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मुख्यमंत्री डॉ. यादव मऊगंज को देंगे 241.33 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

मऊगंज में संयुक्त जिला कार्यालय भवन का करेंगे भूमिपूजन देवतालाब में होगा मुख्य कार्यक्रम, हितग्राही होंगे लाभान्वित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 7 सितम्बर को मऊगंज को 241.33 करोड़ रूपये के विकास कार्यों की सौगात देंगे। इसमें प्रमुख रूप से मऊगंज के संयुक्त जिला कार्यालय भवन का शिलान्यास शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 37 करोड़ 50 लाख रूपये के 16 विकास कार्यों का लोकार्पण और 203 करोड़ 83 लाख रूपये के 6 विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मऊगंज प्रवास के दौरान बहुती प्रपात का अवलोकन करेंगे और देवतालाब में स्थित शिव मंदिर में पूजा-अर्चना भी करेंगे। देवतालाब स्टेडियम में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं में हितलाभ वितरण भी करेंगे। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल, सांसद श्री जनार्दन मिश्र और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक श्री गिरीश गौतम भी संबोधित करेंगे।

सैनिक सहायता की बड़ी खेप: अमेरिका ने पाकिस्तान भेजे कई विमान

रावलपिंडी पाकिस्तान में आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए अमेरिका ने कई विमानों में भरकर राहत सामग्री भेजी है। इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी। इसने कहा कि पाकिस्तानी सेना के अनुरोध पर अमेरिकी सैन्य विमानों से राहत सामग्री पाकिस्तान में लाई गई है। ये विमान शुक्रवार, 6 सितंबर को रावलपिंडी के नूर खान एयर बेस पर उतरे, जहां पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों और अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स नेटली बेकर ने राहत सामग्री रिसीव की। दूतावास ने लिखा, "विनाशकारी बाढ़ से निपटने के लिए पाकिस्तानी सेना के अनुरोध पर अमेरिकी सैन्य विमानों ने आवश्यक सामग्री पहुंचाई। नूर खान एयर बेस पर, सीडीए बेकर ने पाकिस्तान के लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की, जिनका जीवन व्यापक, विनाशकारी बाढ़ से उजड़ गया है।" अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (US ARCENT) के तहत कुल छह विमानों के जरिए राहत सामग्री पाकिस्तान पहुंचाई जाएगी। इनमें तंबू, जल शोधन पंप, जनरेटर और अन्य आवश्यक उपकरण शामिल हैं। पाकिस्तान सेना के जनसंपर्क विभाग (ISPR) के अनुसार, पहली खेप को औपचारिक रूप से पाकिस्तानी सेना को सौंप दिया गया है। पाकिस्तान में भारी मॉनसूनी बारिश के कारण पंजाब प्रांत बुरी तरह प्रभावित हुआ है। लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, उनके घर पानी में डूब गए हैं, फसलें नष्ट हो गई हैं, और बड़ी संख्या में लोग अस्थायी शिविरों में रहने को मजबूर हैं। सिंध सरकार ने अनुमान लगाया है कि बाढ़ का पानी पंजाब से सिंध में प्रवेश करने के कारण 16 लाख से अधिक लोग प्रभावित हो सकते हैं। अगर सिंध में उच्च स्तर की बाढ़ आती है, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है, जिससे पाकिस्तान पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का दौरा राहत कार्यों के साथ-साथ, अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स नेटली बेकर और अमेरिकी सेंट्रल कमांड के आपदा प्रतिक्रिया समूह ने नेशनल इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (NEOC) का दौरा किया। बेकर ने नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) के आधुनिक आपदा प्रबंधन मॉडल की सराहना की और इसे क्षेत्र के लिए एक उदाहरण बताया। उन्होंने तकनीकी विशेषज्ञों और कल्याण संगठनों के माध्यम से निरंतर अमेरिकी समर्थन का आश्वासन दिया। अंतरराष्ट्रीय सहायता की आवश्यकता पाकिस्तान सरकार बाढ़ प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है, लेकिन अधिकारियों ने जोर दिया कि देश को अपनी क्षमताओं से परे अंतरराष्ट्रीय सहायता की आवश्यकता है। संयुक्त राष्ट्र और यूनाइटेड किंगडम के बाद अब अमेरिका ने भी बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री भेजी है। अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स का बयान नूर खान एयर बेस पर राहत सामग्री सौंपते समय नेटली बेकर ने बाढ़ से हुई तबाही पर गहरा दुख व्यक्त किया और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा, “हम इस मानवीय संकट में पाकिस्तान के साथ खड़े हैं।” अमेरिकी दूतावास ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में भी इस सहायता का जिक्र किया गया और प्रभावित लोगों के प्रति अपनी एकजुटता दोहराई। भारत ने उड़ा दिया था नूर खान एयरबेस बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नूर खान बेस खूब चर्चा में था। दरअसल मई में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के नूर खान एयर बेस पर सटीक हवाई हमले किए, जो रावलपिंडी के चकलाला में स्थित एक रणनीतिक सैन्य अड्डा है। मैक्सार टेक्नोलॉजीज की हाई-रिजॉल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरों के अनुसार, भारतीय वायु सेना ने रनवे, हैंगर, और 7,000 वर्ग फुट के ऑपरेशन कम्प्लेक्स को पूरी तरह नष्ट कर दिया, साथ ही दो विशेष सैन्य वाहनों को भी क्षति पहुंचाई। इस हमले ने पाकिस्तान की हवाई रक्षा और परिवहन क्षमता को बुरी तरह प्रभावित किया, क्योंकि नूर खान बेस में साब एरिए AWACS, C-130 हरक्यूलिस विमान, और IL-78 हवाई ईंधन टैंकर जैसे महत्वपूर्ण सैन्य उपकरण मौजूद थे। हालांकि अब प्रतीत होता है कि पाकिस्तान ने रनवे की मरम्मत कर ली है।  

चुनाव आयोग का ऐतिहासिक फैसला: पूरे देश में एक साथ लागू होगा ‘SIR’

पटना  बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले SIR को लेकर विवाद के बीच Election Commission ने एक बड़ा फैसला लिया है। इसके अनुसार यह प्रोसेस देशभर में एक साथ लागू किया जाएगा। आयोग ने इसे अंतिम रुप देने के लिए 10 सितंबर को दिल्ली में सभी राज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है।   क्या है SIR? SIR यानी 'मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण'। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें चुनाव आयोग मतदाता सूचियों को अपडेट और सही करता है। इसका मकसद है कि देश में मतदाता सूची पूरी तरह से ठीक और विश्वसनीय हो। चुनाव आयोग ने कहा है कि यह कदम जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत लिया जा रहा है, ताकि मतदाता सूचियों की अखंडता बनी रहे। बैठक में इन मुद्दों पर होगी चर्चा 10 सितंबर की बैठक में चुनाव आयोग मुख्य चुनाव अधिकारियों से 10 बिंदुओं पर जानकारी मांगेगा। इनमें मतदाताओं की मौजूदा संख्या, पिछली SIR की तारीख और डेटा और डिजिटलीकरण की स्थिति शामिल है। इसके अलावा मतदान केंद्रों की संख्या और उनकी व्यवस्था तथा अधिकारियों और BLO की नियुक्ति और प्रशिक्षण पर भी चर्चा होगी। आयोग ने भारतीय नागरिकों को इसमें शामिल करने के लिए अतिरिक्त दस्तावेजों के बारे में भी सुझाव मांगे हैं।    बिहार में जारी है प्रक्रिया बिहार में SIR की प्रक्रिया पहले से ही चल रही है और यह 30 सितंबर तक पूरी हो जाएगी। चुनाव आयोग ने अपने 24 जून के आदेश में ही यह संकेत दे दिया था कि यह प्रक्रिया पूरे देश में लागू की जाएगी, लेकिन बिहार में चुनाव होने की वजह से इसे वहां पहले शुरू किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से फिल्म अभिनेता विंदु दारा सिंह ने की सौजन्य भेंट

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शनिवार को समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में फिल्म अभिनेता श्री विंदु दारा सिंह ने भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री विंदु दारा सिंह का शाल ओढ़ाकर अभिनन्दन किया और प्रदेश की फिल्म निर्माण नीति की जानकारी दी। श्री विंदु दारा सिंह इन दिनों मध्यप्रदेश के प्रवास पर हैं। उन्होंने जय वीर हनुमान (1995), विष्णु पुराण (2000) और अयोध्या की रामलीला (2020)  में हनुमान जी की भूमिका निभाई है। इसके अलावा अनेक फिल्मों में अभिनय भी किया है।

पंजाब में प्रशासनिक फेरबदल, कई अधिकारियों के हुए तबादले

पंजाब  पंजाब सरकार ने आज प्रशासनिक फेरबदल करते हुए तीन पुलिस अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियां की हैं। यह आदेश राज्यपाल की ओर से जारी किया गया है और तत्काल प्रभाव से लागू होगा। सरकार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत अपनी नई पदस्थापना पर कार्यभार संभालें।  

दीपदास गुप्ता का बयान: क्रिकेटर्स के संन्यास पर किसी का अधिकार नहीं

मुंबई भारतीय एकदिवसीय क्रिेकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा और अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली के ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद संन्यास लेने की लगायी जा रही हैं। ये भी कहा जा रहा है कि ये दौरा इन दोनो का अंतिम अंतरराष्ट्रीय दौरा हो सकता है। वहीं पूर्व क्रिकेटर दीपदास गुप्ता ने कहा है कि किसी को भी ये कहने का अधिकार नहीं है कि इन्हें कब संन्यास लेना चाहिये। दासगुप्ता ने कहा, हमने उन्हें कभी शुरुआत करने के लिए नहीं कहा, इसलिए हम उन्हें यह बताने वाले कोई नहीं होते कि कब रुकना है। वे जब रुकते हैं, तब रुकते हैं।  यह पूरी तरह से उन पर निर्भर करता है। हां, जहां तक चयन का सवाल है तो हम एक प्रदर्शन-आधारित उद्योग में हैं। इसमे अगर आप प्रदर्शन करते हैं तो टीम में बने रहेंगे। मैंने हाल ही में रोहित तस्वीरें देखीं, वह फिट दिख रहे हैं, वह पूरी तरह से तैयार हैं और आने वाली चुनौती के लिए तैयार हैं। दासगुप्ता ने कहा, मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि उन दोनों के पास आगे बढ़ने के लिए कुछ साल बाकी हैं। मुझे सचमुच थोड़ा गुस्सा आता है जब लोग कहते हैं, इन्हें संन्यास ले लेना चाहिए। मेरा मतलब है कि हम कौन होते हैं ऐसा सुझाव देने वाले? अगले एक साल में कम एकदिवसीय होने हैं ऐसे में दीप का मानना है कि इन दोनो को ही फिटनेस बनाये रखने के लिए आईपीएल अन्य जगहों पर भी खेलना होगा। दासगुप्ता ने कहा अगर दोनों मानदंड पूरे कर लेते हैं, तो उन्हें ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका में लीग क्रिकेट खेलने के विकल्पों पर विचार करना चाहिए।   

एम्स रायपुर में ‘देव हस्त’ रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम का मुख्यमंत्री साय ने किया शुभारंभ

रायपुर, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित टाटीबंध में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मध्य भारत के शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों के प्रथम रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम ‘देव हस्त’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “रोबोटिक सर्जरी छत्तीसगढ़ में चिकित्सा सुविधाओं के विकास में एक नया आयाम है। यह ऐतिहासिक क्षण प्रदेश की जनता को अत्याधुनिक और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।” मुख्यमंत्री  साय ने स्वयं ‘देव हस्त’ पर पहला ड्राई लैब डिसेक्शन कर इस अत्याधुनिक तकनीक की औपचारिक शुरुआत की। यह सिस्टम मध्य भारत के किसी शासकीय स्वास्थ्य संस्थान में स्थापित होने वाला पहला रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम है। मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर एम्स रायपुर में छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों से भर्ती होने वाले मरीजों के परिजनों के ठहरने की सुविधा हेतु एम्स रायपुर में सर्व-सुविधायुक्त परिजन निवास निर्माण की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि “डॉक्टरों को धरती पर भगवान का रूप माना जाता है क्योंकि वे हमें जीवन प्रदान करते हैं। आज जिस रोबोटिक सर्जरी सिस्टम का शुभारंभ हो रहा है, उसे ‘देव हस्त’ नाम दिया गया है। इसका लाभ न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि एम्स रायपुर में भर्ती होने वाले अन्य राज्यों के मरीजों को भी मिलेगा। एम्स रायपुर उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में लगातार मील का पत्थर साबित हो रहा है।” मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एम्स रायपुर से मुझे विशेष लगाव है। उन्होंने कहा कि “जब रायपुर एम्स के निर्माण को स्वीकृति मिली, उस समय मैं सांसद था और प्रधानमंत्री  अटल बिहारी वाजपेयी से छत्तीसगढ़ में एम्स की शाखा स्थापित करने का आग्रह किया था। यह आवश्यक था ताकि दिल्ली स्थित एकमात्र एम्स पर मरीजों का दबाव कम हो और अन्य राज्यों के लोगों को भी उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उनके राज्य में ही उपलब्ध हो। हमारा सौभाग्य है कि जिन छह राज्यों में एम्स स्थापित करने की स्वीकृति मिली, उनमें छत्तीसगढ़ भी शामिल था।” मुख्यमंत्री  साय ने परिजन निवास की घोषणा करते हुए कहा कि “दूर-दराज से आने वाले मरीजों के परिजनों के ठहरने की सुविधा कितनी आवश्यक है, यह मैं भली-भांति समझता हूं। सांसद रहते हुए दिल्ली स्थित मेरे आवास को लोग ‘मिनी एम्स’ कहते थे क्योंकि वहां मैं मरीजों के परिजनों की रुकने की व्यवस्था करता था। जनसेवा का यह कार्य मेरे दिल के बेहद करीब है। 2014 से 2019 के संसदीय कार्यकाल में मैंने लगभग 12 करोड़ रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष से मरीजों को दिलवाए थे। रायपुर में भी कुनकुरी सदन में मरीजों के परिजनों की व्यवस्था की गई है, जिसका लाभ पूरे प्रदेश के लोग उठाते हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 20 महीनों में सरकार बनने के बाद राज्य में पाँच नए मेडिकल कॉलेजों को स्वीकृति मिली है और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नवा रायपुर में 5,000 बिस्तरों की क्षमता वाली मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय मात्र एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। उन्होंने कहा कि जीवनशैली और खान-पान में बदलाव के कारण कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में वृद्धि हुई है और इनका इलाज भी महंगा होता है। इसी वजह से प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने आयुष्मान भारत योजना प्रारंभ की, जिसके अंतर्गत गरीब वर्ग के लोगों को पाँच लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध है। अब वय वंदन योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी वर्गों के मरीजों को भी यह सुविधा प्रदान की जा रही है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि समय के साथ जहाँ चिकित्सा सुविधाएँ बढ़ रही हैं, वहीं बीमारियों का दायरा भी बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि “आधुनिक चिकित्सा पद्धति में रोबोटिक सर्जरी का विशेष महत्व है। इसके माध्यम से चिकित्सकीय क्षमता और गुणवत्ता में कई गुना वृद्धि की जा सकती है। छत्तीसगढ़ को ‘देव हस्त’ रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम का अत्यधिक लाभ मिलेगा और शीघ्र ही राजधानी रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में भी रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।” इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने ‘देव हस्त’ के नामकरण हेतु आयोजित प्रतियोगिता की विजेता सुश्री ज्योत्स्ना किराडू को पाँच हजार रुपये की पुरस्कार राशि भेंट की। कार्यक्रम में एम्स रायपुर के निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) डॉ. अशोक जिंदल, विभागाध्यक्ष डॉ. देवज्योति मोहंती, बड़ी संख्या में चिकित्सा छात्र और गणमान्यजन उपस्थित थे।  

सरकारी जमीन पर कार्रवाई: संभल में बुलडोजर से हटाया सपा विधायक का कब्जा

संभल   उत्तर प्रदेश के संभल में शनिवार को एक बार फिर बुलडोजर गरजा। इस बार जिला प्रशासन ने समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक और उनके परिजनों के बाग में शामिल सरकारी जमीन को बुलडोजर चलाकर कब्जामुक्त कराया। सपा विधायक इकबाल महमूद व उनके परिजनों आदि का तहसील संभल के ग्राम मंडलाई में दो गाटा संख्या में एक बाग है। इस बाग में सरकारी भूमि को शामिल कर लिए जाने की शिकायत प्रशासन को मिली थी। एसडीम विकास चंद्र टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बाग की नापजोख कराई। नापी के दौरान टीम को बंजर की लगभग साढ़े तीन बीघा सरकारी भूमि बाग में शामिल मिली। इसे टीम ने बुलडोजर चलाकर कब्जामुक्त कराया। एसडीएम ने बताया कि कब्जा काफी पुराना प्रतीत हो रहा है। नापी के दौरान बाग में एक कटहल का पेड़ भी बिना अनुमति के कटा मिला है। वन विभाग के अधिकारियों को कार्रवाई के लिए बुलाया गया है। गौरतलब है कि संभल में जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के बाद हिंसा फैल गई थी। इसमें चार लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अभियान चलाया था। इस अभियान में तमाम स्थानों पर अतिक्रमण मिले थे। इन अतिक्रमणों पर बुलडोजर गरजा तो कई हिंदू पौराणिक स्थल और कुएं आदि दिखाई देने लगे। इसी के बाद बिजली चोरी के खिलाफ भी अभियान चला। सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क भी प्रशासन के निशाने पर आए। उनके घर पर अतिक्रमण मिला और बिजली चोरी की रिपोर्ट भी दर्ज की गई।  

महिंद्रा ने घटाए वाहन दाम, GST लागू होने से पहले Thar और Scorpio पर बड़ी राहत

मुंबई गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) स्लैब स्ट्रक्चर में हुए बदलाव के रूझान आने शुरू हो गए हैं. बीते कल देर शाम टाटा मोटर्स ने अपने कारों की कीमतों में कटौती का ऐलान किया. आज प्रमुख एसयूवी निर्माता कंपनी महिंद्रा एक कदम और आगे बढ़ते हुए, GST डेडलाइन (22 सितंबर) से पहले ही कारों की कीमत में 1.56 लाख रुपये तक की कटौती का ऐलान किया है. जीएसटी में छूट के ऐलान के बाद कंपनी द्वारा कारों की कीमत में कटौती के बाद महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर किया है. जिसमें लिखा गया है कि, "सभी लोग 22 सितंबर कह रहे हैं… हमने कहा अभी. महिंद्रा लाइनअप पर सभी कारों पर जीएसटी बेनिफिट्स आज यानी 6 सितंबर से मिलेंगे." इस तस्वीर को शेयर करते हुए आनंद महिंद्रा ने कैप्शन में लिखा कि, "एक्शन, केवल वादा नहीं" किन कारों कितनी छूट? सबसे पहले बता दें कि, महिंद्रा अपने पूरे ICE (पेट्रोल-डीजल से चलने वाले वाहन) SUV पोर्टफोलियो पर ग्राहकों को जीएसटी 2.0 का पूरा लाभ तत्काल प्रभाव से पास-ऑन करेगी. जीएसटी में कटौती के चलते महिंद्रा के लोकप्रिय मॉडल्स जैसे थार, स्कॉर्पियो, बोलेरो, XUV700 और स्कॉर्पियो-एन अब ग्राहकों को 1.01 लाख रुपये से 1.56 लाख रुपये तक की बचत के साथ उपलब्ध होंगे, जो मॉडल और वेरिएंट पर निर्भर करेगा. कंपनी द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, बोलेरो और बोलेरो नियो की कीमतों में अधिकतम 1.27 लाख रुपये तक की कटौती हुई है. वहीं, XUV3XO पेट्रोल पर 1.40 लाख रुपये और XUV3XO डीजल पर सबसे ज्यादा 1.56 लाख रुपये की कटौती की गई है. नई कीमतें सभी डीलरशिप और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर पारदर्शी तरीके से अपडेट कर दी जाएंगी. यानी आप नजदीकी डीलरशिप पर जाकर नई कीमतों के साथ अपनी पसंदीदा कार बुक कर सकते हैं. टाटा मोटर्स ने भी 1.55 लाख तक घटाए दाम केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी में छूट के ऐलान के बाद टाटा मोटर्स ने सबसे पहले अपने व्हीकल पोर्टफोलियो की कीमतों में कटौती की घोषणा की थी. टाटा मोटर्स अपने सबसे सस्ती कार टाटा टिएगो से लेकर टाटा नेक्सन और सफारी तक सभी मॉडलों पर 1.55 लाख रुपये तक की छूट का ऐलान किया है. हालांकि टाटा के कारों पर ये कटौती आगामी 22 सितंबर से लागू होगी. GST स्लैब को लेकर सरकार का ऐलान बता दें कि, बीते दिनों केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी काउंसिल की मीटिंग के बाद गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) स्लैब के स्ट्रक्चर में बदलाव की घोषणा की थी. जिसमें उन्होंने कहा कि, "अब देश में 4 के बजाय केवल दो जीएसटी स्लैब (5% और 8%) ही रहेंगे. इसके अलावा लग्ज़री और सिन गुड्स को स्पेशल 40% जीएसटी के दायरे में रखा जाएगा." नए जीएसटी स्लैब को लागू किए जाने के बारे में उन्होंने कहा कि, "ये नया जीएसटी स्ट्रक्चर आगामी 22 सितंबर 2025 से देश भर में लागू किया जाएगा." क्या है नया नियम? नए नियम के अनुसार 1200 सीसी से कम पेट्रोल, 1500 सीसी से कम डीजल इंजन वाली कारें और जिनकी लंबाई 4 मीटर से कम हैं. उन पर अब 28% के बजाय केवल 18% जीएसटी लागू होगा. जिससे इन कारों की कीमतों में भारी कटौती हो रही है. एक डाटा रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल से जुलाई के बीच देश भर में बेची जाने वाली कुल पैसेंजर कारों में तकरीबन 61% वो कारें थीं, जिनकी लंबाई 4 मीटर से कम है. वहीं 4 मीटर से लंबी कारों का मार्केट शेयर केवल 39% है. ऐसे में सरकार के इस फैसले का असर बड़े ग्राहक वर्ग पर पड़ेगा. साथ ही त्योहारी सीजन में कार बाजार के गुलजार होने की पूरी संभावना है.

भयानक शार्क अटैक: लॉन्ग रीफ बीच पर सर्फिंग के दौरान हुई जानलेवा घटना

सिडनी  ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर के नॉर्दर्न बीचेस इलाके में स्थित लॉन्ग रीफ बीच पर शनिवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना हुई, जब एक 57 वर्षीय व्यक्ति की शार्क हमले में मौत हो गई। यह व्यक्ति कुछ दोस्तों के साथ समुद्र की लहरों का आनंद लेने सर्फिंग के लिए गया था, लेकिन महज 30 मिनट में ही एक भयानक हादसे का शिकार हो गया। घटना का विवरण यह घटना शनिवार सुबह करीब 10 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पीड़ित व्यक्ति अपने दोस्तों के साथ समुद्र में सर्फिंग कर रहा था। मौसम साफ था और समुद्र की लहरें सर्फिंग के लिए उपयुक्त थीं। लेकिन कुछ ही समय बाद समुद्र में हलचल मची और एक शार्क ने उस व्यक्ति पर हमला कर दिया। हमले के बाद उसके दोस्तों ने उसे तुरंत किनारे पर लाया और आपातकालीन सेवाओं को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस और पैरामेडिक्स ने उसे बचाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह बताया जा रहा है कि शार्क ने उसके निचले शरीर पर हमला किया, जिससे वह अत्यधिक रक्तस्राव का शिकार हो गया। पुलिस और अधिकारियों की प्रतिक्रिया NSW पुलिस ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि मृतक की उम्र 57 वर्ष थी और वह एक पिता था। पुलिस ने बताया कि घटना की जांच जारी है, और समुद्र में संभावित खतरों को ध्यान में रखते हुए लॉन्ग रीफ बीच को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। साथ ही, समुद्र में ड्रोन और अन्य उपकरणों की सहायता से शार्क की पहचान और गतिविधि की निगरानी की जा रही है। स्थानीय समुदाय में शोक की लहर यह घटना स्थानीय समुदाय के लिए गहरा सदमा है। मृतक व्यक्ति को एक अनुभवी सर्फर और एक जिम्मेदार पिता के रूप में जाना जाता था। उसके दोस्त और परिवार वाले पूरी तरह से टूट गए हैं। सोशल मीडिया पर लोग इस त्रासदी को लेकर संवेदनाएं जता रहे हैं और स्थानीय प्रशासन से समुद्री सुरक्षा के लिए और ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। शार्क हमले: एक बढ़ता खतरा? ऑस्ट्रेलिया में शार्क हमले दुर्लभ जरूर हैं, लेकिन जब भी ऐसा कोई हादसा होता है, तो यह समुद्र में जाने वाले लोगों के मन में डर और चिंता पैदा कर देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन, समुद्री जीवन की बदलती आदतें और मानवीय गतिविधियों के कारण शार्क के व्यवहार में बदलाव देखा जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में ऑस्ट्रेलिया के तटीय इलाकों में शार्क की उपस्थिति अधिक देखी गई है, जिससे कई बार समुद्रतटीय क्षेत्रों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। सरकार और स्थानीय प्रशासन अब इस दिशा में ड्रोन निगरानी, चेतावनी प्रणाली और सुरक्षित तैराकी क्षेत्रों जैसे उपायों पर काम कर रहे हैं। सुरक्षा के लिए सुझाव समुद्र में जाने से पहले लोगों को कुछ एहतियाती उपाय अपनाने चाहिए: हमेशा लाइफगार्ड की निगरानी में तैरें या सर्फिंग करें। सुबह और शाम के समय शार्क की गतिविधि अधिक होती है — इन समयों में पानी में जाने से बचें। अकेले सर्फिंग या तैराकी करने से बचें। चेतावनी संकेतों और निर्देशों का पालन करें।