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शादी में नुकसान पहुंचाने पर पत्नी ने पति की प्रेमिका से मांगा हर्जाना

नई दिल्ली दिल्ली हाईकोर्ट ने यह फैसला सुनाया है कि अगर किसी तीसरे व्यक्ति ने जानबूझकर हस्तक्षेप करके शादी को नुकसान पहुंचाया है, तो जीवनसाथी उस प्रेमी/प्रेमिका पर हर्जाने के लिए मुकदमा कर सकता है। यह फैसला तब आया जब कोर्ट ने एक मामले में समन जारी किया, जिसमें एक पत्नी ने अपने पति की कथित प्रेमिका से 'एलियनएशन ऑफ अफेक्शन' (Alienation of Affection) के लिए 4 करोड़ का हर्जाना मांगा है। 'एलियनएशन ऑफ अफेक्शन' (AoA) एक 'टॉर्ट' (Tort) है, जिसका अर्थ है 'सिविल गलती' या 'दीवानी दोष'। यह कानून पुरानी एंग्लो-अमेरिकन कॉमन लॉ व्यवस्था से आया है। यह किसी जीवनसाथी को उस तीसरे पक्ष से पैसों का मुआवज़ा मांगने की अनुमति देता है, जिस पर शादी तोड़ने या प्यार और स्नेह को खत्म करने का आरोप है। इन 'हार्ट बाम' टॉर्ट्स (विवाहित जीवन को भावनात्मक नुकसान पहुंचाने वाले कानूनी दावे) को भारत के किसी भी कानून में संहिताबद्ध (Codified) नहीं किया गया है। जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने अपने आदेश में कहा कि हिंदू विवाह अधिनियम समेत भारत के वैवाहिक कानून, परिवार अदालत (Family Court) में किसी तीसरे पक्ष के खिलाफ कोई कानूनी उपचार (Remedy) नहीं देते हैं। इसलिए, उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में, गलत हस्तक्षेप से हुए नुकसान के लिए सिविल कोर्ट में मुआवजे का दावा सुना जा सकता है। यह दंपति 2012 में शादी के बंधन में बंधे थे और 2018 में उनके जुड़वां बच्चे हुए। आरोपी प्रेमिका पति की कंपनी में विश्लेषक (Analyst) के रूप में शामिल हुई और यह जानने के बावजूद कि वह शादीशुदा था, उसके साथ घनिष्ठ संबंध बना लिया। 2023 में पति ने क्रूरता (Cruelty) के आधार पर तलाक के लिए अर्जी दी, जिसके बाद पत्नी ने इसी साल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और प्रेमिका से हर्जाना (Damages) मांगा। पत्नी का पक्ष रखते हुए वकील मालविका राजकोटिया ने कहा कि पत्नी ने तर्क दिया कि उसे अपने पति के प्यार और साथ (Affection and Companionship) का अधिकार था, जिसे जानबूझकर उससे छीन लिया गया। पति के वकील प्रभजीत जौहर ने कहा कि इस मुकदमे का विरोध करते हुए कहा कि व्यभिचार (Adultery) का मामला पहले से ही फैमिली कोर्ट में विचाराधीन है और सिविल कोर्ट का यह केस तलाक की कार्यवाही के खिलाफ केवल एक 'जवाबी हमला' है। प्रेमिका पक्ष के वकील केसी जैन ने मुकदमे की वैधता को चुनौती देते हुए तर्क दिया कि यह केस एक ही मुद्दे पर समांतर कार्यवाही शुरू करने जैसा है। उन्होंने आगे यह भी तर्क दिया कि वह महिला (पत्नी) उनसे हर्जाना नहीं मांग सकती, क्योंकि पुरुष के साथ बातचीत न करने या संबंध न बनाने की उन पर कोई कानूनी बाध्यता नहीं थी। कोर्ट ने इस बात से असहमति जताई और कहा कि तलाक की कार्यवाही चल रही होने के बावजूद भी हर्जाने (Damages) के लिए सिविल दावा करने से नहीं रोका जा सकता। जस्टिस कौरव ने कहा, "न तो हिंदू विवाह अधिनियम और न ही कोई अन्य वैवाहिक कानून किसी तीसरे पक्ष के खिलाफ कोई कानूनी उपचार (Remedy) प्रदान करता है।" उन्होंने आगे कहा, "कानूनी रोक (Statutory Bar) न होने की स्थिति में, एक जीवनसाथी तीसरे पक्ष के कथित हस्तक्षेप के लिए सिविल कोर्ट में हर्जाना मांग सकता है।" कोर्ट ने कहा, "यहां, याचिका में एक तीसरे पक्ष की सिविल गलती (Third-Party Tort) का दावा किया गया है और उस गलती के लिए आर्थिक मुआवजा मांगा गया है। ऐसा दावा पूरी तरह से सामान्य सिविल कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आता है, न कि केवल फैमिली कोर्ट के। समांतर वैवाहिक कार्यवाही (तलाक का केस) चल रही हो, तब भी यह अलग से दायर किया गया हर्जाने का सिविल मुकदमा रुकावट नहीं बनेगा।" फैसले में यह भी कहा गया कि निजी स्वतंत्रता, जिसमें रिश्ते को समाप्त करना या बदलना शामिल है, अपराध नहीं है, लेकिन इसके नागरिक परिणाम (Civil Consequences) हो सकते हैं। कोर्ट ने कहा, "जब एक जीवनसाथी शादी टूटने से कानूनी नुकसान का दावा करता है, तो कानून यह मानता है कि उस नुकसान को पहुँचाने वालों से मुआवज़ा मांगा जा सकता है।" अमेरिकी न्यायविद वेस्ली न्यूकॉम्ब होहफेल्ड का हवाला देते हुए कोर्ट ने आगे कहा,"अगर किसी जीवनसाथी का वैवाहिक साथ, अंतरंगता और साहचर्य (Marital Consortium, Intimacy, and Companionship) में एक संरक्षित हित है, तो तीसरे पक्ष का यह कर्तव्य है कि वह जानबूझकर और गलत तरीके से हस्तक्षेप न करे। हालांकि, इसी समय, जीवनसाथी को व्यक्तिगत चुनाव करने की स्वतंत्रता भी बरकरार रहती है। जहां जीवनसाथी का आचरण पूरी तरह से स्वैच्छिक और गैर-मजबूर होता है (यानी, वह अपनी मर्जी से संबंध बनाता है), वहां उसकी यह स्वतंत्रता तीसरे पक्ष की देनदारी (Liability) को खत्म कर देगी।"  

H-1B Visa Update: सालाना नहीं, सिर्फ नए आवेदकों से लिया जाएगा एकमुश्त शुल्क

न्यूयॉर्क/वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एच-1बी वीजा की फीस बढ़ाकर एक लाख डॉलर करने के बाद से वीजा धारकों में असमंजस की स्थिति थी। ऐसे में व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने शनिवार (स्थानीय समयानुसार) को स्पष्ट किया कि वीजा पर एक लाख डॉलर फीस सिर्फ नए आवेदकों पर ही लागू होगी। यह स्पष्टीकरण राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा वीजा फीस बढ़ाने के आदेश पर हस्ताक्षर करने के एक दिन बाद आया है। एच-1बी वीजा का इस्तेमाल कंपनियां विदेशी पेशेवरों को अमेरिका में नौकरी देने के लिए करती हैं, जिनमें बड़ी संख्या भारतीयों की होती है। व्हाइट हाउस के अधिकारी के अनुसार, 'एच-1बी फीस को लेकर कानूनी चुनौतियां आ सकती हैं। लेकिन अगर यह लागू रही, तो कंपनियों को हर एच-1बी कर्मचारी के लिए एक लाख डॉलर तक चुकाने होंगे।' हालांकि अधिकारी ने साफ किया कि यह फीस सिर्फ नए आवेदकों से ली जाएगी। 21 सितंबर से पहले प्रस्तुत आवेदन नहीं होंगे प्रभावित वहीं, अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) भी इस संबंध में एक्स पर पोस्ट कर नई जानकारी दी है। यूएससीआईएस ने पोस्ट में कहा, 'राष्ट्रपति ट्रंप की नई एच-1बी वीजा आवश्यकता केवल नए, संभावित आवेदनों पर लागू होती है, जो अभी तक दायर नहीं किए गए हैं। 21 सितंबर, 2025 से पहले प्रस्तुत आवेदन प्रभावित नहीं होंगे।' केरोलिन लेविट ने भी साफ की स्थिति     यह 1 लाख डॉलर शुल्क वार्षिक नहीं है, बल्कि एकमुश्त (one-time) शुल्क है, जो केवल नये H-1B आवेदन पर लागू होगा।     जो लोग पहले से H-1B वीजा धारक हैं और फिलहाल देश से बाहर हैं, उन्हें दोबारा अमेरिका लौटने के लिए यह शुल्क नहीं देना होगा।     मौजूदा H-1B वीजा धारक सामान्य रूप से अमेरिका आ-जा सकते हैं, इस नई घोषणा से उनकी री एंट्री पर कोई असर नहीं पड़ेगा।     यह नियम केवल नए वीज़ा पर लागू होगा,  नवीनीकरण या मौजूदा वीजा धारकों पर नहीं।     यह प्रावधान सबसे पहले आगामी H-1B लॉटरी चक्र से लागू होगा। 21 सितंबर की रात से लागू होगा ट्रंप का आदेश ट्रंप के इस अचानक फैसले का अमेरिका में काम करने वाले भारतीय पेशेवरों पर बहुत गहरा असर पड़ेगा। राष्ट्रपति का यह आदेश 21 सितंबर की रात 12:01 बजे (स्थानीय समयानुसार) से लागू होगा। जैसे ही यह घोषणा हुई, वीजा धारकों और कंपनियों में अफरा-तफरी मच गई। आव्रजन वकीलों और नियोक्ताओं ने सलाह दी कि जो एच-1बी वीजा धारक या उनके परिवारजन काम या छुट्टी के सिलसिले में अमेरिका से बाहर हैं, वे तुरंत अगले 24 घंटे में लौट आएं, वरना उन्हें अमेरिका में प्रवेश से रोका जा सकता है। ट्रंप की घोषणा के बाद भारतीयों ने भारत यात्रा की रद्द ट्रंप की इस घोषणा के बाद, अमेरिका में एच-1बी वीजा धारक कई भारतीयों ने भारत आने की अपनी यात्रा रद्द कर दी। कुछ लोग तो हवाई अड्डे पर उड़ान पकड़ने से पहले ही लौट गए, जबकि जो पहले से भारत में हैं, वे जल्द से जल्द वापस लौटने की कोशिश कर रहे हैं। दीपावली और साल के अंत की छुट्टियों से पहले आए इस आदेश ने परिवारों की योजनाएं बिगाड़ दी हैं। एच-1बी वीजा धारकों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि इस समय उनके बीच 'बेहद घबराहट' और 'चिंता' का माहौल है। तीन साल के लिए दिया जाता है एच-1बी वीजा फिलहाल, कंपनियां एच-1बी वीजा के लिए प्रायोजक बनने पर लगभग 2,000 से 5,000 डॉलर तक चुकाती हैं, जो कंपनी के आकार और अन्य कारकों पर निर्भर करता है। एच-1बी वीजा आमतौर पर तीन साल के लिए दिया जाता है और इसे तीन साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। यह भारतीय तकनीकी पेशेवरों के बीच बेहद लोकप्रिय है। भारतीय दूतावास ने मदद के लिए जारी किया मोबाइल नंबर इस बीच, अमेरिका में भारतीय दूतावास आपातकालीन सहायता चाहने वाले भारतीय नागरिकों की मदद के लिए मोबाइल नंबर जारी किया है। दूतावास ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'आपातकालीन सहायता चाहने वाले भारतीय नागरिक मोबाइल नंबर +1-202-550-9931 (और व्हाट्सएप) पर कॉल कर सकते हैं। इस नंबर का उपयोग केवल तत्काल आपातकालीन सहायता चाहने वाले भारतीय नागरिकों द्वारा किया जाना चाहिए, न कि नियमित वाणिज्य दूतावास संबंधी पूछताछ के लिए।'  

सरकार ने बढ़ाई चावल डिलीवरी की अवधि और बोनस राशि, लाभ उठा पाएंगे सभी पात्र लोग

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राइस मिलर्स के हित में बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार ने चावल की डिलीवरी अवधि और बोनस राशि की अवधि को 15 मार्च 2025 से बढ़ाकर 30 जून 2025 करने का फैसला किया है। इस निर्णय से प्रदेश की लगभग 1000 मिलों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही, मिलर्स को बोनस राशि के अतिरिक्त लगभग 50 करोड़ रुपये के होल्डिंग चार्ज में भी छूट का लाभ प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को यहां आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन द्वारा राज्य सरकार को यह अवगत करवाया गया कि भारतीय खाद्य निगम द्वारा चावल की डिलीवरी लगभग 45 दिन देर से शुरू की गई, जिसके कारण मिलर्स अपना कार्य निर्धारित अवधि में पूरा नहीं कर पाए। एसोसिएशन की मांग को उचित समझते हुए सरकार ने राइस मिलर्स को दिए जाने वाली बोनस की राशि की अवधि को 30 जून करने का निर्णय किया है। इस अवसर पर सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग, मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती और मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय उपस्थित रहे। कल से शुरू होगी खरीफ फसलों की खरीद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि एक अक्तूबर के बजाय अब 22 सितंबर से राज्य में खरीफ फसलों की सरकारी खरीद शुरू की जाएगी। मुख्‍यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने किसानों को एमएसपी के बारे में गुमराह करने का काम किया, जबकि हमारी सरकार ने लगातार फसलों पर एमएसपी को बढ़ाया है। उन्होंने कहा, वर्ष 2014 में धान कॉमन का एमएसपी 1360 रुपये प्रति क्विंटल था, जबकि आज 2369 रुपये प्रति क्विंटल है। वर्ष 2014 में धान ग्रेड-ए का एमएसपी 1400 रुपये प्रति क्विंटल था, जबकि आज 2389 रुपये है।

एसीबी की कार्रवाई: कोयला व्यवसायी के ठिकाने से कागजात खंगाले जा रहे

जांजगीर रविवार को ईओडब्ल्यू के साथ एसीबी भी सक्रिय नजर आ रही है. एसीबी ने अकलतरा के अम्बेडकर चौक के पास स्थित कोयला व्यापारी के निवास पर छापा मारा है. सुबह से चल रही कार्रवाई में घोटाले से जुड़े दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं. कांग्रेस सरकार के दौरान सचिवालय में सहायक ग्रेड-2 के पद पर पदस्थ रहे जयचंद कोसले के निवास पर सुबह डीएसपी अजितेश सिंह के नेतृत्व में एसीबी की टीम ने दबिश दी. बताया जा रहा है कि जयचंद कोसले का बेटा कोयले का कारोबार करता है. एसीबी की टीम घर में दस्तावेजों को खंगाल रही है. ईओडब्ल्यू ने 10 जगह दी दबिश एक तरफ अकलतरा में जहां एसीबी ने कोयला घोटाले से जुड़े मामले में दबिश दी है, तो वहीं दूसरी ओर शराब घोटाला में ईओडब्ल्यू ने प्रदेश के रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर स्थित शराब कारोबारियों के 10 ठिकानों पर छापेमारी की है. राजधानी में 3 से 4 ठिकानों पर दबिश दी गई है, जिसमें रायपुरा के शिव विहार कॉलोनी स्थित शराब कारोबारी अवधेश यादव का घर भी शामिल है. क्या है कोयला लेवी मामला दरअसल, राज्य के वरिष्ठ राजनेताओं और नौकरशाहों से मिलीभगत के बाद कुछ लोगों ने ऑनलाइन मिलने वाले परमिट को ऑफलाइन कर कोयला ट्रांसपोर्ट करने वालों से हर टन पर 25 रुपये की अवैध लेवी वसूली गई. खनिज विभाग के तत्कालीन संचालक IAS समीर बिश्रोई ने ऑफलाइन करने का आदेश जारी किया गया था. कोल परिवहन के लिए कोल व्यापारियों को यह परमिट दिया जाता था. पूरे मामले का मास्टरमाइंड कोल व्यापारी सूर्यकांत तिवारी को माना गया. इसमें जो व्यापारी पैसे देता उसे ही खनिज विभाग से पीट और परिवहन पास जारी होता था, यह रकम 25 रुपये प्रति टन के हिसाब से सूर्यकांत के कर्मचारियों के पास जमा होती थी. इस तरह से स्कैम कर कुल 570 करोड़ रुपए की वसूली की गई. कहां खर्च की अवैध कमाई जांच में सामने आया है कि इस घोटाले की राशि को सरकारी अधिकारियों और राजनेताओं को रिश्वत देने में खर्च किया गया. साथ ही चुनावी खर्चों के लिए भी इस अवैध राशि का इस्‍तेमाल किया गया. आरोपियों ने इससे कई चल-अचल संपतियों को खरीदा.

ऋषभ पंत फुट इंजरी से जूझ रहे, आखिर कब तक होगी वापसी?

नई दिल्ली स्टार विकेट कीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत अभी पैर की चोट से उबर नहीं पाए हैं। एक मीडिया रिपोर्ट की माने तो वह न सिर्फ अगले महीने वेस्टइंडीज के साथ 2 टेस्ट मैच की होम सीरीज से बाहर रहेंगे बल्कि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी नहीं जा पाएंगे। मीडिया  रिपोर्ट के मुताबिक पंत को चोट से पूरी तरह उबरने में अभी 3 से 4 और हफ्ते लग सकते हैं। ऋषभ पंत इंग्लैंड दौरे पर चौथे टेस्ट के पहले दिन चोटिल हो गए थे। तेज गेंदबाज क्रिस वोक्स की गेंद पर उन्होंने रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश की और इस क्रम में वह पैर की उंगली में फ्रैक्चर करा बैठे। उस मैच में हालांकि वह बाद में टूटी हड्डी के साथ बल्लेबाजी करने उतरे थे। दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट के मुताबिक 27 साल के पंत अभी क्रिकेट खेलने लायक फिट नहीं हुए हैं। एशिया कप के ठीक बाद भारत को वेस्टइंडीज के खिलाफ 2 टेस्ट मैच की होम सीरीज खेलनी है। दोनों देशों के बीच पहला टेस्ट 2 अक्टूबर से 6 अक्टूबर तक अहमदाबाद में खेला जाएगा। दूसरा टेस्ट 10 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक दिल्ली में होगा। वेस्टइंडीज के साथ होम सीरीज के बाद अक्टूबर में ही भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रवाना होगी। वहां दोनों टीमों के बीच 19 अक्टूबर से 3 एकदिवसीय मैच की सीरीज होगी। दूसरा वनडे 23 और तीसरा 25 अक्टूबर को खेला जाएगा। उसके बाद दोनों देशों के बीच 5 टी20 मैच की सीरीज होगी। भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच टी20 सीरीज का पहला मैच 29 अक्टूबर को कैनबरा में खेला जाएगा। सीरीज का आखिरी मैच 8 नवंबर को ब्रिसबेन में है। कब मैदान पर उतरेंगे ऋषभ पंत? वेस्टइंडीज के साथ होम सीरीज और उसके बाद ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी पंत नहीं खेलेंगे तब नवंबर में ही उनकी इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी हो सकेगी। नवंबर में दक्षिण अफ्रीका की टीम भारत के दौरे पर आने वाली है जिसमें 2 टेस्ट, 3 वनडे और 5 एकदिवसीय मैचों की सीरीज होनी है। उम्मीद की जा रही है कि ऋषभ पंत दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज के लिए पूरी तरह फिट हो जाएंगे।  

फूड चेन कंपनियों को चेतावनी: नवरात्रि में नॉन-वेज न परोसें – BJP विधायक कर्नैल सिंह

दिल्ली  दिल्ली के शकूरबस्ती से BJP विधायक कर्नैल सिंह ने राजधानी और एनसीआर की बड़ी फूड चेन कंपनियों से खास अपील की है. उन्होंने इन कंपनियों को पत्र लिखकर कहा है कि 22 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलने वाले नवरात्रि पर्व के दौरान अपने आउटलेट्स पर नॉन-वेज खाने की बिक्री बंद करें. कर्नैल सिंह, दिल्ली BJP की मंदिर सेल के प्रमुख भी हैं. उनका कहना है कि यह कदम धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए जरूरी है. बीजेपी विधायक ने चिट्ठी में लिखा कि नवरात्रि हिंदू समाज के लिए एक गहरा धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व रखता है. इस दौरान लोग मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा करते हैं, व्रत रखते हैं और खास नियम मानते हैं. ऐसे में उम्मीद है कि फूड आउटलेट्स इस परंपरा का सम्मान करेंगे और इन नौ दिनों तक नॉन-वेज सर्व नहीं करेंगे.

नौगाम सेक्टर में गोलाबारी, LoC पर पाकिस्तान ने तोड़ा युद्धविराम

जम्मू – कश्मीर जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर इस हफ्के की शुरुआत में एक बार फिर तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब पाकिस्तानी सैनिकों ने छोटे हथियारों से गोलीबारी की। जवाबी कार्रवाई में भारतीय सेना ने भी सख्त रुख अपनाते हुए कई राउंड फायर किए। हालांकि किसी तरह की हताहत की सूचना नहीं है। सैन्य सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी चौकियों से कुपवाड़ा जिले के नौगाम सेक्टर में चार राउंड फायरिंग की गई। इसके बाद भारतीय जवानों ने करीब बीस राउंड फायर कर जवाब दिया। सेना के सूत्रों का कहना है कि इस घटना को औपचारिक रूप से सीजफायर उल्लंघन नहीं माना जा रहा है। अभी तक सेना की ओर से इस घटना पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इससे पहले इसी महीने की शुरुआत में पुंछ जिले के बालाकोट सेक्टर में संदिग्ध घुसपैठ की कोशिश को भारतीय सेना ने नाकाम किया था। उस दौरान भी दोनों ओर से छोटे हथियारों से भारी गोलीबारी हुई थी। सेना ने बयान जारी कर बताया था कि 1 सितंबर को सुबह लगभग 5:30 बजे व्हाइट नाइट कॉर्प्स के जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी। सतर्क जवानों ने तुरंत फायरिंग की जिससे घुसपैठ की कोशिश विफल हो गई। इसके बाद इलाके में निगरानी और गश्त को और मज़बूत किया गया है ताकि किसी भी नए प्रयास को समय रहते रोका जा सके। सेना का कहना है कि नियंत्रण रेखा पर लगातार चौकसी बढ़ाई जा रही है। सभी चौकियों को डोमिनेशन मोड में रखा गया है, यानी हर गतिविधि पर नजर रखने और किसी भी घुसपैठ को रोकने के लिए सभी संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। 2021 में भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर समझौते को फिर से लागू करने पर सहमति बनी थी। उस समय से सीमा पर अपेक्षाकृत शांति बनी रही थी, लेकिन हाल के महीनों में घुसपैठ और फायरिंग की घटनाओं ने एक बार फिर तनाव बढ़ा दिया है। इस बात की संभावना है कि अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी और पाकिस्तान के भीतर आतंकियों की हरकतों के बाद नियंत्रण रेखा पर इस तरह की घटनाओं में वृद्धि हो सकती है।  

भारत-पाक मैच पर बोले उपमुख्यमंत्री शर्मा, 4 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ आएंगे अमित शाह

रायपुर भारत-पाकिस्तान के बीच आगामी क्रिकेट मैच को लेकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि इस बार पाकिस्तान को पिछली बार से भी ज्यादा करारी शिकस्त भारत की टीम देगी. इसके अलावा उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पुलिस सुधारों के तहत कमिश्नर प्रणाली लागू करने की घोषणा की. उन्होंने कहा, कमिश्नर प्रणाली लेकर आएंगे, जिससे पर्याप्त व्यवस्था और निर्णय पुलिस स्वयं कर पाएगी. यह प्रणाली पुलिस को अधिक स्वायत्तता और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करेगी, जिससे कानून-व्यवस्था मजबूत होगी. विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा में शामिल होंगे अमित शाह वहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के 4 अक्टूबर को राज्य के दौरे पर रहेंगे. मीडिया से बातचीत में  उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 4 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ का दौरा करेंगे और बस्तर के प्रसिद्ध दशहरा उत्सव में हिस्सा लेंगे. वे विशेष रूप से मुरिया दरबार में शिरकत करेंगे, जो इस 75 दिनों तक चलने वाले ऐतिहासिक आयोजन का केंद्रीय हिस्सा है. बस्तर दशहरा, जो जगदलपुर में आयोजित होता है, आदिवासी परंपराओं और रीति-रिवाजों से जुड़ा 600 वर्ष पुराना उत्सव है. यह नक्सलवाद से मुक्त बस्तर की शांति और सांस्कृतिक पुनरुत्थान का प्रतीक बन चुका है.  शर्मा ने कहा, “गृहमंत्री जी का यह दौरा बस्तर के लिए ऐतिहासिक होगा. बस्तर अब नक्सलवाद की गिरफ्त से मुक्त होकर शांति और खुशी से अपने त्योहार मना रहा है.” बस्तर सांसद महेश कश्यप ने 19 सितंबर को दिल्ली में शाह से मुलाकात कर यह निमंत्रण दिया था, जिसमें मां दंतेश्वरी की पवित्र छवि भी भेंट की गई. शाह ने अपने एक्स हैंडल पर इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि वे 75-दिवसीय मुरिया दरबार में भाग लेंगे. यह दौरा राज्य सरकार की नक्सल-मुक्ति अभियान की सफलता को राष्ट्रीय स्तर पर उजागर करेगा.

पन्ना सड़क हादसा: बस पेड़ से भिड़ी, दर्जनभर यात्री घायल, एक महिला गंभीर रूप से जख्मी

पन्ना पन्ना में एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है। पन्ना-सतना राष्ट्रीय राजमार्ग -39 पर पांडेय बस सर्विस की एक तेज रफ्तार यात्री बस क्रमांक-MP-35, P-0246 जो गुन्नौर से पन्ना आ रही थी तभी पन्ना शहर के नजदीक काष्टागार के पास अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से टकराकर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। ​हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य में जुट गई। इस घटना में करीब एक दर्जन यात्री घायल हुए हैं, जिनको जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहीं घायलों में ककरहटी निवासी 40 वर्षीय संतोषी पाण्डेय गंभीर रूप से जख्मी हुई हैं। वे अपनी बहू को देखने के लिए ककरहटी से छतरपुर जा रही थीं। उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल पन्ना में भर्ती कराया गया है। अन्य यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं।​ बस में सवार एक यात्री, वनगांव की राजकुमारी बाई, ने बताया कि ड्राइवर बहुत तेज गति से बस चला रहा था। वाहन चालक ने अपना संतुलन खो दिया और बस सड़क किनारे पेड़ से टकराकर पलट गई। देखते ही देखते यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। गनीमत रही कि पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या प्रशासन तेज रफ्तार से चलने वाले वाहनों पर लगाम लगा पाएगा।

यात्रियों के लिए चेतावनी: साइबर हमलों के खतरे के बीच यूरोपीय उड़ानों पर असर

दिल्ली  दिल्ली हवाई अड्डे ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए एक एडवाइजरी जारी की। एक तृतीय-पक्ष सेवा प्रदाता पर साइबर हमले के बाद प्रमुख यूरोपीय हवाई अड्डों पर चेक-इन और बोर्डिंग सिस्टम प्रभावित हुए हैं। दिल्ली एयरपोर्ट एडवाइजरी में यात्रियों से अपडेट के लिए अपनी एयरलाइनों से संपर्क करने को कहा गया है। एडवाइजरी में कहा गया है कि लंदन, हीथ्रो सहित यूरोपीय हवाई अड्डों पर साइबर हमलों के कारण, दिल्ली हवाई अड्डे से आने-जाने वाली यूरोप जाने वाली उड़ानों में कुछ व्यवधान आ सकते हैं। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे उड़ान संबंधी नवीनतम अपडेट के लिए अपनी संबंधित एयरलाइनों से संपर्क करें। एयर इंडिया ने भी शनिवार को साइबर हमले के कारण एक यात्रा एडवाइजरी जारी की। एयर इंडिया ने लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे पर तृतीय-पक्ष यात्री प्रणाली में व्यवधान के संबंध में एक बयान जारी किया है, जिसमें यात्रियों को चेक-इन प्रक्रिया में संभावित देरी की चेतावनी दी गई है। एयरलाइन के ट्वीट के अनुसार, लंदन में ग्राउंड टीमें असुविधा को कम करने के लिए काम कर रही हैं। एक्स पर पोस्ट किए गए एक अपडेट में, एयर इंडिया ने कहा कि हीथ्रो में थर्ड-पार्टी पैसेंजर सिस्टम में व्यवधान के कारण चेक-इन प्रक्रिया में देरी हो सकती है। लंदन में हमारी ग्राउंड टीमें असुविधा को कम करने के लिए काम कर रही हैं। आज लंदन से हमारे साथ उड़ान भरने वाले यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे हवाई अड्डे पर पहुँचने से पहले अपना वेब चेक-इन पूरा कर लें ताकि एक सुचारू अनुभव सुनिश्चित हो सके। यह सलाह ऐसे समय में जारी की गई है जब ब्रसेल्स, लंदन हीथ्रो और बर्लिन सहित प्रमुख यूरोपीय हवाई अड्डों पर चेक-इन और बोर्डिंग सिस्टम के लिए जिम्मेदार एक ही सेवा प्रदाता पर साइबर हमले के बाद उड़ानों में देरी और रद्दीकरण का सामना करना पड़ रहा है। ब्रसेल्स हवाई अड्डे ने पुष्टि की है कि शुक्रवार देर रात हुए हमले के कारण स्वचालित सिस्टम ऑफलाइन हो गए थे, जिससे केवल मैन्युअल चेक-इन और बोर्डिंग ही संभव हो पाई। हवाई अड्डे ने एक बयान में कहा कि शुक्रवार, 19 सितंबर की रात चेक-इन और बोर्डिंग सिस्टम के सेवा प्रदाता पर एक साइबर हमला हुआ, जिससे ब्रसेल्स हवाई अड्डे सहित कई यूरोपीय हवाई अड्डे प्रभावित हुए। इसमें आगे कहा गया है कि प्रदाता इस मुद्दे पर सक्रिय रूप से काम कर रहा है। इसने यात्रियों से हवाई अड्डे पर जाने से पहले एयरलाइनों से उड़ान की स्थिति की जांच करने का आग्रह किया, और शेंगेन उड़ानों के लिए दो घंटे पहले और अंतरराष्ट्रीय प्रस्थान के लिए तीन घंटे पहले आगमन की सलाह दी। लंदन हीथ्रो हवाई अड्डे ने कहा कि कई एयरलाइनों को चेक-इन और बोर्डिंग सिस्टम प्रदान करने वाली वैश्विक कंपनी कॉलिन्स एयरोस्पेस, इस व्यवधान से जुड़ी एक तकनीकी समस्या का सामना कर रही है।