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रायपुर से रामलला दर्शन के लिए विशेष श्रद्धालु ट्रेन हुई रवाना

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार की ‘रामलला दर्शन योजना’ के अंतर्गत आज अंबिकापुर रेलवे स्टेशन से श्रद्धालुओं को लेकर विशेष ट्रेन अयोध्या के लिए रवाना हुई। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया और सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि यह योजना आम नागरिकों को धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के दर्शन का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है, जिससे आस्था और संस्कृति दोनों को बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव, सीतापुर विधायक श्री प्रबोध मिंज, लुंड्रा विधायक श्रीमती उद्देश्वरी पैकरा, अंबिकापुर की महापौर श्रीमती मंजुर्षा भगत और श्री भारत सिसोदिया सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक था। ‘जय श्रीराम’ के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि ‘रामलला दर्शन योजना’ के तहत श्रद्धालुओं को निःशुल्क ट्रेन यात्रा, भोजन और ठहरने की सुविधा प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर का दर्शन करना हर श्रद्धालु के लिए सौभाग्य का अवसर है। आने वाले समय में राज्य सरकार अन्य धार्मिक स्थलों के लिए भी इसी प्रकार की यात्राओं का आयोजन करेगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और भोजन की विशेष व्यवस्था की गई है। रेलवे स्टेशन पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी पूरी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए मौजूद रहे।

CM साय: रायगढ़ का चक्रधर समारोह छत्तीसगढ़ की संस्कृति और कला की असली पहचान

रायपुर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि चक्रधर समारोह छत्तीसगढ़ की परंपरा, इतिहास और कलाओं की सुंदरता को अनुभव करने का अद्भुत अवसर है। रायगढ़ का चक्रधर समारोह छत्तीसगढ़ की संस्कृति और कला की पहचान है। उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव की परंपरा से जुड़ा यह आयोजन आज भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य की लय और माधुर्य से पूरी दुनिया को मंत्रमुग्ध करता है। यह समारोह न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक अस्मिता को गौरवान्वित करता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कला-प्रेमियों को हार्दिक आमंत्रण देते हुए कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह जी की स्मृति में आयोजित यह समारोह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक यात्रा को और समृद्ध करता है। रायगढ़ की पुण्यभूमि, हमारी सांस्कृतिक धरोहर और कलाओं से परिपूर्ण है। यह वही धरती है जहाँ महाराजा चक्रधर सिंह जी ने भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य को नई पहचान दी और रायगढ़ को कला की राजधानी बना दिया। उन्होंने समस्त कला-प्रेमियों को आमंत्रित करते हुए कहा कि वे इस आयोजन का हिस्सा बनें और भारतीय कला-संस्कृति के माधुर्य का अनुभव करें। मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि चक्रधर समारोह की यह परंपरा आने वाली पीढ़ियों को कला और संस्कृति से जोड़ने का कार्य करेगी और न केवल रायगढ़, बल्कि छत्तीसगढ़ की  सांस्कृतिक पहचान को भी सुदृढ़ बनाएगी।

CM साय: बस्तर सरकार की नई नीतियों और सुरक्षा कदमों से शांति और विकास की ओर अग्रसर

सरकार की नवीन पुनर्वास नीति, नियद नेल्ला नार योजना और सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से बस्तर तेजी से शांति और विकास की ओर हो रहा अग्रसर – मुख्यमंत्री सायबीजापुर में 81 लाख रुपए के 20 इनामी समेत 30 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण; पुनर्वास नीति और नियद नेल्ला नार योजना का परिणाम रायपुर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज बीजापुर में 81 लाख रुपए के 20 इनामी समेत 30 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। यह आत्मसमर्पण हमारी सरकार की नवीन पुनर्वास नीति, नियद नेल्ला नार योजना और सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई का परिणाम है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने बस्तर के लोगों का विश्वास जीता है, उसी का परिणाम है कि लगातार माओवादी संगठन कमजोर हो रहे हैं और बड़ी संख्या में वे हिंसा का रास्ता छोड़ रहे हैं। बस्तर अंचल में नक्सलवाद कमजोर हो रहा है और बस्तर तेजी से शांति और विकास की ओर बढ़ रहा है। हमारी डबल इंजन की सरकार मार्च 2026 तक देश को नक्सलमुक्त बनाने के लिए संकल्पबद्ध है।

अब UDISE+ पोर्टल पर दिखेगी छात्रों की बायोमेट्रिक अपडेट स्थिति

भोपाल प्रदेश में स्कूल के विद्यार्थियों के आधार कार्ड स्कूल में ही तैयार करने और अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) को सुगम बनाने के लिए “विद्यार्थियों के लिए आधार, अब स्कूल के द्वार” अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान में अब सभी सरकारी स्कूलों के प्राचार्यों को UDISE+ पोर्टल पर अपने विद्यार्थियों के लंबित बायोमेट्रिक अपडेट की जानकारी उपलब्ध होगी। विद्यार्थियों के एमबीयू को और सुगम बनाने के लिए, यूआईडीएआई और भारत सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की तकनीकी टीमों ने UDISE+ पोर्टल के माध्यम से यह नया समाधान लागू किया है। यह अभियान वर्तमान में प्रदेश के 44 जिलों में सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है और शीघ्र ही शेष 11 जिलों में भी शुरू होगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के आधार में अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट सुनिश्चित करना है, जिसमें उंगलियों के निशान, आईरिस स्कैन और तस्वीर शामिल हैं। अपडेटेड आधार विद्यार्थियों के लिए स्कूल प्रवेश, प्रवेश परीक्षाओं, छात्रवृत्ति और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) योजनाओं जैसी सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए आवश्यक है। स्कूल शिक्षा विभाग ने जिला प्रशासन, जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्राचार्यों को निर्देश जारी किये हैं कि वे इस पोर्टल का उपयोग कर अधिक से अधिक विद्यार्थियों के आधार अपडेट सुनिश्चित करें। विद्यार्थी इस अभियान के तहत स्कूलों में आयोजित शिविर या निकटतम आधार सेवा केंद्र पर जाकर अपने एमबीयू पूर्ण कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि आधार में पहला अपडेट तब आवश्यक है जब बच्चा 5 वर्ष का हो जाए। पहला एमबीयू 5 से 7 वर्ष की आयु के बीच पूरा होने पर निःशुल्क है। सात वर्ष से अधिक आयु होने पर शुल्क लागू होगा। दूसरा एमबीयू 15 वर्ष की आयु पर आवश्यक है। तीसरा एमबीयू 15 से 17 वर्ष की आयु के बीच निःशुल्क है, लेकिन 17 वर्ष के बाद शुल्क लागू होगा। यह अभियान विद्यार्थियों को समय पर आधार अपडेट की सुविधा प्रदान कर उनकी शिक्षा और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ने की प्रक्रिया को और सरल बनाएगा।  

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: भोपाल ओवरब्रिज विवाद की जांच अब मैनिट प्रोफेसर करेंगे

जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भोपाल के बहुचर्चित 90 डिग्री ओवरब्रिज मामले में ठेकेदार कंपनी मेसर्स पुनीत चड्ढा को बड़ी राहत दी है। मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने ठेकेदार पर कठोर कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाई है। साथ ही कोर्ट ने निर्देश दिया है कि ओवरब्रिज की जांच मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (मैनिट) भोपाल के वरिष्ठ प्रोफेसर से कराई जाए और 10 सितंबर तक रिपोर्ट पेश की जाए। याचिका में ठेकेदार ने दलील दी कि निर्माण पूरी तरह से पीडब्ल्यूडी अधिकारियों द्वारा दी गई डिजाइन के आधार पर हुआ। इसलिए कंपनी को दोष देना अनुचित है, जबकि विभागीय जांच में दोषी अफसरों पर पहले ही कार्रवाई हो चुकी है। कोर्ट ने भी असलियत सामने लाने के लिए स्वतंत्र तकनीकी जांच का आदेश दिया। जांच का खर्च (करीब एक लाख रुपये) फिलहाल ठेकेदार वहन करेगा।   क्या है पूरा मामला? 145 करोड़ की लागत से बने ऐशबाग रेलवे ओवरब्रिज को अगस्त 2023 में यातायात के लिए खोला गया। इसके बाद 90 डिग्री के खतरनाक मोड़ की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। मुख्यमंत्री के आदेश पर 8 इंजीनियर निलंबित हुए, जिनमें 2 मुख्य अभियंता भी शामिल। पुल बनाने वाली कंपनी और डिजाइन कंसल्टेंट को ब्लैकलिस्ट किया गया। सरकार ने घोषणा की कि पुल को रीडिजाइन कर सुधारा जाएगा और रेलवे भी इसके लिए अतिरिक्त जमीन देगा।

समेकित और सतत प्रयास से मातृ और शिशु मृत्यु दर में सुधार में प्रदेश अग्रणी: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश के 4 करोड़ 50 लाख नागरिकों को आयुष्मान योजना ने सशक्त बनाया है। आज गरीब व्यक्ति बड़े से बड़े अस्पताल में अपना इलाज मुफ्त में करवा पा रहा है। मातृ और शिशु मृत्यु दर में सुधार में प्रदेश अग्रणी है। यह उपलब्धि स्वास्थ्य अमले की समर्पित सेवा और सरकार के स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने के दृढ़ संकल्प का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जैसे हमने कृषि में पंजाब और हरियाणा को पीछे छोड़ा है, सड़कों के मामले में महाराष्ट्र गुजरात को उसी प्रकार दृढ़ संकल्प से हम स्वास्थ्य के मामले में केरल और तमिलनाडु जैसे परफॉर्मेंस वाले राज्यों के साथ अग्रणी सूची में शामिल होंगे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने दमोह के हटा में निजी चिकित्सालय का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि हटा में ऐसे अस्पताल का शुभारंभ हो रहा है जो सेवा की भावना से बनाया गया है, पीड़ित मानवता की सेवा के लिए यह अस्पताल बनाया गया है। आयुष्मान धारकों के इलाज के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने 9 हजार 800 करोड़ रूपये का भुगतान सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटल के लिये किया है। आयुष्मान योजना से जनता की भुगतान करने की क्षमता बढ़ गयी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं के साथ निजी क्षेत्र भी ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ संस्थानों का निर्माण कर सेवाओं को सुदृढ़ करने में सहभागी बन रहे हैं। उन्होने कहा कि टियर-2 तो टियर-3 शहरी क्षेत्रों में मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल की सुविधा उपलब्ध हो इसके सब्सिडी देने का भी प्रावधान किया गया है। नियमित एएनसी जाँच के लिए नागरिकों को करें जागरूक उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश बेस्ट परफॉर्मिंग राज्य के रूप में अपनी पहचान बना रहा है, प्रदेश में तेजी से स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर वीडियो कॉल के माध्यम से मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों से बात करके लोगों का इलाज कर रहे हैं, ग्रामीण क्षेत्रों में इस सुविधा से मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों से इलाज की सुविधा मिल रही है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टर की समुचित उपलब्धता के लिए सतत प्रयास कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि जिला अस्पताल की तरह हमारे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी चलने लगे, जिससे जिला अस्पतालों में भीड़ कम होगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि हर गर्भवती महिला का रजिस्ट्रेशन और हर 3 महीने में प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) आवश्यक है। इससे हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं का समय से चिन्हांकन हो जाता है और समय से आवश्यक निदान कर सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया जा सकता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हर महीने 9 और 25 तारीख को एएनसी जांच होती है, मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ता और जागरूक नागरिक इसका लाभ लेने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करें। पशुपालन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना का सतत विस्तार कर रही है। शीघ्र ही प्रदेश में 50 मेडिकल कॉलेज हो जाएंगे। हर क्षेत्र में उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग राज्य मंत्री श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने हटा में अस्पताल खोलने के लिए बधाई दी। विधायक हटा श्रीमती उमा देवी खटीक, कलेक्टर श्री सुधीर कुमार कोचर, पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

शेयर बाजार में तूफ़ान: ट्रंप टैरिफ के चलते निवेशकों की हौसला टूटे

मुंबई  शेयर बाजार में गुरुवार को ओपनिंग के साथ ही अमेरिका के भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ का असर देखने को मिला. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स भारी गिरावट के साथ खुला और खुलते ही 657 अंकों का गोता लगाकर 80,124 के लेवल पर आ गया. सेंसेक्स की तरह ही निफ्टी ने भी अपने पिछले बंद के मुकाबले टूटकर कारोबार की शुरुआत की और 200 अंक गिरकर कारोबार करता दिखा.बाजार में गिरावट के बीच आईटी-टेक कंपनियों के साथ ही बैंकिंग स्टॉक्स भरभराकर टूटे.  खुलते ही फिसल गए इंडेक्स  27 अगस्त को भारत पर ट्रंप का एक्स्ट्रा 25% टैरिफ लागू हुआ था, लेकिन भारतीय शेयर बाजार गणेश चतुर्थी के अवसर पर बंद था. लेकिन गुरुवार को जब बाजार ओपन हुआ, तो सेंसेक्स-निफ्टी पर टैरिफ का सीधा असर देखने को मिला. बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 80,786.54 की तुलना में फिसलकर 80,754 पर ओपन हुआ और फिर कुछ ही मिनटों में 657.33 अंक की गिरावट लेकर 80,124 पर कारोबार करता दिखाई दिया. वहीं एनएसई निफ्टी की बात करें, तो ये इंडेक्स अपने पिछले बंद 24,712.05 की तुलना में गिरकर 24,695.80 पर खुला और फिर सेंसेक्स की तरह ही तेज गिरावट लेते हुए 200 अंक की गिरावट लेकर 24,512 के लेवल पर आ गया. 1458 शेयरों की रेज जोन में शुरुआत शेयर मार्केट में गिरावट के साथ कारोबार शुरू होने पर शुरुआती दौर में 1458 कंपनियों के शेयरों ने अपने पिछले बंद के मुकाबले टूटकर लाल निशान पर ट्रेड शुरू किया. इसके अलावा 1023 कंपनियों के स्टॉक्स ग्रीन जोन में ओपन हुए. इसके अलावा 195 शेयर ऐसे रहे, जिनकी ओपनिंग फ्लैट रही. शुरुआती कारोबार के दौरान जहां श्रीराम फाइनेंस, आईसीआईसीआई, एचसीएल टेक, जियो फाइनेंस, एनटीपीसी और एचडीएफसी बैंक के साथ ही इंफोसिस का शेयर तेजी से फिसला, तो वहीं बिखरते बाजार में भी हीरो मोटोकॉर्प, एशियन पेंट्स और टाइटन जैसे शेयर ग्रीन जोन में नजर आए.  सबसे ज्यादा टूटे ये 10 शेयर बाजार की खराब शुरुआत के बीच जिन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली, उनमें लार्जकैप कंपनियों में शामिल एचसीएल टेक शेयर (2.30%), पावरग्रिड शेयर (1.50%), सनफार्मा शेयर (1.40%), टीसीएस शेयर (1.30%) और एचडीएफसी बैंक का शेयर (1.25%) फिसलकर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा मिडकैप कंपनियों में एमक्योर शेयर (3.10%), फर्स्टक्राई शेयर (2.70%) और भारती हेक्सा शेयर (2.55%) गिर गया. स्मॉलकैप कंपनियों में कैमलिन फाइन शेयर 5%, तो केआईटेक्स का स्टॉक भी 5% फिसलकर ट्रेड कर रहा था.  अन्य जिन कंपनियों के शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट दर्ज की गई, उनमें इंफोसिस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, टेक महिंद्रा, बीईएल, रिलायंस, भारती एयरटेल शामिल हैं. इसके अलावा मिडकैप में मैक्स हेल्थ, ग्लैंडफार्मा, एसजेवीएन शेयर भी रेड जोन में कारोबार कर रहे हैं.  ट्रंप के टैरिफ से बेअसर ये स्टॉक बाजार में गिरावट के बावजूद जो शेयर ट्रंप टैरिफ के असर से बेअसर दिखे, उनमें शामिल एशियन पेंट्स का शेयर 1.30% और जोमैटे की पैरेंट कंपनी एटरनल शेयर 1.10% चढ़कर ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा ओलेक्ट्रा ग्रीन शेयर (2.90%), यूनो मिंडा शेयर और कल्याण ज्वेलर्स के शेयर भी करीब 1 फीसदी उछाल में थे. आरवीएनएल और पेटीएम शेयर भी ग्रीन जोन में कारोबार कर रहे थे. 

मेरठवासियों को मिली सौगात, अयोध्या-वाराणसी तक मिलेगी वंदे भारत की तेज रफ्तार सुविधा

मेरठ मेरठ से वाराणसी और अयोध्या के लिए सफर अब और आरामदायक हो गया है, जहां इस इस रूट पर अब वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू हो गई है। इस ट्रेन को लोगों को लंबे समय से इंतजार था और उनका इंतजार अब खत्म हो गया है। राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इस ट्रेन को लेकर लोगों में जबरदस्त क्रेज है, जहां 29 अगस्त के लिए इस ट्रेन की सबसे ज्यादा बुकिंग की गई है। ट्रेन नंबर 22490 वंदे भारत एक्सप्रेस बुधवार सुबह छह बजकर 35 मिनट पर मेरठ से रवाना हुई, जबकि ट्रेन नंबर 22489 वाराणसी से सुबह नौ बजकर दस मिनट पर मेरठ के लिए चली। बता दें कि पहले यह ट्रेन मेरठ से लखनऊ के लिए चलती थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर वाराणसी तक बढ़ा दिया गया है।   ट्रेन को लेकर लोगों में जबरदस्त क्रेज मंगलवार की शाम तक 27 अगस्त के लिए मेरठ से अयोध्या के लिए 69 और बनारस के लिए 18 लोगों ने चेयरकार श्रेणी में सीटें रिजर्व कराईं। इसके अलावा मेरठ से बनारस के एग्जिक्यूटिव श्रेणी में तीन रिजर्वेशन हुए हैं। बता दें कि लखनऊ तक चल रही वंदे भारत एक्सप्रेस को अयोध्या और वाराणसी से जोड़ने के लिए दैनिक जागरण ने काफी प्रयास किए थे और समय-समय पर इस मांग को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद जनप्रतिनिधियों ने इस मुहिम को आगे बढ़ाया और एक महीने पहले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्रेन को अयोध्या और वाराणसी तक विस्तारित करने पर हरी झंडी दे दी थी। 29 अगस्त को सबसे ज्यादा बुकिंग मंगलवार की शाम तक पहले दिन ट्रेन में चेयरकार श्रेणी में कुल 478 सीटों में 281 सीटें बुक हुई हैं। एग्जिक्यूटिव श्रेणी में कुल 52 सीटों में 27 बुक हैं। 29 अगस्त के लिए ट्रेन में सबसे ज्यादा बुकिंग है, जहां चेयरकार में 291 सीटें बुक हैं। इसी दिन ट्रेन का एग्जिक्यूटिव कोच पूरी तरह बुक है, जिसमे एक वेटिंग चल रही है। भारतीय रेलवे ने ट्रेन का संशोधित टाइम टेबल भी जारी कर दिया है, जहां ट्रेन का मेरठ से चलने और लखनऊ पहुंचने के समय में कोई परिवर्तन नहीं है। लेकिन 27 अगस्त से ट्रेन लखनऊ से वर्तमान समय 2:45 की जगह 1:50 बजे मेरठ के लिए प्रस्थान करेगी।

इन्वर्टर बैटरी लगाने के सही नियम, छोटी गलती भी कर सकती है बड़ा नुकसान

नई दिल्ली हमारे-आपके घरों में इन्‍वर्टर लगा ही होता है और गर्मियों में इसकी सबसे ज्‍यादा जरूरत पड़ती है क्‍योंकि लगते कई पावर कट्स। बार-बार बिजली गुल होने पर इन्‍वर्टर काम आता है। लेकिन कभी आपने साेचा है कि इन्‍वर्टर को घर में किस जगह रखना चाहिए? कई लोग इन्‍वर्टर की बैटरी का मेंटनेंस खुद से करते हैं और उसमें बारिश का पानी भी इस्‍तेमाल करते हैं। क्‍या इससे बैटरी पर असर हो सकता है। आज यही हम आपको बताने जा रहे हैं। घर में कहां रखें इन्‍वर्टर की बैटरी हमने कई एक्‍सपर्ट से बात की और ट्रस्‍टेड मीड‍िया वेबसाइटों को खंगाला। टेस्‍लापावरयूएस के अनुसार, घर या ऑफ‍िस प्‍लेस में इन्‍वर्टर और उसकी बैटरी को ऐसी जगह पर रखना चाहिए जहां हवा आती-जाती हो। दरअसल, जब इन्‍वर्टर को चार्ज किया जाता है तो उसकी बैटरी गर्म होती है। हवादार जगह होने से बैटरी को जल्‍दी ठंड होने में मदद मिलेगी और यह आपके घर के लिए भी सेफ रहेगा। लाइट नहीं जाती, तो भी चलाएं इन्‍वर्टर बहुत से लोग इन्‍वर्टर लगा लेते हैं, जबकि उनके यहां पावर कट नहीं लगते। दिल्‍ली जैसे शहर में पावर कट बहुत कम लगते हैं। कई लोगों को यह कहते हुए सुना है कि हमारे इन्‍वर्टर खराब हो गए, क्‍योंकि लाइट जाती नहीं थी। अगर लाइट जाती नहीं थी तो इन्‍वर्टर खराब कैसे हो गए? वो इसलिए खराब हो गए क्‍योंकि उन्‍हें इस्‍तेमाल नहीं किया गया। एक्‍सपर्ट का कहना है कि अगर बिजली नहीं जा रही, तब भी महीने में एक बार इन्‍वर्टर इस्‍तेमाल करके उसे पूरा डिस्‍चार्ज करें और फ‍िर दोबारा चार्ज। बैटरी में डाल सकते हैं बारिश का पानी? बहुत से लोग यह सवाल पूछते हैं और कई ने तो आजमा कर भी देखा है इन्‍वर्टर की बैटरी में बारिश का पानी। लेकिन ऐसा करना गलत है। इन्‍वर्टर की बैटरी में हमेशा डिस्‍ट‍िल्‍ड वॉटर का इस्‍तेमाल करना चाहिए। नल के पानी या बारिश के पानी में मिनिरल्‍स होते हैं, जिससे बैटरी में खराबी आ सकती है। इसके अलावा, हमेशा बैटरी में पानी का लेवल चेक करते रहें। पानी ना तो बहुत ज्‍यादा, ना बहुत कम होना चाहिए। जहां बैटरी रखी हो, वहां साफ-सफाई जरूरी एक्‍सपर्ट कहते हैं कि घर-ऑफ‍िस में जिस जगह पर भी बैटरी को रखा जाता है, वहां साफ-सफाई का ध्‍यान रखना चाहिए। बैटरी के ऊपर धूल ना जमने दें। बैटरी के टर्मिनल्‍स को जंग लगने से बचाना चाहिए। एक्‍सपर्ट का कहना है कि जंग लगने के कारण बैटरी धीमे चार्ज होती है और जल्‍दी खराब हो जाती है। बैटरी खराब हो जाए तो उसे फौरन बदल लेना चाहिए।

आवारा कुत्तों को लेकर बड़ा फैसला, 6 महीने से कम उम्र के पिल्लों पर नसबंदी नहीं

जयपुर राजस्थान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को आधार मानते हुए आवारा कुत्तों के मानवीय प्रबंधन हेतु नई 13 सूत्री गाइड लाइन जारी की है। स्वायत्त शासन विभाग ने इसे सभी नगरीय निकायों में 30 दिनों के भीतर लागू करने के निर्देश दिए हैं। नियमों के अनुसार अब राज्य में 6 महीने से छोटे कुत्तों की नसबंदी नहीं की जाएगी। इसी तरह दूध पिलाने वाली मादा को तब तक पकड़ने पर रोक रहेगी, जब तक उनके पिल्ले प्राकृतिक रूप से दूध छोड़ न दें। गाइड लाइन में स्पष्ट किया गया है कि कुत्तों को पकड़ने के लिए तार, फंदा या टोंग्स का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। केवल प्रशिक्षित कर्मचारी ही कुत्तों को सुरक्षित जाल या हाथ से पकड़ सकेंगे। प्रत्येक वार्ड में निर्धारित भोजन स्थल बनाए जाएंगे। इसके अलावा नसबंदी केंद्रों का नवीनीकरण और नई सुविधाओं जैसे टीकाकरण और डीवार्मिंग की व्यवस्था होगी। कुत्तों को पकड़ने और देखभाल का जिम्मा केवल एडब्ल्यूबीआई से मान्यता प्राप्त एनजीओ को दिया जाएगा, जिन्हें प्रति कुत्ता 200 से 1450 रुपए तक भुगतान होगा। हर नगर निकाय में निगरानी समिति बनाई जाएगी, जिसमें पशु कार्यकर्ता की मौजूदगी अनिवार्य होगी। सभी प्रक्रियाओं की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और 30 दिन का फुटेज रखना होगा। बीमार या घायल कुत्तों का पहले इलाज किया जाएगा, उसके बाद ही नसबंदी होगी। यूडीएच शासन सचिव रवि जैन ने कहा कि यह नीति लोगों की सुरक्षा और पशु कल्याण दोनों को संतुलित करेगी। उल्लंघन करने पर पशु जन्म नियंत्रण नियम 2003 के तहत कार्रवाई होगी। नई गाइड लाइन से राज्य में आवारा कुत्तों के प्रति मानवीय व्यवहार और जनता की सुरक्षा दोनों को मजबूती मिलेगी।