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आमिर खान ने 61 की उम्र में गौरी स्प्रैट से रजिस्टर मैरिज की, पहली तस्वीर आई सामने

बॉलीवुड एक्टर आमिर खान ने आज अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट से शादी कर ली है। एक्टर ने 61 की उम्र में रजिस्टर मैरिज की है जिसकी पहली तस्वीर सामने आ गई है। तस्वीर में एक्टर को पेपर पर साइन करते हुए देखा जा सकता है। आमिर खान की तीसरी शादी के लिए उनका पूरा परिवार एक साथ नजर खुशियां मनाता नजर आ रहा है। आमिर ने ऑफ वाइट शेरवानी में नजर आ रहे हैं। वहीं गौरी ने शिमरी ड्रेस कैरी की हुई है। खास बात ये है कि आमिर और गौरी की शादी में उनके पिछली शादियों से बच्चे मौजूद हुए हैं। आमिर और गौरी की शादी की पहली तस्वीर सोशल मीडिया पर एक तस्वीर सामने आई है। आमिर खान अपनी तीसरी शादी के पेपर्स पर साइन करते नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर में उनके और किरण राव से बेटे आजाद साथ दिख रहे हैं। तीसरी पत्नी गौरी भी अपने बेटे के साथ हैं। आमिर की मां जीनत और परिवार के कुछ खास सदस्यों को तस्वीर में देखा जा सकता है। आमिर ने गौरी को कुछ समय तक डेट करने के बाद आखिरकार उन्हें अपनी तीसरी पत्नी बनाया है। आमिर खान की शादियां आमिर खान की लव लाइफ की बात करें तो एक्टर ने अपने बॉलीवुड में डेब्यू से पहले 1986 में रीना दत्ता से शादी कर ली थी। इस शादी से उन्हें दो बच्चे आयरा और जुनैद हुए। लेकिन ये शादी करीब 16 साल बाद टूट गई। दोनों ने साल 2002 में आपसी सहमति से तलाक ले लिया। इसके बाद एक्टर की जिंदगी में किरन राव आई।कुछ समय तक एक दूसरे को डेट करने के बाद किरन और आमिर ने साल 2005 में शादी कर ली। साल 2011 में दोनों बेटे आजाद के पेरेंट्स बने। आजाद को सरोगेसी की मदद से दुनिया में लाया गया था। लेकिन आमिर की ये शादी भी साल 2021 में टूट गई। हालांकि, आमिर के अपनी दोनों पूर्व पत्नियों और बच्चों के साथ अच्छे संबंध रहे। गौरी से मुलाकात अब आमिर तीसरी बार शादी के बंधन में बंध गए हैं। आमिर ने स्टाइलिस्ट गौरी स्प्रैट से शादी की है। एक्टर के मुताबिक उनकी और गौरी की मुलाकात सबसे पहले करीब दो दशक पहले हुई थी। लेकिन उस समय जीवन अलग दिशा में चल रहा था। फिर दूसरी मुलाकात 2023 में हुई और दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे। आमिर ने गौरी को अपने दोस्तों और परिवार के साथ मिलाया था। सभी ने साथ में क्वालिटी टाइम बिताया और अब गौरी खान परिवार का हिस्सा बन गई हैं।

DMK, AIADMK और BJP ने मिलकर लगाए गंभीर आरोप, राजभवन में सौंपा ज्ञापन

चेन्नई तमिलनाडु में विपक्षी दलों DMK, AIADMK और बीजेपी ने विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार पर विधायकों की खरीद-फरोख्त, पुलिस मशीनरी के दुरुपयोग और कैबिनेट बैठकों में अधिकृत व्यक्तियों के दखल देने का आरोप लगाया है. इस संबंध में विपक्षी नेताओं ने शनिवार को चेन्नई स्थित राजभवन में  राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से अलग-अलग मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा है. DMK की ओर से संगठन महासचिव आरएस भारती के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मुलाकात की. उन्होंने ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि सरकार के निर्देश पर पुलिस मशीनरी का दुरुपयोग कर विधायकों को तोड़ने, धमकाने और प्रलोभन देने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में ऐसी अप्रिय स्थिति पहले कभी नहीं देखी गई. 'दो बाहरी लोग चला रहे हैं सरकार' भारती ने कहा, 'जॉन अरोकियासामी और विष्णु रेड्डी नाम के दो व्यक्ति, जो सरकारी पद पर नहीं हैं, मंत्रियों से भी ज्यादा ताकतवर हो गए हैं. वो सभी उच्चस्तरीय बैठकों में शामिल होते हैं और अधिकारियों को आदेश देते हैं.' DMK ने तिरुचेन्दूर विधायक अनीता आर राधाकृष्णन को निशाना बनाकर प्रताड़ित कर कानूनी दबाव और आर्थिक प्रलोभन देने का भी आरोप लगाया. पार्टी ने राज्यपाल से संवैधानिक हस्तक्षेप, स्वतंत्र जांच और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा की अपील की. DMK ने की थी FIR की मांग उन्होंने आगे दावा किया कि मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी से जुड़े मामले में विधायक की गिरफ्तारी सत्ता के राजनीतिक दुरुपयोग का एक उदाहरण थी. इससे पहले DMK ने विधायकों को तोड़ने की कथित कोशिशों को लेकर TVK प्रमुख विजय के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग करते हुए गवर्नर अर्लेकर से संपर्क किया था. उनकी ये शिकायत MDMK महासचिव वाइको के सार्वजनिक बयानों पर काफी हद तक आधारित थी, जिन्होंने दावा किया था कि विजय ने व्यक्तिगत रूप से DMK के दो विधायकों को विधानसभा से इस्तीफा देने के लिए मनाने की कोशिश की थी. शिकायत के अनुसार, वाइको ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने विधायकों को भरोसा दिलाया था कि अगर वो अपनी सीटें छोड़ते हैं तो उन्हें होने वाले उपचुनाव लड़ने के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी. देश छोड़ कर भागने जैसी है घबराहट की स्थिति AIADMK ने भी हॉर्स-ट्रेडिंग, विधायकों से जबरन इस्तीफा दिलाने और निजी व्यक्तियों के कैबिनेट बैठकों में शामिल होने का मुद्दा उठाया है. पार्टी के राज्यसभा सांसद आई.एस. इनबादुरै और विधायक एग्री एस.एस. कृष्णमूर्ति ने भी राजभवन पहुंचकर राज्यपाल से मुलाकात की. इनबदुरई ने कहा कि तमिलनाडु में इस वक्त भय का माहौल है और खुलेआम हॉर्स-ट्रेडिंग चल रही है. अन्नाद्रमुक ने राज्यपाल से संविधान के अनुच्छेद 167 का इस्तेमाल कर सरकार से स्पष्टीकरण मांगने की अपील की है. उन्होंने कहा कि यदि कुछ गलत पाया जाता है तो राज्यपाल भारत सरकार को अपनी रिपोर्ट भेज सकते हैं. BJP ने भी सौंपा ज्ञापन वहीं, डीएमके और एआईएडीएमके के अलावा BJP प्रतिनिधिमंडल ने भी राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है. बीजेपी ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि जॉन अरोकियासामी और विष्णु रेड्डी ने प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हुए हाल ही में कैबिनेट की बैठक में हिस्सा लिया और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की. पार्टी ने एक नाबालिग लड़की के साथ गलत व्यवहार के आरोपों को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री पी विश्वनाथन की जांच की भी मांग की. इन सभी गंभीर आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सत्तारूढ़ टीवीके सरकार ने अपना रुख स्पष्ट किया है. सरकार ने विपक्ष के दावों को खारिज करते हुए कहा कि जॉन आरोग्यासामी और विष्णु रेड्डी को मुख्यमंत्री का विशेष सलाहकार नियुक्त किया गया है. इस नियुक्ति के बाद वो अब निजी व्यक्ति नहीं रह गए हैं, इसलिए कैबिनेट की बैठकों और सरकारी कार्यवाही में उनकी भागीदारी पूरी तरह से वैध है.

चिया सीड्स फेस मास्क: एलोवेरा और शहद से पाएं नेचुरल ग्लो

चिया सीड्स को सुपरफूड माना जाता है. इसमें फाइबर, प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट जैसे कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. यही वजह है कि इसे काफी हेल्दी माना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि चिया सीड्स सिर्फ सेहत ही नहीं, बल्कि चेहरे के लिए भी बेहद फायदेमंद हो सकते हैं. इसमें मौजूद पोषक तत्व स्किन को हाइड्रेट रखने, चेहरे पर नमी बनाए रखने और उसे ग्लोइंग देने में मदद करते हैं. आज हम आपको चिया सीड्स से बनने कुछ आसान फेस मास्क के बारे में बताएंगे जो आपके चेहरे को हमेशा हेल्दी और ग्लोइंग बनाए रखेंगे. चिया सीड्स और एलोवेरा फेस मास्क इंग्रेडिएंट्स (ingredients) सम्बंधित ख़बरें 1 बड़ा चम्मच चिया सीड्स 2 बड़े चम्मच पानी 1 बड़ा चम्मच एलोवेरा जेल 1 बड़ा चम्मच शहद चिया सीड्स और एलोवेरा का फेस मास्क कैसे बनाएं? चिया सीड्स और एलोवेरा का फेस मास्क बनाने के लिए सबसे पहले चिया सीड्स को 15 मिनट तक पानी में भिगो दें, ताकि यह जेल जैसा हो जाए. अब इसमें एलोवेरा जेल और शहद मिलाकर अच्छी तरह मिक्स करें. इस पेस्ट को चेहरे पर 15 मिनट तक लगाएं और फिर गुनगुने पानी से धो लें. यह फेस मास्क ड्राई और डल स्किन की समस्या को कम करने के साथ-साथ स्किन को हाइड्रेट रखने में भी मदद करता है. चिया सीड्स और ग्रीन टी फेस मास्क इंग्रेडिएंट्स (ingredients) 1 बड़ा चम्मच चिया सीड्स 2 बड़े चम्मच ग्रीन टी 1 बड़ा चम्मच शहद चिया सीड्स और ग्रीन टी फेस मास्क कैसे बनाएं? चिया सीड्स और ग्रीन टी फेस मास्क बनाने के लिए सबसे पहले ग्रीन टी बनाकर ठंडी कर लें. अब इसमें चिया सीड्स को 15 मिनट तक भिगो दें. फिर शहद मिलाकर पेस्ट तैयार करें. इसे चेहरे पर 15 मिनट तक लगाकर रखें और बाद में गुनगुने पानी से धो लें. यह फेस मास्क स्किन पर नेचुरल ग्लो लाने में मदद करता है. चिया सीड्स और हल्दी फेस मास्क इंग्रेडिएंट्स (ingredients) 1 बड़ा चम्मच चिया सीड्स 2 बड़े चम्मच पानी 1/2 चम्मच हल्दी 1 बड़ा चम्मच शहद चिया सीड्स और हल्दी का फेस मास्क कैसे बनाएं? चिया सीड्स और हल्दी का फेस मास्क बनाने के लिए चिया सीड्स को 20 मिनट तक पानी में भिगोकर जेल तैयार करें. इसमें हल्दी और शहद मिलाकर पेस्ट बना लें. इस फेस मास्क को 10-15 मिनट तक चेहरे पर लगाएं और फिर गुनगुने पानी से धो लें. यह फेस मास्क दाग-धब्बों को कम करने और स्किन टोन को बेहतर करने में मदद करता है. इंग्रेडिएंट्स (ingredients) 1 बड़ा चम्मच चिया सीड्स 2 बड़े चम्मच पानी 1 बड़ा चम्मच सादा दही 1 बड़ा चम्मच नींबू का रस चिया सीड्स और हल्दी का फेस मास्क बनाएं कैसे? चिया सीड्स और हल्दी का फेस मास्क बनाने के लिए चिया सीड्स को 15 मिनट तक पानी में भिगो दें. फिर इसमें दही और नींबू का रस मिलाकर पेस्ट तैयार करें. इस मिश्रण को हल्के हाथों से चेहरे पर गोलाकार गति में मसाज करें. 10-15 मिनट बाद गुनगुने पानी से चेहरा धो लें. यह फेस मास्क डेड स्किन हटाने और चेहरे को सॉफ्ट व ग्लोइंग बनाने में मदद कर सकता है. इन बातों का रखें ध्यान किसी भी घरेलू फेस मास्क का इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें. अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है या कोई स्किन प्रॉब्लम है तो एक्सपर्ट की सलाह लेने के बाद ही इन उपायों को अपनाएं.

पाक सीमा पर अलर्ट! पठानकोट में बमनुमा वस्तु मिलने से हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटीं

बमियाल. जिला पठानकोट के सीमावर्ती क्षेत्र में रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब गांव कथलौर और रायपुर के खेतों में एक बमनुमा वस्तु मिलने की सूचना सामने आई। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं और पूरे इलाके की घेराबंदी कर जांच अभियान शुरू कर दिया। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि यह कोई पुराना बम हो सकता है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी। जानकारी के अनुसार रविवार सुबह गांव जसवां के पूर्व सरपंच बलदेव सिंह खेतों की ओर गए थे। इसी दौरान उनकी नजर खेत में पड़ी एक संदिग्ध बमनुमा वस्तु पर पड़ी। वस्तु को देखकर उन्हें शक हुआ कि यह कोई विस्फोटक सामग्री हो सकती है। उन्होंने बिना किसी तरह की छेड़छाड़ किए तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी सूचना दी गई। सुरक्षा एजेंसियों ने घटनास्थल का निरीक्षण शुरू किया और आसपास के क्षेत्र की भी गहन तलाशी ली, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वहां कोई अन्य संदिग्ध वस्तु मौजूद न हो। बम की अभी पुष्टि नहीं पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह किसी पुराने बम जैसी वस्तु प्रतीत हो रही है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह कब की है, किस परिस्थिति में यहां पहुंची और इसमें किसी प्रकार का खतरा मौजूद है या नहीं। इन सभी पहलुओं की विशेषज्ञों की मदद से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। लोगों को सतर्क रहने की सलाह सुरक्षा कारणों को देखते हुए आसपास के लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी स्थान पर कोई संदिग्ध या बमनुमा वस्तु दिखाई दे तो उसे हाथ लगाने या हटाने का प्रयास बिल्कुल न करें। इसकी सूचना तुरंत पुलिस या संबंधित सुरक्षा एजेंसी को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

चकला-बेलन से जुड़े 4 बड़े वास्तु दोष जो ला सकते हैं आर्थिक तंगी

हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में रसोई घर को घर का सबसे पवित्र हिस्सा माना गया है, क्योंकि यहीं से पूरे परिवार की ऊर्जा और स्वास्थ्य का निर्धारण होता है. रसोई में रखी हर एक वस्तु का अपना एक विशेष महत्व और ऊर्जा होती है. इनमें सबसे महत्वपूर्ण हैं चकला और बेलन. वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई में टूटा या चटका हुआ चकला-बेलन रखना एक गंभीर महादोष माना जाता है. ऐसा करने से न केवल घर की सुख-शांति भंग होती है, बल्कि आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ता है. आइए जानते हैं चकला-बेलन से जुड़े महत्वपूर्ण वास्तु नियम और उनके पीछे की वजह. दरिद्रता का वास (आर्थिक तंगी) वास्तु शास्त्र के अनुसार, टूटे हुए चकले या बेलन से रोटी बेलने पर एक अजीब सी आवाज निकलती है. इस आवाज को बेहद अशुभ माना गया है. इससे घर में धन की आवक रुक जाती है और बेवजह के खर्च बढ़ने लगते हैं. परिवार में कलह और मानसिक तनाव टूटी हुई वस्तुओं से नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) निकलती है. यदि रसोई में ऐसी चीजें रखी हों, तो परिवार के सदस्यों के बीच आपसी तालमेल बिगड़ने लगता है और बिना बात के झगड़े होने लगते हैं. सेहत पर बुरा असर रसोई घर का सीधा संबंध मां अन्नपूर्णा और माता लक्ष्मी से होता है. खंडित या टूटे हुए बर्तनों और चकला-बेलन के इस्तेमाल से मां अन्नपूर्णा नाराज होती हैं, जिससे घर के सदस्यों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है. चकला-बेलन से जुड़े जरूरी वास्तु नियम आवाज न हो: रोटी बेलते समय चकले से आवाज नहीं आनी चाहिए. अगर चकला हिलता है या आवाज करता है, तो उसके नीचे एक साफ कपड़ा रख लें. उल्टा करके न रखें: कई लोगों की आदत होती है कि वे इस्तेमाल के बाद चकले को उल्टा रख देते हैं. वास्तु में इसे बहुत बड़ा दोष माना गया है. चकले को हमेशा सीधा या दीवार के सहारे खड़ा करके रखना चाहिए. तुरंत धोकर सुखाएं: रोटी बनाने के बाद चकला-बेलन को गंदा बिल्कुल न छोड़ें. इसे तुरंत धोकर और सुखाकर सही स्थान पर रखें. रात भर चकला-बेलन गंदा छोड़ना राहु और शनि दोष को आमंत्रित करता है. खरीदने का सही दिन: अगर आप नया चकला-बेलन खरीद रहे हैं, तो ध्यान रखें कि इसे बुधवार या गुरुवार को खरीदना सबसे शुभ होता है. शनिवार या मंगलवार को इसे खरीदने से बचना चाहिए.

महादेव सट्टा कनेक्शन! प्रमोटर के भांजे ने प्रॉपर्टी डीलर पर बेसबॉल और चाकुओं से किया हमला

भिलाई नगर. महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े सौरभ चंद्राकर के भांजे प्रखर चंद्राकर का नाम एक बार फिर सामने आया है। इस बार उस पर अपने दो साथियों के साथ मिलकर एक प्रॉपर्टी डीलर की हत्या की कोशिश करने का आरोप लगा है। आरोप है कि बाइक से जा रहे प्रॉपर्टी डीलर को पहले बेसबॉल के डंडे से हमला कर गिराया, फिर चाकू कटर और लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ वार किए गए। पीड़ित के पैर और गर्दन पर 8 से 10 बार किए गए हैं। गंभीर रूप से घायल युवक का अस्पताल के आईसीयू में इलाज चल रहा है। भिलाई नगर थाना प्रभारी जितेन्द्र वर्मा ने बताया कि योगेश सुर्यवंशी (32 वर्ष) प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराया कि 2 जुलाई की रात करीब 11.30 बजे वे सेक्टर-6 स्थित पेट्रोल पंप से बाइक में पेट्रोल भरवाकर रिसाली की ओर लौट रहे थे। जब वे डीपीएस चौक स्थित हनुमान मंदिर के पास पहुंचे, तभी पीछे से पल्सर बाइक पर आए युवकों ने उनके सिर पर बेसबॉल के डंडे से हमला कर दिया। प्रार्थी प्रॉपर्टी डीलर योगेश ने पुलिस को बताया कि किसी तरह बाइक वो संभालकर आगे बढ़ा, लेकिन आरोपियों ने फिर उनका पीछा किया और बाइक के पहिए में डंडा फंसा दिया। इससे वह सड़क पर गिर गया। इसके बाद हरीश यादव ने किसी धारदार हथियार से उनके गले के पास हमला किया। जब वे जान बचाकर भागने लगे तो प्रखर चंद्राकर और अमन मूर्ति ने उन्हें पकड़ लिया। एफआईआर के अनुसार अमन मूर्ति ने गर्दन के पास चाकू से वार किए, जबकि प्रखर चंद्राकर ने कटर और बटनदार चाकू से दोनों पैरों पर लगातार 8 से 10 वार किए। हमले में योगेश लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। इसी दौरान आसपास लोगों की भीड़ जुटने लगी तो तीनों आरोपी मौके से भाग निकले। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों ने घायल योगेश को पहले नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। बाद में उन्हें शंकराचार्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका आईसीयू में इलाज चल रहा है। योगेश ने पुलिस को बताया कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने उनकी हत्या करने की नीयत से हमला किया। उनकी शिकायत के आधार पर पहले नेवई थाना में जीरो नंबर पर अपराध दर्ज किया गया। इसके बाद मामला भिलाई नगर थाना भेजा गया, जहां आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 109 और 3(5) के तहत केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है। सट्टा ऐप से जुड़ा है प्रखर चंद्राकर का नाम लगातार कर रहा गुंडागर्दी यह पहला मामला नहीं है, जब प्रखर चंद्राकर का नाम हिंसक वारदात में सामने आया हो। करीब 9 महीने पहले रायपुर के तेलीबांधा स्थित जूक क्लब में भी उस पर दोस्तों के साथ मिलकर एक युवक की बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगा था। उस मामले में प्रखर चंद्राकर, पुलकित चंद्राकर और उनके साथियों ने मारपीट की थी। .वीडियो में मारपीट के बाद आरोपी डांस करते हुए भी दिखाई दिए थे। इससे पहले भी भिलाई सुपेला पुलिस प्रखर चंद्राकर को मारपीट के एक मामले में गिरफ्तार कर चुकी है। 18 मई को सुपेला थाना क्षेत्र में जन्मदिन की पार्टी से लौट रहे युवकों के साथ मारपीट हुई थी। शिकायतकर्ता सौरभ वर्मा ने पुलिस को बताया था कि उनके दोस्त आयुष पर डंडे से हमला किया था। जांच के बाद पुलिस ने प्रखर चंद्राकर को भिलाई नगर के घड़ी चौक से गिरफ्तार किया।

14 जुलाई 2026 को देवगुरु बृहस्पति होंगे अस्त, 6 राशियों पर पड़ सकता है बड़ा असर

 आकाशमंडल में जब भी कोई बड़ा और प्रभावशाली ग्रह सूर्य के बहुत करीब आ जाता है, तो उसकी ताकत कुछ समय के लिए शांत हो जाती है. ज्योतिष की भाषा में इसे ग्रह का अस्त होना (Combust) कहते हैं.  इस साल 14 जुलाई 2026 को ब्रह्मांड के सबसे शुभ और उदार ग्रह, देवगुरु बृहस्पति अस्त होने जा रहे हैं.  चूंकि गुरु को बुद्धि, धन, वैवाहिक सुख, संतान और आध्यात्मिक उन्नति का नियंत्रक माना जाता है, इसलिए उनके तेज में कमी आते ही जीवन के इन मोर्चों पर थोड़ी सुस्ती या रुकावटें देखने को मिल सकती हैं. वैदिक ज्योतिष के जानकारों के मुताबिक, गुरु की यह कमजोर स्थिति वैसे तो पूरी मानव जाति को प्रभावित करेगी, लेकिन 6 खास राशियां ऐसी हैं जिनकी जिंदगी में अचानक उथल-पुथल मच सकती है.  आइए समझते हैं कि इस खगोलीय बदलाव का आपकी राशि पर क्या असर होने जा रहा है और इससे कैसे निपटें. इन 6 राशियों के सामने खड़ी हो सकती हैं चुनौतियां 1. मेष राशि: फैसलों पर लगाएं ब्रेक इस समय आपकी मानसिक स्पष्टता थोड़ी प्रभावित हो सकती है.  कोई भी बड़ा कॉन्ट्रैक्ट साइन करना हो या नया बिजनेस वेंचर शुरू करना हो, उसे कुछ समय के लिए होल्ड पर डाल दें. जल्दबाजी में लिया गया एक भी गलत निर्णय आपकी जमा-पूंजी को फंसा सकता है. 2. कर्क राशि: बजट का बिगड़ेगा संतुलन बृहस्पति के अस्त होते ही आपके अनचाहे खर्चों में अचानक उछाल आ सकता है. नौकरीपेशा लोगों को अपनी मनपसंद पोजीशन या प्रमोशन के लिए थोड़ा लंबा इंतजार करना पड़ेगा.  प्रॉपर्टी या शेयर मार्केट में बड़ा रिस्क लेने से बिल्कुल बचें. 3. सिंह राशि: वर्कप्लेस पर बढ़ेगी तनातनी कार्यक्षेत्र में आपके ऊपर जिम्मेदारियों का बोझ अचानक बढ़ सकता है.  सहकर्मियों या बॉस के साथ तालमेल बिठाने में दिक्कत आ सकती है. मानसिक तनाव का सीधा असर आपके डाइजेशन (पाचन) और स्लीप साइकिल पर पड़ सकता है, इसलिए सेहत को प्राथमिकता दें. 4. वृश्चिक राशि: भरोसे के नाम पर मिल सकता है धोखा यह समय किसी नए पार्टनर या अनजान शख्स पर आंख बंद करके विश्वास करने का नहीं है.  पैसों का उधार-लेनदेन आपके आपसी रिश्तों में दरार डाल सकता है. जितना हो सके शांत रहें और दूसरों के विवादों में टांग न अड़ाएं. 5. धनु राशि: खुद को री-इवैल्युएट करने का समय गुरु आपकी ही राशि के स्वामी हैं, इसलिए आपके आत्मविश्वास में थोड़ी कमी महसूस हो सकती है. करियर में जो रफ्तार बनी हुई थी, वह अचानक धीमी पड़ सकती है.  इस समय को किसी नए काम में कूदने के बजाय पुराने अधूरे कामों को ठीक करने में लगाएं. 6. मीन राशि: सेहत और सुकून पर ध्यान दें मीन राशि के भी स्वामी गुरु ही हैं.  आपके बनते हुए कामों में आखिरी वक्त पर रुकावटें आ सकती हैं.  आर्थिक मोर्चे पर तंगी महसूस न हो, इसके लिए फिजूलखर्ची पर आज से ही रोक लगा दें. खान-पान में लापरवाही से लिवर या पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. गुरु के नकारात्मक असर को कम करने के व्यावहारिक तरीके जब गुरु का बल कम हो, तो हमें अपनी आंतरिक ऊर्जा और अनुशासन को बढ़ाना पड़ता है.  इसके लिए कुछ विशेष ज्योतिषीय और व्यावहारिक उपाय मददगार साबित हो सकते हैं: गुरुत्व को जगाएं: भगवान विष्णु और शिवजी की नियमित आराधना करें.  हर गुरुवार को माथे पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं. सात्विक जीवनशैली: इस पूरी अवधि में तामसिक भोजन और शराब आदि से पूरी तरह दूरी बना लें.  सात्विक विचार मन को शांत रखेंगे. सेवा भाव: केवल वस्तुओं का दान ही नहीं, बल्कि अनाथ बच्चों की शिक्षा में मदद करना या किसी भूखे को भोजन कराना गुरु दोष को तेजी से काटता है. मौन का अभ्यास: जब परिस्थितियां पक्ष में न हों, तो बहस करने से बेहतर है मौन धारण करना. इससे आपकी ऊर्जा बची रहेगी.

मध्यप्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, DRP नीति में बदलाव के बाद डीन करेंगे PG डॉक्टरों की तैनाती

भोपाल. मध्य प्रदेश सरकार ने जिला रेजिडेंट प्रोग्राम (डीआरपी) नीति में तीन साल बाद बड़ा बदलाव किया है। अब जिला अस्पतालों में तीन माह की सेवा देने वाले रेजिडेंट डॉक्टरों की पोस्टिंग राज्य स्तर से नहीं होगी। इसके बजाय संबंधित मेडिकल कॉलेज के डीन की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय डीआरपी प्लेसमेंट एलोकेशन कमेटी पोस्टिंग का निर्णय करेगी। नई व्यवस्था का उद्देश्य स्थानीय जरूरतों के अनुसार डॉक्टरों की तैनाती करना और जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है। हालांकि, नई नीति में आवास भत्ता समाप्त किए जाने से रेजिडेंट डॉक्टरों के बीच असंतोष भी देखा जा रहा है। डीन की अध्यक्षता वाली समिति करेगी पोस्टिंग नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में गठित पांच सदस्यीय समिति रेजिडेंट डॉक्टरों के जिला आवंटन का फैसला करेगी। पहले यह प्रक्रिया राज्य स्तर पर होती थी। अब जिस मेडिकल कॉलेज में जिस क्षेत्र के मरीज अधिक आते हैं, उसी क्षेत्र के जिला अस्पतालों में वहां के रेजिडेंट डॉक्टरों को भेजा जाएगा। क्षेत्र के अनुसार होगा जिला आवंटन नई नीति के अनुसार गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल के रेजिडेंट डॉक्टरों की तैनाती भोपाल, विदिशा, रायसेन और सीहोर जैसे जिलों में होगी। वहीं एमजीएम मेडिकल कॉलेज, इंदौर के डॉक्टरों को इंदौर, धार, झाबुआ और आसपास के जिलों में सेवाएं देनी होंगी। सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी। आवास भत्ता खत्म, खुद करनी होगी व्यवस्था नीति में सबसे बड़ा बदलाव आवास भत्ते को समाप्त करना है। अब रेजिडेंट डॉक्टरों को अपने रहने की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। जिला प्रशासन केवल सुरक्षित आवासों की सूची उपलब्ध कराएगा। वहीं महिला और दिव्यांग रेजिडेंट डॉक्टरों को सुविधा के अनुसार नजदीकी जिलों में पदस्थापना देने का प्रयास किया जाएगा। जिला अस्पतालों में मेंटर और रेजिडेंट डॉक्टरों का अनुपात 1:3 रखा गया है। रेजिडेंट डॉक्टरों ने रखीं मांगें रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि पहले की तरह आवास भत्ता जारी रखा जाना चाहिए। साथ ही अधिक मेडिकल कॉलेजों वाले क्षेत्रों से बाहर भी जिलों को डीआरपी में शामिल किया जाए। उन्होंने पूरे प्रदेश में डिवीजन से बाहर म्युचुअल ट्रांसफर की सुविधा लागू करने की भी मांग की है।

कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से बदलेगी अलीगढ़ की यातायात व्यवस्था, जाम से मिलेगी राहत

लखनऊ यूपी में अलीगढ़ की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में नगर निगम का कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बड़ी भूमिका निभाएगा। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कंट्रोल होगी। अलीगढ़ प्रदेश का पहला नगर निगम होगा, जिसको एनाउंसमेंट सिस्टम से लैस किया गया है। शनिवार को डीएम अविनाश कुमार, एसएसपी नीरज जादौन व नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने स्मार्ट टैफिक व्यवस्था को लेकर कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर के कंट्रोल रूम में मंथन किया। शहर के प्रमुख सिग्नलयुक्त चौराहों पर ट्रैफिक लाइट अब पूर्व निर्धारित समय के बजाय वास्तविक यातायात दबाव के अनुसार संचालित होगी। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जुड़े एआई आधारित कैमरे प्रत्येक दिशा में वाहनों एवं लोगों की संख्या का विश्लेषण करेंगे तथा उसी के अनुरूप ट्रैफिक सिग्नल का ग्रीन एवं रेड टाइम स्वतः कम या अधिक होगा। इससे अनावश्यक प्रतीक्षा समाप्त होगी तथा यातायात का प्रवाह लगातार बना रहेगा। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि इस स्मार्ट व्यवस्था को प्रथम चरण एएमयू सर्किल पर लागू कर दिया गया है। आगामी चरण में मैरिस रोड, रामघाट रोड, केला नगर, सासनी गेट सहित अन्य प्रमुख चौराहों पर भी इसे चरणबद्ध ढंग से लागू किया जाएगा। जहां पर ट्रैफिक लाइटें नहीं वहां 15 दिन में लगेंगी नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम द्वारा ट्रैफिक सुधार अभियान के अंतर्गत प्रमुख बाजारों एवं मार्गों पर पीली पट्टी अंकित कराई है तथा हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरों को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा गया है। जिन प्रमुख चौराहों पर अभी ट्रैफिक सिग्नल नहीं हैं, उनका नगर निगम एवं ट्रैफिक पुलिस द्वारा संयुक्त स्थलीय निरीक्षण कर आगामी 15 दिनों में नई ट्रैफिक सिग्नल प्रणाली स्थापित कराई जाएगी। वाहन अधिक देर तक खड़े हुए तो एनाउंसमेंट होगा कोई वाहन, ई-रिक्शा, ठेला अथवा अन्य वाहन निर्धारित समय से अधिक देर तक चौराहे पर खड़ा रहता है तो सिस्टम स्वतः सार्वजनिक उद्घोषणा कर वाहन चालक को तत्काल वाहन हटाने का निर्देश देगा। निर्धारित समय तक वाहन न हटाने पर सिस्टम ट्रैफिक पुलिस को स्वतः सूचना प्रेषित करेगा, जिसके आधार पर आवश्यक प्रवर्तन कार्रवाई करते हुए वाहन को हटाया जाएगा। सूतमिल चौराहे पर एनाउंसमेंट सिस्टम लागू नगर आयुक्त ने बताया कि इस व्यवस्था को प्रथम चरण सूतमिल चौराहे पर लागू किया जा चुका है। पिछले लगभग 15 दिनों के अनुभव में पाया गया है कि जहां पूर्व में इस चौराहे पर सामान्यतः 15 से 20 मिनट तक जाम की स्थिति बनी रहती थी, वहीं वर्तमान में यह समय घटकर लगभग 2 से 3 मिनट रह गया है। डीएम अविनाश कुमार ने कहा कि आधुनिक तकनीक का उद्देश्य केवल निगरानी करना नहीं बल्कि नागरिकों को बेहतर और सुगम यातायात उपलब्ध कराना है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट प्रणाली से चौराहों पर अनावश्यक प्रतीक्षा कम होगी ईंधन की बचत होगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन ने कहा कि स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन पुलिस और नगर निगम के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।

इको टूरिज्म से झारखंड की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने की तैयारी

 रांची प्राकृतिक सौंदर्य और संसाधनों से भरपूर झारखंड में इको टूरिज्म के जरिए अर्थव्यवस्था को गति देने की पहल की जा रही है। वन एवं पर्यावरण विभाग ने रांची जिले के जोन्हा में इको टूरिज्म की पहल की है। हाल ही में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जोन्हा का दौरा किया था और यहां के प्राकृतिक सौंदर्य का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर अपलोड किया था। अभी दुमका जिले में मयूराक्षी नदी के किनारे इको टूरिज्म चलाया जा रहा है। यहां इको फ्रेंडली कॉटेज में रहकर पर्यटक मयूराक्षी नदी पर बने बांध और वहां के वन क्षेत्र को देखते हैं। इसके अलावा दलमा में भी इको टूरिज्म कराया जा रहा है। लातेहार जिले के लोध और चतरा के तमाशीन जलप्रपात क्षेत्र में भी इको टूरिज्म चलाने की योजना बनाई जा रही है। इसमें स्थानीय समुदाय की भागीदारी कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति दी जाएगी। युवाओं को स्वरोजगार के जरिए आजीविका के नए रास्ते बताए जाएंगे। पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटकों को मिलेंगी सुविधाएं राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार ने जोन्हा में इको टूरिज्म की संभावना देखते हुए पर्यावरण की सुरक्षा के साथ कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश अधिकारियों को दिया है। स्थानीय वन प्रबंधन समिति को इस तरह के इको टूरिज्म स्थलों के प्रबंधन से जोड़ा जाएगा। उन्होंने पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधा देते हुए प्राकृतिक धरोहरों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात भी कही है। क्या होता है इको टूरिज्म इको टूरिज्म में स्थानीय समुदाय की पारंपरिक मान्यताओं के प्रति प्रतिबद्धता रखते हुए बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाती है। संरक्षित क्षेत्र में रहने वाले स्थानीय समुदाय के लिए पर्यावरण संरक्षण और स्थायी आजीविका का संतुलन बनाकर ही इको टूरिज्म किया जाता है।