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पारदर्शिता पर जोर: लेखा विभाग में 19 अधिकारियों को प्रमोशन, 52 का ट्रांसफर

नई दिल्ली  दिल्ली सरकार ने वित्त एवं लेखा विभाग में बीते पांच साल से मौजूद 52 अधिकारियों का तबादला कर दिया है। सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता को मजबूत करने के उद्देश्य से यह फेरबदल किया है। इनमें 23 डिप्टी कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स और 29 वरिष्ठ लेखाधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा सरकार ने विभागीय कार्यकुशलता को बढ़ावा देते हुए 19 वरिष्ठ लेखा अधिकारियों (सीनियर अकाउंट्स ऑफिसर) को पदोन्नत कर डिप्टी कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स बनाया है। सरकार का कहना है कि ये सभी निर्णय प्रशासनिक आवश्यकताओं, बेहतर वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शी कार्यप्रणाली को ध्यान में रखते हुए लिए गए हैं। सीएम रेखा गुप्ता ने क्या कहा?     मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो पारदर्शिता, जवाबदेही, दक्षता और सुशासन के उच्चतम मानकों पर आधारित हो।     उन्होंने कहा कि शासन व्यवस्था में शिथिलता, लापरवाही और भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं है। सरकार के अनुसार, वित्त एवं लेखा विभाग में किए गए इस व्यापक फेरबदल से वित्तीय प्रबंधन और समयबद्ध निर्णयों के माध्यम से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। द्वारका में 500 किलोवॉट का सोलर प्लांट शुरू पालम विधानसभा क्षेत्र के द्वारका सेक्टर 7 स्थित एयर फोर्स और नेवल ऑफिसर्स एनक्लेव में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 500 किलोवॉट क्षमता के सोलर पावर प्लाट का उद्‌घाटन किया। यह सोलर प्लाट सोसायटी के करीब 375 घरो की बिजली की जरूरतों को स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा से पूरा करेगा। मुख्यमंत्री ने उ‌द्घाटन के दौरान बताया कि प्लाट चालू होने से एनक्लेव का मासिक बिजली खर्च करीब 12 लाख रुपये से घटकर आधा, यानी लगभग 6 लाख रुपये रह जाएगा। इससे सोसायटी के निवासियों को हर साल करीब 72 लाख रुपये की बचत होगी। करीब दो करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार की ओर से 90 लाख रुपये और दिल्ली सरकार की ओर से 10 लाख रूपये की सब्सिडी दी गई है।  

बाथरूम के ये 3 वास्तु दोष बिगाड़ सकते हैं आपकी आर्थिक स्थिति

 कई बार लाख कोशिशों के बाद भी घर में पैसा नहीं टिकता. इंसान दिन-रात मेहनत करके कमाता तो बहुत है, लेकिन महीने के अंत में बचत के नाम पर कुछ ही बचता है. क्या आप जानते हैं कि इसका एक बड़ा कारण आपके घर का बाथरूम हो सकता है? वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर का बाथरूम राहु, केतु और चंद्र की ऊर्जा से प्रभावित होता है.अगर यहां अनजाने में कुछ गलतियां की जाएं, तो भयंकर वास्तु दोष लगता है, जिससे मां लक्ष्मी रूठ जाती हैं . आइए जानते हैं बाथरूम से जुड़े उन गंभीर वास्तु दोषों (Vastu Dosh) के बारे में जो आपकी तिजोरी को खाली कर रहे हैं, और साथ ही जानेंगे इन्हें ठीक करने के बेहद असरदार उपाय. इन 3 गलतियों से लगता है भयंकर वास्तु दोष 1. खाली बाल्टी या टब रखना बाथरूम में कभी भी खाली बाल्टी या टब नहीं छोड़ना चाहिए.वास्तु के अनुसार, खाली बाल्टी घर में खालीपन और आर्थिक तंगी का प्रतीक मानी जाती है.इससे जल के देवता वरुण और मन व धन के कारक चंद्रमा का दोष लगता है, जिससे पैसों की आवक रुक जाती है. 2. नल से पानी का टपकना अगर आपके बाथरूम का कोई नल खराब है या उससे लगातार पानी टपकता रहता है, तो इसे वास्तु शास्त्र में सबसे बड़ा दोष माना गया है.जैसे-जैसे पानी टपकता है, वैसे-वैसे घर से पैसा पानी की तरह बह जाता है.टपकता हुआ पानी राहु के नकारात्मक प्रभाव को बढ़ाता है, जिससे अचानक बड़े नुकसान या मेडिकल खर्चे सामने आते हैं. 3. बाथरूम का दरवाजा खुला छोड़ना बाथरूम घर का वह हिस्सा है जहां सबसे ज्यादा नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) पैदा होती है.कई लोग इस्तेमाल के बाद बाथरूम का दरवाजा खुला छोड़ देते हैं.ऐसा करने से वह नकारात्मक ऊर्जा पूरे घर में, खासकर बेडरूम और किचन तक फैल जाती है.इससे घर के सदस्यों के बीच कलह बढ़ती है . कंगाली से बचने के लिए तुरंत करें ये 4 उपाय (Vastu Remedies) अगर आपके घर में भी यह दोष बन रहे हैं, तो घबराने के बजाय आज ही इन आसान उपायों को अपनाएं: बाल्टी को हमेशा भरकर रखें: बाथरूम में कम से कम एक बाल्टी को हमेशा साफ पानी से भरकर रखें.अगर बाल्टी खाली रखनी भी है, तो उसे उल्टा करके रखें, कभी भी सीधी और खाली न छोड़ें.नीले रंग की बाल्टी का इस्तेमाल करना सबसे शुभ माना जाता है. खराब नल तुरंत ठीक करवाएं: घर या बाथरूम में कहीं भी पानी का रिसाव (Leakage) न होने दें.प्लंबर को बुलाकर टपकते हुए नल को तुरंत ठीक करवाएं ताकि धन की बर्बादी रुके. कांच की कटोरी में खड़ा नमक: बाथरूम की नकारात्मक ऊर्जा और राहु दोष को सोखने के लिए एक कांच की कटोरी में खड़ा नमक (समुद्री नमक या ढेले वाला नमक) भरकर बाथरूम के किसी कोने में रख दें.हर महीने इस नमक को बदल दें. दरवाजा हमेशा रखें बंद: बाथरूम का इस्तेमाल करने के तुरंत बाद उसका दरवाजा बंद करने की आदत डालें.इसके अलावा, बाथरूम को हमेशा सूखा और साफ-सुथरा रखें, क्योंकि गंदगी ही दरिद्रता को न्योता देती है.

अमृतसर में पंथक सम्मेलन का आगाज, देशभर से सिख संगठनों के नेता हुए शामिल

अमृतसर. श्री हरि मंदिर साहिब परिसर स्थित गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब दीवान हाल में रविवार पंथक सम्मेलन शुरू हो गया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में विभिन्न सिख जत्थेबंदियों, धार्मिक संस्थाओं, संत-महापुरुषों और बुद्धिजीवियों की उपस्थिति में मुख्यमंत्री भगवंत मान की विवादित वीडियो पर आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। सम्मेलन में श्री अकाल तख्त साहिब के निर्णयों के समर्थन में पंथक एकजुटता प्रदर्शित करने के साथ-साथ भविष्य की धार्मिक, सामाजिक और कानूनी कार्रवाई की रूपरेखा तैयार करने पर भी चर्चा हो रही है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की तरफ से इस क्रम में बुलाए गए इस सम्मेलन को मौजूदा विवाद के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सम्मेलन में बड़ी संख्या में विभिन्न पंथक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं और अलग-अलग विषयों पर अपने विचार रख रहे हैं। संशोधन अधिनयम पर भी चल रही चर्चा सम्मेलन के दौरान जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब संशोधित अधिनियम को प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाया जा रहा है। इस पर विस्तार से चर्चा की जा रही है कि आगे इस मामले को किस प्रकार धार्मिक और कानूनी स्तर पर आगे बढ़ाया जाए। साथ ही श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा दिए गए निर्देशों के समर्थन में सामूहिक निर्णय लेने की दिशा में भी मंथन चल रहा है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पहले ही घोषणा कर चुकी है कि उसका शिष्टमंडल पंजाब के डीजीपी से मुलाकात कर संबंधित मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करेगा। सम्मेलन में इस प्रस्ताव पर भी चर्चा हो रही है कि पूरे मामले को केवल धार्मिक मुद्दे तक सीमित न रख कानूनी स्तर पर भी मजबूती से आगे बढ़ाया जाए। जनजागरण अभियान चलाने पर हो रही चर्चा सम्मेलन में यह भी चर्चा हो रही है कि संगत के बीच जनजागरण अभियान किस प्रकार चलाया जाए।  जिसमें समाज के सभी वर्गों तक संदेश पहुंचाने की रणनीति पर भी विचार किया जा रहा है। धार्मिक और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जा रहे इस पंथक सम्मेलन में लिए जाने वाले निर्णयों पर पूरे पंजाब की नजर बनी हुई है। माना जा रहा है कि सम्मेलन के बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी आगे की कार्रवाई और आंदोलन की रूपरेखा को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा कर सकती है।

श्रीकृष्ण का अर्जुन को सारथी के रूप में चुनना और गीता का उपदेश

 महाभारत के सभी पात्रों में श्रीकृष्ण का अपने सखा अर्जुन के प्रति विशेष प्रेम था. जब महाभारत युद्ध का समय आया और श्रीकृष्ण ने अर्जुन का सारथी बनने का निर्णय लिया, तब अर्जुन ने उनसे पूछा कि, 'हे प्रभु, हम पांचों भाइयों के लिए आपका आशीर्वाद ही पर्याप्त है, फिर आप मेरा सारथी क्यों बनना चाहते हैं?' अर्जुन की बात सुनकर श्रीकृष्ण मुस्कुराए और बोले, 'हे पार्थ, इस प्रश्न का उत्तर अभी नहीं दे सकता, समय आने पर तुम्हें स्वयं समझ आ जाएगा.' जब महाभारत युद्ध निश्चित हो गया, तब कौरव और पांडव दोनों अपने-अपने पक्ष को मजबूत करने के लिए राजाओं और मित्रों को साथ जोड़ने लगे. इसी क्रम में अर्जुन पांडवों की ओर से और दुर्योधन कौरवों की ओर से श्रीकृष्ण के पास पहुंचे. जब सेना बदले अर्जुन ने चुना था श्रीकृष्ण को श्रीकृष्ण ने दोनों से कहा, 'तुम दोनों मेरे अपने हो, इसलिए मैं तुम्हें कुछ न कुछ अवश्य दूंगा. एक ओर मेरी पूरी नारायणी सेना होगी और दूसरी ओर मैं स्वयं रहूंगा, लेकिन निहत्था, युद्ध में कोई अस्त्र-शस्त्र नहीं उठाऊंगा.' यह सुनकर अर्जुन ने बिना देर किए श्रीकृष्ण को चुन लिया, जबकि दुर्योधन नारायणी सेना पाकर बहुत प्रसन्न हुआ. उसे लगा कि निहत्थे कृष्ण युद्ध में कुछ नहीं कर पाएंगे. दुर्योधन सेना लेकर चला गया और श्रीकृष्ण अर्जुन के साथ हो लिए. श्रीकृष्ण ने दिया गीता का उपदेश युद्ध की तैयारियां शुरू हो गईं और श्रीकृष्ण ने अर्जुन का सारथी बनने का दायित्व संभाल लिया. युद्ध के दिन श्रीकृष्ण ने स्वयं रथ तैयार किया और ध्वज पर हनुमान जी को स्थापित किया. अर्जुन के रथ पर चढ़ने के बाद श्रीकृष्ण ने रथ को कुरुक्षेत्र की ओर बढ़ाया. जब अर्जुन ने युद्धभूमि में अपने ही गुरुओं और संबंधियों जैसे भीष्म पितामह, द्रोणाचार्य, कृपाचार्य, को सामने खड़ा देखा, तो उसका मन विचलित हो गया. उसके हाथ कांपने लगे और उसने गांडीव नीचे रख दिया. उसने कहा, 'हे प्रभु, मैं अपने ही लोगों से युद्ध कैसे कर सकता हूं?'   तब श्रीकृष्ण ने अर्जुन को अपना विराट रूप दिखाया और गीता का उपदेश दिया. इस ज्ञान से अर्जुन का मोह दूर हुआ और वह युद्ध के लिए तैयार हो गया. युद्ध के दौरान एक समय कर्ण और अर्जुन के बीच भयंकर युद्ध हुआ. जब अर्जुन का प्रहार कर्ण के रथ पर पड़ता, तो वह दूर तक पीछे चला जाता. वहीं कर्ण के बाणों से अर्जुन का रथ भी पीछे हटता था. हर बार यह देखकर श्रीकृष्ण कर्ण की प्रशंसा करते. कृष्ण के मुख से बार-बार कर्ण की प्रशंसा सुनकर अर्जुन को क्रोध आया. उसने पूछा, 'हे प्रभु, आप मेरी बजाय कर्ण की प्रशंसा क्यों कर रहे हैं?' श्रीकृष्ण ने कहा, 'हे पार्थ, तुम्हारे रथ पर स्वयं मैं और हनुमान विराजमान हैं, फिर भी कर्ण के प्रहार से यह पीछे हटता है, इसलिए वह प्रशंसा के योग्य है.' कैसे हुआ था अर्जुन का रथ नष्ट? अंत में, युद्ध के 18वें दिन एक अद्भुत घटना हुई. हर दिन की तरह इस बार श्रीकृष्ण पहले रथ से नहीं उतरे, बल्कि उन्होंने अर्जुन से पहले उतरने को कहा. अर्जुन को आश्चर्य हुआ, लेकिन उसने आज्ञा का पालन किया. जब अर्जुन रथ से उतर गया, तब श्रीकृष्ण भी उतरे और उसे थोड़ा दूर ले गए. जैसे ही दोनों रथ से दूर हुए, रथ में आग लग गई और वह जलकर भस्म हो गया. यह देखकर अर्जुन चकित रह गया. उसने पूछा, 'प्रभु, यह क्या हुआ?' श्रीकृष्ण ने बताया, 'अर्जुन, यह रथ तो पहले ही नष्ट हो चुका था. भीष्म, द्रोण और कर्ण जैसे महारथियों के दिव्यास्त्रों से इसकी आयु समाप्त हो गई थी. यह तो केवल मेरे संकल्प से अब तक चल रहा था. यदि मैं तुम्हारा सारथी न होता, तो यह बहुत पहले ही नष्ट हो गया होता.' तब अर्जुन को समझ आया कि श्रीकृष्ण ने उसका सारथी बनकर केवल मार्गदर्शन ही नहीं किया, बल्कि हर क्षण उसकी रक्षा भी की.

20 जुलाई 2026 को सूर्य का पुष्य नक्षत्र में गोचर, कई राशियों के लिए शुभ संकेत

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राजा सूर्य देव का नक्षत्र परिवर्तन एक अत्यंत महत्वपूर्ण संचरण माना जाता है. 20 जुलाई 2026 को सूर्य देव शनि के स्वामित्व वाले और नक्षत्रों के राजा माने जाने वाले पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं. सूर्य और शनि के बीच भले ही शत्रुता का भाव हो, लेकिन पुष्य नक्षत्र को बेहद शुभ, पोषण करने वाला और समृद्धि देने वाला माना गया है. जब आत्मा और मान-सम्मान के कारक सूर्य इस कल्याणकारी नक्षत्र में आते हैं, तो कई राशियों के जीवन में तरक्की और धन-लाभ के मार्ग खुलते हैं. आइए जानते हैं कि सूर्य के इस पुष्य नक्षत्र में गोचर से किन राशियों को सबसे ज्यादा भाग्य का साथ मिलने वाला है. 1. मेष राशि (Aries) मेष राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह नक्षत्र परिवर्तन सुख-सुविधाओं में वृद्धि करने वाला साबित होगा. नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में कोई बड़ी जिम्मेदारी या नया प्रोजेक्ट मिल सकता है. व्यापारियों के लिए यह समय अच्छा मुनाफा कमाने का है. भूमि, भवन या वाहन खरीदने के योग बनेंगे. माता-पक्ष से सहयोग और लाभ मिलने की संभावना है. 2. मिथुन राशि (Gemini) मिथुन राशि के लोगों के लिए सूर्य का पुष्य नक्षत्र में जाना आर्थिक रूप से बेहद मजबूत परिणाम लेकर आएगा. आपकी वाणी के प्रभाव से अटके हुए काम पूरे होंगे. अचानक धन लाभ या पैतृक संपत्ति से फायदा होने के प्रबल योग हैं. यदि आप इस अवधि में कहीं निवेश करने की सोच रहे हैं, तो भविष्य में उसके बेहतरीन रिटर्न मिल सकते हैं. 3. सिंह राशि (Leo) चूंकि सूर्य देव आपकी ही राशि के स्वामी हैं, इसलिए उनके नक्षत्र बदलने से आपके आत्मविश्वास और पराक्रम में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी. समाज और कार्यस्थल पर आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी. सरकारी क्षेत्रों या उच्च अधिकारियों से आपको सीधा लाभ मिल सकता है. पिछले कुछ समय से चल रही स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से राहत मिलेगी और आप खुद को ऊर्जावान महसूस करेंगे. 4. वृश्चिक राशि (Scorpio) वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह गोचर भाग्य का पूरा साथ लेकर आ रहा है. सूर्य देव आपके अटके हुए कामों को गति देंगे. छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सफलता मिल सकती है. व्यावसायिक या धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे, जो लाभदायक रहेंगी. यदि आप नौकरी बदलने का प्रयास कर रहे हैं, तो इस दौरान आपको अच्छे और मन मुताबिक अवसर मिल सकते हैं. अन्य राशियों के लिए सलाह चूंकि सूर्य देव शनि के नक्षत्र में जा रहे हैं, इसलिए कर्क, मकर और कुंभ राशि के जातकों को इस दौरान अपने कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वाद-विवाद से बचना चाहिए और गाड़ी चलाते समय थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए.

दुर्ग के गनियारी में अंतिम दर्शन के लिए पहुंचा तीजन बाई का पार्थिव शरीर, राजकीय सम्मान से होगी विदाई

दुर्ग. पंडवानी गायिका पद्मश्री डॉ. तीजन बाई के पार्थिव शरीर को एम्स से दुर्ग जिले के गनियारी गांव लाया जा चुका है. उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी कर ली गई है. राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा. पार्थिव शरीर को लेकर परिजन मुक्ति धाम लेकर पहुंचेंगे. अंतिम दर्जन के लिए उनके शिष्य, ग्रामीणों के साथ राजनीतिक और समाजिक प्रतिनिधियों के पहुंचने का सिलसिला जारी है. जानकारी के मुताबिक, गनियारी में दुर्ग कलेक्टर, एसएसपी समेत उच्च स्तरीय अधिकारी मौजूद हैं. अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी कर ली गई है. पूरे गांव में शोक की लहर है. नम आंखों के साथ बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं.  एम्स में हुआ निधन रायपुर एम्स में लगभग 38 दिनों से जारी इलाज के बाद रविवार सुबह प्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई का निधन हुआ. 72 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली. जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री साय और मंत्रिमंडल के सदस्यों ने एम्स अस्पताल पहुंचकर उन्हें क श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान परिजनों से मुलाकात कर दिवंगत आत्मा को शांति देने की प्रार्थना की.

बारिश ने खोली अस्पताल की पोल! गोहद सिविल अस्पताल में भरा पानी, प्रसूति वार्ड कराया गया खाली

भिंड. गोहद में रुक-रुककर लगातार हो रही बारिश ने कस्बे की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। शनिवार को सिविल अस्पताल परिसर और वार्डों में बारिश का पानी भर जाने से मरीजों, प्रसूताओं और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालात इतने बिगड़ गए कि पानी प्रसूति वार्ड तक पहुंच गया, जिसके चलते मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए वार्ड खाली कराना पड़ा। विधायक अस्पताल पहुंचे सूचना मिलने पर गोहद विधायक केशव देसाई अस्पताल पहुंचे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बीएमओ से अस्पताल में भरे पानी की निकासी को लेकर सवाल किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बीएमओ ने कहा कि पानी निकालना उनका काम नहीं, बल्कि सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। विधायक ने जब पूछा कि तत्काल यह काम कौन करेगा तो बीएमओ ने आशा कार्यकर्ताओं की ओर इशारा किया, लेकिन उन्होंने भी यह जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया। विधायक ने सीएमएचओ से की शिकायत बीएमओ के रवैये से नाराज विधायक ने मौके से ही सीएमएचओ डॉ. जेएस यादव को फोन कर अस्पताल की स्थिति से अवगत कराया। सीएमएचओ ने तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने और पानी की निकासी के निर्देश देने का आश्वासन दिया। इसके बाद विधायक ने भिंड कलेक्टर केएल मीना से भी चर्चा कर अस्पताल की अव्यवस्थाओं से अवगत कराया और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। स्कूल और बैंक परिसर में भी भरा पानी पिछले दो दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण गोहद में नालों का पानी उफान पर है। जल निकासी व्यवस्था ठप होने से सड़कों के साथ सरकारी भवनों में भी पानी भर गया। सिविल अस्पताल के अलावा सीएम राइज स्कूल और एक बैंक शाखा भी जलभराव से प्रभावित हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर में वर्षों से जल निकासी की समस्या बनी हुई है और हर बारिश में यही हालात बनते हैं। विधायक बोले- व्यवस्था में सुधार जरूरी विधायक केशव देसाई ने कहा कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर जलभराव गंभीर लापरवाही है। मरीजों को सुरक्षित और बेहतर इलाज मिलना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को जल्द स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी – गोहद सिविल अस्पताल में जलभराव की सूचना मिली है। तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने और पानी की निकासी के निर्देश दिए गए हैं। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। – डॉक्टर जेएस यादव, सीएमएचओ भिंड

लोकसभा सीटें 543 से बढ़ाकर 850 करने की योजना, संसद में फिर गरमाएगा परिसीमन का मुद्दा

नई दिल्ली केंद्र की भाजपा नीत एनडीए सरकार आगामी मॉनसून सत्र में महिला आरक्षण को 2029 से ही लागू करने के लिए एक नया संविधान संशोधन विधेयक और लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने के लिए परिसीमन विधेयक (Delimitation Bill) लाने की तैयारी में है। हालांकि, इन ऐतिहासिक विधेयकों को पारित कराने के लिए सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत जुटाने की होगी। संसद के पिछले बजट सत्र में संख्या बल की कमी के कारण 131वां संविधान संशोधन विधेयक गिर गया था, जिसके बाद साधारण बहुमत से पास होने वाले परिसीमन विधेयक को आगे नहीं बढ़ाया गया था। इस बार सरकार नए सिरे से रणनीति बना रही है। दो-तिहाई बहुमत से कितनी दूर है NDA? संविधान संशोधन के लिए संसद के दोनों सदनों में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों का दो-तिहाई समर्थन अनिवार्य है। मौजूदा स्थिति में पाला बदलने वाले सांसदों को जोड़ने के बाद भी एनडीए बहुमत के आंकड़े से पीछे है। लोकसभा में एनडीए की वर्तमान ताकत 319 सांसदों की हो चुकी हैं। इनमें टीएमसी 20 और शिवसेना यूबीटी के 6 सांसद भी शामिल हैं। अब भाजपा को संसद में 41 सीटों की आवश्यक्ता है। आपको बता दें कि 543 सीटों वाले लोकसभा में दो तिहाई बहुत में के लिए 360 सांसदों की जरूरत होती है। राज्यसभा का क्या है समीकरण राज्यसभा में NDA की वर्तमान ताकत 152 सांसदों की है। दो-तिहाई बहुमत के लिए 161 सांसदों की जरूरत है। भाजपा को यहां भी 9 सांसदों के समर्थन की आवश्यक्ता है। इस कमी को पूरा करने के लिए सरकार को या तो विपक्षी दलों का सीधा समर्थन चाहिए होगा या फिर मतदान के समय वॉकआउट के जरिए दो-तिहाई के लिए जरूरी कुल संख्या को कम करना होगा। तमिलनाडु का बदलता समीकरण विपक्षी और क्षेत्रीय दलों का समर्थन हासिल करने के लिए नए विधेयक में उनकी चिंताओं को दूर करना सबसे अहम होगा। 22 लोकसभा सांसदों वाली द्रमुक (DMK) का रुख हमेशा से सीटों के आवंटन पर मौजूदा स्थिति बनाए रखने का रहा है। डीएमके का मानना है कि जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन करने वाले दक्षिणी राज्यों की सीटें कम नहीं होनी चाहिए। तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के बाद सी. जोसेफ विजय की पार्टी TVK के सत्ता में आने से राज्य के राजनीतिक समीकरण बदले हैं, जिससे भाजपा के प्रति डीएमके के कड़े रुख में कुछ नरमी के संकेत मिले हैं। हालांकि डीएमके सांसद तिरुची शिवा का कहना है कि आधिकारिक प्रस्ताव सामने आने से पहले कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। क्या हैं संवैधानिक अड़चनें? इस पूरे विवाद और नए विधेयक के केंद्र में अनुच्छेद 81 के दो मुख्य कड़े नियम हैं। अंतर-राज्यीय सीटों का आवंटन यानी कि अनुच्छेद 81(2)(a)। यह नियम कहता है कि राज्यों को लोकसभा सीटें उनकी आबादी के अनुपात में मिलनी चाहिए। आपको बता दें कि देश में राज्यों के बीच सीटों के संतुलन को बनाए रखने के लिए 1971 की जनगणना के आधार पर सीटों के आवंटन को पिछले 50 वर्षों से फ्रीज किया गया है। पहला फ्रीज 1976 में और दूसरा 2001 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान लगाया गया था। इसकी मियाद 2026 के बाद होने वाली पहली जनगणना के आंकड़े आने पर समाप्त हो जाएगी। 2011 की जनगणना का पेंच यदि सरकार 2011 की जनगणना को आधार बनाकर नया परिसीमन लाती है तो उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों की सीटें दक्षिण भारत के केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों की तुलना में बहुत ज्यादा बढ़ जाएंगी, क्योंकि उत्तर भारत की आबादी तेजी से बढ़ी है। केंद्र सरकार अन्य दलों का समर्थन हासिल करने के लिए अनुच्छेद 81 में संशोधन करके इस फ्रीज की समयसीमा को कुछ और दशकों के लिए आगे बढ़ा सकती है, जिससे राज्यों की मौजूदा सीटों का अनुपात सुरक्षित रहे। राज्य के भीतर का परिसीमन यह नियम राज्य के भीतर ही अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं को तय करता है ताकि राज्य के भीतर सभी क्षेत्रों में जनसंख्या का अनुपात बराबर रहे। वर्तमान में इसके लिए 2001 की जनगणना को आधार माना गया है। सरकार नए विधेयक में इसे बदलकर 2011 की जनगणना के आंकड़ों पर आधारित करने का प्रस्ताव दे सकती है, जिस पर विपक्षी दलों में व्यापक सहमति बनने की संभावना अधिक है।

हरियाणा में पर्यटन को नई उड़ान, यादवेंद्र उद्यान में बनेगा हाईटेक वेडिंग डेस्टिनेशन

 चंडीगढ़  पिंजौर के ऐतिहासिक यादवेंद्र उद्यान और मोरनी हिल्स के खूबसूरत टिक्करताल को आधुनिक एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। यादवेंद्र उद्यान के समीप आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित भव्य वन स्टाप डेस्टिनेशन फार वेडिंग विकसित किया जाएगा। इस हाईटेक वेडिंग डेस्टिनेशन में एक कन्वेंशन सेंटर और एग्जीबिशन सेंटर समेत तमाम आधुनिक सुविधाएं मौजूद होंगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में दोनों प्रमुख पर्यटन स्थलों के जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण पर करीब 90 करोड़ रुपये खर्च करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी। इस पहल से न केवल हरियाणा में पर्यटन को नए पंख मिलेंगे, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और राज्य के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वेड इन इंडिया विजन के अनुरूप पिंजौर गार्डन के नजदीक पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर आलीशान होटल का निर्माण भी किया जाएगा, जिसकी छत पर अत्याधुनिक हेलिपैड की सुविधा होगी। इससे देश-विदेश से आने वाले मेहमान सीधे हवाई मार्ग से यहां पहुंच सकेंगे। विरासत एवं पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डा.अमित अग्रवाल ने बताया कि विकास कार्यों के दौरान यादवेंद्र उद्यान की ऐतिहासिक और पारंपरिक विरासत को पूरी तरह संजोकर रखा जाएगा। गार्डन के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ किए बिना यहां पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अत्याधुनिक संगीतमय फव्वारे, खूबसूरत बटरफ्लाई पार्क और मनमोहक एक्वेरियम बनाया जाएगा। मोरनी के पास स्थित प्रसिद्ध टिक्करताल को एडवेंचर लवर्स की पहली पसंद बनाने के लिए वहां पहले से मौजूद सुविधाओं का जीर्णोद्धार किया जाएगा। टिक्करताल में एडवेंचर पार्क, बोटिंग और हंटेड-हाउस समेत अन्य दर्शनीय स्थलों का कायाकल्प किया जाएगा, जिससे यह प्राकृतिक स्थल पर्यटकों के लिए बेहद रोमांचक, खूबसूरत और कभी न भूलने वाला सफर साबित हो सके। इस दौरान मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव डॉ. यशपाल ने भी अपनी बात रखी।  

ईरान में अंतिम संस्कार जारी, ट्रंप बोले- ‘एक गोली से खत्म हो सकता है नेतृत्व’

 वाशिंगटन  ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम चल रहा है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को खुली धमकी दी है। ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा कि अमेरिका सिर्फ 'एक गोली' से वहां जुटे ईरान के बचे हुए सभू नेतृत्व को खत्म कर सकता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि वे ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि फिर बातचीत करने के लिए कोई बचेगा ही नहीं। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरानी नेता अब समझौता करने के लिए गिड़गिड़ा रहे हैं। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमले में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई का अंतिम संस्कार चल रहा है। इस शोक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भारत समेत दुनियाभर के प्रतिनिधि ईरान पहुंचे हुए हैं। नकली आंसू शनिवार को अंतिम संस्कार कार्यक्रम के दौरान ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची को रोते हुए देखा गया। इस पर ट्रंप ने अंतिम संस्कार में ईरानियों के रोने पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें लगा था कि लोग खामेनेई से नफरत करते हैं हो सकता है ये नकली आंसू हों। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्षों ने खामेनेई के अंतिम संस्कार से संबंधित कार्यक्रम समाप्त होने तक एक सप्ताह के लिए वार्ता स्थगित करने का निर्णय लिया है। ट्रंप ने कहा कि इस दौरान कोई भी पक्ष दूसरे पर हमला नहीं करेगा। 9 जुलाई को समाप्त होगा अंतिम संस्कार कार्यक्रम गौरतलब है कि ईरान ने अपने पूर्व सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार की शुरुआत के लिए 4 जुलाई का दिन चुना। इस दिन अमेरिका अपनी स्वतंत्रता दिवस मनाता है। अंतिम संस्कार की रस्मों में 7 जुलाई को तेहरान के दक्षिण में स्थित पवित्र शहर कोम में कार्यक्रम और अन्य धार्मिक अनुष्ठान शामिल होंगे। यह 9 जुलाई को खामेनेई के गृह नगर, पूर्वोत्तर के पवित्र शहर मशहद में दफनाने के साथ समाप्त होगा। ईरान में लाखों लोगों की भीड़ खामनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में भारी भीड़ देखने को मिल रही है। लाखों लोग ईरान की सड़कों पर जमा हो रहे हैं। यह अंतिम संस्कार दुनिया भर में सबसे अधिक ध्यान से देखे जाने वाले आयोजनों में से एक बन गया है। एक सप्ताह की छुट्टी दी इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका ने ईरान को एक अंतिम संस्कार के लिए एक सप्ताह की छुट्टी दी है। ट्रंप ने कहा , "हमने वेनेजुएला को एक ही दिन में हरा दिया, और ईरान को बुरी तरह से मात दी, वे समझौता करने के लिए बेताब हैं। वे समझौता करना बहुत बुरी तरह से चाहते हैं। हमने उन्हें अंतिम संस्कार के लिए एक सप्ताह की छुट्टी दी क्योंकि हम अच्छे लोग हैं।"