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ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड आमने-सामने, महिला टी20 वर्ल्ड कप फाइनल आज रात 8 बजे

लंदन महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के खिताबी मुकाबले का मंच पूरी तरह सज चुका है। आज यानी कि रविवार, 5 जुलाई को लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर मेजबान इंग्लैंड और मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के बीच खिताबी जंग होने जा रही है। इस पूरे टूर्नामेंट में दोनों ही टीमों ने बेहद कमाल का प्रदर्शन किया है और अब दोनों की नजरें विश्व कप की चमचमाती ट्रॉफी को अपने नाम करने पर टिकी हैं। इंग्लैंड के पास होम ग्राउंड का फायदा है, वहीं ऑस्ट्रेलिया के पार कई वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीतने का अनुभव। कितने बजे से खेला जाएगा मुकाबला यह महामुकाबला भारतीय समयानुसार रात को 8:00 बजे से शुरू होगा। मैच का टॉस खेल शुरू होने से आधा घंटा पहले यानी शाम को 7:30 बजे किया जाएगा। क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स के मैदान पर फैंस को एक बेहद रोमांचक और कांटे की टक्कर देखने को मिलने वाली है। फैंस इस मैच का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सेमीफाइनल का सफर, दोनों टीमों ने दिखाया था दम इस मेगा फाइनल में पहुंचने के लिए दोनों टीमों ने सेमीफाइनल में एकतरफा जीत दर्ज की थी। ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम ने पहले सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज को 8 विकेट के बड़े अंतर से हराकर फाइनल का टिकट कटाया था। दूसरी तरफ, मेजबान इंग्लैंड ने दक्षिण अफ्रीका जैसी मजबूत टीम को पूरी तरह बैकफुट पर धकेलते हुए 40 रनों की शानदार जीत दर्ज की और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खिताबी भिड़ंत तय की। भारत में कहां देख सकेंगे फाइनल मैच भारतीय क्रिकेट फैंस इस हाई-वोल्टेज फाइनल मैच का लाइव लुत्फ टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उठा सकते हैं। अगर आप टीवी पर इस मुकाबले को देखना चाहते हैं, तो इसका सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क के विभिन्न चैनलों पर उपलब्ध होगा। वहीं, मोबाइल या लैपटॉप पर मैच देखने वाले फैंस के लिए इस फाइनल मैच की लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार ऐप और उसकी वेबसाइट पर की जाएगी। इस मुकाबले को आप अलग-अलग भाषा में देख सकते हैं।  

वड़िंग को मिला नेताओं का खुला समर्थन, पंजाब कांग्रेस में चन्नी गुट से सुलह के संकेत

चंडीगढ़. पंजाब कांग्रेस में पिछले कुछ दिनों से विधानसभा चुनाव समिति की सूची को लेकर शुरू हुआ अंदरूनी घमासान अब शांत कराने की कवायद तेज हो गई है। कांग्रेस हाईकमान पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और पार्टी के भीतर एकजुटता का संदेश देने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इसी बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के समर्थन में कई वरिष्ठ नेता सक्रिय नजर आए हैं। सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ कांग्रेस नेता राणा केपी. सिंह, शमशेर सिंह  धूलो सहित कई नेताओं ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से मुलाकात कर उन्हें दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर बधाई दी और संगठन को मजबूत करने पर चर्चा की। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी दोनों ही अपने-अपने समर्थकों के साथ लगातार आंतरिक बैठकें कर रहे हैं। दरअसल, विधानसभा चुनाव समिति की सूची जारी होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक नेताओं ने खुलकर नाराजगी जताई थी। इसके बाद पार्टी में गुटबाजी की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया। हालांकि, कांग्रेस हाईकमान ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ नेताओं को हालात पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। पंजाब प्रभारी जल्द करेंगे पंजाब दौरा सूत्रों का कहना है कि पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल अगले एक-दो दिनों में पंजाब पहुंच सकते हैं। इस दौरान वे संगठन के नेताओं के साथ बैठक कर मौजूदा स्थिति पर चर्चा करेंगे और विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। वहीं, 7 जुलाई के बाद राहुल गांधी के विदेश दौरे से लौटने पर पंजाब कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं को दिल्ली बुलाकर भी चर्चा किए जाने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल विधानसभा चुनाव समिति की सूची में बड़े बदलाव की संभावना कम है और पार्टी नेतृत्व विवाद को बढ़ाने के बजाय उसे शांत करने की रणनीति पर काम कर रहा है। वडिंग ने दिया संयम व एकजुटता का संदेश इस बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी नेताओं को संयम और एकजुटता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि "छोटी-छोटी बातों पर नेताओं को रूठना नहीं चाहिए। सभी को कांग्रेस हाईकमान के फैसलों का सम्मान करना चाहिए। अगर हम सब एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे तो पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनेगी। इस मामले को ज्यादा तूल देने की जरूरत नहीं है।कांग्रेस के सभी नेता एक परिवार के सदस्य हैं और पार्टी की मजबूती ही सबकी प्राथमिकता होनी चाहिए।" राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस हाईकमान किसी भी तरह के सार्वजनिक विवाद को समाप्त कर संगठन को एकजुट रखने की कोशिश में जुटा है। आने वाले दिनों में भूपेश बघेल की पंजाब यात्रा और राहुल गांधी की वापसी के बाद होने वाली बैठकों को इस पूरे घटनाक्रम के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

गुड़ और गेहूं के आटे से बनाएं हेल्दी मीठी मठरी, स्वाद भी और सेहत भी

शाम की चाय हो या सुबह का नाश्ता मठरी हर भारतीय घर की पहली पसंद होती है. अक्सर लोग नमकीन मठरी तो बड़े चाव से खाते हैं लेकिन जब बात मीठी मठरी की आती है तो वजन बढ़ने या ब्लड शुगर लेवल हाई होने के डर से लोग इससे दूरी बना लेते हैं. बाजार में मिलने वाली मीठी मठरी में भारी मात्रा में चीनी और मैदे का इस्तेमाल होता है जो सेहत के लिए बिल्कुल अच्छा नहीं है. लेकिन क्या आपने कभी बिना चीनी वाली मीठी मठरी ट्राई की है. जी हां, आज हम आपके लिए लेकर आए हैं चीनी की जगह गुड़ और मैदे की जगह गेहूं के आटे से बनने वाली बेहद खस्ता और हेल्दी मठरी की रेसिपी. यह स्वाद में इतनी लाजवाब होती है कि खाने के बाद हर कोई आपसे इसकी रेसिपी जरूर पूछेगा. यह मठरी आयरन से भरपूर गुड़ और फाइबर से भरपूर गेहूं के आटे के मेल से बनती है. इसमें इस्तेमाल होने वाले सफेद तिल इसके क्रंच और स्वाद को दोगुना कर देते हैं. इसे आप लंबे समय तक स्टोर करके भी रख सकते हैं. सामग्री: गेहूं का आटा: 2 कप सम्बंधित ख़बरें गुड़ (कद्दूकस किया हुआ): ¾ कप सफेद तिल: 2 बड़े चम्मच सौंफ पाउडर या कुटी हुई सौंफ: 1 छोटा चम्मच (बेहतरीन फ्लेवर के लिए) घी या तेल (मोयन के लिए): 4 चम्मच गुनगुना पानी: आधा कप (गुड़ पिघलाने के लिए) तेल या घी: तलने के लिए बनाने की विधि: सबसे पहले गुनगुने पानी में कद्दूकस किया हुआ गुड़ डालकर अच्छी तरह मिला लें ताकि गुड़ पूरी तरह पिघल जाए. अब इस सिरप को छान लें ताकि गुड़ की अशुद्धियां निकल जाएं. इसे ठंडा होने दें. एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा लें. इसमें सफेद तिल, सौंफ और 4 चम्मच घी का मोयन डालें. हाथों से आटे को अच्छी तरह रगड़ें ताकि मोयन पूरे आटे में समा जाए (आटे को मुट्ठी में बांधने पर लड्डू जैसा बनना चाहिए). अब गुड़ के पानी को थोड़ा-थोड़ा करके आटे में डालें और एक सख्त आटा गूंथ लें (जैसे पूरी या नमकीन मठरी का आटा होता है). आटे को 10-15 मिनट के लिए कपड़े से ढककर सेट होने दें. आटे की छोटी-छोटी लोइयां तोड़ें. इन्हें हथेलियों के बीच दबाकर चपटा कर लें या बेल लें (मठरी को बहुत पतला न करें, थोड़ा मोटा ही रखें). एक कांटे की मदद से मठरी में छोटे-छोटे छेद कर दें ताकि तलते समय ये फूले नहीं. कड़ाही में तेल या घी गरम करें. तेल मध्यम गरम होना चाहिए. अब मठरियों को तेल में डालें और गैस की आंच को बिल्कुल धीमा कर दें. इन्हें अलट-पलट कर तब तक तलें जब तक कि ये अंदर तक पक न जाएं और इनका रंग हल्का सुनहरा-भूरा न हो जाए. गरम होने पर ये थोड़ी सॉफ्ट लगेंगी, लेकिन ठंडी होने के बाद एकदम खस्ता और कुरकुरी हो जाएंगी. पूरी तरह ठंडा होने पर इन्हें एयर-टाइट डिब्बे में बंद करके महीनों तक इस्तेमाल करें.

बेडरूम में टीवी लगाना कितना सही? जानिए वास्तु के अनुसार इसके असर

आज के आधुनिक दौर में बेडरूम में टेलीविजन (TV) लगाना एक आम लाइफस्टाइल बन चुका है. लोग सोने से पहले पसंदीदा शो या फिल्में देखना पसंद करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अनजाने में की गई यह एक गलती आपके हंसते-खेलते परिवार को भारी मुसीबत में डाल सकती है? वास्तु शास्त्र में बेडरूम को केवल सोने का कमरा नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति और वैवाहिक सुख का सबसे बड़ा केंद्र माना गया है. आइए जानते हैं कि बेडरूम में लगा TV कैसे चुपके से आपकी सेहत, रिश्ते और सुख-चैन को दीमक की तरह चाट रहा है. 1.  अदृश्य दर्पण का असर (The Mirror Effect) वास्तु विज्ञान में बेडरूम के अंदर शीशा या रिफ्लेक्टिव सतह लगाने को लेकर बेहद कड़े नियम हैं. अंगों में बीमारी: जब आप रात को टीवी बंद करते हैं, तो उसकी काली और चमकदार स्क्रीन एक 'अदृश्य आईने' की तरह काम करती है. वास्तु के अनुसार, सोते समय यदि शरीर का कोई भी हिस्सा बंद टीवी की स्क्रीन में प्रतिबिंबित (रिफ्लेक्ट) होता है, तो उस हिस्से में गंभीर और पुरानी बीमारियां पनपने का खतरा बढ़ जाता है. रिश्तों में दरार: यदि यह टीवी आपके बेड के ठीक सामने लगा है, तो यह पति-पत्नी के बीच तीसरे व्यक्ति (गलतफहमियों) के आने का संकेत देता है. इससे दांपत्य जीवन में बेवजह का कलह, अविश्वास और नकारात्मकता पैर पसारने लगती है. 2. यिन और यांग ऊर्जा का असंतुलन (Energy Clash) वास्तु और चीनी फेंगशुई के अनुसार, बेडरूम एक शांत क्षेत्र है, जहां विश्राम और शांति की ऊर्जा (Yin Energy) की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. इसके विपरीत, टीवी एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो लगातार गतिशील, आक्रामक और सक्रिय ऊर्जा (Yang Energy) का निर्माण करता है. जब बेडरूम में यह भारी ऊर्जा फैलती है, तो कमरे का वातावरण अशांत हो जाता है. यही कारण है कि बेडरूम में टीवी होने पर रात को गहरी नींद नहीं आती, विचारों में उथल-पुथल मची रहती है और सुबह उठते ही इंसान मानसिक तनाव महसूस करता है. मजबूरी हो तो किस दिशा में लगाएं TV? (Vastu Direction for TV) यदि आपके घर में जगह की कमी है और बेडरूम में ही टीवी लगाना आपकी मजबूरी है, तो वास्तु शास्त्र के इन दिशा-निर्देशों का पालन करके आप इसके अशुभ प्रभाव को 90% तक कम कर सकते हैं: आग्नेय कोण (South-East Direction) है बेस्ट: बेडरूम के दक्षिण-पूर्व कोने को इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए सबसे उपयुक्त माना गया है. चूंकि यह दिशा अग्नि तत्व (Fire Element) की है, इसलिए यहाँ टीवी रखने से कमरे की मुख्य शांति और सकारात्मक ऊर्जा भंग नहीं होती. वायव्य कोण (North-West Direction) दूसरा विकल्प: यदि दक्षिण-पूर्व में जगह न हो, तो आप उत्तर-पश्चिम दिशा की दीवार पर टीवी इंस्टॉल करवा सकते हैं. भूलकर भी इन दिशाओं में न लगाएं: बेडरूम की उत्तर (North) या पूर्व (East) दिशा में कभी भी टीवी न लगाएं. ये दिशाएं हल्की, खुली और कुबेर व इंद्र देव की मानी जाती हैं. यहाँ भारी इलेक्ट्रॉनिक सामान रखने से धन की हानि और स्वास्थ्य में गिरावट आने लगती है. टीवी से पैदा होने वाले वास्तु दोष को दूर करने के 4 अचूक उपाय अगर आपके बेडरूम में भी टीवी लगा है और आप उसे हटा नहीं सकते, तो आज ही से ये 4 चमत्कारी उपाय अपनाएं: कपड़े से ढक कर सोएं (सबसे असरदार उपाय): यह सबसे सरल और अचूक उपाय है. जब भी आप टीवी बंद करें या रात को सोने जाएं, तो टीवी की स्क्रीन को एक साफ, हल्के रंग के (जैसे हल्के पीले या गुलाबी) सूती कपड़े या कवर से ढक दें. ऐसा करने से 'मिरर इफेक्ट' का वास्तु दोष तुरंत खत्म हो जाता है. पलंग की सीध से हटाएं: कोशिश करें कि टीवी की स्थिति बेड के बिल्कुल सामने (Direct Opposite) न हो. इसे बेड की सीध से थोड़ा हटाकर साइड की दीवार पर लगाएं ताकि सोते समय आपका रिफ्लेक्शन उसमें न पड़े. तारों का जाल और राहु-केतु का दोष: टीवी के आसपास तारों का गुच्छा या इलेक्ट्रॉनिक कचरा इकट्ठा न होने दें. वास्तु में उलझी हुई तारें और कबाड़ राहु-केतु के दोष को सीधे निमंत्रण देते हैं, जिससे रात में डरावने सपने आ सकते हैं और घर में अचानक आर्थिक संकट आ सकता है. दीवारों पर सुखदायक रंगों का जादू: बेडरूम की दीवारों पर हमेशा हल्के और वास्तु के अनुकूल रंगों (जैसे ऑफ-व्हाइट, क्रीम या लाइट पिंक) का ही उपयोग करें. ये रंग टीवी से निकलने वाली भारी और कृत्रिम ऊर्जा को सोखकर वातावरण को संतुलित रखते हैं.

रायपुर के डूमरतराई फेस-2 थोक बाजार का आज उद्घाटन करेंगे CM विष्णु देव साय

रायपुर. छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा विकसित रायपुर के डूमरतराई थोक बाजार फेस-2 के नामकरण एवं लोकार्पण समारोह का आयोजन 5 जुलाई 2026 (रविवार) को शाम 5 बजे किया जाएगा. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. समारोह की अध्यक्षता आवास एवं पर्यावरण, वित्त, वाणिज्यिक कर, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री ओ.पी. चौधरी करेंगे. कार्यक्रम में मंत्री केदार कश्यप, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब तथा रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे. इसके अलावा विधायक राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव, रायपुर महापौर मीनल चौबे, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष नवीन अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक समारोह में शामिल होंगे.

रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने की कोशिश तेज, ट्रंप बोले समझौते की संभावना बनी हुई है

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से अलग-अलग फोन पर बातचीत की। बताया जा रहा है कि इस बातचीत में यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिकी प्रयासों को नई गति देने पर जोर दिया गया। क्रेमलिन के अनुसार, ट्रंप और पुतिन के बीच करीब 90 मिनट तक चली फोन कॉल में युद्ध समाप्ति की दिशा में ठोस कदम उठाने पर चर्चा हुई। पुतिन ने ट्रंप को अमेरिका की 250वीं स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी और यूक्रेन संकट पर विस्तृत बातचीत की। बातचीत के बाद क्या बोला रूस? क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने बताया कि दोनों नेताओं ने यूक्रेन समझौते पर चर्चा की, जिसमें 7-8 जुलाई को तुर्की में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन को भी ध्यान में रखा गया। ट्रंप ने शत्रुता शीघ्र समाप्त करने और संकट के राजनीतिक समाधान के लिए अपनी तत्परता दोहराई। पुतिन ने युद्धक्षेत्र की नवीनतम स्थिति से ट्रंप को अवगत कराया और राजनीतिक-राजनयिक माध्यमों से समस्या सुलझाने पर रूस की प्राथमिकता बताई। जेलेंस्की से भी की बात ट्रंप ने इसके बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की से फोन पर बात की। जेलेंस्की ने भी ट्रंप को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। दोनों नेताओं ने मोर्चे पर मौजूदा स्थिति और चल रही राजनयिक पहल की समीक्षा की। जेलेंस्की ने टेलीग्राम पर लिखा कि बातचीत बहुत अच्छी रही। युद्ध समाप्त करने की वास्तविक संभावना है और इसमें अमेरिकी संकल्प बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस दौरान दोनों ने नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान आगे चर्चा जारी रखने पर सहमति जताई। अमेरिकी दूत मध्यस्थता करेंगे क्रेमलिन सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर मॉस्को और कीव के बीच समझौता कराने के लिए मध्यस्थता के प्रयास तेज करेंगे। जरूरत पड़ने पर ये दूत मॉस्को यात्रा के लिए भी तैयार हैं। वार्ता के दौरान पुतिन ने ईरान संकट में अमेरिकी राजनयिक भूमिका की सराहना की और उम्मीद जताई कि इससे आपसी सहमति वाला दीर्घकालिक समाधान निकलेगा। इस दौरान पुतिन ने ट्रंप को मॉस्को आने का निमंत्रण भी दोहराया। नाटो शिखर सम्मेलन से पहले महत्वपूर्ण वार्ता बता दें कि ये फोन कॉल तुर्की में मंगलवार से शुरू हो रहे नाटो शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हुए हैं। सम्मेलन में यूक्रेन के लिए समर्थन और रूस के हमलों का मुद्दा प्रमुखता से उठने की उम्मीद है। हाल ही में रूस ने कीव पर इस साल के सबसे घातक हमलों में से एक किया था, जिसमें 30 लोग मारे गए। दूसरी ओर, यूक्रेन ने रूस के अंदर ड्रोन और मिसाइल हमले तेज कर दिए हैं, जिनमें तेल रिफाइनरियां और अन्य बुनियादी ढांचे निशाने पर हैं। गौरतलब है कि यह प्रयास ऐसे समय हो रहा है जब यूक्रेन युद्ध पर अमेरिका की अगुवाई वाली वार्ता कुछ समय से ठप पड़ी हुई थी।

मध्यप्रदेश सरकार को मिलेगा नया VVIP विमान, 235 करोड़ का बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 अगले माह होगा शामिल

भोपाल. मध्य प्रदेश सरकार आगामी अगस्त महीने में अपने राजकीय विमानन बेड़े का विस्तार करने जा रही है। सरकार करीब 235 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत से कनाडा निर्मित 'बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500' बिजनेस जेट खरीदने जा रही है। यह अत्याधुनिक विमान तकनीक के मामले में गुजरात सरकार के पास मौजूद चैलेंजर 650 से भी कहीं अधिक उन्नत माना जा रहा है। इस नए जेट के संचालन के लिए जुलाई के अंतिम सप्ताह में दो पायलटों को विशेष ट्रेनिंग के लिए अमेरिका भेजा जाएगा। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से जुड़े तमाम कानूनी कागजी काम पूरे किए जा चुके हैं। विमान खरीदने की क्यों आई नौबत? दरअसल, मई 2021 में कोरोना काल के दौरान रेमडेसिविर इंजेक्शन की इमरजेंसी सप्लाई करते समय राज्य सरकार का 'बीचक्राफ्ट किंग एयर बी-200जीटी' विमान ग्वालियर में क्रैश हो गया था। तत्कालीन कमलनाथ सरकार द्वारा 62 करोड़ रुपए में खरीदे गए इस विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद से मध्य प्रदेश सरकार के पास अपना कोई चालू विमान नहीं था। वर्तमान में बेड़े में सिर्फ एक चालू हेलीकॉप्टर है। किराए के विमानों पर ही 290 करोड़ खर्च सरकारी विमान न होने के कारण मुख्यमंत्री, राज्यपाल और अन्य अतिविशिष्ट (VIP) दौरों के लिए निजी चार्टर विमान और हेलीकॉप्टर किराए पर लेने पड़ रहे थे। विधानसभा में पेश आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2021 से नवंबर 2025 के बीच केवल किराए के विमानों पर ही सरकार 290 करोड़ रुपए की मोटी रकम फूंक चुकी है। सीएम डेली खर्च कर रहे 21 लाख रुपये मौजूदा समय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दौरों के लिए औसतन 21 लाख रुपए रोजाना किराए पर खर्च हो रहे हैं। एक तरफ जहां मध्य प्रदेश पर कुल कर्ज का बोझ बढ़कर 4.64 लाख करोड़ रुपए पहुंच चुका है और सालाना ब्याज ही 27 हजार करोड़ रुपए चुकाना पड़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ इसी किराए के दैनिक खर्च को रोकने के लिए सरकार ने स्थाई रूप से इस नए बिजनेस जेट को खरीदने का फैसला किया। डील को कैबिनेट से मिल चुकी है मंजूरी इस नए विमान को खरीदने की कवायद लगभग दो साल पहले शुरू हुई थी। शुरुआत में टेक्सट्रॉन कंपनी ने 145 करोड़ रुपए का कोटेशन दिया था, लेकिन बाद में दाम बढ़ाकर 208 करोड़ रुपए करने के कारण वह प्रक्रिया निरस्त कर दी गई। इसके बाद, 10 जुलाई 2024 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस कनाडाई चैलेंजर 3500 जेट को हरी झंडी दी गई। सितंबर 2024 से शुरू हुई वित्तीय और तकनीकी प्रक्रियाओं के समापन के बाद अब अगस्त 2026 में यह जेट आधिकारिक तौर पर प्रदेश की सेवा में तैनात हो जाएगा।

कानपुर में ईंधन को लेकर चिंता, ई-20 पेट्रोल से इंजन और टैंक डैमेज के दावे

कानपुर   ई-20 पेट्रोल सिर्फ वाहनों के माइलेज में गिरावट तक सीमित नहीं है। बीते कई दिनों से इथेनोल से फ्यूल टैंक में जंग लगने और रबर के पार्टस भी खराब होने के दावे लोगों की ओर से किए जा रहे हैं। ऐसे में लोगों को अपने वाहन के खराब होने और मरम्मत का खर्च बढ़ने की चिंता भी सता रही है। बीते वर्ष चार सितंबर को दैनिक जागरण ने ‘ई-20 पेट्रोल से माइलेज में आ रही गिरावट’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। राष्ट्रीय शर्करा संस्थान के पूर्व डायरेक्टर प्रो. नरेंद्र मोहन अग्रवाल के मुताबिक, पेट्रोल और इथेनोल घनत्व का अंतर और इथेनोल का हाइग्रोस्कोपिक यानी आर्द्रताग्राही गुण इसका सबसे बड़ा कारण है। अधिक घनत्व के कारण यह फ्यूल टैंक की सतह पर बैठ जाता है और नमी को खींचता रहता है। इसकी वजह से ईंधन जलने के पहले वाहन के जिस-जिस भाग (फ्यूल टैंक, पिस्टन आदि) से गुजरता है उन्होंने बताया कि वहां जंग लगने का खतरा बना रहता है। इस वजह से वाहन परफार्मेंस पर भी असर पड़ रहा है। इतना ही नहीं इथेनोल रबर और प्लास्टिक के पार्ट्स को भी नुकसान पहुंचा रहा है। प्रो. नरेंद्र मोहन के मुताबिक वाहनों की इथेनोल पर संचालित होने की क्षमता और पेट्रोल में इथेनोल का मिश्रण भी परेशानी का कारण बन रहा है। मसलन, अगर वाहन के इंजन पांच प्रतिशत इथेनोल मिश्रित पेट्रोल के लिए तैयार किया गया है और अब उसमें 20 प्रतिशत इथेनोल मिश्रित पेट्रोल डाला जाएगा तो कोरोजिन जैसी दिक्कतें पैदा होंगी। उन्होंने ब्राजील का उदाहरण देते हुए सुझाव दिया वहां के पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को प्रतिशत के हिसाब के इथेनोल मिश्रित पेट्रोल चुनने का विकल्प मिलता है। ऐसा अपने देश में भी ऐसा होना चाहिए। बर्रा विश्व बैंक निवासी नितिन मिश्रा ने बताया कि 10 दिन पहले स्कूटी का सर्विस कराई थी। इंजन आयल से लेकर फिल्टर तक सभी जरूरी चीजों बदलवाईं थी। लेकिन बीते गुरुवार को अचानक स्कूटी बंद हो गई। मकैनिक को दिखाया तो उसने पहले फ्यूल टैंक में पानी जाने की बात कही। इसके बाद जब सफाई के लिए टैंक खुलवाया तो उसमें जंग लगी थी और कचरा जमा था। ऐसे में जब फ्यूल टैंक में पेट्रोल के अलावा और कुछ नहीं भरा जा रहा है तो इसकी वजह भी यही है। वहीं, साकेत नगर निवासी अनमोल भट्ट ने बताया कि बीते साल एसयूवी (स्पोर्ट्स यूटीलिटी व्हीकल) खरीदा था। बीते कई दिनों से कार का माइलेज कम था। चेकअप कराने पर इंजन से लेकर कई पुर्जों में लगी जंग इसकी प्रमुख वजह बनकर सामने आई। प्रो. नरेंद्र मोहन बताते हैं कि पेट्रोल और इथेनोल दोनों का घनत्व अलग-अलग होता है। ऐसे में यह फ्यूल टैंक की तली में नीचे बैठ जाता है। जो धीरे-धीरे रस्ट यानी जंग और काई का रूप ले लेता है। विशेषज्ञों के मुताबिक इथेनोल पिस्टन ब्लाक और रिंग के बीच में पहुंचकर आयल कोटिंग को नुकसान पहुंचा रहा है। इसकी वजह से आयल कोटिंग में रस्टिंग हो रही है। यह रस्टिंग पांच से 10 मिलीमीटर की है, लेकिन इससे इंजन के परफार्मेंस में प्रभाव पड़ रहा है। इनलेट व एक्जाइट वाल्व को भी इथेनोल मिश्रित पेट्रोल नुकसान पहुंचा रहा है और कोरोजिन पैदा कर रहा है। वाहन स्वामियों को इंश्योरेंस मिल रहा न वारंटी वाहन बीमा जानकार निर्मल त्रिपाठी के मुताबिक इस तरह की समस्याएं को वास्तव में मैकेनिकल फेल्योर माना जाता है। ऐसे में इंश्योरेंस कंपनियां इसे प्रमीमियम में कवर नहीं कर रही हैं, जबकि आटोमोबाइल कंपनियां इसे नमी की दिक्कत बताकर वारंटी देने से बच रही हैं। तेल कंपनियों ने भी पल्ला झाड़ लिया है। ऐसे में वाहन चालकों के सामने सिर्फ भ्रम की स्थिति है। गाड़ियों को मानक के मुताबिक मिले ईंधन आटोमोबाइल विशेषज्ञ अमित द्विवेदी के मुताबिक, पेट्रोल में इथेनोल मिलाने की नीति लंबे समय से चली आ रही है और इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। लेकिन समस्या है कि बीएस-4 मानक से नीचे के वाहन ई-20 पेट्रोल के लिए तैयार नहीं है। यह ई-5 या ई-10 यानी पांच से दस प्रतिशत इथेनोल मिश्रित पेट्रोल के लिए तैयार किए गए थे। ऐसे में सरकार को चाहिए की अगर किसी वाहन का रजिस्ट्रेशन 15 साल का है तो उसे तय मानक के अनरूप पेट्रोल मिले। पेट्रोल पंपों पर ई-5 से ई-20 पेट्रोल तक का विकल्प होना चाहिए। इन सुधारों की जरूरत ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों के मुताबिक इथेनोल में हाइग्रोस्कोपिक यानी आर्द्रताग्राही गुण होते हैं। इस वजह से फ्यूल टैंक और पाइपलाइन में जंग लगने का खतरा रहता है। प्लास्टिक और रबर के पार्ट्स भी जल्दी खराब हो सकते हैं, जिससे फ्यूल लीक, गंदे इंजेक्टर और गैसकेट डैमेज जैसी समस्याएं हो सकती हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक, ई-20 फ्यूल सिस्टम में एंटी-करोसिव कोटिंग, गैसकेट्स व सील्स की गुणवत्ता में सुधार और इंजन रीमैपिंग जैसी तकनीकी अपग्रेड की जरूरत होती है।

ईरान में शोक सभा के बीच अमेरिका विरोधी माहौल, ट्रंप को लेकर भड़के नारे

नई दिल्ली ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे के दौरान तेहरान की सड़कों पर रविवार को माहौल उस वक्त बेहद गरमा गया, जब मंच संभाल रहे एक आयोजक ने सरेआम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जान से मारने की अपील कर दी। न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (AP) के मुताबिक, खामेनेई की मौत के बाद यह पहला मौका है, जब आधिकारिक मंच से सीधे ट्रंप की मौत का आह्वान किया गया है। इस नारे के गूंजते ही जनाजे में मौजूद लाखों की भीड़ ने चिल्लाकर इसका समर्थन किया। 'दुनिया का सबसे खराब इंसान अब तक जिंदा क्यों है?' यह पूरी घटना रविवार को उस वक्त हुई, जब तेहरान में खामेनेई के लिए एक विशाल शोक सभा चल रही थी। गौरतलब है कि इसी साल 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के एक साझा हमले में 86 साल के खामेनेई मारे गए थे, जिसके बाद ईरान युद्ध की शुरुआत हुई थी। जनाजे के दौरान लाउडस्पीकर पर मोहम्मद रसूली नाम के एक कवि ने कमान संभाली। रसूली ने पहले तो भीड़ से 'अमेरिका मुर्दाबाद' और 'इजरायल मुर्दाबाद' के पारंपरिक नारे लगवाए, लेकिन इसके तुरंत बाद उन्होंने अपना रुख सीधे डोनाल्ड ट्रंप की तरफ मोड़ दिया मंच से खुली धमकी देते हुए रसूली ने अमेरिकी राष्ट्रपति का जिक्र करते हुए भीड़ से पूछा, "दुनिया का सबसे खराब इंसान अब तक जिंदा क्यों है?" इस बयान के आते ही वहां मौजूद लाखों लोगों ने शोर मचाकर अपनी सहमति जताई। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक और वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स रोते और चिल्लाते हुए कह रहा है, "हम उसे क्यों नहीं मार देते जिसने हमारे इमाम को मारा? यह हमारा फर्ज है। अगर हमने तुम्हारे कातिल को नहीं मारा, तो आगे हमारे लिए सिर्फ कफन ही बचेगा। मैं तुम्हारे खून की कसम खाता हूं कि हम ट्रंप को मार डालेंगे।" हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि वीडियो में दिख रहा शख्स वही कवि है या कोई और। तेहरान की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब शनिवार के मुकाबले रविवार को तेहरान की सड़कों पर कहीं ज्यादा भारी भीड़ देखी गई। काले कपड़ों में लिपटे लाखों लोग खामेनेई की तस्वीरें, बैनर और झंडे लेकर बढ़ रहे थे। भीड़ में कई लोग ऐसे पोस्टर भी थामे हुए थे जिन पर ट्रंप को मारने की बात लिखी थी। पूरे ईरान में इस वक्त ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को मारने की मांग करने वाले पोस्टर और ग्रैफिटी (दीवारों पर लिखे नारे) नजर आ रहे हैं। उधर, जिस वक्त तेहरान में ट्रंप को मारने की कसमें खाई जा रही थीं, ठीक उसी वक्त वाशिंगटन में डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका की स्थापना की 250वीं वर्षगांठ के जश्न में शामिल हो रहे थे। वहां अमेरिकी सेना की तारीफ करते हुए ट्रंप ने ईरान पर तीखा तंज कसा। ट्रंप ने कहा, "हमें जबरदस्त कामयाबी मिली है। आप वेनेजुएला को देखिए, आप ईरान को देखिए। हमने सब खत्म कर दिया, हमने उनकी मिलिट्री को पूरी तरह मिटा दिया।" बातचीत के बीच नए सुप्रीम लीडर का शक्ति प्रदर्शन खामेनेई की मौत के बाद ईरान के शासकों के लिए यह जनाजा एक बड़े शक्ति प्रदर्शन का जरिया बन गया है। इसके जरिए देश के नए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई के लिए जनसमर्थन जुटाने की कोशिश की जा रही है। यह सब ऐसे नाजुक समय पर हो रहा है जब ईरान, युद्ध को हमेशा के लिए रोकने के लिए वाशिंगटन के साथ पर्दे के पीछे बातचीत की मेज पर बैठा है। ईरान इस बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपने रणनीतिक दबदबे का इस्तेमाल कर अमेरिका पर दबाव बनाने की कोशिश में है। हालांकि, ईरान के भीतर इस बात का डर अब भी बना हुआ है कि इजरायल कभी भी उस पर दोबारा सैन्य कार्रवाई कर सकता है। जंग चलने की वजह से ही इस जनाजे को पहले टाल दिया गया था, और जब तक यह युद्ध पूरी तरह खत्म नहीं होता, तब तक शांति समझौते की उम्मीदें अधर में लटकी हुई हैं।

इंस्टाग्राम पर बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक विज्ञापनों पर सरकार सख्त, मेटा से मांगा जवाब

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है. आरोप है कि इंस्टाग्राम पर ऐसे विज्ञापन दिखाई दे रहे थे, जो कथित तौर पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट तक पहुंच का दावा कर रहे थे. कुछ विज्ञापनों में यह भी कहा गया कि ऐसे वीडियो महज 99 रुपये में खरीदे जा सकते हैं. इस खुलासे के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने मेटा को तत्काल ऐसे सभी विज्ञापन और कंटेंट हटाने का आदेश दिया है. साथ ही कंपनी से सात दिनों के भीतर विस्तृत जवाब मांगा गया है. सरकार का कहना है कि बच्चों के यौन शोषण से जुड़े किसी भी कंटेंट के प्रति किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यह मामला सामने आने के बाद मेटा की कंटेंट मॉडरेशन व्यवस्था और उसके एल्गोरिदम पर भी सवाल उठने लगे हैं. सरकार ने केवल आपत्तिजनक विज्ञापन हटाने का निर्देश नहीं दिया है, बल्कि यह भी पूछा है कि आखिर ऐसे कंटेंट को प्लेटफॉर्म पर बढ़ावा कैसे मिला. सरकार ने मेटा से एल्गोरिदमिक प्रमोशन को रोकने के लिए सुधारात्मक कदम उठाने को कहा है. यह मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही और ऑनलाइन बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बहस का कारण बन गया है. सरकार हुई सख्त बीबीसी की एक जांच रिपोर्ट में दावा किया गया कि इंस्टाग्राम पर ऐसे कई पेड विज्ञापन दिखाई दिए जो कथित तौर पर चाइल्ड सेक्सुअल एक्सप्लॉइटेशन एंड एब्यूज मैटेरियल (CSEAM) तक पहुंच का प्रचार कर रहे थे. रिपोर्ट के अनुसार इन विज्ञापनों में यूजर्स को टेलीग्राम चैनलों पर भेजा जाता था, जहां कथित तौर पर 99 रुपये जैसी छोटी रकम लेकर अवैध सामग्री उपलब्ध कराने का दावा किया जाता था. इसी रिपोर्ट के सामने आने के बाद भारत सरकार ने मेटा अधिकारियों को तलब किया और जवाब मांगा. सरकारी सूत्रों के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा को स्पष्ट निर्देश दिया है कि इंस्टाग्राम पर मौजूद ऐसे सभी विज्ञापन और कंटेंट तुरंत हटाए जाएं, जो बच्चों के यौन शोषण से जुड़े अवैध कंटेंट तक पहुंच को बढ़ावा देते हों. साथ ही कंपनी को सात दिन के भीतर यह बताना होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए वह कौन-कौन से तकनीकी और प्रशासनिक कदम उठाएगी. एल्गोरिदम पर भी उठे गंभीर सवाल सरकार ने इस मामले में केवल कंटेंट हटाने तक खुद को सीमित नहीं रखा है. मंत्रालय ने मेटा से यह भी पूछा है कि आखिर इंस्टाग्राम का एल्गोरिदम ऐसे विज्ञापनों और कंटेंट को यूजर्स तक पहुंचाने में कैसे भूमिका निभा रहा था. सरकार चाहती है कि कंपनी अपने सिस्टम में ऐसे बदलाव करे, जिससे भविष्य में किसी भी तरह के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट का प्रचार या प्रसार न हो सके. मेटा ने क्या कहा? मेटा ने बयान जारी कर कहा है कि कंपनी की नीति बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की है. कंपनी के अनुसार वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और विशेषज्ञ टीमों की मदद से ऐसे कंटेंट की पहचान कर उसे हटाने का लगातार प्रयास करती है. मेटा ने यह भी कहा कि अपराधी लगातार नए तरीके अपनाते हैं, इसलिए प्लेटफॉर्म अपनी सुरक्षा तकनीकों को लगातार मजबूत कर रहा है और अन्य कंपनियों के साथ भी जरूरी सूचनाएं साझा करता है. भारतीय कानून क्या कहता है? भारत में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 67(B) के तहत बच्चों को यौन रूप से स्पष्ट या शोषण से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक कंटेंट का प्रकाशन, प्रसारण या प्रचार दंडनीय अपराध है. राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के अनुसार CSEAM उन सभी तस्वीरों, वीडियो या डिजिटल सामग्री को कहा जाता है, जिनमें किसी बच्चे का यौन शोषण या दुरुपयोग दर्शाया गया हो. ऐसे मामलों में संबंधित एजेंसियां कानूनी कार्रवाई कर सकती हैं और सोशल मीडिया कंपनियों की भी जवाबदेही तय की जाती है. सरकार ने समय-समय पर उन वेबसाइट को भी ब्लॉक किया है जिनमें बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामाग्री होती है. यह कार्रवाई इंटरपोल से मिली सूची के आधार पर की गई है, जो भारत की नेशनल नोडल एजेंसी सीबीआई को मिलती है. इस सप्ताह दूसरी बार मेटा नियामकीय जांच के दायरे में आया है. इससे पहले बुधवार को केंद्र सरकार ने मेटा को एक नोटिस जारी करके व्हाट्सऐप पर प्रस्तावित ‘यूजरनेम फीचर’ के बारे में सवाल पूछा. सरकार को चिंता है कि इससे ऑनलाइन धोखाधड़ी, ‘फिशिंग’, डिजिटल अरेस्ट घोटाला और किसी और का रूप धारण किए जाने वाले हमले काफी बढ़ सकते हैं. सरकार ने मंच को निर्देश दिया है कि जब तक इस मुद्दे पर सरकार की संतुष्टि के अनुसार बातचीत पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस फीचर को रोक दिया जाए. सूत्रों का कहना है कि व्हाट्सऐप ‘यूजरनेम फीचर’ को पेश करने में देरी करेगा.