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टीम इंडिया के चयन पर दिग्गज का सवाल, 1983 वर्ल्ड कप विजेता बोले- हैरान करने वाले फैसले

नई दिल्ली एशिया कप के लिए टीम इंडिया के स्क्वाड पर 1983 वर्ल्ड कप के हीरो मदन लाल ने हैरानी जताई है। उन्होंने कहा कि कुछ खिलाड़ियों के शामिल नहीं किए जाने से उन्हें आश्चर्य है। उन्होंने हार्दिक पांड्या पर भी चयन समिति पर सवाल उठाए। हालांकि उन्होंने साथ में यह भी कहा कि भारतीय टीम एशिया कप जीत सकती है। बातचीत में पूर्व चयनकर्ता मदन लाल ने कहा, 'कभी-कभी आप यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ियों के शामिल नहीं किए जाने पर हैरान महसूस करते हैं…मुझे नहीं पता हार्दिक पांड्या को क्यों हटाया गया।' उन्होंने आगे कहा, ‘लेकिन गिल एक अच्छी पसंद हैं क्योंकि वह बढ़िया प्रदर्शन कर रहे हैं। आने वाले समय में यह संभव है कि गिल तीनों ही फॉर्मेट में खेलेंगे…वे खिलाड़ी जो मैच जिताते हैं, उन्हें बाहर नहीं किया जाना चाहिए…हमारे पास इतनी अच्छी टीम है कि हम एशिया कप जीत सकते हैं।’ मदन लाल ने भले ही कहा कि हार्दिक पांड्या को क्यों हटाया गया, लेकिन वह एशिया कप के स्क्वाड का हिस्सा हैं। पूर्व चयनकर्ता का इशारा पांड्या को उपकप्तान नहीं बनाए जाने की तरफ था। वैसे भी ऑलराउंडर को पहले ही उपकप्तानी से हटा दिया गया था और पिछली सीरीज में अक्षर पटेल इस भूमिका में थे। पांड्या ने 2024 के वर्ल्ड कप में उपकप्तानी की थी। एशिया कप के लिए ये जिम्मेदारी शुभमन गिल को मिली है। यशस्वी जायसवाल 15 खिलाड़ियों के स्क्वाड में नहीं हैं, लेकिन उन्हें रिजर्व खिलाड़ी के तौर पर रखा गया है। अजीत अगरकर की अगुआई वाली चयनसमिति ने मंगलवार को एशिया कप के लिए 15 सदस्यों वाले भारतीय दल का ऐलान किया। यशस्वी जायसवाल को इसमें जगह नहीं मिली। इसी तरह चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की जीत के हीरो और टूर्नामेंट में टीम के टॉप स्कोरर रहे श्रेयस अय्यर को भी नजरअंदाज किया गया। अय्यर ने आईपीएल 2025 और पिछले साल घरेलू सीजन में भी जबरदस्त प्रदर्शन किया था। जायसवाल को तो स्क्वाड में जगह नहीं मिली लेकिन रिजर्व खिलाड़ियों की लिस्ट में उन्हें जरूर रखा गया है। दूसरी तरफ अय्यर को रिजर्व खिलाड़ी के लायक भी नहीं समझा गया। इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं।  

उज्जैन से दिल्ली जा रही बस शिवपुरी में दुर्घटनाग्रस्त, 20 यात्री घायल

 शिवपुरी  देहात थानांतर्गत ग्राम रायश्री के निकट गुरुवार अल सुबह एक यात्री बस सड़क पर लगे लोहे के पोल से टकरा गई। हादसे में बस में सवार यात्रियों में से 20 यात्री घायल हो गए। घायलों में चार की हालत नाजुक बनी हुई है। उन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। शिवपुरी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार मां वैष्णो ट्रेवल्स की यात्री बस बुधवार की रात करीब 8:30 बजे यात्रियों को लेकर उज्जैन से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। इसी दौरान गुरूवार की अल सुबह करीब 4:30 बजे यात्री बस यात्री बस अनियंत्रित होकर सड़क पर लगे पोल से टकरा गई। हादसे में बस चालक सहित कुल 20 यात्री घायल हो गए। घायलों में शामिल गंभीर रूप से घायल चार लोगों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है। घायलों में ये लोग हैं शामिल बस चालक बृजभूषण पुत्र श्रीलाल शर्मा, पूजा पत्नी सुमित शर्मा उम्र 38 साल, अनामिका पुत्र राजेंद्र पाठक उम्र 38 साल, प्रदीप पुत्र जगदीश उम्र 24 साल, आरती पत्नी दिनेश तोमर उम्र 45 साल, मेघा पत्नी शुभम कश्यप उम्र 29 साल, शुभम पुत्र मोहनलाल कश्यप उम्र 31 साल, भावना पत्नी धर्मेन्द्र पाटीदार उम्र 33 साल, सुशीला पत्नी मोहन पाटीदार उम्र 53 साल, जया पत्नी प्रदीप पाटीदार उम्र 27 साल, कविता पत्नी प्रकाश उम्र 33 साल, राकेश पुत्र ब्रजमोहन जाटव उम्र 32 साल, मुन्नालाल पुत्र रामचरण उम्र 62 साल, अक्षत सिंह पुत्र वासुदेव सिकरवार, मनोरमा पत्नी मुन्नालाल उम्र 50 साल, दिनेश पुत्र राजेश उम्र 47 साल, महेश पुत्र गेंदालाल पाटीदार उम्र 59 साल, सतवीर पुत्र ब्रजपाल उम्र 26 साल, रूपेश पुत्र प्रकाश चंद्र उम्र 45 साल, रैवर पुत्र मोहम्मद रफीक खान उम्र 26 साल शमिल हैं। क्लीनर चला रहा था बस देहात थानांतर्गत ग्राम रायश्री के पास घटित हुए सड़क हादसे के कारणों को जानने के लिए जब घायल यात्रियों से बात करने का प्रयास किया तो नईदुनिया को घटना का एक चश्मदीद यात्री रणधीर सिंह निवासी हाथरस उप्र मिला। रणधीर के अनुसार वह करीब पौने चार बजे बाथरूम करने के लिए उठे थे। बाथरूम करने के बाद वह 15 मिनट बस के ड्रायवर के पास बैठे रहे। उन्होंने देखा कि बस का चालक बोनट पर सो रहा था, जबकि बस का क्लीनर बस चला रहा था। बकौल रणधीर इसी दौरान उसने बस को कच्चे रास्ते पर उतार दिया। इस पर उसने बस चला रहे दिनेश को टोका। इसके बाद दिनेश बस के चालक को जगाता रहा परंतु वह नहीं जागा। इस वजह से वही गाड़ी को करीब 50-60 की स्पीड पर चलाता रहा। रणधीर के अनुसार करीब 4:10 मिनट पर एक्सीडेंट हो गया। वही बस में सवार क्लीनर दिनेश के भाई मुकेश का कहना है कि वह स्लीपर पर बच्चे के साथ सो रहा था। अचानक से बस ब्रेकर जैसी किसी चीज से उचकी और पोल पर जा टकराई। यही बात बस में सवार एक अन्य महिला यात्री ने भी बताई कि बस अचानक से उचकी और पोल पर जा टकराई। ऐसे में यह प्रतीत हो रहा है कि बस चला रहा व्यक्ति बस पर नियंत्रण नहीं कर पाया और इसी कारण बस दुर्घटना ग्रस्त हुई। अगर पुल की दीवार नहीं होती तो 50 फीट गहराई में गिरती बस जिस जगह बस का एक्सीडेंट हुआ है और बस पोल से टकराई है, उस जगह पर पुल बना हुआ था। बस पुल पर बनाई गई ऊंची दीवार के सहारे जाकर टकरा गई। अगर पुल की दीवार नहीं होती तो, निश्चित तौर पर बस हाईवे से नीचे करीब 50 फीट की गहराई में जाकर गिरती। ऐसे में यह हादसा बहुत बड़ा भी हो सकता था। दिनेश की पत्नी की हालत भी नाजुक जिस समय हादसा घटित हुआ, उस समय बस में बस चला रहे दिनेश की गर्भवती पत्नी आरती तोमर निवासी झुंझुनु राजस्थान भी सवार थी। हादसे के साथ ही वह काफी तेजी के साथ उचट कर फिकी। ऐसे में उसके पेट में काफी तेज दर्द होने लगा। इसके अलावा उसकी रीढ़ की हड्डी में भी गंभीर चोट आई है। उसकी हालत भी नाजुक बताई जा रही है।

अपोलो अस्पताल में पूर्व सांसद कर्नल सोनाराम ने तोड़ा दम, राजनीतिक जगत में शोक की लहर

 बाड़मेर बाड़मेर-जैसलमेर के पूर्व सांसद और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कर्नल सोनाराम चौधरी का बुधवार को निधन हो गया। कल देर रात दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। सोनाराम आखिरी समय तक सक्रिय राजनीति में जुड़े रहे। सेना में कर्नल पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और मारवाड़ की राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई। आज उनका शव सुबह 11:30 बजे एयरबेस उत्तरलाई हवाई मार्ग से लाकर बाड़मेर में उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद उनके पैतृक गांव मोहनगढ़ में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। कर्नल सोनाराम 1996, 1998, 1999 और 2014 में बाड़मेर-जैसलमेर से सांसद चुने गए। इसके अलावा 2008 से 2013 तक वे राजस्थान विधानसभा के सदस्य भी रहे। 2004 के चुनाव में उन्हें मानवेंद्रसिंह जसोल से हार का सामना करना पड़ा था। साल 2014 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा और चौथी बार सांसद बने। हालांकि 9 साल बाद 2023 में वे दोबारा कांग्रेस में लौट आए और गुड़ामलानी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा। उन्होंने एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज, जोधपुर से बीई की डिग्री ली थी। 1966 में वे भारतीय सेना में शामिल हुए और 1971 के भारत-पाक युद्ध में पूर्वी मोर्चे पर अहम भूमिका निभाई। सेना में 25 साल की सेवा के बाद 1994 में उन्होंने सेवानिवृत्ति ली और राजनीतिक पारी शुरू की। कर्नल चौधरी के निधन से मारवाड़ और राजस्थान की राजनीति को गहरी क्षति हुई है।

झारखंड से ऑपरेट हो रहा था ऑनलाइन ठगी गैंग, दो आरोपी चढ़े हत्थे

अलवर राजस्थान की अलवर पुलिस ने साइबर संग्राम अभियान के तहत साइबर अपराधियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले दो युवकों को झारखंड में दबिश देकर गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी नरेश शर्मा ने बताया कि पीड़ित द्वारा थाना कोतवाली में दी गई रिपोर्ट में शिकायत की गई थी कि 95,700 रुपये ऑनलाइन साइबर फ्रॉड के जरिए खाते से निकाल लिए गए। रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व वृत्ताधिकारी की देखरेख में थाना अधिकारी कोतवाली के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। साइबर फ्रॉड झारखंड से ऑपरेट किया जा रहा था जांच के दौरान मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल और बैंक खातों की जानकारी जुटाई गई। तकनीकी जांच में सामने आया कि यह साइबर फ्रॉड झारखंड से ऑपरेट किया जा रहा था। यानी ये ठग झारखंड में बैठ कर लोगों को ठग रहे थे।पुलिस टीम तकनीकी जानकारी के आधार पर झारखंड पहुंची और टीम ने वहां दबिश देकर आरोपी कुमार गौरव ओर ओमप्रकाश यादव को गिरफ्तार कर लिया। झारखंड में बैठकर साइबर फ्रॉड कर रहे इन आरोपियों के बैंक खातों में करोड़ों रुपये का लेन-देन पाया गया है। पुलिस पड़ताल जारी पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। पुलिस के अनुसार इस साइबर फ्राड के मामले में केवल ये दो ही आरोपी शामिल नही है।बल्कि एक पूरी गैंग काम कर रही है और पुलिस गैंग के बाकी साइबर ठगों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है और जांच के बाद उनका भी जल्द पता चल जायेगा। पुलिस इनसे पूछताछ कर यह भी जानकारी जुटा रही है कि अब तक कितने लोगों के साथ ये अपराधी इस तरह की ठगी कर चुके है ओर कितनी रकम का इन आरोपियों ने हेरफेर किया है। पुलिस ने इनको कोर्ट में भी पेश कर पूछताछ हेतु पीसी रिमांड पर लिया गया है। रिमांड अवधि में इन दोनों से गहन पूछताछ की जा रही है और पूछताछ में इनके द्वारा करोड़ो के लेनदेन की जानकारी अभी तक मिली है।

मोहन सरकार की सख्ती, भोपाल में मछली परिवार की कोठी पर चलेगा बुलडोजर

भोपाल प्रदेश की राजधानी भोपाल में मछली परिवार की अवैध संपत्तियों को ध्वस्त किया जा रहा है. जिनके सदस्यों पर 'लव जिहाद' और ड्रग सिंडिकेट चलाने के आरोप लगे हैं.राजधानी भोपाल में लव जिहाद और छात्र-छात्राओं को ड्रग्स सप्लाई करने के मामले में घिरे रसूखदार मछली परिवार पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है। गुरुवार को मछली परिवार का रसूख कही जाने वाली तीन मंजिला कोठी को जमींदोज करने भारी पुलिस बल के साथ प्रशाशन के अधिकारी पहुंचे। स्थानीय लोगों ने मछली परिवार के साथ मिलकर भारी हंगामा किया, स्थिति तनाव की बनी हुई है। करीब छह हजार वर्ग फीट में तीन मंजिला कोठी का निर्माण तीन दशक पहले किया गया था। अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीन की कीमत 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है। विवाद को देखते हुए यहां सुबह से ही बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।  मोहन सरकार के निर्देश पर आज कोकता हथाईखेड़ा में जिला प्रशासन और पुलिस बल मौके पर पहुंच चुका है. मछली परिवार की अवैध संपत्तियों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जा रही है, जिनके सदस्यों पर लव जिहाद और ड्रग सिंडिकेट के गंभीर आरोप हैं. इससे  कुछ दिन पहले मछली परिवार के अवैध रूप से बने फार्म हाउस को ध्वस्त किया गया था और अब मछली परिवार की एक प्रमुख संपत्ति को कड़ी सुरक्षा के बीच जमींदोज किया जा रहा है.  सुप्रीम कोर्ट ने एक गाइडलाइन जारी की थी। इसके तहत रिहायशी इलाकों में बिना पूर्व सूचना के कार्रवाई नहीं की जा सकती है। इस गाइडलाइन को देखते हुए प्रशासन ने कार्रवाई को कुछ दिनों के लिए रोक दिया था। साथ ही प्रशासन ने सारिक मछली और उसके भाइयों को कोठी खाली करने के लिए नोटिस जारी किया था। बताया जा रहा है कि मछली परिवार सुनवाई के दौरान कोठी और जमीन से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके पहले आरोपियों के कोकता में बने कारखाना, मदरसा, फार्म हाउस, मुर्गी फार्म, वेयर हाउस को जमींदोज करने की कार्रवाई की गई थी। उस समय सौ करोड़ रुपये जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया था, जो प्रदेश की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। सुबह तक कार्रवाई को रखा गोपनीय जानकारी अनुसार कागजों में पूरी तरह पुख्ता होने के बाद गुरुवार को कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। इसके पहले बुधवार देर रात तक अफसरों के बीच बैठकें हुईं। इस दौरान अवैध निर्माणों को तोड़ने की रणनीति तैयार की गई। इसे पूरी तरह गोपनीय रखा गया। गुरुवार को कोठी पर एक्शन के लिए कोकता पुलिस चौकी पर तीनों ही विभागों का अमले को बुलाया गया। यहां से मौके पर टीम के पहुंचते ही कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान अफसरों के मोबाइल की घंटियां बराबर बजती रहीं। खबर लिखे जाने तक निर्माणों को ढहाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। कोठी से था मछली परिवार का रसूख   बताया जा रहा है कि मछली परिवार का यहां खासा दबदबा है। सरकारी जमीन होने के बाद भी यहां मनचाहा निर्माण किया गया। करीब छह हजार वर्ग फीट जमीन पर बनी तीन मंजिला कोठी इस परिवार की शान थी। यहां नेता से लेकर अफसरों तक का आना-जाना था। कोठी से ही परिवार पूरी गतिविधियां संचालित करता था। इन लोगों ने रेस्टोरेंट, शॉपिंग काम्प्लेक्स, मदरसा, शादी हॉल, मैरिज गार्डन, फार्म हाउस सहित कई अन्य निर्माण कर लिए थे। फार्म हाउस में बड़ी-बड़ी पार्टियां आयोजित होती थीं, जिसमें बड़ी-बड़ी हस्तियां भी शिरकत करती थीं। इस परिवार का रसूख इतना था कि कभी इनके इन अवैध निर्माणों की जांच तक नहीं हुई। लव जिहाद और ड्रग्स का मामला सामने आने के बाद एक-एक कर इनके द्वारा खड़ी की गई इमारतों को जमींदोज कर दिया गया। साथ ही तीन-चार दशकों से चला आ रहा रसूख भी मिट्टी में मिल गया। अभी तक मछली की इन प्रॉपर्टी पर हुई कार्रवाई     शकील अहमद पिता शरीफ अहमद का फार्म हाउस अनंतपुरा कोकता     सारिक पिता शरीफ अहमद का वेयर हाउस 40000 वर्ग फिट अनंतपुरा कोकता     शकील अहमद पिता शरीफ अहमद का सुमन फार्म शासकीय भूमि पर अनंतपुरा कोकता     इरशाद अहमद पिता सरफराज मोहम्मद खान द्वारा कारखाना शासकीय भूमि अनंतपुरा कोकता     अता उल रहमान पिता मुफ्ती रईस अहमद खान द्वारा शासकीय भूमि पर अवैध मदरसा का निर्माण।     सारिक अहमद उर्फ मछली, सोहेल अहमद, शफीक अहमद की शासकीय जमीन पर बनी तीन मंजिला कोठी। मछली परिवार का साम्राज्य ध्वस्त. ड्रग्स केस में शाहवर मछली और उसके भतीजे यासीन को क्राइम ब्रांच ने गैमन मॉल के पास से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया था. तलाशी में उनके पास से तीन ग्राम एमडी ड्रग, एक देशी पिस्टल बरामद हुई थी. आरोपी राजस्थान से भी ड्रग लाते थे. सड़क के रास्ते नशे का सामान लाया जाता था. इसके बाद भोपाल के अलग-अलग पब और लाउंज में पुराने और भरोसेमंद फिक्स कस्टमरों तक ड्रग्स पहुंचाई जाती थी. सूबे के मुखिया मोहन यादव ने 'लव जिहाद' और ड्रग्स माफिया को लेकर पिछले दिनों बड़ा बयान दिया था. कहा था कि महिलाओं पर कुदृष्टि डालने वाले, ड्रग माफिया और लव जिहादियों को किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ा जाएगा. लव जिहाद हो या ड्रग माफिया, इनके माध्यम से जो भी आपराधिक गतिविधियां की जा रही हैं, उन पर सख्त कार्रवाई करते हुए शिकंजा कसा जा रहा है. सीएम ने कहा कि राज्य सरकार किसी अपराधी को छोड़ने वाली नहीं है. सबको एक-एक कर ठिकाने लगाएंगे. सभी प्रकार के अपराधों पर अंकुश लगाते हुए बहन-बेटियों को हर संभव सुरक्षा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है. 

यूपी के सभी जिलों में विशेष अभियान की शुरुआत, सीएम योगी ने दिए सख्त निर्देश

लखनऊ  योगी सरकार किसानों के हित में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री को लेकर विशेष अभियान 16 सितम्बर, 2025 से शुरू होगा. इस अभियान का उद्देश्य किसानों के भूमि अभिलेखों को आधार से जोड़ना और किसानों को योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के उपलब्ध कराना है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिलाधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी और उन्हें रोजाना अभियान की प्रगति पर रिपोर्ट देनी होगी. हर जिले में प्रगति की समीक्षा प्रतिदिन की जाएगी ताकि कहीं भी ढिलाई न बरती जाए. फार्मर रजिस्ट्री क्यों है जरूरी राज्य सरकार का मानना है कि किसान को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ तभी मिलेगा, जब उसकी जमीन का रिकॉर्ड पूरी तरह सही और अपडेटेड होगा. कई बार जमीन के कागजों में मालिकों के नाम अधूरे या गलत पाए जाते हैं. इसी वजह से किसानों को योजनाओं का लाभ लेने में दिक्कत आती है. यही कारण है कि मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग को निर्देश दिया है कि सभी किसानों के अधिकार अभिलेख में नामों का आधार से मिलान कर सही-सही दर्ज किया जाए. इसके लिए राजस्व अधिकारियों को एक मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि हर जिले में एक जैसी प्रक्रिया अपनाकर रजिस्ट्री पूरी की जा सके. आधे से ज्यादा किसान जुड़े न्यूज एजेंसी की खबर के मुताबिक प्रदेश में कुल 2.88 करोड़ किसानों की रजिस्ट्री का लक्ष्य रखा गया है. इनमें से अब तक 1.45 करोड़ किसानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है, यानी 50 प्रतिशत से अधिक कार्य हो चुका है. यह सरकार के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, लेकिन शेष किसानों को जोड़ना भी कम चुनौती नहीं है. बिजनौर सबसे आगे अब तक की प्रगति में बिजनौर जिला सबसे आगे है. यहां 58% से अधिक किसानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है. इसके बाद हरदोई (57.84%), श्रावस्ती (57.47%), पीलीभीत (56.89%) और रामपुर (56.72%) टॉप-5 जिलों में शामिल हैं. इन जिलों के अधिकारियों को सीएम योगी ने सराहा है और अन्य जिलों को भी इसी तरह तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं. पिछड़ रहे जिलों पर खास नजर हालांकि कई जिलों ने सराहनीय काम किया है, लेकिन कुछ जिले अभी पीछे चल रहे हैं. सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि ऐसे जिलों पर विशेष नजर रखी जाएगी. जो जिले लक्ष्य से काफी दूर हैं, वहां अतिरिक्त टीमें लगाई जाएंगी और अधिकारियों को व्यक्तिगत स्तर पर जवाबदेह बनाया जाएगा. यही नहीं, जिन जिलों में किसानों का 100% डाटा वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है, उनमें अमरोहा, आजमगढ़, बलरामपुर, एटा और जौनपुर शामिल हैं. यह एक अहम उपलब्धि मानी जा रही है क्योंकि बिना वेरिफिकेशन के रजिस्ट्री अधूरी है. पीएम किसान योजना से जोड़ने की तैयारी सीएम योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों का पंजीकरण हर हाल में 100% होना चाहिए. सरकार चाहती है कि अगली किस्त जारी होने से पहले कोई भी पात्र किसान वंचित न रह जाए. इसके लिए जिलाधिकारियों को दोहरी जिम्मेदारी दी गई है पहली, फार्मर रजिस्ट्री को समय पर पूरा करना और दूसरी, पीएम किसान योजना में 100% पंजीकरण सुनिश्चित करना. अभियान के दौरान आईईसी गतिविधियां सरकार का जोर केवल डेटा एंट्री पर नहीं बल्कि जागरूकता पर भी है. सभी जिलों में आईईसी (सूचना, शिक्षा और संचार) गतिविधियां चलाई जाएंगी. पोस्टर, पंपलेट, स्थानीय मीडिया और गांव-गांव जाकर किसानों को समझाया जाएगा कि रजिस्ट्री उनके लिए क्यों जरूरी है और कैसे इससे उन्हें योजनाओं का लाभ जल्दी और आसानी से मिल पाएगा. सीएम योगी का कड़ा संदेश मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह अभियान प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है. जो भी जिले पिछड़ेंगे, वहां सीधे डीएम जिम्मेदार होंगे. उन्होंने अफसरों से कहा है कि किसानों से जुड़ा यह कार्य किसी भी कीमत पर टलना नहीं चाहिए. अधिकारियों का कहना है कि योगी सरकार लगातार किसानों को योजनाओं का लाभ देने के लिए डिजिटल और पारदर्शी प्रणाली पर जोर देती रही है. पहले फसल बीमा योजना हो या फिर खाद्यान्न वितरण, सरकार ने रिकॉर्ड्स को डिजिटाइज करने पर फोकस किया. अब फार्मर रजिस्ट्री उसी दिशा में एक और बड़ा कदम है. किसानों की प्रतिक्रिया कई किसानों का मानना है कि यह प्रक्रिया थोड़ी समय लेने वाली जरूर है, लेकिन लंबे समय में इससे बहुत फायदा होगा. अभी तक जिन किसानों को कागजों की गड़बड़ी की वजह से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में मुश्किल होती थी, उन्हें अब राहत मिलेगी. बिजनौर के एक किसान ने कहा, पहले हमारी जमीन के रिकॉर्ड में नाम अधूरा दर्ज था. सुधार कराने में महीनों लग जाते थे. अब सीधा आधार से मिलान हो रहा है तो उम्मीद है कि जल्दी सब ठीक हो जाएगा.

माइक्रोसॉफ्ट विवाद: कर्मचारियों ने मचाया बवाल, इज़राइली सेना के साथ प्रोजेक्ट पर कंपनी कर रही समीक्षा

 वॉशिंगटन माइक्रोसॉफ्ट मुख्यालय में बुधवार को कर्मचारियों ने जमकर बवाल किया। इस दौरान हुए विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस अधिकारियों ने 18 लोगों को गिरफ्तार किया। इस बीच तकनीकी कंपनी ने गाजा में चल रहे युद्ध के दौरान इस्राइली सेना की ओर से अपनी तकनीक के इस्तेमाल की तत्काल समीक्षा का वादा किया। वाशिंगटन के रेडमंड स्थित माइक्रोसॉफ्ट परिसर में लगातार दो दिनों तक चले विरोध प्रदर्शन के दौरान इस तकनीकी दिग्गज कंपनी से इस्राइल के साथ अपने व्यापारिक संबंध तुरंत समाप्त करने की मांग की गई। कंपनी के लोगो और नाम पर खून के रंग जैसा लाल रंग फेंका रेडमंड पुलिस विभाग के मुताबिक, मंगलवार के उलट जब कार्यालय भवनों के बीच एक प्लाजा पर कब्जा किए करीब 35 प्रदर्शनकारियों को माइक्रोसॉफ्ट की ओर से जाने के लिए कहने पर वे वहां से चले गए। इसके बाद जब बुधवार को कंपनी ने पुलिस को प्रदर्शनकारियों के और उग्र होने की जानकारी दी, तब प्रदर्शनकारियों और आक्रामक हो गए। प्रदर्शनकारियों ने कंपनी के लोगो और नाम पर खून के रंग जैसा लाल रंग फेंका। चेतावनी के बाद हिरासत में ले लिया गया पुलिस प्रवक्ता जिल ग्रीन ने कहा, 'हमने प्रदर्शनकारियों से वापस जाने को कहा। हमने अपील की कि कृपया वापस चले जाइए वरना आपको गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके बाद भी उन्होंने वहां से न जाने का फैसला किया। इसलिए उन्हें हिरासत में ले लिया गया।' पूरा मामला समझिए माइक्रोसॉफ्ट ने पिछले हफ्ते के अंत में कहा था कि वह ब्रिटिश अखबार 'द गार्जियन' की ओर से लगाए गए उन आरोपों की जांच के लिए एक कानूनी फर्म से संपर्क कर रहा है, जिनमें कहा गया था कि इस्राइली रक्षा बलों ने गाजा और पश्चिमी तट पर फलस्तीनियों की व्यापक निगरानी के जरिए प्राप्त फोन कॉल डेटा को संग्रहीत करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट के एज्योर क्लाउड कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया था। कंपनी ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा, 'माइक्रोसॉफ्ट की मानक सेवा शर्तें इस प्रकार के उपयोग को प्रतिबंधित करती हैं।' साथ ही यह भी कहा गया कि रिपोर्ट में जो आरोप लगाए गए हैं, जिनकी पूरी और तत्काल समीक्षा की जानी चाहिए।

Google Pixel Watch 4 और Buds Pro 2 बाजार में उतरे, जानें कीमत और फीचर्स

मुंबई  Google Pixel Watch 4 को कंपनी ने बुधवार शाम हुए Made by Google इवेंट में लॉन्च किया है. वॉच का डिजाइन पिछले वर्जन यानी Watch 3 जैसा ही है. इसमें आपको दो साइज का विकल्प मिलेगा. कंपनी की मानें, तो Google Pixel Watch 4 में Gemini का क्विक एक्सेस मिलेगा.  यूजर्स सिर्फ अपना हाथ उठाकर वॉयस असिस्टेंट को एक्सेस कर सकते हैं. वॉच में 40 से ज्यादा एक्सरसाइज मोड्स के साथ कई हेल्थ फीचर्स भी दिए गए हैं. सिंगल चार्ज में आप स्मार्ट वॉच को 40 घंटे तक इस्तेमाल कर सकते हैं. आइए जानते हैं इसकी डिटेल्स.  कितनी है कीमत?  Google Pixel Watch 4 की कीमत 39,900 रुपये से शुरू होती है. ये कीमत वॉच के 41mm (Wi-Fi) वेरिएंट की है. वहीं 45mm डायल वाले वेरिएंट की कीमत 43,900 रुपये है. अमेरिका और कुछ अन्य मार्केट में कंपनी ने वॉच का LTE वेरिएंट भी लॉन्च किया है. Google Pixel Watch 4 को आप कई कलर ऑप्शन में खरीद सकते हैं.  क्या हैं स्पेसिफिकेशन्स?  Google Pixel Watch 4 में पिछले वर्जन की तरह ही कर्व्ड डिस्प्ले मिलेगा. हालांकि, कंपनी का कहना है कि इसमें कई इम्प्रूवमेंट किए गए हैं. वॉच में बेजल और ब्राइटनेस को लेकर बदलाव किए गए हैं. इसमें Actua 360 ऑल्वेज ऑन डिस्प्ले मिलेगा और स्क्रीन की पीक ब्राइटनेस 3000 Nits है.  इसमें Snapdragon W5 Gen 2 प्रोसेसर दिया गया है. Pixel Watch 4 में स्मार्ट रिप्लाई और Gemini का क्विक एक्सेस दिया गया है. ये वॉच Material 3 एक्सप्रेसिव UI पर काम करता है. स्मार्टवॉच ECG, SpO2, HRV और ब्रीदिंग डिटेक्शन के साथ आता है.  ईयरबड्स भी हुए हैं लॉन्च  Google Pixel Buds 2a को कंपनी ने भारत में 12,999 रुपये में लॉन्च किया है. इसे आप Flipkart से खरीद सकते हैं. वहीं Pixel Buds Pro 2 को कंपनी ने 22,900 रुपये में लॉन्च किया है. ये वेरिएंट सिर्फ एक कलर मूनस्टोन में आता है.

सीएम विष्णु देव साय ने सूरजपुर में 211 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन किया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सूरजपुर जिले के तिलसिवां में आयोजित छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव कार्यक्रम का वर्चुअल रूप से शुभारंभ किया और 211 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने सूरजपुर के नए बस स्टैंड स्थित अटल परिसर में भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया तथा किसान मेला सह जैविक मेला का वर्चुअली शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री साय ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर हम सभी रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं। यह अवसर छत्तीसगढ़ की गौरवशाली यात्रा का प्रतीक है। बीते 25 वर्षों में राज्य ने विकास के अनेक आयामों को स्पर्श किया है और अब हमें नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ना है। उन्होंने सभी नागरिकों से एकजुट होकर प्रदेश को प्रगति की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का आह्वान किया।  मुख्यमंत्री साय ने स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता अटल जी को नमन करता हूँ। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर यहां के लोगों को नई पहचान दी। वे देश और प्रदेश के युवाओं के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहेंगे। मुख्यमंत्री ने वाजपेयी जी के राजनीतिक जीवन, काव्य प्रतिभा और राष्ट्रहित में किए गए कार्यों का भी स्मरण किया। मुख्यमंत्री साय ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि विगत 20 महीनों में मोदी की गारंटी के तहत अनेक जनकल्याणकारी कदम उठाए गए हैं। इनमें धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से, 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता, तेंदूपत्ता संग्राहकों को पुनः चरण पादुका वितरण, किसानों को धान बोनस, 5 लाख 62 हजार भूमिहीन कृषि मजदूरों को 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद, श्रद्धालुओं के लिए रामलला दर्शन योजना, बुजुर्गों के लिए 19 तीर्थ स्थलों की यात्रा और अटल डिजिटल सेवा केंद्रों की स्थापना शामिल है।  मुख्यमंत्री साय ने नक्सल उन्मूलन पर बोलते हुए कहा कि देश के गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में प्रदेश से नक्सलवाद समाप्त करने के प्रयास तेज गति से चल रहे हैं और मार्च 2026 तक बस्तर से नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि कुख्यात नक्सली बसवराजू का सफाया किया गया है तथा बड़ी संख्या में सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने वर्चुअल माध्यम से सभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य ने स्थापना के 25 वर्षों में विकास की नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा के अनावरण पर उपस्थित सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की ही देन है। उन्हीं के द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत की गई, जिससे गांव-गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ा गया और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि  छत्तीसगढ़ सरकार निरंतर जनहित एवं बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। सड़क, पुल-पुलियों, पेयजल आपूर्ति और शहरी विकास के क्षेत्र में हुए कार्यों से न केवल ग्रामीण अंचलों में कनेक्टिविटी बढ़ी है, बल्कि नगरीय निकायों में भी आधारभूत संरचना का तेजी से विस्तार हुआ है। मुख्यमंत्री साय ने सूरजपुर जिले को 211 करोड़ 33 लाख रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। इसमें 78 करोड़ 78 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुए 37 कार्यों का लोकार्पण किया गया, जिनमें लोक निर्माण विभाग के 04, लोक निर्माण विभाग (सेतु) के 03, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 20, नगरीय निकाय विभाग के 04, आदिवासी विकास विभाग के 03 तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 03 कार्य शामिल हैं। इसके साथ ही 132 करोड़ 55 लाख रुपये की लागत से होने वाले 55 कार्यों का भूमि पूजन किया गया, जिनमें लोक निर्माण विभाग के 14, लोक निर्माण विभाग (सेतु) के 04, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 22, जल संसाधन विभाग सूरजपुर के 07, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के 04, पुलिस विभाग का 01 तथा आदिवासी विकास विभाग के 03 कार्य सम्मिलित हैं। समारोह में मुख्यमंत्री साय ने किसान मेला सह जैविक मेला सह प्रदर्शनी सह प्रशिक्षण का भी शुभारंभ किया। आयोजित मेले में कृषि यंत्रों, जैविक खाद, कीटनाशक एवं बीज की नवीनतम किस्मों के साथ-साथ विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी लगाई गई। किसानों को फसल चक्र परिवर्तन, फसल विविधीकरण, जैविक एवं प्राकृतिक खेती और जल संरक्षण जैसे विषयों पर जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने रोजगार से जुड़े ऐसे आयोजनों को युवाओं के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण बताते हुए सभी हितग्राहियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर विभिन्न विभागों की योजनाओं से हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। मछली पालन विभाग से आइस बॉक्स व नाव-जाल, समाज कल्याण विभाग से मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, स्वास्थ्य विभाग से वयवंदन, आयुष्मान एवं सिकल सेल कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की चाबी और चेक, महिला एवं बाल विकास विभाग से एलआईसी बॉण्ड, महिला समूहों को ऋण चेक व बकरी पालन हेतु ऋण, कृषि विभाग से सिंचाई पंप, रामतिल बीज और नलकूप-पंप अनुदान प्रदान किए गए। साथ ही एसईसीएल भटगांव क्षेत्र के 25 हितग्राहियों को रोजगार स्वीकृति आदेश भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चन्द्रमणी पैकरा, श्रीमती रेखा राजवाड़े, लवकेश पैकरा, सूरजपुर जिले के रेडक्रॉस सोसाइटी अध्यक्ष बाबूलाल अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

एफबीआई और भारतीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई: सिंडी रोड्रिगेज गिरफ्तार, 6 वर्षीय बेटे की हत्या का आरोप

वॉशिंगटन अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई ने भारतीय पुलिस के साथ समन्वय में एक ऑपरेशन चलाकर सिंडी रोड्रिगेज सिंह नामक महिला को गिरफ्तार किया है। सिंडी रोड्रिगेज अमेरिका में वांछित थी और उस पर अपने ही 6 साल के बेटे की हत्या का गंभीर आरोप है। एफबीआई ने भारतीय पुलिस, इंटरपोल के साथ समन्वय कर भारत से रोड्रिगेज को गिरफ्तार किया। रोड्रिगेज को अब वापस अमेरिका ले जाया जा रहा है। जहां एफबीआई सिंडी रोड्रिगेज को टेक्सास पुलिस को सौंपेगी। टेक्सास में ही सिंडी के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। एफबीआई निदेशक काश पटेल ने दी जानकारी एफबीआई के निदेशक काश पटेल ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में बताया कि एफबीआई ने अमेरिका के शीर्ष 10 भगोड़े अपराधियों में से एक सिंडी रोड्रिगेज सिंह को गिरफ्तार किया है। सिंडी अपने बेटे की हत्या के आरोप में वांछित थी। काश पटेल ने बताया कि मार्च 2023 में टेक्सास के एवरमैन में पुलिस ने सिंडी के बेटे की तलाश शुरू की, क्योंकि वह कई दिनों से दिखाई नहीं दिया था। सिंडी ने पुलिस से बेटे के बारे झूठ बोला और पुलिस को गुमराह किया। पुलिस पूछताछ के बाद सिंडी अमेरिका से फरार होकर भारत पहुंच गई। अक्तूबर 2023 में सिंडी के खिलाफ बेटे की हत्या का मामला दर्ज किया गया। उसी साल नवंबर में पुलिस ने सिंडी की गिरफ्तारी का वारंट जारी कर दिया। काश पटेल ने बताया कि बीते सात महीनों में एफबीआई ने शीर्ष 10 भगोड़ों में से चार को गिरफ्तार किया गया है। काश पटेल ने सहयोग के लिए भारतीय पुलिस और प्रशासन को धन्यवाद भी दिया है। सिंडी रोड्रिगेज पर 25 हजार डॉलर का इनाम घोषित था। सिंडी रोड्रिगेज मेक्सिको और भारतीय मूल की है।