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बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर: जमुई विधानसभा में BJP को मिली थी ऐतिहासिक जीत

जमुई  बिहार की जमुई विधानसभा जिले की हॉट सीट के रूप में जानी जाती है। समाजवादियों और कांग्रेसियों का गढ़ कहे जाने वाले क्षेत्र में 2020, यानी भाजपा के गठन के 40 साल के बाद पहली बार कमल खिलने में कामयाब हुआ। अब बात इस क्षेत्र के पिछले चुनावी इतिहास की करें तो 1995 में पहली बार इस सीट से भाजपा प्रत्याशी के रूप में वीरेंद्र सिंह ने चुनाव लड़ा और उन्हें महज पांच हजार वोट से ही संतोष करना पड़ा। इसके बाद गठबंधन का दौर शुरू होने पर यह सीट जदयू के खाते में चली गई। फिर यहां से नरेंद्र सिंह ने जदयू प्रत्याशी के तौर पर 6379 वोट से जीत दर्ज की। काफी मशक्कत के बाद 2015 में यह सीट भाजपा के खाते में आई और पार्टी ने निवर्तमान विधायक अजय प्रताप पर भरोसा जताया, लेकिन पार्टी द्वारा दूसरी बार किया गया यह प्रयोग असफल हुआ और अजय प्रताप को हार का सामना करना पड़ा। 2020 के चुनाव में बाजी आखिर भाजपा के हाथ आ ही गई और पहली बार इस विधानसभा क्षेत्र से श्रेयसी सिंह ने भाजपा विधायक के तौर पर जीत हासिल की। अब देखने वाली बात यह होगी कि इतने लंबे अरसे और इतने कठिन प्रयास के बाद खिला कमल यहां खिलकर बड़ा होता है या इसकी चमक कम होती चली जाती है, यह तो इस चुनाव में ही पता चल पाएगा। 1952 में दुर्गा मंडल बने प्रथम विधायक 1952 से ही इस विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने जाते रहे हैं। त्रिपुरारी सिंह और सुशील कुमार सिंह को छोड़कर हर बार के चुनाव में यहां सत्ता की धुरी अलग-अलग नेताओं के साथ घूमती रही है। दुर्गा मंडल इस विधानसभा क्षेत्र से 1952 में हुए प्रथम चुनाव में कांग्रेस पार्टी से विधायक के रूप में निर्वाचित हुए। इसके बाद हरी प्रसाद शर्मा और गुरु रामदास भी कांग्रेस पार्टी से विधायक बने। त्रिपुरारी प्रसाद सिंह ने चार बार इस विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। इसके बाद नरदेव प्रसाद भगत ने विधायक के रूप में जीत दर्ज की। सुशील कुमार सिंह उर्फ हीरा जी ने भी विधायक के तौर पर तीन बार प्रतिनिधित्व किया। इसी विधानसभा क्षेत्र से अर्जुन मंडल, नरेंद्र सिंह, उनके मंझले पुत्र अभय सिंह, बड़े पुत्र अजय प्रताप और विजय प्रकाश ने भी जीत हासिल की। त्रिपुरारी सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष पद को किया सुशोभित इस विधानसभा क्षेत्र से त्रिपुरारी सिंह 1967 से लेकर 1977 तक चार बार प्रजा सोशलिस्ट पार्टी से विधायक के रूप में निर्वाचित हुए। उन्होंने अलग-अलग विभागों के मंत्री के अलावा विधानसभा अध्यक्ष के पद को सुशोभित करते करने का काम किया। नरदेव प्रसाद भगत ने 1980 में इस विधानसभा क्षेत्र से पहले निर्दलीय विधायक के तौर पर जीत हासिल की। सुशील कुमार सिंह उर्फ हीरा जी ने पहली बार 1985 में कांग्रेस की टिकट से विधायक के तौर पर जीत दर्ज की। 1990 में जनता दल की लहर में भी सुशील कुमार सिंह कांग्रेस के टिकट से दोबारा विधायक बनने में कामयाब हुए। 1995 में अर्जुन मंडल ने जनता दल की टिकट से जीत दर्ज कर बिहार सरकार में वन एवं पर्यावरण मंत्री के पद को सुशोभित किया। वर्ष 2000 में नरेंद्र सिंह, 2000 के मई में हुए उप चुनाव में सुशील कुमार सिंह, 2005 में अभय सिंह, 2010 में अजय प्रताप और 2015 में विजय प्रकाश ने विधायक के तौर पर यहां से जीत दर्ज की। 2020 में इस सीट से पूर्व रेल राज्य मंत्री स्व. दिग्विजय सिंह की छोटी पुत्री श्रेयसी सिंह ने भाजपा की टिकट से 41,000 से अधिक मतों से जीत हासिल कर फिलहाल प्रतिनिधित्व कर रही हैं। वर्ष 1952 से लेकर 2020 तक के बीच निर्वाचित प्रत्याशी और दल वर्ष निर्वाचित प्रत्याशी दल 1952 दुर्गा मंडल कांग्रेस 1957 हरिप्रसाद शर्मा कांग्रेस 1962 गुरु रामदास कांग्रेस 1967 त्रिपुरारी सिंह प्रजा सोशलिस्ट पार्टी 1969 त्रिपुरारी सिंह प्रजा सोशलिस्ट पार्टी 1972 त्रिपुरारी सिंह प्रजा सोशलिस्ट पार्टी 1977 त्रिपुरारी सिंह प्रजा सोशलिस्ट पार्टी 1980 नरदेव प्रसाद भगत निर्दलीय 1985 सुशील कुमार सिंह कांग्रेस 1990 सुशील कुमार सिंह कांग्रेस 1995 अर्जुन मंडल जनता दल 2000 नरेंद्र सिंह जदयू 2000 (उपचुनाव) सुशील कुमार सिंह जदयू 2005 (फरवरी) विजय प्रकाश राजद 2005 (नवंबर) अभय सिंह जेडीयू 2010 अजय प्रताप जेडीयू 2015 विजय प्रकाश राजद 2020 श्रेयसी सिंह भाजपा  

कटिहार जंक्शन पर सफर होगा आसान, 118 करोड़ की लागत से रोड ओवर ब्रिज का होगा निर्माण

कटिहार कटिहार जंक्शन पर यातायात जाम को कम करने की दिशा में रेल मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय ने मुकुरिया इंड पर 118.61 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 2 लेन रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) के निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह आरओबी मौजूदा लेवल क्रॉसिंग गेट KM-2 और KK-1 की जगह लेगा, जो कटिहार-दंडखोरा और कटिहार-मियाना सेक्शन के बीच पड़ते हैं। ये लेवल क्रॉसिंग राज्य राजमार्ग 98 को राष्ट्रीय राजमार्ग 31 से जोड़ने वाली व्यस्त सड़क पर स्थित हैं। यहां ट्रेन परिचालन के दौरान गेट बंद होने से लंबे समय तक जाम लगता था। ट्रैफिक सेंसस 2024 के अनुसार, इन क्रॉसिंग्स पर टीवीयू क्रमशः 1,11,420 और 2,91,024 दर्ज किए गए, जो पिछले वर्षों में रेल और सड़क परिवहन दोनों में तेज़ वृद्धि को दर्शाता है। इसी वजह से आरओबी निर्माण की जरूरत महसूस की गई। निर्माणाधीन आरओबी में 30 स्पैन का पीएससी गर्डर वायडक्ट और 2 स्पैन का स्टील गर्डर वायडक्ट शामिल होगा। फिलहाल इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। रेल मंत्रालय का मानना है कि इस आरओबी के बन जाने से न केवल कटिहार क्षेत्र में रेल परिचालन की सुरक्षा और दक्षता बढ़ेगी, बल्कि सड़क उपयोगकर्ताओं और पैदल यात्रियों को भी जाम से निजात और सुरक्षित आवाजाही मिल सकेगी।

मॉनसून का कहर जारी! MP में कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल  मध्यप्रदेश में मॉनसून ने एक बार फिर अपनी पूरी ताकत दिखा दी है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से प्रदेश में जमकर बारिश हो रही है। मौसम विभाग (IMD) ने आज, 4 सितंबर 2025 को प्रदेश के लगभग आधे हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जानिए आज कहां कैसा मौसम रहेगा। इन जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने नौ जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसमें सीहोर, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ और देवास शामिल हैं। इन इलाकों में तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा) और वज्रपात की भी आशंका है। यहां भारी बारिश का येलो अलर्ट इसके अलावा प्रदेश के 17 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश हो सकती है। इसमें भोपाल, रायसेन, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, आगर, गुना, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और पांढुर्णा शामिल हैं। उज्जैन में क्षिप्रा का जलस्तर बढ़ने से घाट किनारे के मंदिर डूब गए हैं। उनके गुंबद तक पानी आ गया है। प्रशासन ने लोगों को घाटों से दूर रहने की चेतावनी दी है। रतलाम और आसपास के इलाकों में गुरुवार सुबह तेज बारिश हुई। इससे जनता कॉलोनी, पीएंडटी कॉलोनी, जवाहर नगर समेत कई रिहायशी इलाकों में पानी भर गया। कई मकानों में गृहस्थी का सामान डूब गया। नर्मदापुरम जिले के इटारसी में तवा डैम के तीन गेट 5-5 फीट की ऊंचाई तक खुले हैं। इनसे करीब 25000 क्यूसेक पानी नर्मदा नदी में छोड़ा जा रहा है। डैम के गेट पिछले 15 दिन से खुले हैं। भोपाल में गुरुवार सुबह कहीं धीमी, कहीं तेज बारिश हुई। 26 जिलों में अति भारी या भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने गुरुवार को 26 जिलों में अति भारी या भारी बारिश की चेतावनी दी है। अगले 24 घंटे के दौरान झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास और सीहोर में अति भारी बारिश होने का अलर्ट है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 8 इंच तक पानी गिर सकता है। बाकी मध्यप्रदेश का हाल प्रदेश के अन्य हिस्सों, जैसे ग्वालियर, जबलपुर, सागर, रीवा, सतना और शहडोल में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं गरज-चमक और वज्रपात की संभावना है। तापमान की बात करें तो भोपाल में 30.0 डिग्री, इंदौर में 29.3 डिग्री, ग्वालियर में 31.4 डिग्री, और जबलपुर में 30.3 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। पचमढ़ी जैसे पहाड़ी इलाकों में तापमान 25.0 डिग्री तक नीचे जा सकता है। अगले चार दिन जारी रहेगा बारिश का दौर मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 4 से 7 सितंबर तक मध्यप्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा। खासकर मालवा-निमाड़, विंध्य और पूर्वी मध्यप्रदेश में मॉनसून की सक्रियता चरम पर होगी। 5 सितंबर को ग्वालियर-चंबल संभाग में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके बाद बारिश की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आ सकती है, लेकिन उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है। औसत से 21 फीसदी ज्यादा बरसा मॉनसून मौसम विभाग के अनुसार, मध्यप्रदेश में इस साल मॉनसून ने औसत से 21% अधिक बारिश दी है और यह सिलसिला अभी थमने का नाम नहीं ले रहा। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और सक्रिय मॉनसून ट्रफ के कारण प्रदेश में 6-7 सितंबर तक झमाझम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पूर्वी मध्यप्रदेश में 21% और पश्चिमी मध्यप्रदेश में 22% अतिरिक्त बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य औसत 37 इंच के मुकाबले अब तक 38.2 इंच तक पहुंच चुकी है। मालवा-निमाड़ और विंध्य क्षेत्रों में बारिश का जोर सबसे ज्यादा रहेगा।

नीरज कुमार सिंह का विपक्ष पर हमला, कहा- झूठे आरोप लगाने वालों का इतिहास रहा बूथ कैप्चरिंग से भरा

सुपौल सुपौल जिले के छातापुर में बुधवार को एनडीए के विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार सरकार के पीएचईडी मंत्री एवं छातापुर विधायक नीरज कुमार सिंह बबलू ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। छातापुर विधायक ने कहा कि जिनके शासनकाल में बूथ लूट और मतपेटी हेराफेरी की घटनाएं आम थीं, वही आज चुनाव आयोग पर झूठे आरोप लगाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2005 के पहले का “गुंडागर्दी का दौर” वापस लाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन अब बिहार की जनता इनके झांसे में नहीं आएगी। उन्होंने अपने 20 वर्षों के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि बिना किसी भेदभाव के क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी योजनाओं पर काम हुआ है। अगर विपक्ष को विकास नहीं दिखता, तो उन्हें “आंख का इलाज करवाना चाहिए।” मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि वीरपुर से जल्द हवाई सेवा शुरू होगी। साथ ही महिला आरक्षण, स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता और पेंशन बढ़ोतरी की उपलब्धियां भी गिनाईं। सम्मेलन में मंत्री हरि सहनी ने विधायक नीरज बबलू को “शेर जैसा नेता” बताते हुए जनता से अपार समर्थन देने की अपील की। उन्होंने कहा कि 2005 से पहले सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा की स्थिति बदहाल थी, लेकिन नीतीश कुमार और एनडीए सरकार ने बिहार को विकास की राह पर खड़ा किया। मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने सम्मेलन में उमड़ी भीड़ को एनडीए के पक्ष में मजबूत जनसमर्थन का संकेत बताया। वहीं, पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने विपक्ष को “बहुरूपिया” बताते हुए जनता को सावधान रहने की नसीहत दी। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र ऋषिदेव की अध्यक्षता रही और कई नेताओं ने पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार की विकासपरक नीतियों का उल्लेख किया। वक्ताओं ने विपक्ष पर झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि दरभंगा में पीएम की मां को गाली देने जैसी घटनाओं ने जनता को आक्रोशित किया है और इसका जवाब विधानसभा चुनाव में मिलेगा। मौके पर कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

मासूम का सपना हुआ पूरा: 8 साल की बच्ची को मिली पुलिस की नौकरी, जानें कितना मिलेगा वेतन

उज्जैन क्या चौथी कक्षा में पढ़ने वाली आठ साल की बच्ची पुलिस विभाग में भर्ती हो सकती है, तो इसके जवाब में हर कोई कहेगा कि नहीं ऐसा बिल्कुल भी संभव नहीं है। लेकिन मध्य प्रदेश के उज्जैन में ऐसा हो चुका है। यहां पर पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने हाल ही में इस 8 साल की बच्ची को पुलिस में बाल आरक्षक पद पर नियुक्ति का पत्र सौंपा है। नियुक्ति पत्र के साथ बालिका की सैलरी ओर कार्य का दायित्व भी सौंपा गया। हालांकि वर्दी पहनने के लिए उसे 10 साल ओर इंतजार करना पड़ेगा। यह मामला सोमवार को उस वक्त सामने आया, जब बच्ची अपनी मां के साथ हाथों में कॉपी-पेंसिल की जगह अनुकम्पा नियुक्ति के लिए नौकरी का आवेदन लेकर उज्जैन शहर के पुलिस कंट्रोल रूम स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची। इस बच्ची का नाम इच्छा रघुवंशी है, जो कि अपने पिता की जगह अनुकम्पा नियुक्ति पाने के लिए आवेदन लेकर पहुंची थी। दरअसल उसके पिता देवेंद्र सिंह रघुवंशी महाकाल थाने में प्रधान आरक्षक थे, और इस साल 17 मई को ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक आने से उनकी मौत हो गई थी। पति के अचानक जाने से मां-बेटी पर टूटा दुखों का पहाड़ तीन सदस्यों के परिवार में इच्छा के पिता कमाने वाले अकेले सदस्य थे। ऐसे में उनके यूं अचानक गुजर जाने से मां-बेटी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया और उनका पालन-पोषण करने वाला कोई नहीं बचा। ऐसे में देवेंद्र सिंह के गुजरने के तीन महीने बाद 2 सितंबर को मृतक प्रधान आरक्षक की पत्नी अपनी 8 वर्षीय बेटी इच्छा के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची और यहां आरक्षक पद पर नियुक्ति के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन देने के 25 मिनिट के अंदर मिला नियुक्ति पत्र शासकीय कार्य कैसे होते हैं यह तो हम भलीभांति जानते हैं। ऐसे मामलों में आमतौर पर फाइलें इधर से उधर घूमती रहती हैं, साइन और आदेश के बीच समय निकलता जाता है, पर इस मामले ऐसा बिल्कुल भी नहीं हुआ। मां-बेटी जब अनुकम्पा नियुक्ति से जुड़ा आवेदन पत्र लेकर पहुंचीं तो उज्जैन के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने अति संवेदनशीलता का परिचय देते हुए आवेदन प्राप्त होते ही तत्काल इस बारे में आदेश जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी और मात्र 25 मिनट के भीतर ही उन्होंने बच्ची को बाल आरक्षक पद पर नियुक्ति का आदेश जारी कर नियुक्ति पत्र परिजन को सौंप दिया। नौकरी में बच्ची को करना पड़ेगा यह काम, मिलेगा इतना वेतन इच्छा अभी 8 साल की है और चौथी कक्षा में पढ़ती है, हालांकि इसके बावजूद उसका नाम पुलिस कर्मचारी की लिस्ट में दर्ज हो चुका है। पुलिस नियमों के अनुसार जब वो 10वीं कक्षा पास कर लेगी तो स्थायी आरक्षक बन सकेगी। इच्छा को मिलने वाले वेतन की जानकारी देते हुए अधिकारी ने बताया कि बाल आरक्षक को नव आरक्षक से आधा वेतन मिलता है। इसी नियम के तहत इच्छा को हर महीने 15 हजार 113 रुपए वेतन मिलेगा। साथ ही उसे महीने में एक बार थाने आकर साइन करना होगा और इस दौरान उसकी पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी जानकारी भी ली जाएगी। 10 साल बाद जब इच्छा 18 साल की उम्र पूरी कर लेगी और 10वीं की परीक्षा पास कर लेगी, तो उसके बाद वह स्थायी आरक्षक बन पाएगी। इस दौरान पिता की पेंशन उनकी मां को मिलती रहेगी।

नरेश मीणा को जमानत, मेडिकल कॉलेज प्रदर्शन मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

जयपुर झालावाड़ में स्कूल भवन हादसे के बाद अस्पताल के बाहर धरना देने पर गिरफ्तार किए गए नरेश मीणा को हाई कोर्ट ने जमानत दे दी है। मीणा पर राजकार्य में बाधा और आपातकालीन सेवाओं को प्रभावित करने के आरोप थे। गिरफ्तारी के बाद वे न्यायिक हिरासत में भेजे गए थे। झालावाड़ जिले में हुए स्कूल भवन हादसे के बाद उपजी सियासी हलचल अब अदालत तक पहुंच गई। इस घटनाक्रम में गिरफ्तार नेता नरेश मीणा को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें जमानत दे दी है। गौरतलब है कि 25 जुलाई को जब झालावाड़ जिले के पिपलोदी गांव में स्कूल भवन हादसे के बाद नरेश मीणा अपने समर्थकों के साथ झालावाड़ के मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे थे। वहां उन्होंने अस्पताल के इमरजेंसी भवन के बाहर धरना और प्रदर्शन किया। इस दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए नरेश मीणा सहित कई लोगों पर राजकार्य में बाधा डालने और आपातकालीन सेवा को बाधित करने के आरोप लगाए। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद उन्हें झालावाड़ जिला न्यायालय में अवकाशकालीन न्यायाधीश के समक्ष पेश किया। वहां से उन्हें 8 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। हिरासत की अवधि के दौरान उनके समर्थकों ने इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताते हुए लगातार विरोध प्रदर्शन भी किया।

भारी बारिश से ठिठुरन बढ़ी, यूपी के 11 जिलों में अलर्ट जारी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों, खासकर पश्चिम में बाढ़ और भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने अलीगढ़, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, झांसी, महोबा सहित 11 जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताई है। 23 जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया। पूर्वांचल में सरयू और बड़ी गंडक का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। यूपी के मुजफ्फरनगर में रामराज क्षेत्र में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर चल रहा है। बुढ़ाना क्षेत्र में पांच मकानों की छत-दीवारें गिर गई। चरथावल क्षेत्र के रोनी हरजीपुर गांव में पक्का मकान भी ढह गया। कई जिलों में मकानों की दीवारें ढहीं मेरठ समेत वेस्ट यूपी के कई जिलों में लगातार तीसरे दिन बारिश की आफत रही। बुलंदशहर में पेड़ गिरने से एक युवक की मौत हो गई। हापुड़, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, बुलंदशहर में करीब 15 मकान गिरने से कई लोग घायल हो गए। उधर, गंगा-यमुना अपने पूरे उफान पर चल रही हैं। पूर्वांचल में भी नदियों का जलस्तर बढ़ता जा रहा गोरखपुर-बस्ती मंडल में भले ही बारिश न हुई हो, लेकिन सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटों में गोरखपुर में सरयू का जलस्तर 18 सेंटीमीटर बढ़ गया है। तुर्तीपार में सरयू खतरे के निशान से 36 सेंटीमीटर, अयोध्या में 31 सेंटीमीटर और देवरिया में 85 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बस्ती में भी नदी खतरे के निशान से 28 सेंटीमीटर ऊपर है। कुशीनगर में बड़ी गंडक नदी भी चेतावनी बिंदु से 8 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। वहीं राप्ती और रोहिन नदियों का जलस्तर फिलहाल घट रहा है। प्रशासन ने सभी बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। मुरादाबाद मंडल में लगातार बारिश और बैराजों से छोड़े गए पानी ने हालात बिगाड़ दिए हैं।  

सुपर डांसर चैप्टर 5 में लौटेगा नब्बे के दशक का जादू, करिश्मा कपूर बनेंगी खास मेहमान!

मुंबई,  बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविज़न के शो सुपर डांसर चैप्टर 5 में खास मेहमान के रूप में नजर आयेंगी। इस वीकेंड सुपर डांसर अपने दर्शकों को 90 का जादू थीम के साथ एक नॉस्टैल्जिक सफर पर ले जाने वाला है। शो में बॉलीवुड दिवा करिश्मा कपूर स्पेशल गेस्ट बनकर शिरकत करेंगी। शो के बेहद टैलेंटेड कंटेस्टेंट्स अपने सुपर गुरुओं के साथ मिलकर 90 के दौर के कलाकारों को ट्रिब्यूट देंगे। वे उनके आइकॉनिक गानों और कभी न भूले जाने वाले डांस नंबर्स पर परफॉर्म करेंगे। करिश्मा कपूर ने बताया,90 के दशक एक अलग ही समय था। तब सोशल मीडिया नहीं था और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की मौजूदगी भी आज जितनी नहीं थी। इसलिए हमें डबल मेहनत करनी पड़ती थी और बहुत लगन से काम करना पड़ता था। मेरे हिसाब से वो एक खूबसूरत वक्त था और शानदार दौर। आज जब ये स्टेज 90 के दशक का जश्न मना रहा है, तो ये बहुत इमोशनल और खास महसूस करने जैसा है। शिल्पा शेट्टी, जिन्होंने करिश्मा के साथ स्क्रीन शेयर किया है, ने उनकी मेहनत और लगन की तारीफ करते हुए कहा, “लोग सोचते हैं कि शायद करिश्मा को सबकुछ (सफलता) बिना मेहनत के मिल गया, या फिर सिर्फ इसलिए क्योंकि वो कपूर फैमिली से आती हैं। लेकिन करिश्मा ने ये सफलता अपनी मेहनत से हासिल की है। मेरे हिसाब से वो अपनी सफलता की असली हकदार हैं।” सुपर डांसर चैप्टर 5, शनिवार और रविवार रात 8 बजे, सिर्फ़ सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविज़न और सोनी लिव पर प्रसारित होता है।  

बाढ़ पर रिपोर्ट सौंपने के बाद राज्यपाल संग बैठक, शिवराज सिंह चौहान पहुंचे पंजाब

पंजाब  केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंच गए हैं। वह आज अमृतसर और गुरदासपुर जिलों सहित विभिन्न इलाकों का निरीक्षण करेंगे और हालात की समीक्षा करेंगे। इससे पहले पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने अमृतसर स्थित श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की और उन्हें पंजाब के पांच सरहदी जिलों — अमृतसर, पठानकोट, गुरदासपुर, तरनतारन और फिरोजपुर में आई बाढ़ संबंधी विस्तृत रिपोर्ट सौंपी।   राज्यपाल कटारिया ने 1 से 4 सितंबर तक इन पांच जिलों का दौरा किया था। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को मानव जीवन, संपत्ति, फसलों और बुनियादी ढांचे को हुए बड़े पैमाने पर नुकसान के बारे में जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने पंजाब सरकार, जिला प्रशासन, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से चलाए जा रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति की भी जानकारी दी। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उनका यह दौरा बाढ़ प्रभावित लोगों से मिलकर उनकी तात्कालिक जरूरतों को समझने के लिए है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार पंजाब को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी, ताकि राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाई जा सके। मंत्री पूरे दिन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहकर लोगों से मुलाकात करेंगे और शाम को पंजाब के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद वे दिल्ली रवाना हो जाएंगे।

MP हाईकोर्ट सख्त: परीक्षा में सहायक अध्यापकों को 25% आरक्षण का आधार बताएं सरकार

इंदौर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने राज्य शासन को नोटिस जारी कर पूछा है कि सहायक प्राध्यापकों की भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा में किस आधार पर सहायक अध्यापकों को 25 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। कोर्ट ने शासन को यह नोटिस भर्ती प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई करते हुए जारी किया है। सहायक प्राध्यापक के रिक्त पदों के लिए राज्य शासन ने 31 दिसंबर 2024 को भर्ती निकाली थी। इस संबंध में मप्र लोकसेवा आयोग ने परीक्षा आयोजित की थी। इसमें सहायक अध्यापकों को 25 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया गया। इस संबंध में शासन ने 24 दिसंबर 2024 को आदेश जारी किया था। इस आदेश को याचिकाकर्ता सोनू जाटव ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है। याचिका में कहा है कि आरक्षण पिछड़े एवं कमजोर वर्ग के लिए बनाई गई एक संवैधानिक नीति है। सहायक अध्यापक न तो समाज के पिछड़े वर्ग से आते हैं, न ही वे कमजोर वर्ग में शामिल हैं, इसलिए उन्हें आरक्षण का लाभ दिया जाना संवैधानिक मूल्यों के विरुद्ध है। याचिका पर सुनवाई हुई। 17 जून को नए प्रमोशन के नियम को दी थी मंजूरी मोहन यादव कैबिनेट ने 17 जून को नए प्रमोशन नियमों को मंजूरी दी थी। इसके बाद सरकार ने 19 जून 2025 को नए नियम बनाकर उन्हें लागू कर दिया। लेकिन सरकार ने न तो सुप्रीम कोर्ट में दायर विशेष अनुमति याचिका वापस ली और न ही पुराने नियम से प्रमोट हुए कर्मचारियों को पदावनत किया। इसका मतलब है कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जो याचिका दायर की थी, उसे वापस नहीं लिया। साथ ही, पुराने नियमों के तहत जिन कर्मचारियों का प्रमोशन हुआ था, उन्हें उनके पद से नहीं हटाया गया। इसी वजह से जब इन नियमों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई, तो कोर्ट ने सरकार से नए और पुराने नियमों के बीच का अंतर स्पष्ट करने को कहा। कोर्ट ने यह भी पूछा कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से अपनी याचिका वापस क्यों नहीं ली। जब ये नियम बन रहे थे, तब भी यह मुद्दा उठा था। लेकिन किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। अब इस मामले में सरकार जो जवाब देगी, उससे ही यह तय होगा कि प्रमोशन का रास्ता खुलेगा या प्रमोशन पर रोक लगी रहेगी।