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देखिए भारत में पहली बार: गोलगप्पों के सागर में विराजती मां दुर्गा, मनोहर पंडाल का अनोखा अंदाज

बिलासपुर संस्कारधानी के हृदय स्थल मसानगंज में इस साल दुर्गा पूजा का रंग कुछ हटकर होगा। नवयुवक दुर्गोत्सव समिति अपने 57वें साल में मां दुर्गा का दरबार पांच लाख गुपचुप से सजा रही है। पंडाल ही नहीं, देवी की प्रतिमा भी गुपचुप पर विराजमान होंगी। कोलकाता से आए कारीगर इस अनोखे पंडाल को तैयार करेंगे। पांच दिनों तक भोग-प्रसाद के रूप में भक्तों को गुपचुप ही परोसा जाएगा। मसानगंज की नवयुवक दुर्गोत्सव समिति हर साल नए-नए प्रयोगों के लिए जानी जाती है। पिछले साल यहां दो लाख चाकलेट से माता का रूप और पंडाल सजाया गया था, जिसने भक्तों का दिल जीत लिया था। इस बार समिति ने और भी बड़ा प्रयोग किया है।  

भारत की ओर रुख: L1 वीजा छोड़ अमेरिका से लौटी महिला ने साझा किया अपने फैसले का कारण

बेंगलुरु  कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु की एक महिला ने अमेरिका में अपना L1 वीजा छोड़ने के अपने फैसले को अब तक का सबसे बेहतरीन कदम बताया। उन्होंने यह फैसला H-1B वीजा की तीन लॉटरी में असफल होने के बाद लिया। बता दें कि L1 वीजा, एक तरह का इंट्रा-कंपनी ट्रांसफर वीजा है, जो बहुराष्ट्रीय कंपनियों को अपने कर्मचारियों को भारत से अमेरिकी शाखाओं में शिफ्ट करने की अनुमति देता है।    यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्केले की पूर्व छात्रा राधिका अग्रवाल ने X पर एक पोस्ट में अपना अनुभव शेयर किया, जो अब वायरल हो रहा है। उन्होंने लिखा, "अमेरिकी वीजा सिस्टम के साथ मेरा एक पूरा अनुभव रहा: H-1B लॉटरी में तीन बार चूक, इस दौरान एक क्रॉस-बॉर्डर लॉन्ग-डिस्टेंस रिलेशनशिप, आखिरकार L1 वीजा की मंजूरी और फिर 2019 में घर वापस लौटने का फैसला, उस L1 वीजा को छोड़ देना जिसे मैं इतनी शिद्दत से चाहती थी।" अग्रवाल ने स्वीकार किया कि वह अब भी पूरी तरह से यह नहीं बता पाती कि उन्होंने यह अवसर क्यों छोड़ा, लेकिन पीछे मुड़कर देखने पर उन्हें लगता है कि यह सही निर्णय था। उन्होंने कहा, "मैं आज भी पूरी तरह से यह नहीं समझा सकती कि मैंने 6 साल पहले घर वापस आने के लिए L1 क्यों छोड़ा, लेकिन मैं अब कह सकती हूं कि यह मेरा अब तक का सबसे बेहतरीन फैसला था।" उन्होंने अपने इस फैसले के 4 मुख्य कारण गिनाए-     भारत के तेजी से बढ़ते स्टार्टअप और वेंचर कैपिटल इकोसिस्टम से सीखने का मौका।     जीवन के महत्वपूर्ण पलों में अपने माता-पिता के करीब रहना।     बाहरी जैसा महसूस किए बिना एक मजबूत समुदाय का हिस्सा बनना।     वीजा की स्थिति की चिंता किए बिना करियर में जोखिम लेने की आजादी। अग्रवाल ने उन लोगों को भी प्रोत्साहित किया जो भारत लौटने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने लिखा, "यदि आप नए H-1B घोषणा (या सामान्य माहौल) को देख रहे हैं और सोच रहे हैं कि 'क्या मुझे वापस चले जाना चाहिए?' तो यह आपके लिए एक संकेत है कि इसका जवाब 'हां' है।" पिछले छह वर्षों में अग्रवाल ने भारत में विशेष रूप से कंज्यूमर टेक और कंज्यूमर ब्रांड्स के क्षेत्र में संस्थापकों, ऑपरेटरों और निवेशकों का एक मजबूत नेटवर्क बनाया है। उन्होंने उन लोगों को अपनी पृष्ठभूमि के साथ उनसे संपर्क करने के लिए प्रोत्साहित किया जो भारत लौटने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह उन्हें अपने नेटवर्क के लोगों से जोड़कर उनके लिए यह बदलाव आसान बना देंगी। यूजर्स की प्रतिक्रियाएं उनकी पोस्ट पर कई उपयोगकर्ताओं ने प्रतिक्रिया दी। एक उपयोगकर्ता ने लिखा, “मैंने भी अपना L1A छोड़ा था, इसलिए मैं आपकी बात पूरी तरह समझ सकता हूं। लेकिन जब आप यह फैसला अपनी मर्जी से लेते हैं और जब आपको यह फैसला लेने के लिए मजबूर किया जाता है, तो इसमें बहुत बड़ा अंतर होता है। बहुत से लोगों के लिए निराशा का कारण बाद वाली स्थिति होती है। उनमें से कुछ के पास लोन है, कुछ के बच्चे हैं, और कुछ रिश्ते में हैं। उन्हें फैसले लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है।" एक अन्य उपयोगकर्ता ने टिप्पणी की, "आपकी यात्रा बताती है कि करियर के विकल्पों को व्यक्तिगत मूल्यों और जीवन की प्राथमिकताओं के साथ जोड़ना कितना महत्वपूर्ण है। यह देखना प्रेरणादायक है कि आपने घर वापस आकर कैसे तरक्की और समुदाय पाया।” एक उपयोगकर्ता ने H-1B धारकों के लिए दांव को बहुत ऊंचा बताया। उन्होंने कहा, "अधिकांश H-1B धारकों के लिए यह जीवन या मृत्यु का मामला है, क्योंकि अमेरिका में नौकरी खोने और घर लौटने के सामाजिक परिणाम बहुत अधिक हैं – परिवार और समाज से बहिष्कृत होने का डर। यह 100k डॉलर का मामला नहीं है, बल्कि उन्हें सामाजिक परिणामों से भी लड़ना पड़ता है।" H-1B वीजा की फीस यह सब ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने H-1B कार्यक्रम के आवेदनों पर 100,000 अमेरिकी डॉलर (88 लाख रुपये से अधिक) का वार्षिक शुल्क लगाने का आदेश दिया था। घोषणा में कहा गया था कि मौजूदा वीज़ा धारकों सहित कर्मचारियों को तब तक प्रवेश से वंचित रखा जाएगा जब तक कि उनके नियोक्ता यह राशि भुगतान नहीं करते। सार्वजनिक चिंता और भ्रम के बाद, व्हाइट हाउस ने बाद में स्पष्ट किया कि नया शुल्क केवल नए आवेदकों पर लागू होता है, वर्तमान धारकों पर नहीं।

चित्तौड़गढ़ की बड़ी सादड़ी में झमाझम, 74 मिमी बरसात से मौसम सुहाना

जयपुर राजस्थान के दक्षिणी हिस्सों में मानसून ने एक बार फिर से वापसी की है। मौसम विभाग की ओर से रविवार और सोमवार को चित्तौड़गढ़, राजसमंद,सिरोही, उदयपुर, प्रतापगढ़, डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग की ओर से इन जिलों में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में बारिश की स्थिति की बात करें तो शनिवार दोपहर बाद चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़ और उदयपुर में घने बादल जाए और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। वहीं, पश्चिमी राजस्थान के जिलों में मौसम साफ रहा और तेज धूप निकली। जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में आंशिक बादल और हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। मौसम विभाग का मनना है कि अगले 4 दिनों तक बारिश का दौर और जारी रह सकता है। बीते 24 घंटे में सबसे अधिक बारिश चित्तौड़गढ़ जिले की बड़ी सादड़ी में 74 मिमी रिकॉर्ड की गई। वहीं निम्बाहेड़ा में 60 मिमी, डूंगरपुर के सागवाड़ा में 19, प्रतापगढ़ की छोटी सादड़ी में 17, उदयपुर के वल्लभनगर में 45, खेरवाड़ा में 26 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, 24 सितंबर से प्रदेश में मौसम शुष्क हो सकता है, यानी बारिश की गतिविधियां थम सकती हैं। प्रदेश में अधिकतम तापमान की बात करें तो सर्वाधिक तापमान पिलानी में 37.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सीकर में 35.5 डिग्री, अजमेर में  34.7, भीलवाड़ा में 31.2, अलवर में 35.5, जयपुर में 33.9,  कोटा में 30.3, चित्तौड़गढ़ में 32.3, बाड़मेर में 36.4, जैसलमेर में 37.2, जोधपुर में 34.9, चूरू में 39.1, पाली में 32.1, और जालोर में 34.1 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।

‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश विजन-2047’ पर आयोजित कार्यशाला में बोले सीएम योगी

आज प्रदेश के हर सेक्टर में दिख रहा विकास : मुख्यमंत्री विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के लिए पीएम मोदी के पंच प्रण से जुड़ना होगा : मुख्यमंत्री गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2047 तक विकसित भारत बनाने की संकल्पना के अनुरूप प्रदेश ‘विकसित उतर प्रदेश विजन 2047’ पर काम कर रही है। इसमें सरकार द्वारा निर्धारित 12 सेक्टर्स में से किसी भी क्षेत्र में अपने सुझाव देकर राज्य का हर व्यक्ति यूपी को विकसित बनाने में योजक की भूमिका निभा सकता है। उन्होंने आह्वान किया कि हर व्यक्ति सरकार द्वारा जारी ‘विकसित उतर प्रदेश विजन 2047’ के क्यूआर कोड को मोबाइल में स्कैन कर अपने सुझाव अवश्य दे। सीएम योगी रविवार को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर एमजीयूजी के ऑडिटोरियम में ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश विजन-2047’ पर आयोजित कार्यशाला को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की पूर्व और वर्तमान दशा का विस्तार से उल्लेख किया और भावी दशा के लिए एक रोडमैप सबके सामने रखा। सीएम ने कहा कि आजादी मिलने के बाद 1947 के देश की अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश का योगदान 14 प्रतिशत था। इसके बाद इसमें लगातार गिरावट आती गई। 2017 में उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद इसमें सुधार आना शुरू हुआ। मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 तक उत्तर प्रदेश की जीडीपी 12 लाख 36 हजार करोड़ रुपये थी। इस वर्ष के अंत तक सरकार इसे 36 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचाने जा रही है। यानी नौ सालों में तीन गुने की वृद्धि। इसी तरह राज्य में प्रति व्यक्ति आय भी नौ सालों में 45000 रुपये से बढ़कर 1 लाख 20000 रुपये पर पहुंच रही है। आज प्रदेश में हरेक सेक्टर में विकास देखने को मिल रहा है। सीएम योगी ने कहा कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ ‘अमृत महोत्सव’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक देश को विकसित बनाने के लिए जो पंच प्रण दिए हैं, हम सभी को उसके साथ आगे बढ़ना होगा। हमें उन पंच प्रणों, गुलामी की मानसिकता को सर्वथा समाप्त करना, विरासत का सम्मान करना, सेना, अर्धसेना और यूनिफॉर्मधारी जवानों का सम्मान व उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करना, जाति, क्षेत्र या किसी भी तरह के वाद से मुक्त होकर समतामूलक समाज के लिए एकता के सूत्र में बंधना और नागरिक कर्तव्यों का पालन करना अपने दिनचर्या का हिस्सा बनाना होगा। विकसित भारत के लिए यूपी ने उठाई आवाज मुख्यमंत्री ने पितृ विसर्जन के पावन पर्व पर आजादी दिलाने वाले देश के पूर्वजों को याद करते हुए कहा कि देश के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वालों का सपना था कि भारत दुनिया की एक ताकत बने। पितृ विसर्जन पर विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प के लिए आयोजित यह कार्यशाला पूर्वजों के प्रति सबसे बड़ी श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि पीएम के आह्वान के तीन साल बाद जब किसी और जगह से आवाज नहीं आई तो विकसित भारत के लिए आवाज उठाने की शुरुआत यूपी ने की। बताया कि अगस्त माह में विकसित उत्तर प्रदेश के लिए एक विजन बनाने को विधानसभा और विधान परिषद में लगातार 24 घण्टे चर्चा हुई। इस चर्चा ने उस धारणा को बदल दिया है जिसमें कहा जाता था कि विधायिका में काम नहीं होता है। और, उस चर्चा के बाद अब आमजन से सुझाव लेकर कार्ययोजना बनाने की तैयारी की जा रही है। प्रदेशभर में इस तरह की चर्चा के कार्यक्रम को आगे बढ़ाने हेतु यूपी में तीन सौ से अधिक बुद्धिजीवियों जिसमें सेवानिवृत्त आईएएस, कुलपति, शिक्षक, चिकित्सकों, उद्यमियों की सहभागिता है, को प्रदेश के सभी जिलो में भेजा जा रहा है। ये बुद्धिजीवी प्रदेश के विभिन्न अकादमिक संस्थाओं में जाकर विकसित उत्तर प्रदेश के विजन पर छात्रों व अन्य लोगों से चर्चा कर रहे है। अब तक प्रदेश के 110 से अधिक अकादमिक संस्थाओं में भ्रमण कर ये बुद्धजीवी छात्रों से, जनता से संवाद कर चुके हैं। ये अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों के बहुमूल्य विचारों को भी आमंत्रित कर रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विचार कभी मरता नहीं है। यदि विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश का विचार सामने आया है तो मूर्त रूप अवश्य लेगा। इसी विश्वास के साथ आज हम सब आगे बढ़ रहे हैं।  पीएम मोदी द्वारा दिए संकल्पों को दिनचर्या का हिस्सा बनाना होगा मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने विकसित भारत के लिए पंच प्रण के साथ 9 संकल्प की भी बात की थी। ये संकल्प बहुत छोटे हैं और हमारी दिनचर्या के हिस्से के रूप में भी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जल संरक्षण के लिए संकल्प की बात की है। एक संकल्प पर्यावरण संरक्षण है जिसमें एक पेड़ मां के नाम पर लगाना शामिल है। प्रधानमंत्री ने तीसरा संकल्प स्वच्छता का दिया। स्वच्छता न होने के कारण ही पूर्वी यूपी में इंसेफेलाइटिस बीमारी फैलती थी। आज यह क्षेत्र गंदगी मुक्त हुआ तो यहां इंसेफेलाइटिस भी समाप्त हुआ। बताया कि 1977 से 2017 तक 50 हजार बच्चों की मौत इंसेफेलाइटिस से हुई थी। 2017 के बाद सरकार के प्रयासों के बाद इसे समाप्त करने में सफलता पाई गयी। आज इंसेफेलाइटिस से कोई मौत नही होती। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भरता का संकल्प हमें दिया है। इसके लिए हमें स्वदेशी मॉडल को अपनाना होगा। समय व मांग के अनुरूप हमें उसके मॉडल में परिवर्तन करना होगा। हमें वोकल फार लोकल की दिशा में आगे बढ़ना होगा।  भारत में आध्यात्मिक पर्यटन के सभी केंद्र मुख्यमंत्री ने कहा कि पांचवें संकल्प के रूप में प्रधानमंत्री ने देश दर्शन का दिया है। हमारे यहां 4 धाम, 51 शक्ति पीठ, 12 ज्योर्तिलिंग आदि आध्यात्मिक पर्यटन के सभी केंद्र हैं। हेरिटेज टूरिज्म की दृष्टि से भी भारत सम्पन्न है। भारत ने आक्रान्ताओं के खिलाफ एक लम्बी लड़ाई लड़ी है। टूरिज्म के लिए हम विदेश क्यों जाएं, जब हमारे पास इतना वैभवपूर्ण टूरिज्म क्षेत्र है। इससे हमारा पैसा भी अपने देश में खर्च होगा। पीएम के संकल्पों को याद दिलाते हुए सीएम योगी ने कहा कि हमें प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना चाहिए। रासायनिक उर्वरको से कैंसर जैसे अनेक रोग होते है। मधुमेह के रोगियों की संख्या भारत में लगातार बढ़ रही है। प्राकृतिक खेती … Read more

आसमान में देशभक्ति का नज़ारा! हरियाणा के पहले एयर शो में जाबाज़ पायलटों की धांसू परफ़ॉर्मेंस

हिसार हरियाणा के हिसार में आज महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट पर भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध सूर्य किरण एयरोबेटिक टीम रोमांचक एयर शो पेश कर रही है। इस एयर शो का उद्देश्य युवाओं को प्रेरित करना है ताकि वे आने वाले समय में भारतीय वायुसेना और पायलट बनने का सपना देख सकें। 13 पायलटों वाली टुकड़ी अपने विमान के साथ तीन घंटे तक हैरतअंगेज करतब दिखाएगी। सिरसा और अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से ये विमान उड़ान भरते हुए करतब दिखाएंगे। आकाश में कभी सभी विमान एक साथ फॉर्मेशन बनाएंगे, तो कभी अलग-अलग टीमों में बंटकर एयरोबेटिक शो करेंगे। इन करतबों के दौरान विमान 150 किमी प्रति घंटे से लेकर 650 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरेंगे। वहीं हरियाणा के सीएम नायब सैनी भी इस एयर शो में मौजूद है। रिहर्सल के दौरान 9 जहाज एक साथ करतब दिखाएंगे। प्रशासन की ओर से पार्किंग व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा और सुरक्षा के लिए अलग-अलग टीमें नियुक्त की गई हैं।हरियाणा के पहले एयर शो को देखने हजारों की संख्या में लोगों के पहुंचे है।    देश के कई हिस्सों में हो चुके एयर शो सूर्यकिरण वायु सेना की 52वीं स्क्वॉड्रन का हिस्सा है, जिसकी स्थापना 1996 में हुई थी। यह टीम भारतीय वायु सेना की एरोबेटिक्स प्रदर्शन टीम है। इस टीम में 13 पायलट हैं। इनमें से केवल 9 ही एक साथ उड़ान भरते हैं। इसके लिए केवल लड़ाकू विमान के पायलटों का चयन किया जाता है। उनके पास किरण विमान संचालन का 1,000 घंटे और लड़ाकू उड़ान का लगभग 2,000 घंटे का अनुभव होता है। पायलटों के अलावा, इस टीम में एक फ्लाइट कमांडर, एक प्रशासक और योग्य उड़ान प्रशिक्षक शामिल हैं। यह टीम देश के कई हिस्सों में एयर शो के जरिए हवाई करतब दिखा चुकी है। यह टीम कर्नाटक के बीदर वायुसेना स्टेशन पर स्थित है। इसने कई प्रस्तुतियां दी हैं। सूर्य किरण टीम ने अपना पहला सार्वजनिक प्रदर्शन 15 सितंबर, 1996 को कोयंबटूर स्थित वायुसेना प्रशासनिक महाविद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में दिया था। इस एयर शो का उद्देश्य युवाओं को प्रेरित करना है ताकि वे आने वाले समय में भारतीय वायुसेना और पायलट बनने का सपना देख सकें। 13 पायलटों वाली टुकड़ी अपने विमान के साथ तीन घंटे तक हैरतअंगेज करतब दिखाएगी। आकाश में कभी सभी विमान एक साथ फॉर्मेशन बनाएंगे, तो कभी अलग-अलग टीमों में बंटकर एयरोबेटिक शो करेंगे। इन करतबों के दौरान विमान 150 किमी प्रति घंटे से लेकर 650 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरेंगे।    

नवरात्रि की शुरुआत: कल से कलश स्थापना कैसे करें और इसका आध्यात्मिक महत्व

शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर से शुरू है. शारदीय नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना करते हैं. उसके साथ ही मां दुर्गा की पूजा प्रारंभ होती है. कलश स्थापना का मुहूर्त सुबह और दोपहर दोनों समय है. कलश स्थापना के लिए पूजा सामग्री की व्यवस्था आज ही कर लें. आइए जानते हैं शारदीय नवरात्रि में कलश स्थापना की विधि, सामग्री और महत्व के बारे में. शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर सोमवार से शुरू है. इस दिन नवरात्रि का पहला दिन है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार, आश्विन शुक्ल प्रतिपदा के दिन शारदीय नवरात्रि की शुरूआत होती है. उस दिन दिन कलश स्थापना करके मां दुर्गा की पूजा करते हैं. नवरात्रि के 9 दिनों तक कलश पूजा स्थान पर ही रहता है. दुर्गा विसर्जन के दिन कलश को हटाया जाता है. नवरात्रि के प्रथम दिन कलश स्थापना के बाद मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की पूजा करते हैं. तिरुपति के ज्योतिषाचार्य डॉ. कृष्ण कुमार भार्गव से जानते हैं शारदीय नवरात्रि में कलश स्थापना कैसे करें? कलश स्थापना का मुहूर्त क्या है? शारदीय नवरात्रि शुभ मुहूर्त आश्विन शुक्ल प्रतिपदा तिथि का शुभारंभ: 22 सितंबर, सोमवार, 01:23 ए एम से आश्विन शुक्ल प्रतिपदा तिथि का समापन: 23 सितंबर, मंगलवार, 02:55 ए एम पर शुक्ल योग: प्रात:काल से लेकर शाम 07:59 पी एम तक ब्रह्म योग: शाम 07:59 पी एम से पूर्ण रात्रि तक उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र: प्रात:काल से 11:24 ए एम तक हस्त नक्षत्र: 11:24 ए एम से पूरे दिन कलश स्थापना शुभ मुहूर्त 1. अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: सुबह में 06:09 बजे से सुबह 07:40 बजे तक 2. शुभ-उत्तम मुहूर्त: सुबह 09:11 बजे से सुबह 10:43 बजे तक 3. कलश स्थापना अभिजीत मुहूर्त: 11:49 बजे से दोपहर 12:38 बजे तक कलश स्थापना सामग्री मिट्टी या पीतल का कलश, गंगाजल, जौ, आम के पत्ते, अशोक के पत्ते, केले के पत्ते, सात प्रकार के अनाज, जटावाला नारियल, गाय का गोबर, गाय का घी, अक्षत्, धूप, दीप, रोली, चंदन, कपूर, माचिस, रुई की बाती, लौंग, इलायची, पान का पत्ता, सुपारी, फल, लाल फूल, माला, पंचमेवा, रक्षासूत्र, सूखा नारियल, नैवेद्य, मां दुर्गा का ध्वज या पताका, दूध से बनी मिठाई आदि. नवरात्रि कलश स्थापना कैसे करें? शारदीय नवरात्रि के पहले दिन स्नान के बाद व्रत और पूजा का संकल्प करें. फिर पूजा स्थान पर ईशान कोण में एक चौकी रखें और उस पर पीले रंग का कपड़ा बिछा दें. उसके बाद उस पर सात प्रकार के अनाज रखें. फिर उस पर कलश की स्थापना करें. कलश के ऊपर रक्षासूत्र बांधें और रोली से तिलक लगाएं. इसके बाद कलश में गंगा जल डालें और पवित्र जल से उसे भर दें. उसके अंदर अक्षत्, फूल, हल्दी, चंदन, सुपारी, एक सिक्का, दूर्वा आदि डाल दें और सबसे ऊपर आम और अशोक के पत्ते रखें. फिर एक ढक्कन से कलश के मुंख को ढंक दें. उस ढक्कन को अक्षत् से भरें. सूखे नारियल पर रोली या चंदन से तिलक करें और उस पर रक्षासूत्र लपेटें. फिर इसे ढक्कन पर स्थापित कर दें. उसके बाद प्रथम पूज्य गणेश जी, वरुण देव समेत अन्य देवी और देवताओं का पूजन करें. इस प्रकार से कलश स्थापना करें. उसके पास मिट्टी डालकर उसमें जौ डालें और पानी से उसे सींच दें. इस जौ में पूरे 9 दिनों तक पानी डालना है. ये जौ अंकुरित होकर हरा भरा हो जाएगा. हरा जौ सुख और समृद्धि का प्रतीक होता है. कलश के पास ही एक अखंड ज्योति भी जलाएं, जो महानवमी तक जलनी चाहिए. कलश स्थापना का महत्व नवरात्रि में कलश स्थापना करने के बाद मां दुर्गा का आह्वान करते हैं. कलश स्थापना करके ही त्रिदेवों ब्रह्मा, विष्णु और महेश के साथ अन्य देवी और देवताओं को इस पूजा का साक्षी बनाते हैं. धर्म शास्त्रों में कलश को मातृ शक्ति का प्रतीक मानते हैं. नवरात्रि के 9 दिनों में कलश में सभी देवी और देवताओं का वास होता है.

बचत का बड़ा मौका: कल से शुरू हो रहा ‘बचत उत्सव’, पीएम मोदी का बड़ा बयान

नई दिल्ली  कल यानी सूर्योदय के साथ ही नेक्सट जनरेशन जीएसटी दरें लागू हो जाएंगी। पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को देश के नाम संबोधन में यह बात कही। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि कल, नवरात्री के पहले दिन से ‘बचत उत्सव’ शुरू हो रहा है। इस बचत उत्सव से त्योहारों के सीजन में सबका मुंह मीठा होगा। पीएम ने अपने संबोधन में कहा है कि आज की जरूरतों और भविष्य को ध्यान में रखते नेक्सट जनरेशन रिफॅार्म लागू किया जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि इनकम टैक्स और जीएसटी में मिली छूट की वजह से अब लोग 2.5 लाख रुपये की सालाना बचत कर पाएंगे। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में स्वदेशी सामानों के प्रयोग पर भी जोर दिया। 99% सामान अब 5% टैक्स के दायरे में पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कहा कि जो सामान पहले 12 प्रतिशत टैक्स के दायरे में आते थे। उसमें से 99 प्रतिशत सामान अब 5 प्रतिशत के दायरे में आ गए हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि कल से हो रहे बदलावों से अब महिलाओं, युवाओं, मिडिल क्लास, नियो मिडिल क्लास को बड़ी बचत होगी। उनके लिए अपने सपनों को पूरा करना अब और आसान हो जाएगा। क्या-क्या हो रहा 22 सितंबर से सस्ता रसोई में इस्तेमाल के सामान से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाइयां और उपकरणों से लेकर वाहन तक लगभग 375 वस्तुएं सोमवार यानी 22 सितंबर से सस्ती हो जाएंगी। घी, पनीर, मक्खन, नमकीन, केचप, जैम, सूखे मेवे, कॉफी और आइसक्रीम जैसी आम इस्तेमाल की चीजें और टीवी, एयर कंडीशनर (एसी), वॉशिंग मशीन जैसे महंगे उत्पाद भी सस्ते हो जाएंगे। सीमेंट होगा सस्ता अधिकांश दवाओं और फॉर्मूलेशन और ग्लूकोमीटर और डायग्नॉस्टिक किट जैसे मेडिकल उपकरणों पर जीएसटी दर को घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे आम आदमी को दवाएं सस्ती मिलेंगी। सीमेंट पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे घर बनाने वालों को भी फायदा होगा। जीएसटी दर में कटौती से सबसे बड़ा फायदा वाहन खरीदारों को होगा, क्योंकि छोटी और बड़ी कारों पर कर दरें क्रमशः 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत कर दी गई हैं। अब रह जाएंगे सिर्फ 2 जीएसटी स्लैब कल 22 सितंबर से 4 की जगह अब सिर्फ दो जीएसटी स्लैब ही प्रभावी रहेंगे। बीते दिनों हुई जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में 12 प्रतिशत और 18 प्रतिशत के जीएसटी स्लैब को समाप्त करने का फैसला किया गया था। कल से अब 5 प्रतिशत और 12 प्रतिशत के जीएसटी स्लैब ही रह जाएंगे। कुछ लक्जरी सामान और तम्बाकू प्रोडक्ट्स पर सरकार ने 40 प्रतिशत टैक्स लगाया है। देश के नाम अपने संबोधन में पीएम मोदी ने देश के लोगों से स्वदेशी चीजें अपनाने का आह्वान किया। पीएम मोदी ने कहा कि रोजमर्रा की चीजों में बहुत सी चीजें विदेशी जुड़ गई हैं, हमें इनसे भी मुक्ति पानी होगी। मेड इन इंडिया सामान खरीदना होगा। जिसमें हमारे देश के नौजवानों की मेहनत लगी है। हमें हर घर को स्वदेशी का प्रतीक बनाना है। हर दुकान को स्वदेशी से सजाना है। गर्व से कहो मैं स्वदेशी खरीदता हूं। गौरतलब है कि पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका में ट्रंप सरकार के आने के बाद व्यापारिक डील में परेशानी सामने आ रही है।

दिल्लीवासियों के लिए राहत: 6 दिन तक मौसम रहेगा साफ, मगर पड़ोसी राज्यों में बरसात जारी

नई दिल्ली  दिल्ली में बारिश का दौर थम सा गया है और तेज धूप निकल रही है. ऐसे में लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ रहा है. शनिवार को भी दिल्ली में चिलचिलाती धूप ने लोगों की हालत खराब कर दी. आगे भी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. क्योंकि दिल्ली में अगले 6 दिन तक बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है. 21 से 26 सितंबर तक दिल्ली में मौसम साफ रहेगा. दिल्ली में आज अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. आने वाले दिनों में भी इतना ही तापमान रहने का अनुमान है. वहीं 21 सितंबर को दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, उत्तर प्रदेश, बिहार में भारी बारिश होने की संभावना है. 21 से 24 सितंबर को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, छत्तीसगढ़, ओडिशा में भारी बारिश होने की संभावना है.   उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश का मौसम पहाड़ी राज्यों पर बारिश का कहर लगातार जारी है. उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में आगे भी मौसम विभाग की ओर से बारिश होने की संभावना जताई गई है. इसके अलावा 21 सितंबर को मराठवाड़ा और गुजरात क्षेत्र में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है. 21 और 22 सितंबर को कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र में भारी बारिश होने की संभावना है. इन राज्यों में बारिश की संभावना अगले 5 दिनों के दौरान पूर्वी भारत में गरज के साथ छीटें पड़ने और तेज रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है. 21 से 24 सितंबर के दौरान असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश होने की संभावना है. 21 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश हो सकती है. अगले 4 से 5 दिनों के दौरान उत्तराखंड और पूर्वी राजस्थान में बिजली कड़कने के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. 21 और 22 सितंबर को तमिलनाडु, रायलसीमा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश होने की संभावना है. 21, 24-26 सितंबर के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और तेलंगाना में भारी बारिश होने की संभावना है. अगले 5 दिनों के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में तेज रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है. 21 से 25 सितंबर के दौरान इन क्षेत्रों में कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है.

फिलीपींस में भारी विरोध प्रदर्शन: जनता ने सरकार के फैसलों के खिलाफ किया जोरदार विरोध

मनिला नेपाल के बाद अब फिलीपींस में भी सरकार के खिलाफ लोगों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त हो गया है। हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। रविवार को फिलीपींस की राजधानी मनिला में हज़ारों प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर अपना गुस्सा जताया। प्रदर्शनकारियों की भीड़ इतनी अधिक थी कि पुलिस के लिए उनको संभाल पाना मुश्किल हो गया। फिलीपींस में क्यों सड़क पर उतरे लोग फिलीपींस में यह विरोध एक बड़े भ्रष्टाचार घोटाले के खिलाफ था, जिसमें सांसदों, सरकारी अधिकारियों और व्यापारियों पर आरोप है कि उन्होंने बाढ़-नियंत्रण परियोजनाओं में भारी घूसखोरी की और गरीब व आपदा-प्रवण देश में सरकारी धन को लूटा। किसी भी तरह की हिंसा को रोकने के लिए पुलिस और सेना को अलर्ट पर रखा गया है। मनिला के एक ऐतिहासिक पार्क और राजधानी क्षेत्र के मुख्य EDSA हाईवे के पास लोकतंत्र स्मारक के निकट हुए अलग-अलग प्रदर्शनों की सुरक्षा के लिए हज़ारों पुलिसकर्मी तैनात किए गए। अंतरराष्ट्रीय चेतावनी जारी फिलीपींस में भारी विरोध प्रदर्शन और हिंसा को देखते हुए अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के दूतावासों ने अपने नागरिकों को प्रदर्शन से दूर रहने की सलाह दी है। प्रदर्शनकारियों ने फिलीपींस के झंडे लहराए और एक बड़ा बैनर दिखाया जिस पर लिखा था, "अब और नहीं, बहुत हो गया, इन्हें जेल भेजो"। छात्र नेता अल्थिया ट्रिनिडाड ने कहा, "मुझे दुख होता है कि हम गरीबी में जीते हैं, हमारे घर और भविष्य बर्बाद हो जाते हैं, जबकि ये लोग हमारे टैक्स के पैसे से आलीशान कारें, विदेश यात्राएं और बड़ी व्यापारिक डील्स करते हैं।" बाढ़ परियोजनाओं में बड़ा घोटाला लोगों को आरोप है कि फिलीपींस की बाढ़ परियोजनाओं में बड़ा घोटाला किया गया। वह बुलाकान प्रांत की निवासी हैं, जो बाढ़ से प्रभावित इलाका है और जहा, बाढ़-नियंत्रण परियोजनाओं को या तो घटिया बताया गया है या कहा गया है कि वे वास्तव में कभी हुई ही नहीं। कैथोलिक बिशप सम्मेलन के प्रमुख कार्डिनल पाब्लो वर्जिलियो डेविड ने कहा, "हमारा उद्देश्य अस्थिरता नहीं, बल्कि लोकतंत्र को मज़बूत करना है।" हिंसा न फैलाने की अपील कैथोलिक बिशप सम्मेलन के प्रमुख कार्डिनल पाब्लो वर्जिलियो डेविड ने लोगों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और जवाबदेही की मांग करने की अपील की। आयोजकों ने कहा कि उनका ध्यान भ्रष्ट लोक निर्माण अधिकारियों, सांसदों और निर्माण कंपनियों के मालिकों को बेनकाब करने पर है। वे राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर से इस्तीफे की मांग नहीं कर रहे हैं। कैसे हुआ घोटाला? राष्ट्रपति मार्कोस जूनियर ने जुलाई में अपने राष्ट्र संबोधन में इस बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया था।इसके बाद उन्होंने एक स्वतंत्र जांच आयोग गठित किया, जिसने उन 9,855 परियोजनाओं की जांच शुरू की, जिनकी कीमत 545 अरब पेसो (लगभग 9.5 अरब डॉलर) बताई गई थी। उन्होंने इस भ्रष्टाचार को “भयानक” करार दिया और लोक निर्माण सचिव का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। 

आसपास की राखो साफ सफाई इसी मैं है सबकी भलाई

 देवपुर सेवा पखवाड़ा स्वच्छ ग्राम कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देशन मैं जिले भर मैं सेवा पखवाड़ा अंतर्गत विभिन्न गतिविधियां की जा रही साथ ही ग्राम पंचायत निकाय स्तर पर स्वच्छता ही सेवा अभियान मैं स्वच्छता कार्य किए जा रहे है इसी क्रम मैं ग्राम पंचायत देवपुर प्रथम पंचायत भवन से लेकर शासकीय माध्यमिक शाला देवपुर तक रास्ते मैं जितने कचरे घूरे रोड के किनारे से सभी को साफ किया गया और ग्राम के आस पास बंद नालियों को साफ किया गया जिससे ग्राम को सुंदर और स्वच्छ बनाया जाए साथ ही सरपंच महोदय के द्वारा ग्राम के सभी ग्राम वासियों से अपील की गई की कोई भी ग्राम वासी गांव के आस पास गंदगी करते या कचरा के ढेर या  रोड के किनारे घूरे लगाए पाए जाते हैं तो उसके खिलाफ कायवाही की जायेगी अपने ग्राम को सुंदर और स्वच्छ बनाए रखे जिससे ग्राम की रौनक और सुंदरता बनी रहे इस अवसर पर ग्राम पंचायत देवपुर प्रथम के सरपंच कुंवर शिवाजी शाह बुंदेला ग्राम पंचायत सचिव प्रेमलाल यादव सहा सचिव परमलाल यादव राकेश यादव जसरथ यादव बिदुर शाह बुंदेला लक्ष्मण सिंह प्रकाश यादव पत्रकार राकेश कुमार एवम समस्त ग्राम वासी मौजूद रहे