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चंडीगढ़ को दहलाने की साजिश नाकाम, बम धमकी मामले में पुलिस का बड़ा खुलासा

चंडीगढ़. देशभर में विभिन्न संस्थानों को भेजी जा रही बम धमकियों की जांच में गिरफ्तार बांग्लादेश मूल के आरोपित सौरव विश्वास से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। चंडीगढ़ पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपित ने अपने यूट्यूब चैनल पर लाइक, कमेंट, फॉलो, शेयर और सब्सक्राइबर बढ़ाने के लिए टेलीग्राम के जरिये किसी अज्ञात व्यक्ति से करीब 300 पुरानी और डीएक्टिवेट ई-मेल आईडी खरीदी थीं। इन आईडी का इस्तेमाल कर बाद में आरोपित ने 219 ई-मेल आईडी बांग्लादेश में एक व्यक्ति को बेच दीं। सूत्रों के अनुसार अब इन्हीं ई-मेल आईडी से देशभर में बम से उड़ाने की धमकियां भेजी जा रही है। सौरव विश्वास वर्ष 2017 में एक ब्रोकर की मदद से अवैध तरीके से जंगल के रास्ते से भारत में दाखिल हुआ था। भारत आने के बाद वह पश्चिम बंगाल में रहने लगा भारत आने के बाद वह पश्चिम बंगाल में रहने लगा। शुरुआती दिनों में उसने करीब दो महीने तक मजदूरी की। इसके बाद वह एक साइबर कैफे में काम करने लगा, जहां से उसे इंटरनेट और तकनीकी गतिविधियों की जानकारी मिली। साइबर कैफे की नौकरी छोड़ने के बाद आरोपित ने अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया और उस पर थ्री-डी एनिमेशन वीडियो अपलोड करने लगा। चैनल को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए उसने टेलीग्राम के माध्यम से पुरानी और डीएक्टिवेट ई-मेल आईडी खरीदी । जांच में सामने आया है कि वह एक-एक ई-मेल आईडी का पासवर्ड जनरेट कर उसे सक्रिय करता था और फिर उन्हीं आईडी के माध्यम से अपने यूट्यूब और फेसबुक चैनल पर लाइक, कमेंट और सब्सक्रिप्शन बढ़ाता था। इस तरीके से आरोपित का यूट्यूब चैनल तेजी से बढ़ा और उसके करीब पांच लाख सब्सक्राइबर हो गए। इसके बाद उसने डिजिटल मार्केटिंग का काम भी शुरू कर दिया और फेसबुक विज्ञापन तैयार करने सहित अन्य ऑनलाइन प्रचार गतिविधियों से जुड़ गया। इससे उसकी आय भी बढ़ने लगी थी। हालांकि बाद में कॉपीराइट के कारण उसका यूट्यूब चेनल बंद हो गया। ई-मेल आईडी का पूरा रिकॉर्ड एक्सेल शीट में रखा था जांच में सामने आया है कि आरोपित ने खरीदी और बेची गई ई-मेल आईडी का पूरा रिकॉर्ड एक्सेल शीट में तैयार कर रखा था। सूत्रों के अनुसार गुजरात पुलिस को सबसे पहले आरोपित से जुड़ा महत्वपूर्ण सुराग मिला था। इसके बाद पुलिस ने टेलीग्राम पर उससे संपर्क किया और ई-मेल आईडी खरीदने के लिए बात की। आरोपी ने गुजरात पुलिस को आम व्यक्ति समझकर एक्सेल शीट भेज दी। एक्सेल शीट देखते ही पुलिस को पता चला कि जिन ईमेल से बम धमकियां दी जा रही हैं, वह सौरव ने ही बेची हैं। जिसके बाद तकनीकी जांच, आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद से पुलिस आरोपित तक पहुंच गई। 145 यूएसडीटी में बेचीं 219 ई-मेल आईडी पूछताछ में सामने आया है कि आरोपित ने अपने पास मौजूद 219 ई-मेल आईडी टेलीग्राम के माध्यम से बांग्लादेश में रहने वाले मामुनुर राशिद नामक व्यक्ति को बेच दी थीं। सूत्रों के अनुसार यह सौदा 145 यूएसडीटी में हुआ था। भारतीय मुद्रा में इसकी कीमत करीब 13 हजार रुपये बैठती है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इन्हीं ई-मेल आईडी का इस्तेमाल बाद में बम धमकी वाले ई-मेल भेजने में किया गया। सूत्रों के अनुसार जिन ई-मेल आईडी को आरोपित ने बेचा था, उनका इस्तेमाल विभिन्न संस्थानों को धमकी भरे संदेश भेजने में किया गया। चंडीगढ़ और मोहाली में भी स्कूलों और अदालतों, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, मेयर कार्यालय, पासपोर्ट कार्यालय, डाकघर, सचिवालय और अन्य संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। तीन लैपटॉप और तीन मोबाइल फोन हुए बरामद गुजरात पुलिस ने आरोपित के कब्जे से तीन लैपटॉप और तीन मोबाइल फोन बरामद किए थे। इन उपकरणों की जांच के दौरान ई-मेल आईडी से संबंधित डेटा भी मिला। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि जिन ई-मेल आईडी से धमकी भरे संदेश भेजे गए, वह आरोपित सौरव विश्वास ने ही बेची हुई है। दिल्ली और अमृतसर पुलिस भी कर चुकी पूछताछ गिरफ्तारी के बाद आरोपित गुजरात पुलिस की हिरासत में था। इसी दौरान चंडीगढ़ पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेने पहुंची, लेकिन उससे पहले दिल्ली पुलिस उसे अपने साथ ले गई। दिल्ली पुलिस की पूछताछ के बाद आरोपित को अमृतसर पुलिस ने भी पूछताछ के लिए लिया। बाद में उसे तिहाड़ जेल भेज दिया गया। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने तिहाड़ जेल से प्रोडक्शन वारंट हासिल कर आरोपित को चंडीगढ़ लाकर पूछताछ की। शहर में सेक्टर-17 और सेक्टर-3 थाना क्षेत्र में दर्ज दो अलग-अलग एफआईआर में उससे पूछताछ हुई। पहले सेक्टर-17 थाना पुलिस ने पूछताछ की और बाद में सेक्टर-3 थाना पुलिस ने पूछताछ की। पूछताछ पूरी होने के बाद शुक्रवार को आरोपित को दोबारा तिहाड़ जेल भेज दिया गया। बिस्वास को अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 1 मार्च को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले से गिरफ्तार किया था। चंडीगढ़, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश , गुजरात और महाराष्ट्र में ईमेल से बम धमकियां आ चुकी हैं।

वास्तु टिप्स: झाड़ू रखने के सही नियम, घर में बढ़ती है सुख-समृद्धि

वास्तु शास्त्र में झाड़ू का स्थान केवल एक सफाई उपकरण से कहीं ज्यादा है.  इसे माता लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है.  घर में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए झाड़ू के उपयोग से जुड़े वास्तु नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है.  गलत तरीके से झाड़ू लगाना न केवल घर में नकारात्मकता लाता है, बल्कि आर्थिक तंगी का कारण भी बन सकता है. झाड़ू लगाने का सही तरीका और दिशा वास्तु के अनुसार घर की सफाई की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान देना चाहिए. घर की सफाई हमेशा मुख्य दरवाजे के पास से शुरू करके घर के अंदर के हिस्सों (जैसे रसोई, बेडरूम या लिविंग रूम) की ओर करनी चाहिए. प्रवेश द्वार को सकारात्मक ऊर्जा का मुख्य स्रोत माना जाता है, इसलिए वहां से सफाई शुरू करने से घर में खुशहाली का आगमन होता है. इसके विपरीत, कभी भी घर के अंदर से बाहर की ओर झाड़ू नहीं लगानी चाहिए, क्योंकि ऐसी मान्यता है कि इससे घर की लक्ष्मी बाहर चली जाती है और सकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाती है. सफाई का उचित समय और सावधानियां वास्तु शास्त्र में समय का चुनाव घर की ऊर्जा को प्रभावित करता है: झाड़ू लगाने के लिए सुबह का समय, विशेषकर ब्रह्म मुहूर्त, सबसे शुभ और उत्तम माना गया है. सूर्यास्त के बाद या शाम के समय झाड़ू लगाना वर्जित माना जाता है, क्योंकि इस समय नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव अधिक होता है. यदि किसी अनिवार्य स्थिति में शाम को झाड़ू लगानी भी पड़े, तो भूलकर भी घर का कचरा बाहर नहीं फेंकना चाहिए, क्योंकि इससे आर्थिक हानि की संभावना बढ़ जाती है. झाड़ू के रखरखाव से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें झाड़ू का अपमान करने से बचना चाहिए और इसके रखरखाव में सावधानी बरतनी चाहिए: सफाई के बाद कचरे को घर में लंबे समय तक जमा न रखें, बल्कि इसे तुरंत बाहर फेंक दें, क्योंकि जमा हुआ कचरा दरिद्रता को आमंत्रित करता है. झाड़ू को कभी भी पैर नहीं लगाना चाहिए और न ही इसे घर में कहीं भी खुले में खड़ा रखना चाहिए. इसे हमेशा किसी ऐसी सुरक्षित जगह पर छिपाकर रखें जहां बाहर से आने वाले लोगों की नजर इस पर न पड़े. वास्तु के अनुसार, नई झाड़ू का उपयोग हमेशा शनिवार या किसी शुभ तिथि से शुरू करना अत्यंत फलदायी माना जाता है.

चार घंटे के थ्रिलर में ज्वेरेव की जीत: पांच सेटों के संघर्ष के बाद मिला फ्रेंच ओपन खिताब

 पेरिस  जर्मनी के एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने वर्षों की निराशा को पीछे छोड़ते हुए आखिरकार अपना पहला ग्रैंडस्लैम खिताब जीत लिया। ज्वेरेव ने रविवार को फ्रेंच ओपन पुरुष सिंगल्स के फाइनल में इटली के फ्लावियो कोबोली को चार घंटे और 16 मिनट तक पांच सेट चले संघर्षपूर्ण मुकाबले में 6-1, 4-6, 6-4, 6-7 (5), 6-1 से हराकर रोलां गैरो का खिताब अपने नाम किया। 29 वर्षीय ज्वेरेव के करियर का यह सबसे बड़ा क्षण रहा। इससे पहले वह तीन बार ग्रैंडस्लैम फाइनल में हार चुके थे, जिसमें 2024 का फ्रेंच ओपन फाइनल भी शामिल था। इस जीत के साथ वह पिछले 30 वर्षों में ग्रैंडस्लैम सिंगल्स खिताब जीतने वाले पहले जर्मन पुरुष खिलाड़ी बन गए। उनसे पहले 1996 में बोरिस बेकर ने आस्ट्रेलियन ओपन जीता था। एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने पहले ही सेट में बनाया दबाव फिलिप चैट्रियर कोर्ट पर खेले गए फाइनल में ज्वेरेव ने शानदार शुरुआत की। उन्होंने पहले सेट में कोबोली को पूरी तरह दबाव में रखते हुए 6-1 से जीत दर्ज की। हालांकि 10वीं वरीयता प्राप्त कोबोली ने दूसरे सेट में जोरदार वापसी की। सातवें गेम में सर्विस ब्रेक हासिल कर उन्होंने सेट 6-4 से जीत लिया और मुकाबला बराबरी पर ला दिया। तीसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन कोबोली की एक अनफोर्स्ड गलती ने ज्वेरेव को सेट प्वाइंट दे दिया, जिसका उन्होंने पूरा फायदा उठाकर 6-4 से सेट अपने नाम किया। चौथे सेट में ज्वेरेव एक समय मजबूत स्थिति में थे, लेकिन दबाव के क्षणों में उनकी लय बिगड़ गई। टाईब्रेक में कोबोली ने आक्रामक खेल दिखाते हुए सेट जीत लिया और मुकाबले को निर्णायक पांचवें सेट तक खींच दिया। एलेक्जेंडर ज्वेरेव की सूझबूझ आई काम निर्णायक सेट में ज्वेरेव का अनुभव और मानसिक मजबूती काम आई। उन्होंने शुरुआत से ही मैच पर नियंत्रण बना लिया और कोबोली को कोई मौका नहीं दिया। 6-1 से सेट जीतकर उन्होंने अपने करियर का बहुप्रतीक्षित पहला ग्रैंडस्लैम खिताब हासिल कर लिया। यह जीत कई मायनों में ऐतिहासिक रही। ज्वेरेव ने अपने 125वें ग्रैंडस्लैम मैच जीत के बाद पहला मेजर खिताब जीता। इससे पहले किसी खिलाड़ी ने अपने पहले ग्रैंडस्लैम खिताब के लिए इतनी अधिक जीत का इंतजार नहीं किया था। टूर्नामेंट में इस बार कई बड़े उलटफेर हुए। कई दिग्गज पहले ही हो गए थे बहर कार्लोस अलकराज की अनुपस्थिति में विश्व नंबर एक जानिक सिनर, 24 बार के ग्रैंडस्लैम विजेता नोवाक जोकोविक दूसरे सप्ताह से पहले ही बाहर हो गए थे, जिसके बाद ज्वेरेव पर खिताब जीतने का दबाव और उम्मीद दोनों बढ़ गई थीं। आखिरकार उन्होंने उस चुनौती को स्वीकार किया और अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली। फ्रेंच ओपन 2026 का यह खिताब न केवल ज्वेरेव के लिए, बल्कि जर्मन टेनिस के लिए भी एक नई शुरुआत माना जा रहा है।  

CM साय के रिप्लाई ने जीता दिल, ‘समधी भेंट’ को लेकर सोशल मीडिया पर छिड़ी चर्चा

रायगढ़. सियासत की बिसात पर अक्सर तनाव, तीखे बयान और तल्खियों की ही खबरें सुर्खियां बनती हैं। लेकिन कभी-कभी राजनीति की इस रूखी जमीन पर कुछ तस्वीरें ऐसी सामने आ जाती हैं, जो सारे समीकरणों और कयासों के बीच एक खुशनुमा माहौल बना देती हैं। प्रदेश की राजनीति में इन दिनों एक ऐसी ही तस्वीर और उसके पीछे की दिलचस्प कहानी ने सबका ध्यान खींचा है। हमेशा अपने तीखे और बेबाक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले सूबे के एक कद्दावर विधायक और प्रदेश के मुखिया के बीच जो सार्वजनिक स्नेह देखने को मिला है, उसने राजनीतिक गलियारों में चल रही तमाम अफवाहों को एक झटके में शांत कर दिया है। यह वाकया सिर्फ एक तस्वीर खिंचवाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दोनों नेताओं के बीच हुए आत्मीय संवाद ने रिश्तों की एक नई इबारत लिख दी है। ठेठ छत्तीसगढ़िया अंदाज और जनता की वो खास मांग यह पूरा दिलचस्प और ठेठ देसी घटनाक्रम एक ग्रामीण इलाके में आयोजित बड़े सामाजिक महाधिवेशन के दौरान सामने आया। जब प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कुरुद के वरिष्ठ भाजपा विधायक अजय चंद्राकर धमतरी जिले के ग्राम छाती में चंद्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के केंद्रीय महाधिवेशन में एक साथ पहुंचे, तो वहां का माहौल ही बदल गया। ग्रामीण परिवेश और अपनी माटी की संस्कृति के बीच जब ये दोनों बड़े नेता एक साथ नजर आए, तो वहां मौजूद समाज के लोगों ने सहज भाव से कह दिया कि दोनों एक बार समधी भेंट कर लें। ग्रामीण अंचलों में रिश्तों की प्रगाढ़ता दर्शाने के लिए समधी, मामा या भांजा जैसे शब्द एक बेहद प्यारे और आत्मीय संबोधन माने जाते हैं। जनता के इस अपनत्व भरे आग्रह को दोनों ही नेताओं ने पूरे सम्मान के साथ सिर माथे लिया और मुस्कुराते हुए एक-दूसरे के कंधे पर हाथ रखकर एक शानदार तस्वीर खिंचवाई। विधायक ने एक्स पर साझा किया अपना अगाध प्रेम इस खूबसूरत वाकये के बाद विधायक अजय चंद्राकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वह तस्वीर साझा कर दी। अपनी पोस्ट में उन्होंने अपने दिल की बात लिखते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी के प्रति उनके मन में अगाध आदर है और वह उन्हें स्नेह से ‘समधी जी’ कहते हैं। उन्होंने पूरी बेबाकी से बताया कि कैसे समाज के लोगों के आग्रह पर यह तस्वीर ली गई और मुख्यमंत्री ने अपनी चिरपरिचित सहजता से इस पल को हमेशा के लिए यादगार बना दिया। इस पोस्ट के सामने आते ही इंटरनेट और राजनीतिक चौपालों पर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। लोग इस खुलेपन और आत्मीयता की जमकर तारीफ करने लगे। मुख्यमंत्री के जवाब ने जीत लिया सबका दिल असली राजनीतिक और सामाजिक मिठास तब सामने आई, जब खुद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पोस्ट पर अपना जवाब दिया। सीएम साय ने अपने आधिकारिक हैंडल से अजय चंद्राकर की पोस्ट को कोट करते हुए उसे रिट्वीट किया। उन्होंने बेहद प्यार भरे अंदाज में लिखा कि अजय जी का यह स्नेहपूर्ण संबोधन उन्हें हमेशा आत्मीयता से भर देता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ग्राम छाती में समाज के आग्रह पर हुई यह ‘समधी भेंट’ उनके लिए भी एक स्मरणीय पल बन गई है। उन्होंने विधायक के सहज अपनापन, मिलनसार स्वभाव और समाज के साथ उनके गहरे जुड़ाव की जमकर तारीफ की। मुख्यमंत्री ने यह भी संदेश दिया कि छत्तीसगढ़ की यही पारिवारिक संस्कृति, अपनापन और आपसी सम्मान हमारी सबसे बड़ी ताकत है।

हेयर लॉस के शुरुआती संकेत, समय रहते पहचानें वरना बढ़ सकता है गंजापन

आजकल की बिजी लाइफस्टाइल और बढ़ते स्ट्रेस के बीच हेयर लॉस होना एक बेहद कॉमन समस्या बन चुका है. लोग अक्सर उस समय अधिक परेशान हो जाते हैं, जब कंघी में बालों के गुच्छे आने लगते हैं या स्कैल्प खाली दिखने लगती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि किसी के भी बाल अचानक नहीं झड़ते, बल्कि हमारा स्कैल्प बहुत पहले ही इसके संकेत देना शुरू कर देता है? हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यदि आप समय रहते इन शुरुआती लक्षणों को पहचान लें तो गंजेपन का शिकार होने से बच सकते हैं. आइए जानते हैं कि हेयर फॉल की शुरुआत कैसे होती है और रिकवरी के क्या ऑपशंस हैं. ये है हेयर फॉल का पहला संकेत एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जब भी गंजेपन की शुरुआत होती है तो उसका सबसे पहला संकेत हेयर थिनिंग यानी बालों का पतला होना है. इस स्टेज में आपके बाल अचानक टूटने नहीं लगते बल्कि उनका डायमीटर (मोटाई) धीरे-धीरे कम होने लगता है. यदि आपको महसूस हो रहा है कि आपकी मांग (Parting) चौड़ी हो रही है या पोनीटेल पहले के मुकाबले पतली महसूस हो रही है तो समझ जाएं कि आपके बालों की सेहत बिगड़ रही है. क्या है फॉलिकल का मिनिएचराइजेशन? साइंस की भाषा में बालों के पतले होने की इस पूरी प्रक्रिया को मिनिएचराइजेशन ओएफ फॉलिकल कहा जाता है. हेल्थलाइन के मुताबिक, इस प्रोसेस में स्कैल्प के अंदर मौजूद हेयर फॉलिकल्स यानी जहां से बाल उगते हैं, वो धीरे-धीरे सिकुड़ने लगते हैं. इसके कारण हेयर फॉलिकल्स तक खून की सप्लाई और जरूरी न्यूट्रिशन नहीं पहुंच पाता. नतीजा यह होता है कि हर नए हेयर साइकिल में निकलने वाला बाल पहले से ज्यादा कमजोर, पतला और छोटा होता जाता है जो बाद में पूरी तरह टूटने लगता है और आप गंजेपन की ओर बढ़ जाते हैं. स्टेज 1 से 5 के बीच रिकवरी है पॉसिबल यदि आपके बाल पतले हो रहे हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है. साइंटिफिक फैक्ट्स बताते हैं कि जब तक मिनिएचराइज्ड फॉलिकल पूरी तरह सील या बंद नहीं हो जाते तब तक उनसे नए और घने बाल वापस पाना मुमकिन है. हेयर लॉस को मापने के लिए डॉक्टर्स नॉरवुड स्केल का इस्तेमाल करते हैं. उनके अनुसार, यदि आप स्टेज 1 से स्टेज 5 के बीच में हैं तो आपको डेफिनिटली सही ट्रीटमेंट ट्राई करना चाहिए. इस दौरान फॉलिकल्स जीवित होते हैं और डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह पर मिनोक्सिडिल, पीआरपी थेरेपी या सही डाइट से इन्हें दोबारा एक्टिव किया जा सकता है.

कहीं बारिश तो कहीं लू का कहर, राजस्थान का मौसम बदलेगा रंग

 जयपुर राजस्‍थान में आज आंधी-बारिश के साथ हीटवेव का अलर्ट है. मौसम  विभाग ने अलवर, भरतपुर, दौसा डीग, धौलपुर, करौली, खैरथल तिजारा, कोटपुतली बहरोड़ के लिए आंधी बारिश का अलर्ट जारी किया है. हनुमानगढ़ और पश्चिमी राजस्थान के लिए हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है. जयपुर में हुई बारिश रविवार को प्रदेश में मिला जुला मौसम रहा. उमस से लोग बेहाल नजर आए. दिन भर खिली धूप ने गर्मी से लोगों को परेशान किया. हालांकि, देर शाम राजधानी जयपुर समेत कई जगहों पर तेज हवाओं के साथ बरसात हुई. इससे रात को गर्मी और उमस से थोड़ी राहत मिली.   हल्की बारिश की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य के ऊपर बने परिसंचरण तंत्र के प्रभाव से राज्य के कुछ भागों में आंधी बारिश की गतिविधियां आगामी 2-3 दिन तक जारी रहने की संभावना है. इसके बाद पूर्वी राजस्थान में छुटपुट स्थानों पर मध्यम दर्जे का मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश की संभावना है. पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में आज से 11 जून के दौरान कुछ स्थानों पर अधिकतम तापमान 44-46 डिग्री से. दर्ज होने व कहीं-कहीं हीटवेव चलने की संभावना है.   श्रीगंगानगर में पारा 44 डिग्री प्रदेश में सर्वाधिक तापमान श्रीगंगानगर में 44.8 डिग्री दर्ज किया गया.  वहीं, अन्य शहरों में भी अब तापमान धीरे धीरे बढ़ने लगा है.  जयपुर में तापमान में 4 डिग्री से भी ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई.  राजधानी में पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री दर्ज किया गया.

एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की निगरानी अब सीधे CM योगी करेंगे

लखनऊ यूपी की योगी सरकार ने यूपी में एक्सप्रेसवे और उससे जुड़ी परियोजनाओं के होने वाले कामों को लेकर महत्वपूर्ण फैसला किया है। एक्सप्रेसवे बनाने के लिए बनाए गए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) का काम अवस्थापना विभाग के अधीन कर दिया गया है। अभी तक यह काम औद्योगिक विकास विभाग के अनुभाग तीन द्वारा देखा जा रहा था। अवस्थापना मंत्रालय मुख्यमंत्री के पास है। इसके बाद यह साफ हो गया है कि एक्सप्रेसवे और इससे जुड़ी परियोजनाओं का काम मुख्यमंत्री सीधे तौर पर देखेंगे। सचिव सचिवालय प्रशासन गुर्राला श्रीनिवासुलु की ओर से इस बारे में आदेश जारी कर दिया गया है। यह बदलाव क्यों किया जा रहा है, इसके बारे में भी बताया गया है। यूपी में अभी तक औद्योगिक विकास विभाग के अधीन यूपीडा का काम देखा जाता था। शासन में औद्योगिक विकास विभाग के अनुभाग तीन को यह काम आवंटित था। सचिव सचिवालय प्रशासन गुर्राला श्रीनिवासुलु की ओर से जारी आदेश में यूपीडा के काम को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई है। उनके इस आदेश में कहा गया है कि 18 मई 2007 को अवस्थापना विभाग का गठन किया गया और 30 जुलाई 2007 को काम भी आवंटित किए गए। अवस्थापना का काम औद्योगिक विकास अनुभाग तीन द्वारा देखा जा रहा था। बदलाव के लिए यह बताया गया कारण आदेश में कहा गया है कि अवस्थापना विकास अनुभाग का काम तय है। यूपीडा के अधीन एक्सप्रेसवे परियोजनाओं का काम औद्योगिक विकास विभाग के अनुभाग तीन को आवंटित है। निर्धारित लागत सीमा से अधिक चिह्नित अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए सार्वजनिक क्षेत्र, निजी क्षेत्र या सहभागिता के आधार पर क्रियान्वयन की नीति निर्धारण व समन्वय का काम अवस्थापना विकास अनुभाग को आवंटित है। इसके चलते इस काम के आवंटन में विरोधाभाष तथा संबंधित प्रत्रावलियों के निस्तारण को और आसान बनाने के लिए यूपीडा से संबंधित सभी काम तात्कालिक प्रभाव से अवस्थापना विकास अनुभाग को आवंटित कर दिया गया है। नई स्टार्टअप नीति बनेगी वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी स्टार्टअप केंद्र बनाने के लिए नई स्टार्टअप नीति-2026 तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नई नीति में भरण-पोषण भत्ता, प्रोटोटाइप अनुदान, सीड कैपिटल सहायता तथा पेटेंट एवं गुणवत्ता प्रमाणन से जुड़े प्रोत्साहनों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। सीएम ने निर्देश दिया कि महिला उद्यमियों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, दिव्यांगजन, ट्रांसजेंडर उद्यमियों तथा पूर्वांचल एवं बुंदेलखंड क्षेत्र के स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन देने के प्रावधान शामिल किए जाएं। स्टार्टअप गतिविधियों के संचालन, प्रोत्साहन, वित्तीय प्रबंधन, निगरानी, क्षमता निर्माण तथा विभिन्न हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन का गठन किया जाए। प्रस्तावित नीति की समीक्षा मुख्यमंत्री ने रविवार को प्रस्तावित उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 के विभिन्न प्रावधानों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति, बड़ा बाजार, डिजिटल एवं औद्योगिक आधार, निवेशकों के अनुकूल वातावरण यूपी को अर्थव्यवस्था का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की क्षमता रखते हैं। नई नीति ऐसी होनी चाहिए जो प्रदेश के युवाओं को रोजगार खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाए। उत्तर प्रदेश को स्टार्टअप तथा नवाचार के क्षेत्र में पहचान दिलाए। मुख्यमंत्री को प्रमुख सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स ने बताया कि पिछले सालों में यूपी ने स्टार्टअप इकोसिस्टम के विकास में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। 2018 में ‘एस्पायरिंग लीडर’ श्रेणी से आगे बढ़ते हुए उत्तर प्रदेश वर्ष 2025 में भारत सरकार की स्टार्टअप रैंकिंग में ‘टॉप परफॉर्मर’ श्रेणी में स्थान प्राप्त कर चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्टार्टअप्स को प्रारंभिक चरण से लेकर विस्तार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा तक जरूरी सहयोग उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

यात्रीगण कृपया ध्यान दें: अमृतसर से मुंबई तक नई स्पेशल ट्रेन, रेलवे ने बढ़ाई अतिरिक्त सुविधाएं

अमृतसर गर्मी के मौसम में बढ़ती यात्रियों की संख्या और लंबी वेटिंग सूची को देखते हुए रेलवे ने अमृतसर से मुंबई के बीच नई समर स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही पंजाब में रह रहे बिहार के यात्रियों की सुविधा के लिए अमृतसर-कटिहार स्पेशल ट्रेन के संचालन की अवधि बढ़ाने के साथ अतिरिक्त फेरे भी जोड़े गए हैं।  रेलवे अधिकारियों के अनुसार अमृतसर और मुंबई (बांद्रा टर्मिनस) के बीच विशेष ट्रेन चलाए जाने से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। यह ट्रेन जालंधर सिटी, फगवाड़ा, धंडारी कलां (लुधियाना), अंबाला कैंट, पानीपत, नई दिल्ली (सफदरजंग), मथुरा, कोटा, रतलाम, वडोदरा, सूरत और बोरीवली होते हुए बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। अमृतसर-बांद्रा टर्मिनस समर स्पेशल का शेड्यूल ट्रेन संख्या 04694/04693 अमृतसर-बांद्रा :  टर्मिनस-अमृतसर स्पेशल अमृतसर से 12, 19 और 26 जून तथा 3 और 10 जुलाई को प्रत्येक शुक्रवार रात 8:10 बजे रवाना होगी। वापसी में यह ट्रेन बांद्रा टर्मिनस से 14, 21 और 28 जून तथा 5 और 12 जुलाई को प्रत्येक रविवार सुबह 8 बजे चलेगी। इसी तरह कटिहार स्पेशल ट्रेन के भी फेरे बढ़ा दिये गए है। रेलवे ने अमृतसर और कटिहार के बीच चल रही विशेष ट्रेन के संचालन को जुलाई के अंत तक बढ़ा दिया है। ट्रेन संख्या 05736/05735 कटिहार-अमृतसर-कटिहार स्पेशल अब विस्तारित अवधि के तहत अतिरिक्त फेरों के साथ संचालित होगी। कटिहार से अमृतसर के लिए यह ट्रेन 22 जुलाई से 29 जुलाई तक प्रत्येक बुधवार को तीन अतिरिक्त फेरे लगाएगी। वहीं अमृतसर से कटिहार के लिए 17 जुलाई से 31 जुलाई तक प्रत्येक शुक्रवार को तीन अतिरिक्त फेरे संचालित किए जाएंगे। रेलवे अधिकारियोंका कहना है कि इन विशेष ट्रेनों के संचालन से पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और बिहार जाने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी तथा गर्मी के मौसम में बढ़ी हुई यात्रा मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।

13 जून तक का समय, फिर आर-पार की लड़ाई! पंजाब कर्मचारियों के ऐलान से बढ़ी सरकार की चिंता

लुधियाना   पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विस यूनियन की प्रदेश स्तरीय ऑनलाइन वर्चुअल मीटिंग प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह विर्क और प्रदेश महासचिव तरसेम भट्ठल की अध्यक्षता में हुई। मीटिंग में 3 जून को वित्त मंत्री की अध्यक्षता में यूनियन की मांगों को लेकर हुई मीटिंग पर विस्तार से चर्चा की गई। नेताओं ने बताया कि सरकार की तरफ से मीटिंग की कार्रवाई रिपोर्ट 48 घंटे में जारी करने का भरोसा दिया गया था परंतु निर्धारित समय में रिपोर्ट जारी न होने के बाद मीटिंग में शामिल नेताओं ने संदेह जताया कि सरकार कहीं समय बिताने की नीति तो नहीं अपना रही? लीडरशिप ने कहा कि मौजूदा भगवंत मान सरकार के पिछले साढ़े 4 साल के कार्यकाल के दौरान कर्मचारियों की मांगों पर कोई प्रगति नहीं हुई है, जिसके कारण कर्मचारी वर्ग का सरकार से विश्वास उठ चुका है। इसलिए फैसला किया गया कि पंजाब सरकार को तुरंत एक नोटिस जारी किया जाए और वित्त मंत्री के साथ हुई मीटिंग में विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारियों की मौजूदगी में मांगों पर लिए गए फैसलों संबंधी संगठन की तरफ से खुद एक कार्रवाई रिपोर्ट तैयार करके जारी की जाए। नोटिस के जरिए सरकार को लिखा जाए कि वह मीटिंग में हुए फैसलों के मुताबिक 12 जून तक कर्मचारियों की मांगों को लागू करे, नहीं तो 13 जून को अगले बड़े संघर्ष का ऐलान किया जाएगा। प्रदेश प्रैस सचिव गुरप्रीत सिंह खटड़ा ने बताया कि इस ऑनलाइन मीटिंग में संगठन की प्रदेश लीडरशिप, विभागीय संगठनों की लीडरशिप और जिलों के अध्यक्ष व महासचिव शामिल हुए। इनमें रघबीर सिंह बडवाल, अनिरुद्ध मोदगिल, पिप्पल सिंह, जगदीश ठाकुर, खुशकरनजीत सिंह, तेजिंदर सिंह नंगल, विनोद सागर, गुरसेवक सिंह, हितेश शर्मा, विशालवीर, अमित कटोच, गुरप्रीत सिंह पनेसर, जैमल सिंह, मैनुअल नाहर, संगत राम बागी, अमरप्रीत सिंह, प्रताप सिंह और जसवंत सिंह मौजो शामिल थे।  पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विस यूनियन की प्रदेश स्तरीय ऑनलाइन वर्चुअल मीटिंग प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह विर्क और प्रदेश महासचिव तरसेम भट्ठल की अध्यक्षता में हुई। मीटिंग में 3 जून को वित्त मंत्री की अध्यक्षता में यूनियन की मांगों को लेकर हुई मीटिंग पर विस्तार से चर्चा की गई। नेताओं ने बताया कि सरकार की तरफ से मीटिंग की कार्रवाई रिपोर्ट 48 घंटे में जारी करने का भरोसा दिया गया था परंतु निर्धारित समय में रिपोर्ट जारी न होने के बाद मीटिंग में शामिल नेताओं ने संदेह जताया कि सरकार कहीं समय बिताने की नीति तो नहीं अपना रही? लीडरशिप ने कहा कि मौजूदा भगवंत मान सरकार के पिछले साढ़े 4 साल के कार्यकाल के दौरान कर्मचारियों की मांगों पर कोई प्रगति नहीं हुई है, जिसके कारण कर्मचारी वर्ग का सरकार से विश्वास उठ चुका है। इसलिए फैसला किया गया कि पंजाब सरकार को तुरंत एक नोटिस जारी किया जाए और वित्त मंत्री के साथ हुई मीटिंग में विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारियों की मौजूदगी में मांगों पर लिए गए फैसलों संबंधी संगठन की तरफ से खुद एक कार्रवाई रिपोर्ट तैयार करके जारी की जाए। नोटिस के जरिए सरकार को लिखा जाए कि वह मीटिंग में हुए फैसलों के मुताबिक 12 जून तक कर्मचारियों की मांगों को लागू करे, नहीं तो 13 जून को अगले बड़े संघर्ष का ऐलान किया जाएगा। प्रदेश प्रैस सचिव गुरप्रीत सिंह खटड़ा ने बताया कि इस ऑनलाइन मीटिंग में संगठन की प्रदेश लीडरशिप, विभागीय संगठनों की लीडरशिप और जिलों के अध्यक्ष व महासचिव शामिल हुए। इनमें रघबीर सिंह बडवाल, अनिरुद्ध मोदगिल, पिप्पल सिंह, जगदीश ठाकुर, खुशकरनजीत सिंह, तेजिंदर सिंह नंगल, विनोद सागर, गुरसेवक सिंह, हितेश शर्मा, विशालवीर, अमित कटोच, गुरप्रीत सिंह पनेसर, जैमल सिंह, मैनुअल नाहर, संगत राम बागी, अमरप्रीत सिंह, प्रताप सिंह और जसवंत सिंह मौजो शामिल थे।

खाद्य सुरक्षा को मिलेगा बड़ा बल, हरियाणा सरकार 55 करोड़ की लागत से खोलेगी 8 नई टेस्टिंग लैब

करनाल. प्रदेश में खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ जल्द ही बड़ा अभियान शुरू होगा। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) ने खाद्य जांच व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापक योजना तैयार की है। इसके तहत प्रदेश में आठ नई खाद्य पदार्थ जांच प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। साथ ही आधुनिक उपकरणों से लैस मोबाइल जांच प्रयोगशालाएं भी सड़कों पर उतरेंगी, जहां आम नागरिक मात्र 20 रुपये में अपने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करा सकेंगे। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के नामित अधिकारी पृथ्वी सिंह ने विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के उपलक्ष्य में विशेष बातचीत की। एनसीआर में 55 करोड़ से मजबूत होगा जांच तंत्र वर्तमान में विभाग के पास सिर्फ दो प्रयोगशालाएं हैं। इसी वर्ष दो नई प्रयोगशालाएं और शुरू की जाएंगी। अगले पांच वर्षों में पूरे प्रदेश में स्वीकृत सभी प्रयोगशालाओं का नेटवर्क तैयार करने का लक्ष्य है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी (एनसीआर) में खाद्य जांच सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए 55 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है। इससे फरीदाबाद, गुरुग्राम और रोहतक में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं। इन परियोजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है। पांच अन्य जिलों को भी मिली मंजूरी केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से नारनौल, हिसार, जींद, सिरसा और यमुनानगर में भी नई प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी। विभाग इन जिलों में भूमि की तलाश की जा रही है। भूमि उपलब्ध होते ही निर्माण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सबसे पहले हिसार में कार्य आरंभ किए जाने की योजना है। करनाल स्थित प्रयोगशाला को भी अत्याधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। इसके लिए करीब 25 करोड़ रुपये के आधुनिक उपकरण खरीदे जा रहे हैं। खरीद प्रक्रिया अंतिम चरण में है। नई व्यवस्था के तहत प्रयोगशाला में सूक्ष्मजीव विज्ञान (माइक्रोबायोलाजी) अनुभाग स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा उच्च क्षमता वाली आधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी, जो खाद्य पदार्थों में मौजूद अत्यंत सूक्ष्म स्तर की मिलावट का भी पता लगाने में सक्षम होंगी। गांव-गांव पहुंचेगी जांच सुविधा विभाग आम लोगों को सीधे इस अभियान से जोड़ेगा। इसके लिए अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित मोबाइल खाद्य प्रयोगशालाएं तैयार की जा रही हैं। इन मोबाइल वैन के लिए निविदा प्रक्रिया जारी है। मोबाइल प्रयोगशालाओं के संचालन के बाद नागरिक अपने घरों में उपयोग होने वाले दूध, दाल, मसाले और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूनों की मौके पर ही जांच करा सकेंगे। इसके लिए सिर्फ 20 रुपये का शुल्क लिया जाएगा। जांच सुविधा लोगों तक पहुंचने से मिलावटखोरों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। साथ ही खाद्य सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी। जानिये सैंपल फेल होने का अर्थ नामित अधिकारी पृथ्वी सिंह ने कहा कि प्रदेश में पांच वर्षों के दौरान फेल हुए 4607 सैंपलों का मतलब सीधे तौर पर जहर या जानलेवा मिलावट होना नहीं है। इनमें से अधिकतर सैंपल तकनीकी कमियों के कारण सब-स्टैंडर्ड (अवमानक) श्रेणी में आते हैं। उदाहरण के लिए, यदि दूध में निर्धारित फैट छह प्रतिशत की जगह 5.9 प्रतिशत मिलता है या पनीर में तय मानक से नमी ज्यादा पाई जाती है, तो वह फेल माना जाता है। मिलावट का यह औसत पूरे देश में लगभग समान है। सरकारी लैब में कुछ एडवांस टेस्टों जैसे फसलों पर होने वाले पेस्टिसाइड/केमिकल स्प्रे को पकड़ने की आधुनिक मशीनें नहीं हैं। भारी बजट खर्च करके, एक-एक सैंपल की प्रामाणिक जांच के लिए ₹30 हजार रुपये तक फीस देकर बड़ी निजी लैब से टेस्ट करवाते हैं।