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कांग्रेस विधायक के घर हादसा: टीकमगढ़ में नौकरानी की मौत और रहस्यमय चोटें

टीकमगढ़  टीकमगढ़ जिले की खरगापुर कांग्रेस विधायक के बेटे छतरपुर स्थित बंगले में एक 20 साल की युवती की मौत हो गई. शव बंगले के पीछे वाले हिस्से में आम के पेड़ से लटका मिला. मृतक युवती के चेहरे पर चोट के निशान थे. सिविल लाइन थाना पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है. यह घटना सोमवार सुबह करीब 8 बजे की बताई जा रही है, लेकिन इसकी भनक किसी को नहीं लगी. आनन-फानन में मृतका का पोस्टमॉर्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. घटना की जानकारी बुधवार शाम को शहर की सनसिटी कॉलोनी में काम करने वाली महिलाओं के माध्यम से फैली. विधायक चंदा सिंह गौर के बेटे अभियंत सिंह गौर से सवाल किए गए तो उन्होंने कहा, ''घटना के समय मैं जिला मुख्यालय से बाहर दिल्ली में था. घर पर मेरी पत्नी और 17 साल का बेटा थे, जिन्होंने फोन पर मुझे सूचना दी. मैं अगले दिन पहुंचा. मुझे नहीं पता कि सपना रैकवार ने यह घातक कदम क्यों उठाया? वह फोन नहीं चलाती थी और न ही कभी परेशान दिखती थी. वह मेरी नौकरानी नहीं, बल्कि बेटी की तरह थी. वह 5 साल की उम्र से हमारे साथ रह रही थी. हम उसकी शादी के लिए रिश्ता भी ढूंढ रहे थे.''  छतरपुर की सनसिटी कॉलोनी में विधायक पुत्र का बंगला. मृतका सपना के पिता भोला रैकवार उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के बेलाताल निवासी थे. घटना के बाद सपना की मां आई थी, लेकिन उन्होंने अभी तक पुलिस को कोई बयान नहीं दिया है.  पुलिस ने अभियंत सिंह गौर के बंगले पर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज की जांच के लिए डीवीआर जब्त कर लिया है. सिविल लाइन थाना पुलिस सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है. पुलिस प्रारंभिक तौर पर इसे आत्महत्या का मामला बता रही है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और मृतिका के परिजनों के बयानों से यह स्पष्ट हो सकता है कि यदि सपना ने आत्महत्या की, तो इसका कारण क्या था?

सियोल में CM विष्णु देव साय की ATCA प्रतिनिधिमंडल से भेंट, निवेश के नए अवसरों पर चर्चा

रायपुर : सियोल में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और ATCA प्रतिनिधिमंडल की महत्वपूर्ण भेंट, छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं पर हुई चर्चा सियोल में CM विष्णु देव साय की ATCA प्रतिनिधिमंडल से भेंट, निवेश के नए अवसरों पर चर्चा छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2024–30 के अंतर्गत ICCK के साथ होगा ज्ञान व निवेश सहयोग रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान सियोल में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी सेंटर एसोसिएशन (ATCA) के चेयरमैन ली जे जेंग एवं वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। ATCA एक सशक्त औद्योगिक नेटवर्क है, जिसमें आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, फार्मा और टेक्सटाइल क्षेत्र की 60 से अधिक प्रमुख कंपनियाँ शामिल हैं। मुख्यमंत्री साय ने ATCA प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार निवेशकों के लिए एक अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ली जे जेंग और उनके साथ आए वरिष्ठ अधिकारियों को आमंत्रित किया कि वे अपने आगामी भारत दौरे के दौरान छत्तीसगढ़ अवश्य आएँ और राज्य में उपलब्ध निवेश व सहयोग की संभावनाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन करें। ATCA ने छत्तीसगढ़ की कंपनियों के साथ बी2बी साझेदारी में रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी और एम्स जैसे राष्ट्रीय संस्थान मौजूद हैं, जो विश्वस्तरीय प्रतिभा उपलब्ध कराते हैं। राज्य का ‘प्लग एंड प्ले’ इंफ्रास्ट्रक्चर और सशक्त लॉजिस्टिक्स नेटवर्क छत्तीसगढ़ को ATCA के अनुसंधान एवं विकास केंद्रों और भारत में उनके विस्तार का स्वाभाविक हब बनाता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकसित हो रहा है और यहाँ उद्योग-अनुकूल नीतियाँ, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन, कुशल मानव संसाधन तथा मज़बूत बुनियादी ढाँचा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, फार्मा और टेक्सटाइल जैसे उभरते क्षेत्रों में ATCA कंपनियाँ यहाँ आकर निवेश करें और साझेदारी के नए आयाम स्थापित करें। इससे प्रदेश के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोज़गार मिलेगा और स्थानीय उद्योगों को भी नई ताक़त मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान सियोल में आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में भाग लिया, जिसका आयोजन इंडियन चेम्बर ऑफ कॉमर्स इन कोरिया (ICCK) के सहयोग से किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ दक्षिण कोरियाई कंपनियों के लिए असीम संभावनाओं की धरती है। उन्होंने उल्लेख किया कि दक्षिण कोरिया भारत के शीर्ष तीन इस्पात निर्यात गंतव्यों में शामिल है और छत्तीसगढ़, देश का अग्रणी इस्पात उत्पादक राज्य होने के नाते, इस सहयोग को और गहरा करने तथा निवेश के नए अवसर प्रदान करने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों से समृद्ध है, जो ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं।  राज्य में प्रचुर मात्रा में लिथियम उपलब्ध है, जो ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) क्रांति और नई पीढ़ी के उद्योगों को गति देने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि  छत्तीसगढ़ वैश्विक ऊर्जा संक्रमण का स्वाभाविक केंद्र बन सकता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने ICCK को नॉलेज पार्टनर के रूप में शामिल करने की घोषणा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2024–30 के तहत तकनीक, स्किलिंग और वैश्विक सहयोग को एक नई दिशा दी जाएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कोरिया की नवाचार क्षमता और छत्तीसगढ़ के संसाधनों के मिलन से विकास का एक नया युग लिखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रत्येक निवेशक को “सिंगल विंडो क्लियरेंस” से लेकर भूमि आवंटन, आवश्यक अनुमतियों और सहयोगी नीतियों तक हर स्तर पर सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दक्षिण कोरिया कंपनियों की भागीदारी से छत्तीसगढ़ के औद्योगिक परिदृश्य में नए अवसरों का सृजन होगा और दक्षिण कोरिया-भारत औद्योगिक सहयोग को एक नई ऊँचाई मिलेगी।

विधायकी पर लटकी तलवार! जयकृष्ण पटेल के खिलाफ सिफारिश संभव

जयपुर राजस्थान विधानसभा में  सवाल वापस लेने के बदले रिश्वत मांगने के मामले में एसीबी द्वारा रंगे हाथ गिरफ्तार किए गए भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के बागीदौरा विधायक जयकृष्ण पटेल के खिलाफ विधानसभा की सदाचार समिति ने जांच पूरी हो चुकी है। समिति अपनी रिपोर्ट आज दोपहर 2 बजे विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को सौंपेगी। सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में विधायक की सदस्यता रद्द करने तक की सिफारिश की जा सकती है। 1 सितंबर से शुरू हो रहे सत्र में पेश होगी रिपोर्ट सदाचार समिति की यह रिपोर्ट आगामी 1 सितंबर से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में रखी जाएगी। इसके बाद सदन की सिफारिश के आधार पर स्पीकर देवानी पटेल की सदस्यता के संबंध में कोई निर्णय ले सकते हैं। पहली बार किसी विधायक को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया जयकृष्ण पटेल को राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने उनके घर से 20 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। बताया गया कि उन्होंने खनन विभाग से जुड़े सवालों को विधानसभा से वापस लेने के लिए 10 करोड़ रुपये की मांग की थी। सौदेबाज़ी के दौरान वे 20 लाख रुपये ले रहे थे, तभी एसीबी ने उन्हें ट्रैप कर लिया। यह राजस्थान के इतिहास में पहली बार है जब किसी विधायक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। स्पीकर ने सदाचार कमेटी को सौंपी थी जांच गिरफ्तारी के बाद विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मामला सदाचार समिति को सौंपा था। इस कमेटी ने पूरे मामले की गहन जांच करते हुए एसीबी, संबंधित एजेंसियों और खुद विधायक का पक्ष भी शामिल किया। अब रिपोर्ट अंतिम चरण में पहुंच गई है। विधायकी रद्द होने पर क्या होगा? अगर सदाचार समिति की रिपोर्ट में जयकृष्ण पटेल को गंभीर दुराचार का दोषी ठहराया जाता है और विधायकी समाप्त करने की सिफारिश की जाती है, तो इसे विधानसभा में रखकर वोटिंग कराई जाएगी। इसके बाद सदन बहुमत से निर्णय लेगा।  

लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो सदस्यों को दिल्ली पुलिस ने मारी गोली, एनकाउंटर में खत्म

दिल्ली दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने एक एनकाउंटर में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो सदस्यो को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए दोनों अपराधियों की पहचान कार्तिक जाखड़ और कविश के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि जब दोनों अपराधियों का पीछा किया गया तो उन्होंने पुलिस पर ही गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दोनों बदमाशों के पैर में गोली मारी और घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया है। इसी महीने झारखंड एटीएस ने मयंक सिंह को अजरबैजान से प्रत्यर्पित किया है। मिली जानकारी के अनुसार, मामला न्यू अशोक नगर का है। यहां दिल्ली पुलिस ने दो संदिग्धों को रोकने की कोशिश की लेकिन दोनों पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। इस फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दोनों बदमाशों के पैरों में गोली मारी और दोनों घायल हो गए। घायल अवस्था में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि इसी महीने की शुरुआत में झारखंड एटीएस ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गैंगस्टर मयंक सिंह को बाकू से प्रत्यर्पित किया। इसके बाद उसे अजरबैजान से वापस लाया गया है। यह प्रत्यर्पण झारखंड एटीएस का ऐतिहासिक काम था। इस मामले की जानकारी देते हुए एटीएस के एसपी ऋषव कुमार झा ने कहा था कि हमने उसे बाकू, अज़रबैजान से प्रत्यर्पित किया है। झारखंड पुलिस के इतिहास में यह पहला सफल प्रत्यर्पण है और हमें उम्मीद है कि देश से बाहर रह रहे बाकी अपराधियों को भी जल्द ही प्रत्यर्पित या निर्वासित कर दिया जाएगा। झा ने कहा कि वह अमन साहू और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के बीच संपर्क सूत्र प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि हम मयंक से पूछताछ करेंगे और जेल में बंद दोनों गिरोहों के बीच रिश्तों के बारे में सभी जानकारी जुटाएंगे और उसके खिलाफ झारखंड, राजस्थान और अन्य जगहों पर 50 मामले दर्ज हैं। इसकी जांच की जाएगी।

अमेरिकियों की राय: रूस की वजह से कई देशों पर प्रतिबंध जरूरी, सर्वे में खुलासा

नई दिल्ली भारत के साथ जारी अमेरिका के टैरिफ वॉर के बीच एक अहम सर्वे सामने आया है। इस सर्वे में आधे से ज्यादा अमेरिकी चाहते हैं कि यूक्रेन में युद्ध रोकने के लिए रूस से व्यापार कर रहे देशों पर प्रतिबंध लगने चाहिए। खास बात है कि यह सर्वे ऐसे समय पर सामने आया है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूसी तेल की खरीद का हवाला देकर भारत को निशाना बना रहे हैं। नए रॉयटर्स/Ipsos पोल में बताया गया है कि अधिकांश अमेरिकी चाहते हैं कि रूस से व्यापार करने वालों पर प्रतिबंध लगे, ताकि यूक्रेन के खिलाफ युद्ध रोकने के लिए उसे मजबूर किया जा सके। सर्वे में शामिल 62 प्रतिशत लोग रूस के ट्रेडिंग पार्टनर के खिलाफ प्रतिबंधों के पक्ष में हैं। साल 2022 में रूस ने यूक्रेन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी। भारत को बना रहे निशाना भारत पहले ही साफ कर चुका है कि रूसी तेल खरीद के कारण उसे अमेरिकी और यूरोपीय संघ की तरफ से निशाना बनाया जा रहा है। खास बात है कि भारत ने यह भी बताया था कि अमेरिका और ईयू दोनों ही रूस के साथ व्यापार करते हैं। इधर, ट्रंप ने पहले 25 फीसदी टैरिफ के ऐलान के समय भी भारत पर रूसी तेल के चलते जुर्माना लगाया था। इसके बाद दूसरी बार 25 फीसदी अतिरिक्त शुल्क लगाने से पहले भी वह भारत पर वॉर मशीन की मदद करने के आरोप लगा चुके हैं। साथ ही उन्होंने भारत और रूस की अर्थव्यवस्था को मरी हुई बता दिया था। खास बात है कि चीन भी रूसी सामान का खरीदार है, लेकिन ट्रंप ने वहां 30 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, जो भारत से 20 फीसदी कम है। ट्रंप के दावे खास बात है कि ट्रंप लगातार यूक्रेन और रूस में शांति समझौता कराने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई खास सफलता नहीं मिली है। उनके विशेष दूत कीथ केलॉग ने सोमवार को कहा कि अधिकारी रूस और यूक्रेन के बीच तीन साल से जारी युद्ध को समाप्त कराने के लिए 'बहुत कड़ी मेहनत' कर रहे हैं। हाल ही में ट्रंप नेकहा था कि उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच सीधी शांति वार्ता की व्यवस्था शुरू कर दी है। लेकिन रूसी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि ऐसी कोई शिखर वार्ता जल्द नहीं होगी। ट्रंप ने शुक्रवार को कहा था कि यदि सीधी वार्ता निर्धारित नहीं होती है तो वे अगले कदम पर दो सप्ताह में निर्णय लेंगे। भारत का युद्ध पर क्या है रुख फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से फोन पर बातचीत की। पीएमओे के बयान के अनुसार स्टब ने यूक्रेन में संघर्ष के समाधान पर वाशिंगटन में यूरोप, अमेरिका और यूक्रेन के नेताओं के बीच हुई हालिया बैठकों पर अपना आकलन मोदी के साथ साझा किया। बयान में कहा गया है कि पीएम मोदी ने संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान और शांति एवं स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए भारत के निरंतर समर्थन को दोहराया।

बर्थडे केक से ठीक पहले खुशियाँ, 5 मिनट बाद बिल्डिंग गिरने से 15 लोगों की मौत

मुंबई  विरार में अपार्टमेंट ढहने से हुआ भीषण हादसा अब तक 15 लोगों की जान ले चुका है. इस दर्दनाक हादसे को 30 घंटे से ज्यादा का वक्त बीत चुका है, लेकिन रेस्क्यू ऑपरेशन अभी-भी जारी है. NDRF की 5वीं बटालियन की दो टीमें, वसई-विरार महानगरपालिका की टीम और स्थानीय पुलिस दिन-रात राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं. दरअसल, ये हादसा उस वक्त हुआ जब विरार (पूर्व) के विजय नगर में जॉयल परिवार अपनी मासूम बेटी उत्कर्षा का पहला बर्थडे मना रहा था. परिवार ने घर को सजाया, केक काटा और खुशी के पल तस्वीरों में कैद किए और तस्वीरों को अपने रिश्तेदारों को भी भेजा. लेकिन केक काटने के महज पांच मिनट बाद ही रामाबाई अपार्टमेंट का पिछला हिस्सा एक पास की चॉल पर ढह गया, जिससे पूरा माहौल मातम में बदल गया. इस हादसे में मासूम उत्कर्षा और उनकी मां आरोही जॉयल की मौत हो गई, जबकि पिता ओंकार जॉयल का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल सका है. स्थानीय लोगों ने बचाई लोगों की जान वहीं, हादसे के तुरंत बाद, एनडीआरएफ की टीम के पहुंचने से पहले स्थानीय नागरिकों ने साहस दिखाते हुए सात लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला. इनमें से कुछ को मामूली चोटें आईं, जिन्हें विरार और नालासोपारा के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. वसई-विरार शहर में अवैध और अनधिकृत इमारतों का जाल लगातार लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है. ये कोई पहला हादसा नहीं है. 15 दिन पहले भी एक अवैध निर्माण में कांच की स्लैब गिरने से दो मजदूरों की मौत हो गई थी. इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन की लापरवाही और सुस्त कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. बिल्डर और जमीन मालिक पर FIR दर्ज विरार पुलिस ने इस हादसे के लिए जिम्मेदार बिल्डर नितल गोपीनाथ साने और ज़मीन मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया है. ये केस महाराष्ट्र प्रादेशिक नगररचना अधिनियम की धारा 52, 53 और 54 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 के तहत दर्ज किया गया है. हालांकि, अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.

सुरक्षा बलों की कार्रवाई: बांदीपोरा में एनकाउंटर, 2 आतंकी मारे गए

बांदीपोरा  जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले के गुरेज सेक्टर में सुरक्षाबलों ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास घुसपैठ की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया है। सेना ने गुरुवार को बताया कि इस दौरान दो आतंकवादियों को मार गिराया गया है। सेना के श्रीनगर स्थित चिनार कॉर्प्स ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा दी गई खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गुरेज सेक्टर में एक संयुक्त अभियान शुरू किया था।" सेना ने बताया कि घुसपैठ की कोशिश को भांपते हुए सतर्क जवानों ने घुसपैठियों को ललकारा। इसके जवाब में आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सेना ने आगे कहा, "जवानों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए प्रभावी ढंग से गोलीबारी की और दो आतंकवादियों को मार गिराया।" अधिकारी ने बताया कि इलाके में अभी भी तलाशी अभियान जारी है।

बिहार में सुरक्षा सतर्क: नेपाल से आए 3 जैश आतंकी पकड़े जाने की आशंका

पटना  बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले आतंकी खतरा मंडराने लगा है. पुलिस मुख्यालय (PHQ) को मिली अहम खुफिया जानकारी के बाद पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. खबर है कि नेपाल के रास्ते पाकिस्तान के तीन आतंकी बिहार में दाखिल हो चुके हैं. जानकारी के मुताबिक ये आतंकी प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हुए हैं. इनकी पहचान रावलपिंडी निवासी हसनैन अली, उमरकोट निवासी आदिल हुसैन और बहावलपुर का रहने वाला मो. उस्मान के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि ये तीनों आतंकी अगस्त के दूसरे हफ्ते में काठमांडू पहुंचे थे और वहीं से पिछले हफ्ते नेपाल बॉर्डर पार करके बिहार में दाखिल हुए हैं. देश के किसी भी हिस्से में आतंकी घटना को अंजाम देने की आशंका पुलिस मुख्यालय ने इस इनपुट को बेहद गंभीरता से लिया है. PHQ के आला अधिकारियों ने तीनों आतंकियों के पासपोर्ट और अन्य डिटेल्स सीमावर्ती जिलों के प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ साझा कर दी हैं. खासतौर पर नेपाल से सटे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है. खुफिया सूत्रों का कहना है कि इन आतंकियों के देश के किसी भी हिस्से में आतंकी घटना को अंजाम देने की आशंका जताई जा रही है. राज्य में विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह अलर्ट और भी संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि आतंकी किसी बड़े राजनीतिक या भीड़भाड़ वाले कार्यक्रम को निशाना बना सकते हैं. 'सुराग मिलने पर तुरंत करें कार्रवाई' PHQ ने सभी जिलों के पुलिस कप्तानों और खुफिया तंत्र को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं. साथ ही कहा गया है कि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें, लगातार सूचना एकत्र करें और किसी भी तरह के सुराग मिलने पर तुरंत कार्रवाई करें. बिहार पुलिस इस समय पूरी तरह अलर्ट मोड में है और सीमावर्ती जिलों में सर्च ऑपरेशन भी तेज कर दिए गए हैं. सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि राज्य में आतंकी किसी भी तरह की वारदात को अंजाम न दे सकें.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में 79.27 करोड़ के विकास कार्यो का किया भूमि-पूजन

हर काल और हर युग में रही है उज्जैन की गौरव गाथा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में 79.27 करोड़ के विकास कार्यो का किया भूमि-पूजन 25 करोड़ रूपये से अधिक की लागत से रीगल टॉकीज का होगा उन्नयन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश की सात पवित्र नगरियों में अवंतिका (उज्जैन) भी शामिल है। यहां राजा विक्रमादित्य, महाकवि कालिदास, सम्राट अशोक, चंद्र प्रद्योत के नाम अजर-अमर हो चुके हैं। हमारे पास राष्ट्र वीर दुर्गादास राठौर की ऐतिहासिक विरासत भी है। आज उनकी छत्री के जीर्णोद्धार के लिए भूमिपूजन किया गया है। हर काल और युग में उज्जैन की गौरवशाली गाथा रही है। हम एक नये दौर में प्रवेश कर रहे है। उज्जैन गोपाल मंदिर क्षेत्र स्थित रीगल टॉकीज का इतिहास बहुत गौरवशाली रहा है। यहां भगवान महाकालेश्वर की सवारी निकलती है, सिंहस्थ के दौरान यहां से पेशवाई निकलती है और यह स्थान हरि और हर के मिलन का साक्षी भी होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को उज्जैन में गोपाल मंदिर छत्री चौक स्थित कार्यक्रम में 79.27 करोड़ रूपये लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें 25.15 करोड़ रूपये की लागत से रीगल टॉकीज के विकास कार्य, आगामी सिंहस्थ महापर्व के अंतर्गत 22.30 करोड़ रूपये की लागत से गदा पुलिया से रविशंकर नगर, जयसिंह पुरा होते हुए लालपुल ब्रिज तक मार्ग चौड़ीकरण कार्य और 31.83 करोड़ रूपये की लागत से गाड़ी अड्डा चौराहे से वी.डी क्लाथ मार्केट, निकास चौराहा, खजूर वाली मस्जिद, के.डी. गेट मार्ग वाया जूना सोमवारिया से बड़ी पुलिया तक मार्ग चौड़ीकरण कार्य का भूमिपूजन किया गया है। कार्यक्रम में रीगल टॉकीज के उन्नयन पर आधारित लघु फिल्प का प्रसारण भी किया गया। रीगल टॉकीज का निर्माण कार्य 36 हजार स्क्वेयर फीट क्षेत्र में किया जाएगा।       मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन शहर का हर काल में विशेष महत्व रहा है। आगामी सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए विकास के कार्य निरंतर किये जा रहे हैं। आज उज्जैन को कुल 107 करोड़ रूपये के विकास कार्यों की सौगात मिली है। आगामी सिंहस्थ महापर्व में स्नान क्षिप्रा नदी के जल से ही होगा। सेवरखेडी – सिलारखेड़ी परियोजना से क्षिप्रा नदी में पूरे वर्ष जल रहेगा, क्षिप्रा सदैव प्रवहमान रहेगी। सिंहस्थ में सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए शीघ्र ही उज्जैन को नई 4 लेन सड़क की सौगात मिलने वाली है। साथ ही लगभग 10 हजार करोड़ की लागत से नई मेट्रो लाइन उज्जैन से इंदौर और पीथमपुर को कनेक्ट करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विक्रम उद्योगपुरी में इंडस्ट्रियल सैट अप किया गया है और यहां से हम विश्व स्तरीय उत्पाद बनाकर विश्व के कई देशों को सप्लाई कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लखपति दीदी योजना ने बहनों का सशक्तिकरण किया है। प्रधानमंत्री मोदी से प्रेरणा लेकर बहनों के सशक्तिकरण के लिए प्रदेश सरकार ने लाड़ली बहना योजना शुरू की है, जिसमें बहनों को अभी 1250 रुपए की राशि दी जा रही है। जल्दी ही बहनों को प्रतिमाह 1500 रुपए की राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने माताओं-बहनों को स्थानीय निकाय चुनावों में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया है। अब ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देना चाहते हैं। सरकार हर वर्ग के विकास के लिए कार्य कर रही है। अब प्रदेश में सरकारी और निजी मिलाकर कुल 32 मैडिकल कॉलेज हो जाएंगे। वर्ष 2002-03 के बाद मध्यप्रदेश में सिंचाई का रकबा तेजी से बढ़ रहा है। पिछले डेढ़ साल में 7.5 लाख हेक्टेयर सिंचाई रकबा बढ़ा है।                                                       कार्यक्रम में विधायक अनिल जैन कालूहेडा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, संजय अग्रवाल, कैलाश प्रजापत, गणमान्य नागरिक मौजूद थे। आभार प्रर्दशन एमआईसी सदस्य शिवेंद्र तिवारी ने किया। मुख्यमंत्री और केन्द्रीय मंत्री ने 52 करोड़ के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने उज्जैन में एक अन्य कार्यक्रम में 52 करोड़ 69 लाख रुपए से अधिक की लागत से राष्ट्र वीर दुर्गादास छत्री के संरक्षण संवर्धन एवं विभिन्न विकास कार्यों का भूमि पूजन किया। मध्य प्रदेश शासन संस्कृति विभाग के अंतर्गत संचालनालय पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय तथा मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, रवि सोलंकी, संजय अग्रवाल आदि उपस्थित रहे। वीर दुर्गादास छत्री पर किया माल्यार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केंद्रीय मंत्री शेखावत तथा अन्य अतिथियों द्वारा राष्ट्र वीर दुर्गादास छत्री पर पहुंचकर माल्यार्पण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी को राष्ट्र वीर दुर्गादास के पराक्रम एवं शौर्य एवं देश के गौरवशाली इतिहास से परिचित करवाने के लिए विभिन्न कार्य किए जाएंगे। इनमें राष्ट्र वीर दुर्गादास की प्रतिमा स्थापना के साथ ही पैदल पुल, बगीचा, एक्टिविटीज जोन, रिटेनिंग वॉल, पार्किंग, हॉर्स ट्रैकिंग जोन, ओपन एयर थिएटर, संग्रहालय निर्माण आदि कार्य सम्मिलित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रस्तावित निर्माण कार्यों का नक्शे पर अवलोकन किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। 

कोरबा ताप विद्युत गृह की 105 हेक्टेयर ज़मीन उद्योग विभाग को जल्द होगी हस्तांतरित- मंत्री देवांगन

रायपुर : उद्योग मंत्री देवांगन के विशेष प्रयास से कोरबा में एल्युमिनियम पार्क का मार्ग प्रशस्त, ज़मीन हस्तांतरित हेतु जनरेशन कंपनी की बोर्ड से मिली हरी झंडी कोरबा ताप विद्युत गृह की 105 हेक्टेयर ज़मीन उद्योग विभाग को जल्द होगी हस्तांतरित- मंत्री देवांगन उद्योग मंत्री का प्रयास रंग लाया, जमीन मिलते ही उद्योग विभाग पार्क बनाने शुरू करेगा तैयारी    रायपुर कोरबा को व्यावसायिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के दिशा में नगर विधायक कोरबा वाणिज्य, उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम और आबकारी, श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन के प्रयासों से  बहुप्रतीक्षित एल्युमिनियम पार्क का मार्ग प्रशस्त हो गया है। उत्पादन कंपनी के बोर्ड की हुई बैठक में पूर्व सयंत्र के ज़मीन हस्तांतरित हेतु हरी झंडी मिल गई है।  कोहड़िया स्थित कोरबा ताप विद्युत गृह की 105 हेक्टेयर ज़मीन उद्योग विभाग को अब जल्द  हस्तांतरित की जाएगी। इसके लिए बोर्ड ने प्रबंध निदेशक को अधिकृत किया है। साथ ही जिला प्रशासन, नजुल, राजस्व विभाग को ज़मीन का सत्यापन एवं सीमांकन कर उद्योग विभाग को हस्ताँतरित करने के लिए ऊर्जा विभाग द्वारा नजूल अधिकारी को पत्र जारी किया गया है। कोरबा ज़िले में एल्यूमिनियम पार्क निर्माण हेतु उद्योग मंत्री के प्रस्ताव पर  वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिये उद्योग विभाग के बजट प्रस्ताव में 5 करोड़ रुपए का घोषणा की गई थी। इसके बाद उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने ही उत्पादन कम्पनी के बंद पड़ी प्लांट की ज़मीन में एल्यूमिनियम पार्क हेतु प्रस्ताव ऊर्जा विभाग और उद्योग विभाग को दिया था।      *उद्योग मंत्री के सशक्त प्रयास का अब लाभ अब कोरबा को*    कोरबा के विधायक और उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन के सशक्त प्रयास का लाभ कोरबा जिले को मिलने जा रहा है। जिला चेम्बर ऑफ कॉमर्स, उद्योग संघ  द्वारा वर्षों से मांग की जा रही थी। अब एल्यूमिनियम पार्क बनने से जहा एल्यूमिनियम सेक्टर के छोटे बड़े उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।     *एल्यूमिनियम सामान की बढ़ रही डिमांड*   एल्यूमिनियम की खपत विद्युत संयंत्रों के साथ दूसरे क्षेत्रों में भी बढ़ रही है। आफिस, बिल्डिंग के निर्माण में भी उपयोग हो रहा है। कांच के दरवाजे व खिड़कियों के लिए एल्यूमिनियम का ही उपयोग होता है। रेलवे भी एल्यूमिनियम फैब्रिकेशन व इंजीनियरिंग पार्ट से जुड़े उत्पादों का इस्तेमाल करता है। पैकेजिंग, इलेक्ट्रिकल सामान, वाहनों की बॉडी स्ट्रक्चर, व्हील्स, प्लेन व प्रिंटेड फाइल्स, फर्मा व बर्तन प्रोडक्ट तैयार करने में एल्यूमिनियम का उपयोग किया जाता है। इन सेक्टर के उद्योग अधिक संख्या में लग सकेंगे।  *एक ही जगह पर कई उत्पाद*    बालको के स्मेल्टर प्लांट में एल्यूमिना तैयार होता है। एल्यूमिनियम पार्क के बन जाने से एल्यूमिनियम से तैयार होने वाले उत्पाद कोरबा में ही बन सकेंगे। एक ही जगह पर कई प्रकार के उत्पाद बनाए जा सकेंगे। इसके लिए स्थानीय और बाहरी उद्योगपति कोरबा में संयंत्र लगाने के लिए रुचि लेंगे।