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शिक्षकों को मिलेगा सरकारी मकान, मध्यप्रदेश में स्कूलों के पास बनेगा आवास

भोपाल  स्कूलों में नियमित पढ़ाई हो सके इसके लिए मध्यप्रदेश शिक्षा विभाग स्कूलों के पास शिक्षकों को मकान बनाकर देगा। यह महिला शिक्षकों(Government Teacher) के लिए होंगे। लोक शिक्षण संचालनालय इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करेगा। यह रिपोर्ट जिलों से मिली जानकारी के आधार पर बनेगी। आवास ऐसे स्कूलों के आसपास बनेंगे जहां आवाजाही मुश्किल होती है। लोक शिक्षण ने सभी जिलों को इसके लिए निर्देश भेजे थे। जिलों से जमीन तलाश करने के बाद उसकी रिपोर्ट मांगी थी। बारिश के कारण इस काम में रुकावट आई। इसे अब फिर शुरू किया जाएगा। विभाग के निर्देश के तहत हर जिले में 100 आवास बनेंगे। महिला शिक्षकों के लिए प्राथमिकता होगी। तीन से पांच एकड़ में बहुमंजिला इमारत इस प्रोजेक्ट के तहत फ्लैट दिए जाने हैं। यानि विभाग बहुमंजिला इमारतें तैयार कराएगा। हर जिले से इन इमारतों के लिए तीन से पांच एकड़ जमीन को चिन्हित कर रिपोर्ट मांगी गई थी। यह पहला चरण है। हर विकासखंड मुख्यालय पर 100 आवास बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके लिए 3 से 5 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक डीएस कुशवाहा ने इसके संबंध में निर्देश जारी किए गए थे। जिलों से मिली रिपोर्ट के आधार पर अब समीक्षा होना है। इन्हें मिलेगा लाभ मध्यप्रदेश में 94 हजार स्कूल हैं। इनमें एक लाख से अधिक महिला शिक्षक(Government Teacher) हैं। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में इनकी संख्या 25 हजार से अधिक है। वहीं फिलहाल मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार गांवों और छोटे जिलों के स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों के लिए ही घर का निर्माण कराने की तैयारी कर रहा है।

कम उपयोग में पीएमश्री एयर एंबुलेंस सेवा, 4 महीने में सिर्फ 85 मरीजों ने लिया लाभ

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की महत्वाकांक्षी योजना 'पीएमश्री एयर एंबुलेंस सेवा' की उपयोगिता पर सवाल उठाने लगे हैं। इस सेवा के उपयोग में न जनता रुचि ले रही, न ही जनप्रतिनिधि और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी। मई 2024 में प्रारंभ हुई इस सेवा से अभी तक 85 रोगियों को ही प्रदेश के भीतर या दूसरे राज्य में उपचार के लिए पहुंचाया गया है। खास बात यह है कि एंबुलेंस का उपयोग हो या नहीं, पर सरकार की तरफ से एंबुलेंस का संचालन करने वाली कंपनी को प्रतिमाह नियत घंटों के किराये का भुगतान करने की शर्त है। सरकार हेलीकाप्टर का 40 घंटे और हवाई जहाज का 60 घंटे का फिक्स किराया कंपनी को देती है, पर इतने घंटे भी सेवा नहीं ले पा रही है। हेलीकाप्टर का किराया प्रतिघंटे सवा तीन लाख रुपये और हवाई जहाज का दो लाख रुपये है। यानी एक करोड़ 30 लाख रुपये हेलीकाप्टर और एक करोड़ 20 लाख रुपये हवाई जहाज का किराया सरकार प्रति माह चुका रही है, जबकि प्रतिमाह औसतन पांच रोगी ही योजना का लाभ उठा रहे हैं। लाभ उठाने वालों में सबसे ज्यादा रीवा के कुल 85 मरीजों ने अब तक योजना का लाभ उठाया है, जिनमें सबसे ज्यादा रीवा के 30 (35 प्रतिशत) रोगी हैं। इसका प्रमुख कारण यह है कि रीवा उप मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राजेन्द्र शुक्ल का गृह जिला है। वह यहां बैठकों और आम सभाओं में सेवा का उपयोग करने के लिए अपील करते रहे हैं। इस तरह लगभग 16 माह में प्रदेश के 55 में से 17 जिलों के रोगियों को ही इसका लाभ मिला है। यह स्थिति तब है जब खुद मुख्यमंत्री इस सेवा का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित करते रहे हैं। ऐसे ले सकते हैं मदद आयुष्मान योजना के हितग्राहियों के लिए यह सेवा निश्शुल्क मिलती है। अन्य मरीजों को निर्धारित दर पर भुगतान करना होता है। जरूरत के मुताबिक, रोगी को एक शहर से दूसरे शहर या दूसरे राज्य एयरलिफ्ट किया जाता है। दूसरे राज्य के अस्पताल भेजने के लिए सीएमएचओ की अनुशंसा पर कलेक्टर अनुमति देते हैं। रीवा दूर होने के कारण लोग इस सेवा की मदद ले रहे हैं     भौगोलिक रूप से रीवा दूर होने के कारण त्वरित उपचार के लिए लोग इस सेवा की मदद ले रहे हैं। दूसरा यह कि लोगों में वहां जागरूकता भी अच्छी है। अन्य जिलों के अधिकारियों को भी प्रचार-प्रसार के लिए लगातार कहा जा रहा है। – तरुण राठी, आयुक्त, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  

मंगलवार का राशिफल: किस पर बरसेगा सूर्यदेव का आशीर्वाद? जानिए आज की राशियों का हाल

मेष मेष राशि वालों आज अप्रत्याशित चुनौतियों से गुजरना पड़ सकता है। आगे बढ़ने के लिए ध्यान और विश्राम के संतुलन की आवश्यकता होगी। धैर्य और क्रिएटिविटी पर जोर देना महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि सभी योजनाएं उम्मीद के मुताबिक सामने नहीं आएंगी। वृषभ आज ऑफिस रोमांस एक अच्छा विचार नहीं है। टाइम स्पेन्ड करने और स्ट्रेस फ्री रहने का बैलेंस बनाए रखने के लिए एक्टिव रहना महत्वपूर्ण है। यह सिंगल लोगों के लिए अपने पिछले अनुभव से सीखने और अपनी कमजोरियों का पता लगाने का एक सुनहरा क्षण है। मिथुन आज के दिन पॉजिटिव दृष्टिकोण आपको ढेर सारे नए दोस्त दिला सकता है और आपको आपके भावी जीवनसाथी के करीब ला सकता है। आपकी लव लाइफ सुख और कठिनाई को जगाते हुए सुर्खियों में रहेगी। धन का उपयोग सावधानी से करें। कर्क आज के दिन कम्युनिकेशन लड़खड़ा सकता है, जिससे गलतफहमियां और बहस हो सकती है। अपने गुस्से को कंट्रोल से बाहर जाने देने के बजाय, गहरी सांस लें और चीजों को अपने साथी की आंखों से देखने की कोशिश करें। सिंह आज के दिन आपके घर में खुशी का एहसास होगा। पास्ट पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय इस समय का उपयोग लंबे समय तक चलने वाली यादें बनाने में करें। आज का दिन आपके पार्टनर के साथ आपके रिश्ते में कुछ उतार-चढ़ाव की उम्मीद लेकर आता है। कन्या आज के दिन ईमानदारी से कनेक्शन बनाने का समय है। आने वाले किसी भी प्रेम प्रस्ताव को सुनें। फिर भी विवाह की चर्चा करते समय सतर्क रहें क्योंकि हर एक कदम धैर्य और सावधानी के साथ विचार-विमर्श के साथ उठाया जाना चाहिए। तुला आज के दिन जब आप परीक्षाओं से गुजरेंगे तो धैर्य आपका दोस्त होगा क्योंकि आगे नई शुरुआत हो सकती है। एक्टिव रूप से सुनें, क्लियरिटी के लिए सवाल पूछें और सहानुभूति के साथ विवादों को संभालें। मुश्किलों के बावजूद, विकास और कनेक्शन बनाने का भी समय हो सकता है। वृश्चिक आज के दिन आपका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा और सही लोग आपकी तरफ आकर्षित भी होंगे। जानकारी प्राप्त करने के लिए दोस्तों और परिवार के साथ कम्युनिकेशन के माध्यम खुले रखें। बड़ी पार्टी और समारोह की योजना बनाने के बजाय, अपने परिवार के साथ कुछ समय का आनंद लें। धनु आज के दिन धार्मिक काम में भाग लेने के लिए कहा जा सकता है, जो रिश्ते को मजबूत करने का एक शानदार तरीका है। इस समय का उपयोग अपने रिश्ते को स्ट्रॉंग करने, बेहतर बनाने और भावनात्मक लगाव को गहरा करने में करें। गेस्ट आपके घर आ सकते हैं। मकर आज के दिन आपके शब्द वजनदार हैं, जो घाव भर सकते हैं या घाव खुरेद भी सकते हैं। खुद को प्रेजेंट करने के तरीके में सतर्क रहें ताकि आप अनजाने में उन लोगों को ठेस न पहुंचाए, जिनसे आप प्यार करते हैं। कुंभ आज के दिन अपने इंट्यूशन पर भरोसा रखें और लोगों को जानने के लिए समय निकालें। पारिवारिक मामलों और आध्यात्मिक पहलुओं की खोज करने का है। आपको और आपके पार्टनर को रिश्तेदारों के फंक्शन में इन्वाइट किया जा सकता है। मीन आज के दिन आपकी बारी खुद को परखने की है न कि किसी रिश्ते के पीछे भागने की। उन भावनाओं और विचारों से जुड़ने के लिए समय निकालें, जो सबसे अधिक मायने रखते हैं। ऐसी गतिविधियों में इनवॉल्व रहें, जो आपको खुशी और संतुष्टि प्रदान करें।

प्रियंका गांधी का नया मिशन, 5 सीटों पर ‘हर बूथ मजबूत’ अभियान की शुरुआत

भोपाल  चुनावों में लगातार हार के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी जहां वोट चोरी के खिलाफ अभियान चलाकर बीजेपी और चुनाव आयोग को घेर रहे हैं, वहीं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी देश की 5 विधानसभा सीटों पर 'हर बूथ मजबूत' कार्यक्रम शुरू करने जा रहीं हैं। मप्र, उप्र, छत्तीसगढ़, राजस्थान, हरियाणा की एक-एक विधानसभा सीटों को इस प्रोग्राम के लिए चुना गया है। कांग्रेस सूत्रों की मानें तो प्रियंका गांधी ने 'हर बूथ मजबूत' कार्यक्रम के लिए मुरैना जिले की दिमनी विधानसभा सीट को चुना है। दिमनी से बीजेपी के कद्दावर नेता और मप्र के विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर विधायक हैं। राजस्थान के बाड़मेर जिले की सिवाना से कांग्रेस के पूर्व विधायक और राजस्थान राज्य अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष गोपाराम मेघवाल को प्रियंका गांधी ने दिमनी की जिम्मेदारी सौंपी है। देश की इन 5 विधानसभा सीटों में चलेगा प्रोजेक्ट राज्य सीट मध्यप्रदेश दिमनी (मुरैना) उत्तर प्रदेश बांसगांव छत्तीसगढ़ कांकेर राजस्थान विराटनगर हरियाणा अलवर कैसे हुआ विधानसभा सीटों का चयन कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने अलग-अलग राज्यों की 5 ऐसी विधानसभा सीटें इस कार्यक्रम के लिए चुनी हैं जहां पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस कम अंतर से चुनाव हारी है। इस कार्यक्रम के लिए 25 ऐसी लोकसभा सीटें हैं जहां कांग्रेस कैंडिडेट्स की हार का अंतर 33 से 35 हजार के बीच रहा है। वहीं 30 सीटें ऐसी हैं जहां हार का अंतर 50 से 55 हजार के बीच रहा है। 20-20 बूथों के कलस्टर बनाए जाएंगे इस कार्यक्रम के तहत चुने गए विधानसभा क्षेत्र में 20-20 बूथों के कलस्टर बनाए जाएंगे। हर कलस्टर बूथ रक्षक नियुक्त किया जाएगा। बूथ रक्षक को प्रियंका गांधी की टीम ट्रेनिंग देंगी। बूथ रक्षक अपने कलस्टर की बूथ समितियों के सदस्यों को गाइड करेगा। बूथ रक्षक ये सुनिश्चित करेंगे कि किस मतदान केन्द्र पर कितने मतदाताओं के नाम गलत जुडे़ हुए हैं। पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनाव की वोटर लिस्ट में चुनाव के दो महीने पहले काटे, जोड़े गए नामों का एनालिसिस करेंगे। बूथ रक्षक बीएलओ के साथ ये सुनिश्चित करेंगे कि एक भी सही वोटर मतदाता सूची से न छूटे और एक भी गलत नाम वोटर लिस्ट में शामिल न रहे। एमपी में दिमनी सीट को ही क्यों चुना? इस प्रोजेक्ट को प्रियंका गांधी खुद लीड कर रहीं हैं। ऐसे में टीम के लिए दिल्ली से मुरैना आना ज्यादा आसान हो सकता है। मप्र में 2003 से भाजपा की सरकार होने के बावजूद चंबल में कांग्रेस मजबूत स्थिति में रही है। मुरैना-श्योपुर लोकसभा सीट में कुल 8 विधानसभा आती हैं, जिनमें से पांच विधानसभाओं श्योपुर, विजयपुर, जौरा, मुरैना और अंबाह में कांग्रेस के विधायक हैं, वहीं भाजपा के पाले में केवल तीन विधानसभा सबलगढ़, सुमावली और दिमनी सीटें हैं।

TV की बहू निया शर्मा ने बिकिनी में किया जलवा, पूल के पास फैन्स ने देखी जबरदस्त स्टाइल

मुंबई  टीवी की बोल्ड एंड बिंदास एक्ट्रेस निया शर्मा ने बीते दिनों 17 सितंबर को अपना बर्थडे सेलिब्रेट किया. मगर एक्ट्रेस के जन्मदिन का जश्न काफी पहले ही शुरू हो गया था. निया ने प्री-बर्थडे सेलिब्रेशन की तस्वीरें इंस्टाग्राम पर शेयर की हैं. फोटोज में निया दुबई में दोस्तों संग फुल मस्ती के मूड में दिखाई दे रही हैं. निया के लुक की बात करें तो अपने बोल्ड अंदाज से उन्होंने फैंस को घायल कर दिया है. ब्लैक बिकिनी टॉप और शॉर्ट स्कर्ट में निया का सिजलिंग अंदाज देखने लायक है.         निया ने अपने बिकिनी लुक को लाइट ग्लोइंग मेकअप और मिनिमल ट्रेंडी जूलरी के साथ कंप्लीट किया. निया बिकिनी लुक में कहर ढा रही हैं. एक्ट्रेस ने अपना टोंड फिगर भी फ्लॉन्ट किया. उनसे नजरें हटाना भी मुश्किल हो गया है.       बिकिनी पहने निया ने पूल किनारे कई किलर पोज दिए. उन्होंने जमकर ठुमके भी लगाए. निया के बिंदास एटीट्यूड और स्वैग पर फैंस दिल हार बैठे हैं.  एक्ट्रेस दोस्तों संग भी पोज देती नजर आईं. उनकी मिरर सेल्फी सोशल मीडिया पर छाई हुई है. निया के खिलखिलाती मुस्कान से पता चलता है कि वो जिंदगी को कितना खुलकर एन्जॉय कर रही हैं.  निया के इलेक्ट्रिफाइंग बिकिनी लुक की फैंस जमकर तारीफें कर रहे हैं. कमेंट सेक्शन में फैंस फायर इमोजी बनाकर रिएक्ट कर रहे हैं. निया को कोई स्टनिंग कह रहा है तो कोई उन्हें हॉट बेबी बता रहा है.         वर्क फ्रंट की बात करें तो निया शर्मा आखिरी बार कुकिंग रियलिटी शो 'लाफ्टर शेफ' में नजर आई थीं. शो में सुदेश लहरी संग उनकी जोड़ी को काफी पसंद किया गया था. फैंस को अब निया के अगले प्रोजेक्ट का इंतजार है.

पाक सेना ने अपने ही नागरिकों पर बरसाए बम, 30 की मौत! भारत-पाक में फर्क नहीं समझ पाई मुनीर की फौज

खैबर पख्तूनख्वा पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में बीती रात जो मंजर देखने को मिला, उसने पूरे मुल्क को दहला दिया। तिराह घाटी के मात्रे दारा गांव में आधी रात को जब लोग गहरी नींद में थे, तब आसमान से मौत बरसी। पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने अपने ही नागरिकों पर बम बरसाए – और सुबह जब धुआं छंटा, तो ज़मीन पर सिर्फ लाशें थीं। चारों तरफ चीख-पुकार, जले हुए मकान, और मलबे के नीचे दबे मासूम बच्चों के शव… गांव का हर कोना मानो किसी कब्रिस्तान में तब्दील हो चुका था। 30 से ज़्यादा निर्दोष लोगों की जान चली गई – जिनमें महिलाएं और छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हैं। और सबसे चौंकाने वाली बात ये कि यह हमला पाकिस्तान की सेना ने खुद किया – उस "ऑपरेशन" के तहत, जिसे आतंकी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई बताया गया, लेकिन निशाना बने सिर्फ आम लोग। एएमयू टीवी की रिपोर्ट – घर बने कब्रगाह एएमयू टीवी ने स्थानीय लोगों के हवाले से बताया कि खैबर जिले के तिराह इलाके में नागरिकों के घरों को निशाना बनाकर पाकिस्तानी आर्मी ने हमला किया. धमाकों के बाद कई घर ढह गए. सोते हुए लोग मलबे के नीचे दब गए. हमले के करीब 10 घंटे बाद भी स्थानीय लोग और बचाव दल शवों की तलाश में मलबे को खंगाल रहे थे. सोमवार दोपहर तक राहत और रेस्क्यू का काम जारी था. आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है. घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है.  ‘सेना ने नरसंहार किया’ स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि खैबर पख्तूनख्वा के लोगों ने इस बमबारी को “पाकिस्तानी सेना का क्रूर नरसंहार” करार दिया है. सबसे ज्यादा तबाही मत्रे दारा गांव में हुई. वहां के लोग अब भी सदमे में हैं. खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान, ये दोनों प्रांत पाकिस्तान के लिए सिरदर्द बने हुए हैं. यहां के लोग लंबे समय से सरकार और सेना से नाराज हैं. वजह है अधिकार और संसाधनों पर ज्यादा हक की मांग. इन इलाकों में कई सशस्त्र गुट सक्रिय हैं. वे खुद को आंदोलनकारी कहते हैं, जबकि पाकिस्तान सरकार और सेना उन्हें आतंकवादी बताती है. रात 2 बजे गिराए गए बम घटना तिराह घाटी के पास बसे मात्रे दारा गांव की है। रात करीब दो बजे, जब लोग नींद में थे, तभी पाकिस्तान की वायुसेना ने चीन में बने JF-17 थंडर फाइटर जेट से कम से कम 8 LS-6 बम बरसाए। पूरा इलाका धमाकों से दहल उठा और कई घर मलबे में तब्दील हो गए। मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है, वहीं 20 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सेना की दोहरी नीति यह घटना पाकिस्तान की दोहरी नीति को उजागर करती है. एक ओर पाकिस्तानी सरकार और सेना खैबर पख्तूनख्वा में जैश-ए-मोहम्मद जैसे वैश्विक आतंकी संगठनों को पुलिस सुरक्षा में रैली और भर्ती अभियान चलाने देती है, वहीं दूसरी ओर निर्दोष नागरिकों के घरों पर बम बरसाती है. पिछले हफ्ते ही खबर सामने आई थी कि पाकिस्तान पुलिस की निगरानी में जैश-ए-मोहम्मद का एक बड़ा मजमा आयोजित किया गया था. आतंकवादियों को पनाह पाकिस्तानी सेना आतंकवादियों को पनाह देती है, उन्हें पालती-पोसती है, और निर्दोष नागरिकों के खून से अपने गुनाहों को ढकने की कोशिश करती है. अब यह हकीकत छिपी नहीं है कि इस्लामाबाद के हुक्मरान और रावलपिंडी की फौज आतंकवाद की जननी और इंसानियत की दुश्मन है. मानवाधिकार संगठनों की चुप्पी सबसे चिंताजनक बात यह है कि पाकिस्तान में लगातार हो रहे इन हवाई हमलों और आम नागरिकों की हत्याओं पर न तो अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन (Human rights violation in Pakistan) कोई प्रतिक्रिया दे रहे हैं और न ही संयुक्त राष्ट्र इस विषय पर कोई संज्ञान ले रहा है. यह एक खतरनाक संकेत है कि जब एक परमाणु शक्ति संपन्न देश अपने ही नागरिकों के खिलाफ हवाई हमले करता है और दुनिया चुप रहती है. सबसे क्रूर उदाहरण यह घटना पाकिस्तान और उसके नेतृत्व की दोहरी मानसिकता का सबसे क्रूर (Pakistan Army atrocities) उदाहरण है. एक तरफ जैश-ए-मोहम्मद जैसे वैश्विक आतंकी संगठन पुलिस की सुरक्षा में रैली करते हैं, और दूसरी तरफ वही सेना अपने ही नागरिकों पर चीनी फाइटर जेट से बम बरसाती है. मुनीर और शहबाज शरीफ का यह कदम न केवल अमानवीय है, बल्कि यह भी साबित करता है कि पाकिस्तान की सरकार और सेना आतंकवाद को पालने और उसे अपनी जमीन पर फैलाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है. यह पाकिस्तान की बर्बादी की एक और कहानी है, जहां आंतरिक संघर्ष ने उसे खुद ही तबाह कर दिया है. आतंक के नाम पर आम जनता निशाने पर पाकिस्तानी सेना ने दावा किया कि यह एयर स्ट्राइक तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन का हिस्सा थी। लेकिन स्थानीय लोग और प्रत्यक्षदर्शी बता रहे हैं कि हमले का शिकार आतंकियों के ठिकाने नहीं, बल्कि आम नागरिकों के घर बने। इस हमले ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पाकिस्तान अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए निर्दोष नागरिकों को निशाना बना रहा है? स्थानीय नेताओं ने की निंदा इस बर्बर कार्रवाई पर स्थानीय विधायक इकबाल अफरीदी ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "तिराह अकाखेल घाटी में मासूम बच्चों और महिलाओं की शहादत इंसानियत पर सबसे बड़ा धब्बा है। यह क्रूरता बर्दाश्त के बाहर है।" दोहरी नीति की खुली पोल पाकिस्तान की नीति अब किसी से छिपी नहीं है। एक ओर वही सरकार खैबर पख्तूनख्वाह में जैश-ए-मोहम्मद जैसे अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों को पुलिस सुरक्षा में भर्ती अभियान चलाने देती है, तो दूसरी ओर अपने ही निर्दोष नागरिकों पर बम गिराकर खून की होली खेलती है।

मुलायम और खूबसूरत पैर चाहिए? बस फॉलो करें ये ज़रूरी टिप्स

ज‍ितनी केयर की जरूरत हमारे स्‍क‍िन को होती है, उतनी ही हाथ-पैरों की देखभाल करना बहुत जरूरी होता है। आमतौर पर लोग चेहरे और हाथों की सफाई कर लेते हैं, लेक‍िन पैरों को अनदेखा कर द‍िया जाता है। पैरों को सुंदर बनाए रखने के लि‍ए आपको कुछ बातों का ध्‍यान रखना जरूरी होता है। वैसे तो पैरों की देखभाल करने के कई ऑप्‍शंस हैं, लेकिन क्रीम का इस्तेमाल करना सबसे आसान और सस्‍ता व‍िकल्‍पा माना जाता है। आज हम आपको अपने इस लेख में बताएंगे क‍ि पैरों में क्रीम लगाने के क्‍या फायदे हो सकते हैं। आइए जानते हैं वि‍स्‍तार से – फुट क्रीम लगाने के फायदे     पैरों में ज्यादा पसीना आने या टाइट जूते पहनने से अक्सर एथलीट फुट नाम की समस्या होने लगती है। इसमें पैरों, खासकर उंगलियों के बीच जलन और खुजली होती है। ऐसे में अगर आप रोजाना फुट क्रीम लगाती हैं तो इस परेशानी से बचाव क‍िया जा सकता है।     अक्सर हम चेहरे और हाथों पर मॉइश्चराइजर लगा लेते हैं लेकिन पैरों पर भूल जाते हैं। फुट क्रीम लगाने से पैरों में नमी बरकरार रहती है। साथ ही आपके पैर भी दिनभर मुलायम रहते हैं।     फटी और रूखी एड़ियाें की समस्‍या बहुत आम हो गई है। इसका सबसे बड़ा कारण है पैरों को नमी न मिलना। अगर आप रोजाना फुट क्रीम लगाएंगे तो एड़ियां फटने से बचेंगी और पैरों की स्किन मुलायम रहेगी। फुट क्रीम कैसे लगाएं? नहाने के बाद जब पैर हल्के गीले हों तभी फुट क्रीम लगाना चाह‍िए। इससे क्रीम जल्दी और अच्छी तरह एब्‍जॉर्ब हो जाती है। पैरों में क्रीम लगाने के ल‍िए हथेली पर थोड़ी-सी क्रीम लें और पैरों पर हल्के गोल-गोल मसाज करें। आप रात में भी क्रीम लगाकर मोजे पहन सकती हैं। इससे रातभर क्रीम अपना काम करेगी और सुबह पैर मुलायम लगेंगे। ध्यान रखें कि क्रीम लगाने से पहले पैरों को धो जरूर लें। इसके बाद क्रीम लगाएं। मसाज करने से ब्लड सर्कुलेशन भी अच्छा होता है। इन ट‍िप्‍स को करें फॉलाे     हफ्ते में एक बार पैरों को 15 से 20 मिनट गुनगुने पानी में भिगोकर रखें। इससे धूल-मिट्टी और गंदगी निकल जाएगी।     पैरों की डेड स्किन हटाने के लिए प्यूमिक स्टोन या कोई फुट स्क्रब इस्तेमाल करें। धीरे-धीरे रगड़ें ताकि चोट न लगे।     जैसे चेहरे के लिए फेस पैक होता है, वैसे ही पैरों पर भी पैक लगाएं। आप मुल्तानी मिट्टी (फुलर अर्थ), दही या कुछ बूंदें एसेंशियल ऑयल की इस्तेमाल कर सकती हैं। इससे पैरों को ठंडक और नमी दोनों मिलती है।     सारे स्टेप पूरे करने के बाद फुट क्रीम लगाना न भूलें। हल्के हाथों से मसाज करें ताकि पैरों की त्वचा नरम और हेल्‍दी बने।     पैरों को समय-समय पर स्क्रबर से साफ करें।     नाखून हमेशा छोटे और साफ रखें।  

कुलियों का प्रदर्शन: परिवार के भरण-पोषण पर संकट, बैटरी वाहनों का विरोध तेज

रायपुर राजधानी रायपुर के रेल यात्रियों को आज रेलवे स्टेशन में कुली नहीं मिले। क्योंकि रायपुर रेलवे स्टेशन पर कुलियों ने अपनी मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया। रायपुर रेलवे स्टेशन पर बैटरी वाहनों के आने को लेकर कुलियों ने जोरदार विरोध किया। कुलियों का कहना है कि पहले ही चक्के वाली ट्रॉली के कारण काम नहीं मिलता था। स्टेशन में बैटरी वाले वाहनों के आने से उनका काम पूरी तरह से बंद हो जाएगा। इस मामले में कुलियों का कहना है कि भाटापारा, तिल्दा, दुर्ग रेलवे स्टेशनों में बैटरी कार का परिचालन किया जाना है। बैटरी कार के परिचालन से हम लाइसेंसी पोर्टर्स के बचे-खुचे कार्य पर प्रभाव पड़ेगा और आमदनी कम होने से परिवार चलाना मुश्किल होगा। विदित हो कि पूर्व में भी एस्केलेटर, लिफ्ट, रैंप एवं बैटरी गाड़ी (निःशुल्क) इत्यादि के कारण लगभग 80 प्रतिशत कार्य पहले ही कम हो चुका है। इसके लिए हमारे द्वारा किसी भी प्रकार का विरोध नहीं किया गया था, क्योंकि हमारा रेलवे स्टेशन संपूर्ण सुविधाओं से परिपूर्ण रहना चाहिए। लेकिन बैटरी कार के परिचालन से समस्त कुली परिवार प्रभावित होंगे। कुलियों का कार्य कम होने से आर्थिक संकट गहरा जाएगा। कुलियों के समक्ष अपने परिवार के भरण-पोषण की समस्या उत्पन्न हो जाएगी। बैटरी कार का परिचालन रायपुर, भाटापारा और दुर्ग में नहीं किया जाए, जिससे कि लाइसेंसी कुली अपने-अपने परिवार का भरण-पोषण बिना किसी मानसिक दबाव के कर सकें।

सीएजी रिपोर्ट ने की पुष्टिः ‘बीमारू’ नहीं अब ‘बेमिसाल’ है यूपी

लखनऊ. कभी बीमारू राज्यद का दर्जा पाए और पिछड़ेपन और आर्थिक तंगी की वजह से चर्चा में रहने वाले उत्तर प्रदेश ने आर्थिक मोर्चे पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत के महालेखाकार (सीएजी) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2023 में उत्तर प्रदेश राज्यह राजस्वक अधिशेष में शामिल था। सीएजी ने राज्यों के 10 वर्षों के आर्थिक प्रदर्शन का अध्ययन कर बताया है कि देश में अब कुल 16 राज्य ऐसे हैं, जिनकी कमाई उनके खर्च से ज्यादा है यानी ये राज्य राजस्व अधिशेष (रेवेन्यू सरप्लस) में हैं।  महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि इस सूची में उत्तर प्रदेश ₹37,000 करोड़ के रेवेन्यू सरप्लस के साथ सबसे ऊपर है। यह दर्शाता है कि प्रदेश में सीएम योगी के नेतृत्व में लागू की गई नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश न केवल सतत विकास की राह पर बढ़ रहा है बल्कि अन्य राज्यों के समक्ष एक अनुकरणीय उदाहरण के रूप में उभर रहा है।  भाजपा शासन वाले राज्यों में स्थिति बेहतर सीएजी की रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया गया है कि यूपी के बाद गुजरात (₹19,856 करोड़), ओडिशा (₹15,560 करोड़), झारखंड (₹13,920 करोड़), कर्नाटक (₹13,496 करोड़), छत्तीसगढ़ (₹8,592 करोड़), तेलंगाना (₹6,944 करोड़), केरल (₹5,310 करोड़), मध्य प्रदेश (₹4,091 करोड़) और गोवा (₹2,399 करोड़) का स्थान है। पूर्वोत्तर के अरुणाचल, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम जैसे राज्य भी अधिशेष वाले राज्यों में शामिल हैं। इन 16 अधिशेष राज्यों में से कम से कम 10 पर भाजपा का शासन है।  12 राज्य अब भी जूझ रहे राजस्व घाटे से रिपोर्ट के अनुसार, देश के 12 राज्य अब भी राजस्व घाटे से जूझ रहे हैं। इनमें आंध्र प्रदेश (-₹43,488 करोड़), तमिलनाडु (-₹36,215 करोड़), राजस्थान (-₹31,491 करोड़), पश्चिम बंगाल (-₹27,295 करोड़), पंजाब (-₹26,045 करोड़), हरियाणा (-₹17,212 करोड़), असम (-₹12,072 करोड़), बिहार (-₹11,288 करोड़), हिमाचल प्रदेश (-₹6,336 करोड़), केरल (-₹9,226 करोड़), महाराष्ट्र (-₹1,936 करोड़) और मेघालय (-₹44 करोड़) शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार स्पष्ट है कि इन राज्यों की कमाई उनके खर्च को पूरा कर पाने में सक्षम नहीं है। केंद्रीय अनुदान पर ज्यापदा निर्भर पश्चिम बंगाल, केरल व पंजाब जैसे राज्य सीएजी रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम बंगाल, केरल, हिमाचल प्रदेश और पंजाब जैसे राज्य अपनी आर्थिक जरूरतें पूरी करने के लिए केंद्र से मिलने वाले राजस्व घाटा अनुदान पर निर्भर हैं। वित्त वर्ष 2023 में अकेले पश्चिम बंगाल को 16% हिस्सा मिला, ताकि उसकी आय और खर्च के बीच का अंतर पूरा हो सके। इसके बाद केरल को 15%, आंध्र प्रदेश को 12%, हिमाचल प्रदेश को 11% और पंजाब को 10% अनुदान मिला। वहीं, वित्तीय वर्ष 2022-23 में हरियाणा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु और गुजरात उच्च राज्य कर राजस्व (एसओटीआर) वाले राज्य थे, जिन्हें उनकी कुल राजस्व प्राप्तियों के अनुपात में मापा गया। इसी प्रकार, अरुणाचल, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा जैसे राज्यों का एसओटीआर 30% से भी कम रहा, जो इनकी कमज़ोर राजस्व क्षमता को दर्शाता है। इन राज्यों ने आमदनी के लिए टैक्स तथा गैर टैक्स स्रोतों को किया मजबूत… रिपोर्ट में राज्यों का उल्लेख किया है जिन्होंने अपनी कमाई यानी टैक्स व गैर-टैक्स स्रोतों को मजबूत किया है। हरियाणा इस सूची में सबसे ऊपर है, जहां राज्य की कुल आय का 80% से ज्यादा हिस्सा उसकी खुद की कमाई से आता है। इसके बाद तेलंगाना (79%), महाराष्ट्र (73%), गुजरात (72%), कर्नाटक (69%), तमिलनाडु (69%) और गोवा (68%) हैं। यह दिखाता है कि इन राज्यों ने केंद्र पर निर्भर रहने के बजाय खुद के राजस्व स्रोत मजबूत किए हैं। राज्यों की अपनी आय में सबसे बड़ा हिस्सा राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) से आता है। इसके अलावा शराब, पेट्रोलियम उत्पाद और बिजली पर लगने वाला वैट तथा एक्साइज ड्यूटी भी राज्यों के लिए बड़ी कमाई का ज़रिया है क्योंकि ये जीएसटी ढांचे से बाहर हैं। सीएजी की रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2022-23 में राज्यों को कुल ₹1,72,849 करोड़ की धनराशि फाइनेंस कमीशन ग्रांट्स के रूप में सौंपी गई, जिसमें से रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट्स के तौर पर ₹86,201 करोड़ की धनराशि दी गई। उत्तर प्रदेश के सकारात्मक बदलाव पर एक नजर… उत्तर प्रदेश डबल इंजन की सरकार में दोगुनी रफ्तार से तरक्की कर रहा है तथा इस बात को सीएजी ने भी रिपोर्ट में माना है। उल्लेखनीय है कि मौजूदा योगी सरकार के वर्ष 2017 से लेकर अब तक के कार्यकाल की तुलना अगर वर्ष 2012-17 के दौरान की पूर्ववर्ती समाजावादी पार्टी की सरकार से करेंगे तो जमीन-आसमान का फर्क देखने को मिलेगा। टैक्स कलेक्शनः वर्ष 2012-13 में यह मात्र ₹54,000 करोड़ था जो 2016-17 में बढ़कर ₹85,000 करोड़ हुआ यानी, 5 साल में करीब ₹31,000 करोड़ की वृद्धि हुई। वहीं योगी सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2017-18 में यह ₹95,000 करोड़ से बढ़कर 2024-25 तक ₹2,25,000 करोड़ तक पहुंचा। यानी, 8 साल में 1.3 लाख करोड़ से अधिक की वृद्धि हुई है। बजट का आकारः वर्ष 2012-13 में राज्य का बजट ₹ 2.0 लाख करोड़ था जो 2016-17 तक ₹3.46 लाख करोड़ पहुंच गया। यह लगभग 1.5 लाख करोड़ की बढ़ोत्तरी थी। दूसरी ओर, योगी सरकार में 2017-18 में राज्य का बजट ₹3.84 लाख करोड़ था जो कि वर्ष 2025-26 तक बढ़कर ₹8.08 लाख करोड़ हो गया। यानी, केवल आठ वर्षों में बजट का आकार दोगुने से अधिक बढ़ गया। सकल राज्य घरेलू उत्पादः वर्ष 2012-13 में प्रदेश की जीएसडीपी लगभग ₹8 लाख करोड़ थी जो वर्ष 2016-17 में बढ़कर 12.5 लाख करोड़ हो गई, यानी लगभग ₹ 4.5 लाख करोड़ की वृद्धि हुई। वहीं, योदगी सरकार में वर्ष 2017-18 में जीएसडीपी लगभग ₹13.6 लाख करोड़ था तथा वर्ष 2025-26 में यह 30 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। यानी, केवल 8 वर्षों में लगभग ₹ 16.4 लाख करोड़ की वृद्धि हुई है।

नवरात्र विशेष: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विंध्याचल और मैहर स्टेशनों पर रुकेंगी ट्रेनें

प्रयागराज  शारदीय नवरात्र के अवसर पर रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए 22 ट्रेनो का पांच-पांच मिनट का ठहराव विंध्याचल धाम और मैहर स्टेशनो पर करने का फैसला लिया है। रेलवे ने आज से एक अक्टूबर तक और छह अक्टूबर को 22 ट्रेनों को विंध्याचल रेलवे स्टेशन पर दो दो मिनट का ठहराव दिया है। इसी प्रकार मैहर स्टेशन पर भी 15 ट्रेनों को पांच-पांच मिनट का ठहराव दिया गया है। यहां उतर सकते है दर्शन करने वाले भक्त रेलवे के इस फैसले से दर्शन करने वाले भक्तों को यहां उतरने में सहूलियत मिल सकेगी। रेलवे के सीनियर पीआरओ अमित मालवीय ने बताया ,विंध्याचल रेलवे स्टेशन पर नवरात्र में दो मिनट रुकने वाली ट्रेनों में हावड़ा-जोधपुर, हावड़ा-बीकानेर, पुरी-आनंद विहार टर्मिनल, लोकमान्य तिलक टर्मिनल-पाटलिपुत्र, जोगबनी-आनंद विहार टर्मिनल,जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें शामिल हैं। श्रद्धालुओं का पहुंचना और वापस जाना होगा आसान माता रानी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को विंध्याचल पहुंचना और वापसी करना आसान हो जाएगा और ऐसा ही मैहर रेलवे स्टेशन पर किया गया है। यहां पर पांच मिनट के लिए ट्रेनों का ठहराव होगा। इसमें लोकमान्य तिलक ट.-गोरखपुर, लोकमान्य तिलक ट.- छपरा, चेन्नई -छपरा, वलसाड- मुज़फ्फरपुर, कोल्हापुर- धनबाद, लोकमान्य तिलक ट.- रक्सौल, दुर्ग-नवतनवा, आदि ट्रेन रुकेगी।