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मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिलीं पर्वतारोही अंजना यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शुक्रवार को रायसेन जिले के सेमरी गांव की रहने वाली पर्वतारोही बेटी सुश्री अंजना यादव ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुश्री अंजना को उसकी अतुल्नीय उपलब्धि के लिए बधाई दी। उल्लेखनीय है कि सुश्री अंजना यादव ने हाल ही में विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउण्ट एवरेस्ट (कुल 8848.86 मीटर ऊंची) के टॉप पाइंट पर सफलतापूर्वक फतह हासिल कर देश-दुनिया में प्रदेश का नाम रौशन किया है।  

वर्ल्ड स्किल्स फाइनलिस्ट अजय अहिरवार से मंत्री टेटवाल का वर्चुअल संवाद, प्रतिभा की सराहना

मंत्री टेटवाल ने वर्ल्ड स्किल्स फाइनलिस्ट् अजय अहिरवार से किया वर्चुअल संवाद वर्ल्ड स्किल्स काम्पिटिशन सितम्बर 2026 शंघाई चीन में होंगे शामिल ग्लोबल स्किल्स चैलेंज जून 2026, ऑस्ट्रेलिया में भी होंगे शामिल भोपाल कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मध्यप्रदेश के प्रतिभाशाली युवा अजय अहिरवार से संवाद किया। अजय अहिरवार ने इंडिया स्किल्स नेशनल काम्पिटिशन 2025-26 में ब्रिकलेइंग स्किल में स्वर्ण पदक अर्जित कर मध्यप्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है तथा अब उनका चयन वर्ल्ड स्किल्स काम्पिटिशन 2026 के लिए हुआ है, जो सितम्बर 2026 में शंघाई (चीन) में आयोजित होगी। अजय अहिरवार वर्तमान में वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता की तैयारी के लिये कानपुर में उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उनका चयन ग्लोबल स्किल्स चैलेंज 2026 के लिए भी हुआ है, जो 23 से 29 जून 2026 तक ऑस्ट्रेलिया में आयोजित होगी, जिसमें वे भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। मंत्री टेटवाल ने अजय को उनकी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए आगामी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अजय अपनी प्रतिभा मेहनत एवं समर्पण के बल पर विश्व मंच पर भारत एवं मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि अजय की सफलता प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है तथा यह सिद्ध करती है कि प्रतिभा और परिश्रम के बल पर सीमित संसाधनों के बावजूद वैश्विक स्तर तक पहुंचा जा सकता है। अजय की उपलब्धियों तथा उनकी तैयारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड द्वारा उन्हें विशेष वित्तीय सहायता भी प्रदान की गई है जिससे वे आगामी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी और अधिक प्रभावी ढंग से कर सकें। मध्यप्रदेश शासन युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए निरंतर प्रोत्साहित कर रहा है तथा भविष्य में भी ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।  

विश्व पर्यावरण दिवस पर मंत्री ओपी चौधरी ने किया मौल पौधे का रोपण

रायपुर विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने आज नवा रायपुर के सेक्टर-19 स्थित छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल की केंद्रीय प्रयोगशाला परिसर में मौल पौधे का रोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।           मंत्री  चौधरी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधारोपण करने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव आर. शंगीता, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल के सदस्य सचिव राजु अगसिमनि सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कहा गुणवत्ता और समय-सीमा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता, सभी कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित कर समय पर पूरा करें काम

रायपुर उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने अपने चार दिवसीय बस्तर प्रवास के पहले दिन आज कई कार्यों का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए। वे इस दौरान कांकेर के कोटतरा में सुशासन तिहार के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में भी शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान ग्राम पंचायत के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को चेक, सामग्री और प्रमाण पत्र भी वितरित किए।  साव आगामी चार दिनों तक बस्तर में रहकर निर्माण कार्यों और योजनाओं के मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन का निरीक्षण करेंगे। वे इस दौरान बस्तर संभाग के सभी जिलों के अधिकारियों की बैठक लेकर कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी करेंगे। वे आज अपने बस्तर प्रवास के पहले दिन कांकेर पहुंचे, जहां उन्होंने चारामा विकासखण्ड के ग्राम बड़ेगौरी में जल जीवन मिशन के कार्यों का जायजा लिया। जल जीवन मिशन के तहत यहां दो करोड़ 49 लाख रुपए की लागत से पानी टंकी का निर्माण और रेट्रोफिटिंग कर 391 घरों में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति की जा रही है।  साव ने घरों में जाकर जल आपूर्ति भी देखी। वे वहां जल अर्पण कार्यक्रम में भी शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री  साव ने कांकेर में निर्माणाधीन 250 सीटर नालंदा परिसर के कार्यों का निरीक्षण किया। चार करोड़ 71 लाख रुपए की लागत से इसका निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कार्यों में तेजी लाते हुए आगामी अक्टूबर माह तक इसका निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को कांकेर में जिला मुख्यालय के अनुरूप साफ-सफाई की व्यवस्था और जनसुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए।  साव ने अमोड़ा-नरहरपुर सड़क के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर करते हुए ठेकेदार और कार्यपालन अभियंता को इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता और समय-सीमा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इनमें किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने वर्क-फोर्स और मशीनरी बढ़ाकर कार्यों को गति देने के निर्देश दिए। 40 करोड़ 23 लाख रुपए की लागत से 16 किमी इस टू-लेन सड़क का निर्माण किया जा रहा है। कांकेर के विधायक  आशाराम नेताम भी सभी कार्यों के निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।

वृक्ष सिर्फ हरियाली नहीं, जीवन और भविष्य का आधार हैं: उप मुख्यमंत्री देवड़ा

वृक्ष धरती को केवल हरियाली नहीं देता, बल्कि मानवता को जीवन, ऊर्जा और भविष्य प्रदान करता है : उप मुख्यमंत्री देवड़ा भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा किवृक्ष धरती को केवल हरियाली नहीं देता, बल्कि मानवता को जीवन, ऊर्जा और भविष्य प्रदान करता है। उन्होंनेविश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत भोपाल के महाराणा प्रताप मंडल में आरोग्य वाटिका में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में सहभागिता कर पौध-रोपण किया। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा प्रकृति केवल हमारे जीवन का आधार नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की भी सबसे बड़ी पूंजी है। जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय चुनौतियों के इस दौर में प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व है कि वह प्रकृति संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए। एक पौधा लगाना केवल वृक्षारोपण नहीं, बल्कि स्वच्छ वायु, जल संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और हरित भविष्य के निर्माण का संकल्प है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रेरणादायी संकल्प ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से जुड़कर हम न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं, बल्कि अपनी मातृशक्ति के प्रति सम्मान और कृतज्ञता भी व्यक्त कर रहे हैं। आईये, हम सभी अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लें और हरित, स्वच्छ एवं समृद्ध भारत के निर्माण में अपना योगदान दें। इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, प्रदेश मंत्री एवं राज्यसभा प्रत्याशी रजनीश अग्रवाल, पूर्व विधायक ध्रुव नारायण सिंह, महापौर श्रीमती मालती राय एवं टोली के सदस्य उपस्थित रहे।

राज्य के 7 जिलों में लोगों की आमदनी बढ़ाने के लिए एकीकृत आजीविका कार्यक्रम

रायपुर मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य के 7 जिलें बस्तर, कांकेर,दंतेवाड़ा, सुकमा,बीजापुर, नारायणपुर और मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी में एकीकृत आजीविका कार्यक्रम के तहत यहां के ग्रामीण परिवारों की आय और जीवन स्तर को बेहतर बनाया जाएगा। इस संबंध में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को एक व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए है।         मुख्य सचिव ने कार्यक्रम के तहत प्रत्येक लक्षित परिवारों को विविध आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि एकीकृत आजीविका कार्यक्रम छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वकांक्षी पहल है। इसके तहत इन जिलों के प्रत्येक लक्षित परिवारों को विविधिकृत आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इन गतिविधियों में सामान्यतः कृषि, वन, पशुपालन, गैर कृषि क्षेत्र में नए नवाचार के माध्यम से आमदनी बढ़ाने के लिए कार्य किया जाएगा। इसके लिए प्रोसेसिंग एकाईयां, कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचे का विकास होगा। लोगों को सहकारी समितियों से भी जोड़ा जाएगा।   पशुपालन एवं संबद्ध गतिविधियों के अंतर्गत कुक्कुट पालन, बकरी पालन, डेयरी, सूकरपालन, मत्स्य पालन जैसे सेक्टरों से जोड़कर लोगों की आमदनी में इजाफा किया जाना है। इसी तरह से वन एवं वृक्ष के माध्यम से इमली, महुआ, चिरोंजी, काजू, बांस, कोसा रेशम, लाख, मधुमक्खी पालन के प्रमुख उत्पादों से जोड़कर परिवारों की आय एवं जीवन स्तर में बेहतर बनाया जाएगा।             बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव मती ऋचा शर्मा, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विभाग  भीम सिंह सहित ग्रामीण विकास विभाग और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

मुख्य सचिव ने सीएम हेल्पलाइन में संवेदनशीलता से काम करने के दिए निर्देश

रायपुर मुख्य सचिव  विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में सीएम हेल्पलाइन के संबंध में अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन के जरिये प्राप्त होने वाले शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश हैं।         मुख्य सचिव ने सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों केा निर्देश दिए है कि सीएम हेल्पलाइन 9 जून 2026 से प्रारंभ की जा रही है। सभी विभागों के सचिवों, विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और जिला कलेक्टरों को सीएम हेल्पलाइन के क्रियान्वयन के संबंध में दिशा-निर्देशों के तहत आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु पत्र जारी किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से आमजनों की शिकायतों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा में हो यह सुनिश्चित होना चाहिए। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।            मुख्यमंत्री एवं सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव  राहुल भगत ने सीएम हेल्पलाइन के तहत आधुनिक शिकायत प्रबंधन प्रणाली के संबंध में प्रस्तुतिकरण के जरिये विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन हेतु विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता पूर्ण शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित करने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। शिकायतों के निराकरण के लिए एल-1 से एल-4 स्तर के अधिकारियों तक स्वचालित रूप से ट्रांसफर करने की प्रक्रिया को समझाया। उन्होंने नागरिकों से उनकी शिकायतों के संबंधों में उनकी संतुष्टि का फीडबैक लेने की पारदर्शी प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में सीएम हेल्पलाइन लॉन्चिंग के बाद नागरिक टोल-फ्री नंबर 1076 पर कॉल करके, वेब पोर्टल, समर्पित मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप के माध्यम से अपनी शिकायतें सीधे तौर पर दर्ज करा सकेंगे।        बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव मती ऋर्चा शर्मा, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव मती सुषमा सावंत, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख  सचिव मती शहला निगार, मुख्यमंत्री एवं खनिज विभाग के सचिव  पी.दयानंद, कौशल विकास एवं तकनीकी विभाग के सचिव  बसवराजु एस., सामान्य प्रशासन, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव  रजत कुमार, परिवहन विभाग के सचिव  एस.प्रकाश, स्वास्थ्य विभाग के सचिव  अमित कटारिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव  मोहम्मद कैंसर अब्दुल हक, ऊर्जा विभाग के सचिव  सारांश मित्तर और वित्त विभाग की विशेष सचिव मती शीतल शाश्वत वर्मा सहित मंत्रालय में पदस्थ विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

गोंड चित्रकला को मिलेगा वैश्विक बाजार, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़ेंगे कलाकार: मंत्री पटेल

गोंड चित्रकला को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से मिलेगा वैश्विक मंच : मंत्री पटेल अमेज़न ई-कारीगर से जुड़ेंगे जनजातीय कलाकार डिंडोरी में आजीविका ग्राम संगठन और डॉट्स एंड डैशेज के बीच हुआ एमओयू भोपाल  पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि गोंड चित्रकला हमारे जनजातीय समाज की एक प्राचीन और गौरवशाली कला है। बुधवार को डिंडौरी जिले के कलेक्ट्रेट ऑडिटोरियम में आयोजित 'अमेज़न ई-कारीगर' मंच के शुभारंभ और समझौता ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षर समारोह को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह सहित विभाग एवं जिले के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वैश्विक पहचान और जीआई टैग पर जोर मंत्री पटेल ने कहा कि गोंडी कला आधारित उत्पादों को अमेज़न ई-कारीगर सहित विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध करने से इस कला को वैश्विक बाजार तक पहुंच मिलेगी। इससे न केवल चित्रकारों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य और सम्मान मिलेगा, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उनकी विशेष पहचान बनेगी। उन्होंने इस पुरातन और जीवंत कला को 'जीआई टैग' (GI Tag) दिलाने के लिए भी आवश्यक प्रयास करने की बात कही। आर्थिक सशक्तिकरण और कला संरक्षण के लिए ऐतिहासिक कदम गोंडी चित्रकला के प्रमुख केंद्र डिंडौरी के पाटनगढ़ ग्राम के कलाकारों के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। कार्यक्रम में "आजीविका ग्राम संगठन" पाटनगढ़ और "डॉट्स एंड डैशेज" संस्था के मध्य एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। ग्राम पाटनगढ़ के 157 परिवार प्रत्यक्ष रूप से इस कला से जुड़े हुए हैं, जिनमें 85 महिला और 72 पुरुष कलाकार शामिल हैं। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक गोंडी कला का संरक्षण, संवर्धन और बाजार का विस्तार करना है। आय में 10 गुना वृद्धि और ग्रामीण उद्यमिता का लक्ष्य यह समझौता कलाकारों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। 'डॉट्स एंड डैशेज' के व्यवस्थित विपणन सहयोग से वर्तमान में चित्रकार परिवारों की औसत वार्षिक आय 35 हजार रूपये से बढ़कर 70 हजार रूपये तक पहुंच गई है। अब उत्पादों को ऑनलाइन बिक्री मंचों पर उपलब्ध कराने से इनकी वैश्विक मांग बढ़ेगी, जिससे आगामी समय में कलाकारों की आय में 10 गुना तक वृद्धि होने की संभावना है। यह पहल डिंडौरी जिले में कला आधारित आजीविका का एक सफल उदाहरण स्थापित करेगी।  

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार के सुशासन का 13वां वर्ष आरंभ

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सनातन संस्कृति में पर्यावरण संरक्षण की मूल अवधारणा नीहित है। पांच तत्वों से बनी सृष्टि के संरक्षण के लिए हर तत्व का महत्व हमारे पूजा पाठ-भोजन और भजन की पद्धति में विद्यमान है। सनातन संस्कृति में एक पेड़ को 10 पुत्रों के बराबर माना गया है। हमारी जीवन पद्धति में पर्यावरण संरक्षण प्रकट होता है। राज्य सरकार प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी कार्य पूर्ण प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत प्रदेश में नदी, कुओं, बावड़ियों और तालाबों के संरक्षण के लिए पवित्र भाव से कार्य जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व पर्यावरण दिवस पर "एक पेड़ मां के नाम 2.0" अभियान के राज्य स्तरीय समारोह के शुभारंभ अवसर पर यह विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री  दिलीप अहिरवार, अपर मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण  अशोक बर्णवाल विशेष रूप से उपस्थित थे। राज्य स्तरीय पुरस्कार किये प्रदान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार मे दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इससे पहले, सभागार परिसर में स्वर्ण चंपा, सीता अशोक, रामफल और आंवला का पौधा रोपा। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कार्यक्रम में 8 श्रेणियों में 11 राज्य स्तरीय पर्यावरण पुरस्कार प्रदान किये। पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और सतत् विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली औद्योगिक इकाइयों, शैक्षणिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों तथा व्यक्तियों को वर्ष 2024-25 के लिसे पुरस्कार प्रदान किए। 16 जिलों की 500 बावड़ियों के प्रलेखन दस्तावेजों का किया गया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सर्कुलर इकॉनॉमी से संबंधित 5 कोर्स मॉड्यूल्स और एप्को तथा इन्टैक द्वारा प्रदेश में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत 16 जिलों की 500 बावड़ियों के प्रलेखन दस्तावेजों का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नवाचारों, सर्कुलर इकोनॉमी तथा जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। प्रधानमंत्री  मोदी देश में सबसे लंबे समय तक कार्य करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार के सुशासन का 13वाँ वर्ष आरंभ हो चुका है। प्रधानमंत्री  मोदी देश में सबसे लंबे समय तक कार्य करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री होंगे। गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री  मोदी सतत निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में रिकॉर्ड बनाएंगे। प्रधानमंत्री का पद उनके आसीन होने से गौरवान्वित हुआ है। परमात्मा ने प्रधानमंत्री  मोदी को यश प्रदान किया है। भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने 24 दलों के गठबंधन की सरकार चलाई थी। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी अनेक सौगातें देश को दी और पूर्ण बहुमत की सरकार की कामना की। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की कामना वर्ष 2014 में पूर्ण हुई। सुशासन और विरासत से विकास के मार्ग पर चलते हुए भारत सशक्त हुआ। वर्तमान समय में देश आतंकवाद और नक्सलवाद से मुक्त है। भारतीय प्रतिभाएं अंतरिक्ष विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा खेल सहित सभी क्षेत्रों में विश्व में अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन कर रही हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने हर परिस्थिति में खिलाड़ियों और वैज्ञानिकों का उत्साहवर्धन किया है। भारत पूरी मजबूती के साथ ऊर्जा संकट से बाहर निकल रहा है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान समय में मौसम के लिए अलनीनो और पश्चिम एशिया में विषम परिस्थियों के कारण दुनियाभर में पेट्रोल-डीजल और गैस सहित ऊर्जा का संकट है। प्रधानमंत्री  मोदी के कुशल नेतृत्व में हमारा देश पूरी मजबूती के साथ ऊर्जा संकट से बाहर निकल रहा है। गैस त्रासदी प्रकृति से खिलवाड़ का सबसे बड़ा उदाहरण थी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल गैस त्रासदी आम नागरिकों और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली सबसे भयावह घटना है। राज्य सरकार ने यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री में पड़ा कचरा 40 साल बाद सफलतापूर्वक निष्पादित करवाया है। इस तरह से भोपाल की धरती से गैस त्रासदी के कलंक को मिटाया है। अब राज्य सरकार यूनियन कार्बाइड की भूमि का समुचित प्रबंधन करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। प्रदेश में क्लीन-ग्रीन एनर्जी को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे है अनेक कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में क्लीन-ग्रीन एनर्जी को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। प्रदेश में ग्रीन एनर्जी के लिए सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, बॉयोमास और जल विद्युत परियोनाएं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। सांची, खजुराहो सहित अन्य स्थानों पर ग्रीन एनर्जी के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स पर कार्य जारी है। मध्यप्रदेश वन्य प्राणियों के संरक्षण के साथ सहअस्तित्व के सर्वश्रेष्ठ उदाहरण कर रहा है प्रस्तुत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण और वन्य जीवों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में चीतों के पुनर्वास के अलावा असम से जंगली भैंसे भी लाए गए हैं। मध्यप्रदेश वन्य प्राणियों के संरक्षण के साथ सहअस्तित्व के साथ सर्वश्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। हमीदिया हॉस्पिटल भोपाल पुरुस्कृत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए मे. विसाग बॉयो फ्यूल प्राइवेट लिमिटेड बारासिवनी बालाघाट, आर.सी.सी.पी.एल. सीमेंट मैहर, टैफे मोटर्स एंड ट्रैक्टर्स लिमिटेड मंडीदीप जिला रायसेन, रामरमा मैंगनीज और माइन्स बारासिवनी बालाघाट, केसर एग्रोटेक बारासिवनी बालाघाट, नगर पालिका परिषद सिवनी मालवा, हमीदिया हॉस्पिटल भोपाल, विजेश लूनावत स्मृति फाउण्डेशन भोपाल, एक्रोपॉलिस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च इंदौर, डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल सूर्य विहार सिंगरौली को पुरस्कृत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह पहल प्रदेश की अन्य औद्योगिक इकाइयों और संस्थाओं को प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करेगी। "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान ने जन सहभागिता से नए आयाम स्थापित किए राज्यमंत्री  अहिरवार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हवा, पानी और पेड़ बचाना आवश्यक है। प्रधानमंत्री  मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान सफल हुआ है। इस अभियान में जन सहभागिता के नए आयाम स्थापित हुए हैं। अपर मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने लाइफ स्टाइल फॉर एन्वायरमेंट का नारा दिया, जो विश्व में प्रसिद्ध हुआ। भारत सरकार का मिशन लाइफ, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करें राज्यमंत्री  अहिरवार ने कहा कि हमें प्राकृतिक … Read more

टीटी नगर स्टेडियम में दौड़ेगी फिटनेस, जुनून और ऊर्जा की नई रफ्तार

भोपाल रबीन्द्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी द्वारा भोपाल में पहली बार “वेलोसिटी नाइट रन 2026” का आयोजन किया जा रहा है। यह अनोखा नाइट रन 6 जून 2026 को टीटी नगर स्टेडियम, भोपाल में आयोजित होगा, जिसमें शहर सहित प्रदेशभर के रनर्स, फिटनेस प्रेमी एवं युवा प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में फिटनेस, अनुशासन, स्वास्थ्य जागरूकता एवं खेल भावना को प्रोत्साहित करना है। रात्रिकालीन वातावरण में आयोजित होने वाला यह रन प्रतिभागियों को स्टेडियम की रोशनी के बीच ऊर्जा, उत्साह और रोमांच से भरपूर अनुभव प्रदान करेगा। प्रतियोगिता में 1 घंटे, 2 घंटे एवं 3 घंटे की विभिन्न श्रेणियां रखी गई हैं, जिनमें प्रतिभागी अपनी क्षमता के अनुसार हिस्सा ले सकेंगे। सभी प्रतिभागी रन शुरू होने के समय से 30 मिनट पूर्व रिपोर्टिंग करें। लेट एंट्री मान्य नहीं होगी। रन के दौरान प्रतिभागियों के लिए विभिन्न रंगों की ट्रैक लेन निर्धारित की गई हैं, ताकि प्रतियोगिता का संचालन व्यवस्थित एवं सुरक्षित रूप से किया जा सके। स्टेडियम परिसर में विशेष फिटनेस एवं रनिंग जोन भी तैयार किए जाएंगे। इस अवसर पर रबीन्द्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी की प्रो चांसलर डॉ अदिति चतुर्वेदी वत्स ने कहा कि वेलोसिटी नाइट रन केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं में स्वास्थ्य, फिटनेस और सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा देने की एक प्रेरणादायी पहल है। ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी सीमाओं से आगे बढ़कर आत्मविश्वास एवं अनुशासन विकसित करने के लिए प्रेरित करते हैं। वहीं रबीन्द्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी की कुलसचिव डॉ संगीता जौहरी ने कहा कि विश्वविद्यालय सदैव विद्यार्थियों एवं युवाओं के समग्र विकास के लिए खेल, स्वास्थ्य एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़े आयोजनों को प्रोत्साहित करता रहा है। वेलोसिटी नाइट रन 2026 युवाओं को फिटनेस के साथ सकारात्मक ऊर्जा एवं टीम स्पिरिट का अनुभव प्रदान करेगा। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने अधिक से अधिक युवाओं, खिलाड़ियों एवं फिटनेस प्रेमियों से इस विशेष नाइट रन में सहभागिता करने की अपील की है।