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नई लेदरी वार्ड 9 में गणेश पूजा पर धूमधाम

नई लेदरी वार्ड 9 में गणेश पूजा पर धूमधाम जागरण, बच्चों का डांस और फैंसी ड्रेस कार्यक्रम बना आकर्षण मनेन्द्रगढ़/एमसीबी नगर पंचायत नई लेदरी वार्ड नंबर 9 में गणेश पूजा के अवसर पर भव्य जागरण का आयोजन किया गया। इस मौके पर बच्चों ने डांस और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। नन्हें-मुन्नों ने देवी-देवताओं का रूप धारण कर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान मनेन्द्रगढ़ के मंजीत सिंह और वार्ड पार्षद विकाश दिवान (जूडो) ने अपनी प्रस्तुति से भक्तिमय माहौल बना दिया। बच्चों की प्रस्तुतियों पर वार्डवासियों ने जमकर तालियां बजाईं और आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा की। समापन अवसर पर अध्यक्ष, पार्षद और वार्ड के वरिष्ठ नागरिकों के हाथों से बच्चों को पुरस्कृत किया गया। इस पहल से पार्षद की सराहना करते हुए वार्डवासियों ने उन्हें धन्यवाद दिया।

पटना सड़क हादसा: कार 25 मीटर तक घसीटती रही, 5 कारोबारियों की मौके पर मौत

पटना  पटना के परसा बाजार थाना क्षेत्र के महुली के पास देर रात एक भीषण सड़क हादसे में पांच कारोबारियों की मौत हो गई. हादसा उस वक्त हुआ जब फतुहा से पटना लौट रही एक कार ने सड़क पर खड़े एक ट्रक में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह ट्रक के अंदर घुस गई, जिसके चलते कार में सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान 50 वर्षीय राजेश कुमार, 55 वर्षीय संजय सिंह, 38 वर्षीय कमल किशोर, 35 वर्षीय प्रकाश चौरसिया और 38 वर्षीय सुनील कुमार के रूप में हुई है. ये सभी पटना के प्रतिष्ठित कारोबारी थे जो फतुहा से किसी काम के बाद देर रात पटना लौट रहे थे. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और सभी सवारों की मौके पर ही जान चली गई. सूचना मिलते ही परसा बाजार पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची. पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद कार को काटकर शवों को बाहर निकाला. शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए नजदीकी अस्पताल भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है. टक्कर के बाद कार को घसीटते ले गया ट्रक कार के ट्रक के अंदर घुसने के बाद भी ट्रक अपने रफ्तार से चलता गया और लगभग 25-30 मीटर तक घसीटते ले गया. मृतकों में गोपालपुर के 50 साल के राजेश कुमार, 38 साल के संजय कुमार, सिपारा के 38 साल के कमल किशोर, 35 साल के प्रकाश चौरसिया और मुजफ्फरपुर के 30 साल के सुनील कुमार शामिल हैं. वहीं इस घटना के साक्षी लोगों का कहना है कि टक्कर के बाद एक जोरदार धमाका हुआ और कार पूरी तरह से नष्ट हो गया. घटना की जानकारी मिलते ही परसा बाजार थाना पुलिस और पटना सदर  DSP मौके पर पहुंचे.  कार को काटकर शवों को निकाला गया बाहर यह हादसा इतना भीषण था कि अंदर बैठे पांचों कारोबारियों की मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस को कार में फंसे लोगों के शव को निकालने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी. अंत में फिर गैस कटर से कार को काटकर शवों को बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए PMCH भेजा गया. ये सभी पटना के ही कारोबारी है और फतुहा से पटना लौट रहे थे.

CM मोहन का तोहफा इंदौरवासियों को, 50 इलेक्ट्रिक AC बसें और ऐप-बेस्ड सुविधा शुरू

इंदौर   स्वच्छता में अव्वल इंदौर शहर में अब सफाई करवाने और कचरा उठवाने की ऑनलाइन सुविधा भी मिलेगी। घर पर फूड डिलीवर करने वाली नामी कंपनियों की तर्ज पर नगर निगम भी ऐप बेस्ड सुविधा शुरू करने जा रहा है। सीएम डॉ. मोहन यादव(CM Mohan Yadav) गुरुवार को क्विक साफ नामक ऐप लॉन्च करेंगे। इससे ऑनलाइन ऑर्डर कर घर की सफाई कराई जा सकेगी। निगम इस सुविधा के बदले शुल्क लेगा। ऐप लॉन्चिंग के साथ सीएम 50 इलेक्ट्रिक एसी बसों को हरी झंडी दिखाएंगी। वहीं स्वच्छता में नंबर वन आने पर सफाई मित्रों के साथ भोज में शामिल होंगे। इंदौर में दौड़ेंगी ई-बस एआइसीटीएसएल के अनुसार, 60 करोड़ की लागत वाली 50 इलेक्ट्रिक एसी बसों को सीएम हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। ये बसें सिंगल चार्ज में 180 किमी चलेंगी। नेट कास्ट मॉडल पर संचालित होने वाली बसों को सरकार द्वारा 40 प्रतिशत वीजीएफ दिया जाएगा और ऑपरेशन कॉस्ट शून्य रहेगी। ऑन डिमांड सफाई देने वाला पहला शहर मकान शिफ्टिंग, छोटी-बड़ी पार्टी या अन्य समारोह के बाद कचरा हटवाना या आयोजन स्थल की सफाई करवाना बड़ी चुनौती होता है। कई बार आयोजनकर्ता इस कचरे को खुले स्थान पर फेंक देते हैं। ऐसे कचरे को हटाने में अब निगम मदद करेगा। शहरवासी ऐप से रिक्वेस्ट कर सकेंगे। निर्धारित शुल्क पर निगम ये सुविधा देगा। बता दें. इंदौर ऑनलाइन सफाई सुविधा देने वाला देश का पहला शहर बनेगा।

रेस्क्यू में बहादुरी दिखाने वाले युवाओं का कलेक्टर-एसएसपी ने किया सम्मान

मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन टावर में मौजूद सभी  लोगों को सुरक्षित निकाला गया कलेक्टर ने कहा कि ऐसे जाबांज युवा समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत रायपुर राजधानी के बेबीलॉन टावर में बीते रात अचानक आग लगने की घटना पर जिला प्रशासन-पुलिस और विशेष कर कुछ साहसी युवाओं के प्रयासों और सूझबूझ से बिना जनहानि के काबू पा लिया गया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन के हीरोस् को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने आज सम्मानित किया। गौरतलब है कि बेबीलॉन टावर में आग लगने की घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला प्रशासन को त्वरित रूप से राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को यह विशेष रूप से हिदायत दी थी कि इस अग्नि दुर्घटना में जनहानि न होने पाए, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। बेबीलॉन टावर में आग लगने की सूचना मिलते ही कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के साथ-साथ अग्निशमन का अमला तेजी से मौके पर पहुंचा और बचाव कार्य जुट गया। बेबीलॉन टावर में फसे लोगों को समय रहते ही सुरक्षित निकाल लिया गया है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के चलते इस दुर्घटना में जनहानि नहीं हुई। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान स्वयं मुख्यमंत्री और सीएम सचिवालय के अधिकारी पल-पल की जानकारी लेते रहे।     इस रेस्क्यू ऑपरेशन के हीरो को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने शॉल और किताब देकर सम्मानित किया और कहा कि यह सारे लोग समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत है। हमारे शहर के गौरव हैं, जिन्होंने अपने जान की परवाह किए बिना फंसे लोगों को बचाने के लिए खुद को समर्पित कर दिया। इनमें श्री सोमेश साव, श्री देवाशीष बरिहा, श्री आकाश साहू, श्री विशाल यादव, श्री अभिषेक सिन्हा श्री ए.वेनूगोपाल शामिल थे। जिला सेनानी अधिकारी श्री पुष्पराज सिंह, तेलीबांधा थाना टीआई सहित अन्य पुलिस कर्मियों ने भी इस दुर्घटना की रोकथाम और बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।          कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि इन जांबाज़ बच्चों ने अपने समाज की संस्कृति और परिवार के संस्कारों को प्रदर्शित किया है कि कठिन परिस्थितियों में अपनी चिंता न कर दूसरों की चिंता करें एवं इनके माता-पिता वंदनीय हैं जिन्होंने अपनी संतानों की इतनी अच्छी परवरिश की, जो अपने समाज के समक्ष उदाहरण बनकर उभरें हैं। कलेक्टर ने कहा कि कल रात घटना की जानकारी मिली तो एसएसपी और मैं एयरपोर्ट में थे। चूंकि मुख्यमंत्री श्री साय का आगमन होना था। मुख्यमंत्री ने हमें तुरंत घटना स्थल पर जा कर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुड़ जाने का निर्देश दिए। इसके तुरंत बाद घटना स्थल पर पहुंच गए। उस दौरान नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे, एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे, जिला सेनानी अधिकारी श्री पुष्पराज सिंह, तेलीबांधा थाना टीआई और सहित प्रशासनिक अमला और एसडीआरएफ की टीम आग बुझााने के काम में डटे थे। रेस्क्यू टीम ने आग लगे स्थल से एक दिव्यांग व्यक्ति को गोद में लेकर बाहर निकाला।     घटना की सूचना मिलते ही पहले एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे और जिला सेनानी श्री पुष्पराज सिंह घटना स्थल पहंुच गए। परिस्थियों को देखते हुए वे दोनो टीम के साथ 7वे माले पर पहुंच गए और उपस्थित लोंगो को समझाया कि घबराएं नही और सावधानी बरते हुए सीढ़ियों से बाहर निकलने का रास्ता बताया, जिससे सभी लोग सुरक्षित तरीके से बाहर निकल आए।   श्री सोमेश सहित युवाओं ने अपनी जान की नही की परवाह, बचाई जानें श्री सोमेश साव ने बताया कि उनके मित्र ने फोन कर आगजनी की सूचना देकर सहायता करने को कहा वे 10 मिनट के भीतर घटनास्थल पहुंच गए। वहां पहंुच कर बेसमेंट में मौजूद फायर एक्यूपमेंट को इकठ्ठा किया और सीढ़ियों से उपर चढते हुए सभी फ्लोर पर लगे आग बुझाते चले गए। उन्होंने नगर निगम कर्मचारी श्री ए. वेनूगोपाल, जो फायर ब्रिगेड में थे, उन्होंने उन युवाओं को गीले कपड़े के मास्क के रूप में उपयोग करने को कहा। कुछ देर बाद श्री सोमेश, श्री ए. वेनूगोपाल आग लगी जगह पर पहुंच गए और टीम के साथ फसें लोगों को बाहर निकालने में मदद की।

सरगुजा की खुशबू गुप्ता चमकीं, छत्तीसगढ़ महिला नेटबॉल टीम ने जीता ब्रॉन्ज मेडल

रायपुर पलवल (हरियाणा) में 28 से 31 अगस्त तक आयोजित 4थी सीनियर राष्ट्रीय फास्ट फाइव नेटबॉल चेम्पियनशिप में छत्तीसगढ़ महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। राष्ट्रीय कोच राजेश प्रताप सिंह ने बताया कि सेमीफाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ टीम को हरियाणा से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन तीसरे स्थान के लिए हुए निर्णायक मुकाबले में टीम ने राजस्थान को हराकर कांस्य पदक जीता। पदक वितरण हरियाणा के खेल मंत्री गौरव गौतम द्वारा किया गया। खुशबू पूर्व में भी कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर चुकी हैं। नेटबॉल स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सचिव रजत सिंह ने खुशबू गुप्ता को बधाई देते हुए कहा कि इस उपलब्धि से सरगुजा ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में नेटबॉल खेल को नई पहचान मिलेगी। वर्तमान में वह जी माउंट लिटर स्कूल में प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। विद्यालय प्रबंधन द्वारा उन्हें निरंतर प्रोत्साहन और सहयोग मिलता रहा है।

मुरली मनोहर जोशी का बड़ा बयान, RSS मंच से उठाया आय असमानता का मुद्दा

 नई दिल्ली आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा नई दिल्ली में संघ की शताब्दी वर्षगांठ पर आयोजित तीन दिवसीय व्याख्यानमाला से ठीक एक हफ्ते पहले संघ के आर्थिक क्षेत्र में काम करने वाले छह संगठनों के करीब 80 प्रतिनिधियों की बंद कमरे में विशेष बैठक हुई। इसमें वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व पार्टी अध्यक्ष डॉ. मुरली मनोहर जोशी मुख्य वक्ता रहे। जोशी ने इस दौरान करीब 70 स्लाइड्स दिखाईं और कहा कि केवल आर्थिक विकास को ही राष्ट्रीय लक्ष्य मानना उचित नहीं है।  एक रिपोर्ट में कहा है कि उन्होंने आय में असमानता, भारत की कम प्रति व्यक्ति जीडीपी और सामाजिक संकटों का उल्लेख करते हुए डिग्रोथ की अवधारणा पेश की। इसका अर्थ है कि विकास की दौड़ से बाहर निकलकर सादगी, साझेदारी और स्थानीय संसाधनों के संरक्षण पर जोर देना। आय असमानता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 2021 में भारत की कुल घरेलू संपत्ति का 65% केवल शीर्ष 10% लोगों के पास था। भारत की प्रति व्यक्ति जीडीपी मात्र 2,878 डॉलर थी, जबकि जापान की 33,955 डॉलर थी। कृषि व स्वदेशी उद्योगों पर फोकस करने की बात करते हुए उन्होंने कहा कि विदेशी सहयोग पर अधिक निर्भरता भारत के हित में नहीं है। मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि 1.58 करोड़ बच्चे नशे के शिकार हो चुके हैं। दिल्ली की झुग्गियों में रहने वाले करीब एक-तिहाई बच्चे नशे और शराब में फंस चुके हैं। उन्होंने आत्महत्या की बढ़ती दर पर भी चिंता जताई। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आत्महत्या करने वालों की संख्या 2018 में 1.34 लाख से बढ़कर 2022 में 1.70 लाख तक पहुंच चुके हैं। 2019-21 के बीच 35,950 छात्रों ने जान दी है। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्री रहे मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि उच्च शिक्षा में सकल नामांकन दर केवल 32.7%, जबकि जापान में 64.6% और पोलैंड में 75.3% है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की 43.5% आबादी अब भी कृषि पर निर्भर, जबकि जापान में यह मात्र 3% है। मुरली मनोहर जोशी ने चेतावनी दी कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सामाजिक असमानताओं को और गहरा कर सकता है। उन्होंने हालिया प्राकृतिक आपदाओं और हिमालयी सड़कों के चौड़ीकरण को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि भारत “क्लाइमेट इमरजेंसी” की ओर बढ़ रहा है। मोहन भागवत ने मुरली मनोहर जोशी की इस चिंता पर कहा, “जोशी जी ने सब कुछ कह दिया है।” संगठन के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले ने हालांकि स्पष्ट किया कि बैठक का उद्देश्य सरकार की नीतियों की आलोचना करना नहीं, बल्कि सिद्धांत और व्यावहारिक कदमों को जोड़कर भविष्य की कार्ययोजना बनाना है। इस बैठक में भारतीय मजदूर संघ, भारतीय किसान संघ, सहकार भारती, ग्राहक पंचायत, स्वदेशी जागरण मंच और लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधि शामिल हुए। साथ ही संघ विचारक एस गुरुमूर्ति, भाजपा महासचिव बीएल संतोष, पीएम आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजय सान्याल और यूपी के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना भी विशेष आमंत्रित थे।

जूनियर ने बदला था बयान, अब IET में रैगिंग के दोषी 4 सीनियर्स पर सख्त कार्रवाई

इंदौर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET) के हॉस्टल में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग मामले में एंटी रैगिंग कमेटी ने बुधवार को अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी। मामले में चार सीनियर स्टूडेंट्स दोषी पाए गए।  विवि ने बताया था आपसी विवाद मामले में पीड़ित जूनियर छात्र ने पहले विवि प्रबंधन को शिकायत की थी। यह बात भी सामने आई की सीनियर ने उसका मुंह कमोड में घुसा दिया था और फ्लश चालू कर दिया था। मामले में विवि ने इसे आपसी विवाद बताया था जबकि छात्र पलट गया था। फिर उसने सीनियर स्टूडेंट आदर्श मकवाना के खिलाफ भंवरकुआ थाने में बदसलूकी और मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें साफ बताया था कि वह मेडिकल नहीं कराना चाहता। इसके अगले दिन बाद पीड़ित स्टूडेंट ने यूजीसी को शिकायत की थी। इसमें चार-पांच सीनियर्स द्वारा मारपीट किए जाने की शिकायत की थी। बताया था कि इन लोगों ने मेरी रैगिंग ली और अमानवीय व्यवहार किया। इस पर यूजीसी ने इसे रैगिंग माना और एंटी रैगिंग कमेटी को सौंपकर जल्द रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद कमेटी ने मंगलवार को पीड़ित स्टूडेंट, सीनियर्स और संबंधित लोगों के बयान लिए। एंटी रैगिंग कमेटी ने पेश की रिपोर्ट बुधवार को एंटी रैगिंग कमेटी अपनी रिपोर्ट पेश की। इसमें सीनियर स्टूडेंट आदर्श मकवाना सहित अन्य को दोषी पाया गया। मामले में आदर्श को छह माह के लिए इंस्टिट्यूट और होस्टल से निष्कासित किया गया है। साथ ही उस पर 25 हजार रु. का फाइन किया है। इसके साथ ही तीन अन्य सीनियर्स को तीन-तीन माह के लिए इंस्टिट्यूट और होस्टल से निष्कासित किया है। इन पर 15-15 हजार रु. का फाइन किया है। ‌‌विवि ने पुलिस को सौंपी रिपोर्ट, जल्द ही होगी FIR इस मामले में एंटी रैगिंग कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद विवि ने सीनियर स्टूडेंट्स पर सख्त कार्रवाई तो की ही है साथ ही मामले की रिपोर्ट भी भंवरकुआ थाने को सौंपी है। सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार रैगिंग मामलों में संबंधित आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की जाती है। इस मामले में भी अब एफआईआर की तैयारी है।  

शिखर धवन मुश्किल में? ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में ED करेगी सवाल-जवाब

नई दिल्ली अवैध सट्टेबाजी ऐप से जुड़े धन शोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय ( ईडी ) के सामने अब भारतीय टीम के पूर्व ओपनिंग बल्लेबाज शिखर धवन को पेश होना होगा। वे इस मामले में फंसने वाले कुल चौथे भारतीय क्रिकेटर हैं। उनसे पहले सुरेश रैना , युवराज सिंह और हरभजन सिंह से भी पूछताछ हो चुकी है। शिखर धवन से ईडी की पूछताछ क्रिकेटर शिखर धवन को ED ने एक बेटिंग ऐप के प्रमोशन मामले में बुलाया है। यह मामला 1xBet नाम के ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म से जुड़ा है। आरोप है कि धवन ने सोशल मीडिया पर इस ऐप का प्रचार किया था। ED यह जानना चाहती है कि इस प्रमोशन में उनकी क्या भूमिका थी। इसलिए उन्हें जांच में शामिल होने के लिए कहा गया है। ईडी कर रही क्या जांच आपको बता दें कि यह मामला अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म से जुड़ा है, जिसके प्रचार में धवन की तस्वीरों के इस्तेमाल को लेकर विवाद भी सामने आया है. बताया जा रहा है कि फिलहाल अधिकारियों के अनुसार, ED इस बात की जांच कर रही है कि क्या धवन की किसी भूमिका या सहमति के तहत यह प्रचार हुआ, और क्या इससे जुड़े वित्तीय लेन-देन मनी लॉन्ड्रिंग के दायरे में आते हैं. सुरेश रैना से भी हो चुकी पूछताछ इससे पहले पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना से कथित अवैध सट्टेबाजी ऐप से जुड़े धन शोधन मामले में आठ घंटे से अधिक पूछताछ हो चुकी है. तब सूत्रों ने बताया कि संघीय जांच एजेंसी ने एक ‘‘अवैध'' सट्टेबाजी ऐप (1एक्सबेट) से जुड़ी जांच के सिलसिले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत उनका बयान दर्ज किया. ऐसा माना जा रहा है कि पूर्व भारतीय क्रिकेटर कुछ विज्ञापनों के जरिए इस ऐप से जुड़े हुए हैं. सूत्रों ने बताया कि ईडी इस ऐप से उनके संबंधों, इसके प्रचार से की गई कमायी और दोनों पक्षों के बीच संचार के माध्यम के बारे में पूछताछ करना चाहती है. गूगल और मेटा से भी पूछताछ एजेंसी ने हाल ही में इस जांच के तहत गूगल और मेटा के प्रतिनिधियों को पूछताछ के लिए बुलाया था. उसने ‘परिमैच' नामक एक ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के खिलाफ इसी तरह की जांच के सिलसिले में कई राज्यों में तलाशी भी ली थी. एजेंसी विभिन्न अवैध सट्टेबाजी ऐप से जुड़े कई ऐसे मामलों की जांच कर रही है, जिनमें लोगों और निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी किए जाने या भारी मात्रा में कर चोरी का आरोप है. बाजार विश्लेषण कंपनियों और जांच एजेंसियों के अनुमान के अनुसार, ऐसे विभिन्न ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स के लगभग 22 करोड़ भारतीय उपयोगकर्ता हैं, जिनमें से आधे (लगभग 11 करोड़) नियमित उपयोगकर्ता हैं. मनी लॉन्ड्रिंग का शक है जांच अधिकारियों का कहना है कि 1xBet पर मनी लॉन्ड्रिंग का शक है। मनी लॉन्ड्रिंग का मतलब है गैरकानूनी तरीके से कमाए गए पैसे को छुपाना। ED इस बात की जांच कर रही है कि क्या धवन ने इस ऐप का प्रचार करके कोई गलत काम किया है। ED ने धवन को पेश होकर अपना पक्ष रखने को कहा है। उनसे पूछा जाएगा कि उन्होंने किस तरह से ऐप का प्रमोशन किया और उन्हें इसके लिए क्या मिला। उन्हें जांच में शामिल होने के लिए कहा गया है ताकि वे प्रमोशन गतिविधियों में अपनी भूमिका स्पष्ट कर सकें। कई स्टार्स के खिलाफ मामला हुआ है दर्ज इससे पहले ईडी ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स की अपनी जांच में क्रिकेटर हरभजन सिंह, सुरेश रैना, युवराज सिंह और एक्ट्रेस अभिनेत्री उर्वशी रौतेला से भी पूछताछ की थी। वहीं मई में तेलंगाना पुलिस ने राणा दग्गुबाती और प्रकाश राज सहित 25 लोकप्रिय अभिनेताओं के खिलाफ मामले दर्ज किए थे।  

IPL देखना जेब पर भारी, टिकट रेट में 40% GST से लगी महंगाई की मार

मुंबई  इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के मैच देखने के लिए फैन्स को अब ज्यादा रुपये खर्च करने पड़ेगे. कहने का मतलब ये है कि आईपीएल के टिकट्स अब पहले की तुलना में और महंगे हो जाएंगे. 3 सितंबर (बुधवार) को जीएसटी काउंसिल ने फैसला लिया कि आईपीएल और इसी तरह के बड़े खेल आयोजनों के टिकट्स पर अब 40 प्रतिशत जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) लगाया जाएगा.  पहले आईपीएल टिकट्स पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगता था. अब आईपीएल टिकटों को उच्चतम टैक्स स्लैब (40 प्रतिशत) में शामिल कर दिया गया है, जिसमें कैसिनो, रेस क्लब और लग्जरी प्रोडक्ट्स भी शामिल हैं. इस फैसले के बाद आईपीएल टिकटों की कीमत में सीधा असर दिखेगा. पहले 500 रुपये का आईपीएल टिकट जीएसटी जोड़ने पर 640 रुपये में मिलता था. अब ये 700 रुपये में मिलेगा. यानी 60 रुपये ज्यादा खर्च करने पड़ेंगे. उसी तरह 1000 का टिकट अब 1400 पड़ेगा. पहले ये 1,280 रुपये में मिलता था. यानी 120 रुपये ज्यादा देने होंगे. वहीं 2000 के टिकट की कुल कीमत अब 2800 होगी. पहले जीएसटी जोड़ने पर ये 2,560 रुपये में मिलता था. यानी 2000 के टिकट पर 240 रुपये और खर्च करने पड़ेंगे. इंटरनेशनल मैचों के टिकट्स पर कितना GST? खास बात यह है कि इंटरनेशनल और अन्य क्रिकेट मैचों के टिकट पर पहले की तरह ही 18 प्रतिशत जीएसटी लागू रहेगा. केवल आईपीएल और प्रीमियम लीग्स को 40 प्रतिशत टैक्स स्लैब में रखा गया है. सरकार का कहना है कि यह कदम रेवेन्यू अलाइनमेंट और अनावश्यक लग्जरी खर्च पर टैक्स बढ़ाने के लिए उठाया गया है. इस फैसले के बाद स्टेडियम में जाकर आईपीएल मैच देखना तो महंगा हो ही गया है. बता दें कि दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग इंडियन प्रीमियर लीग के अब तक 18 सीजन हो चुके हैं. पिछले सीजन का खिताब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने जीता था. तब उसने फाइनल में पंजाब किंग्स (PBKS) को 6 रनों से पराजित किया था. चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और मुंबई इंडियंस (MI) आईपीएल की सबसे सफल टीम्स हैं. दोनों टीम्स पांच-पांच आईपीएल खिताब जीत चुकीं हैं.

पंजाब त्रासदी: तबाही मचाती बाढ़ से अब तक 37 की जान गई, लाखों लोग बेघर

गुरदासपुर पंजाब इस समय 1988 के बाद की सबसे भयावह बाढ़ का सामना कर रहा है. भारी बारिश और हिमाचल प्रदेश व जम्मू-कश्मीर से छोड़े गए पानी के कारण राज्य की प्रमुख नदियां सतलुज, ब्यास और रावी उफान पर हैं. मौसमी नाले भी खतरे के स्तर से ऊपर बह रहे हैं. अब तक बाढ़ में 37 लोगों की मौत हो चुकी है और साढ़े 3 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं. राज्य के सभी 23 जिले बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं, जबकि 1,655 गांव पानी से डूब गए हैं. बाढ़ के कारण पंजाब में 1.48 लाख हेक्टेयर से ज्यादा खड़ी फसलें तबाह हो चुकी हैं. किसानों को पशुधन के नुकसान की भी मार झेलनी पड़ रही है. कई घर जमींदोज हो गए हैं या पानी में बह गए हैं. कई इलाकों में खेत तालाब और झील में तब्दील हो गए हैं, जिनकी गहराई 8 से 10 फीट तक पहुंच गई है. ग्रामीण नावों के सहारे इधर-उधर जा रहे हैं. सबसे ज्यादा प्रभावित जिले गुरदासपुर, पठानकोट, फाजिल्का, कपूरथला, तरनतारन, फिरोजपुर, होशियारपुर और अमृतसर सबसे प्रभावित जिलों में शामिल हैं. प्रशासन ने कई राहत शिविर स्थापित किए हैं, लेकिन बहुत से लोग अब भी अपने मवेशियों और घरों के पास ही छतों या ऊंचे प्लेटफार्मों पर डटे हुए हैं. सरकार और नेताओं की अपील मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फिरोजपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और कहा कि सरकार ने विशेष गिरदावरी (नुकसान आकलन सर्वे) शुरू कर दी है. उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रभावित परिवारों को मुआवजा मिलेगा. मान ने कहा, “जब भी देश संकट में आया, पंजाब ने साथ दिया. आज पंजाब संकट में है, देश को हमारे साथ खड़ा होना चाहिए.” आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल गुरुवार को बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा करेंगे और राहत कार्यों की समीक्षा करेंगे. इससे पहले मनीष सिसोदिया ने तरनतारन में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था, जबकि राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने अपनी स्थानीय क्षेत्र विकास निधि से 3.25 करोड़ रुपये राहत कार्यों के लिए दिए हैं. जनसहयोग भी जारी पंजाब के कलाकारों और सामाजिक संगठनों ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है. सोनू सूद, दिलजीत दोसांझ, गिप्पी ग्रेवाल, करण औजला, अम्मी विर्क और रंजीत बावा जैसे कलाकार लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं. सरकारी एजेंसियों के साथ कई एनजीओ और सिख संस्थाएं राहत व बचाव कार्य में जुटी हैं. राज्य के सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय 7 सितंबर तक बंद कर दिए गए हैं. वहीं, भाखड़ा डैम में पानी का स्तर 1677.84 फीट तक पहुंच चुका है, जो अधिकतम क्षमता 1680 फीट के बेहद करीब है.