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राज्य अलंकरण पुरस्कार में जल संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले होंगे पुरस्कृत

रायपुर : छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के दौरान जल महोत्सव का होगा आयोजन: मंत्री कश्यप राज्य अलंकरण पुरस्कार में जल संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले होंगे पुरस्कृत  मंत्री कश्यप ने जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक   रायपुर जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण और संवर्धन के प्रति जागरूकता के लिए छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के दौरान जल महोत्सव का भी आयोजन किया जाएगा। उन्होंने अरपा महोत्सव, ईब महोत्सव, महानदी महोत्सव और इंद्रावती महोत्सव के आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश आज जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए।  जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि नदियां हमारी सभ्यता और आस्था का केन्द्र रही है, जल महोत्सव से लोगों को प्रकृति संरक्षण के साथ-साथ जल संरक्षण के प्रति भी भावनात्मक तरीके से जोड़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष राज्य अलंकरण पुरस्कार के अंतर्गत जल संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को जल पुरस्कार भी दिया जाएगा। जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने विभाग के विभिन्न निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की और स्पष्ट निर्देश दिए कि विभागीय कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बैठक में बोधघाट वृहद् परियोजना, इन्द्रावती-महानदी इंटरलिंकिंग परियोजना, शेखरपुर जलाशय एवं डांडपानी जलाशय परियोजना के संबंध में अद्यतन जानकारी ली।  सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो ने कहा कि निविदाकारों के द्वारा अनियमितता बरतनें पर नियमानुसार सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि 4 निविदाकारों को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है। उन्होंने प्रशासकीय स्वीकृति के बाद भी तकनीकी स्वीकृति नहीं मिलने के प्रकरणों में जिम्मेदार अधिकारियों को कारण बताओं नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।   बैठक में जलाशयों में जलभराव की अद्यतन स्थिति, विगत दो वर्षों से प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त योजनाओं की प्रगति, जल जीवन मिशन, अमृत मिशन 2.0, स्मार्ट मीटर सहित विभिन्न कार्यों की समीक्षा की गई। इस अवसर पर प्रमुख अभियंता इंद्रजीत उईके, मुख्य अभियंता सर्वएस.व्ही. भागवत, प्रसून शर्मा, डी.के. बुम्मेरकर, जे.आर. भगत, आर.आर. सारथी, एस.के. टीकम, शंकर ठाकुर, के. एस. भंडारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

नई कानून पहल: 30 दिन से अधिक जेल में रहने वाले नेता खो सकते हैं अपनी कुर्सी

नई दिल्ली केंद्र सरकार बुधवार को लोकसभा में तीन विधेयक पेश करेगी, जिनका उद्देश्य प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों को गंभीर आपराधिक मामलों में गिरफ्तार या हिरासत में लिया जाता है तो उन्हें उनके पद से हटाया जा सके. दरअसल, मौजूदा वक्त में ऐसा किसी भी कानून में प्रावधान नहीं है कि गिरफ्तारी या न्यायिक हिरासत की स्थिति में नेताओं को उनके पद से हटाया जा सके. इन्हीं खामियों को दूर करने के उद्देश्य से सरकार ने तीन विधेयक तैयार किए हैं जो गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपी नेताओं पर नकेल कसेंगे. केंद्र सरकार बुधवार को जो विधेयक पेश करेगी, उनमें संघ राज्य क्षेत्र सरकार (संशोधन) विधेयक 2025, संविधान (एक सौ तीसवां संशोधन) विधेयक 2025 और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2025 शामिल है. बताया जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इन तीनों विधेयकों को संसद की संयुक्त समिति को भेजने के लिए लोकसभा में प्रस्ताव भी पेश करेंगे. क्या है केंद्र शासित संशोधन विधेयक? केंद्र शासित प्रदेश (संशोधन) विधेयक, 2025 के उद्देश्यों और कारणों के विवरण के अनुसार, केंद्र शासित प्रदेश अधिनियम, 1963 (1963 का 20 ) में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिसके तहत मुख्यमंत्री या मंत्री को गंभीर आपराधिक आरोपों में गिरफ्तारी और हिरासत की स्थिति में हटाया जा सके. इसलिए इस कानून की धारा 45 में संशोधन कर ऐसी स्थिति के लिए कानूनी प्रावधान करना जरूरी है. ये विधेयक उपरोक्त उद्देश्यों को प्राप्त करने का प्रयास करता है. संविधान का 130वां संशोधन संविधान (एक सौ तीसवां संशोधन) विधेयक, 2025 के उद्देश्यों में कहा गया है कि संविधान में भी ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि किसी मंत्री को गंभीर आपराधिक आरोपों में गिरफ्तारी और हिरासत की स्थिति में हटाया जा सके. इसलिए संविधान के अनुच्छेद 75, 164 और 239AA में संशोधन कर प्रधानमंत्री या केंद्रीय मंत्री और राज्यों व दिल्ली के मुख्यमंत्री या मंत्री को हटाने का प्रावधान करने की ज़रूरत है. वहीं, नए प्रावधानों के तहत यदि कोई मंत्री, जिसमें प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या राज्यों को मंत्री शामिल हैं को पांच साल या उससे अधिक की अवधि की सजा वाले अपराध के लिए लगातार 30 दिनों तक हिरासत में रखा जाता है तो उसे पद से हटाया जा सकता है. J&K पुनर्गठन अधिनियम में जोड़ा जाएगा खंड जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025 के उद्देश्यों में कहा गया है कि जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 (2019 का 34) में भी ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिसके तहत मुख्यमंत्री या मंत्री को गंभीर आपराधिक आरोपों में गिरफ्तारी और हिरासत की स्थिति में हटाया जा सके. इसलिए इसकी धारा 54 में संशोधन कर नया खंड (4A) जोड़ा जाएगा. 31वें दिन स्वत: हो जाएगा पदमुक्त इस खंड के अनुसार, यदि कोई मंत्री अपने कार्यकाल के दौरान लगातार 30 दिनों तक हिरासत में रहता है तो उसे 31 वें दिन मुख्यमंत्री की सलाह पर उपराज्यपाल द्वारा हटा दिया जाएगा. इसी क्रम में अगर मुख्यमंत्री द्वारा इस पर संज्ञान नहीं लिया जाता है तो अगले दिन वह मंत्री स्वत: पद से हट जाएगा. इसी तरह का तंत्र केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के लिए भी प्रस्तावित है, जहां हिरासत में लिए गए मंत्री या प्रधानमंत्री को लगातार 30 दिनों की हिरासत के 31वें दिन हटा दिया जाएगा. प्रतिनिधियों में जनता के विश्वास पर जोर विधेयक के उद्देश्य और कारणों के विवरण में संवैधानिक नैतिकता की रक्षा और निर्वाचित प्रतिनिधियों में जनता के विश्वास को बनाए रखने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया गया है. इसमें कहा गया है कि निर्वाचित नेता लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं का प्रतीक हैं, लेकिन वर्तमान में संविधान में किसी ऐसे प्रधानमंत्री या मंत्री को हटाने का कोई प्रावधान नहीं है जो गंभीर आपराधिक आरोपों में गिरफ्तार और हिरासत में हो. विवरण में ये भी कहा गया है कि ये अपेक्षा की जाती है कि पद पर आसीन मंत्रियों का चरित्र और आचरण किसी भी संदेह से परे हो.गंभीर आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे, गिरफ्तार और हिरासत में लिए गए मंत्री संवैधानिक नैतिकता और सुशासन के सिद्धांतों को बाधित या अवरुद्ध कर सकते हैं, जिससे जनता द्वारा उनमें रखा गया संवैधानिक विश्वास कमजोर हो सकता है.

छत्तीसगढ़: राजभवन में तीन नए मंत्रियों ने ली शपथ, राज्यपाल रमेन डेका ने दिलाई गोपनीयता की शपथ

राज्यपाल रमेन डेका ने सर्वगजेन्द्र यादव, राजेश अग्रवाल और गुरु खुशवंत साहेब को मंत्री पद की शपथ दिलाई छत्तीसगढ़: राजभवन में तीन नए मंत्रियों ने ली शपथ, राज्यपाल रमेन डेका ने दिलाई गोपनीयता की शपथ सर्वगजेन्द्र यादव, राजेश अग्रवाल और गुरु खुशवंत साहेब बने मंत्री, राज्यपाल ने दिलाई शपथ राज्यपाल डेका ने दिलाई मंत्रियों को शपथ, राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह सम्पन्न रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने आज राजभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में सर्वगजेन्द्र यादव, राजेश अग्रवाल एवं गुरू खुशवंत साहेब को मंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री द्वय अरुण साव एवं विजय शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मंत्रीपरिषद के सदस्यगण, विधायकगण, जनप्रतिनिधिगण तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने किया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना भी उपस्थित थे।

CM ने किया बड़ा ऐलान: एमपी में किसानों को जल्द मिलेगा 5.60 लाख टन यूरिया

भोपाल  एमपी में यूरिया की जबर्दस्त कमी है। इसके लिए प्रदेशभर के किसान परेशान हो रहे हैं। छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, रीवा जैसे जिलों में खाद के लिए किसान रात 3 बजे से लाइन में लग रहे हैं तब भी मायूस होकर लौट रहे हैं। पिछले करीब एक महीने से यूरिया के लिए मारामारी मच रही है। किसानों ने इसके लिए धरना, प्रदर्शन, आंदोलन सब कुछ किया है पर यूरिया की जगह उन्हें सिर्फ़ आश्वासन और पुलिस की लाठियां मिल रहीं हैं। इससे प्रदेश के किसानों में खासी नाराजगी है। ऐसे माहौल में सीएम मोहन यादव का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने प्रदेश के किसानों के लिए 5.60 लाख मेट्रिक टन यूरिया जल्द उपलब्ध कराने का ऐलान किया है। प्रदेश के रीवा में कई दिनों के इंतजार के बाद सोमवार को खाद वितरण केन्द्र खुले तो किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। जिले के कई केन्द्रों में रात्रि के तीन बजे से ही लंबी लाइनें लग गई थी। बीते कई दिनों से कृषि सेवा सहकारी समितियां और डबल लॉक सेंटर में खाद नहीं मिल रही थी। कुछ दिन पहले आई एक रैक की खाद सभी डबललॉक सेंटर और 148 में केवल 42 समितियों में भेजा गया था। भाकियू के अध्यक्ष सुब्रतमणि त्रिपाठी बताते हैं कि किसानों के सामने बड़ा संकट है। सहकारी समितियों में खाद नहीं है, डबल लॉक में कई दिनों बाद आई। इसलिए भीड़ जमा हो गई। कई किसान दिनभर लाइन में लगे रहे फिर भी बिना खाद के लिए वापस लौटे हैं।   आंदोलन का ऐलान छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में भी यूरिया के लिए ऐसा ही हाहाकार मचा हुआ है। छिंदवाड़ा में कांग्रेस ने यूरिया के लिए आंदोलन का ऐलान किया है। इधर सरकार दावा कर रही है कि यूरिया की कोई कमी नहीं है, प्रदेश में पर्याप्त खाद है। हालांकि हकीकत यही है कि प्रदेशभर में किसान यूरिया के लिए तरस रहे हैं। 5.60 लाख मेट्रिक टन यूरिया प्राप्त होने की संभावना इस बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूरिया की उपलब्धता के संबंध में अहम बयान दिया। मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रियों को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश में 5.60 लाख मेट्रिक टन यूरिया प्राप्त होने की संभावना है। यह मात्रा आगामी डेढ़ माह में मिल जाएगी। डेढ़ माह में मिलेगा यूरिया सीएम डॉ. मोहन यादव ने बताया कि यूरिया का कुल भंडारण 15.60 लाख मेट्रिक टन है। इसमें से 13.92 लाख मेट्रिक टन यूरिया किसानों को वितरित की जा चुकी है और 1.68 लाख मेट्रिक टन यूरिया शेष है। सीएम ने बताया कि प्रदेश में मक्का का क्षेत्रफल करीब 5 लाख हेक्टेयर बढ़ जाने के कारण यूरिया की मांग बढ़ी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आगामी डेढ़ माह में 5.60 लाख मेट्रिक टन यूरिया प्राप्त होने की संभावना है।

केन्द्रीय मंत्री ने आदि कर्मयोगी मास्टर ट्रेनरों के प्रशिक्षण कार्यशाला का किया शुभारंभ

रायपुर : जिनका व्यक्तित्व और कर्तृत्व उत्कृष्ट है, उन्हें आने वाली पीढ़ी भी याद रखती हैं: केन्द्रीय जनजातीय मंत्री उइके जिनका व्यक्तित्व और कर्तृत्व उत्कृष्ट है, उन्हें आने वाली पीढ़ी भी याद रखती हैं: केन्द्रीय मंत्री ने आदि कर्मयोगी मास्टर ट्रेनरों के प्रशिक्षण कार्यशाला का किया शुभारंभ विकसित भारत की संकल्पना में छत्तीसगढ़ न रहे पीछे: मंत्री रामविचार नेताम राज्य के 28 जिलों के 138 विकासखंडो में संचालित होगा आदि कर्मयोगी अभियान 1.33 लाख आदि कर्मयोगी जनजातियों के विकास में बनेगी सहभागी   रायपुर केन्द्रीय जनजातीय मामले के मंत्री दुर्गादास उइके ने आज राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित आदि कर्मयोगियों के लिए राज्य स्तरीय उन्नमुखीकरण एवं जिला मास्टर टेªनर्स के चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। केन्द्रीय मंत्री उइके ने शुभारंभ सत्र को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमें केवल स्वहित के लिए ही नहीं, बल्कि परहित और विकास की राह में पीछे छूट गए लोगों के लिए संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए। ऐसे लोगों के लिए काम करने का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि जिनका व्यक्तित्व और कर्तृत्व उत्कृष्ट होता है, उन्हें आने वाली पीढ़ी याद रखती हैं। जिसके मन में मानवीय संवेदना का चिंतन होता है, वे सबको साथ लेकर चलते है, सबके विकास में सहभागी बनते हैं। उन्होंने कहा कि भोग, भौतिकी, पेट और प्रजनन के साथ ही मानवता के प्रति अपने मूल दायित्वों को भी प्राथमिकता के साथ पूरा करना चाहिए।  केन्द्रीय मंत्री उइके ने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि आदि कर्मयोगी को विशेष तौर पर यह ध्यान देना चाहिए कि जनजातीय संस्कृति और परंपरा को कायम रखते हुए उनके उत्पाद को उचित बाजार और अच्छा दाम मिले। इन वर्गों के कल्याण के लिए हम सबको पावन और पवित्र भाव से कार्य करना चाहिए। उन्होंने कार्यशाला में कहा कि वैश्विक भाव रखते हुए हमें विश्व भारती पर चिंतन करने की जरूरत है। साथ ही केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे यह भी ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि हम पिछड़े हुए वर्गों के विकास के लिए निच्छल भाव काम करेंगे तो अभियान को सफलता अवश्य मिलेगी।   आदिम जाति, अनुसूचित जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने आदि कर्मयोगी अभियान के प्रशिक्षण कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के परिकल्पना पर आदि कर्मयोगी अभियान प्रारंभ किए गए हैं। यह अभियान विकसित भारत की संकल्पना को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका समाएगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की संकल्पना में छत्तीसगढ़ पीछे न रहे इस उद्देश्य से संवेदनशीलता और समर्पण भाव से जनजातीय वर्गों के विकास में भागीदारी बनने की जरूरत है।  उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कल्पना एवं सोच से जनजातीय वर्गों की समस्याओं के निराकरण का राष्ट्रव्यापी अभियान चल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के ही परिकल्पना से पीएम जनमन एवं धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान संचालित हो रहे है, इससे राज्य के जनजातियों विशेषकर पिछड़े जनजातियों के विकास निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इस अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में भी जनजातीय बाहुल्य गांवों में बुनियादी अधोसंरचना और सुविधाओं में जो भी ‘क्रिटिकल गैप’ हैं, उनकी पहचान करेंगे। स्थानीय प्रशासन के माध्यम से इन कमियों को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। इससे हर ग्राम बुनियादी सुविधाओं से संतृप्त होगा। मंत्री नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आदि कर्मयोगी अभियान को 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2025 के मध्य जोर-शोर के साथ सेवा पर्व के रूप में संचालित करने का आह्वान किया है।  केन्द्रीय ट्राईफेड के प्रबंध संचालक हृदेश कुमार ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि सेवा समर्पण और संकल्प के भाव से आदि कर्मयोगी अभियान को आगे लेकर चलना है। पीएम जनमन एवं धरती आबा, ग्राम उत्कर्ष अभियान की तरह ही इस अभियान की सफलता के लिए समर्पण भाव होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ट्राईफेड की ओर छत्तीसगढ़ में जनजातीय वर्गों के विकास के लिए हर संभव सहयोग किया जाएगा। प्रमुख सचिव सोनमणी बोरा ने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान जनभागीदारी से सुशासन लाना है। उन्होंने कहा कि सेवा, समर्पण और संकल्प की भावना को आत्मसात करते हुए आजादी के अमृतकाल में वर्ष 2047 तक विकसित भारत की संकल्प को पूरा करने में सबकी सहभागिता जरूरी है। इस अभियान के तहत प्रदेश के 28 जिलों के 138 विकासखंडो में 1 लाख 33 हजार वॉलंटियर्स को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है, जिसे जनभागीदारी और जनजागरूकता के माध्यम से से पूर्ण किया जाना है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि हमें कर्मयोगी बनना है। सबकी सहभागिता से समाज के पिछड़े तबके के विकास के लिए भी हमें संवेदनशीलता के साथ काम करने की जरूरत है। गीता में भी कर्मयोगी, भक्तियोगी की महत्ता प्रतिपादित है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में धरती आबा और पीएम-जनमन जैसे संतृप्तिमूलक अभियानों की भी शुरुआत की गई है, जिनके अंतर्गत आदिवासी बाहुल्य ग्रामों एवं पीवीटीजी बस्तियों में आवास, पक्की सड़कें, जलापूर्ति, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।  आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर ने प्रशिक्षण के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आदि कर्मयोगी अभियान रेस्पॉन्सिव गवर्नेंस प्रोग्राम के तहत रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के जिला स्तरीय प्रशिक्षणार्थियों को पहले चरण में 11 से 14 अगस्त तक मास्टर ट्रेनरों द्वारा विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। वहीं बस्तर और सरगुजा संभाग के प्रशिक्षणार्थियों को 18 से 21 अगस्त तक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर ब्लॉक स्तर और ग्रामीण स्तर पर आदि सहयोगी व आदि साथी को प्रशिक्षित करेंगे। इन्हीं प्रशिक्षित आदि कर्मयोगियों द्वारा जनजातियों के घर-घर जाकर एवं उनसे चर्चा कर उन्हें समाज की मुख्य धारा में जोड़ने एवं उनके विकास की दिशा में कार्य करेंगे। प्रशिक्षण कार्यशाला में बस्तर और सरगुजा संभाग के प्रशिक्षाणर्थी शामिल थे।

रायपुर: स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया और आयुक्त चिकित्सा शिक्षा ने अम्बेडकर अस्पताल के नव निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया

रायपुर : स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया एवं आयुक्त चिकित्सा शिक्षा ने किया अम्बेडकर अस्पताल के प्रस्तावित नव निर्माण स्थलों का निरीक्षण रायपुर: स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया और आयुक्त चिकित्सा शिक्षा ने अम्बेडकर अस्पताल के नव निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया अम्बेडकर अस्पताल के प्रस्तावित निर्माण स्थलों का जायजा, स्वास्थ्य सचिव और आयुक्त ने किया निरीक्षण स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया एवं आयुक्त चिकित्सा शिक्षा ने किया अम्बेडकर अस्पताल के प्रस्तावित नव निर्माण स्थलों का निरीक्षण रायपुर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और भी बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार ठोस प्रयास किये जा रहे हैं। इसी तारतम्य में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा मंत्रालय में अंबेडकर अस्पताल के नवनिर्माण कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया था। इसी के तारतम्य में आज स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया एवं आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी ने अम्बेडकर अस्पताल परिसर के विभिन्न प्रस्तावित निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ट्रॉमा केयर सेंटर एवं क्रिटिकल केयर यूनिट के प्रस्तावित स्थलों का जायजा लिया तथा स्थल के चयन एवं उसकी उपयोगिता पर अम्बेडकर अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों व निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों से चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने एकीकृत मातृ-शिशु अस्पताल के प्रस्तावित स्थल का भी अवलोकन किया।  अधिकारियों ने आगामी निर्माण कार्यों और विशेष रूप से 700 बेड क्षमता वाले एकीकृत अस्पताल के कार्य की प्रगति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। स्वास्थ्य सचिव ने संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज रायपुर के डीन डॉ. विवेक चौधरी, अम्बेडकर अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर, लोक निर्माण विभाग एवं सीजीएमएससी के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

किसानों को अब तक 3.37 लाख मीट्रिक टन यूरिया खाद का वितरण: मंत्री केदार कश्यप

रायपुर : कम स्टॉक वालें जिलों में प्राथमिकता के साथ यूरिया खाद के उपलब्धता सुनिश्चित हो: मंत्री केदार कश्यप किसानों को अब तक 3.37 लाख मीट्रिक टन यूरिया खाद का वितरण: मंत्री केदार कश्यप सहकारिता मंत्री ने विभागीय काम-काज की समीक्षा की, सहकारी समितियों में 30 हजार 442 टन यूरिया शेष रायपुर सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने आज मंत्रालय महानदी भवन में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर खाद-बीज वितरण एवं भंडारण  की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में कहा कि राज्य के किसानों को सुविधा के अनुरूप खाद-बीज उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है। डीएपी खाद की कमी को देखते हुए यूरिया और एनपीके खाद की निर्धारित लक्ष्य में बढ़ोत्तरी भी की गई है। मंत्री कश्यप ने कहा कि किसानों को समय पर रासायनिक खाद उपलब्ध कराने कम स्टॉक वाले जिलों में प्राथमिकता के साथ यूरिया खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।   बैठक में अधिकारियों ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025 में यूरिया खाद हेतु 4.53 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। समितियों में 3.67 लाख मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है एवं भंडारण के विरूद्ध प्रदेश के किसानों को 3.37 लाख मीट्रिक टन यूरिया खाद का वितरण किया गया है। सहकारी समितियों में वर्तमान में 30 हजार 442 टन यूरिया खाद शेष है तथा विपणन संघ ने 12 हजार 119 टन यूरिया खाद उपलब्ध है।  अधिकारियों ने बताया कि महासमुंद, बालोद, राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, कोण्डागांव, कांकेर, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, कोरबा, सांरगढ़-बिलाईगढ़, रायगढ़ और सक्ती जिलों में यूरिया खाद का स्टॉक कम है। मंत्री कश्यप ने कहा कि इस वर्ष डीएपी एवं एनपीके खाद की आपूर्ति में कमी को ध्यान में रखते हुए आगामी खरीफ सीजन में रासायनिक खाद की अग्रिम भंडारण ज्यादा से ज्यादा मात्रा में सुनिश्चित किया जाए, जिससे राज्य में किसानों को उनकी मांग के अनुरूप रासायनिक खाद उपलब्ध कराया जाए।  गौरतलब है कि सहकारिता के अंतर्गत इस वर्ष 10.72 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद वितरण का लक्ष्य रखा गया है। 18 अगस्त 2025 की स्थित में 8.14 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद का भंडारण हो चुका है, जिसके विरूद्ध अभी तक 7.34 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद का वितरण किया जा चुका है तथा सहकारी समितियों में 69 हजार 562 टन रासायनिक खाद शेष है। इसी तरह इस वर्ष 4.42 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज भंडारित कर 4.07 लाख क्विंटल बीज किसानों को वितरित किए जा चुके है। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि किसानों को इस वर्ष 7 हजार 800 करोड़ रूपए अल्पकालीन कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है। लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 14.30 लाख किसानों को 6 हजार 366 करोड़ रूपए के अधिक की अल्पकालीन ऋण राशि वितरित की जा चुकी है।  मंत्री कश्यप ने बैठक के दौरान आगामी 23 और 24 अगस्त को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय बुनकर अधिवेशन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को जोरशोर के साथ सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए। मंत्री कश्यप ने बताया कि इस राष्ट्रीय अधिवेशन में 28 प्रदेशों के 650 से अधिक के जिलों में दक्ष प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे। वहीं देश भर के 1200 से अधिक सहकारी कुशल बुनकर प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।  बैठक में अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, पीसीसीएफ अनिल साहू, अपेक्स बैंक के एमडी के.एन. कांडे, राज्य हाथकरघा विपणन एवं व्यापार संघ के एमडी सहित अन्य संबंधित अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। 

सरकार का संकल्प: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित

रायपुर : ग्रामीण से शहरी क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार दृढ़संकल्पित– साय सरकार का संकल्प: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित मुख्यमंत्री साय ने अत्याधुनिक ओ-एआरएम विथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नेविगेशन मशीन का किया शुभारंभ रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित नारायणा हॉस्पिटल में स्पाइन चिकित्सा हेतु अत्याधुनिक ओ-एआरएम विथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नेविगेशन मशीन का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मात्र 20 माह के इस अल्प समय में राज्य सरकार ने गांव से लेकर शहरों तक स्वास्थ्य क्षेत्र की बुनियादी व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया है। इसका परिणाम है कि हमारे स्वास्थ्य केंद्रों को लगातार उच्च स्तरीय गुणवत्ता प्रमाण पत्र प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ एवं अंबिकापुर में 100-100 बिस्तरों वाले नए अस्पतालों की स्थापना हेतु देश की प्रतिष्ठित संस्था अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के साथ एमओयू किया गया है। आम जनता को सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए शासन लगातार प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से 5 लाख रुपये तक की निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। पहले ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए किसानों को खेत बेचने और कर्ज लेने की स्थिति आ जाती थी, परंतु आज आयुष्मान कार्ड के माध्यम से बड़े से बड़े अस्पताल से लेकर छोटे अस्पताल तक में निःशुल्क इलाज संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए वेलनेस सेंटरों के संचालन और जेनरिक दवाइयों की उपलब्धता बढ़ाने पर विशेष जोर दे रहे हैं, ताकि लोगों को अधिक खर्च न उठाना पड़े। मुख्यमंत्री साय ने अत्याधुनिक ओ-एआरएम विथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नेविगेशन मशीन की स्थापना के लिए नारायणा हॉस्पिटल को बधाई दी। उन्होंने कहा कि निश्चित ही इसका लाभ केवल छत्तीसगढ़ के मरीजों को ही नहीं, बल्कि आसपास के राज्यों से उपचार हेतु आने वाले मरीजों को भी मिलेगा। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और नारायणा हॉस्पिटल में शुभारंभ हुई इस अत्याधुनिक मशीन के लिए पूरी टीम को बधाई दी। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा,  विधायक किरण देव, मोती लाल साहू, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, वरिष्ठ डॉक्टर डॉ. सुब्बीर मुखर्जी, नारायणा हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. सुनील खेमका सहित हॉस्पिटल समूह के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

दिल्ली में स्कूल सुरक्षा संकट, 50 स्कूलों को धमकी मिलने पर टीम ने जांच शुरू की

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली के स्कूलों को फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली है. जानकारी के मुताबिक, मालवीय नगर के एक स्कूल, करोल बाग के अन्य स्कूलों समेत 50 से ज्यादा स्कूलों को ई-मेल के जरिए धमकी दी गई है. हौज रानी और प्रसाद नगर में आंध्रा स्कूल को भी बम से उड़ने की धमकी भरे मेल भेजे गए हैं. अभी दो दिन पहले ही 32 स्कूलों को धमकी दी गई थी. दिल्ली में आज ही 50 से ज़्यादा स्कूलों को बम की धमकी वाले ईमेल मिले हैं. जांच में कभी कुछ नहीं निकला दिल्ली पुलिस की टीम डॉग स्क्वायड की टीम बम डिस्पोजल टीम और फायर विभाग की टीम स्कूलों में पहुंचकर तलाश कर रही है. खबर लिखे जाने तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है. इससे पहले 18 अगस्त को द्वारका में दो स्कूल और एक कॉलेज को बम की धमकी मिली थी, जिसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर स्कूल को खाली कराया गया. इनमें दिल्ली पब्लिक स्कूल, द्वारका भी शामिल है.  मौके पर पुलिस और बम निरोधक दस्ते को तलाशी के लिए बुलाया गया था. जानकारी के मुताबिक, स्कूलों को मेल करके बम से उड़ाने की धमकी दी गई. पुलिस मौके पर पहुंच चुकी है. फायर डिपार्टमेंट को 7 बजकर 24 मिनट पर इसकी जानकारी मिली. सूत्रों के मुताबिक खबर लिखे जाने तक जांच में कुछ नहीं मिला है. इससे पहले भी दिल्ली के कई स्कूलों को धमकी मिली है, लेकिन जांच के बाद आजतक कुछ भी सामने नहीं आया है. 16 जुलाई को भी मिली थी धमकी  इससे पहले भी 16 जुलाई को राजधानी दिल्ली में स्कूलों और कॉलेजों को बम से उड़ाने की धमकियां मिली थी. 16 जुलाई को पांच स्कूलों को बम की धमकियां दी गई थी, जो द्वारका, पश्चिम विहार और हौज खास में स्थित थीं. इन धमकियों से छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों में दहशत है. हैरानी की बात यह है कि ये धमकियां ईमेल के जरिए भेजी जा रही हैं, जिन्हें लेकर दिल्ली पुलिस और बम निरोधक दस्ते सतर्क हो गए हैं.

इंदौर में जर्मन प्रतिनिधिमंडल: नवाचार और निवेश के नए अवसर खुलने की संभावना

मध्यप्रदेश ग्लोबल स्टार्टअप एक्सचेंज प्रोग्राम-2025 इंदौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में विदेशी निवेश और नवाचार को प्रोत्साहन देने के प्रयासों को नया आयाम मिला है। गुजरात इंडस्ट्रियल इंवेस्टमेंट कार्पोरेशन के नेतृत्व एवं एमपीआईडीसी और आईएम ग्लोबल के सहयोग से जर्मनी की पाँच अग्रणी टेक कंपनियों का प्रतिनिधिमंडल "मध्यप्रदेश ग्लोबल स्टार्टअप एक्सचेंज प्रोग्राम-2025" में शामिल हुआ। प्रतिनिधि मंडल 18 से 22 अगस्त तक इंदौर और भोपाल के दौरे पर रहेगा। प्रतिनिधिमंडल ने  इनोवेशन लैब्स का भ्रमण किया, जहाँ उन्होंने एआई, डेटा एनालिटिक्स, आईओटी एवं एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर परियोजनाओं का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया। शुरुआत डिजाइन थिंकिंग वर्कशॉप से हुई, जिसमें नवाचार एवं समस्या समाधान पर गहन चर्चा हुई। जिसमें मध्यप्रदेश एवं वैश्विक उद्यमों ने अपने अभिनव उत्पादों और तकनीकी समाधानों का प्रदर्शन किया तथा अंतर्राराष्ट्रीय विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया। "Collaborating on Product Innovation" पर इंटरैक्टिव राउंडटेबल और द्विपक्षीय बैठकें एमपीआईडीसी में हुईं। कार्यकारी निदेशक आईएएस हिमांशु प्रजापति एमपीआईडीसी इंदौर ने राउंडटेबल सत्र का नेतृत्व करते हुए कहा कि सरकार अंतरराष्ट्रीय साझेदारी, तकनीकी सहयोग एवं एंटरप्राइज विकास में सक्रिय और प्रेरक भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि आज का दिन मध्यप्रदेश और जर्मनी के प्रमुख AI एवं IoT इनोवेटर्स के बीच साझेदारी की नई शुरुआत का प्रतीक है। प्रजापति ने कहा कि समय अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह स्पष्ट है कि भारत में डेटा का डिजिटलीकरण अभी आरंभिक अवस्था में है, तथा डेटा की पुनरावृत्ति (data duplicity) दीर्घकाल में दक्षता को प्रभावित करती है। इसी कारण भारत आज AI और डेटा-आधारित प्रक्रियाओं के एकीकरण पर विशेष बल दे रहा है। ऐसे समय में आपका भारत आना अत्यंत अवसरपूर्ण है। प्रजापति ने यह भी विशेष रूप से रेखांकित किया कि इंदौर में ऑपरेटिंग कॉस्ट अन्य मेट्रो शहरों की तुलना में कहीं कम है, वहीं शहर की लिवेविलिटी उद्यमियों और निवेशकों को यहाँ काम करने के लिए और भी आकर्षक बनाती है। प्रजापति ने यह भी उल्लेख किया कि जर्मन कंपनियों द्वारा विकसित अभिनव उत्पाद और भारत चाहे वह सरकार हो अथवा उद्योग की आवश्यकताओं में अद्भुत सामंजस्य एवं संभावित सामंजस्य (synchronization & synergies) निहित है। यही कारण है कि यह दौरा दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी का मार्ग प्रशस्त करेगा। इस कार्यक्रम में 50 से अधिक उद्यमियों ने भागीदारी की, जिनमें इंदौर के अग्रणी स्टार्टअप्स भी शामिल रहे। सावन लढ्डा (वर्की) , नीलेश माहेश्वरी (एमोर्फिस टेक्नोलॉजीज), सुपूजा माहेश्वरी (समग्र टेक) और राज सिंह सेंगर (टेक्नोमेंसी) ने अपने इनोवेशन मॉडल्स और तकनीकी समाधानों तथा जर्मन कंपनियों के साथ संभावित सहयोग पर चर्चा की। जर्मन प्रतिनिधिमंडल की प्रतिक्रिया प्रतिनिधिमंडल में शामिल Tilers, Halonic, Stax, Q-Connect AG और Cloud Squid जैसी अग्रणी कंपनियों ने इस कार्यक्रम को सकारात्मक और उपयोगी अनुभव बताया। उनके अनुसार भारतीय उद्यमी पारिस्थितिकी तंत्र की गतिशीलता, नवाचार क्षमता और अवसरों की प्रचुरता अत्यंत प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि भारत का उद्यमी माहौल, युवा प्रतिभा और तकनीकी नवाचार उन्हें अत्यधिक प्रभावित किया। प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से इंदौर को नवाचार का उभरता हुआ केंद्र मानते हुए यहाँ अपना टेक्नोलॉजी/इनोवेशन सेंटर स्थापित करने में गहरी रुचि दिखाई और इसके लिए एमपीआईडीसी के साथ आगे की समन्वय प्रक्रिया पर सहमति व्यक्त की। सांध्यकालीन कार्यक्रम प्रतिनिधिमंडल ने इंदौर के प्रमुख पर्यटन स्थलों-राजवाड़ा पैलेस, लालबाग पैलेस और सराफा बाजार का भ्रमण किया और स्थानीय संस्कृति एवं उपभोक्ता बाजार की विशेषताओं का अनुभव प्राप्त किया।