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राजधानी भोपाल में गरबा पर सख्ती! एंट्री के लिए अनिवार्य होगी पहचान, ये हैं नए दिशा-निर्देश

भोपाल  भोपाल में इस नवरात्रि के मौके पर गरबा और डांडिया को लेकर प्रशासन ने सख्त गाइडलाइन जारी कर दी है. कलेक्टर ने साफ कर दिया है कि अब किसी भी पंडाल में बिना पहचान पत्र के एंट्री बिलकुल नहीं होगी. मतलब, अगर आप भूलकर भी अपने आईडी कार्ड के बिना पहुँचते हैं, तो पंडाल की दहलीज पार करना मुश्किल होगा. गरबा पंडाल के लिए नियम सख्त आयोजकों को भी अब हर पंडाल में CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया गया है. ताकि किसी भी तरह की अनहोनी या संदिग्ध गतिविधि तुरंत पकड़ी जा सके. इसके अलावा, अग्नि सुरक्षा का भी पूरा इंतजाम करना होगा. प्रत्येक पंडाल में अग्निशमन यंत्र रखने और Fire Safety Norms का पालन करना अब नियम बन गया है. प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था भी जरूरी है. यानी, किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके. इसके अलावा, आयोजन स्थल पर किसी को भी संदिग्ध या आपत्तिजनक वस्तु, धारदार हथियार लेकर आने की अनुमति नहीं होगी. किसी भी शख्स द्वारा ऐसे हथियार का इस्तेमाल किया जाना अपराध माना जाएगा. विद्युत सुरक्षा पर भी प्रशासन ने खास जोर दिया है. आयोजन स्थल पर बिजली से संबंधित सभी सुरक्षा इंतजाम करना और विद्युत विभाग से प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा. यह सभी निर्देश आयोजकों के लिए ‘मस्ट फॉलो’ हैं, और नियमों का उल्लंघन करने पर तुरंत कार्रवाई होगी. बता दें कि भोपाल प्रशासन की तरफ से आदेश ऐसे समय में जारी हुआ है जब मध्य प्रदेश में हिंदू संगठनों ने गरबा और डांडिया के पंडालों में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर बैन लगाने की मांग की थी. हिंदू संगठनों ने कहा था कि 'जिहादियों' की नजर गरबा के पंडालों पर होती है. इतना ही नहीं, मध्य प्रदेश के मशहूर कंप्यूटर बाबा ने भी हाल में कहा था कि जब सनातन का कार्यक्रम है तो इसमें सनातन के बाहर के लोगों को आना ही नहीं चाहिए. उन्होंने हिंदू संगठनों की मांग का समर्थन किया था. इस आदेश के मुताबिक-     गरबा, डांडिया एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कराने वाली आयोजन समिति द्वारा किसी भी व्यक्ति को उनके बगैर पहचान पत्र के सत्यापन किये बिना आयोजन स्थल पर प्रवेश नही दिया जावेगा।     आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम स्थल पर सी सी टी वी कैमरा लगाया जाना अनिवार्य होगा।     आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम स्थल पर स्थापित पंडालों में अग्नि से बचाव हेतु अग्निशमन यंत्रो की पर्याप्त व्यवस्था तथा Fire Safety Norms का पालन किया जाना अनिवार्य होगा ।     आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम स्थल पर आवश्यक प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था रखना अनिवार्य होगा।     आयोजन समिति द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जावे कि किसी भी व्यक्ति द्वारा कार्यकम स्थल पर आयोजन के दौरान किसी भी संदिग्ध/आपत्तिजनक वस्तु धारदार हथियार नहीं ले जा सकेगा और न ही उसका प्रयोग / प्रदर्शन कर सकेगा।     आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम स्थल पर विद्युत सुरक्षा से संबंधित समस्त कार्य कराया जाना सुनिश्चित करेगें एवं इस आशय का प्रमाण पत्र विद्युत विभाग से लिया जाना अनिवार्य होगा। भोपाल में गरबा जिहाद की खबरों के बीच जिला प्रशासन ने गाइडलाइन की जारी। 'जिहादियों का आना सख्त मना, पकड़े गए तो घर वापसी कराई जाएगी' वहीं, आपको बता दें कि भोपाल में गरबा पंडालों में होर्डिंग लगने शुरू हो गए हैं। होर्डिंग पर लिखा है- "गरबे के पंडाल में जिहादियों का आना सख्त मना है। पकड़े जाने पर घर वापसी कराई जाएगी या उचित व्यवस्था की जाएगी।" जानकारी के मुताबिक, ये होर्डिंग अवधपुरी श्री कृष्ण सेवा समिति गरबा पंडाल की टीम की ओर से लगाया गया है। होर्डिंग पर लट्ठ और जूते-चप्पल की तस्वीर भी लगी है। एंट्री के लिए बने 5 नियम भोपाल में गरबा जिहाद से बचने और गरबा पंडालों में गैर हिंदुओं की एंट्री रोकने के लिए गाइडलाइन भी बनाई गई है। हिंदू संगठनों की ओर से गरबा पंडालों में प्रवेश के लिए ये पांच नियम तय किए गए हैं-:     माथे पर तिलक     हाथों में कलावा     आधार कार्ड      गंगाजल गोमूत्र का आचमन     वराह देवता-मां दुर्गा की तस्वीर का नमन  

क्रिकेट महाकाव्य: भारत-बांग्लादेश मुकाबला, सुपर 4 में जीत का शानदार आगाज

दुबई एशिया कप 2025 के सुपर 4 फेज की शुरुआत भारत ने धमाकेदार अंदाज में की। अपने पहले मैच में टीम इंडिया ने पाकिस्तान को रौंद दिया। अब उसके सामने सुपर 4 चरण के अगले मैच में बुधवार को बांग्लादेश है। बांग्लादेश ने भी सुपर 4 की शुरुआत जीत के साथ की है। बांग्लादेश ने श्रीलंका को हराया था। ऐसे में इंडिया वर्सेस बांग्लादेश मैच काफी दिलचस्प होगा और इस मुकाबले में नजरें दोनों टीमों के स्पिनरों पर रहेंगी। आंकड़ों के आधार पर देखा जाए तो यह मुकाबला भी एकतरफा रहने की उम्मीद है, क्योंकि दोनों टीमों के बीच 17 टी20 मैच खेले गए हैं। इनमें से बांग्लादेश एक ही मैच जीत सका है। वनडे विश्व कप 2015 में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर रोहित शर्मा को संदेह का लाभ देते हुए ‘नॉट आउट’ करार दिए जाने के बाद से दोनों टीमों के मुकाबले तनाव से भरे रहे हैं। शेख हसीना सरकार के गिरने के बाद से भारत के बांग्लादेश के साथ राजनयिक संबंध भी तनावपूर्ण रहे हैं। बीसीसीआई ने इस साल अगस्त में बांग्लादेश में होने वाली सफेद गेंद की सीरीज भी 2026 तक स्थगित कर दी बशर्ते वहां लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार सत्तारूढ हो। कागजों पर बांग्लादेशी टीम भारत के सामने कहीं नहीं ठहरती और सूर्यकुमार यादव की टीम एक और शानदार जीत की प्रबल दावेदार है, लेकिन इस प्रारूप में कुछ भी कयास लगाना संभव नहीं है और बांग्लादेश के स्पिनर बेहतर प्रदर्शन करके पासा पलट भी सकते हैं। हालांकि, बल्लेबाजी में बांग्लादेश का भारत से कोई मुकाबला नहीं है। भारत के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा शानदार फॉर्म में हैं और 210 की औसत से रन बना रहे हैं। वहीं, शुभमन गिल का पाकिस्तान के खिलाफ मैच के बाद स्ट्राइक रेट 158 के आसपास है। बांग्लादेश के दो सर्वश्रेष्ठ टी20 बल्लेबाज कप्तान लिटन दास (129 प्लस) और तौहीद ह्र्दय (124 प्लस) के आंकड़े भी दमदार नहीं हैं। बांग्लादेश चाहेगा कि भारत पहले बल्लेबाजी करें और तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान के साथ उसके स्पिनर रिशाद हुसैन और आफ स्पिनर मेहदी हसन जल्दी विकेट निकालें। भारत को 150-160 रन पर रोकने की दशा में ही बांग्लादेश के लिये कोई उम्मीद बनेगी। भारत के लिये चिंता की मामूली बात तिलक वर्मा का स्पिनरों को अच्छे से नहीं खेल पाना है। ‘क्रिकमेट्रिक’ विश्लेषण साइट के अनुसार तिलक का स्ट्राइक रेट 2025 में स्पिन के खिलाफ कम रहा है। उन्होंने 2024 में स्पिनरों की 61 गेंद खेलकर 116 रन बनाये जबकि डॉट गेंद का प्रतिशत 21.3 रहा है। इस साल उन्होंने सात पारियों में स्पिनरों की 80 गेंद खेलकर 92 रन बनाये और डॉट गेंदों का प्रतिशत 38 रहा है।तिलक और संजू सैमसन दोनों चौथे या पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं और ऐसे में स्पिनरों को बखूबी खेलना जरूरी है। तिलक की तुलना में रिंकू सिंह स्पिनरों को बेहतर खेल पाते हैं लेकिन भारतीय टीम प्रबंधन संयोजन में ज्यादा छेड़छाड़ नहीं करना चाहता। टीमें इस प्रकार हैं भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुभमन गिल, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, जितेश शर्मा, अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, संजू सैमसन, हर्षित राणा, रिंकू सिंह। बांग्लादेश: लिटन दास (कप्तान, विकेटकीपर), तंजीद हसन, परवेज हुसैन इमोन, सैफ हसन, तौहीद हृदोय, जेकर अली, शमीम हुसैन, नुरुल हसन, महेदी हसन, रिशाद हुसैन, नसुम अहमद, मुस्तफिजुर रहमान, तंजीम हसन, तस्कीन अहमद, शोरफुल इस्लाम, मोहम्मद सैफुद्दीन। मैच भारतीय समयानुसार रात 8 बजे शुरू होगा।  

चुनाव आयोग पर घटते भरोसे का दावा, भाजपा-राहुल विवाद पर शरद पवार का हमला

मुंबई  राहुल गांधी बीते कई महीनों से वोटर लिस्ट में धांधली समेत कई आरोप चुनाव आयोग पर लगा रहे हैं। इस मामले में अकसर भाजपा जवाब देती नजर आती है। इसी को लेकर एनसीपी-एसपी के नेता शरद पवार ने कहा है कि इससे तो चुनाव आयोग पर भरोसा कमजोर होता है। उन्होंने कहा कि जब भी कांग्रेस सांसद राहुल गांधी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हैं तो भाजपा नेता नियमित रूप से प्रतिक्रिया देते हैं। इससे चुनाव आयोग पर 'अविश्वास' बढ़ता है। पवार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इन सवालों पर आयोग की ओर से जवाब देने के बजाय भाजपा और उसके नेता प्रतिक्रिया देते हैं। उन्होंने कहा, 'लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी जब संसद में यह मुद्दा उठाते हैं तो संबंधित संस्था को इसका संज्ञान लेना चाहिए था। लेकिन हो यह रहा है कि जब गांधी चुनाव आयोग की आलोचना करते हैं तो आयोग जवाब नहीं देता बल्कि भाजपा और उसके नेता प्रतिक्रिया देते हैं।' पवार ने आगे कहा कि चुनाव आयोग की बजाय मुख्यमंत्री और अन्य नेता ऐसे मुद्दों पर जवाब दे रहे हैं, जिससे आयोग के प्रति अविश्वास की भावना बढ़ रही है। ऐसा होना लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। राहुल गांधी ने हाल ही में 'वोट चोरी' के मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग की आलोचना की थी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लोकतंत्र को नष्ट करने वालों की रक्षा करने का आरोप लगाया था। गांधी ने कर्नाटक और महाराष्ट्र की दो विधानसभा सीटों के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया था कि वहां मतदाताओं के नाम धोखाधड़ी से हटाए या जोड़े गए हैं। चुनाव आयोग ने इन आरोपों को गलत और निराधार बताया है और कहा है कि 'किसी भी आम नागरिक द्वारा ऑनलाइन वोट डिलीट नहीं किया जा सकता जैसा राहुल गांधी का दावा है।' आयोग ने स्पष्ट किया कि वोटर लिस्ट से नाम हटाने के लिए केवल उसी बूथ के अन्य मतदाता फॉर्म 7 के जरिए आवेदन कर सकते हैं न कि कोई भी आम नागरिक। राहुल गांधी के इन आरोपों के बाद विपक्षी दलों में एकजुटता देखी गई है, जिसमें शरद पवार और अन्य नेताओं ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में 'वोट चोरी' के उदाहरण दिए हैं।  

लक्जरी कार से उतरा शख्स कर रहा था खुले में पेशाब, विरोध पर ठेले वालों को पिस्टल दिखाने का आरोप

ग्वालियर  शहर में आए दिन विवाद और दबंगई की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ताजा मामला सिरोल थाना क्षेत्र का सामने आया। यहां एक अज्ञात आरोपी पर ठेले वाले परिवार को गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है। घटना का वीडियो सोमवार देर रात सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अपने साथ हुई घटना की शिकायत लेकर मुंशी लाल पुत्र राम सिंह जाटव (38) थाने पहुंचे। पीड़ित फूटी कॉलोनी थाना सिरोल के पास रहता है। वह सचिन तेंदुलकर मार्ग पर अपने परिवार के साथ ठेला लगाकर गुजारा करता है। रात में उसके साथ ऐसी घटना हुई जिसकी उन्होंने सोचा भी नहीं था। परिवार ने रोका तो हुआ आग बबूला घटना 21 सितंबर 2025 की रात करीब 10:30 बजे की बताई जा रही है। उसी समय एक इनोवा कार (क्रमांक एमपी 07 बीए 5474) से आरोपी वहां पहुंचा। वह ठेले के पास ही खुले में पेशाब करने लगा। जब फरियादी, उसकी पत्नी और बेटी ने इस पर आपत्ति जताई और रोकने का प्रयास किया। तब आरोपी आग-बबूला हो गया। उसने परिवार के साथ मां-बहन की गंदी गालियां दीं। फिर दबंगई दिखाते हुए कमर में लगी पिस्टल निकाल ली। आरोपी ने तकरीबन 20 मिनट तक पिस्टल लहराते हुए धमकाते हुए कहा कि तेरा ठेला बंद करवा दूंगा। आरोपी ने फरियादी को जान से मारने की धमकी देते हुए गाली-गलौज जारी रखी। सोशल मीडिया में वायरल वीडियो जब आरोपी परिवार को धमका रहा था। तब फरियादी की बेटी ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया। सोमवार देर रात घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसके बाद पुलिस भी हरकत में आई। सिरोल थाना पुलिस ने फरियादी की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी है। कार को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। सूत्रों की माने तो आरोपी रसूखदार भाजपा नेता है, जो दतिया जिले का रहने वाला है। वीडियो में अभद्र भाषा का उपयोग किया गया है। इसलिए जारी नहीं किया जा सकता है। आपको बता दें कि ग्वालियर में इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। जहां दबंग तत्व मामूली बात पर हथियार दिखाकर दहशत फैलाने से नहीं चूकते। हाल ही में कुछ नवयुवकों का भी बाइक पर कट्टा चलाते हुए रील वायरल हुई थी। जिनकी तलाश की जा रही है।

IMD ने दी बारिश की अपडेट, जानिए पंजाब-हरियाणा से मानसून के जाने के बाद कौन से राज्य होंगे प्रभावित

देहरादून/शिमला  बीते कुछ दिन भारी बारिश और भू्स्खलन ने पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में जमकर तबाही मचाई। तबाही के ऐसे-ऐसे खौफनाक मंजर देखने को मिले, जो शायद पहले देखे गए हों। हिमाचल को आपदाग्रस्त घोषित किया गया तो उत्तराखंड में देहरादून के लोगों ने पहली बार जल प्रलय देखी। कई मकान और लोग मलबे में दब गए या जल के तेज बहाव में लापता हो गए। इस बीच मौसम विभाग ने गुड न्यूज दी है। आईएमडी ने बताया है कि पंजाब और हरियाणा से मानसून की विदाई हो चुकी है। उत्तराखंड में भी अब बारिश का दौर कमजोर पड़ गया है और अगले एक हफ्ते में यहां से भी मानसून की विदाई संभव है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल राज्य में सिर्फ हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी। एक सप्ताह बाद मौसम की विदाई उत्तराखंड में मानसून अब कमजोर पड़ गया है। पिछले तीन दिनों से बारिश नहीं हो रही है और धूप खिलने से तापमान में भी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग की ओर से प्रदेश में एक सप्ताह बाद मानसून की विदाई की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने कहा कि राजस्थान, गुजरात, पंजाब, हरियाणा के कुछ हिस्सों से मानसून की विदाई हो गई है। अगले दो से तीन दिन में हिमाचल और जम्मू कश्मीर के कुछ हिस्सों से मानसून विदा होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है। उत्तराखंड में अभी हल्की बारिश की संभावनाएं बनी है। आज हल्की बारिश संभव मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने कहा कि मंगलवार को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ एवं नैनीताल जिलों में कहीं-कहीं पर हल्की से हल्की बारिश के आसार हैं। वहीं, उत्तराखंड की राजधानी देहरादून समेत प्रदेश के अधिकांश इलाकों में सोमवार को धूप खिली रही और तापमान में सामान्य से चार डिग्री तक की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। दून में ही तापमान सामान्य से चार डिग्री अधिक 33.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हिमाचल पर मौसम का क्या अपडेट मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश में 23 सितंबर को ज्यादातर इलाकों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। विभाग ने बताया कि 24 और 25 सितंबर को राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। आईएमडी के मुताबिक, अगले दो से तीन दिनों में तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। 29 सितंबर तक मौसम से जुड़ी किसी भी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि उसके बाद न्यूनतम और अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है।  

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में कृषि विश्वविद्यालय, बीज विकास निगम, अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान वाराणसी भी लेगा हिस्सा

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में यूपी के एग्री कल्चर के होंगे दर्शन, 1000 वर्ग मीटर में प्रदर्शनी लगाएगा कृषि विभाग  यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में कृषि विश्वविद्यालय, बीज विकास निगम, अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान वाराणसी भी लेगा हिस्सा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में एफपीओ के कृषि उत्पादों, उपकरणों, बीज, उर्वरक व कृषि रक्षा रसायन निर्माताओं को मिलेगा मंच  उत्तर प्रदेश की उन्नत कृषि संस्कृति से रूबरू होंगे आगंतुक, प्रदेश के प्रगतिशील किसान व कंपनियां भी होंगी शामिल  कृषि विभाग ने प्रदर्शनी की सफलता व देखरेख के लिए नोडल अधिकारियों को भी किया नामित सीएम योगी के मार्गदर्शन में 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में होगा यूपीआईटीएस 2025  5 दिवसीय यूपीआईटीएस का गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे शुभारंभ लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में इंटरनेशनल ट्रेड शो का तृतीय संस्करण होगा। इसकी तैयारी पूरी की जा चुकी है। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आईटीएस का शुभारंभ करेंगे। इसमें एक तरफ देश- विदेश से आए प्रतिनिधि जहां यूपी की समृद्ध विरासत का दीदार करेंगे तो वहीं यूपी के एग्री 'कल्चर' के भी दर्शन करेंगे। ट्रेड शो के दौरान पांच कृषि विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम, अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान वाराणसी भी हिस्सा लेंगे। एफपीओ के कृषि संबधी उत्पादों, उपकरणों, बीज, उर्वरक व कृषि रक्षा रसायन निर्माताओं को मंच मिलेगा तो आगंतुकों को उत्तर प्रदेश की उन्नत कृषि संस्कृति और तकनीक से भी रूबरू कराया जाएगा। यहां प्रदेश के प्रगतिशील किसानों व कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म मिलेगा। इसमें पूरे उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व एक ही स्थान पर होगा। इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025 में कृषि विभाग को एक हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल आवंटित किया गया है। इसमें कृषि, कृषि शिक्षा, कृषि संबंधी संस्थाएं, मंडी परिषद-कृषि विपणन निदेशालय, कृषि उपकरण, उर्वरक, बीज व पौध संरक्षण रसायन निर्माता कंपनियां भी हिस्सा लेंगी।  पांच कृषि विश्वविद्यालय की भी रहेगी सहभागिता ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश के पांच कृषि विश्वविद्यालयों की भी सहभागिता रहेगी। इसमें चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर, आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या, सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मोदीपुरम मेरठ, बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय बांदा, सैम हिंगिंग बॉटम कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (शियाट्स) नैनी प्रयागराज की भी सहभागिता रहेगी। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम, अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान वाराणसी भी हिस्सा लेगा।  कृषि विभाग के संवाद-समन्वय से 15 से अधिक एफपीओ करेंगे प्रतिभाग  इंटरनेशनल ट्रेड शो के आयोजन में कृषि विभाग की भी बड़ी हिस्सेदारी है। कृषि विभाग के संवाद व समन्वय से इसमें लगभग 15 से अधिक किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) हिस्सा लेंगे। इसमें बुलंदशहर के तीन एफपीओ समेत की प्रयागराज, एटा, झांसी, मेरठ, महोबा, सहारनपुर, बाराबंकी, गौतमबुद्धनगर, लखनऊ, सिद्धार्थनगर समेत विभिन्न जनपदों की सहभागिता रहेगी। कृषि विभाग की तरफ से लगने वाली प्रदर्शनी में सीड्स, फर्टिलाइजर, कृषि यंत्रों से जुड़ी कंपनियां भी प्रतिभाग करेंगी। इसमें 17 कृषि यंत्रीकरण कंपनी, 9 बीज कंपनियां, 8 उर्वरक कंपनी, 8 कृषि रक्षा कंपनी भी प्रतिभाग करेंगी।  कृषि विभाग ने नियुक्त किए नोडल अधिकारी  सीएम योगी के नेतृत्व में इंटरनेशनल ट्रेड शो में कृषि विभाग महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रखेगा। कृषि विभाग की ओर से संवाद, समन्वय व देखरेख के लिए नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं। कृषि- कृषि शिक्षा व बीज विकास निगम से संवाद-समन्वय के लिए अपर कृषि निदेशक प्रसार को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। मंडी परिषद व कृषि विपणन के लिए राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक द्वारा नामित अपर निदेशक स्तर के अधिकारी या उप निदेशक कृषि विपणन नोडल अधिकारी की भूमिका में होंगे। बीज उत्पादन करने वाली कंपनियों के लिए डॉ. अमरनाथ मिश्र अपर कृषि निदेशक (बीज व प्रक्षेत्र) तथा ट्रेड शो में आमंत्रित उर्वरक बनाने वाली कंपनियों के लिए संयुक्त कृषि निदेशक (उर्वरक) डॉ. आशुतोष कुमार मिश्र को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। कृषि उपकरण व ड्रोन बनाने वाली कंपनियों के लिए संयुक्त कृषि निदेशक (अभियंत्रण) नरेंद्र कुमार तथा कीटनाशक कृषि रक्षा रसायनों के लिए अपर कृषि निदेशक (कृषि रक्षा) टीएम त्रिपाठी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। कृषि क्षेत्र में नई तकनीक का उपयोग व उससे संबंधित स्टार्टअप के लिए आईआईटी कानपुर में अलग विंग संचालित है। आईआईटी कानपुर से समन्वय बनाने के लिए अपर कृषि निदेशक (प्रसार) नोडल अधिकारी होंगे।  उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के तृतीय संस्करण (25 से 29  सितंबर) के आयोजन में कृषि विभाग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। विभाग ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। यहां आने वाले अतिथि व आगंतुक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की उन्नत कृषि संस्कृति और कृषि क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की प्रगति से रूबरू होंगे। आयोजन में कृषि विश्वविद्यालय, एफपीओ, बीज कंपनी, उर्वरक कंपनी, कृषि यंत्रीकरण कंपनी आदि की भी सहभागिता रहेगी।   

मिशन शक्ति: मत्स्य पालन में आत्मनिर्भरता की मिसाल बनीं मीरा सिंह, अपने साथ 10 अधिक लोगों को दे रही रोजगार

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में महिलाएं अब समाज और अर्थव्यवस्था की धुरी बन रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन शक्ति अभियान ने महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का जो आधार दिया है, उसी का परिणाम है जौनपुर जिले की शाहगंज तहसील के सुइथाकला विकास खंड के ग्राम बुढ़ूपुर की मीरा सिंह की सफलता। कभी सीमित संसाधनों में जीवन यापन करने वाली मीरा सिंह ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में ऐसा मुकाम बनाया है, जो न केवल उनके परिवार की तकदीर बदल रहा है, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं और युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गया है। मीरा सिंह ने योगी सरकार के मिशन शक्ति के तहत महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की अनूठी मिसाल पेश की है। 2020-21 में एक एकड़ जमीन से शुरू किए गए मत्स्य पालन को आज 25 एकड़ तक विस्तारित कर मीरा ने न केवल अपनी पहचान प्रगतिशील मत्स्य पालक के रूप में बनाई, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक स्वावलंबन की प्रेरणा भी दी।  योगी सरकार की अनुदान राशि और प्रशिक्षण बना वरदान मीरा सिंह का सफर साधारण ग्रामीण महिला से सशक्त उद्यमी तक का प्रेरणादायक किस्सा है। योगी सरकार की ‘नीली क्रांति’ और मिशन शक्ति की योजनाओं ने मीरा को 15 लाख रुपये के अनुदान और वैज्ञानिक प्रशिक्षण से सशक्त किया, जो आज 1400 कुंतल वार्षिक उत्पादन के साथ 10 से अधिक लोगों को रोजगार दे रही हैं। 2020 में, जब उन्होंने पति जैनेंद्र सिंह के साथ मत्स्य पालन शुरू किया, तो प्रति हेक्टेयर उत्पादन महज 20 कुंतल था। योगी सरकार की मत्स्य बीज हैचरी योजना ने उन्हें 15 लाख रुपये का अनुदान और तकनीकी मार्गदर्शन दिया।  मीरा सिंह कहती हैं कि पहले हमने एक एकड़ में प्रयोग किया। सरकार की मदद से सीखा कि वैज्ञानिक तरीके से कैसे उत्पादन बढ़ाया जाए। योगी सरकार ने हमें बीज, तकनीक और बाजार से जोड़ा। इससे हमारा आत्मविश्वास बढ़ा। आज 25 एकड़ में 1400 कुंतल मछली पैदा होती है। इसमें 1250 कुंतल पंगेशियस, 60-60 कुंतल रोहू और भाकुर, 30 कुंतल मृगल शामिल है। वो कहती हैं कि हम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हैं। योगी सरकार की मदद से हम सुरक्षित और सम्मानित जीवन जी रहे हैं। मीरा की सफलता महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का प्रतीक है। मीरा सिंह गर्व से कहती हैं कि मिशन शक्ति ने हमें आत्मरक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता सिखाई। पति का साथ मिला, लेकिन सरकार की योजनाओं ने हमें सशक्त बनाया। आज वो अपने तालाबों से मछली और बीज की आपूर्ति आसपास के गांवों में करती हैं, जिससे स्थानीय किसानों को लाभ हुआ। 10 से अधिक लोगों को रोजगार देकर मीरा ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया। मिशन शक्ति के तहत उन्हें प्रशिक्षण और संसाधन मिले, जो महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायक रहे।  योगी सरकार के मिशन शक्ति अभियान ने महिलाओं को आर्थिक सशक्तीकरण के साथ सुरक्षा जागरूकता भी दी, जो ग्रामीण क्षेत्रों में अपराधों से बचाव में सहायक है। मीरा अब अन्य महिलाओं को मत्स्य पालन सिखा रही हैं, जो स्वावलंबन की नई पीढ़ी तैयार कर रही हैं। मीरा सिंह कहती हैं कि मैं चाहती हूं कि हर महिला अपनी मेहनत से आगे बढ़े।

हार के ग़म में या मस्ती में? पाकिस्तान में टीवी तोड़ने का नया चलन

नई दिल्ली शुरुआत निराशा से हुई थी। हार के गम में हुई थी। अपनी टीम के प्रति गुस्से में हुई थी। बहुत ज्यादा उम्मीद लगा लेने के बाद छन्न से उसके चकनाचूर होने से हुई थी। लेकिन वो शुरुआत अब सिलसिला है। अब तो जैसे दस्तूर है। हम बात कर रहे हैं भारत के साथ क्रिकेट मैचों में पाकिस्तान में टीवी तोड़े जाने की। भारत की लगातार श्रेष्ठता से टीवी चैनलों के दौर में जो चीज दस्तूर बनी थी, अब सोशल मीडिया के दौर में जैसे पर्व बन गया है। अब तो पाकिस्तानी खुद के एंटरटेनमेंट के लिए ही टीवी तोड़ने लगे हैं। उनकी टीम अपने खेल से एंटरटेन नहीं कर पाती तो फैन टीवी तोड़ने का वीडियो और रील बनाकर खुद ही खुद को मजे देने लगे हैं। पाकिस्तान में भारत के खिलाफ मैच में के दौरान या बाद में टीवी तोड़ने की इस रस्म या दस्तूर की नींव तो सचिन तेंदुलकर के जमाने में ही पड़ गई थी। ब्लैक ऐंड वॉइट टीवी, डिब्बे वाली कलर टीवी के दौर में। तब से टीवी बहुत बदल गई। डिब्बे जगह एलसीडी टीवी आई। फिर एलईडी आई। फिर स्मार्ट टीवी का दौर शुरू हुआ। टीवी इतनी बदल गई लेकिन अगर कुछ नहीं बदला तो वो पाकिस्तान में भारत के साथ मैच के दौरान उन टीवी का तोड़ा जाना। डब्बे और बक्से वाली ब्लैक एंड वाइट भी टूटी। डब्बे वाली रंगीन टीवी भी टूटी। अब स्मार्ट टीवी भी टूट रही हैं। अब तो पाकिस्तानी मजे के लिए ही टीवी तोड़ देते हैं क्योंकि उनकी टीम तो अपने प्रदर्शन से मजा देने से रही। इस बार एशिया कप में भारत और पाकिस्तान अब तक दो बार भिड़ चुकी है। दोनों ही बार भारत ने पाकिस्तान को रगड़-रगड़ कर, धो-धोकर पीटा है। रविवार को सुपर-4 के मैच में अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल ने पाकिस्तानी गेंदबाजों की ऐसी धुनाई की जैसे धुनिया रूई को धुनता है। शर्मा ने भारतीय पारी की पहली ही गेंद पर पाकिस्तान के ओवररेटेड तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी का जैसे मनोबल ही तोड़ दिया। पहली ही गेंद पर छक्का जड़ा। अभिषेक शर्मा ने ऐसी धुनाई की कि पाकिस्तानी फैन जैसे सदमे में आ गए। सोशल मीडिया पर इस बीच एक वीडियो सामने आया है जिसमें पाकिस्तानी क्रिकेट टीम की जर्सी पहना एक शख्स टीवी तोड़ देता है। गुस्से में वह और सामानों की तोड़फोड़ की कोशिश करता है लेकिन उसके साथी उसे रोक लेते हैं। वीडियो में दिख रहा है कि एक बड़ी स्क्रीन वाली टीवी पर भारत-पाकिस्तान का मैच चल रहा है। अभिषेक शर्मा पाकिस्तानी गेंदबाजों की ताबड़तोड़ पिटाई कर रहे होते हैं। इसी दौरान जैसे ही वह एक सिक्स जड़ते हैं, पाकिस्तानी फैन ने वहां रखी एक छोटी टीवी को तोड़ देता है। तभी वहां मैच देख रहे उसके बाकी साथी तेजी से लपकते हुए उसे काबू में करते हैं। बाद में वह निराश होकर, मुंह लटकाकर वही बैठ जाता है। बड़ी टीवी के बजाय छोटी टीवी को तोड़ना तो यही दिखाता है कि जैसे जानबूझकर वीडियो बनाने के लिए ऐसा किया गया है। लेकिन इससे आप पाकिस्तानी फैंस की हताशा, निराशा और कुंठा के स्तर का अंदाजा भी लगा सकते हैं कि अब वे रील तक के लिए टीवी तोड़ दे रहे। भारत के खिलाफ मैच में उनके खिलाड़ी उनका मनोरंजन नहीं कर पा रहे तो बेचारे खुद ही खुद का मनोरंजन करने लग गए हैं टीवी तोड़कर। जैसे टीवी तोड़ना आक्रोश से ज्यादा मनोरंजन की चीज हो गई है, जैसे उसका चकनाचूर होना नियति बन गई हो। जैसे पाकिस्तान में टीवी का टूटना पाकिस्तानियों के लिए पर्व हो गया हो।  

प्रदेश के सबसे लंबे ब्रिज से झांकना अब नहीं चलेगा! हाईकोर्ट ने दिए निगरानी के आदेश, अधिवक्ता अलका सिंह ने उठाया मुद्दा

जबलपुर  प्रदेश के सबसे लंबे फ्लाईओवर की लैंडिंग व व्यवस्थाओं के संबंध में दायर जनहित याचिका पर सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मदन महल से दमोह नाका के बीच बने फ्लाईओवर पर चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच को सरकार की ओर से आश्वासन दिया। कहा-फ्लाईओवर के ऊपर, एंट्री-एक्जिट पॉइंट्स पर संकेतक लगाए जाएंगे। व्यवस्था बनाने पर्याप्त बल भी तैनात किया जाएगा। व्यू कटर लगाने पर विचार होगा अतिरिक्त महाधिवक्ता एचएस रूपराह ने कहा, फ्लाईओवर पर शोर का प्रभाव आसपास के लोगों पर न हो, इसलिए व्यू कटर लगाने की संभावनाओं पर विचार होगा। कोर्ट ने आश्वासन को रिकॉर्ड पर लिया। त्योहार में भीड़ को देखते हुए जल्द कार्रवाई के निर्देश के साथ कोर्ट ने याचिका निराकृत कर दी। एमपीके वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी ने  खबरों की कटिंग्स कोर्ट (MP High Court) को दिखाई। फ्लाईओवर पर बस के गलत साइड से चलने व कार दुर्घटना की खबर थी। तर्क दिया-फ्लाईओवर के दोनों किनारों पर ग्रेटर नोएडा जैसे व्यू कटर लगाए जाएं, ताकि लोग ध्वनि प्रदूषण से बच सकें। लैंडिंग्स के आगे यू टर्न बनाए जाएं। बता दें कि अधिवक्ता अलका सिंह ने याचिका लगाई थी। अनैतिक गतिविधियों की भी की थी शिकायत। जिसमें कहा गया था यहां लोग वाहन रोकते हैं और ब्रिज के नीचे की ओर आसपास बने घरों में ताक-झांक करते हैं। कहा-लैंडिंग खतरनाक है, व्यू कटर का न होने से ब्रिज के आसपास रहने वालों की निजता का उल्लंघन हो रहा है। 

हाथकरघा उद्योग को बढ़ावा देने ग्रामोद्योग मंत्री का बुनकर संघ गोदाम दौरा

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्या., रायपुर द्वारा संचालित महामाया गृह निर्माण प्रा. लि. डुमरतराई स्थित एल.के. लॉजिस्टिक पार्क फेस–02, धमतरी रोड, रायपुर में स्थापित गोदाम का अवलोकन आज माननीय ग्रामोद्योग मंत्री  गजेन्द्र यादव ने किया। इस अवसर पर ग्रामोद्योग सचिव  श्याम धावड़े ने मंत्री जी को जानकारी दी कि राज्य के बुनकरों द्वारा गणवेश वस्त्र, रेडीमेड गणवेश, धागा चादर, दरी, सेलुलर डील मच्छरदानी, जेकार्ड पर्दा, बस्ता, क्लॉथ, पोलिएस्टर साड़ी, मेडिकल चादर और ग्रीन क्लॉथ सहित लगभग 60 प्रकार के वस्त्रों का उत्पादन किया जा रहा है। वर्तमान में संघ के पास रंगीन चादर लगभग 4.00 लाख नग, उलन कंबल 1.69 लाख नग, पोलिएस्टर साड़ी 1.90 लाख नग, दरी 18 हजार नग तथा अन्य हाथकरघा वस्त्र एवं सामग्री सहित कुल 225 करोड़ रुपये का वस्त्र स्टॉक उपलब्ध है। माननीय मंत्री  यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य के विभिन्न शासकीय विभागों में आपूर्ति हेतु केवल राज्य के बुनकरों द्वारा उत्पादित वस्त्रों का ही उपयोग सुनिश्चित किया जाए। इससे राज्य के कुटीर एवं हाथकरघा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और बुनकरों को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार उपलब्ध होगा।अवलोकन के दौरान मंत्री जी के ओ.एस.डी एवं  अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित  थे।