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20 रुपये में होगी खाद्य पदार्थों की जांच, मोबाइल लैब्स सड़क पर उतरेंगी

करनाल प्रदेश में खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ जल्द ही बड़ा अभियान शुरू होगा। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) ने खाद्य जांच व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापक योजना तैयार की है। इसके तहत प्रदेश में आठ नई खाद्य पदार्थ जांच प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। साथ ही आधुनिक उपकरणों से लैस मोबाइल जांच प्रयोगशालाएं भी सड़कों पर उतरेंगी, जहां आम नागरिक मात्र 20 रुपये में अपने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करा सकेंगे। विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के उपलक्ष्य में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के प्रदेश के एकमात्र नामित अधिकारी पृथ्वी सिंह ने दैनिक जागरण से विशेष बातचीत की। एनसीआर में 55 करोड़ से मजबूत होगा जांच तंत्र वर्तमान में विभाग के पास सिर्फ दो प्रयोगशालाएं हैं। इसी वर्ष दो नई प्रयोगशालाएं और शुरू की जाएंगी। अगले पांच वर्षों में पूरे प्रदेश में स्वीकृत सभी प्रयोगशालाओं का नेटवर्क तैयार करने का लक्ष्य है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में खाद्य जांच सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए 55 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है। इससे फरीदाबाद, गुरुग्राम और रोहतक में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं। इन परियोजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है। पांच अन्य जिलों को भी मिली मंजूरी केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से नारनौल, हिसार, जींद, सिरसा और यमुनानगर में भी नई प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी। विभाग इन जिलों में भूमि की तलाश की जा रही है। भूमि उपलब्ध होते ही निर्माण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सबसे पहले हिसार में कार्य आरंभ किए जाने की योजना है। करनाल स्थित प्रयोगशाला को भी अत्याधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। इसके लिए करीब 25 करोड़ रुपये के आधुनिक उपकरण खरीदे जा रहे हैं। खरीद प्रक्रिया अंतिम चरण में है। नई व्यवस्था के तहत प्रयोगशाला में सूक्ष्मजीव विज्ञान (माइक्रोबायोलाजी) अनुभाग स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा उच्च क्षमता वाली आधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी, जो खाद्य पदार्थों में मौजूद अत्यंत सूक्ष्म स्तर की मिलावट का भी पता लगाने में सक्षम होंगी। गांव-गांव पहुंचेगी जांच सुविधा विभाग आम लोगों को सीधे इस अभियान से जोड़ेगा। इसके लिए अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित मोबाइल खाद्य प्रयोगशालाएं तैयार की जा रही हैं। इन मोबाइल वैन के लिए निविदा प्रक्रिया जारी है। मोबाइल प्रयोगशालाओं के संचालन के बाद नागरिक अपने घरों में उपयोग होने वाले दूध, दाल, मसाले और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूनों की मौके पर ही जांच करा सकेंगे। इसके लिए सिर्फ 20 रुपये का शुल्क लिया जाएगा। जांच सुविधा लोगों तक पहुंचने से मिलावटखोरों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। साथ ही खाद्य सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी। जानिये सैंपल फेल होने का अर्थ नामित अधिकारी पृथ्वी सिंह ने कहा कि प्रदेश में पांच वर्षों के दौरान फेल हुए 4607 सैंपलों का मतलब सीधे तौर पर जहर या जानलेवा मिलावट होना नहीं है। इनमें से अधिकतर सैंपल तकनीकी कमियों के कारण सब-स्टैंडर्ड (अवमानक) श्रेणी में आते हैं। उदाहरण के लिए, यदि दूध में निर्धारित फैट छह प्रतिशत की जगह 5.9 प्रतिशत मिलता है या पनीर में तय मानक से नमी ज्यादा पाई जाती है, तो वह फेल माना जाता है। मिलावट का यह औसत पूरे देश में लगभग एक समान है। सरकारी लैब में कुछ एडवांस टेस्टों जैसे फसलों पर होने वाले पेस्टिसाइड/केमिकल स्प्रे को पकड़ने की आधुनिक मशीनें नहीं हैं। भारी बजट खर्च करके, एक-एक सैंपल की प्रामाणिक जांच के लिए ₹30 हजार रुपये तक फीस देकर बड़ी निजी लैब से टेस्ट करवाते हैं।

पास्ता के साथ ब्रेड क्यों परोसी जाती है? जानिए इटैलियन परंपरा

 जब भी आप दिल्ली-नोएडा या कहीं के भी किसी अच्छे कैफे या इटैलियन रेस्टोरेंट में पास्ता ऑर्डर करेंगे तो प्लेट में पास्ता के साथ गार्लिक ब्रेड या ब्रेड स्लाइस जरूर नजर आती है. बहुत से लोग इसे केवल एक साइड डिश या प्लेट सजाने का तरीका मान लेते हैं लेकिन वहीं कुछ लोग सोचते हैं कि रेस्टोरेंट वाले बस कस्टमर्स का पेट भरने के लिए ऐसा करते हैं. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि इस कॉम्बिनेशन के पीछे एक सांस्कृतिक और वैज्ञानिक कारण है जिससे करीब 99% लोग पूरी तरह अनजान हैं. यदि आप भी नहीं जानते हैं तो आइए जानते हैं कि पास्ता की प्लेट में ब्रेड रखने की यह परंपरा कहां से आई और इसके पीछे क्या वजह है. इटली की पुरानी परंपरा 'फेयर ला स्कारपेटा' इटली के फेमस कैफे Tinello की वेबसाइट्स के मुताबिक, पास्ता के साथ ब्रेड सर्व करने की शुरुआत इटली से ही हुई थी. दरअसल, इटैलियन कल्चर में एक बहुत ही फेमस परंपरा है जिसे फेयर ला स्कारपेटा (Fare la scarpetta) कहते हैं. इस इटैलियन मुहावरे का सीधा मतलब होता है, अपनी ब्रेड से प्लेट को पूरी तरह साफ करना. इटली में जब लोग पास्ता खाते हैं तो प्लेट के नीचे बची हुई गाढ़ी और स्वादिष्ट सॉस को ब्रेड के टुकड़े से पोंछकर खाते हैं. वहां ब्रेड को खाना बर्बाद न करने और शेफ के प्रति सम्मान जताने का एक जरिया माना जाता है. और वहीं से इस प्रथा का चलन शुरू हुआ. सॉस को सोखने और स्वाद बढ़ाने का साइंस पास्ता बनाते समय शेफ ऑलिव ऑयल, चीज, टमाटर और कई तरह के मसालों का इस्तेमाल करके सॉस बनाते हैं. जब कोई फॉर्क से पास्ता खाता है तो काफी सारी सॉस प्लेट के नीचे ही छूटी रह जाती है. फूड एक्सपर्ट्स बताते हैं कि ब्रेड एक स्पंज की तरह काम करती है और जब आप गार्लिक ब्रेड को उस बची हुई क्रीमी या टोमैटो सॉस में डिप करते हैं तो वह सॉस को पूरी तरह सोख लेती है. इससे पास्ता का असली स्वाद खराब नहीं होता और आप उसका लुत्फ उठा सकते हैं. टेक्सचर का कॉम्बिनेशन और पेट भरने का फंडा ब्रेड सर्व करने के पीछे केवल परंपरा ही नहीं बल्कि खाने का टेक्सचर भी मायने रखता है. पास्ता काफी सॉफ्ट और जूसी होता है लेकिन उसके साथ मिलने वाली गार्लिक ब्रेड क्रिस्पी और टोस्टेड होती है. यह सॉफ्ट और क्रंची कॉम्बिनेशन एक बेहतरीन फूड एक्सपीरियंस देता है. इसके अलावा अमेरिका और अन्य देशों में जब इटैलियन फूड पॉपुलर हुआ तो रेस्टोरेंट ने इसे ज्यादा पेट भरने वाला बनाने के लिए भी ब्रेड देना शुरू किया ताकि कस्टमर पूरी तरह संतुष्ट होकर जाएं.

मुख्य सचिव ने की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, समयबद्ध क्रियान्वयन पर दिया जोर

मुख्य सचिव ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की रायपुर मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के सभी विभागों के सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को शासन के सर्वाेच्च प्राथमिकता वाले कार्यों को वरीयता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मानिटरिंग करने के निर्देश दिए है।            बैठक में ई-ऑफिस, ई अटेंडेंस, लोक सेवा गारंटी, नियद नेल्लानार डेसबोर्ड, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति सीजी स्टेट पोर्टल, टीबी मुक्त भारत, सेवा सेतु, पीएम सूर्य घर बिजली सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को विभागों के अंतर्गत रिक्त पदों की अद्यतन जानकारी रखने एवं कर्मचारी चयन मंडल के कार्यों की प्रगति की जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों से ली।            बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव श्रीमती शहला निगार, मुख्यमंत्री एवं खनिज विभाग के सचिव श्री पी.दयानंद, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस.प्रकाश, सामान्य प्रशासन, जनशिकायत निवारण एवं उच्च शिक्षा विभाग के सचिव श्री अविनाश चम्पावत, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उभोक्ता संरक्षण एवं वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग की सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुश्री आर. शंगीता, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव श्री बसवराजु एस., जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की विशेष सचिव सुश्री ईफ्फत आरा सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के सचिव मौजूद थे।

रांची में भाजपा बैठक, शीर्ष नेताओं ने आगामी रणनीति पर की चर्चा

 रांची  भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन दो दिवसीय झारखंड दौरा संपन्न कर रविवार को दिल्ली लौट गए. प्रस्थान से पहले उन्होंने रांची और झारखंड को अपना दूसरा घर बताते हुए कहा कि यह पावन धरती भाजपा के लिए बेहद उज्ज्वल भविष्य लेकर आएगी. उन्होंने पूर्ण विश्वास जताया कि राज्य में भाजपा की जड़ों को फिर से उसी ऐतिहासिक मजबूती के साथ खड़ा किया जाएगा, जैसा वह पहले थीं. भाजपा प्रदेश कार्यालय से बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के लिए रवाना होने से पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं के साथ हुए संवाद को बेहद उत्साहजनक बताया. कार्यकर्ताओं की ऊर्जा और समर्पण की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि संगठन की ताकत ही भाजपा की सबसे बड़ी पूंजी है. अपने इस प्रवास के दौरान उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और कोर कमेटी के सदस्यों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं तथा आगामी राजनीतिक रणनीति व सांगठनिक विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा की. राजनीतिक गलियारों में उनके इस दो दिवसीय दौरे को संगठनात्मक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. प्रदेश अध्यक्ष के पैतृक आवास पर जुटे दिग्गज अपने झारखंड प्रवास के दूसरे दिन रविवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ओरमांझी के कुच्चू स्थित भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के पैतृक आवास पहुंचे. यहां उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष के परिवारजनों से मुलाकात की और अल्पाहार किया. इसके बाद आदित्य साहू के आवास पर ही एक उच्च स्तरीय परिचयात्मक बैठक आयोजित की गई, जिसमें झारखंड भाजपा के तमाम दिग्गज नेता और रांची के तीनों जिलों के कार्यसमिति सदस्य शामिल हुए. इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक और हालिया चुनाव के प्रत्याशियों ने हिस्सा लिया. राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सभी वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को संगठन की मजबूती, आगामी चुनौतियों और भाजपा के विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया. साथ ही, उन्होंने ‘विकसित झारखंड और विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने के लिए सभी से एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया. बैठक में झारखंड भाजपा के इन बड़े चेहरों की रही मौजूदगी इस महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठक में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, अर्जुन मुंडा, मधु कोड़ा, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी और संजय सेठ मुख्य रूप से उपस्थित रहे. इनके अलावा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र राय, दीपक प्रकाश, मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल, सांसद बीडी राम, पूर्व सांसद रामटहल चौधरी, विधायक पूर्णिमा साहू, पुष्पा देवी, रामचंद्र चंद्रवंशी, अमर कुमार बाउरी और रांची की पूर्व मेयर रोशनी खलखो सहित दर्जनों वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे. भाजपा प्रदेश नेतृत्व का मानना है कि इस दौरे से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होगा और राज्य में पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों को और अधिक गति मिलेगी.

अनुपमा स्टार सचिन त्यागी ने की रुपाली गांगुली की तारीफ, बोले— “उनके जैसा समर्पण दुर्लभ है”

 सीरियल ‘अनुपमा’ में दिग्विजय सूद का किरदार एक्टर सचिन त्यागी निभा रहे हैं. उन्होंने शो के अपने को-स्टार शिवम खजूरिया और रुपाली गांगुली को लेकर खुलकर बात की. सचिन ने जहां शिवम के एक्टिंग में आए बदलाव की तारीफ की, वहीं रुपाली की मेहनत और समर्पण को भी सराहा. शिवम खजूरिया को लेकर क्या बोले सचिन त्यागी? सचिन त्यागी और शिवम खजूरिया इससे पहले ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में भी साथ काम कर चुके हैं. अब दोनों एक बार फिर ‘अनुपमा’ में स्क्रीन शेयर कर रहे हैं. जूम / टेली टॉक इंडिया से बातचीत में शिवम के साथ दोबारा काम करने के अनुभव पर सचिन ने कहा, “वह अब पहले से कहीं बेहतर अभिनेता बन चुका है. एक कलाकार के तौर पर उसने खुद को काफी निखारा है. उसके अंदर काम को लेकर भूख बढ़ गई है. वह बेहद फोकस्ड एक्टर है और लगातार बेहतर होता जा रहा है.” रुपाली गांगुली की मेहनत के कायल हैं सचिन सचिन त्यागी ने रुपाली गांगुली की तारीफ करते हुए कहा, “मैं रुपाली का बहुत सम्मान करता हूं. मैंने अपनी जिंदगी में उनके जैसी एक्ट्रेस नहीं देखी, जो हर सीन में पहले से बेहतर करने की इतनी इच्छा रखती हो. वह हर सीन में अपना सौ प्रतिशत देती हैं. उनके काम के प्रति जुनून और जुड़ाव देखने लायक है. मैं उनकी मेहनत और समर्पण का बहुत बड़ा फैन हूं.” सचिन ने आगे कहा, “रुपाली से ज्यादा व्यस्त किसी कलाकार को देखना मुश्किल है. उनके पास विज्ञापन, इवेंट्स और शूटिंग का लगातार काम रहता है. वह बेहद व्यस्त इंसान हैं, लेकिन फिर भी अपने काम में कोई कमी नहीं आने देती.” 6 साल से दर्शकों का मनोरंजन कर रहा है ‘अनुपमा’ ‘अनुपमा’ पिछले छह सालों से टीवी दर्शकों की पसंद बना हुआ है. लेटेस्ट एपिसोड में दिखाया जा रहा है कि प्रेम, अनुपमा से नफरत करने लगा है. इसकी वजह से राही को भी अपनी मां से दूरी बनानी पड़ी. श्रुति की एंट्री से कहानी में नया ट्विस्ट आया है.

रसोई गैस 29 रुपये महंगी, हरपाल चीमा का केंद्र पर हमला; महंगाई को लेकर घेरा

चंडीगढ़  राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने घरेलू गैस सिलिंडर की कीमतों में 29 रुपये की वृद्धि को लेकर भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की।उन्होंने कहा कि तेल और जरूरी वस्तुओं की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से आम लोगों की जिंदगी दिन-ब-दिन मुश्किल होती जा रही है। गरीब व मध्य वर्गीय परिवार पहले से ही महंगाई के बोझ तले दबे हैं।रसोई गैस में ताजा वृद्धि ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। एलपीजी की कीमतें तुरंत वापस लेने की मांग करते चीमा ने कहा कि केंद्र सरकार कीमतें बढ़ाने के बजाय महंगाई कम करने के लिए ठोस कदम उठाए। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी पर आप के सीनियर नेता और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बार-बार बढ़ोतरी के बाद अब एक बार फिर घरेलू रसोई पर यह बोझ डाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि आम नागरिक हर तरफ से महंगाई की मार झेल रहा है। डीजल, एलपीजी, सीएनजी और दूसरी ज़रूरी चीज़ों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे लाखों परिवारों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी और महंगी हो गई है।  आप के सीनियर नेता ने कहा कि भाजपा सरकार यूएस-ईरान युद्ध समेत अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम का बहाना बनाकर नागरिकों पर और आर्थिक बोझ डाल रही है। उन्होंने कहा कि महंगाई को कंट्रोल करने और तेल की ऊंची कीमतों से राहत देने के वादे पर सत्ता में आने के बावजूद भाजपा इन वादों को पूरा करने में लगातार नाकाम रही है। उन्होंने आगे कहा कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी का असर पहले ही छोटे व्यापारियों, रेहड़ी-पटरी वालों और लोकल ढाबों/होटलों पर पड़ चुका है। हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी का असर पहले ही छोटे व्यापारियों, रेहड़ी-पटरी वालों और लोकल खाने-पीने की दुकानों पर पड़ चुका है। अब घरेलू एलपीजी की कीमतों में भी बढ़ोतरी होने से परिवारों और छोटे कारोबारियों पर आर्थिक दबाव और बढ़ेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों ने देश की आर्थिक स्थिति को कमजोर किया है और आम लोगों की खरीदने की ताकत कम की है। उन्होंने मज़ाक में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर विदेश दौरे करते हैं, लेकिन उनकी सरकार की विदेश और आर्थिक नीतियां देश के नागरिकों को राहत देने में पूरी तरह से फेल रही हैं। बढ़ी हुई एलपीजी की कीमतों को तुरंत वापस लेने की मांग करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि केंद्र सरकार को बार-बार तेल की कीमतें बढ़ाने के बजाय महंगाई को कंट्रोल करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि तेल और रसोई गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देश को आर्थिक तंगी की ओर धकेल रही है। केंद्र को आम लोगों पर बोझ डालना बंद करना चाहिए और जनता को असली राहत देने पर ध्यान देना चाहिए।  

मुल्लांपुर टेस्ट: भारत की अफगानिस्तान पर बड़ी जीत

मुल्लांपुर मुल्लांपुर (न्यू चंडीगढ़) के महाराजा यादविंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में भारत और अफगानिस्तान के बीच टेस्ट मैच खेला गया. इस मुकाबले को भारतीय टीम ने पारी और 300 रनों से जीता. मुकाबला तीसरे दिन के तीसरे सत्र में ही समाप्त हो गया. भारतीय टीम ने इस मुकाबले में अपनी पहली पारी 8 विकेट पर 564 रन बनाकर घोषित की. इसके बाद अफगानी टीम अपनी पहली पारी में 152 रनों पर ढेर हो गई और उसे फॉलोऑन खेलना पड़ रहा है. पहली पारी के आधार पर भारत को 412 रनों की बड़ी लीड मिली. फिर अफगानिस्तान की दूसरी पारी 112 रनों पर ही सिमट गई. मुकाबले में टॉस भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीता था और पहले बैटिंग करने का निर्णय लिया था. फॉलोऑन खेलते हुए भी अफगानी टीम की शुरुआत कुछ ठीक नहीं रही. अब्दुल मलिक सिर्फ 8 रनों के निजी स्कोर पर मोहम्मद सिराज का शिकार बने. यहां से अफगानिस्तान ने लगाातार अंतराल में विकेट खोए. सलामी बल्लेबाज सेदिकुल्लाह अटल ने सबसे ज्यादा 42 रन बनाए. वहीं रहमानुल्लाह गुरबाज (24 रन) और रहमत शाह (13 रन) भी दोहरे अंकों तक पहुंचने में सफल रहे. वॉशिंगटन सुंदर ने चार और कुलदीप यादव ने तीन सफलताएं हासिल कीं. मानव सुथार ने झटके 6 विकेट पहली पारी में अफगानी टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही. दूसरे दिन के ही खेल में अफगानिस्तान ने पांच विकेट गंवा दिए. अब्दुल मलिक (16 रन), रहमानुल्लाह गुरबाज (17 रन) और अफसर जजई (3 रन) के विकेट स्पिनर मानव सुथार ने झटके. सुथार का ये डेब्यू मुकाबला है. वहीं तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने सेदिकुल्लाह अटल (17 रन) और कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी (20 रन) को पवेलियन रवाना कर दिया. रहमत शाह ने शानदार बैटिंग कर अफगानी इनिंग्स को संभालने का प्रयास किया. तीसरे दिन के खेल में भारतीय टीम को प्रसिद्ध कृष्णा ने जल्द ही कामयाबी दिलाई और उन्होंने अजमतुल्लाह उमरजई (0 रन) को बोल्ड किया. रहमत शाह की शानदार बैटिंग जारी रही और वो भारत के खिलाफ टेस्ट मैच में 50 या उससे ज्यादा की इनिंग्स खेलने वाले पहले अफगानी बल्लेबाज बने. शराफुद्दीन अशरफ (11 रन) ने रहमत का साथ देने की कोशिश की, लेकिन मानव सुथार ने उनकी इनिंग्स पर ब्रेक लगा दिया. इसके बाद मानव सुथार ने रहमत शाह को बोल्ड कर अपने पांच विकेट पूरे किए. रहमत ने 9 चौके और एक छक्के की मदद से 135 बॉल पर 60 रन बनाए. मानव सुथार यही नहीं रुके और मोहम्मद सलीम सफी (0 रन) को आउट कर अपना छठा विकेट लिया. जियाउर रहमान शरीफी (6 रन) आउट होने वाले आखिरी बैटर रहे, जिनका विकेट वॉशिंगटन सुंदर ने लिया. भारत की ओर से स्पिनर मानव सुथार ने अपनी डेब्यू इनिंग्स में 6 विकेट झटके. भारत की पहली पारी में शुभमन-राहुल के शतक भारतीय टीम के लिए पहली पारी में कप्तन शुभमन गिल और सलामी बल्लेबाज केएल राहुल ने शतक जड़े. शुभमन ने 15 चौके और एक छक्के की सहायता से 177 गेंदों पर 126 रन बनाए. शुभमन के टेस्ट करियर की ये 11वीं सेंचुरी रही. वहीं केएल राहुल ने 11 चौके की मदद से 165 बॉल पर 100 रनों का योगदान दिया. राहुल के टेस्ट करियर का ये 12वां शतक रहा. साई सुदर्शन (81), ऋषभ पंत (81 रन) और वॉशिंगटन सुंदर (नाबाद 52 रन) भी अर्धशतक जड़ने में कामयाब रहे. अफगानिस्तान की ओर से तेज गेंदबाज मोहम्मद सलीम सफी ने सबसे ज्यादा 6 विकेट झटके. मुकाबले में भारत की प्लेइंग इलेवन: यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल, वॉशिंगटन सुंदर, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव और प्रसिद्ध कृष्णा. मुकाबले में अफगानिस्तान की प्लेइंग इलेवन: अब्दुल मलिक, सेदिकुल्लाह अटल, रहमानुल्लाह गुरबाज, रहमत शाह, हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अफसर जजई (विकेटकीपर), अजमतुल्लाह उमरजई, शराफुद्दीन अशरफ, नांगेयालिया खरोटी, जियाउर रहमान शरीफी और मोहम्मद सलीम सफी.

कुरुक्षेत्र के LNJP अस्पताल में विवाद गहराया, चेयरपर्सन के बयान से नाराज नर्सों का विरोध

कुरुक्षेत्र. एलएनजेपी अस्पताल में रविवार को राज्य महिला आयोग चेयरपर्सन रेणू भाटिया के निरीक्षण के दौरान नर्सिंग ऑफिसर्स पर टिप्पणी करने के मामले में सोमवार को अस्पताल की नर्सिंग ऑफिसर्स ने दो घंटे पेन डाउन प्रदर्शन किया। हालांकि आपातकालीन विभाग, महिला, पुरुष, नवजात शिशु देखरेख इकाई एवं प्रसूति विभाग में एक-एक नर्सिंग ऑफिसर्स तैनात रही, ताकि मरीजों को कोई दिक्कत न आए। नर्सिंग ऑफिसर्स के प्रदर्शन की सूचना मिलते ही प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सारा अग्रवाल और जिला सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह खुद चेयरपर्सन रेणू भाटिया से मिलेंगे और नर्सिंग ऑफिसर्स की बात रखेंगे। नर्सिंग ऑफिसर्स ने एक ज्ञापन भी जिला सिविल सर्जन को सौंपा और चेयरपर्सन से आकर माफी मांगने की अपील की। इस दौरान सीनियर नर्सिंग आफिसर गुरमीत कौर रोने लगी और कहा कि इससे नर्सिंग कैडर की भावनाओं को ठेस पहुंची है। गौर हो कि एक दिन पहले ही राज्य महिला आयोग चेयरपर्सन रेणू भाटिया एलएनजेपी अस्पताल में चिकित्सक डॉ. शैलेंद्र कुमार शैली पर नाबालिग से दुष्कर्म के लगे आरोपों के मामले में जांच करने के लिए पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने पीड़िता से भी बात की थी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पीएमओ डॉ. सारा अग्रवाल और तीन नर्सिंग ऑफिसर्स को निलंबित करने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखने की बात कही थी। साथ ही चिकित्सक से मिलीभगत का आरोप भी लगाया था। सीनियर नर्सिंग आफिसर गुरमीत कौर ने कहा कि चेयरपर्सन को ऐसा नहीं कहना चाहिए था।

‘नो एंट्री 2’ पर बड़ा अपडेट: अनीस बज्मी बोले फिल्म 100% बनेगी, अफवाहों पर लगाया विराम

काफी समय से सोशल मीडिया और खबरों में यह बात चल रही थी कि सुपरहिट फिल्म ‘नो एंट्री’ का दूसरा पार्ट यानी ‘नो एंट्री 2’ अब शायद कभी नहीं बनेगी. लोग तरह-तरह की बातें कर रहे थे क्योंकि फिल्म का काम बार-बार रुक रहा था. लेकिन अब इस फिल्म को बनाने वाले डायरेक्टर अनीस बज्मी ने खुद सामने आकर सबको सच बता दिया है. उन्होंने साफ कह दिया है कि यह फिल्म 100% बनेगी और इसे कोई नहीं रोक सकता. फिल्म बनने में इतनी देरी क्यों हो रही है? HT City को दिए इंटरव्यू में जब अनीस बज्मी से पूछा गया कि फिल्म शुरू होने में इतनी देर क्यों हो रही है, तो उन्होंने बहुत ही मजेदार जवाब दिया. उन्होंने कहा कि जैसे इंसानों की कुंडली होती है, वैसे ही कुछ फिल्मों की भी अपनी कुंडली होती है. कोई फिल्म बहुत जल्दी बन जाती है, तो किसी को बनने में थोड़ा ज्यादा समय लगता है. उन्होंने यह भी कहा कि ‘नो एंट्री 2’ की कहानी उन्होंने बहुत प्यार से लिखी है और यह उनके करियर की सबसे बेहतरीन कहानियों में से एक है. इसलिए भले ही थोड़ा समय लग रहा है, लेकिन फिल्म बनेगी जरूर. कौन-कौन से हीरो होंगे इस फिल्म में? इस फिल्म को लेकर सबसे बड़ा कन्फ्यूजन इसके एक्टर्स को लेकर है. पहले इस फिल्म के लिए वरुण धवन, अर्जुन कपूर और दिलजीत दोसांझ का नाम पक्का किया गया था. लेकिन फिर खबर आई कि दिलजीत दोसांझ के पास टाइम नहीं है, इसलिए वह इस फिल्म से बाहर हो गए. इसके बाद सुनने में आया कि वरुण धवन भी शायद इस फिल्म में न रहें. बीच में शाहिद कपूर का नाम भी सामने आया था. आसान शब्दों में कहें तो फिल्म में कौन-कौन से हीरो काम करेंगे, यह अभी पूरी तरह तय नहीं हुआ है क्योंकि सबकी डेट्स मैच नहीं कर पा रही हैं. लेकिन डायरेक्टर और प्रोड्यूसर जल्द ही नए एक्टर्स का नाम फाइनल कर लेंगे.

बीमा फ्रॉड और वाहन घोटालों का जाल, कनाडा में सक्रिय ठगी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश

चंडीगढ़. कनाडा में फर्जी सड़क हादसों, वाहन खरीद घोटालों, बीमा धोखाधड़ी और ज्वेलरी चोरी के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले कथित क्रिमिनल टूरिज्म नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। कनाडाई पुलिस की लंबे समय तक चली जांच में सामने आया है कि संगठित गिरोहों के सदस्य देश में पहुंचकर योजनाबद्ध तरीके से आर्थिक अपराधों को अंजाम दे रहे थे। इस मामले में पंजाब मूल के कई लोगों के नाम भी जांच के दायरे में आए हैं। डरहम रीजनल पुलिस सर्विस (डीआरपीएस) की ओर से चलाए गए प्रोजेक्ट जेटसेटर के तहत हुई जांच में 46 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जबकि 164 संदिग्ध अब भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार यह कोई सामान्य चोरी या धोखाधड़ी का मामला नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय संगठित नेटवर्क से जुड़ा प्रकरण है। फर्जी दस्तावेजों के सहारे धोखाधड़ी जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह के सदस्य वाहन खरीद और फाइनेंसिंग से जुड़े फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी करते थे। इसके अलावा बीमा कंपनियों से रकम वसूलने के लिए कथित तौर पर फर्जी सड़क दुर्घटनाएं भी करवाई जाती थीं। महंगे वाहनों की चोरी कर उन्हें दूसरे स्थानों पर भेजने और ज्वेलरी दुकानों को निशाना बनाने जैसे मामलों की भी जांच में पुष्टि हुई है। पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क तेजी से मुनाफा कमाने के उद्देश्य से काम कर रहा था। अपराधों को अंजाम देने के लिए सुनियोजित तरीके अपनाए गए, जिससे जांच एजेंसियों के लिए पूरे नेटवर्क तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण रहा। करीब 5,000 घंटे की जांच और नौ से अधिक अलग-अलग मामलों की पड़ताल के बाद अधिकारियों ने 200 से ज्यादा घटनाओं को इस नेटवर्क से जोड़ा है। 1400 से अधिक आरोप दर्ज डीआरपीएस के अनुसार केवल ओंटारियो के डरहम क्षेत्र में ही इन अपराधों से 26.1 लाख कनाडाई डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ है। जांच वर्ष 2019 से जारी है और अब तक 1,440 से ज्यादा आरोप दर्ज किए जा चुके हैं। कनाडाई अधिकारियों का कहना है कि ‘क्रिमिनल टूरिज्म’ संगठित अपराध का नया और तेजी से बढ़ता स्वरूप बनकर उभरा है। इसमें अपराधी सीमाओं के पार जाकर आर्थिक अपराधों को अंजाम देते हैं और फिर पहचान छिपाने का प्रयास करते हैं। अधिकारियों के मुताबिक इस तरह के नेटवर्क से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और पुलिस एजेंसियों के बीच मजबूत सहयोग की जरूरत है। जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और मामलों का खुलासा हो सकता है तथा कई अन्य संदिग्धों तक भी जांच का दायरा बढ़ाया जा सकता है। यह भी पढ़ें- जालंधर में दर्दनाक हादसा, पति के साथ स्कूटर पर जा रही महिला को ट्रक ने कुचला, मौके पर मौत ये हैं गिरफ्तार किए गए आरोपित कनाडाई पुलिस ने ‘प्रोजेक्ट जेटसेटर’ जांच के तहत पंजाब मूल के दो युवकों को गिरफ्तार किया है : अरशजोत सिंह ढिल्लों (23 वर्ष) अरमान शर्मा (23 वर्ष) पुलिस दस्तावेजों के अनुसार दोनों पर कथित तौर पर संगठित आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों में आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह नेटवर्क वाहन खरीद घोटालों, वाहन फाइनेंसिंग फ्राड, फर्जी सड़क दुर्घटनाओं के जरिए बीमा दावों में धोखाधड़ी, रिटेल चोरी और अन्य वित्तीय अपराधों में सक्रिय था। हालांकि पुलिस ने सार्वजनिक बयान में प्रत्येक आरोपित की व्यक्तिगत भूमिका का विस्तृत खुलासा नहीं किया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आरोपितों की नेटवर्क में भूमिका से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। जांच के प्रमुख बिंदु 2019 से चल रही है जांच 46 लोगों पर कार्रवाई 164 संदिग्ध अब भी फरार 1,440 से अधिक आरोप दर्ज 26.1 लाख कनाडाई डालर से ज्यादा का वित्तीय नुकसान वाहन घोटाले, बीमा फ्राड और चोरी के मामलों पर फोकस