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हरियाणा: हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, बच्चों के अधिकारों में सुधार

चंडीगढ़  हरियाणा असिस्टैंट डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी भर्ती प्रक्रिया में हाल ही में किए गए बदलाव पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस उस याचिका पर जारी हुआ है जिसमें परीक्षा के सिलेबस को अचानक बदलने को चुनौती दी गई है। दरअसल, पहले ए.डी.ए. की स्क्रीनिंग परीक्षा का पाठ्यक्रम मुख्य रूप से कानूनी विषयों पर आधारित था, लेकिन अब इसे पूरी तरह सामान्य ज्ञान आधारित कर दिया गया है।  नए सिलेबस में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएं, भारत का इतिहास, भारतीय एवं विश्व भूगोल, भारतीय संस्कृति, भारतीय राजनीति और अर्थव्यवस्था, सामान्य मानसिक क्षमता, तर्कशक्ति, अंकगणित, डाटा इंटरप्रिटेशन तथा हरियाणा सामान्य ज्ञान एवं इतिहास जैसे विषय शामिल किए गए हैं। वहीं, कानून से जुड़े विषयों को पूरी तरह हटा दिया गया है। जस्टिस संदीप मौदगिल ने इस मामले में हरियाणा सरकार हरियाणा लोक सेवा आयोग और अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।  याचिकाकर्ता, जो कि एक विधि स्नातक हैं, ने दलील दी है कि परीक्षा का पैटर्न बिना किसी तार्किक आधार के बदला गया है। भर्ती नियमों और संविधान के अनुच्छेद 320 के तहत हरियाणा सरकार और एच.पी.एस.सी. के बीच उचित परामर्श के बिना यह बदलाव किया गया। याचिका में यह भी कहा गया कि नया सिलेबस प्रैक्टिस कर रहे अधिवक्ताओं के साथ अन्याय करता है, क्योंकि वे कानून विषय में बेहतर ज्ञान रखते हैं, लेकिन सामान्य ज्ञान और अंकगणितीय क्षमता की परीक्षा में उन्हें कठिनाई हो।   

सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर, पर नहीं मिली एंबुलेंस : ऑक्सीजन खत्म होने से महिला की मौत

भानुप्रतापपुर छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां दुर्गूकोंदल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से महिला मरीज की स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन अस्पताल में एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिली. परिजन निजी वाहन से मरीज को लेकर जिला अस्पताल के लिए रवाना हुए, इस दौरान रास्ते में ही ऑक्सीजन खत्म हो गई, जिससे मरीज की मौत हो गई. जानकारी के मुताबिक, बीती रात ग्राम मेड़ो में 29 वर्षीय संतोषी सेन को सांप ने डंस दिया. रात 2 बजे महिला को दुर्गूकोंदल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां उनकी स्थित को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन अस्पताल में एंबुलेंस उपलब्ध नहीं थी. पता करने पर इंतजार करने कहा गया. मरीज की स्थिति बिगड़ती रही पर 5 घंटे बाद भी एंबुलेंस नहीं आई. इसके चलते परिजनों ने निजी वाहन से जिला अस्पताल ले जाने का फैसला लिया. परिजन निजी वाहन बुलाया और महिला को लेकर जिला अस्पताल रवाना हुए. समस्या यहीं पर समाप्त नहीं हुई, क्योंकि मरीज के लिए लगाया गया ऑक्सीजन सिलेंडर खाली था. अस्पताल से निकलने के कुछ देर बाद ही गैस खत्म हो गई, जिससे मरीज ने दम तोड़ दिया. परिजनों ने महिला को पास ही स्थित भानुप्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. भानुप्रतापपुर में ही मृत महिला का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है.

चाचा की हत्या कर गैंगस्टर बना, हरियाणा का बदमाश बादली अब पुलिस के हत्थे चढ़ा

गुरुग्राम गैंगस्टर मैनपाल बादली को कंबोडिया से भारत प्रत्यर्पित कर बुधवार सुबह दिल्ली लाया गया, जहां हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने उसे गिरफ्तार कर लिया। बादली पर सात लाख का इनाम घोषित था और वह साल 2018 में पैरोल पर बाहर आने के बाद से फरार था। विदेश से चला रहा था गैंग एसटीएफ के अनुसार बादली पिछले कई सालों से विदेश में बैठकर अपने आपराधिक गिरोह को चला रहा था। वह रंगदारी, हत्या और अन्य संगीन अपराधों में शामिल था। एसटीएफ ने इंटरपोल की मदद से उसे कंबोडिया में हिरासत में लिया था और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे भारत डिपोर्ट किया गया है। सात साल से विदेश में था मैनपाल बादली मैनपाल 29 अगस्त 2018 को पैरोल पर जेल से बाहर आया था। जिसके बाद वह विदेश चला गया। उस पर हत्या समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। जेल में रहते हुए भी हत्या करने का आरोप है। मैनपाल शुरुआत में ट्रैक्टर रिपेयर का काम सीखता था, लेकिन साल 2000 में अपने चाचा की हत्या के बाद अपराध की दुनिया में उसने कदम रखा। नंबर वन मोस्टवांटेड है मैनपाल हरियाणा पुलिस की सूची में मैनपाल बादली नंबर-1 मोस्ट वांटेड बदमाश है। इसी के चलते पुलिस इसको दबोचने के लिए लगी हुई थी। हाल ही में इसको कंबोडिया में पकड़ा गया। पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब उसके गैंग के बाकी सदस्यों और नेटवर्क पर भी नजर रख रही हैं। साथ ही एसटीएफ ने इस ऑपरेशन को गुप्त रखा था। इसके बाद कम्बोडिया की स्थानीय अधिकारियों के सहयोग से मैनपाल को हिरासत में लिया गया। ड्रग्स सिंडीकेट से भी संपर्क पुलिस के अनुसार मैनपाल का गैंग ड्रग्स की तस्करी और अवैध हथियारों के कारोबार में भी शामिल है। कंबोडिया में उसकी लोकेशन ट्रैक करने के लिए हरियाणा एसटीएफ ने इंटरपोल और केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया। 20 अगस्त के आसपास कंबोडिया पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और डिपोर्ट की प्रक्रिया पूरी कर उसे भारत लाया गया है। गैंगस्टर बनने से पहले ट्रैक्टर मिस्त्री था शुरुआत में मैनपाल ट्रैक्टर रिपेयर का काम सीख रहा था, लेकिन चाचा की हत्या के बाद उसने अपराध की राह पकड़ ली। धीरे-धीरे वह हरियाणा के सबसे खतरनाक गैंगस्टरों में शामिल हो गया। उसका गैंग कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा, जिसमें हत्या, फिरौती और संगठित अपराध शामिल हैं। 2018 में हुआ था फरार बादली को साल 2018 में एक मामले में पैरोल मिली थी, जिसके बाद वह वापस जेल नहीं लौटा और फरार हो गया था। एसटीएफ उसकी तलाश में थी और आखिरकार उसे पकड़ने में सफलता मिली। गिरफ्तारी के बाद, बादली से आगे की पूछताछ की जा रही है ताकि उसके गैंग के अन्य सदस्यों और गतिविधियों का पता लगाया जा सके।

भ्रष्टाचार पर शिकंजा: रिश्वत लेते धराया पटवारी संघ का अध्यक्ष

खैरागढ़ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने बुधवार को खैरागढ़ में जिला पटवारी संघ के अध्यक्ष और पटवारी धर्मेंद्र कांडे को रिश्वतखोरी के मामले में रंगे हाथों गिरफ्तार किया. अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. ग्राम डोकरा भाटा निवासी भागचंद कुर्रे अपने ज़मीन संबंधी कार्य को लेकर कई दिनों से पटवारी धर्मेंद्र कांडे से संपर्क कर रहा था. पटवारी ने काम कराने के एवज में पहले 10 हज़ार रुपए की मांग की थी. बाद में सौदा 9 हज़ार रुपए में तय हुआ. शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना एसीबी को दी. योजना के तहत आज पीड़ित भागचंद कुर्रे ने अपना बाज़ार के ऊपर स्थित पटवारी कार्यालय में जाकर आरोपी को 9 हज़ार रुपए सौंपे. रुपए लेने के बाद धर्मेंद्र कांडे कलेक्टर कार्यालय की एक बैठक में चला गया. एसीबी की टीम ने मौके पर दबिश देते हुए कलेक्टर कार्यालय से ही आरोपी पटवारी को रिश्वत की राशि सहित गिरफ्तार कर लिया. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि धर्मेंद्र कांडे जिला पटवारी संघ का अध्यक्ष भी है. यानी जो संगठन अपने साथियों को ईमानदारी और पारदर्शिता की सीख देने का दावा करता है, उसका ही मुखिया घूस लेते पकड़ा गया. इस घटना ने पूरे प्रशासनिक तंत्र की नीयत पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं.

CM योगी के आदेश पर यूपी के 14 शहरों में चला स्पेशल ऑपरेशन

लखनऊ  यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नगर विकास विभाग ने प्रदेश के विभिन्न नगर निगमों में एक साथ 12 घंटे का विशेष अभियान चलाया. अधिकारियों के मुताबिक इस पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिक सुविधाओं में सुधार, स्थानीय समस्याओं का समाधान और जन-जागरूकता बढ़ाना था. यह अभियान स्वच्छ भारत मिशन और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों के अनुरूप संचालित किया गया. न्यूज एजेंसी की खबर के अनुसार लखनऊ नगर निगम ने आठ जोनों में 32 कर वसूली और शिकायत निवारण शिविर आयोजित किए. अपर नगर आयुक्त और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी के नेतृत्व में 1,365 शिकायतों का मौके पर समाधान किया गया. एक दिन में 2.30 करोड़ रुपये का कर संग्रह सुनिश्चित हुआ. इसके अलावा गोरखपुर नगर निगम ने प्लास्टिक मुक्त अभियान चलाकर दुकानदारों को कपड़े के थैले वितरित किए. साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाई और नियम उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया गया. वाराणसी:नगर निगम की टीम ने कचरा पृथक्करण पहल शुरू की. भरत मिलाप कॉलोनी और महेश नगर कॉलोनी के 86 घरों में घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाया गया. अब अधिकांश घरों में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग डस्टबिन में डाला जा रहा है. मथुरा-वृंदावन नगर निगम ने मछली फाटक के पुराने कूड़ा ढलाव घर का सौंदर्यीकरण किया. राधा अष्टमी के अवसर पर अहिल्या बाई पार्क और आसपास के क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चला. स्थानीय निवासी कचरा पृथक्करण और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित हुए. गाजियाबाद में भारी बारिश के दौरान मोहन नगर, शालीमार गार्डन और मोहन नगर बस स्टैंड में जलभराव समाधान किया गया. 20 साल पुराने नालों और पाइपलाइनों की सफाई कर स्थायी समाधान उपलब्ध कराया गया. अयोध्या नगर निगम को भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड से 20 इलेक्ट्रॉनिक हॉपर टिपर प्राप्त हुए. इससे डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को गति मिली. प्रत्येक वार्ड में टिपर जीपीएस और रूट मैप के साथ संचालित होगा. वहीं शाहजहांपुर में निगोही रोड पर वर्षों पुराने 150 टन गीले कचरे का निस्तारण कर दीर्घकालीन समस्या का समाधान किया गया. मुरादाबाद में विशेष अभियान के तहत 200 मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण किया गया. 250 सफाई कर्मियों और आधुनिक उपकरणों की मदद से यह क्षेत्र साफ किया गया. बरेली के वार्ड-53, मोहल्ला रोहली टोला और आशीष रॉयल पार्क कॉलोनी में जल आपूर्ति सुधार की गई. 1,100 मीटर नई पाइपलाइन बिछाकर 200 भवनों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया गया. कानपुर नगर निगम ने सिंगल यूज प्लास्टिक के बहिष्कार और स्वच्छता के लिए तीन नए फुटबॉल ग्राउंड का उद्घाटन किया और फ्रेंडली फुटबॉल मैच आयोजित किया. प्रयागराज बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छता और एंटी-लार्वा फॉगिंग अभियान चलाया गया. अपशिष्ट पृथक्करण और मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम पर जोर दिया गया. मेरठ नगर आयुक्त ने कान्हा गौशाला का निरीक्षण किया. गौवंश की देखभाल, पोषण और स्वास्थ्य प्रबंधन की स्थिति का जायजा लिया गया. यह पहल धार्मिक कर्तव्य के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी मानी गई. फिरोजाबाद नगर निगम ने बारिश के बाद जलभराव की 12 शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया. अलीगढ़: नगर निगम ने लगातार काम करते हुए जलभराव कम करने और खेल सुविधाओं के विकास की तैयारी की. नारंगी लाल स्मार्ट सिटी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स अगले 2-3 सप्ताह में हस्तांतरित किया जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि इस 12 घंटे के विशेष अभियान ने न केवल नागरिक सेवाओं और स्वच्छता में सुधार किया, बल्कि लोगों में पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई. नगर निगमों के सहयोग से यह पहल प्रदेशभर में एक मॉडल के रूप में उभरी है.

38 जिलों में झमाझम का अलर्ट: गंगा-कोसी उफान पर, कई इलाकों में बाढ़ की आशंका

 पटना बिहार में मानसून थोड़ा कमजोर जरूर पड़ गया है लेकिन सभी जिलों में बारिश के आसार आज से लेकर आठ सितंबर तक हैं। उत्तर-पश्चिम, उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम बिहार, दक्षिण-मध्य, दक्षिण-पूर्व बिहार में एक या दो स्थानों पर बारिश के आसार हैं। पटना, गया, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद समेत पूरे बिहार में बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने लोगों से सावधान रहने की अपील की है। इधर, लगातार बारिश के कारण गंगा और कोसी उफान पर है। नेपाल में हुई लगातार भारी बारिश का असर बिहार की कोसी नदी पर साफ दिखने लगा है। जलग्रहण क्षेत्रों में मूसलधार बारिश के बाद रविवार शाम से कोसी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। नेपाल प्रभाग के बराहक्षेत्र से भी पानी का डिस्चार्ज लगातार बढ़ता घटता रहा। जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, खगड़िया के डुमरी और बलतारा, भागलपुर के विजय घाट पुल और कटिहार के कुरसेला में कोसी का बहाव पहले ही खतरे के निशान को पार कर चुका है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य की तैयारी तेज कर दी है। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों के दौरान पटना के अधिकांश भागों के अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने के आसार हैं। वहीं अगले पांच दिनों तक राज्य के अधिकांश भागों में न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने की संभावना है। उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर निम्न दबाव बना हुआ है। अगले 24 घंटों के दौरान इसी क्षेत्र में इसके और भी ज्यादा प्रभावी होने की संभावना है। इसके बाद यह अगले 24 घंटे के ऊपर होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा। मुंगेर में फिर से बाढ़ का खतरा मुंगेर में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पहले ग्रामीण इलाकों में पानी फैलने के बाद अब शहरी क्षेत्रों में भी गंगा का पानी प्रवेश कर चुका है। नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत लाल दरवाजा–गीता बाबू लिंक पथ पर लगभग तीन फीट पानी भर गया है, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी हो रही है। नगर निगम क्षेत्र के कई निचले इलाकों और घरों में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। सदर प्रखंड के मोहली पंचायत अंतर्गत आदर्श ग्राम टीका रामपुर में ग्रामीण सड़क और आंगनबाड़ी केंद्र पूरी तरह पानी में डूब गए हैं। भागलपुर में भी बाढ़ का खतरा गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि से जिले में बाढ़ का खतरा एक बार फिर गहरा गया है। भागलपुर जिले के कहलगांव, सुल्तानगंज, नाथनगर, सबौर और नवगछिया अनुमंडल के तीन प्रखंडों सहित कुल आठ प्रखंडों के निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। गंगा के साथ-साथ कोसी नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जिससे नवगछिया अनुमंडल के कोसी तटवर्ती क्षेत्रों में पानी तेजी से प्रवेश कर रहा है। प्रशासन ने जिले के 92 पंचायतों को बाढ़ प्रभावित घोषित किया है।

वनडे ऑलराउंडर रैंकिंग में बड़ा उलटफेर, रजा नंबर-1 और नबी पहुंचे हार्दिक के नजदीक

नई दिल्ली  इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) द्वारा बुधवार को जारी की गई खिलाड़ियों की ताजा रैंकिंग में हलचल हुई। जिम्बाब्वे के अनुभवी ऑलराउंडर सिकंदर रजा को बादशाहत मिल गई है। वह नए नंबर-1 वनडे ऑलराउंडर बन गए हैं। उनके खाते में फिलहाल 302 रेटिंग अंक हैं। रजा अफगानिस्तान के ऑलराउंडर मोहम्मद नबी (292 अंक) और अजमतुल्लाह उमरजई (296) को पछाड़कर शीर्ष पर पहुंचे हैं। नबी तीसरे और उमरजई दूसरे पायदान पर हैं। रजा ने हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ दो वनडे मैचों की सीरीज में 92 और नाबाद 59 रनों की पारी खेली। उन्होंने एक विकेट भी चटकाया। 39 वर्षीय रजा साथ ही बल्लेबाजी रैंकिंग में नौ स्थान ऊपर चढ़कर 22वें पर चले गए हैं। जिम्बाब्वे के विरुद्ध हरारे स्पोर्ट्स क्लब में दोनों वनडे जीतने के बाद श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने भी रैंकिंग में छलांग लगाई है। पथुम निसांका (654 अंक) बल्लेबाजी रैंकिंग में सात स्थान ऊपर 13वें पर पहुंच गए। उन्होंने सीरीज में 122 और 76 रनों की पारी खेली। जनिथ लियानागे (13 स्थान चढ़कर 29वें पर) की रैंकिंग में सुधार हुआ है। गेंदबाजी रैंकिंग में असिथ फर्नांडो (छह पायदान ऊपर 31वें पर) और दिलशान मदुशंका (आठ स्थान ऊपर 52वें पर) को फायदा मिला है। दक्षिण अफ्रीका के स्पिनर केशव महाराज नंबर-1 वनडे गेंदबाज हैं। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में चार विकेट लेने के बाद 31 रेटिंग अंकों की बढ़त (कुल 690 अंक) बना ली। भारत के शुभमन गिल नंबर-1 वनडे बल्लेबाज हैं। उनके 784 अंक हैं। मोहम्मद नबी को जहां वनडे रैंकिंग में नुकसान हुआ वहीं अफगान खिलाड़ी टी20 ऑलराउंडर्स रैंकिग में हार्दिक पांड्या के करीब पहुंच गया। नबी 231 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। हार्दिक शीर्ष पर हैं। उनके खाते में फिलहाल 252 अंक हैं। नबी ने शारजाह में पिछले हफ्ते तीन मैचों में चार विकेट लिए। अफगानिस्तान टीम इन दिनों यूएई में टी20 इंटरनेशनल ट्राई सीरीज खेल रही है, जिसमें पाकिस्तान भी सामिल है। अफगानिस्तान के इब्राहिम जादरान दो अर्धशतक लगाने के बाद टी20 बल्लेबाजी रैंकिंग में 12 स्थान चढ़कर 20वें पर पहुंच गए हैं। पाकिस्तान के सूफियान मुकीम टी20 गेंदबाजी रैंकिंग में 11 स्थान ऊपर 22वें स्थान पर आ गए।  

गया पहुंचे सीएम नीतीश, पितृपक्ष मेला तैयारियों की समीक्षा कर विष्णुपद मंदिर में टेका माथा

पटना विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला की तैयारी को लेकर बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गया जी पहुंचे। सर्व प्रथम उन्होंने विष्णुपद मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना किया। पूजा अर्चना के बाद सीएम नीतीश कुमार पितृपक्ष मेला की जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों का जायजा लिया। मेला क्षेत्र के देवघाट और विष्णु पथ समेत अन्य पिंडवेदियों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सीएम नीतीश कुमार ने संबंधित अधिकारियों को कई महत्त्वपूर्ण निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच सीएम नीतीश कुमार समाहरणालय पहुंचे। जहां उन्होंने जिला प्रशासन के सभी अधिकारियों के साथ बैठक कर पितृपक्ष मेला की तैयारियों का समीक्षा बैठक की। बैठक में सीएम नीतीश कुमार सभी तैयारियों का बारीकी से जानकारी ली। किसी प्रकार की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि देश के विभिन्न प्रदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। सभी बुनियादी सुविधाएं ससमय पूरा करने का निर्देश भी दिए। समाहरणालय में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद सीएम नीतीश कुमार चाकंद हाई स्कूल पहुंचे। जहां उन्होंने विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। सीएम नीतीश कुमार के आने से पहले मेला क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। विष्णुपद, देवघाट, चांद चौरा और समाहरणालय के सभी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहे। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी व विजय कुमार सिन्हा, पर्यटन मंत्री समेत कई जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। दस योजनाओं का किया शिलान्यास बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज गया जी में पितृपक्ष मेला की समीक्षा बैठक के बाद चांकद हाई स्कूल में 899 करोड़ 46 लाख की लागत से कुल 10 योजनाओं का शिलान्यास किया। जिनमें 349 करोड़ 22 लाख की लागत से मुफस्सिल मोड़ पर फ्लाईओवर का निर्माण, 119 करोड़ 74 लाख की लागत से इमामगंज प्रखंड के कोठी से सलैया पथ का निर्माण, 104 करोड़ 72 लाख की लागत से गया परैया गुरुआ होते हुए औरंगाबाद रफीगंज को जोड़ने वाले पथ का चौड़ीकरण, 90 करोड़ 16 लाख की लागत से गया मानपुर रेलखंड पर अवस्थित लेवल क्रॉसिंग संख्या 71 ए बागेश्वरी गुमटी पर आर ओ बी का निर्माण, 77 करोड़ 60 लाख की लागत से बतसपुर वियर योजना अंतर्गत मोराटाल मुख्य पईन का चौड़ीकरण, 58 करोड़ 54 लाख की लागत से नगर प्रखंड के बेल्थु गांव में अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय का निर्माण, 39 करोड़ 82 लाख के लगात से गया जिले के बेला पनारी रोड से अग्नि, शिवरामपुर होते हुए धनावां शाकिरा बीघा तक सड़क का चौड़ीकरण, 19 करोड़ 89 लाख की लागत से कंडी नवादा पार्क एवं 21 करोड़ 81 लाख की लागत से सिलौंजा पार्क के विकास कार्य, 14 करोड़ 52 लाख की लागत से इमामगंज प्रखंड में डिग्री कॉलेज और 3 करोड़ 61 लाख की लागत से इमामगंज प्रखंड अंतर्गत 12 बांध का जीर्णोद्धार समेत अन्य योजनाएं शामिल है। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी व विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, सहकारिता मंत्री डॉ प्रेम कुमार, लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन, पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन, भवन निर्माण मंत्री जयंत राज और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ सुनील कुमार समेत कई नेता मौजूद थे।

PU छात्रसंघ चुनाव: मतदान जारी, पुलिस ने संभाला मोर्चा

चंडीगढ़  चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में आज छात्रसंघ चुनाव को लेकर जबरदस्त हलचल देखने को मिली। एक तरफ जहां लगातार हो रही बारिश छात्रों के लिए चुनौती बनी रही, वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय कैंपस पूरी तरह से चुनावी रंग में रंगा नजर आया। करीब 17,000 छात्र अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। छात्रसंघ के विभिन्न पदों के लिए मतदान जारी है, जिसमें प्रेजिडेंट पद पर 8 उम्मीदवार मैदान में हैं। बारिश के बावजूद उम्मीदवार अपने-अपने डिपार्टमेंट्स के बाहर छाता लेकर खड़े दिखे और वोट के लिए अपील करते नजर आए। यूनिवर्सिटी बनी पुलिस छावनी चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सुरक्षा के लिए 11 डीएसपी, 10 एसएचओ, 10 इंस्पेक्टर, 9 चौकी इंचार्ज और 988 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। एसएसपी कंवरदीप कौर खुद सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रही हैं। 

अमेरिका की टैरिफ नीति पर Moody’s ने दी चेतावनी, आर्थिक मंदी का खतरा बढ़ा

वाशिंगटन  एक ओर जहां अमेरिकी राष्ट्रपति दुनिया के तमाम देशों पर टैरिफ बम फोड़कर हुए बड़े-बड़े दावे करते हुए धौंस दिखा रहे हैं, तो वहीं ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने उन्हें बड़ा झटका दिया है. अपनी लेटेस्ट रिपोर्ट में मूडीज ने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका गंभीर मंदी की कगार पर पहुंच गया है और यूएस इकोनॉमी का एक तिहाई हिस्सा पहले से ही संकट से जूझ रहा है. ये चेतावनी ट्रंप ही नहीं, बल्कि अमेरिका के लिए एक बुरी खबर है.  मूडीज का ट्रंप को बड़ा अलर्ट मूडीज एनालिटिक्स के मुख्य अर्थशास्त्री मार्क जैंडी ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि राज्य-स्तरीय आंकड़े इस ओर इशारा कर रहे हैं, कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मंदी के कगार पर है. उन्होंने विश्लेषण के आधार पर कहा कि हालात ये हैं कि अमेरिकी सकल घरेलू उत्पाद (यूएस जीडीपी) का लगभग एक-तिहाई हिस्सा बनाने वाले राज्य या तो मंदी की चपेट में हैं या मंदी के हाई रिस्क में पहुंच चुके हैं.  अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जीडीपी ग्रोथ रेट और महंगाई के आंकड़ों को भले ही आर्थिक सफलता का प्रमाण बता रहे हैं और टैरिफ के पॉजिटिव असर के दावे कर रहे हैं, लेकिन मूडीज के अर्थशास्त्रियों का मानना है कि संयुक्त राज्य अमेरिका एक और मंदी के मुहाने पर खड़ा है, जिससे भारी वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ सकता है.  मंदी के खतरे में राज्य, नौकरियां खत्म  रिपोर्ट में जैंडी के हवाले से कहा गया है कि अमेरिका की जीडीपी का एक तिहाई हिस्सा जिन राज्यों के आता है, वो मंदी से गुजर रहे हैं या मंदी के खतरे में हैं. वहीं एक तिहाई राज्यों की ग्रोथ स्थिर दिख रही है, जबकि बचे हुए एक तिहाई राज्यों में ही वृद्धि दर्ज की जा रही है. मार्क जैंडी के मुताबिक, सरकारी नौकरियों में कटौती के कारण संकट बढ़ता नजर आ रहा है. उन्होंने कहा है कि उत्तर-पूर्व, मध्य-पश्चिम और वाशिंगटन डीसी क्षेत्र में सबसे ज्यादा असर दिखा है, जहां नौकरियों कम हो रही हैं. ट्रंप के शपथ ग्रहण के बाद जनवरी से मई तक वाशिंगटन डीसी में 22,100 सरकारी नौकरियां खत्म की गई हैं. विनिर्माण पीएमआई में गिरावट  हाल ही में आई रॉयटर्स की रिपोर्ट भी अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मंदी के खतरे से जुड़े कुछ संकेत शेयर किए गए. इसमें बताया गया कि अगस्त 2025 में अमेरिका का मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई घटकर 48.7 पर आ गया है और कारखानों की स्थिति 'US Great Recession' के समय से भी बदहाल बताई जा रही है.  रिपोर्ट के मुताबिक, जहां अमेरिका दुनियाभर के देशों पर टैरिफ अटैक कर रहा है, तो वहीं अगस्त में अमेरिकी विनिर्माण क्षेत्र में लगातार छठे महीने तेज गिरावट दर्ज की गई है. इसकी वजह बताते हुए कहा गया है कि देश के कारखाने ट्रंप प्रशासन के आयात शुल्कों के दुष्प्रभावों से जूझ रहे हैं. यानी साफ है कि टैरिफ फायदे की जगह नुकसान पहुंचाने वाला साबित हो रहा है. मैन्युफैक्चरर्स ने टैरिफ टेंशन के बीच मौजूदा कारोबारी माहौल को महामंदी से भी बदतर करार दिया है.  आंकड़ों को दरकिनार कर रहे ट्रंप इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट (आईएसएम) के सर्वे का हवाला देते हुए रिपोर्ट में बताया गया है कि कुछ मैन्युफैक्चरर ने ये साफ किया है कि अत्यधिक आयात शुल्कों के कारण अमेरिका में वस्तुओं का निर्माण अब मुश्किल होता जा रहा है.  जबकि दूसरी ओर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तमाम संकेतों और आंकड़ों के बावजूद अपने ट्रेड पॉलिसी का बचाव कर रहे है और टैरिफ के देश के हित में उठाया गया कदम बताते हुए इसे लंबे समय से गिरते अमेरिकी औद्योगिक आधार को पुनर्जीवित करने के लिए जरूरी बताते नजर आ रहे हैं.