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गायक जुबिन गर्ग के मैनेजर के खिलाफ मामला दर्ज, पत्नी बोलीं– भाई जैसा था रिश्ता

गुवाहाटी दिवंगत गायक जुबिन गर्ग का पार्थिव शरीर सिंगापुर से गुवाहाटी लाया गया है। उनके घर से लेकर एयरपोर्ट तक श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लग गया। असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा खुद उनके पार्थिव शरीर को लेने दिल्ली गए थे। वहीं सीएम ने कहा है कि जुबिन की मौत की जांच की जाएगी। इस सिलसिले में जुबने के मैनेजर समेत दो लोगों के खिलाफ एक एफआईआर भी दर्ज की गई है। वहीं जुबिन की पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करके भावुक अपील की है। उन्होंने जुबिन के फैन्स के प्रति आभार जताते हुए कहा, आप सबने उन्हें बहुत आशीर्वाद दिया। मुझे आशा है कि उनका अंतिम संस्कार भी शांतिपूर्ण ढंग से होगा। प्रशासन की पूरी मदद मिल रही है। जुबिन के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर गरिमा ने कहा, सिद्धार्थ जुबिन के भाई जैसे हैं। आप सबको याद होगा कि 2020 में जब जुबिन की सर्जरी हुई थी और उन्हें इलाज के लिए मुंबई ले जाना पड़ा था। लॉकडाउन के वक्त सब बंद था तब सिद्धार्थ ने ही हमारी मदद की। यहां तक कि वही बस से जुबिन को मुंबई से वापस लाए। उन्होंने कहा, जुबिन हमेशा सिद्धार्थ के साथ खड़े रहते थे। मैं यही चाहती हूं कि सिद्धार्थ जुबिन की अंतिम यात्रा में शामिल हों और आप लोग भी उनके प्रति किसी तरह के नकारात्मक विचार ना रखें। मुझे भी सिद्धार्थ के सपोर्ट की जरूरत है और उनके बिना यह सब हैंडल करना बेहद मुश्किल हो जाएगा। बता दें कि जुबिन को श्रद्धांजलि देने के लिए उनके घर से लेकर एयरपोर्ट तक जन सैलाब उमड़ पड़ा।असम के पुलिस महानिदेशक हरमीत सिंह और गुवाहाटी के पुलिस आयुक्त पार्थसारथी महंत एंबुलेंस के आगे-आगे चलते हुए वाहन के लिए रास्ता बनाते देखे गए। जुबिन ने 40 भाषाओं में 38 हजार से ज्यादा गीत गाए हैं। उनका पार्थिव शरीर भोगेश्वर बरुआ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में रखा गया है। असम सरकार उनके अंतिम संस्कार को लेकर फैसला लेगी। असम सरकार ने उनकी मौत पर राज्य में तीन दिन का शोक घोषित किया है। असम के सीएमओ की तरफ से कहा गया है कि तीन दिन कोई भी आधिकारिक मनोरंजन, समारोह या फिर उत्सव नहीं होगा।  

रोटरी क्लब ग्रेटर द्वारा राजपुरा स्कूल में लगाये 31 पौधे

राजपुरा रोटरी क्लब ग्रेटर राजपुरा की ओर से मेडिकल जांच शिविर लगाया गया । डा. नवदीप वालिया ने गांव खैरपुर जंटा के सरकारी स्कूल में पहुंच कर महत्वपूर्ण समाज सेवा प्रोजेक्टर में भाग लेकर जरूरतमंदों की जांच की व उन्हें दवाइयां दीं। सरकारी स्कूल के ऐलीमेंटरी स्कूल में करवाये गये इस कैम्प में 58 विद्यार्थियों की सेहत की जांच की गई । इस मौके पर स्कूल में 31 पौधे भी लगाये गये जिसकी अगुवाई रोटेरियान रतन शर्मा ने की, और सहयोग रोटेरियन मान सिंह व अध्यापक संजय ग्रोवर ने दिया। इस प्रोजेक्ट में रोटेरियन ईशवर लाल, रोटेरियन रतन शर्मा, रोटेरियन मान सिंह ने भाग लेकर रोटरी के मूल सिद्धांत सेवा परमो धर्म की असली झलक पेश की।

असम राइफल्स पर हमले में शहीदों को मुख्यमंत्री साय ने दी श्रद्धांजलि

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मणिपुर में असम राइफल्स पर हुए कायरतापूर्ण हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। इस हमले में छत्तीसगढ़ के बस्तर के वीर सपूत राइफलमैन रंजीत कश्यप सहित दो जवानों ने अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राष्ट्र शहीद जवानों के अदम्य साहस और बलिदान को सदैव स्मरण रखेगा। उन्होंने शहीदों को कोटि-कोटि नमन करते हुए शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार शोकसंतप्त परिवारों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे वीर जवानों का यह त्याग हम सबको देश की रक्षा और एकता के मार्ग पर और अधिक दृढ़ संकल्पित करता है।

मुख्यमंत्री साय गुरु तेगबहादुर सिंह जी की 350वीं शहादत शताब्दी पर नगर कीर्तन यात्रा में हुए शामिल

रायपुर,   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के सेरीखेड़ी में गुरु तेगबहादुर सिंह जी की 350वीं शहादत शताब्दी के अवसर पर आयोजित नगर कीर्तन यात्रा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गुरु तेगबहादुर सिंह जी ने देश और धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। यह हमारा सौभाग्य है कि आज छत्तीसगढ़ की धरती पर आयोजित कीर्तन यात्रा का दर्शन कर रहे हैं।   मुख्यमंत्री साय ने गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेककर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी की अगुवाई कर रहे पंच प्यारों का सम्मान भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को पवित्र सिरोपा और कृपाण भेंट की गई।   मुख्यमंत्री ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए बड़े सौभाग्य और गर्व का विषय है। आज हम नगर कीर्तन यात्रा के दर्शन कर रहे हैं, जो गुरु तेगबहादुर जी की 350वीं शहादत शताब्दी के अवसर पर असम के गुरुद्वारा धुबरी साहिब से प्रारंभ होकर देश के अनेक स्थानों से होते हुए छत्तीसगढ़ पहुँची है। लगभग 10 हजार किलोमीटर की यात्रा तय कर यह नगर कीर्तन यहां पहुँचा है। हमारे प्रदेशवासियों के लिए यह ऐतिहासिक क्षण और पुण्य अवसर है कि हमें इस यात्रा का स्वागत करने और इसमें भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गुरु तेगबहादुर जी की शहादत के बारे में हम सभी भलीभांति जानते हैं। वे मुगलों के सामने कभी नहीं झुके और अपने धर्म की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया। आज भी दिल्ली के चांदनी चौक स्थित गुरुद्वारा शीशगंज साहिब गुरु तेगबहादुर जी की शहादत का अमर प्रतीक है। हम गुरु तेगबहादुर जी को नमन करते हैं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सिख धर्म के दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह जी के चारों साहिबजादों की शहादत भी अद्वितीय है। साहिबजादों ने मुगलों के सामने झुकने के बजाय धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने साहिबजादों की इस वीरता को नमन करते हुए हर वर्ष 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाने का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने भी वीर बाल दिवस को पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया है। इस अवसर पर विधायक सुनील सोनी, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ नि:शक्तजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कांवड़िया, छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा, पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा, डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना, बलदेव सिंह भाटिया, गुरचरण होरा, गुरुद्वारा कमेटियों के प्रमुखजन सहित बड़ी संख्या में सिख धर्म के अनुयायी एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।  

अगर बगराम एयरबेस नहीं लौटा तो अंजाम बुरा होगा: डोनाल्ड ट्रंप

वॉशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को बगराम सैन्य अड्डे को अमेरिका को सौंपने से इनकार करने पर तालिबान को धमकी दी है। उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान को 'खराब बातें ' करने की धमकी दी। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर कहा, "अगर अफ़ग़ानिस्तान बगराम एयरबेस को इसे बनाने वालों, यानी अमेरिका को वापस नहीं करता, तो बहुत बुरा होने वाला है!!" दो दिन पहले भी डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि बगराम एयरबेस को छोड़ देना जो बाइडेन प्रशासन की बड़ी गलती थी और इसे सुधारा जाएगा। उन्होंने कहा था कि बगराम एयरबेस चीन के करीब है और अमेरिका के लिए बेहद जरूरी है इसलिए अमेरिकी फौज की अफगानिस्तान में वापसी होगी। ट्रंप के इस बयान के बाद अफगानिस्तान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने युद्ध के बाद देश में बगराम एयरबेस पर पुनः कब्जा करने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हालिया बयान की आलोचना की और कहा कि हम अफगान अपने देश में विदेशी सैन्य उपस्थिति को कभी स्वीकार नहीं करेंगे। शुक्रवार को अफगानिस्तान के सरकारी रेडियो और टेलीविजन (आरटीए) ने इसकी जानकारी दी थी। तालिबानी विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ राजनयिक जलाली के हवाले से कहा कि अपने पूरे इतिहास में अफगानों ने कभी भी अपनी धरती पर विदेशी सैन्य की उपस्थिति को स्वीकार नहीं किया है। अफगानिस्तान और अमेरिका को द्विपक्षीय सम्मान एवं साझा हितों के मद्देनजर आर्थिक और राजनीतिक संबंधों पर सहयोग करने की जरूरत है। बता दें कि काबुल से 50 किलोमीटर उत्तर बगराम एयरबेस पर अमेरिकी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन बल 20 साल से यहां काबिज थे। इस एयरबेस ने अमेरिकी सैनिकों के लिए मुख्य सैन्य अड्डे के रूप में अगस्त 2021 तक कार्य किया। अगस्त 2021 में अमेरिकी सेना के हटने के बाद अफगानिस्तान की मौजूदा सरकार के पास अब इसका नियंत्रण है। अमेरिका के सैन्य अधिकारियों का कहना है कि अगर बगराम एयरबेस पर दोबारा कब्जा किया जाता है तो इसके लिए करीब 10 हजार सैनिकों की जरूरत होगी। ट्रंप ने कहा था कि उनकी बगराम एयरबेस को लेकर अफगानिस्तान से बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा था कि अगर अफगानिस्तान नहीं मानता है तो वह अपने ढंग से रास्ता निकालेंगे।

भारत–पाकिस्तान मुकाबले की चमक फीकी, एक्स-कैप्टन के बयान से पाकिस्तान हुआ शर्मसार

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान की टीमें आज यानी रविवार, 21 सितंबर को एशिया कप 2025 में दूसरी बार भिड़ने के लिए तैयार है। इंडिया वर्सेस पाकिस्तान पहला मैच ग्रुप स्टेज में 14 सितंबर को खेला गया था, इस एकतरफा मुकाबले में सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने 7 विकेट से जीत दर्ज की थी। पाकिस्तान हर डिपार्टमेंट में पिछड़ता नजर आया था। टीम की इस गिरती परफॉर्मेंस का असर इंडिया वर्सेस पाकिस्तान राइवलरी पर भी पड़ रहा है। पूर्व कप्तान और चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत का मानना है कि इंडिया वर्सेस पाकिस्तान राइवलरी में पहले जैसी बात नहीं रह गई है और पाकिस्तान को मुख्य टीमों की जगह एसोसिएट टीमों के साथ खेलना चाहिए। श्रीकांत ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, "आगे चलकर, पाकिस्तान को मुख्य टीमों के साथ नहीं खेलना चाहिए। उन्हें एसोसिएट देशों के साथ रखें और उनकी जगह दूसरों को लाएं। पाकिस्तान के लिए यह सौभाग्य की बात है कि वे इतने प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का हिस्सा भी हैं।" 1983 के वर्ल्ड कप विजेता ने आगे दावा किया कि प्रसिद्ध भारत-पाकिस्तान प्रतिद्वंद्विता अब अपनी अहमियत खो चुकी है। उन्होंने कहा, "ये मैच अब दर्शकों को आकर्षित नहीं करेंगे। इस पाकिस्तानी टीम में डराने वाली कोई बात नहीं है। यह चेन्नई लीग की सातवीं डिवीजन की टीम जैसी है।" श्रीकांत ने इसके अलावा पाकिस्तान के मुख्य कोच माइक हेसन पर भी निशाना साधा और तर्क दिया कि उनके नेतृत्व में पाकिस्तान गलत रास्ते पर है। श्रीकांत ने कहा, "हेसन बार-बार दोहराते रहेंगे कि वे एक अच्छी टीम हैं और भारत के खिलाफ बदकिस्मत रहे, लेकिन उनके नेतृत्व में वे कहीं नहीं पहुंचेंगे।" हेसन को मई 2025 में पाकिस्तान का हेड कोच बनाया गया था। इससे पहले वह न्यूजीलैंड और आईपीएल में आरसीबी को कोचिंग दे चुके हैं।  

ड्रामे के बीच महामुक़ाबला: भारत-पाकिस्तान के बीच रोमांचक भिड़ंत आज

दुबई  भारत और पाकिस्तान की टीमें एशिया कप 2025 में एक सप्ताह के अंदर लगातार दूसरी बार भिड़ने के लिए तैयार हैं। भारत ने लीग स्टेज में अपने सभी मुकाबले जीते थे, जबकि पाकिस्तान ने एक मुकाबला भारत के खिलाफ गंवाया था। पिछले रविवार को खेला गया मुकाबला काफी चर्चा में रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने मैच खत्म होने के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया, जिसके बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। पाकिस्तान प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा नहीं ले रहा है। वहीं उसके खिलाड़ी काफी दबाव में है, उनके मनोबल को बढ़ाने के लिए बोर्ड ने मोटिवेशनल स्पीकर बुलाया था। एंडी पाइक्रॉफ्ट एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के मुकाबले के लिए मैच रैफरी होंगे। हेड टू हेड मामले में भारत काफी आगे इंडिया और पाकिस्तान के बीच अभी तक 14 टी20 खेले गए हैं जिसमें से 11 मैच भारत ने जीतकर अपना दबदबा बनाया हुआ है। वहीं पाकिस्तान ने 3 मैच जीते हैं। पाकिस्तान स्क्वॉड सईम अयूब, साहिबजादा फरहान, मोहम्मद हारिस (विकेटकीपर), फखर जमान, सलमान आगा (कप्तान), खुशदिल शाह, हसन नवाज, मोहम्मद नवाज, शाहीन अफरीदी, हारिस रऊफ, अबरार अहमद, हुसैन तलत, फहीम अशरफ, हसन अली, मोहम्मद वसीम जूनियर, सलमान मिर्जा, सुफियान मुकीम टीम इंडिया में दो बदलाव होंगे पाकिस्तान के मैच में भारतीय प्लेइंग XI में दो बदलाव तय है। ओमान के खिलाफ जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती को आराम दिया गया था। उनकी जगह अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा आए थे। भारतीय स्क्वॉड अभिषेक शर्मा, शुबमन गिल, संजू सैमसन (विकेटकीपर), सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, जसप्रित बुमरा, जितेश शर्मा, रिंकू सिंह, वरुण चक्रवर्ती

गोबर से सोना: नंगली डेयरी में शुरू हुआ 200 टन का बायोगैस प्लांट

दिल्ली  नजफगढ़ के नंगली सकरावती में शनिवार को सीएम रेखा गुप्ता ने गोबर बायोगैस प्लांट का उद्घाटन किया। प्लांट की क्षमता प्रतिदिन 200 टन गोबर ट्रीट करने की है। इस दौरान वेस्ट दिल्ली सांसद कमलजीत सहरावत, दिल्ली सरकार में शहरी विकास मंत्री आशीष सूद, एमसीडी मेयर राजा इकबाल सिंह, एमसीडी कमिश्नर अश्विनी कुमार भी मौजूद रहे। सीएम ने कहा कि यह दिल्ली का पहला ऐसा गोबर बायोगैस प्लांट है, जिसमें डेयरी ओनर्स गोबर से पैसे भी कमा सकते हैं। गोबर की कीमत प्रति किलो 65 पैसे तय की गई है। नालियों में न जाए गोबर सीएम ने कहा कि नंगली डेयरी में यह पहला बायोगैस प्लांट है, जो 2.72 एकड़ एरिया में बना है। गोबर से गैस बनाने के लिए प्लांट में तीन डाइजेस्टर लगे हैं। एक डाइजेस्टर 27 मीटर चौड़ा और 12 मीटर ऊंचा है। बाकी दो डाइजेस्टर में से एक 18 मीटर चौड़ा और 12 मीटर ऊंचा है। इस प्लांट के निर्माण का खास मकसद यह है कि यहां जितनी भी डेयरियां हैं, उनका गोबर नालियों में न जाए। यमुना की सफाई का नया आयाम बनेगा। नांगली डेयरी में करीब 13,000 और ककरौला डेयरी में करीब 7,000 मवेशी हैं। अनुमान है कि एक दिन में एक मवेशी से 10 किलो गोबर निकलता है। इस हिसाब से 20,000 मवेशियों से 200 टन गोबर प्राप्त होगा। इतनी लागत से बना प्लांट एमसीडी कमिश्नर अश्विनी कुमार ने कहा कि घोघा डेयरी में एक और नया बायोगैस प्लांट का उद्घाटन जल्द होगा। इसके अलावा दिल्ली में दो और नए बायोगैस प्लांट बनाने की योजना है। नंगली डेयरी के प्लांट की लागत 16 करोड़ रुपये है। इस प्लांट से रोजाना करीब 14,000 घन मीटर कच्ची गैस (सीएनजी) और 5.6 टन बायोगैस का निर्माण होगा। इसे एमसीडी आईजीएल को उपलब्ध कराएगी। आशीष सूद, कमलजीत सहरावत और राजा इकबाल सिंह ने कहा कि बायोगैस प्लांट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हरित क्रांति का परिणाम है। इस प्लांट से क्या होगा फायदा? दिल्ली में वैध डेयरियों की संख्या तो कम है, लेकिन अवैध डेयरियां काफी है। सभी डेयरियों को मिलाकर रोजाना सैकड़ों टन गोबर निकलता है। इतने बड़े पैमाने में निकलने वाले गोबर के निस्तारण के लिए इसके पहले कोई व्यवस्था नहीं थी। गोबर गैस प्लांट के बनने के बाद एक तो उन इलाकों में सफाई व्यवस्था बेहतर होगी। दूसरा, यह बायोगैस प्लांट यमुना की सफाई में काफी मददगार साबित होगा। क्योंकि ज्यादातर डेयरियों का गोबर नालों के जरिए यमुना में जाता है।

GST में बड़े बदलाव की तैयारी? पीएम मोदी आज करेंगे देश को संबोधित

दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 5 बजे देश को संबोधित करेंगे. माना जा रहा है कि पीएम मोदी जीएसटी सुधारों पर जानकारी दे सकते हैं. इसके साथ ही कल यानी 22 सितंबर से नवरात्रि का शुभारंभ हो रहा है, इसे लेकर भी पीएम मोदी चर्चा कर सकते हैं. हालांकि, उनके संबोधन को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. बता दें कि सरकार ने GST 2.0 के तहत कई उत्पादों पर जीएसटी की दरों में कमी की है. अब सिर्फ 2 जीएसटी स्‍लैब 5% और 18% ही रखे गए हैं, जबकि 12 फीसदी और 28 फीसदी टैक्‍स स्लैब को खत्‍म कर दिया गया है. 12 फीसदी स्‍लैब में शामिल ज्‍यादातर प्रोडक्‍ट्स को 5 फीसदी स्लैब की कैटेगरी में रखा गया है, जबकि 28 फीसदी वाले ज्‍यादातर प्रोडक्‍ट्स को 18% वाले स्‍लैब में रखा गया है. वहीं कुछ चीजों पर जीएसटी रेट को शून्‍य कर दिया गया है. इसका मतलब है कि 22 सितंबर के बाद इन प्रोडक्‍ट्स पर '0' जीएसटी लागू होगा, जिससे ये सभी चीजें बेहद सस्ती हो जाएंगी. पीएम मोदी का ये संबोधन ऐसे समय में हो रहा है, जब पिछले कुछ महीनों में अमेरिका के साथ भारत के संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं. इसका कारण अमेरिका द्वारा रूस से तेल खरीद पर भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाना है, जिसमें 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क भी शामिल है.  साथ ही ट्रंप प्रशासन ने नए एच-1बी वीज़ा आवेदनों पर सालाना शुल्क बढ़ाकर 1,00,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 88 लाख रुपये) कर दिया है, जिससे भारतीयों खासकर एच-1बी धारकों में चिंता और अस्थिरता फैल गई है.  हालांकि ट्रंप प्रशासन ने कहा कि एच-1बी वीज़ा पर नया 1,00,000 अमेरिकी डॉलर का शुल्क केवल नए आवेदनों पर लागू होगा. मौजूदा वीज़ा धारकों को यह भुगतान नहीं करना पड़ेगा. साथ ही जो वीज़ा धारक वर्तमान में अमेरिका से बाहर हैं, उन्हें अमेरिका में लौटने के लिए भी यह शुल्क नहीं देना होगा. टैरिफ और एच-1बी वीज़ा पर 1,00,000 अमेरिकी डॉलर की भारी फीस के अमेरिकी फैसले का अप्रत्यक्ष रूप से जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को कहा था कि भारत का सबसे बड़ा विरोधी अन्य देशों पर उसकी निर्भरता है. उन्होंने सेमीकंडक्टर से लेकर जहाज निर्माण तक के क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनने की बात कही.

छात्र राजनीति में ABVP का परचम, HCU चुनाव में NSUI को करारी हार

हैदराबाद दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव (DUSU) में शानदार जीत दर्ज करने के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी (HCU) के छात्र संघ चुनावों में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए सभी प्रमुख पदों पर जीत दर्ज की है। लंबे समय से वामपंथी और दलित छात्र संगठनों के प्रभाव में रही यूनिवर्सिटी में यह नतीजे एबीवीपी के लिए ऐतिहासिक माने जा रहे हैं। एबीवीपी पैनल से शिवा पालेपू अध्यक्ष चुने गए हैं। उपाध्यक्ष पद देवेंद्र ने जीता, जबकि श्रुति महासचिव बनीं। संयुक्त सचिव का पद सौरभ शुक्ला को मिला, खेल सचिव ज्वाला प्रसाद और सांस्कृतिक सचिव का पद वीनस के नाम रहा। केवल पदाधिकारी ही नहीं, बल्कि काउंसलर और बोर्ड सदस्य पदों पर भी एबीवीपी ने बहुमत हासिल किया। पिछले छह वर्षों से एचसीयू कैंपस में वामपंथी गुटों का वर्चस्व बना हुआ था। कांग्रेस से जुड़े एनएसयूआई और दलित संगठनों का गठजोड़ भी एबीवीपी के लिए चुनौती रहा। लेकिन इस बार नतीजे पूरी तरह से उलट गए। एबीवीपी प्रवक्ता अंतरिक्ष ने कहा, “यह जीत छात्रों की राष्ट्रवादी सोच और विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ एकजुट प्रयास का प्रतीक है। खासकर सोशल साइंस डिपार्टमेंट जैसे वामपंथी गढ़ों में जीत यह दिखाती है कि छात्र अब वैचारिक दबाव से मुक्त होना चाहते हैं।” एनएसयूआई की बड़ी हार सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि कांग्रेस से जुड़ा एनएसयूआई इस बार नोटा (NOTA) से भी कम वोट ला सका। यह तब हुआ है जब राज्य में कांग्रेस की सरकार है। हालांकि, एनएसयूआई का एचसीयू में कभी भी बड़ा आधार नहीं रहा, लेकिन वामपंथी संगठनों के साथ मिलकर वह हमेशा चुनावी समीकरण का हिस्सा रहा है। एबीवीपी का कहना है कि संगठन ने कैंपस में शांति बनाए रखने, एचसीयू की जमीन की रक्षा करने और छात्र हितों को लेकर लगातार आंदोलनों में भाग लिया है। यही वजह है कि छात्रों का भरोसा इस बार बड़े पैमाने पर एबीवीपी के पक्ष में गया। एबीवीपी की तरफ से जारी बयान में कहा गया, “यह जीत एचसीयू के इतिहास में एक मील का पत्थर है, जिसने छात्र समुदाय के बीच एबीवीपी के प्रति बढ़ते विश्वास को साबित किया है।”