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नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में रोल मॉडल बनकर उभरा मध्यप्रदेश

मुरैना में होगा 600 मेगावॉट ऊर्जा का भंडारण भोपाल मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में रोल मॉडल बनकर उभर रहा है। प्रदेश में स्थापित की गई अनेक अभूतपूर्व परियोजनाओं से सौर ऊर्जा की आपूर्ति न केवल प्रदेश में, बल्कि दिल्ली मेट्रो एवं भारतीय रेल को भी की जा रही है। ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी पर विश्व की सबसे बढ़ी फ्लोटिंग सौर परियोजना स्थापित की है। मुरैना में भी एक अभिनव सौर परियोजना स्थापित की जा रही है, जिसमें ऊर्जा भण्डारण कर सुबह और शाम के व्यस्ततम समय (पीक ऑवर्स) में भी प्रदेश को हरित ऊर्जा प्रदाय की जाएगी। इस परियोजना की ऊर्जा भंडारण क्षमता 600 मेगावॉट होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। उनके संकल्प की पूर्ति के लिये मध्यप्रदेश प्रतिबद्ध है और लक्ष्य प्राप्ति के लिये नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निरंतर नवाचार भी कर रहा है। मुरैना में स्थापित होने जा रही अनूठी परियोजना के लिए निवादा प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस परियोजना में सलाहकार आईएफसी की सेवाएं ली गई हैं। साथ ही डेवलपर और निवेशकों के सुझाव भी सम्मिलित किये गए हैं। मुरैना सोलर पार्क में प्राप्त विद्युत् दर भविष्य की सौर ऊर्जा भण्डारण आधारित परियोजनाओं के लिए मानक होगी। परियोजना से प्रदेश में लगभग 4 हजार करोड़ रूपये का निवेश अपेक्षित है। इससे चंबल क्षेत्र का विकास होगा, साथ ही स्थानीय युवाओं के लिये रोज़गार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। मुरैना में विश्व-स्तरीय सौर ऊर्जा भण्डारण परियोजना की स्थापना गर्व का विषय है। इस परियोजना से प्रदेश नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में एक और कीर्तिमान स्थापित करेगा। मुरैना परियोजना से सौर ऊर्जा केवल दिन में ही नहीं बल्कि सूर्यास्त के बाद भी प्रदाय की जाएगी। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला का कहना है कि मुरैना परियोजना राज्य सरकार की सकारात्मक सोच एवं प्रतिबद्धता का प्रमाण है। इस परियोजना और ऐसी अन्य आगामी परियोजनाओं से मध्यप्रदेश, देश ही नहीं बल्कि विश्व के लिए अक्षय ऊर्जा का एक रोल मॉडल होगा। प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा के अधिक उपयोग एवं ऊर्जा सुरक्षा के लिए ऊर्जा भण्डारण आवश्यक है। प्रदेश में दिन के समय हरित एवं सस्ती सौर ऊर्जा उपलब्ध है, परन्तु शाम के पीक ऑवर्स में विद्युत् आपूर्ति कोयला आधारित और महंगी है। मुरैना सोलर पार्क और ऊर्जा भण्डारण, प्रदेश की पीक ऊर्जा आवश्यकताओं को सौर ऊर्जा से पूरा करने की दिशा में पहला कदम है। यह सोलर प्लस बैटरी आधारित परियोजना है, जिसके अंतर्गत शाम 6 से रात 10 बजे तथा सुबह 6 से 9 बजे तक मध्यप्रदेश पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (एमपीपीएमसीएल) की 440 मेगावॉट तक की पीक आवश्यकताएँ पूरी की जाएँगी। मुरैना का 600 मेगावॉट का सोलर पार्क शाम के पीक ऑवर्स में आपूर्ति के लिए दिन में बैटरी को चार्ज करेगा एवं रात के समय एमपीपीएमसीएल द्वारा सुबह के पीक ऑवर्स की आपूर्ति के लिए बैटरी चार्ज की जाएगी। मध्यप्रदेश विद्युत उत्पादन में अग्रणी है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में लगभग पौने 6 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। इन निवेशों से 1 लाख 85 हजार नए रोज़गार सृजित होंगे। प्रदेश सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा, अक्षय स्रोतों से प्राप्त करना है। प्रदेश में 24 हजार 600 से अधिक मेगावॉट बिजली बनाने की वर्तमान में क्षमता मौजूद है। इसे चालू वर्ष 2 हजार मेगावॉट से अधिक बढ़ाने का लक्ष्य है। ओंकारेश्वर में देश की सबसे बड़ी-फ्लोटिंग सौर परियोजना के पहले चरण में 278 मेगावॉट बिजली बनने लगी है। आगर और नीमच में भी बड़े सौर प्लांट शुरू हुए हैं। मुरैना में 800 मेगावॉट की सोलर परियोजना विकसित की जा रही है, जिसमें 600 मेगावॉट की ऊर्जा भंडारण क्षमता भी होगी।

गुप्त ठिकाने पर चल रहा था जुआ, पुलिस ने दबिश देकर 11 बड़ी हस्तियों को पकड़ा

दुर्ग बावन परियों के साथ शहर के धन्ना सेठों के खेलने की खबर पर वैशाली नगर और भिलाई नगर पुलिस टीम की संयुक्त टीम ने छापामार कार्रवाई की. मौके से 11 लोगों को छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर 10 नग मोबाइल के साथ नगद 2,18,000 रुपए जब्त किया गया. जानकारी के अनुसार, पुलिस को 23 अगस्त को मुखबिर से सूचना मिली कि रामनगर जलाराम केटर्स के पीछे कुछ लोग पैसे लगाकर ताश पत्ती खेल रहे हैं. इस पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में तत्काल थाना वैशालीनगर और भिलाई नगर की टीम के साथ नगर पुलिस अधीक्षक भिलाई नगर ने छापामार कार्रवाई की. पुलिस को देखकर जुआ खेल रहे आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन चाक-चौबंद पुलिस ने घेराबंदी कर सभी जुआरियों को पकड़ लिया. पकड़े गए बावन परियों के शौकिनों में खुर्सीपार निवासी गोपाल कुमार अग्रवाल, स्मृति नगर निवासी प्रदीप लाया, वैशाली नगर निवासी एके जैन, दुर्ग निवासी बुधराम निर्मलकर, जामुल निवासी मनोज सिंह, वैशाली नगर निवासी पवन कुमार, स्मृति नगर निवासी अनूप कुमार धौटे, मोहन नगर निवासी शंक गेडवानी, वैशाली नगर निवासी विनोद अग्रवाल, जामुल निवासी रोहन अग्रवाल और वैशाली नगर निवासी राजेश शामिल हैं. बताया गया कि आरोपीगणों के कब्जे से 10 मोबाइल, 52 पत्ती ताश और नगदी 218000 रुपए को समक्ष गवाहों के जब्त किया गया. आरोपीगणों के विरूद्ध थाना वैशाली नगर में अपराध क्रमां- 284/2025, धारा छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 3(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया जाकर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है.

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री ने अयोध्या राजसदन के मुखिया के निधन पर जताया शोक मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र को दी श्रद्धांजलि श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के ट्रस्टी और अयोध्या राज परिवार के मुखिया विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र का शनिवार रात हुआ था निधन सीएम योगी आदित्यनाथ ने लिखा, ''प्रभु श्रीराम परिजनों को प्रदान करें दु:ख सहन करने की शक्ति'' अयोध्या,  अयोध्या राजसदन के मुखिया और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र (राजा साहब) का शनिवार की रात 11 बजे निधन हो गया। 75 वर्षीय राजा साहब के निधन की खबर से प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। मुख्यमंत्री ने लिखा "राजसदन के मुखिया विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र का निधन अत्यंत दुखद है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान तथा परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति।" पिछले साल ही हुआ था उनकी पत्नी का निधन राजसदन के मुखिया विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के भाई शैलेन्द्र मोहन मिश्र ने बताया कि शनिवार रात अचानक उनका ब्लड प्रेशर गिर गया, जिससे उनकी तबीयत खराब हो गई। डॉक्टर को तत्काल बुलाया गया, लेकिन बचाया नहीं जा सका। राजा साहब ने अपने निवास राजसदन में अंतिम सांस ली। पिछले वर्ष ही उनकी पत्नी का निधन हुआ था। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से गहरा जुड़ाव विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र न केवल अयोध्या के राजघराने के सम्मानित मुखिया थे, बल्कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से भी गहराई से जुड़े रहे। उन्हें अयोध्या की सांस्कृतिक व धार्मिक पहचान का महत्वपूर्ण स्तंभ माना जाता था। राजनीतिक व सामाजिक गलियारों में गम राजा साहब के निधन से न केवल अयोध्या, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में गम का माहौल है। कई मंत्री व जनप्रतिनिधियों के अयोध्या पहुंचने की सूचना है।

सिख गुरुओं ने अपने जीवन का हर क्षण देश, धर्म और मानवता के कल्याण के लिए समर्पित किया: मुख्यमंत्री

  – गुरुओं की शिक्षाओं और बलिदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए राष्ट्र और धर्म की रक्षा हमारा दायित्व – सीएम योगी – सीएम योगी ने कहा- इतिहास में वही जाति और कोम जीवित रही है जो अपने पूर्वजों के शौर्य और पराक्रम को जीवन का हिस्सा बनाती है – गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के चार साहिबजादों का बलिदान भारतीय इतिहास का गौरवशाली अध्याय है- सीएम योगी – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में सिख समुदाय के योगदान की सराहना की गोरखपुर,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इतिहास में वही जाति और कौम जीवित रहती है, जो अपने पूर्वजों के शौर्य, पराक्रम और बलिदान को जीवन का हिस्सा बनाती है। सिख गुरुओं ने सदैव सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उनकी वीरता, त्याग और बलिदान देश की आत्मा में आज भी जीवित है। सीएम योगी रविवार को गोरखपुर के पैडलेगंज स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने पर्यटन विकास कार्यों, गुरुद्वारा भवन के नए स्वरूप और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार कार्यों का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब के प्रथम प्रकाश पर्व पर आयोजित समागम में मुख्यमंत्री ने गुरुवाणी सुनी और संगत के बीच शामिल हुए। गुरुद्वारा समिति की ओर से उन्हें प्रतीक चिन्ह और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया गया। सिख गुरुओं की परंपरा अनुपम और अटूट रही है- सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख गुरुओं की परंपरा अनुपम और अटूट रही है। गुरु नानक देव जी से लेकर गुरु गोविंद सिंह जी महाराज तक, हर गुरु ने सनातन धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उन्होंने कहा कि  जब भी भारतीय संस्कृति पर संकट आया, सिख गुरुओं ने आगे बढ़कर अपने बलिदान से उसे बचाया। सीएम योगी ने विशेष रूप से गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को याद किया। उन्होंने कहा कि उनके बलिदान के 350वें वर्ष में देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कुछ ही समय पूर्व मुख्यमंत्री आवास से नगर कीर्तन और कीर्तन पाठ के जरिए इस आयोजन की शुरुआत हुई। इसी तरह गुरु नानक देव जी महाराज के 550वें प्रकाश पर्व पर भी मुख्यमंत्री आवास पर पहली बार गुरुवाणी का आयोजन हुआ था। चार साहिबजादों का बलिदान भारतीय इतिहास का गौरवशाली अध्याय है- सीएम योगी सीएम योगी ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के चार साहिबजादों बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि उनका बलिदान भारतीय इतिहास का गौरवशाली अध्याय है। उन्होंने कहाकि जब उन्हें लालच दिया गया कि इस्लाम स्वीकार कर लो, तो जीवन और रियासत दोनों सुरक्षित रहेंगे, लेकिन उन्होंने झुकने के बजाय बलिदान का मार्ग चुना। छोटे साहिबजादों को दीवार में चुनवाकर शहीद कर दिया गया, लेकिन उन्होंने अपने धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए दृढ़ निष्ठा दिखाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यही बलिदान आज हम सभी को प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 26 दिसंबर को पूरे देश में ‘वीर बाल दिवस’ के रूप में मनाया जा रहा है। यह सिख गुरुओं और साहिबजादों के बलिदान को श्रद्धांजलि देने का एक ऐतिहासिक निर्णय है। गुरुद्वारों में सुविधाओं का हुआ विस्तार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पैडलेगंज का यह गुरुद्वारा वर्षों से सिख संगत का आस्था केंद्र रहा है। पहले यहां सुविधाओं का अभाव था, लेकिन अब पर्यटन विभाग और सरकार की मदद से इसे आधुनिक स्वरूप प्रदान किया गया है। अब यहां श्रद्धालुओं के लिए गुरुवाणी पाठ, लंगर और अन्य धार्मिक कार्यक्रम और बेहतर सुविधाओं के साथ हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा केवल किसी जाति या समुदाय तक सीमित नहीं होता। यहां आने वाले हर व्यक्ति का स्वागत होता है। यही सिख परंपरा और गुरुवाणी का वास्तविक संदेश है। सीएम योगी ने सिख परंपरा के प्रति जताई कृतज्ञता सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर के प्रमुख तीन गुरुद्वारों जटा शंकर, मोहद्दीपुर और पैडलेगंज को बेहतर स्वरूप देने का कार्य किया गया है। यह सिख गुरु परंपरा के प्रति हमारी कृतज्ञता और श्रद्धा का प्रतीक है। सीएम योगी ने कहा कि  आज का दिन हमारे लिए पवित्र इसलिए भी है कि 421 वर्ष पूर्व इसी दिन गुरु ग्रंथ साहिब जी को हरमंदिर साहिब में स्थापित कर उन्हें गुरु के रूप में स्वीकार किया गया। यह परंपरा आज भी पूरे विश्व में आस्था और श्रद्धा का केंद्र है। उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं ने अपने जीवन का हर क्षण देश, धर्म और मानवता के कल्याण के लिए समर्पित किया। आज हमारा दायित्व है कि उनकी शिक्षाओं और बलिदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करें। सीएम योगी ने गोरखपुर में सिख समुदाय के योगदान को सराहा सीएम ने गोरखपुर में सिख समुदाय की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि यह आयोजन पूर्वी उत्तर प्रदेश के सिख समुदाय को एकजुट करने का अवसर है। उन्होंने लखनऊ में अपने नियमित गुरुपर्व आयोजनों का जिक्र करते हुए कहा कि गोरखपुर में इस तरह के आयोजन में शामिल होना उनके लिए विशेष सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि गुरु परंपरा ने देश और सनातन धर्म के लिए अपना जीवन समर्पित किया, उनकी प्रेरणा से हमें देश और धर्म के लिए पूरी ईमानदारी से कार्य करना है।  इस दौरान सांसद रवि किशन शुक्ला, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, कालीबाड़ी के महंत रविंद्र दास समेत गुरुद्वारा कमेटी के वरिष्ठ सदस्य व सिख समुदाय के कई गणमान्य मौजूद रहे।

कमजोरों के हक छीनने वालों पर योगी सरकार का डंडा, किसी को नहीं मिलेगी ढील

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन समस्याओं का निस्तारण तत्परता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए। बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में रात्रि प्रवास के बाद रविवार सुबह जनता दर्शन में आए लोगों से मुलाकात की। उन्होंने ध्यान से उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं का निस्तारण तत्परता और संवेदनशीलता से किया जाए। 'सरकार हर समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है' सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘समस्याओं के निस्तारण में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। हर समस्या का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और संतुष्टिपरक होना चाहिए।'' उन्होंने कहा कि सरकार जनता की हर समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में आए लोगों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद मिले और एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं। 'सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी' सीएम योगी ने करीब 200 लोगों से मुलाकात की और सभी को आश्वस्त किया कि हर व्यक्ति की समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले या कमजोरों को उजाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा न जाए। उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। जनता दर्शन में कई लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर भी आए थे। मुख्यमंत्री योगी ने उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी।  

यात्रियों के लिए खुशखबरी! अब मुंबई-गांधीनगर वंदे भारत रुकेगी 8 जगह

मुंबई  भारतीय रेलवे ने देश की तीसरी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के शेड्यूल में अहम बदलाव किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 30 सितंबर 2022 को उद्घाटन की गई यह वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन मुंबई सेंट्रल और गांधीनगर कैपिटल के बीच चलती है। यह ट्रेन पश्चिम रेलवे द्वारा संचालित की जाती है और इसे सप्ताह में छह दिन (बुधवार छोड़कर) चलाया जाता है। ट्रेन नंबर 20901/20902, मुंबई सेंट्रल और गांधीनगर कैपिटल के बीच 521 किलोमीटर की दूरी तय करने में 6 घंटे 30 मिनट का समय लेती है। अब आठ स्टेशनों पर रुकेगी वंदे भारत एक्सप्रेस रेलवे द्वारा किए गए बदलाव के बाद अब यह ट्रेन पहले के 7 की बजाय 8 स्टेशनों पर रुकेगी। नई सूची में गुजरात के नवसारी स्टेशन को भी जोड़ा गया है। संशोधित स्टॉपेज इस प्रकार हैं:   ट्रेन संचालन का समय गाड़ी संख्या 20901: मुंबई सेंट्रल से गांधीनगर कैपिटल के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस सुबह 6:00 बजे रवाना होगी और दोपहर 12:25 बजे गांधीनगर पहुंचेगी। गाड़ी संख्या 20902: वापसी यात्रा में यह ट्रेन गांधीनगर से दोपहर 2:05 बजे प्रस्थान करेगी और रात 8:30 बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचेगी। यह सेवा सप्ताह में हर दिन बुधवार को छोड़कर उपलब्ध रहेगी। वंदे भारत एक्सप्रेस का किराया इस ट्रेन में कुल 20 डिब्बे होते हैं। एसी चेयर क्लास का किराया: ₹1285 एग्जीक्यूटिव चेयर कार का किराया: ₹2465 मुंबई और गांधीनगर के बीच सफर करने वालों के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस अब और अधिक सुविधाजनक हो गई है, विशेष रूप से नवसारी स्टेशन को शामिल किए जाने से दक्षिण गुजरात के यात्रियों को अतिरिक्त लाभ मिलेगा।  

टूरिस्ट बस हादसे में हाहाकार, 5 की जान गई, भारतीय नागरिक भी शामिल

न्यूयॉर्क सिटी  नियाग्रा फॉल्स से न्यूयॉर्क सिटी लौट रही एक टूरिस्ट बस के पलटने से उसमें सवार एक भारतीय समेत पांच लोगों की मौत हो गई है जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। बस में भारतीय और चीनी नागरिकों सहित कुल 54 यात्री सवार थे। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह हादसा ड्राइवर का ध्यान भटकने की वजह से हुआ है।   मृतकों की पहचान रिपोर्ट के अनुसार मृतकों में बिहार के शंकर कुमार झा (65), न्यू जर्सी की पिंकी चांगरानी (60), चीन के झी होंगझुओ (22) और न्यू जर्सी के झांग शियाओलान (55) और जियान मिंगली (56) शामिल हैं।   हादसा कैसे हुआ? न्यूयॉर्क के पेमब्रोक इलाके में अंतरराज्यीय राजमार्ग-90 पर शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे यह दर्दनाक हादसा हुआ। प्रांतीय पुलिस प्रमुख आंद्रे रे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि ड्राइवर का ध्यान भटक गया जिससे उसने बस पर से नियंत्रण खो दिया और बस पलट गई। रे ने बताया कि हादसा इतना भीषण था कि कई यात्री बस से बाहर गिर गए और मौके पर ही पांच वयस्क यात्रियों की मौत हो गई। कई यात्री बस के अंदर फंस गए थे जिन्हें बचाव दल ने सुरक्षित बाहर निकाला। घायलों को इलाज के लिए तुरंत अस्पताल ले जाया गया। पुलिस का कहना है कि किसी भी अन्य यात्री को जानलेवा चोटें नहीं आई हैं और हादसे के कारणों की आगे जांच जारी है।  

ड्यूटी के दौरान हरियाणा के लाल ने दी शहादत, लेह में ऑक्सीजन की कमी बनी वजह

सोहना  सोहना खंड के गाँव अभयपुर के रहने वाले 34 वर्षीय प्रीतम सिंह 14 साल पहले भारतीय सेना में भर्ती हुए थे, जो कि 14 साल तक मां भारती की रक्षा में तैनात रहने के बाद ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। शहीद प्रीतम सिंह फिलहाल लेह में तैनात थे। बताया जा रहा है कि ऑक्सीजन कम होने की वजह से शहीद प्रीतम सिंह की अचानक तबीयत खराब हो गई, जिनको उपचार के लिए शीघ्र अस्पताल में दाखिल कराया गया, लेकिन वह मौत से जिंदगी की जंग हार गए। पार्थिव शरीर को सैन्य टुकड़ी द्वारा उनके पैतृक गांव अभयपुर में लाया गया, जहा में हजारों लोगों के काफिले के साथ बंदे मातरम व भारत माता की जय के उदघोषों के बीच उनको गांव की शमशान भूमि ले जाया गया। जहां पर सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। शहीद के 12 वर्षीय पुत्र प्रतीक ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। बता दें कि हवलदार शहीद प्रीतम सिंह फिलहाल लेह की 5014 ASC बटालियन में तैनात थे, जिनके पिता व चाचा ताऊ भी भारतीय सेना में रहकर मां भारती के लिए समर्पित रह चुके है।14 साल पहले प्रीतम सिंह भी मां भारती की रक्षा करने के लिए भारतीय सेना में भर्ती हुए थे, जो अपनी शहादत देने के बाद अपनी वीरांगना पत्नी 12 वर्षीय बेटा प्रतीक व 9 वर्षीय बेटी पंछी छोड़ गए है। इस मौके पर गांव की तरफ से गांव के सरकारी स्कूल का नाम शहीद प्रीतम सिंह के नाम से किए जाने की माग की गई है।

US में पंजाबी ड्राइवरों की बड़ी परेशानी, भारतीय समुदाय ने सरकार से लगाई गुहार

वाशिंगटन  अमेरिका में हाल ही में हुए एक भीषण सड़क हादसे ने न केवल भारतीय समुदाय को झकझोर दिया है, बल्कि वहां काम कर रहे  1.5 लाख से अधिक पंजाबी मूल के ट्रक ड्राइवरों की रोज़ी-रोटी पर भी संकट खड़ा कर दिया है।   क्या है मामला ? 12 अगस्त को  फ्लोरिडा के फोर्ट पियर्स राजमार्ग पर पंजाबी मूल के ट्रक ड्राइवर हरजिंदर सिंह (28) ने अचानक ट्रक से गलत यू-टर्न ले लिया। उसी वक्त पीछे से आ रही एक मिनीवैन ट्रक से टकरा गई। इस टक्कर में  तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि हरजिंदर सिंह और उसके साथ ट्रक में मौजूद एक अन्य व्यक्ति सुरक्षित बच निकले। अमेरिका का कड़ा कदम  इस घटना के बाद अमेरिकी प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए विदेशी ट्रक ड्राइवरों (खासकर भारतीय और पंजाबी मूल के) को वर्क वीज़ा जारी करने पर रोक लगा दी। इस फैसले से अमेरिका में काम कर रहे हजारों पंजाबी परिवारों की  आर्थिक स्थिति पर संकट मंडरा गया है।  दशकों से पंजाबी ड्राइवर अमेरिकी सप्लाई चेन की रीढ़ बने हुए हैं। मंत्री संजीव अरोड़ा की अपील  इस मामले को लेकर पंजाब के एनआरआई मामलों के मंत्री संजीव अरोड़ा ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर  को पत्र लिखकर तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है।अरोड़ा ने कहा: “हम हादसे की गंभीरता को समझते हैं, लेकिन किसी एक व्यक्ति की गलती की सज़ा पूरे समुदाय को नहीं दी जानी चाहिए। ” “अमेरिका में रह रहे करीब 1.5 लाख पंजाबी ट्रक ड्राइवरों की रोज़ी-रोटी पर यह फैसला भारी पड़ रहा है।” “विदेश मंत्रालय को तुरंत  अमेरिकी अधिकारियों से उच्च-स्तरीय बातचीत कर वीज़ा रोक पर समाधान निकालना चाहिए।” परिवारों की चिंता और पंजाब से डॉलर फ्लो  अमेरिका में बसे पंजाबी ट्रक ड्राइवर न केवल वहां की सप्लाई चेन को संभाल रहे हैं, बल्कि पंजाब के गांवों में भी  डॉलर भेजकर हजारों परिवारों की आजीविका चला रहे हैं। वीज़ा रोक से ड्राइवरों का भविष्य अंधकारमय हो सकता है।  बच्चों की पढ़ाई, घर-परिवार की देखभाल और पंजाब की स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी गहरा असर पड़ सकता है।

नक्सलियों को तगड़ा झटका! कोईमेंटा जंगल से मिला विस्फोटक डंप

सुकमा नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर मेट्टागुड़ा कैंप से जवानों की टीम नक्सल विरोधी अभियान के लिए रवाना हुई थी. इस दौरान जवानों को नक्सलियों के खुफिया डंप को बरामद कर बड़ी सफलता हासिल हुई है. नक्सलियों के छिपाए गए कंट्रीमेड रायफल, विस्फोटक और भारी मात्रा में लोहे की सामग्री सुरक्षाबलों ने बरामद की है. जानकारी के मुताबिक, 23 अगस्त को जवानों को नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी. इसके बाद 203 कोबरा वाहिनी, 241 बस्तर बटालियन सीआपीएफ और जिला बल की संयुक्त पार्टी नक्सल विरोधी अभियान के लिए ग्राम बोटेलंका, ईरापल्ली, कोईमेंटा पहाड़ी, दारेली व आस-पास क्षेत्र की ओर रवाना हुई. अभियान के दौरान कोईमेंटा पहाड़ी में नक्सलियों द्वारा डंप कर कंट्रीमेड हथियार और अन्य नक्सल सामग्राी को बरामद किया गया.   नक्सल डंप से क्या-क्या मिला ? बरामदगी के दौरान जवानों को नक्सलियों के डंप से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री मिली है. इसमें कंट्रीमेड रायफल, बीजीएल लांचर और उसका बैरल, यूएवी नेत्रा का टूटा हुआ प्रोपेलर, इलेक्ट्रिक होल्डर वेल्डिंग, बैंच वाइस और स्टील पाइप शामिल है. इसके अलावा 7 लोहे के छड़, करीब 2 किलो वजनी 45 लोहे के बेस प्लेट, 8 किलो के 47 पोल एंगलर और लगभग 480 भारी-भरकम आयरन क्लैंप बरामद किए गए. वहीं 35 ग्राउंड सपोर्टर, 1 किलो, 18 और 12 इंच के दर्जनों क्लैंप, एक टी-टाइप क्लैंप, काला वर्दी, एम्युनेशन पाउच और टूटी हुई इन्वर्टर बैटरी भी मिली. मौके से करीब 20 मीटर इलेक्ट्रिक वायर और एक इलेक्ट्रिकल एक्सटेंशन बोर्ड भी जब्त किया गया.