में किया जाएगा। सेक्टर-1 में इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, मांडू, महेश्वर, गांधीसागर, मंदसौर, नीमच, हनुवंतिया, खंडवा, खरगौन, बुरहानपुर, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, झाबुआ, नलखेड़ा, भोपाल और जबलपुर शामिल होंगे। सेक्टर-2 में भोपाल, मढ़ई, पचमढ़ी, तामिया, छिंदवाड़ा, सांची, इंदौर, दतिया, दमोह, ग्वालियर, शिवपुरी, कूनो (श्योपुर), ओरछा, गुना, राजगढ़, सागर, होशंगाबाद, बैतूल, टीकमगढ़ और जबलपुर शामिल होंगे। सेक्टर-3 में जबलपुर, बांधवगढ़, कान्हा, चित्रकूट, सरसी, परसिली, मैहर, सतना, पन्ना, खजुराहो, कटनी, रीवा, सिंगरौली, अमरकंटक, सिवनी, सीधी, मंडला, पेंच, डिंडौरी, भोपाल और इंदौर के बीच हेलीकाप्टर सेवा का संचालन किया जायेगा। इस सेवा का उद्देश्य प्रमुख शहरों, धार्मिक स्थलों, राष्ट्रीय उद्यानो और पर्यटक स्थलों के मध्य निजी ऑपरेटर के सहयोग से किफायती एवं स्थायी हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराना है। इस सेवा से यात्रियों, पर्यटकों, व्यवसाइयों, निवेशकों एवं प्रदेश के रहवासियों का प्रदेश में आवागमन सुगम हो सकेगा। इससे प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक शहरों एवं पर्यटक स्थलों के बीच व्यवसाय एवं पर्यटन गतिविधियों में अभिवृद्धि होगी और रोजगार के नये अवसरों का सृजन भी होगा। सतपुड़ा ताप विद्युत गृह , सारणी की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड की 660 मेगावाट की सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारणी की पुनरीक्षित लागत 11 हजार 678 करोड़ 74 लाख रुपये (नॉन EPC सहित) का अनुमोदन प्रदान किया गया है। परियोजना का वित्त पोषण 20:80 अंशपूँजी एवं ऋण के अनुपात में किया जायेगा। राज्य शासन द्वारा 20 प्रतिशत अंशपूँजी में से 684 करोड़ 53 लाख रूपये की राशि प्रदान की जायेगी और शेष राशि की व्यवस्था म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा स्वयं के स्त्रोत से की जायेगी। राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 तक प्रदान/आवंटित की गई 431 करोड़ 45 लाख रुपये की राशि के अतिरिक्त शेष राज्यांश वित्तीय वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक की अवधि में 50 करोड़ 62 लाख रूपये विभागीय बजट के माध्यम से प्रत्येक वर्ष म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड को उपलब्ध कराई जायेगी। अमरकंटक ताप विद्युत गृह , चचाई की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड की 660 मेगावाट की अमरकंटक ताप विद्युत गृह, चचाई की पुनरीक्षित लागत 11 हजार 476 करोड़ 31 लाख रूपये का अनुमोदन प्रदान किया गया है। परियोजना का वित्त पोषण 20:80 अंशपूँजी एवं ऋण के अनुपात में किया जायेगा। राज्य शासन द्वारा 20 प्रतिशत अंशपूँजी में से 699 करोड़ 90 लाख रुपये की राशि प्रदान की जायेगी और शेष राशि की व्यवस्था मप्र पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड दवारा स्वयं के स्त्रोत से की जायेगी। राज्य शासन दवारा वित्तीय वर्ष 2025-26 तक प्रदान/आवंटित की गई 365 करोड़ रुपये की राशि के अतिरिक्त शेष राज्यांश वित्तीय वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक की अवधि में 66 करोड़ 98 लाख रुपये विभागीय बजट के माध्यम से प्रत्येक वर्ष म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड को उपलब्ध कराई जायेगी। सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा 13 स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मापदण्डों अनुसार मान्यता प्राप्त करने के लिए नॉन क्लीनिकल एवं पैरा क्लीनिकल संकायों में सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की गई है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना, विदिशा, रतलाम, खण्डवा, शहडोल, शिवपुरी, दतिया और छिंदवाड़ा में स्थित स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में इन पदों का सृजन किया गया हैं। इससे राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मापदण्डों अनुसार चिकित्सा महाविद्यालयों का सुचारू संचालन सुनिश्चित हो सकेगा एवं चिकित्सा महाविद्यालयों से उत्तीर्ण स्नातकोत्तर छात्र सीनियर रेसीडेंटशिप चिकित्सा महाविद्यालय में ही कर पायेंगे और नॉन क्लीनिकल एवं पैरा क्लीनिकल संकायों में भी प्रदेश को चिकित्सा शिक्षक प्राप्त हो सकेंगे। 

मध्य प्रदेश से जल्द विदा लेगा मानसून, 25-26 को झमाझम बारिश का अनुमान, आज कुछ जिलों में फुहारें

भोपाल   मध्यप्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज बार-बार रंगत बदल रहा है। कहीं गरज चमक के साथ झमाझम बारिश का दौर जारी है तो कहीं लोग उमस से बेहाल नजर आए। कई राज्यों से मानसून की विदाई हो चुकी है लेकिन एमपी में अभी भी मानसून बरस रहा है, जो अक्टूबर के पहले सप्ताह तक जारी रह सकता है। विदाई से पहले प्रदेश में मानसून का तांडव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के रिपोर्ट के मुताबिक, एमपी में अगले 96 घंटे यानि 26-27 सितंबर तक भारी बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग की माने तो 25 सितंबर के आसपास मौसम में बदलाव हो सकता है। वहीं आज भी प्रदेश के कई हिस्सों में लोकल सिस्टम के कारण बारिश(Heavy Rain) का अलर्ट जारी किया गया है। दशहरे के आसपास अच्छी बारिश की संभावना मौसम विशेषज्ञ एके शुक्ला ने बताया कि अभी मौसम का मिजाज इसी तरह रहने की संभावना, अभी एक दो दिन धूप, उमस रहेगी. इसके बाद गरज चमक के साथ बारिश(Heavy Rain), बौछारों की स्थिति बनती रहेगी। धूप, छांव, बादलों की स्थिति रहेगी। दशहरे के आसपास अच्छी बारिश हो सकती है। शहर से मानसून की विदाई अक्टूबर के पहले सप्ताह में होने के आसार है। भोपाल का मौसम अभी राजधानी भोपाल के मौसम का मिजाज भी इसी तरह रहने की संभावना है, वहीं 25 के आसपास मौसम में फिर बदलाव हो सकता है। ऐसे में विदाई के पहले एक बार फिर मौसम रंगत बदल सकता है। इस बार सितंबर में शहर के अलग-अलग हिस्सों में बारिश(Heavy Rain) का नजारा अलग दिखाई दिया है। ऐसे में शहर में खंडवृष्टि जैसी स्थिति दिखाई दी है। एक सितंबर से ही अगर बात की जाए तो सबसे ज्यादा बारिश अरेरा हिल्स में हुई है, जबकि बैरागढ़ में सबसे कम बारिश हुई है। 1 जून से अब तक की बारिश की स्थिति देखी जाए तो बैरागढ़ के मुकाबले अरेरा हिल्स में 10 इस इंच ज्यादा बारिश हुई है। प्रदेश में मानसूनी बारिश की स्थिति इस मानसूनी सीजन में अब तक मध्य प्रदेश में औसत से 20% अधिक बारिश हुई है। 16 जून से अब तक प्रदेश में कुल 43.9 इंच बारिश दर्ज की गई है, जबकि सीजन का सामान्य औसत 37 इंच है। इससे प्रदेश का मानसूनी कोटा 118% पूरा हो चुका है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 16% और पश्चिमी मध्यप्रदेश में 24% अधिक बारिश हुई है। पूर्वी हिस्सों में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश हुई, जिससे कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। वहीं, पश्चिमी हिस्सों में ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में भी सभी 8 जिलों में कोटे से ज्यादा बारिश हुई है। जिलेवार बारिश का हाल सबसे अधिक बारिश वाले जिले: गुना (65.4 इंच), रायसेन (61.1 इंच), मंडला (60 इंच), श्योपुर (56.6 इंच), अशोकनगर (56 इंच) सबसे कम बारिश वाले जिले: खरगोन (26.8 इंच), शाजापुर (28.6 इंच), खंडवा (28.8 इंच), बड़वानी (29.8 इंच), धार (31.9 इंच) भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, नर्मदापुरम समेत कई जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। इंदौर और उज्जैन संभाग में शुरुआत में कम बारिश हुई थी, लेकिन सितंबर में हुई तेज बारिश से अधिकांश जिलों में सामान्य कोटा पूरा हो गया। आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, 24 सितंबर को प्रदेश के सभी जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है। 25-26 सितंबर को नया वेदर सिस्टम एक्टिव होगा, जिससे प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश हो सकती है। विशेष रूप से बैतूल, बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी में भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि, बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बन सकता है, जो 25-26 सितंबर के आसपास सक्रिय होगा। इससे प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी संभव है और कई जिलों में दो से तीन दिन तक तेज बारिश हो सकती है। मानसून की विदाई और तापमान मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई अक्टूबर के पहले सप्ताह तक होने की संभावना है। हालांकि, बारिश की कमी के कारण प्रदेश में तापमान में वृद्धि दर्ज की गई है। सितंबर माह में पहली बार अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस पार कर गया। भारी बारिश और मानसून की विदाई के बीच प्रदेश के किसानों को खेतों में काम करने का मौका मिलेगा, लेकिन गर्मी और उमस बढ़ने से लोगों को असुविधा भी हो सकती है। सितंबर में शहर में कहां कितनी बारिश अरेरा हिल्स में 266 मिमी नवीबाग में 208.6 मिमी कोलार में 205.2 मिमी बैरागढ़ में 169.2 मिमी

भाजपा की डबल स्ट्रेटजी: दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना से राज्यों में संदेश की लहर

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार की महत्वाकांक्षी ‘दीनदयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना अब महज एक वेलफेयर स्कीम भर नहीं रह गई है, बल्कि भाजपा की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बन चुकी है। मुख्यमंत्री नायब सैनी जल्द दिल्ली जाएंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर इस योजना की पहली किस्त उनके हाथों से दिलाने का अनुरोध करेंगे। भाजपा की मंशा साफ है- इस योजना को हरियाणा तक सीमित न रखकर बिहार और पंजाब जैसे चुनावी राज्यों में भी संदेश पहुंचाना। 25 सितंबर को पंचकूला में राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री सैनी लाडो लक्ष्मी योजना का रजिस्ट्रेशन ऐप लॉन्च करेंगे। इस दिन सभी जिलों में मंत्रियों, सांसदों और विधायकों के जरिए भी यही ऐप लॉन्च कराया जाएगा, ताकि इसे एक बड़े सामूहिक कार्यक्रम का रूप दिया जा सके। सरकार ने इस लॉन्च को लेकर इतनी गंभीरता दिखाई है कि 22 और 23 सितंबर की सार्वजनिक छुट्टियों के बावजूद समाज कल्याण, स्वास्थ्य और नागरिक संसाधन सूचना विभाग के अफसरों की ड्यूटी लगी रही। पोर्टल का काम पूरा हो चुका है और लॉन्चिंग से पहले हर स्तर पर इसकी टेस्टिंग करवाई जा रही है। मुख्यमंत्री नायब सैनी के लिए यह योजना उनकी राजनीतिक साख से भी जुड़ी हुई है। भाजपा नेतृत्व उन्हें एक जनहितकारी और ठोस फैसले लेने वाले मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट करना चाहता है। यही वजह है कि सैनी खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं कर रहे। जानकारों का मानना है कि अगर यह योजना बिना अड़चनों के लागू हो जाती है तो सैनी न सिर्फ राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करेंगे, बल्कि राष्ट्रीय नेतृत्व की नजरों में भी भरोसेमंद चेहरे के रूप में उभरेंगे। 2024 विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने महिलाओं को 2100 रुपए प्रति माह देने का वादा किया था। बजट में इस मद के लिए 5000 करोड़ रुपए का प्रावधान भी कर दिया गया था। अब सरकार पहले ही साल योजना की शुरुआत कर जनता के बीच यह संदेश देना चाहती है कि भाजपा अपने वादों को निभाती है। माना जा रहा है कि यह कदम विपक्ष की उस आलोचना को कमजोर कर देगा जिसमें सरकार पर चुनावी घोषणाएं भूल जाने का आरोप लगाया जाता रहा है। हरियाणा की योजना, राष्ट्रीय रणनीति इस योजना के जरिए भाजपा एक डबल स्ट्रेटजी पर काम कर रही है। पहला, हरियाणा में महिला मतदाताओं को साधना। दूसरा, बिहार और पंजाब में चुनावी माहौल के बीच इसे मॉडल स्कीम की तरह प्रचारित करना। बिहार में चुनाव की घोषणा अक्तूबर में होने वाली है और भाजपा को उम्मीद है कि हरियाणा का उदाहरण वहां महिलाओं के बीच असर दिखाएगा। वहीं पंजाब में 2027 में चुनाव होने हैं, लेकिन भाजपा ने पहले से ही वहां प्रचार में इस योजना का हवाला देना शुरू कर दिया है। 21 लाख महिलाओं तक पहुंचेगा लाभ योजना के पहले फेज में राज्य की करीब 21 लाख महिलाओं को शामिल किया गया है। इनमें उन परिवारों की महिलाएं हैं जिनकी सालाना आय एक लाख रुपए से कम है। 23 से 45 साल की 2 लाख 82 हजार 635 अविवाहित महिलाएं हैं, जो इसमें कवर होंगी। इसी तरह 18 लाख 16 हजार 621 विवाहित लाभार्थी महिलाएं हैं, जिनकी उम्र 23 से 60 साल है। 60 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद वृद्धावस्था पेंशन का लाभ आटोमेटिक तरीके से मिलना शुरू हो जाएगा। सरकार का मानना है कि इस वर्ग को लाभ पहुंचाकर भाजपा सीधे महिला मतदाताओं की भावनाओं से जुड़ सकेगी। यही वजह है कि पहली किस्त पीएम मोदी और गृहमंत्री शाह से दिलवाने की तैयारी की जा रही है, ताकि इसका राजनीतिक असर और गहरा हो।

बिहार राजनीति में तूफ़ान: आरके सिंह ने सम्राट चौधरी से मांगा इस्तीफा

पटना  भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री राज कुमार सिंह उर्फ आरके सिंह ने बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल से कहा है कि वो जन सुराज पार्टी (जेएसपी) के नेता प्रशांत किशोर के आरोपों का जवाब या इस्तीफा दें। सिंह ने कहा कि इसके कारण पार्टी का ग्राफ गिर रहा है इसलिए जरूरत है कि जिन पर आरोप लगा है, वो सामने आकर अपनी बात रखें। बता दें कि प्रशांत किशोर ने पिछले हफ्ते सम्राट चौधरी, दिलीप जायसवाल समेत भाजपा और जदयू के मंंत्री मंगल पांडेय, अशोक चौधरी और सांसद संजय जायसवाल पर अलग-अलग तरह के आरोप लगाए थे। आरके सिंह ने एएनआई से कहा- “उनको सामने आना चाहिए और उसका जवाब देना चाहिए। अगर उनके पास जवाब है तो। अगर जवाब नहीं है तो इस्तीफा दे देना चाहिए। अब जैसे प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया दिलीप जायसवाल पर कि हत्या में शामिल थे। माइनॉरिटी के मेडिकल कॉलेज पर कब्जा कर लिया अवैध रूप से। उसका उत्तर देना चाहिए। अगर उनके पास उत्तर है तो और नहीं है तो बता दें कि नहीं है हमारे पास उत्तर। उत्तर है तो मानहानि का केस कर देना चाहिए।” सम्राट चौधरी की चर्चा करते हुए आरके सिंह ने कहा- “इसी तरह से सम्राट चौधरी। ये (प्रशांत किशोर) बार-बार कहता है कि उप-मुख्यमंत्री सातवीं फेल है। भाई मैट्रिक का डिग्री दिखा देना चाहिए। ग्रेजुएशन का डिग्री दिखा देना चाहिए। ये सरकार की साख, पार्टी की साख पर सवाल पैदा करता है। सामने आना चाहिए। मैं जेडीयू प्रवक्ता (नीरज कुमार) से बिल्कुल सहमत हूं कि सामने आकर कहना चाहिए। जैसे अशोक चौधरी के बारे में उन्होंने कहा कि 200 करोड़ कहां से आए, वैसे ही।” भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अफसर से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राजनेता बनने के बाद नरेंद्र मोदी सरकार में सात साल तक मंत्री रहे आरके सिंह आरा सीट से 2024 का लोकसभा चुनाव सीपीआई-माले के सुदामा प्रसाद से हार गए थे। आरके सिंह समेत शाहाबाद में बीजेपी और जेडीयू के ज्यादातर कैंडिडेट हार गए थे। काराकाट में उपेंद्र कुशवाहा के खिलाफ भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह के निर्दलीय लड़ने से पूरे मगध से शाहाबाद तक समीकरण बदल गया था और वहां से सीपीआई-एमएल के राजाराम सिंह कुशवाहा जीते थे। आरके सिंह ने तब भी भाजपा से आसनसोल का टिकट लौटाकर लड़ने आए पवन सिंह के कारण उपेंद्र कुशवाहा के फंसने के कारण भाजपा से कुशवाहा वोटों की नाराजगी की आशंका जताई थी।  

जेल से रिहाई के बाद आजम खान का पहला कदम – चुपचाप बेटों संग लौटे रामपुर

लखनऊ  समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री आजम खान 23 महीने बाद जेल से रिहा हो गए हैं। सफेद कुर्ता-पायजामा, काली जैकेट और आंखों पर काला चश्मा पहने आजम खान सीतापुर जेल से बाहर आए तो कार में बैठकर बेटों के साथ रामपुर रवाना हो गए। इस दौरान मीडिया ने उसने बात करने की काफी कोशिशें कीं लेकिन आजम खान ने किसी से बात नहीं की। यहां तक कि उन्होंने कार का शीशा तक नीचे नहीं किया। जेल से आजम खान की रिहाई पर खुशी जाहिर करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि आज उनके साथ न्याय हुआ है। उन्होंने आजम खान को समाजवादी पार्टी परिवार का वरिष्ठ सदस्य बताया और कहा कि सपा की सरकार बनते ही उन पर लगे सभी झूठे मुकदमे खत्म किए जाएंगे। उधर, आजम खान की रिहाई से कुछ समय पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव का भी बयान आया। उन्होंने कहा कि सरकार ने उन्हें गलत सजाएं दी थीं। अदालत ने मुकदमों में राहत दी है। उन्होंने कहा कि अदालत के इस फैसले का हम स्वागत करते हैं। समाजवादी पार्टी पूरी तरह से उनकी मदद कर रही है। उधर, आजम खान की रिहाई के मौके पर उन्हें रिसीव करने के लिए मंगलवार की सुबह सीतापुर जेल पर सैकड़ों समर्थकों के साथ सपा की सांसद रुचि वीरा भी पहुंची थीं। सीतापुर जेल पर सुबह से मीडिया का भी जमावड़ा था। आजम खान की रिहाई मंगलवार की सुबह सात बजे होने की संभावना थी लेकिन चालान जमा नहीं होने के कारण इसमें थोड़ी देर हुई। आजम खान 12 बजे के आसपास जेल से रिहा हुए। जेल से बाहर आते वक्त आजम खान सफेद-कुर्ता पायजामा में थे। कुर्ते के ऊपर हमेशा की तरह आजम खान ने जैकेट पहन रखी थी। आंखों पर काला चश्मा भी था। मीडिया कर्मियों ने आजम खान से बात करने की काफी कोशिश की लेकिन आजम खान ने किसी से बात नहीं की। वह अपने बेटों (अब्दुल्ला आजम और अदीब आजम) के साथ रामपुर के लिए रवाना हो गए। रास्ते में आजम खान से बात होने की उम्मीद में कई मीडियाकर्मियों की गाड़ियां भी उनके काफिले के पीछे-पीछे चल रही हैं। रामपुर के रास्ते और रामपुर में भी जगह-जगह समर्थकों ने आजम खान के स्वागत की तैयारी की है।  

सरेआम कत्ल! बस स्टैंड पर पति ने पत्नी की हत्या की, बेटी के सामने दिल दहला देने वाला हादसा

बेंगलुरु  कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक सनसनीखेज कांड सामने आया है, जिसमें एक शख्स ने बस स्टैंड पर ही पत्नी को मार डाला। लोहिताश्व नाम के शख्स ने पत्नी को बस स्टैंड पर ही सरेआम एक दर्जन पर चाकू से मारा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान उसकी 12 साल की बेटी भी मौके पर थी। पुलिस का कहना है कि लोहिताश्व और रेखा ने तीन महीने पहले ही शादी की थी और वे काफी समय से साथ हैं। रेखा की यह दूसरी शादी है और पहले विवाह से उसकी दो बेटियां है। रेखा की एक बेटी उसके मां-बाप के पास यानी अपने ननिहाल में रहती है। वहीं 12 साल की बड़ी बेटी उसके साथ थी। पुलिस का कहना है कि रेखा ने अपने पहले पति से अलग होकर शादी की थी। इसके अलावा लोहिताश्व भी तलाकशुदा था। दोनों शादी के बाद किराये के एक घर में ही रहते थे। कर्नाटक के सिरा कस्बे से ये लोग बेंगलुरु आकर रहने लगे थे। इस दौरान रेखा एक कॉल सेंटर में नौकरी कर रही थी। लोहिताश्व बेरोजगार था तो उसने उसकी भी नौकरी लगवाने में मदद की। उसे ड्राइवर की नौकरी दिला दी थी। लेकिन लोहिताश्व को उसका घर से बाहर जाना अच्छा नहीं लगता था। उसे शक होने लगा था कि रेखा के किसी और से संबंध हैं। इसी को लेकर दोनों के बीच तकरार होने लगी थी। लोहित अकसर आरोप लगाता था कि रेखा का किसी और पुरुष से संबंध है। इसी टकराव के बीच उसने सोमवार को सुबह बस का इंतजार कर रही रेखा पर स्टैंड पर ही हमला बोल दिया। लोहित ने लगातार एक दर्जन बार चाकू से वार किया और लहूलुहान कर दिया। रेखा की मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान उसकी बड़ी बेटी भी मौके पर मौजूद थी। पुलिस और स्थानीय लोगों की ओर से रेखा को अस्पताल ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसकी पहले ही मौत हो गई। एक निजी अस्पताल में रेखा को मृत घोषित किया गया। घटना को अंजाम देने के बाद वह फरार हो गया। हालांकि पुलिस ने अब लोहित को अरेस्ट कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।  

वीडियो वायरल: हारिस रऊफ पर बीजेपी ने कसा तंज, ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र

दुबई  एशिया कप 2025 के सुपर-4 मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 6 विकेट से करारी शिकस्त दी। पाकिस्तान के 172 रनों के लक्ष्य को भारत ने 7 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया। मैच के दौरान पाकिस्तानी तेज गेंदबाज हारिस रऊफ ने बाउंड्री लाइन पर फील्डिंग करते हुए उंगलियों से 6-0 का इशारा किया, जिसका जवाब दर्शकों ने उन्हें विराट कोहली की याद दिलाकर दिया। रऊफ की इस हरकत पर सोशल मीडिया पर उसकी खूब आलोचना हुई। इतना नहीं, हारिस रऊफ विमान गिरने जैसा इशारा करता भी नजर आया। वह भारतीय क्रिकेट फैंस को भड़काने की कोशिश कर रहा था। अब बीजेपी ने इस घटिया हरकत पर तंज कसते हुए एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना की कार्रवाई को दिखाया गया है। भाजपा की ओर से पोस्ट में कहा गया कि रऊफ ने वही दिखाया, जो उसने देखा था। इस वीडियो में ऑपरेशन सिंदूर की क्लिप दिखाई गई है, जब भारतीय सेना ने बीते दिनों पाकिस्तान में जमकर तबाही मचाई थी। पाकिस्तानी खिलाड़ियों से नहीं मिलाया हाथ बता दें कि भारतीय बल्लेबाजों ने पाकिस्तानी गेंदबाजों की जमकर धुनाई की, जिससे पाकिस्तान की टीम दबाव में आ गई। अभिषेक शर्मा ने 74 और शुभमन गिल के 47 रन की मदद से 105 रनों की शानदार साझेदारी हुई, जिसने भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। पाकिस्तान की पारी में भारत के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया, जिसके चलते पाकिस्तान 171 रनों पर सिमट गया। भारत की ओर से अभिषेक और गिल ने 9वें ओवर में ही स्कोर 100 के पार पहुंचा दिया। हालांकि, फहीम ने गिल को बोल्ड कर साझेदारी तोड़ी और रऊफ ने सूर्यकुमार यादव को आउट किया, लेकिन भारत ने आसानी से जीत हासिल कर ली। इस जीत के बाद भी भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी टीम से हाथ नहीं मिलाया, जो लीग मैच की तरह ही चर्चा का विषय बना।

26 सितंबर से विधानसभा सत्र शुरू, पंजाब कैबिनेट जल्द करेगी बाढ़ राहत पैकेज की घोषणा

पंजाब  पंजाब सरकार ने विधानसभा सत्र से पहले मंत्रिमंडल की बैठक बुला ली है। यह बैठक बुधवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान के निवास पर दोपहर 12 बजे होगी। इसमें बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई और राहत पैकेज से जुड़े नियमों को मंजूरी दिए जाने की संभावना है। इसके बाद ये प्रस्ताव विधानसभा में पेश किए जाएंगे। बाढ़ राहत पैकेज पर फैसला न केवल प्रभावित परिवारों के लिए बड़ी राहत होगा, बल्कि इसका सीधा असर सियासत पर भी पड़ेगा। सरकार चाहती है कि विधानसभा सत्र से पहले कैबिनेट बैठक में सभी प्रस्तावों को पुख्ता कर लिया जाए, ताकि सदन में कोई रुकावट न आए। पंजाब के कई जिलों में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। हजारों एकड़ फसल बर्बाद हुई, लोगों के घर-बार उजड़ गए। अब सरकार राहत व पुनर्वास पैकेज को अंतिम रूप देने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट की इस बैठक में किसानों, व्यापारियों और प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा होगी। सीएम भगवंत मान पहले ही संकेत दे चुके हैं कि बाढ़ पीड़ितों को किसी भी हाल में राहत मिलनी चाहिए। अब मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद इन प्रस्तावों को विधानसभा में रखा जाएगा। 26 सितंबर से शुरू होगा विधानसभा सत्र पंजाब विधानसभा सत्र की अधिसूचना जारी कर दी गई है। सत्र 26 सितंबर को सुबह 11 बजे से शुरू होगा। हालांकि यह सत्र छोटा रहेगा और सिर्फ दो दिन तक चलेगा। 27 और 28 सितंबर को शनिवार और रविवार का अवकाश होने के कारण कार्यवाही नहीं होगी। ऐसे में सरकार 26 सितंबर के सत्र में बाढ़ राहत पर चर्चा और आवश्यक विधेयकों को पारित करने की कोशिश करेगी। कैबिनेट में सभी मंत्री मौजूद रहेंगे सूत्रों का कहना है कि कैबिनेट बैठक में सभी मंत्री और वरिष्ठ विधायक मौजूद रहेंगे। बैठक में विपक्ष की संभावित रणनीति पर भी चर्चा हो सकती है, क्योंकि विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष बाढ़ राहत के अलावा अन्य मुद्दों पर भी सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है।

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सिवियर ने चुने सागर यूनिवर्सिटी के 11 बेहतरीन वैज्ञानिक

सागर  डॉ. हरीसिंह गौर यूनिवर्सिटी के 11 शिक्षकों को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की 2025 की सूची में स्थान मिला है. स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी अमेरिका और एल्सिवियर पब्लिशर्स ने 19 सितंबर, 2025 को 2 प्रतिशत श्रेष्ठ वैज्ञानिकों की सूची जारी की है. एल्सेवियर और स्टैनफोर्ड के द्वारा दो सूचियां बनाई जाती हैं. एक सूची में सम्पूर्ण कैरियर डेटा को आरम्भ से वर्ष के अंत तक संकलित किया जाता है. वहीं दूसरी सूची कैलेंडर वर्ष के दौरान प्राप्त साइटेशन के आधार पर बनाई जाती है. संपूर्ण कैरियर डेटा में 6 शिक्षकों के नाम सम्पूर्ण कैरियर डेटा की सूची में यूनिवर्सिटी के 6 शिक्षकों को स्थान मिला है. इसमें फार्मेसी विभाग के रिटायर प्रो. एनके जैन, प्रो. एसपी व्यास, प्रो. संजय कुमार जैन तथा कार्यरत डॉ. प्रशांत केशरवानी, माइक्रोबायोलोजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. नवीन कानगो तथा रसायन विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. एपी मिश्रा शामिल हैं. वार्षिक सूची में 11 शिक्षकों के नाम वार्षिक सूची में फार्मेसी विभाग के सेवानिवृत्त प्रो. एनके जैन, प्रो. एसपी व्यास, प्रो. संजय कुमार जैन, तथा कार्यरत डॉ. प्रशांत केशरवानी, डॉ. सुशील काशव, डॉ. वंदना सोनी, बॉटनी विभाग के प्रो. एमएल खान, डॉ. सोनल माथुर, माइक्रोबायोलोजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. नवीन कानगो तथा क्रिमिनोलॉजी एवं फोरेंसिंक साइंस विभाग की डॉ. वंदना विनायक शामिल हैं. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ की सभी यूनिवर्सिटीज में सबसे शानदार प्रदर्शन इस तरह यूनिवर्सिटी के 11 शिक्षक इस सूची में स्थान बनाने में सफल हुए हैं. यह मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के समस्त विश्वविद्यालयों में सर्वाधिक है. इस सूची को विज्ञान के 22 क्षेत्रों और 174 उपक्षेत्रों से संबंधित वैज्ञानिकों के डाटाबेस एवं एल्सिवियर प्रकाशन और स्कोपस के विश्व स्तर के साइटेशन डेटाबेस के कम्पोजिट स्कोर के आधार पर तैयार किया जाता है. इस सूची में विश्वविद्यालय के कई पूर्व शिक्षक एवं पुरा छात्र, जो देश-विदेश विभिन्न संस्थाओ में कार्यरत हैं, भी शामिल हैं. शिक्षकों की उपलब्धि पर कुलपति प्रो. यशवंत सिंह ठाकुर ने शुभकामनाएं दी है.  

माँ बम्लेश्वरी के दरबार तक पहुँच श्रद्धालुओं के लिए अब और सुगम : मुख्यमंत्री साय

रायपुर : जन-जन की आस्था को मिला सहारा : नवरात्र में श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क बस सेवा माँ बम्लेश्वरी के दरबार तक पहुँच श्रद्धालुओं के लिए अब और सुगम : मुख्यमंत्री  साय मुख्यमंत्री ने चार बसों को दिखाई हरी झंडी : दो सौ श्रद्धालु मां बम्लेश्वरी दर्शन के लिए हुए रवाना कालीमाता सेवा समिति द्वारा निःशुल्क बस सेवा पूरे नवरात्रि में नौ दिन तक चलेगी रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज रायपुर शहर के आकाशवाणी चौक स्थित माँ काली मंदिर से डोंगरगढ़ तक निःशुल्क बस सेवा का शुभारंभ किया। रायपुर से माँ बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए डोंगरगढ़ जाने वाले श्रद्धालुओं को इस बस सेवा का नि:शुल्क लाभ मिलेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कालीमाता सेवा समिति की इस पहल की सराहना करते हुए समिति के पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने माँ काली और माँ बम्लेश्वरी से छत्तीसगढ़ में खुशहाली, समृद्धि और शांति की कामना की। साथ ही सभी प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ भी प्रेषित कीं। माँ बम्लेश्वरी के दरबार तक पहुँच श्रद्धालुओं के लिए अब और सुगम : मुख्यमंत्री  साय माँ काली सेवा समिति द्वारा संचालित यह नि:शुल्क बस सेवा पूरे नवरात्र पर्व के दौरान नौ दिनों तक लगातार चलेगी। इस सेवा के तहत प्रतिदिन चार बसें रायपुर से श्रद्धालुओं को डोंगरगढ़ तक ले जाएँगी और उन्हें दर्शन के उपरांत वापस रायपुर लाएँगी। मुख्यमंत्री ने आज चार बसों में लगभग दो सौ महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के प्रथम जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने चार बसों को दिखाई हरी झंडी : दो सौ श्रद्धालु मां बम्लेश्वरी दर्शन के लिए हुए रवाना बसों को हरी झंडी दिखाते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि कालीमाता सेवा समिति पिछले दस वर्षों से निस्वार्थ सेवा भाव से प्रत्येक नवरात्र में प्रतिदिन चार बसों से श्रद्धालुओं को माँ बम्लेश्वरी के दर्शन हेतु ले जाती है। यह न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण भी है। उन्होंने कहा कि नवरात्र के अवसर पर देवी मंदिरों में दर्शन की लालसा हर सनातनी के मन में होती है। माँ के दर्शन की कल्पना मात्र से ही मन में दिव्य ऊर्जा का संचार होता है। लेकिन कई बार परिस्थितिवश हर कोई दूर स्थित देवी स्थलों तक नहीं पहुँच पाता। ऐसे में यह बस सेवा श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। माँ बम्लेश्वरी के दरबार तक पहुँच श्रद्धालुओं के लिए अब और सुगम हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बस सेवा से समिति ने माँ बम्लेश्वरी के दर्शन का मार्ग प्रशस्त करने के साथ ही सेवा, समर्पण और समावेशिता का प्रेरक संदेश भी दिया है। मुख्यमंत्री ने चार बसों को दिखाई हरी झंडी : दो सौ श्रद्धालु मां बम्लेश्वरी दर्शन के लिए हुए रवाना मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि हाल ही में राजिम से रायपुर तक मेमू ट्रेन का भी शुभारंभ किया गया है। इससे छत्तीसगढ़ की कुंभनगरी राजिम के श्रद्धालुओं को माँ बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए और अधिक सुविधा होगी। उन्होंने इस पहल के लिए कालीमाता सेवा समिति से जुड़े  चंद सुंदरानी,  दीपक भारद्वाज और सभी पदाधिकारियों को साधुवाद दिया। इस अवसर पर गृहमंत्री  विजय शर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समिति से एक बस कवर्धा से डोंगरगढ़ तक चलाने का आग्रह किया। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, रायपुर नगर निगम की महापौर मती मीनल चौबे, विधायक  सुनील सोनी एवं  पुरंदर मिश्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।