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प्रधानमंत्री मोदी ने साझा किया जीत का मंत्र, छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी को लिखे पत्र में कही बड़ी बात

रायपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में संपन्न हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में एनडीए को मिली सफलता पर बधाई देने के लिए डॉ. कुलदीप सोलंकी के प्रति आभार व्यक्त किया है। छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के संयोजक डॉ. सोलंकी को भेजे एक पत्र में प्रधानमंत्री ने कहा कि देशवासियों का यह स्नेह और समर्थन राष्ट्र निर्माण के संकल्प की सबसे बड़ी ताकत है। प्रधानमंत्री ने पत्र में चुनावी परिणामों पर लिखा कि जहां एनडीए की सरकारें थीं, वहां ‘प्रो-इनकंबेंसी’ और जहां सरकारें नहीं थीं, वहां ‘एंटी-इनकंबेंसी’ का रुख साफ देखा गया। उन्होंने असम में लगातार तीसरी बार मिली जीत और पुडुचेरी में विकास के विजन को मिले समर्थन का जिक्र किया। साथ ही, बंगाल में मिले अभूतपूर्व जनसमर्थन को बंगाल की पावन धरा पर ‘विकास का सूर्योदय’ करार दिया। केरल और तमिलनाडु के संदर्भ में उन्होंने विपक्ष में रहते हुए भी जन-सरोकार के मुद्दों को उठाते रहने की प्रतिबद्धता जताई। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से महिलाओं के रिकॉर्ड मतदान की सराहना करते हुए इसे ‘विकसित भारत’ की दिशा में नारीशक्ति की बढ़ती जागरूकता का प्रतीक बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस जनादेश के साथ मिली जिम्मेदारी को निभाते हुए सरकार गरीबों के कल्याण, युवाओं के सशक्तिकरण, महिलाओं के सम्मान और किसानों की समृद्धि को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाए रखेगी। पत्र के अंत में प्रधानमंत्री ने डॉ. सोलंकी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की है।

स्वच्छता से लेकर सड़क तक विकास की रफ्तार तेज, नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता: अरुण साव

स्वच्छता, पेयजल, सड़क, अधोसंरचना और नागरिक सुविधाएं बढ़ाने प्रमुखता से किये जा रहे काम – अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने 7.19 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन नगर पालिका की मांग पर 3.72 करोड़ के कार्यों को दी मंजूरी, नए कार्यों के लिए भी 2 करोड़ देने की घोषणा की रायपुर.  उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने अपने चार दिवसीय बस्तर प्रवास के तीसरे दिन किरंदुल में 7 करोड़ 19 लाख रुपये की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 4 करोड़ 14 लाख 85 हजार रुपये के कार्यों का लोकार्पण और 3 करोड़ 4 लाख 9 हजार रुपये के कार्यों के भूमिपूजन शामिल हैं। साव ने आक्सीजोन में बस्तर के टाइगर ब्वाय चेंदरू की प्रतिमा का अनावरण भी किया। विधायक चैतराम अटामी और छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री साव ने किरंदुल में जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) से 3 करोड़ 26 लाख रुपये से अधिक की लागत से विकसित ऑक्सीजोन पार्क का लोकार्पण किया। उन्होंने 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत खरीदी गई बैक हो लोडर मशीन, सक्शन मशीन सह मेला टैंकर, ट्रैक्टर इंजन एवं पानी टैंकर को नगर पालिका को सौंपा। उन्होंने कहा कि इन संसाधनों से नगर की स्वच्छता व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने ऑक्सीजोन पार्क की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल एक पार्क नहीं, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और मनोरंजन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। साव ने किरंदुल में नाला निर्माण, मुक्तिधाम निर्माण तथा अधोसंरचना मद से विभिन्न वार्डों में सीसी रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि इन कार्यों के पूर्ण होने से नगर की आधारभूत सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा तथा नागरिकों को बेहतर आवागमन और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध होगा। उप मुख्यमंत्री साव ने कार्यक्रम में बस पार्किंग एवं स्टेज-स्टैंड के पास सीसी रोड तथा विद्युत व्यवस्था के लिए 1 करोड़ 58 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने सीसी रोड के लिए 27 लाख रुपये की भी घोषणा की। उन्होंने नगर पालिका की मांग पर 3 करोड़ 72 लाख रुपये के प्रस्तावित विकास कार्यों को स्वीकृत करने के साथ ही नए कार्यों के लिए अलग से दो करोड़ रुपये देने की भी घोषणा की।  उप मुख्यमंत्री ने मलंगीर जलप्रपात से किरंदुल और बचेली में पेयजल आपूर्ति की योजना की संभावनाओं पर भी सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। क्षेत्रीय विधायक, जनप्रतिनिधियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर तकनीकी एवं व्यवहारिक पहलुओं का परीक्षण कर स्थायी व प्रभावी पेयजल व्यवस्था विकसित करने की कार्ययोजना बनाई जाएगी। उप मुख्यमंत्री साव ने लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में किरंदुल नगर पालिका में 16 करोड़ 43 लाख रुपये से अधिक के विकास कार्य स्वीकृत एवं संचालित किए गए हैं। राज्य सरकार नगरों के सुनियोजित विकास के लिए सिटी डेवलपमेंट प्लान के अनुरूप कार्य कर रही है। स्वच्छता, पेयजल, सड़क, अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने लगातार काम किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प तेजी से साकार हो रहा है। इसी उद्देश्य से वे लगातार बस्तर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण सहित विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में सड़क, पेयजल एवं शहरी अधोसंरचना के विकास को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। उप मुख्यमंत्री ने किरंदुल की प्राकृतिक सुंदरता की तारीफ करते हुए कहा कि बैलाडीला पर्वतमालाओं की गोद में बसा किरंदुल प्राकृतिक दृष्टि से प्रदेश के सबसे सुंदर नगरों में से एक है। चारों ओर हरियाली, पर्वतीय सौंदर्य और स्वच्छ वातावरण इस नगर को विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखते हुए किरंदुल को एक आदर्श एवं आधुनिक नगर के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार कार्य कर रही है। किरंदुल नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती रूबी शैलेन्द्र सिंह, बचेली नगर पालिका के अध्यक्ष राजू जायसवाल, दंतेवाड़ा नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता, जिला पंचायत के अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, शैलेन्द्र सिंह और संतोष गुप्ता सहित पार्षदगण, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

1.81 करोड़ नए मतदाता जुड़े, पंचायत चुनाव की अंतिम सूची 10 जून को आएगी

लखनऊ पंचायत चुनाव के मद्देनजर मतदाता पुनरीक्षण-2025 की प्रक्रिया अब पूरी हो गई है। अनंतिम सूची जारी करने के बाद आए दावे-आपत्तियों पर सुनवाई कर उनको निस्तारित कर दिया गया है। पूरा डाटा ऑनलाइन फीड कर दिया गया है। दस जून को राज्य निर्वाचन आयोग अंतिम सूची प्रकाशित करेगा। अब इसमें देरी की कोई गुंजाइश नहीं बची है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव के लिए मतदाता पुनरीक्षण अभियान चलाया था। 18 दिसंबर 2025 को आयोग ने अनंतिम सूची जारी की थी। जिसमें पता चला था कि पुनरीक्षण के दौरान 1.81 करोड़ नए मतदाता जोड़े गए हैं जबकि 1.41 करोड़ अयोग्य लोगों के नाम सूची से हटाए गए हैं। पिछले चुनाव की अपेक्षा इस सूची में कुल 40.19 लाख मतदाता बढ़े थे। आयोग ने अनंतिम सूची पर दावे और आपत्तियां मांगे थे। लाखों आपत्तियां आईं। एक के बाद एक पांच बार अंतिम सूची प्रकाशन की तारीख बढ़ाई गई। आखिर में दस जून 2026 की तारीख तय की गई है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक अंतिम सूची को लेकर आयोग ने सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं। सभी मतदाताओं को 9 अंकों का स्टेट वोटर नंबर भी दिया गया है। इसी तरह के कई और व्यवस्थाएं की गई हैं, जिससे चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी व व्यवस्थित होगी। आयोग दस जून को अंतिम सूची जारी कर देगा। जिससे स्पष्ट हो जाएगा कि पिछली बार की अपेक्षा कितने वोटर बढ़े। इसके अलावा अन्य डाटा भी मिल जाएगा। अनंतिम सूची की अपेक्षा इसमें मामूली बदलाव संभव है। तैयारी पूरी, फिलहाट टल गए हैं चुनाव आयोग ने अपनी तैयारी लगभग पूरी कर ली है। चूंकि धीरे धीरे चुनाव का समय बढ़ता गया, इसलिए आयोग भी मतदाता सूची जारी करने की तारीख आगे बढ़ाता गया। जिससे उनको सूची को और व्यवस्थित करने का मौका मिल गया। फिलहाल सरकार प्रधानों को प्रशासक नियुक्त कर चुकी है। स्पष्ट है कि चुनाव फिलहाल टल गए हैं।  

जगतपुरा में JDA का बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान, नंदपुरी रोड होगी 80 फीट चौड़ी

जयपुर जयपुर के जगतपुरा क्षेत्र में नंदपुरी अंडरपास से रेलवे लाइन के समानांतर सड़क को चौड़ी करने के लिए जेडीए का बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू हो गया. नंदपुरी रोड पर ‘ऑपरेशन 80 फीट' के तहत कार्रवाई शुरू हो चुकी है, और नूरानी मस्जिद की एक तरफ की दीवार हटाए जाने की भी प्रकिया शुरू कर दी गई है. मस्जिद पर बुलडोजर चलने लगा. 80 फीट चौड़ी होगी सड़क इस कार्रवाई के तहत सड़क को 80 फीट चौड़ी करने का लक्ष्य रखा गया है. प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाना और जाम की समस्या को कम करना है. नोटिस जारी किया गया था अभियान के दौरान सड़क की राइट ऑफ वे सीमा में आ रहे निर्माणों को हटाया जा रहा है. इस दायरे में पांच धार्मिक संरचनाएं भी शामिल हैं, जिनमें एक मस्जिद, दो मंदिर, एक सत्संग भवन और एक मजार शामिल हैं. प्रशासन की ओर से पहले ही संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए समय दिया गया था. 22 मई को भी अतिक्रमण हटाए गए थे जेडीए विजिलेंस शाखा ने 22 मई को इसी मार्ग पर अभियान चलाकर 134 अतिक्रमण हटाए गए थे. इसके बाद सड़क सीमा में आ रहे शेष निर्माणों को लेकर भी नियमानुसार समय दिया गया, लेकिन तय अवधि में स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर अब प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की है. पुलिस और जेडीए की टीम तैनात कार्रवाई के दौरान पुलिस और जेडीए की संयुक्त टीमें मौके पर तैनात हैं, ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके और अभियान शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हो सके. इस सड़क चौड़ीकरण परियोजना को शहर की प्रमुख यातायात योजनाओं में शामिल किया गया है जिससे जगतपुरा और आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है.

जेनिफर विंगेट की दूसरी शादी की चर्चा: सिंगापुर के बिजनेसमैन विलियम इश्माइल से कर सकती हैं विवाह

टीवी गलियारों में जल्द ही शहनाई बजने वाली है. मशहूर एक्ट्रेस जेनिफर विंगेट 41 की उम्र में दूसरी शादी करने जा रही हैं. जेनिफर को लेकर खबरें हैं कि वो जल्द ही अपने सिंगापुर बेस्ड बिजनेसमैन बॉयफ्रेंड विलियम इश्माइल संग शादी रचाकर नई जिंदगी की शुरुआत करेंगी. शादी क्रिश्चियन रीति-रिवाजों से होगी. कौन हैं जेनिफर का दूल्हा? जेनिफर की दूसरी शादी की खबरें हर तरफ छाई हुई हैं. उनकी शादी की रिपोर्ट्स सामने आते ही फैंस खुशी से गदगद हो गए हैं. जेनिफर का घर फिर से बसते देखने के लिए फैंस सुपर एक्साइटेड हैं. लेकिन कई लोग ये जानना चाहते हैं कि आखिर जेनिफर का होने वाला हमसफर कौन है? तो आइए जानते हैं… HT की रिपोर्ट के मुताबिक, जेनिफर विंगेट लंबे समय से सिंगापुर बेस्ड बिजनेसमैन विलियम इश्माइल को सीक्रेटली डेट कर रही हैं. विलियम बिजनेस वर्ल्ड में एक्टिव हैं. मगर वो इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से ताल्लुक नहीं रखते. रिपोर्ट्स की मानें तो वो फाइनेंशियल सेक्टर में काम करते हैं. उन्होंने डिजिटल एसेट्स, ट्रेनिंग और फॉरेन एक्सचेंज मार्केट्स में काम किया है. रिपोर्ट में बताया गया है कि विलियम को लाइमलाइट में रहना पसंद नहीं है. वो मीडिया की चकाचौंध से दूर रहते हैं. यह भी बताया गया है कि विलियम से मिलने जेनिफरअक्सर सिंगापुर ट्रैवल करती हैं. वहां दोनों मीडिया के कैमरों से दूर साथ में क्वालिटी टाइम स्पेंड करते हैं. एक मुलाकात के दौरान विलियम ने जेनिफर को शादी के लिए प्रपोज किया था और एक्ट्रेस ने हां कह दिया था. दोनों अब अपनी शादी की तैयारियों में बिजी हैं. कब होगी शादी? रिपोर्ट में इनसाइडर के हवाले से बताया गया है- जेनिफर और विलियम एक साथ बहुत खुश हैं. उन्हें और उनके प्यारे रिश्ते को देखना बहुत अच्छा लगता है. छुट्टियों के दौरान विलियम ने जेनिफर को प्रपोज किया था और उन्होंने हां कह दिया था. अब वो अपनी शादी की प्लानिंग कर रहे हैं. जेनिफर शादी के लिए वेंडर्स की लिस्ट बना रही हैं. रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि जेनिफर और विलियम की शादी इस साल सितंबर या अक्टूबर के महीने या फिर दिसंबर-जनवरी में हो सकती है. वेडिंग डेट अभी फाइनल नहीं हुई है. हालांकि, जेनिफर ने अब तक अपनी शादी की रिपोर्ट्स को कंफर्म नहीं किया है. बता दें कि जेनिफर की पहली शादी एक्टर करण सिंह ग्रोवर से साल 2012 में की थी. मगर 2 साल बाद 2014 में दोनों तलाक लेकर अलग हो गए थे. अब जेनिफर की दूसरी शादी को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है.  

इंग्लैंड दौरे से पहले वैभव सूर्यवंशी को लेकर हाइप, टिकट बिक्री तक पर असर की चर्चा

नई दिल्ली वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट का वह नाम बन चुके हैं, जिन्हें इस साल 'must-watch show' कहा जा रहा है. कमेंट्री में साफ कहा गया- इंग्लैंड दौरे से पहले ही उनके इर्द-गिर्द मीडिया फ्रेंजी तय है और इसका असर सीधे स्टेडियम की टिकट बिक्री तक दिख सकता है. इंग्लैंड के क्रिकेट पंडितों से लेकर पूर्व खिलाड़ियों तक… हर कोई मान रहा है कि यह किशोर बल्लेबाज सिर्फ रन नहीं बनाता, बल्कि मैच का पूरा माहौल बदल देता है. IPL प्रदर्शन के बाद उन्हें भारत की टी20 टीम में शामिल किया गया है और अब चर्चा इस बात की है कि जैसे ही वह इंग्लैंड दौरे पर उतरेंगे, वहां मीडिया और दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ सकती है. एक कमेंट्री चर्चा में यहां तक कहा गया- 'ECB खुश होगा, क्योंकि इससे टिकट और बिकेंगे.' दरअसल, 15 साल के भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अब सिर्फ क्रिकेटर नहीं, बल्कि एक चलता-फिरता इवेंट बन चुके हैं. इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर एलिजाबेथ अमोन और मार्क बुचर की बातें सुनकर साफ है- दौरा नहीं, अब 'शो' शुरू होने वाला है. मार्क बुचर ने तो सीधे टिकटिंग विभाग को ही मैसेज भेज दिया- 'ECB खुश होगा… ये लड़का स्टेडियम भरवा देगा!' मतलब क्रिकेट कम, और ‘वैभव इफेक्ट’ ज्यादा. और यह कहना भी मुश्किल नहीं कि इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (England and Wales Cricket Board) अब चुपचाप कैलेंडर पर इस सीरीज को गोल कर चुका होगा- जहां क्रिकेट भी होगा और हाइप भी.     'नेट्स में भी बॉलर पूछते हैं- भाई, डालूं कहां?' लियाम लिविंगस्टोन जैसे खिलाड़ियों की बात मानें तो वैभव नेट्स में भी वही करते हैं जो मैच में करते हैं- सीधा हमला. और पैट कमिंस का हाल तो और मजेदार है- 'समझ ही नहीं आता, इसे गेंद डालूं कहां!' मतलब बॉलर का प्लान नहीं, अब वैभव का मूड तय करता है मैच. आंकड़े नहीं, यह क्रिकेट का अलार्म है – 237+ की स्ट्राइक रेट पूरे IPL टूर्नामेंट में – सबसे ज्यादा रन – सबसे ज्यादा छक्कों की बरसात और ये सब किसी अनुभवी स्टार ने नहीं… 15 साल के बच्चे ने किया है. एलिजाबेथ अमोन का रिएक्शन भी सीधा था- '237 स्ट्राइक रेट? यह क्रिकेट नहीं, तबाही है.' 'डिफेंस? वो तो शायद डिक्शनरी में देखा होगा!' उनके बचपन के कोच मनीष ओझा का खुलासा और भी दिलचस्प है-  'मैंने उसे कभी डिफेंस की प्रैक्टिस करते नहीं देखा.' यानी किताबें शायद कहती हों तकनीक, लेकिन वैभव की किताब में सिर्फ एक ही चैप्टर है- अटैक, अटैक और अटैक. इंग्लैंड में असली टेस्ट: स्विंग या शो? अब कहानी सिर्फ टैलेंट की नहीं, टेम्परामेंट की है. इंग्लैंड की स्विंग, ओवरकास्ट आसमान और सख्त विकेट या फिर वैभव का वही पुराना अंदाज? एक बात तय है- स्टेडियम में लोग मैच देखने कम, और 15 साल के उस लड़के का तूफान देखने ज्यादा आएंगे. वैभव को लेकर जो सबसे बड़ी बात निकलकर आती है, वह सिर्फ उनका रन या स्ट्राइक रेट नहीं है, बल्कि उनका इम्पैक्ट फैक्टर है. कमेंट्री में कहा गया है कि वह ऐसे बल्लेबाज हैं जो मैच के साथ-साथ पूरा माहौल बदल देते हैं. वह गेंदबाजों के लिए अनिश्चितता, दर्शकों के लिए रोमांच और आयोजकों के लिए बड़ा कमर्शियल आकर्षण हैं. इसी वजह से इंग्लैंड जैसे बड़े मंच पर उनके संभावित प्रदर्शन को सिर्फ क्रिकेटिंग टैलेंट नहीं, बल्कि 'स्टेडियम-ड्रिवन इकोनॉमी' से भी जोड़ा जा रहा है. आसान शब्दों में- वैभव अब सिर्फ खेल नहीं, बल्कि भीड़ खींचने वाला एक बड़ा फैक्टर बन चुके हैं. भारत का इंग्लैंड दौरा (टी20) • 1 जुलाई: पहला टी20, चेस्टर ले स्ट्रीट • 4 जुलाई: दूसरा टी20, मैनचेस्टर • 7 जुलाई: तीसरा टी20, नॉटिंघम • 9 जुलाई: चौथा टी20, ब्रिस्टल • 11 जुलाई: पांचवां टी20, साउथम्प्टन

WWDC 2026 में iOS 27 की झलक, Siri से लेकर कैमरा ऐप तक मिलेंगे नए AI अपग्रेड

ऐपल अपना एक बड़ा इवेंट आयोजित करने जा रहा है, जिसका नाम वर्ल्डवाइड डेवलपर कॉन्फ्रेंस 2026 (WWDC 2026) है. इस दौरान कंपनी कई बड़े ऐलान करेगी, जिसमें अधिकतर सॉफ्टवेयर संबंधित होंगे. इस साल कंपनी iOS27 को पेश किया जाएगा, जिसकी खूबियों के बारे में कंपनी ऑफिशियली तौर पर बताएगी. भारतीय समयनुसार WWDC 2026 कीनोट की शुरुआत सोमवार रात 10:30 बजे होगी. इस इवेंट के दौरान iPhone से लेकर Apple Watch को मिलने वाले ऑपरेटिंग सिस्टम के न्यू वर्जन को लॉन्च करेगी, जिनके नाम  iPadOS 27, macOS 27, watchOS 27 होंगे. iOS 27 में क्या नया मिलेगा? iOS 27 का इंतजार अधिकतर आईफोन यूजर्स को है. लीक्स रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी AI पर फोकस रखेगी और भी कई बड़े ऐलान भी होने की उम्मीद रहेगी. Siri को ChatGPT जैसी ज्यादा नेचुरल बातचीत करने की काबिलियत मिल सकती है. कैमरा, फोटोज, वॉलेट और शॉर्टकट जैसे सिस्टम ऐप्स में इंटीग्रेशन देखने को मिलेगा. AI बेस्ड फोटो एडिटिंग टूल्स का ऐलान किया जाएगा. स्मार्ट राइटिंग असिस्टेंस फीचर्स को शामिल किया जा सकता है. कैमरा और फोटोज ऐप में बड़ा बदलाव रिपोर्ट्स के मुताबिक, न्यू iOS 27 के तहत कैमरा ऐप को बीते साल की तुलना में बड़ा अपडेट देखने को मिल सकता है. कैमरा ऐप के अंदर Siri-पावर्ड कैमरा मोड को शामिल किया जा सकता है. साथ ही प्रोफेशनल फोटोग्राफी करने वाले यूजर्स को ज्यादा कस्टमाइजेशन के ऑप्शन मिलेंगे. AI का इस्तेमाल करके फोटो का बैकग्राउंड बदला जा सकेगा. ब्लूमबर्ग के मार्क गुरमन ने iOS 27 की तुलना Mac OS X Snow Leopard से की है, जिसका पूरा फोकस परफॉर्मेंस और बग्स फिक्स को लेकर था. iOS 27 का अपडेट कब जारी होगा iOS 27 का पहला डेवलपर बीटा लॉन्च इवेंट के तुरंत बाद जारी किया जा सकता है. वहीं पब्लिक बीटा जुलाई में आने की उम्मीद है. फिर सितंबर में iOS27 का फाइनल वर्जन जारी कर दिया जाएगा. कई पुराने हैंडसेट से हट जाएगा सपोर्ट iOS 27 की लॉन्चिंग के साथ ऐलान कर दिया जाएगा कि इसका सपोर्ट किन-किन आईफोन मॉडल्स को मिलेगा. साथ ही कई पुराने मॉडल्स के लिए सपोर्ट बंद कर दिया जाएगा. एक टिप्स्टर के मुताबिक, iOS 27 केवल iPhone 12 सीरीज और उसके बाद लॉन्च होने वाले नए मॉडल्स को ही मिलेगा.  ये जानकारी सही होती है तो ऐप्पल iPhone 11, iPhone 11 Pro, iPhone 11 Pro Max और सेकेंड जनरेशन iPhone SE से सपोर्ट हटा देगा. रिपोर्ट के मुताबिक, iOS 27 का सपोर्ट इन iPhone सीरीज को मिलेगा.   iPhone 12 सीरीज iPhone 13 सीरीज iPhone 14 सीरीज iPhone 15 सीरीज iPhone 16 सीरीज iPhone 17 सीरीज आदि होंगे. हालांकि अभी तक ऐपल ने ऑफिशियली तौर पर iOS 27 सपोर्टेड डिवाइस की लिस्ट जारी नहीं की है.

ड्यूटी के दौरान मिर्गी आने पर गई नौकरी, दो दशक बाद हाई कोर्ट के फैसले से मिला पेंशन का हक

चंडीगढ़. सीमा की सुरक्षा करते हुए बीएसएफ में सेवा देने वाले एक जवान को मिर्गी (एपिलेप्सी) की बीमारी के कारण नौकरी से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद शुरू हुई कानूनी लड़ाई 21 साल बाद उसके पक्ष में समाप्त हुई। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने बीएसएफ की अपील खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि यदि किसी जवान को भर्ती के समय स्वस्थ पाया गया था और बाद में सेवा के दौरान बीमारी सामने आई, तो उसे सेवा से जुड़ी बीमारी माना जाएगा। ऐसे कर्मचारी को दिव्यांगता पेंशन से वंचित नहीं किया जा सकता। मामला भिवानी निवासी अजमेर सिंह का है, जो वर्ष 1990 में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में भर्ती हुए थे। सेवा के दौरान वर्ष 1996 में उन्हें पहली बार मिर्गी का दौरा पड़ा। बाद में मेडिकल बोर्ड ने उन्हें ‘ग्रैंडमल एपिलेप्सी’ से पीड़ित बताते हुए आगे की सेवा के लिए अयोग्य घोषित कर दिया। इसके आधार पर 30 नवंबर 2005 को उन्हें मेडिकल आधार पर सेवा से मुक्त कर दिया गया। गलत तरीके से सेवा से हटाया गया अजमेर सिंह का कहना था कि उन्हें गलत तरीके से सेवा से हटाया गया और वे दिव्यांगता पेंशन के हकदार हैं। साथ ही उनकी लगभग 50 हजार रुपये की ग्रेच्युटी राशि भी लंबित थी। उन्होंने इसके लिए सिविल अदालत का दरवाजा खटखटाया। हालांकि ट्रायल कोर्ट ने 2008 में उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद जिला जज , भिवानी की अदालत में अपील दायर की गई। अपीलीय अदालत ने 2010 में ट्रायल कोर्ट का फैसला पलटते हुए अजमेर सिंह के पक्ष में निर्णय दिया और उन्हें राहत प्रदान की। इस फैसले को बीएसएफ अधिकारियों ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती दी। हाई कोर्ट में बीएसएफ का तर्क था कि मिर्गी ऐसी बीमारी नहीं है जिसे सेवा के दौरान उत्पन्न हुई बीमारी माना जाए, इसलिए अजमेर सिंह दिव्यांगता पेंशन के पात्र नहीं हैं। वहीं कर्मचारी की ओर से कहा गया कि भर्ती के समय वह पूरी तरह स्वस्थ थे और बीमारी सेवा के दौरान सामने आई। जस्टिस सुदीप्ति शर्मा ने क्या कहा? जस्टिस सुदीप्ति शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसले धर्मवीर सिंह बनाम भारत संघ का हवाला देते हुए कहा कि यदि रिकार्ड में ऐसा कोई प्रमाण नहीं है जिससे यह साबित हो कि कर्मचारी भर्ती के समय बीमारी से ग्रस्त था, तो यह माना जाएगा कि वह पूरी तरह स्वस्थ था और बाद में स्वास्थ्य में आई गिरावट सेवा के कारण हुई। अदालत ने पाया कि अजमेर सिंह को पहला दौरा भर्ती होने के छह वर्ष बाद पड़ा था। उन्हें किसी अनुशासनहीनता या कदाचार के कारण नहीं बल्कि केवल मेडिकल आधार पर सेवा से हटाया गया था। ऐसे में बीमारी और सेवा के बीच संबंध को नकारा नहीं जा सकता। हाई कोर्ट ने जिला न्यायाधीश के फैसले को सही ठहराते हुए बीएसएफ की अपील खारिज कर दी। इसके साथ ही अजमेर सिंह की दिव्यांगता पेंशन का रास्ता साफ हो गया।

सेहत से खिलवाड़! पंजाब में खाद्य पदार्थों की जांच में चौंकाने वाला खुलासा, हर सातवां नमूना असफल

चंडीगढ़  पंजाब में खाद्य पदार्थों में बड़े स्तर पर मिलावट का खेल चल रहा है और हर सात में एक एक सैंपल फेल हो रहा है। मिलावटखोर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। डेयरी उत्पादों में अधिक मिलावट हो रही है और यहां तक कि केमिकल का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।  फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) की रिपोर्ट के अनुसार पिछले कुछ साल से खाद्य पदार्थों में मिलावट बढ़ती जा रही है। वर्ष 2025-26 के दौरान खाद्य पदार्थों के 6054 सैंपल लिए गए जिसमें से 852 हो गए। सरकार अलग-अलग खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी का पता लगाने के लिए सैंपल ले रही है। साथ ही मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई भी कर रही है बावजूद इसके इस पर रोक नहीं लग पा रही है। वर्ष 2024-2025 के दौरान विभाग की तरफ से 4131 सैंपल लिए गए जिसमें से 748 खाने योग्य नहीं पाए गए। इसी तरह 2023-2024 के दौरान 6041 सैंपल जांच के लिए भेज गए जिसमें से 929 मानकों पर खरे नहीं उतरे। वर्ष 2022-2023 के दौरान 8179 सैंपल लिए गए और इस दौरान 1724 सैंपलों में मिलावट सामने आई जबकि वर्ष 2021-2022 में 6768 सैंपलों की जांच की गई और 1059 में मिलावट सामने आई है। केंद्र सरकार का सभी राज्यों में सैंपलिंग बढ़ाने पर जोर है ताकि मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। दूध, पनीर, घी, मिठाई, मसाले, तेल, बिस्कुट, नमकीन समेत अन्य खाद्य पदार्थों में अधिक मिलावट हो रही है। पंजाब में दूसरे राज्यों से तैयार घटिया पनीर व अन्य पदार्थों की आपूर्ति हो रही है जिन्हें बनाने में केमिकल तक का इस्तेमाल होता जो सेहत के लिए खतरनाक है। यह कैंसर को न्योता दे रहा है। हरियाणा में भी चल रहा मिलावट का खेल हरियाणा में भी बड़े स्तर पर मिलावट का खेल चल रहा है और राज्य में वर्ष 2025-26 के दौरान खाद्य पदार्थों के 900 सैंपल लिए गए जिनमें से 34% यानी 309 फेल हो गए। इसी तरह वर्ष 2024-2025 में 2233 सैंपल लिए गए जिनमें से सैंपल फेल पाए गए। वहीं वर्ष 2023-2024 के दौरान 3485 में से 856 और 2022-2023 में 4445 में से 1425 और वर्ष 2021-2022 के दौरान 4235 में से 1182 सैंपल फेल पाए गए हैं। नियमित से की जा रही जांच एफएसएसएआई के क्षेत्रीय कार्यालय और राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की टीमें मिलावट का पता लगाने के लिए भी नियमित रूप से निगरानी, निरीक्षण और खाद्य पदार्थों के नमूने लेती हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत अथॉरिटी की तरफ से कार्रवाई की जाती है जिसमें जुर्माना लगाना और लाइसेंस रद्द करना भी शामिल है। विभाग की तरफ से फूड सेफ्टी ऑन व्हील पर नियमित रूप से जांच की जा रही है। इन टेस्टिंग वैन में दूध, पनीर, पानी और अन्य रोजाना के प्रयोग वाले खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच करने की सुविधा है। विशेष अभियान चला रही सरकार स्वास्थ्य डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि खाद्य पदार्थों की जांच के लिए सरकार विशेष अभियान चला रही है। पिछले महीने दो दिन विशेष अभियान चलाकर पूरे राज्य की स्थानीय डेयरियों की जांच की गई, जिसके दौरान शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरियों, प्रोसेसिंग यूनिटों और खुदरा दुकानों से पनीर के 211 सैंपल लिए गए हैं। इसके अलावा दूध के भी कुल 204 सैंपल एकत्र किए गए थे, जिनमें से 68 सैंपल गुणवत्ता मानकों पर फेल पाए गए।  

SAFF फाइनल 2026: भारत ने बांग्लादेश को 3-1 से हराकर खिताब अपने नाम किया

नई दिल्ली  भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने साउथ एशियन फुटबॉल फेडरेशन (SAFF) में शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने फाइनल में बांग्लादेश को हराया और खिताब पर कब्जा जमाया। भारत ने सात सालों से चले आ रहे सूखे को इसी के साथ समाप्त कर दिया। टीम इंडिया फाइनल में पहुंच रही थी लेकिन खिताबी जंग में उन्हें लगातार निराशा मिल रही थी लेकिन इस मुकाबले में भारत ने अंतिम बाधा को भी पार कर लिया। भारत ने इससे पहले साल 2019 में इस ट्रॉफी पर कब्जा जमाया था लेकिन उसके बाद टीम इंडिया खिताब नहीं जीत सकी थी। हालांकि, भारत ने अब इस सूखे को समाप्त कर दिया है और चैंपियन बनी है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी महिला टीम के चैंपियन बनने पर खुशी जताई है और उन्हें बधाई दी है। मैच में भारत का दबदबा भारत ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म दिखाई। टीम ने सभी मैच जीते, 18 गोल किए और सिर्फ एक गोल खाया। फाइनल में भी भारत की टीम शुरू से ही आक्रामक रही। बांग्लादेश पिछले दो टूर्नामेंट (2022 और 2024) की चैंपियन थी, लेकिन इस बार उसे खिताब बचाने का मौका नहीं मिला। प्यारी जक्सा का शानदार खेल पहले हाफ के अंत में भारत को बढ़त मिली। प्यारी जक्सा ने पेनल्टी एरिया में अच्छा फुटवर्क दिखाया और शॉट मारा। बांग्लादेश की डिफेंडर पर लगे डिफ्लेक्शन के बाद गेंद गोलकीपर के ऊपर से जाल में चली गई लेकिन बांग्लादेश ने हार नहीं मानी। स्टॉपेज टाइम में रितु पूर्णा चकमा ने लेफ्ट साइड से कमजोर शॉट मारकर स्कोर बराबर कर दिया। यह टूर्नामेंट में भारत का पहला और आखिरी गोल था। दूसरे हाफ की शुरुआत में ही भारत ने फिर बढ़त बना ली। प्यारी जक्सा ने दाहिनी तरफ से क्रॉस किया, जिसे संफिदा नोंग्रुम ने हेडर से गोल में बदल दिया। गेंद पोस्ट से लगकर अंदर गई। मैच के 82वें मिनट में सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी लिंडा कोम सेरतो ने डिफेंस की गलती का फायदा उठाया और गोल करके स्कोर 3-1 कर दिया। इस जीत के साथ भारत ने खिताब पर कब्जा जमाया। सात साल का इंतजार खत्म 2019 के बाद भारत दो टूर्नामेंट में फाइनल तक नहीं पहुंच पाया था। इस बार घरेलू मैदान पर टीम ने पूरा जोर लगाया और पुराना गौरव वापस हासिल किया। मनीषा कल्याण समेत कई खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया। यह जीत भारतीय महिला फुटबॉल के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे टीम का आत्मविश्वास बढ़ेगा और आगे आने वाले बड़े टूर्नामेंट के लिए तैयारियां मजबूत होंगी।