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एटीएस खंगाल रही मयंक के कनेक्शन, अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टरों से जुड़ाव का पता चला

रांची अजरबैजान से प्रत्यर्पित कर झारखंड लाया गया अंतरराष्ट्रीय अपराधी सह कुख्यात अमन साव गिरोह के अपराधी सुनील सिंह मीणा उर्फ मयंक सिंह का पाकिस्तानी आतंकियों से भी संबंध खंगाला जा रहा है। झारखंड पुलिस का आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) छानबीन में जुटा है। अब तक की जांच में किसी आतंकी संगठन से उसकी साठगांठ तो नहीं मिले हैं, लेकिन मयंक ने जिन हथियारों की आपूर्ति पाकिस्तान से करवाई है, वैसे हथियार वहां के आतंकी उपयोग में लाते रहे हैं। इस बिंदु पर एटीएस की छानबीन जारी है। एटीएस के अधिकारी जल्द ही मयंक सिंह की निशानदेही पर पंजाब में उस जगह का भी सत्यापन करेंगे, जहां पाकिस्तानी ड्रोन से हथियार पहुंचाए गए थे। एटीएस को पूछताछ में उसने बताया है कि उसे पाकिस्तान के पेशावन से हथियार की आपूर्ति पंजाब में की जाती थी। इसके बाद पंजाब से सड़क व रेलमार्ग से वे हथियार झारखंड पहुंचाए गए थे। एटीएस भारत में सक्रिय रहे आतंकी संगठन अलकायदा इंडिया सब कंटिनेंट (एक्यूआइएस), लश्कर ए तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के सहयोगियों से मयंक के रिश्ते की जानकारी जुटा रही है। आतंक फैलाने की साजिश रचने आदि से संबंधित मामलों में मयंक सिंह पर यूएपी अधिनियम के तहत भी कानूनी कार्रवाई होगी। उसने इंटरनेट काल कर मलेशिया में बैठकर भारत के कारोबारियों से रंगदारी मांगी व धमकी दी थी। इसमें उसे तीन कुख्यात अपराधियों लारेंस विश्नोई, अनमोल विश्नोई व गोल्डी बरार ने सहयोग किया।लारेंस विश्नोई को अमन साव के अन्य गुर्गों ने मोबाइल नंबर व अन्य सूचना उपलब्ध कराया था और उसने ही अमन साव से मयंक को मिलवाया था।  

एक बगिया माँ के नाम के तहत पौध-रोपण की जीवित्ता के लिये अधिकारी करेंगे मॉनीटरिंग

विभाग ने 41 अधिकारियों की लगाई ड्यूटी, सितम्बर में दो बार भ्रमण कर मनरेगा आयुक्त को देंगे रिपोर्ट भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में स्व सहायता समूह की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ ही मां नर्मदा परिक्रमा पथ के आश्रय स्थलों को संवारने, नदियों के उद्गम स्थलों को संरक्षित करने के लिए एक बगिया मां के नाम परियोजना, मां नर्मदा परिक्रमा पथ और गंगोत्री हरित योजना चला रही है। परियोजना का जिले स्तर पर बेहतर ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिये जमीनी स्तर पर निरीक्षण करने राज्य स्तरीय अधिकारी जिलों में पहुंचेंगे। भ्रमण के बाद क्रियान्वित कार्यों की वस्तुस्थिति के बारे में मनरेगा आयुक्त को जानकारी देंगे। अधिकारियों द्वारा यह जानकारी मनरेगा परिषद द्वारा उपलब्ध कराए गए मोबाइल ऐप के माध्यम से दी जाएगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा इस संबंध में आदेश भी जारी किए गए हैं। अधिकारियों की लगाई गई ड्यूटी 'एक बगिया मां के नाम' मां नर्मदा परिक्रमा पथ के आश्रय स्थलों की भूमि पर किए जा रहे पौधरोपण और गंगोत्री हरित योजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की गतिविधि को देखने के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने 41 अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। ये सभी अधिकारी सितम्बर माह में प्रदेश के सभी जिलों में जाकर तीनों योजनाओं का जमीनी स्तर पर कार्य देखेंगे। इसमें मुख्य अभियंता, संयुक्त अभियंता, अधीक्षण यंत्री, उपायुक्त, उपसंचालक, कार्यपालन यंत्री, एससीएफ, सहायक यंत्री और परियोजना अधिकारी स्तर के अधिकारी शामिल है। सभी अधिकारी सितंबर माह में दो बार आवंटित जिलों का भ्रमण करेंगे। अनियमितता की अलग से देंगे रिपोर्ट अधिकारियों द्वारा भम्रण के दौरान तीनों योजनाओं के क्रियांन्वयन में कोई गंभीर अनियमितता पाये जाने पर संबंधित अधिकारियों को उसकी अलग से रिपोर्ट बनाकर मनरेगा आयुक्त को दी जाएगी।  

उत्कृष्ट कार्य करने वाली आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य अमले को किया सम्मानित

किलकारी और मोबाइल अकादमी से सही समय पर सही जानकारी और प्रशिक्षित आशा कार्यकर्ताओं की प्रतिबद्धता ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवा को किया है सशक्त : उप मुख्यमंत्री शुक्ल राज्य स्तरीय मोबाइल अकादमी एवं किलकारी कार्यक्रम की कार्यशाला सम्पन्न भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि किलकारी और मोबाइल अकादमी ने यह सिद्ध किया है कि सही समय पर सही जानकारी और प्रशिक्षित आशा कार्यकर्ताओं की प्रतिबद्धता, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को नई दिशा दे सकती हैं। यह पहल मध्यप्रदेश को स्वस्थ, सशक्त और सुरक्षित भविष्य की ओर अग्रसर कर रही है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल की अध्यक्षता में होटल एमपीटी पलाश भोपाल में राज्य स्तरीय मोबाइल अकादमी एवं किलकारी कार्यक्रम की कार्यशाला आयोजित हुई। अपर मिशन संचालक श्री मनोज सरियाम और आशा कार्यक्रम के संयुक्त संचालक डॉ. राकेश बोहरे विशेष रूप से उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) एवं मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) में सुधार के लिए सशक्त प्रयास कर रहा है। ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि मातृ मृत्यु दर को 80 प्रतिशत तथा शिशु मृत्यु दर को 20 प्रतिशत तक लाया जाये। इस दिशा में आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्हें निरंतर प्रशिक्षण, अद्यतन जानकारी तथा तकनीकी साधनों से सशक्त करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया मिशन ने देश में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटलीकरण की दिशा में नई ऊर्जा और दृष्टि प्रदान की है। इसी परिप्रेक्ष्य में 15 जनवरी 2016 को तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा द्वारा मोबाइल अकादमी एवं किलकारी कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया था। विगत दस वर्षों की सफल यात्रा में इन कार्यक्रमों ने देशव्यापी स्तर पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और प्रभावशीलता को उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ किया है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि इन पहलों के माध्यम से मध्यप्रदेश का लक्ष्य शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) को 20 तथा मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) को 80 तक लाना है। इसके लिये आवश्यक है कि सभी आशा कार्यकर्ता, जिला स्वास्थ्य अधिकारी एवं प्रशासनिक इकाइयाँ पूर्ण निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उन्होंने शिक्षण एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से अपेक्षा की कि वे उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और सेवा प्रदायगी के माध्यम से प्रदेश को स्वास्थ्य संकेतकों में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाएँ। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया। अपर मिशन संचालक श्री मनोज सरियाम ने बताया कि मध्यप्रदेश ने इन कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन में देशव्यापी स्तर पर अग्रणी भूमिका निभाई है। अब तक 50 हजार से अधिक आशा कार्यकर्ताओं ने मोबाइल अकादमी का प्रमाणन कोर्स पूरा किया है। प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में 100 प्रतिशत आशाओं ने प्रशिक्षण पूर्ण कर लिया है, जो राष्ट्रीय स्तर पर एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। इसके अतिरिक्त प्रतिदिन 200 से अधिक आशाएँ कोर्स पूर्ण कर रही हैं। किलकारी कार्यक्रम के माध्यम से लाखों गर्भवती महिलाएँ एवं माताएँ लाभान्वित हो रही हैं। किलकारी कार्यक्रम गर्भवती महिलाओं तथा नवजात शिशुओं की माताओं को समय पर आवश्यक जानकारी प्रदान करने के लिये विकसित किया गया है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत लाभार्थियों को उनकी गर्भावस्था एवं शिशु की आयु के अनुसार 72 पूर्व निर्धारित ऑडियो संदेश प्राप्त होते हैं। सरल भाषा में प्रस्तुत ये संदेश लाभार्थियों में सहज विश्वास और आत्मीयता का भाव उत्पन्न करते हैं। यह सेवा पूर्णतः निःशुल्क है और मोबाइल फोन पर आसानी से उपलब्ध है। मोबाइल अकादमी आशा कार्यकर्ताओं के लिए एक दूरस्थ प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसमें 240 मिनट का ऑडियो कोर्स, 11 अध्याय और 44 पाठ सम्मिलित हैं। यह कार्यक्रम आशा कार्यकर्ताओं के ज्ञान, संचार कौशल एवं आत्मविश्वास को सुदृढ़ करता है। यह सेवा 14424 नंबर के माध्यम से कहीं भी, कभी भी सुलभ है।

मंत्री सारंग ने कहा- ’सहकारिताओं के बीच सहकार’ की नीति से आवास संघ को बनाया जाएगा सुदृढ़

भोपाल  सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को मध्यप्रदेश राज्य सहकारी आवास संघ मर्यादित की गतिविधियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में मंत्री श्री सारंग ने कहा कि आवास संघ को एक सशक्त निर्माण एजेंसी के रूप में स्थापित करने के लिए ठोस और दूरदर्शी कार्ययोजना तैयार की जाए। मंत्री श्री सारंग ने निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखकर उनकी निधि से किए जाने वाले निर्माण कार्य आवास संघ को दिए जाने हेतु आग्रह करें। उन्होंने कहा कि “सहकारिताओं के बीच सहकार” की भावना को मूर्त रूप देते हुए सहकारिता विभाग के अंतर्गत राज्य संघ, उपभोक्ता संघ एवं अन्य सहकारी संस्थाओं से संबंधित सभी निर्माण कार्यों के लिए आवास संघ को नोडल एजेंसी बनाया जाए। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि एम-पैक्स से जुड़े निर्माण कार्य भी आवास संघ को ही सौंपे जाएं। उन्होंने आवास संघ की गतिविधियों के विस्तार के लिए सभी सहकारी सोसाइटियों को सदस्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए इस दिशा में कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में आयुक्त एवं पंजीयक सहकारिता श्री मनोज पुष्प, उप सचिव सहकारिता श्री मनोज सिन्हा, प्रबंध संचालक आवास संघ श्री विश्वकर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

प्रधानमंत्री आवास योजना को मिलेगा गति, ग्रामीण युवाओं को निःशुल्क निर्माण प्रशिक्षण

रायपुर, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण रूप से क्रियान्वित करने के लिए बलरामपुर जिला प्रशासन ने अभिनव पहल की है। कलेक्टर बलरामपुर-रामानुजगंज के मार्गदर्शन में जिले के ग्रामीण युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार एवं निर्माण कार्यों में दक्ष बनाने की योजना लागू की गई है। ग्रामीण स्व-रोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के माध्यम से जिले के वाड्रफनगर, रामचंद्रपुर, बलरामपुर, राजपुर एवं शंकरगढ़ जनपद पंचायतों में कुल 5 प्रशिक्षण बैच (प्रत्येक में 35 प्रशिक्षार्थी) प्रारंभ किए गए हैं। इस तरह 175 युवाओं को 30 दिवसीय निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण का लाभ दिलाया गया। जिसमें ले-आउट, नींव से छत तक निर्माण की तकनीकी ज्ञान, निर्माण सामग्री का अनुपात एवं गुणवत्ता निर्धारण, सुरक्षा मानक तथा फील्ड प्रैक्टिकल शामिल है। इस पहल से न केवल प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत घरों का निर्माण तेज़ी और गुणवत्ता के साथ तेजी से पूरा पूरा कराया जा रहा है। ग्रामीण युवाओं को राजमिस्त्री का प्रशिक्षण की व्यवस्था कर स्वरोजगार के अवसर भी सृजित किए जा रहे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर दक्ष श्रमिकों की उपलब्धता बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए विशेष रूप से महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं या उनके परिजन, मनरेगा में 100 दिवस कार्य कर चुके श्रमिक और इच्छुक ग्रामीण युवाओं को शामिल किया गया। जिला पंचायत सीईओ बलरामपुर ने बताया कि, हमारा लक्ष्य है कि सभी प्रधानमंत्री आवास समय-सीमा में और गुणवत्ता के साथ पूरे हों। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को अपने गांव में ही रोजगार दिलाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम है। जिला प्रशासन ने अधिक से अधिक युवाओं से अपील की है कि वे इस प्रशिक्षण का लाभ उठाकर न केवल एक नया कौशल सीखें, बल्कि जिले के विकास में भी योगदान दें। इच्छुक उम्मीदवार अपने ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत अथवा सीधे ग्रामीण स्व-रोजगार प्रशिक्षण संस्थान बलरामपुर से संपर्क कर सकते हैं।

भारत ने ब्रह्मोस से किया था नूर खान एयरबेस पर हमला, अब मरम्मत का काम शुरू

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मुंह की खाने के बाद पाकिस्तान स्थिति से उबरने की कोशिश कर रहा है। उसने नूर खान एअरबेस की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। इस बात का खुलासा सैटेलाइट तस्वीरों के जरिए हुआ। ताजा सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि नूर खान एअरबेस पर मरम्मत का काम चल रहा है। इस्लामाबाद से 25 किमी. से भी कम दूरी पर स्थित नूर खान एअरबेस पाकिस्तान वायुसेना की प्रमुख सुविधाओं और रणनीतिक उपकरणों का प्रमुख अड्डा है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नूर खान एअरबेस को पहुंचा था काफी नुकसान 10 मई, 2025 को भारत ने मिसाइल से हमला किया था और इसे पाकिस्तान का डिफेंस सिस्टम रोकने में नाकाम साबित हुआ। इस हमले में एअरबेस को काफी नुकसान पहुंचा था और एक ड्रोन कमांड सेंटर तो पूरी तरह से तबाह हो गया। भारत ने किया था ब्रह्मोस मिसाइल का इस्तेमाल हालाँकि भारत ने कभी पुष्टि नहीं की है कि उसने हमले में कौन सी मिसाइलों का इस्तेमाल किया, लेकिन इस बात की प्रबल संभावना है कि नूर खान स्थित प्रतिष्ठान को ब्रह्मोस या SCALP एअर-लॉन्च्ड लैंड अटैक मिसाइलों या दोनों से नष्ट किया गया हो। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, ब्रह्मोस को भारतीय वायु सेना के सुखोई-30 लड़ाकू विमानों से, जबकि SCALP को राफेल से लॉन्च किया गया था। नई और पुरानी तस्वीरों के मिलान करने से पता चलता है कि जिस प्रतिष्ठान पर हमला किया गया था, वहां हमलों से पहले दोनों ओर शामियाने लगे दो ट्रैक्टर-ट्रेलर ट्रक खड़े थे। 10 मई 2025 की एक तस्वीर से पता चलता है कि हमलों में दोनों ट्रक नष्ट हो गए और पास की इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा था। 17 मई तक जगह साफ कर दी गई थी। 3 सितंबर (इस हफ्ते की शुरुआत में) की एक तस्वीर में उस जगह पर नए निर्माण कार्य होते दिखाई दे रहा है। इसमें नई दीवारें भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती से अवैध कारोबारियों में हड़कंप

यूपी में अवैध शराब कारोबारियों पर कसा शिकंजा, अगस्त में 1,995 लोग गिरफ्तार योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का असर – एक माह में 2.69 लाख लीटर अवैध शराब बरामद – अगस्त में 1,995 लोग गिरफ्तार, 351 भेजे गए जेल, तस्करी में प्रयुक्त 23 वाहन जब्त – 10 दिवसीय विशेष प्रवर्तन अभियान 28 अगस्त से 6 सितम्बर तक जारी – अभियान में अब तक 1,587 अभियोग दर्ज, 38,099 लीटर शराब जब्त – अगस्त तक 22,337.62 करोड़ रुपये का आबकारी राजस्व प्राप्त – पिछले वर्ष की तुलना में 3021 करोड़ रुपये अधिक राजस्व अर्जित – अगस्त माह में 3754 करोड़ रुपये का राजस्व, 4.86% की वृद्धि लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत प्रदेश सरकार ने अवैध शराब के कारोबारियों पर कड़ी कार्रवाई तेज कर दी है। 1 से 31 अगस्त 2025 के बीच प्रदेश में 10,503 अभियोग दर्ज किए गए। इस दौरान लगभग 2.69 लाख लीटर अवैध शराब बरामद की गई, 1,995 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा 351 लोगों को जेल भेजा गया। साथ ही, अवैध शराब की तस्करी में प्रयुक्त 23 वाहनों को जब्त किया गया। अवैध शराब के खिलाफ प्रदेशव्यापी अभियान की जानकारी देते हुए आबकारी एवं मद्यनिषेध राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में 28 अगस्त से 6 सितम्बर तक 10 दिवसीय विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत 31 अगस्त तक 1,587 अभियोग दर्ज हुए, 38,099 लीटर अवैध शराब जब्त की गई और 340 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 83 को जेल भेजा गया है। अवैध शराब की ढुलाई में प्रयुक्त तीन वाहन भी जब्त किए गए। उन्होंने बताया कि इसी नीति के परिणामस्वरूप आबकारी विभाग की आय में निरंतर वृद्धि दर्ज की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में माह अगस्त तक प्रदेश को 22,337.62 करोड़ रुपये का आबकारी राजस्व प्राप्त हुआ है, जो गत वर्ष की तुलना में 15.64 प्रतिशत अर्थात 3021.41 करोड़ रुपये अधिक है। अगस्त माह में ही 3754.43 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया है। अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार की कड़ी कार्रवाई और निगरानी के चलते अवैध शराब के कारोबारियों पर लगातार शिकंजा कस रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति ही इस सफलता की सबसे बड़ी वजह है, जबकि विभागीय स्तर पर प्रवर्तन अभियानों ने इसे गति दी है।

जीएसटी सुधारों से भारतीय अर्थ-व्यवस्था होगी और ज्यादा गतिशील : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

उदयोग मजबूत होंगे, निवेश बढ़ेगा, रोजगार के होंगे अवसर सृजित बाजारों की बढ़ जायेगी रौनक प्रधानमंत्री श्री मोदी और केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण का माना आभार भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने जीएसटी स्लैब को चार से घटा कर दो करने के ऐतिहासिक निर्णय को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिये क्रांतिकारी बताते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया है। श्री देवड़ा ने कहा कि जीएसटी की दरों को और अधिक तार्क‍िक और सरल बनाने का जो ऐतिहासिक निर्णय प्रधानमंत्री श्री मोदी ने लिया है वह सिर्फ कर ढांचे में सुधार नहीं बल्क‍ि अर्थव्यवस्था को नई गति देनेवाला दूरदर्शी कदम है।   उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में  देश तीसरी आर्थिक शक्ति बनने की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में अगली पीढ़ी के सुधारों को लागू करने का निर्णय भारत की अर्थव्यवस्था की गति को और तेजी से बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से उदयोग और व्यापार जगत को बड़ी राहत मिलेगी। छोटे और मध्यम उदयोगों की लागत घटेगी और वे ज्यादा से ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनेंगे। उन्होंने कहा कि उत्पादन और वितरण तंत्र सरल और किफायती होगा। उपभोक्ताओं को आवश्यक वस्तुएं और सेवाएं पहले की तुलना में अधिक उचित दाम पर मिलेंगी। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि बढ़ती हुई करदाताओं की संख्या न केवल कर संग्रहण और अर्थवयवस्था को विधिसंगत बनाती है, साथ ही यह भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और कर प्रणाली पर बढ़ते विश्वास को भी दर्शाती है। उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों को तर्कसंगत बनाने से कर प्रणाली अधिक पारदर्शी और सरल बनेगी। ईमानदार करदाताओं को सुविधा होगी। अनुपालन आसान होगा और प्रशासनिक जटिलताएं कम होंगी। इससे निवेश बढ़ेगा और रोजगार सृजन को नई गति मिलेगी। साथ ही कर विवाद कम होने से कर अववंचन में भी कमी आयेगी। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि पूरी दुनिया में आर्थ‍िक परिस्थ‍ितियां चुनौतीपूर्ण हैं। भारतीय उत्पाद अब कम लागत पर तैयार होंगे और वैश्व‍िक बाजारों में और अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे। इससे भारत की निर्यात क्षमता को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रधानमंत्री श्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने वाला है। अब उदयोग मजबूत होंगे, निवेश बढ़ेगा और रोजगार के अवसर बढेंगे। देश आत्मनिर्भरता की राह पर और तेजी से आगे बढे़गा। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि मध्यप्रदेश जैसे कृषि प्रधान राज्य के लिये ट्रेक्टर और उसके पार्टस की दर सुधार से किसानों को लाभ होगा। खाद के निर्माण में उपयोग होने वाले कच्चे माल में दर में कमी से खाद के मूल्य में कमी होगी जिसका लाभ किसानों को मिलेगा। इसी प्रकार नमकीन तथा कन्फेक्शनरी में हो रहे मिस क्लास‍‍फिकेशन को समाप्त करने के लिए जो कदम उठाये जा रहे हैं इससे इंदौर के नमकीन तथा कन्फेक्शनरी सेक्टर को प्रोत्साहन मिलेगा और आय में वृद्ध‍ि होगी। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी दूरदृष्ट‍ि सम्पन्न नेता हैं। उनके निर्णय से आम नागरिकों का जीवन आसान होगा। स्वास्थ्य , शिक्षा, कृषि, आटोमोबाइल और इलेक्‌ट्रानिक, स्‍टील, सीमेंट और टैक्सटाइल क्षेत्र में जीएसटी सुधारों का सीधा प्रभाव पड़ेगा और नागरिकों को राहत मिलेगी। ग्रीन इनर्जी और रियलस्टेट क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ेंगे। अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र को लाभ मिलेगा। उन्होंने जीएसटी में अगले पीढ़ी के सुधारों को लागू करने का वचन पूरा कर दिया। जीएसटी सुधार आम नागरिकों के लिये दीपावली का उपहार है। इस बार बाजारों की रौनक बढ़ जायेगी। व्यापारी समुदाय और ग्राहक दोनों में उत्साह होगा। जीएसटी सुधारों का व्यापक सकारात्मक असर प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा, इससे गतिशीलता आयेगी। 

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने एम्स भोपाल की व्यवस्थाओं का किया अवलोकन

प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने विभिन्न विषयों पर की चर्चा भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने एम्स भोपाल का दौरा कर वहाँ की चिकित्सा व्यवस्थाओं एवं अधोसंरचना का अवलोकन किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने एम्स भोपाल द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सहज एवं सुलभ बनाने के लिए किए जा रहे विभिन्न नवाचारों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए एम्स जैसे अग्रणी संस्थानों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) माधवानंद ने एम्स की वर्तमान स्वास्थ्य सेवाओं तथा भविष्य की योजनाओं की विस्तार से जानकारी प्रदान की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने विश्वास व्यक्त किया कि एम्स भोपाल के अनुभव एवं नवाचार प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी व गुणवत्तापूर्ण बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। इस दौरान प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को नई तकनीक एवं आधुनिक संसाधनों से सशक्त करने, अनुसंधान आधारित चिकित्सा सेवाओं को बढ़ावा देने तथा जनसामान्य को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने संबंधी विभिन्न आयामों पर वृहद चर्चा हुई। इस दौरान उप संचालक प्रशासन श्री संदेश जैन सहित एम्स के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

ब्रिटिश भी नहीं कर पाए थे गोरखा सैनिकों का सामना, संधि के लिए होना पड़ा था मजबूर: सीएम योगी

सीएम योगी ने गोरखपुर में किया गोरखा युद्ध स्मारक और संग्रहालय का शिलान्यास – वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ संग्रहालय का भूमिपूजन व शिलान्यास – भारत-नेपाल के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को नई मजबूती प्रदान करेगा यह स्मारक- सीएम योगी – सेना के शौर्य की चर्चा में गोरखा सैनिकों का नाम सबसे ऊपर- मुख्यमंत्री – सीएम योगी ने शहीद सैनिकों की वीर महिलाओं को किया सम्मानित – अग्निवीर योजना के तहत लौटने वाले जवानों के लिए यूपी पुलिस में 20 प्रतिशत आरक्षण- सीएम योगी गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखा रेजीमेंट के वीर सपूतों की अदम्य साहस और शौर्यगाथा को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनाने के उद्देश्य से गोरखा युद्ध स्मारक के सौंदर्यीकरण कार्य और संग्रहालय का शिलान्यास किया। यह परियोजना 45 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जाएगी, जो न केवल गोरखा सैनिकों के बलिदान को सम्मान देगी बल्कि भारत-नेपाल के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को नई मजबूती प्रदान करेगी। कार्यक्रम में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान भी उपस्थित रहे। इस दौरान सीएम योगी ने गोरखा सैनिकों की वीरता को याद करते हुए कहा कि गौरवशाली विरासत की नींव आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। भारतीय सेना का लोहा आज पूरी दुनिया ने माना है। ब्रिटिश भी गोरखा सैनिकों का सामना नहीं कर पाए और उन्हें संधि के लिए मजबूर होना पड़ा। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ संग्रहालय का भूमिपूजन व शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संग्रहालय का भूमिपूजन किया और परिसर में स्थित मां काली मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान गोरखा रिक्रूटिंग डिपो (जीआरडी) की कार्यशैली पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसमें गोरखा रेजीमेंट के बहादुर जवानों की कहानियां जीवंत रूप से प्रस्तुत की गईं। साथ ही, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में जवानों ने अपनी परंपरा और संस्कृति के अनुरूप नृत्य और गीत प्रस्तुत किए, जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर गए। मुख्यमंत्री ने गोरखा रेजीमेंट के शहीदों के परिवारों की वीर महिलाओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध पंक्तियां उद्धृत की, "जला अस्थियाँ बारी-बारी चिटकाई जिनमें चिंगारी, जो मर गए मातृभूमि के लिए बिना किसी कीमत के मोल… कलम आज उनकी जय बोल।" सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंच प्रण गुलामी के अंशों को समाप्त करना, अपनी विरासत पर गौरव की अनुभूति, वीर सैनिकों के प्रति सम्मान, सामाजिक एकता और कर्तव्यों का निर्वहन का जिक्र करते हुए कहा कि गोरखा सैनिकों ने अलग-अलग मोर्चों पर काम किया है सभी वीर सैनिकों का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। सेना के शौर्य की चर्चा में गोरखा सैनिकों का नाम सबसे ऊपर आता है- मुख्यमंत्री सीएम योगी ने कहा कि जब हम भारत की सेना के शौर्य की चर्चा करते हैं, तो गोरखा सैनिकों का नाम सबसे ऊपर आता है। 'जय महाकाली, आयो गोरखाली' के उद्घोष के साथ जब ये शत्रु पर टूट पड़ते हैं, तो दुश्मन पीछे हटने को मजबूर हो जाता है। 1816 के ब्रिटिश-गोरखा युद्ध में ब्रिटिश सेना को संधि के लिए बाध्य होना पड़ा। उसके बाद गोरखा सैनिकों ने ब्रिटिश आर्मी में भी अपनी बहादुरी दिखाई। स्वतंत्र भारत में भी उन्होंने विभिन्न मोर्चों पर दुश्मनों को घुटने टेकने पर मजबूर किया। सीएम योगी ने महायोगी गुरु गोरखनाथ की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां गोरखनाथ मंदिर हैं, वहां मां काली की पूजा अनिवार्य है, जो शिव और शक्ति के समन्वय का प्रतीक है। यह समन्वय ही गोरखा सैनिकों की मौत से बेखौफ होकर लड़ने की शक्ति का स्रोत है। अग्निवीरों को यूपी पुलिस में 20 प्रतिशत आरक्षण- सीएम योगी सीएम योगी ने इस स्मारक को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताते हुए कहा कि यह 100 वर्ष पुराना स्मारक अब भव्य रूप लेगा। यहां म्यूजियम में गोरखा रेजीमेंट के पुराने यूनिफॉर्म, हथियार, अस्त्र-शस्त्र और युद्ध कला के परिवर्तनों को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे युवा पीढ़ी को इतिहास से सीखने का अवसर मिलेगा। उन्होंने सीडीएस जनरल अनिल चौहान को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनकी व्यस्तता के बावजूद इस कार्यक्रम में शामिल होना गोरखा रेजीमेंट के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश सरकार की पहलों का जिक्र किया, जैसे पुलिस बल में स्मारकों का निर्माण, शहीदों के परिवारों को 50 लाख रुपये की सहायता, नौकरी और स्मारकों का नामकरण। उन्होंने अग्निवीर योजना के तहत लौटने वाले जवानों के लिए पुलिस में 20 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा भी दोहराई। युवाओं में सेना के प्रति आकर्षण बढ़ाएगा यह युद्ध स्मारक- सीएम मुख्यमंत्री ने युद्ध स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित कर वीर जवानों को सलामी दी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल गोरखपुर के कूनराघाट क्षेत्र में रहने वाले हजारों पूर्व गोरखा सैनिकों के परिवारों को गौरव की अनुभूति कराएगी, बल्कि युवाओं में सेना के प्रति आकर्षण बढ़ाएगी। सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर में नया सैनिक स्कूल स्थापित किया गया है, जो विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में मदद करेगा। उन्होंने 'नेशन फर्स्ट' के भाव पर जोर देते हुए कहा कि हर नागरिक के कर्तव्य निर्वहन से ही लक्ष्य प्राप्त होंगे। सिविल-मिलिट्री फ्यूजन का प्रतीक बनेगा यह स्मारक- सीडीएस कार्यक्रम में सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने गोरखा सैनिकों की वीरता को सलाम किया। उन्होंने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। 1886 में कुनराघाट में गोरखा रिक्रूटिंग डिपो की स्थापना हुई थी। प्रथम विश्व युद्ध में गोरखा सैनिकों ने अदम्य साहस दिखाया और कम से कम 20 हजार शहीद हुए। 1925 में इस युद्ध स्मारक की स्थापना हुई। आज इसका नवीनीकरण हमारी दूरदर्शिता का प्रमाण है। सीडीएस चौहान ने योगी सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह स्मारक सिविल-मिलिट्री फ्यूजन का प्रतीक बनेगा। उन्होंने तीन कारणों से इसे महत्वपूर्ण बताया, पहला, गोरखा सैनिकों और भारतीय सेना के करीबी रिश्तों की पहचान, दूसरा, उनकी सदियों पुरानी निस्वार्थ सेवा और बहादुरी और तीसरा, भारत-नेपाल संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता। सीडीएस ने कहा कि आज परिवर्तन का समय है। हम विकसित भारत की कल्पना करते हैं, लेकिन अतीत को भूलना नहीं चाहिए। गोरखा सैनिकों का बलिदान हमारे लिए प्रेरणास्रोत है, जो आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करेगा।  संग्रहालय में क्या होगा खास यह संग्रहालय गोरखा रेजीमेंट की गौरवगाथा को डिजिटल रूप से प्रस्तुत करेगा। इसमें डिजिटल … Read more