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योगी आदित्यनाथ ने किया निर्वाचन आयोग कार्यालय भवन का शिलान्यास, राजभर ने दी प्रतिक्रिया

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ की अवध विहार योजना में शुक्रवार को राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय भवन के निर्माण लिए भूमि पूजन किया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और उत्तर प्रदेश का राज्य निर्वाचन आयोग सर्वाधिक जनप्रतिनिधियों का चुनाव करता है। यहां 12 करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं। ऐसे आयोग के पास अपना भवन तक नहीं था पर अब डेढ़ वर्ष में आयोग का छह मंजिला भवन बनकर तैयार हो जाएगा। उन्होंने कहा कि हम बचपन से ही सुनते आए हैं कि रोटी, कपड़ा और मकान किसी भी व्यक्ति की बुनियादी जरूरतें हैं और आयोग के पास अपना भवन तक नहीं था। अब ये कमी दूर हो जाएगी। राजभर बोले, जो पहले नहीं हुआ वो अब हो रहा है इस मौके पर पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि योगी जी के रूप में हमें पहली बार ऐसा मुख्यमंत्री मिला है जो लगातार परिश्रम कर प्रदेश को आगे बढ़ा रहे हैं। उनकी सरकार में इस तरह से काम हो रहे हैं जो कि अभी तक नहीं हुए हैं।  

CBI कोर्ट का फैसला: झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का सहित 10 लोग दोषी

रांची झारखंड में लागू जमीन संबंधी विशेष कानून 'छोटानागपुर टेनेंसी एक्ट (सीएनटी एक्ट)' के उल्लंघन से जुड़े 15 साल पुराने मामले में रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने राज्य के पूर्व मंत्री एनोस एक्का, उनकी पत्नी मेनन एक्का, रांची के तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्ता कार्तिक कुमार प्रभात सहित 10 लोगों को दोषी करार दिया। इसके तुरंत बाद सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अदालत ने सजा पर सुनवाई के लिए 30 अगस्त की तारीख तय की है। सिमडेगा निवासी एनोस एक्का वर्ष 2005 से 2008 के बीच अर्जुन मुंडा और बाद में मधु कोड़ा सरकार में मंत्री रहे। आरोप है कि मंत्री रहते उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए फर्जी पते का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर आदिवासी जमीन की खरीद-फरोख्त की। रांची के तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात ने उनकी मदद की। प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से यह सौदे किए गए। सीबीआई की जांच में सामने आया कि मार्च 2006 से मई 2008 के बीच एनोस एक्का की पत्नी मेनन एक्का के नाम पर विभिन्न इलाकों में जमीन खरीदी गई। इसमें हिनू में 22 कट्ठा, ओरमांझी में 12 एकड़, नेवरी में 4 एकड़ और चुटिया के सिरम टोली मौजा में 9 डिसमिल भूमि शामिल है। कोर्ट ने सीबीआई के सभी आरोप सही पाए। इस मामले की सुनवाई सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक प्रियांशु सिंह ने की। अदालत में दलीलों और गवाहों के आधार पर यह साबित हुआ कि जमीन खरीदने-बेचने में सीएनटी एक्ट का खुला उल्लंघन हुआ है। गौरतलब है कि छोटानागपुर टेनेंसी एक्ट,1908 ब्रिटिश शासनकाल में लागू हुआ था। इसका उद्देश्य आदिवासी समुदाय की जमीन की सुरक्षा करना है। इस कानून के तहत आदिवासी भूमि को गैर-आदिवासियों को बेचना, गिरवी रखना या स्थानांतरित करना प्रतिबंधित है। यहां तक कि कोई आदिवासी भी अपने थाना क्षेत्र से बाहर के किसी अन्य आदिवासी को भूमि नहीं बेच सकता है।

1991 फ्रॉड वाले बयान पर कांग्रेस बैकफुट, BJP को मिला बड़ा मौका

बेंगलुरु  एक तरफ कांग्रेस यह आरोप लगाते हुए सड़कों पर उतरी है कि भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर वोट चोरी कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने ऐसा बयान दिया है, जिससे उनकी पार्टी पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने शुक्रवार कहा कि 1991 के लोकसभा चुनाव में फ्रॉड के चलते हार का सामना करना पड़ा था। अब उनके इस बयान पर विवाद हो रहा है क्योंकि तब कांग्रेस की ही सरकार थी और सिद्धारमैया तब जनता दल सेक्युलर के कैंडिडेट थे। वह कोप्पल सीट से चुनाव में उतरे थे। लेकिन उन्हें बसवराज पाटिल के मुकाबले 11,200 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था, जो कांग्रेस के कैंडिडेट थे। बसवराज पाटिल को कुल 2.41 लाख वोट मिले थे, जबकि सिद्धारमैया को 2 लाख 30 हजार मत ही मिले थे। उस चुनाव के नतीजे के बाद सिद्धारमैया ने हाई कोर्ट में केस भी दाखिल किया था और आयोग की तरफ से 22,243 वोट खारिज करने पर सवाल उठाया था। उनका कहना था कि यदि इन वोटों को अवैध न घोषित किया जाता तो वह खुद बड़े अंतर से जीत हासिल करते। उनका यह भी कहना था कि बसवराज पाटिल की उम्मीदवारी ही अवैध थी क्योंकि उन्हें लोकसभा स्पीकर ने दलबदल के चलते अयोग्य घोषित किया था। उनका कहना था कि बसवराज पाटिल को हमेशा के लिए अयोग्य घोषित किया गया था। ऐसे में वह फिर से चुनाव कैसे लड़ सकते हैं। उन्होंने कर्नाटक के पूर्व एडवोकेट जनरल रवि वर्मा कुमार के सम्मान समारोह में कहा, 'मैं रवि वर्मा से उस समय लीगल सलाह मांगी थी, जब मुझे कानूनी समस्याएं झेलनी पड़ी थीं। मैंने 1991 का चुनाव लड़ा था और फ्रॉड से हरा दिया गया। तब रवि वर्मा कुमार ने मुझे मदद की थी।' उनके इस बयान को भाजपा ने हाथोंहाथ लिया है और इसके बहाने कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय ने कहा कि यह वीडियो प्रूफ है कि कैसे कांग्रेस वोट चोरी करती रही है। आज यही लोग वोट अधिकार रैली निकाल रहे हैं। आखिर यह कितनी बड़ी विडंबना है। यही नहीं उन्होंने लिखा कि सिद्धारमैया तो तब बैलेट पेपर से हुई वोट चोरी में हार गए थे। इसी बैलेट पेपर की व्यवस्था को लाने की बात राहुल गांधी करते हैं। कर्नाटक के नेता विपक्ष आर. अशोक ने भी इस बयान को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि इसी पार्टी ने सिद्धारमैया को 1991 में चुनाव हरवा दिया था।  

टैरिफ विवाद पर शिवराज सिंह चौहान का बड़ा बयान– पूरे देश में देशभक्ति का जज्बा जरूरी

मैसूर  भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सबके निशाने पर आ गए हैं। भारत में स्वदेशी प्रोडक्ट्स के ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल की अपील की जा रही है। इस बीच, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी ऐसी ही अपील करते हुए ट्रंप का बिना नाम लिए उन्हें अधिनायकवादी कह दिया है। उन्होंने कहा है कि आज टैरिफ लगाया जा रहा है, ऐसे में पूरे देश में देशभक्ति की भावना प्रज्वलित होनी चाहिए और स्वदेशी उत्पाद का इस्तेमाल करना चाहिए। शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ''मैं एक निवेदन करना चाहता हूं, विचारधारा के राजनीतिक मतभेद तो हैं, लेकिन राष्ट्रहित के मुद्दों पर पूरे देश को एक साथ खड़ा होना चाहिए। कुछ देशों के नेता अधिनायकवादी जैसा व्यवहार कर रहे हैं, जो पूरी दुनिया के लिए संकट बन गया है। ऐसे में, मैं खड़े होकर यह कहने का साहस करता हूं कि, भौतिकवाद की आग में जलती हुई मानवता को, अगर कोई शाश्वत शांति का मार्ग दिखाएगा, तो वह हमारा भारत, हमारा देश ही होगा। इसके अलावा और कोई रास्ता नहीं है, इसलिए जरूरी है कि हमारा देश मजबूत बने।'' केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, ''हमारे देश को दुनिया के लिए एक दिशा निर्धारित करने का प्रयास करना चाहिए। इसलिए, मैं आज भारत के सामने मौजूद चुनौतियों के विस्तार में नहीं जाना चाहता, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अपील की है। आज का ताजा संकट, टैरिफ लगाए जा रहे हैं, ऐसे माहौल में, पूरे देश में देशभक्ति की भावना प्रज्वलित होनी चाहिए। प्रत्येक भारतीय को यह संकल्प लेना चाहिए कि हम अपने दैनिक जीवन में केवल उन्हीं उत्पादों का उपयोग करेंगे जो हमारे देश में बने हैं। यह जरूरी है कि हमारे देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो। मुझे पूरा विश्वास है कि देशवासी इस दिशा में एक नया इतिहास रचेंगे।''  

जनकल्याण के कार्य प्राथमिकता से किए जाएं-राज्यमंत्री

अनूपपुर  मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र कोतमा में सभी प्रकार के लंबित अधोसंरचनात्मक विकास एवं निर्माण कार्य नियोजित ढंग से जल्द से जल्द पूर्ण किए जाएं। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में कोई कमी न रहे। कार्य की गुणवत्ता से ही अधिकारियों के कार्य प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा। सुनिश्चित करें कि सभी प्रकार के कार्य तय समय-सीमा में ही पूरे हों। राज्यमंत्री श्री जायसवाल गुरुवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय के नर्मदा सभागार में विधानसभा क्षेत्र कोतमा में चल रहे विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे।  राज्यमंत्री ने कहा कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं पाए जाते हैं या उनमें गुणवत्ता की कमी होती है, तो इसके लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार माने जाएंगे। बैठक में राज्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा की। इसमें कटकोना से ऊरा मार्ग तथा राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से पथरौड़ी मार्ग व अन्य मार्ग की स्थिति की जानकारी ली। इसी क्रम में पीआईयू द्वारा निर्माणाधीन भवनों की जानकारी प्रस्तुत की गई। कार्यपालन यंत्री ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र कोतमा में कुल 17 भवन स्वीकृत हैं, जिनमें 4 आदिवासी कन्या शिक्षा परिसर, 1 लोक शिक्षा केंद्र तथा 12 राज्य शिक्षा केंद्र के भवन शामिल हैं। ये सभी भवन निर्माणाधीन हैं और शीघ्र ही पूर्ण हो जाएंगे। मंत्री ने भवनों की गुणवत्ता के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।  बैठक में लोक निर्माण विभाग सेतु के अधिकारियों से शिकारपुर से बगडुमरा मार्ग में भेड़वा नाला पुल निर्माण की स्थिति पर भी चर्चा हुई। साथ ही सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत खनिज प्रतिष्ठान मद से निर्माणाधीन पांच माध्यमिक शालाओं एवं चार प्राथमिक शालाओं की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की गई। बैठक में ऊर्जा विभाग द्वारा पीएम जनमन योजना के अंतर्गत विद्युत अधोसंरचना से संबंधित निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त राज्यमंत्री ने नेशनल हाईवे के 2 कार्य, मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पाेरेशन के 11 कार्य, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के 14 कार्य तथा जल संसाधन विभाग के 1 कार्य की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए।  बैठक में कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अनूपपुर जिले में विकास कार्यों के दौरान जनप्रतिनिधियों से भूमि पूजन कराया जाए तथा निर्माण पूर्ण होने पर लोकार्पण भी अवश्य कराया जाए। साथ ही, प्रत्येक निर्माण स्थल पर शिलालेख पत्थर स्थापित किए जाएं, ताकि लोगों को कार्यों की जानकारी प्राप्त हो सके। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही, सभी कार्य नियोजित एवं व्यवस्थित ढंग से पूरे किए जाएं। बैठक में अन्य विभिन्न महत्वपूर्ण आवश्यक बिंदुओं पर भी चर्चा की गई तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए गए।  बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री तन्मय वशिष्ठ शर्मा, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कोतमा श्री अजीत तिर्की सहित विभिन्न निर्माण विभागों के कार्यपालन यंत्री, अनुविभागीय अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

भारी बारिश ने बिगाड़ा दिल्ली-NCR का हाल, 250 फ्लाइट्स प्रभावित, सड़कें बनी तालाब

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राजधानी की सड़कें तालाब में बदल गई हैंजिससे ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा हो गई है। इसके अलावा फ्लाइट ऑपरेशन पर मौसम का असर देखने को मिल रहा है। एक तरफ दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है तो वहीं flightradar24.com के मुताबिक खराब मौसम के चलते दिल्ली एयरपोर्ट पर आने-जाने वाली करीब 250 फ्लाइट लेट चल रही हैं। भारी बारिश और जलभराव का सिलसिला दिल्ली एनसीआर में आगे भी जारी रह सकता है क्योंकि मौसम विभाग ने फिर भारी बारिश की चेतावनी देते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है। दिल्ली एनसीआर में पिछले 24 घंटों में भारी बारिश हुई है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव हो गया है। नालों का पानी सड़कों पर आ गया है, जिससे जलभराव की समस्या और भी बढ़ गई है। आईएमडी के अनुसार, अगले 2-3 घंटों में दिल्ली के कई हिस्सों में मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम एजेंसी ने लोगों को घर के अंदर रहने और पेड़ों या कमज़ोर ढाचों के नीचे न छिपने की सलाह दी है। उन्हें घर से निकलने से पहले ट्रैफिक की भी जांच करने की सलाह दी गई है। उधर दिल्ली एयरपोर्ट ने भी यात्रियों के लिए एडवाइडरी जारी की है।   दिल्ली एयरपोर्ट ने कहा है कि मौसम विभाग ने दिल्ली में मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। फिलहाल उड़ान संचालन सामान्य है लेकिन यात्रियों को सलाह दी डाती है कि उड़ानों से जुड़ी ताजा जानकारी के लिए संबंधित एयरलाइन से संपर्क करें। उधर दिल्ली में बारिश के चलते प्रगति मैदान, डिफेंस कॉलोनी और प्रीत विहार जैसे इलाकों में पानी भर गया है। पश्चिम विनोद नगर, एम्स, पटपड़गंज, मयूर विहार और संगम विहार जैसे इलाकों में जलभराव की स्थिति रही। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली-नोएडा-डायरेक्ट (डीएनडी) फ्लाईवे, मथुरा रोड, विकास मार्ग, आईएसबीटी, गीता कॉलोनी और राजाराम कोहली मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। बदरपुर से आश्रम तक वाहनों की लाइन लग गई, जिससे ऑफिस जाने वालों और स्कूल बसों को भारी असुविधा हुई। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि भीड़ को नियंत्रित करने और गाड़ियों के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए टीम को कई स्थानों पर तैनात किया गया है। एक अधिकारी ने बताया, बारिश और कुछ इलाकों में जलभराव के कारण यातायात धीमा रहा। स्थिति को सामान्य बनाने और यात्रियों की सहायता के लिए हमारे कर्मियों को तैनात किया गया है।  

प्रदेश में रासायनिक खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध

चालू खरीफ सीजन के लिए 7.12 लाख मीट्रिक टन यूरिया के विरूद्ध 6.39 लाख मीट्रिक टन यूरिया का वितरण 5.30 लाख बॉटल नैनो उर्वरक का भंडारण कर किसानों को 4.18 लाख बॉटल नैनो उर्वरक का किया गया वितरण  रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश के किसानों को हर संभव रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं रासायनिक उर्वरक की लागत में कमी लाने तथा डीएपी खाद की आपूर्ति में कमी को ध्यान में रखते हुए नैनो उर्वरक के उपयोग के लिए किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है। प्रदेश में चालू खरीफ सीजन के लिए भारत सरकार द्वारा 14.62 लाख मीट्रिक टन विभिन्न रासायनिक खादों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य के विरूद्ध सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में 15.64 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद का भंडारण कर लिया गया है। भंडारण के विरूद्ध किसानों को 13.19 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया गया है। समितियों एवं निजी क्षेत्रों में भी यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसान भी उत्साह पूर्वक नैनो उर्वरकों का उपयोग कर रहे हैं।  कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चालू खरीफ सीजन के लिए 25 अगस्त की स्थिति में 3 लाख 91 हजार 79 मीट्रिक टन एवं निजी क्षेत्र में 3 लाख 11 हजार 563 मीट्रिक टन इस तरह कुल 7 लाख 2 हजार 642 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है। भंडारण के विरूद्ध 6 लाख 38 हजार 599 मीट्रिक टन यूरिया किसानों को वितरित किए जा चुके हैं। इसमें 3 लाख 42 हजार 444 सहकारी क्षेत्र और 2 लाख 96 हजार 155 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र से वितरण शामिल है, जबकि पिछले खरीफ सीजन वर्ष 2024 में 6 लाख 17 हजार 798 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया गया था। इसी तरह नैनो यूरिया का सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 78 हजार 919 बॉटल (500 मि.ली.) एवं निजी क्षेत्र में 1 लाख 12 हजार 140 बॉटल इस तरह कुल 2 लाख 91 हजार 59 बॉटल  भंडारण किया गया है। वहीं नैनो डीएपी का सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 58 हजार 809 बॉटल तथा निजी क्षेत्र में 79 हजार 810 बॉटल इस तरह कुल 2 लाख 38 हजार 619 बॉटल भंडारण किया गया है। भंडारण के विरूद्ध नैनो यूरिया किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल और नैनो डीएपी 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल (500 मि.ली.) वितरित किया जा चुका है।  कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल (500 मि.ली.) नैनो यूरिया का वितरण किया गया है जिससे 2 हजार 617 मीट्रिक टन परंपरागत यूरिया की आपूर्ति के बराबर प्रभाव पड़ा। वहीं 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल (500 मि.ली.) नैनो डीएपी का वितरण किया गया जो 4 हजार 628 मीट्रिक टन परंपरागत डीएपी के बराबर है। इससे यह स्पष्ट होता है कि नैनो उर्वरको का उपयोग परंपरागत उर्वरक भार को कम करने और आपूर्ति में संतुलन लाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि नैनो यूरिया उपयोग से 80 से 90 प्रतिशत पोषक तत्व प्राप्त होता है इसके साथ ही लागत मंे भी कमी आती हैं वहीं साथ ही पर्यावरण के अनुकूल होते है तथा प्रदूषण स्तर को घटाता है। नैनो यूरिया के उपयोग से परिवहन और भंडारण पर बचत होती है तथा पर्यावरण पर भी कम प्रभाव पड़ता है।       कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, धान की एक एकड़ फसल के लिए आवश्यक 50 किलोग्राम ठोस डीएपी खाद के स्थान पर केवल 25 किलोग्राम ठोस डीएपी तथा एक आधा लीटर नैनो डीएपी की बोतल पर्याप्त होती है। कृषि विभाग के कर्मचारी गांव-गांव जाकर कृषि चौपालों एवं विकसित कृषि संकल्प अभियान के माध्यम से किसानों को डेमो दिखाए गए और विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही, नैनो उर्वरक से संबंधित पंपलेट, बैनर और पोस्टर सहकारी समितियों में प्रदर्शित किए गए हैं। कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारी द्वारा लगातार खेतों का भ्रमण कर रहे हैं और किसानों को नैनो उर्वरक के प्रयोग और इसके लाभों की जानकारी दे रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप किसान पूरे विश्वास के साथ अपनी धान की फसल में नैनो उर्वरक का उपयोग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया प्रवास में ModernTech Corp. और UNECORAIL को छत्तीसगढ़ में निवेश व सहयोग के लिए किया आमंत्रित

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया प्रवास में ModernTech Corp. और UNECORAIL को छत्तीसगढ़ में निवेश व सहयोग के लिए किया आमंत्रित ईवी चार्जिंग मैन्युफैक्चरिंग, रेलवे अधोसंरचना और तकनीकी हस्तांतरण से राज्य की स्वच्छ ऊर्जा व लॉजिस्टिक्स क्षमता को मिलेगी नई गति रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान ग्रीन मोबिलिटी सॉल्यूशंस की अग्रणी कंपनी ModernTech Corp. और रेल रखरखाव समाधानों की प्रमुख कोरियाई कंपनी UNECORAIL को छत्तीसगढ़ में निवेश और सहयोग के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना, सतत परिवहन अधोसंरचना का निर्माण करना और रेलवे नेटवर्क को मज़बूत बनाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन दोनों कंपनियों के साथ साझेदारी से छत्तीसगढ़ की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा और लॉजिस्टिक्स बैकबोन को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  ग्रीन मोबिलिटी सॉल्यूशंस की अग्रणी कंपनी ModernTech Corp. को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित कर कंपनी को प्रदेश में अत्याधुनिक ईवी चार्जिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव देते हुए कहा कि यह परियोजना राज्य को स्वच्छ ऊर्जा और सतत परिवहन अधोसंरचना के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की औद्योगिक नीति 2024–30, हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लक्ष्यों के अनुरूप है। उन्होंने कहा— “छत्तीसगढ़ में ईवी चार्जिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना से न केवल स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को बल मिलेगा, बल्कि प्रदेश की जनता को बेहतर और आधुनिक परिवहन अवसंरचना भी उपलब्ध होगी। यह पहल भविष्य की पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण का उपहार देने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।” उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इस निवेश से स्थानीय युवाओं के लिए व्यापक रोज़गार अवसर सृजित होंगे, राज्य में हरित तकनीकी कौशल का विकास होगा और ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में सतत परिवहन नेटवर्क को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ModernTech Corp. का अनुभव और विशेषज्ञता छत्तीसगढ़ की ऊर्जा संक्रमण यात्रा को तेज़ करेगी। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा तथा स्थानीय स्तर पर घटक निर्माण इकाइयों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे छत्तीसगढ़ हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एक उभरते हुए राष्ट्रीय हब के रूप में स्थापित होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ModernTech Corp. के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि “प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया गया है, ताकि निवेशक बिना किसी बाधा के अपने प्रोजेक्ट को शीघ्रता से क्रियान्वित कर सकें।” मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान UNECORAIL के सीईओ श्री डोंग पिल पार्क से मुलाकात की। यह कंपनी कोरिया की अग्रणी रेल मेंटेनेंस समाधान प्रदाता है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री और कंपनी के प्रतिनिधियों के बीच स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग, तकनीकी हस्तांतरण और रेलवे  अधोसंरचना विकास में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तेज़ी से बढ़ती औद्योगिक और लॉजिस्टिक आवश्यकताओं को देखते हुए रेलवे क्षेत्र में अत्याधुनिक समाधान बेहद अहम हैं। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि UNECORAIL के अनुभव और विशेषज्ञता से राज्य में रेलवे नेटवर्क को सुदृढ़ करने, रखरखाव को बेहतर बनाने और लॉजिस्टिक्स बैकबोन को मजबूत करने में नई दिशा मिलेगी। इससे न केवल औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी बल्कि आम जनता को भी सुरक्षित और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास को नीति का केंद्रीय तत्व बना रही है। उन्होंने सभी निवेशकों से आग्रह किया कि वे छत्तीसगढ़ के विकास भागीदार बनें और इस परिवर्तनकारी यात्रा में शामिल होकर राज्य को नए शिखरों पर पहुँचाएँ।

सियासत गरमाई! Sambhal हिंसा पर CM Yogi ने कहा- दोषियों को छोड़ना होगा यूपी

प्रतापगढ़  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल में हुई हालिया हिंसा पर टिप्पणी करते हुए शुक्रवार को कहा कि न्यायिक आयोग की एक दिन पहले सौंपी गई रिपोर्ट दंगों की साजिश की पुष्टि करती है। विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद यहां आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने रिपोर्ट के निष्कर्षों का जिक्र किया।  रिपोर्ट में यूपी पुलिस को दिया गया "नरसंहार" रोकने का श्रेय  मुख्यमंत्री ने कहा, "न्यायिक आयोग ने कल संभल घटना पर अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें 2024 में दंगों की साजिश के कुछ हिस्सों का खुलासा किया गया है।" योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के समय में हिंदुओं को निशाना बनाया गया और उनकी जनसांख्यिकी को कम किया गया। उन्होंने कहा कि लेकिन आज, डबल इंजन वाली सरकार है जो जनसांख्यिकी को बदलने नहीं देगी। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपी गई रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश पुलिस को "नरसंहार" रोकने का श्रेय दिया गया है और इसमें यह भी उल्लेख किया गया है कि जिले में "बाहर से दंगाइयों को लाया गया था।"  संभल में सांप्रदायिक दंगों का इतिहास रिपोर्ट में आज़ादी के बाद से संभल में हुए महत्वपूर्ण जनसांख्यिकीय परिवर्तनों पर चिंता व्यक्त की गयी है, जब संभल की नगरपालिका आबादी में हिंदुओं की हिस्सेदारी 45 प्रतिशत थी। सूत्रों ने कहा कि रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि संभल में सांप्रदायिक दंगों का इतिहास रहा है, जिसकी शुरुआत 1953 में शिया-सुन्नी संघर्ष से हुई, जिसके बाद 1956, 1959 और 1966 में दंगे हुए। उत्तर प्रदेश के संभल में पिछले साल 24 नवंबर को शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा के मामले की जांच के लिये गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग ने बृहस्पतिवार को अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी।   

बिहार बोर्ड 2026: छात्रों के लिए बड़ी राहत, 10वीं-12वीं रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन बढ़ी

पटना बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने मैट्रिक और इंटर परीक्षा 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख बढ़ा दी है। अब स्टूडेंट्स 3 सितंबर 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया क्लास 10 के लिए secondary.biharboardonline.com और क्लास 12 के लिए seniorsecondary.biharboardonline.com पर पूरी होगी। वहीं परीक्षा शुल्क का भुगतान 1 सितंबर 2025 तक करना जरूरी है। बोर्ड की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, स्कूल प्रिंसिपल्स को सलाह दी गई है कि वे तय समय सीमा के भीतर अपने छात्रों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पूरा करें ताकि अंतिम समय की दिक्कतों से बचा जा सके। दरअसल, बिहार बोर्ड ने यह कदम 2026 परीक्षा सेशन की तैयारियों को और मजबूत करने के लिए उठाया है। हाल ही में सम्पन्न हुई 2025 की मैट्रिक परीक्षा में कुल 15,58,077 छात्र बैठे थे, जिनमें से 12,79,294 ने सफलता पाई। इस बार भी लड़कियों ने बाजी मारी, कुल 6,49,674 लड़कियां पास हुईं जबकि 6,29,620 लड़के सफल हो सके। पास प्रतिशत 82.11% रहा। BSEB Bihar Board 2026 : ऐसे करें रजिस्ट्रेशन 1. बिहार बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट biharboardonline.com पर जाएं। 2. होम पेज पर Bihar Board Exam 2026 Secondary/Senior Secondary लिंक पर क्लिक करें। 3. नया पेज खुलेगा, यहां रजिस्ट्रेशन करें। 4. आवेदन फॉर्म भरें और सभी डिटेल्स सही सही डालें। 5. परीक्षा शुल्क का भुगतान करें। 6. सबमिट करने के बाद कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करें। 7. भविष्य की जरूरत के लिए इसका प्रिंट आउट रखें।