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सनी-बॉबी की जोड़ी फिर करेगी धमाल, 18 साल बाद आ रही है ‘Apne 2’

मुंबई  ‘अपने’ बॉलीवुड इंडस्ट्री की एक ऐसी फिल्म है जिसमें पूरे देओल परिवार को एक साथ काम करते हुए देखा गया है। धर्मेंद्र और उनके दोनों बेटे सनी और बॉबी इस फिल्म में नजर आए थे। निर्देशक अनिल शर्मा के निर्देशन में साल 2007 में आई इस फैमिली ड्रामा ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया था। बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने के बाद लंबे समय से इसके दूसरे हिस्से का इंतजार किया जा रहा है। यह हिंदी सिनेमा की सबसे बेहतरीन पारिवारिक कहानी वाली फिल्मों में से एक है। इसके सीक्वल को लेकर चर्चाओं का बाजार हमेशा गर्म रहता है। अब ‘अपने 2’ को लेकर निर्देशक अनिल शर्मा ने खुद दर्शकों को जानकारी दी है। अनिल शर्मा को हाल ही में एक टीवी चैनल के साथ बात करते हुए देखा गया। अपनी अपकमिंग फिल्मों के बारे में जानकारी दी है। अपने 2 को लेकर उन्होंने कहा कि कहानी पर काम चल रहा है और स्क्रिप्ट लगभग फाइनल हो चुकी है। मैं यह वादा करता हूं कि ‘अपने 2’ में सनी देओल और बॉबी देओल एक साथ नजर आएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत चल रही है और एक साथ मिलकर विचार विमर्श करना है। मुझे इस बात का यकीन है कि उन्हें कहानी जरूर पसंद आएगी। अनिल ने यह भी कहा कि जब मैंने अपने की कहानी देओल फैमिली को सुनाई थी तो धर्म पाजी की आंखों से आंसू आ गए थे और बॉबी ने मुझे गले लगा लिया था। इन लोगों के साथ मेरा रिश्ता सबसे खास रहा है और अपने 2 के साथ ये और भी बढ़ जाएगा। बता दें कि 5 साल पहले सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस फिल्म के अनाउंसमेंट की जा चुकी है। नजारा आएंगे ये सितारे जब अनिल शर्मा ने सोशल मीडिया के जरिए ‘अपने 2’ की घोषणा की थी। तब वह बता चुके थे कि देओल परिवार का एक और शख्स इस फिल्म में नजर आने वाला है। यह व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि सनी देओल के बेटे कारण है। इस सीक्वल में उनका भी हम किरदार होने वाला है। अब जब फिल्म की कहानी पर काम चल रहा है तो यह तय है कि जल्द ही इसे दर्शकों के बीच पेश किया जाएगा।

बालिकाओं के विकास पर फोकस: सुएंड्रीका ने कस्तूरबा गांधी छात्रावास का निरीक्षण किया

भोपाल संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष की कंट्री हेड सुएंड्रीका ने बुधवार को भोपाल के तुलसी नगर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास का दौरा किया। उनके साथ अपर परियोजना प्रबंधक श्रीमती मनीषा सेथिया और जनसंख्या कोष के स्टेट हेड सुनील जैकब भी थे। प्रतिनिधियों ने छात्रावास में पढ़ने वाली बालिकाओं से चर्चा की। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष एवं स्कूल शिक्षा विभाग की संयुक्त पहल से बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिये एक मॉड्यूल तैयार किया गया है, जिसका नाम “सशक्त” है। छात्रावास में आकर्षक प्रदशर्नी के माध्यम से हिंसा से बचाव, उनके अधिकारों, पॉक्सो एक्ट और शारीरिक स्वच्छता के संबंध में बालिकाओं को जानकारी दी गई है। जनसंख्या कोष बालिका छात्रावास में बालिकाओं के उन्मुखीकरण के लिये विषय-विशेषज्ञों की उपस्थिति में लगातार वर्कशॉप भी कर रहा है। कमिश्नर से मुलाकात कंट्री हेड सुएंड्रीका और स्टेट हेड सुनील जैकब ने आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता से मुलाकात कर यूथ एवं एडोलसेंट प्रोग्राम के बारे में जानकारी प्राप्त की। बैठक में संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष से अपेक्षा की गई कि कार्यक्रम का विस्तार प्रदेश के अन्य सरकारी स्कूलों में भी किया जाये। इससे सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली बालिकाओं में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की भावना मजबूत होगी। वे अपने अच्छे करियर की तरफ भी बढ़ सकेंगी।  

राजधानी में इमारत ढही, मलबे में दबे कई लोग; अब तक 3 की मौत

नई दिल्ली  बारिश के बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बड़ा हादसा हुआ है। दिल्लीमें तीन मंजिला इमारत ढह गई। दरियागंज में बिल्डिंग के मलबे में कई लोग दब गए। प्रारंभिक रिपोर्ट में हादसे में तीन लोगों की मौत की खबर है। वहीं कई लोग मलबे में दबे हुए हैं। रेसक्यू ऑपरेशन जारी है। मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। यह घटना दोपहर 12.14 बजे की है। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस के अलावा दमकल की चार गांड़ियां मौके पर पहुंच गई हैं। बचाव कार्य जारी है। पुलिस ने बताया कि दरियागंज थाना क्षेत्र में बुधवार को एक इमारत गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने सूचना मिलते ही राहत और बचाव का काम शुरू किया। दिल्ली पुलिस ने बताया कि तीन लोगों के शवों को मलबे से निकाला गया। इनकी पहचान जुबैर, गुलसागर, तौफीक के तौर पर हुई है। शवों को एलएनजेपी अस्पताल ले जाया गया है। सूचना मिलते ही डीडीएमए सहित नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बताया कि बुधवार को एक इमारत के ढह जाने से तीन लोगों की मौत हो गई। दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के एक अधिकारी ने बताया कि घटना की सूचना दोपहर 12 बजकर 14 मिनट पर मिली, जिसके बाद दमकल की चार गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया। पुलिस बोली- कानूनी कार्रवाई होगी डीएफएस अधिकारी ने कहा कि तीन लोगों को मलबे से निकाला गया और तुरंत अस्पताल ले जाया गया। अधिकारियों ने बताया कि अंतिम रिपोर्ट मिलने तक बचाव अभियान जारी था। इमारत ढहने के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने बताया कि बचाव कार्य जारी है। तथ्यों की पुष्टि के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एचडीएफसी बैंक के परिवर्तन अभियान से मध्य प्रदेश में 63 लाख से अधिक लोगों के जीवन में बदलाव

भोपाल, मध्य प्रदेश, 20 अगस्त, 2025: भारत के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक, एचडीएफसी बैंक ने अपनी सीएसआर शाखा परिवर्तन बैंक के माध्यम से अब तक मध्य प्रदेश में 63.72 लाख से ज़्यादा लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। बैंक 2015 से राज्य में सक्रिय है और मध्य प्रदेश के 55 में से 38 ज़िलों को कवर करता है। बैंक ने परिवर्तन के अंतर्गत निम्नलिखित छह प्रमुख क्षेत्रों को अपनाया है: * ग्रामीण विकास                                                                  * शिक्षा को बढ़ावा देना * कौशल प्रशिक्षण एवं आजीविका संवर्धन * स्वास्थ्य सेवा एवं स्वच्छता * वित्तीय साक्षरता एवं समावेशन * प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन मध्य प्रदेश में, ग्रामीण विकास, शिक्षा को बढ़ावा देना तथा कौशल प्रशिक्षण एवं आजीविका संवर्धन ने सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है। 69,000 से अधिक किसान, 26,000 छात्र और 17,000 प्रशिक्षित व्यक्ति लाभान्वित हुए हैं।  मध्य प्रदेश में कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) की छाप  एचडीएफसी बैंक के परिवर्तन कार्यक्रम ने मध्य प्रदेश में एक मज़बूत और निरंतर उपस्थिति दर्ज की है, जो राज्य के 55 में से 38 ज़िलों में चल रही और बंद हो चुकी परियोजनाओं के माध्यम से फैला है। बैंक ने राज्य के सभी आकांक्षी ज़िलों में परियोजनाओं को सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया है, जिनमें बड़वानी, छतरपुर, दमोह, गुना, खंडवा, राजगढ़ और विदिशा में परियोजनाएँ पूरी हो चुकी हैं और बड़वानी, गुना, खंडवा और सिंगरौली में प्रयास जारी हैं। कुल मिलाकर 33 ज़िलों में परियोजनाएँ सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी हैं जबकि 17 ज़िलों में वर्तमान में सक्रिय हस्तक्षेप चल रहे हैं। टीकमगढ़ और उज्जैन में आगामी परियोजनाओं की योजना बनाई गई है। बैंक का प्रमुख समग्र ग्रामीण विकास कार्यक्रम, जो सभी 6 प्रमुख क्षेत्रों में एकीकृत हस्तक्षेप पर केंद्रित है, ने अलीराजपुर, अशोकनगर, भोपाल, छिंदवाड़ा, देवास, इंदौर, खरगोन और सीहोर के 165 गाँवों को प्रभावित किया है।  इसके अतिरिक्त केंद्रित विकास कार्यक्रम, जहाँ बैंक किसी लक्षित भौगोलिक क्षेत्र में किसी एक या दो प्रमुख फोकस क्षेत्रों के अंतर्गत विशिष्ट हस्तक्षेप करता है, आगर मालवा, बालाघाट, भोपाल, छतरपुर, गुना, ग्वालियर, हरदा, इंदौर, खंडवा, खरगोन, मंडला, मंदसौर, पन्ना, सतना, सिंगरौली और उमरिया जिलों में कार्यान्वित किए गए हैं। एचडीएफसी बैंक की सीएसआर प्रमुख सुश्री नुसरत पठान ने कहा, "एचडीएफसी बैंक में हमारा मानना है कि सीएसआर एक ही तरह का दृष्टिकोण नहीं है। परिवर्तन के माध्यम से हम आवश्यकता-आधारित हस्तक्षेपों को डिज़ाइन और कार्यान्वित करते हैं जो प्रत्येक क्षेत्र की विशिष्ट चुनौतियों का समाधान करते हैं। मध्य प्रदेश में हमारा कार्य इस दर्शन को दर्शाता है, जिसमें किसानों को टिकाऊ कृषि के साथ समर्थन देने से लेकर शिक्षा, कौशल और बुनियादी ढाँचे को मजबूत करना शामिल है। हम समावेशी विकास को बढ़ावा देने और जमीनी स्तर पर स्थायी प्रभाव डालने में एक छोटी सी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” एचडीएफसी बैंक के मध्य प्रदेश शाखा बैंकिंग प्रमुख श्री प्रतीक शर्मा ने कहा, "हम मध्य प्रदेश में बैंकिंग सेवाओं की व्यापक रेंज उपलब्ध कराने के लिए समर्पित हैं ताकि सभी के लिए इनकी पहुंच सुनिश्चित हो सके। एक सामाजिक रूप से जिम्मेदार कॉर्पोरेट नागरिक के रूप में, एचडीएफसी बैंक व्यक्तियों और परिवारों में सार्थक बदलाव लाने पर समान रूप से केंद्रित है।  एचडीएफसी बैंक मार्च 2025 को समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए भारत में सबसे अधिक सीएसआर खर्च करने वालों में से एक था। बैंक ने 31 मार्च 2025 तक देश भर में सीएसआर पहलों पर 1,068 करोड़ रूपये खर्च किए थे। बैंक ने परिवर्तन कार्यक्रम के तहत देश भर में 10.56 करोड़ रुपये से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। मध्यप्रदेश में 25 मार्चतककीमुख्यविशेषताएँ: ग्रामीणविकास– •सिंचाईकेअंतर्गतएकड़भूमि: 37,221 •रसायन-मुक्तखेतीकेअंतर्गतएकड़भूमि: 17,189 •समर्थितकिसान: 69,238 शिक्षाकोबढ़ावा – •ईसीएसएसकेअंतर्गतप्रदानकीगईछात्रवृत्तियाँ: 786 •स्थापितस्मार्टस्कूल: 104 •प्रभावितछात्र: लगभग 26,000 कौशलप्रशिक्षणऔरआजीविकासंवर्धन – •समर्थितसामुदायिकउद्यम: 1,679 •प्रशिक्षितव्यक्ति: 17,000 स्वास्थ्यएवंस्वच्छता – •निर्मित स्कूल स्वच्छता इकाइयाँ: 955 •पेयजल से समर्थित गाँव: 66 वित्तीयसाक्षरताएवंसमावेशन – •वित्तीय धोखाधड़ी जागरूकता: 10.6 लाख प्राकृतिकसंसाधनप्रबंधन – •स्थापित सौर लाइटें: 8,422 •जल संरक्षण संरचनाएं: 2,015 मध्य प्रदेश में प्रमुख हस्तक्षेप – जल संरक्षण – अनियमित वर्षा, ढलान वाली और बंजर भूमि और वर्षा आधारित खेती पर अत्यधिक निर्भरता के कारण राज्य के बड़े हिस्से बार-बार पानी की कमी का सामना करते हैं। कुछ इलाके उच्च लौह और आर्सेनिक स्तर के कारण खराब पेयजल गुणवत्ता से भी जूझते हैं। ये चुनौतियाँ कृषि, स्वास्थ्य और आजीविका को सीधे प्रभावित करती हैं। मध्य प्रदेश में, परिवर्तन हस्तक्षेप जल सुरक्षा से शुरू होते हैं। 2000 से अधिक जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया गया है जिससे 37000 एकड़ भूमि सिंचाई के अंतर्गत आ गई है। अशोकनगर, सीहोर और खरगोन जैसे जिलों में परियोजनाएँ भूमि उपचार को सूक्ष्म सिंचाई, सौर जल कृषि उत्पादकता में सुधार के लिए पंप और चिनाई वाले स्टॉप डैम का उपयोग किया जा रहा है। खरगोन जैसे जल-गुणवत्ता प्रभावित क्षेत्रों में फ़िल्टरेशन इकाइयों वाली सौर ऊर्जा चालित जल मीनारें सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करा रही हैं, जबकि सिंगरौली और उमरिया में वाटरशेड पहल भूजल की भरपाई कर रही हैं, कटाव को कम कर रही हैं और खेती और दैनिक जीवन दोनों के लिए पहुँच सुनिश्चित कर रही हैं। अशोकनगर में सतत कृषि के माध्यम से किसानों का सशक्तिकरण – विश्वसनीय जल आपूर्ति के साथ किसानों को खेती में बेहतर तकनीकों को अपनाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। एचडीएफसी बैंक परिवर्तन अशोकनगर के चंदेरी ब्लॉक में अभ्युदय संस्थान के साथ साझेदारी में ग्रामीण आजीविका में बदलाव ला रहा है। जो किसान पहले अपनी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष करते थे, अब सतत खेती, नकदी फसलों की खेती, आधुनिक तकनीकों और जैविक प्रथाओं के माध्यम से अपनी आय में 30-40 प्रतिशत की वृद्धि देख रहे हैं। इस पहल ने 4,000 एकड़ में सिंचाई की सुविधा प्रदान की है, 15 गाँवों को स्वच्छ ऊर्जा प्रदान की है और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए 5,000 पेड़ लगाए हैं। 1,800 से अधिक किसान और उनके परिवार 75 महिला-नेतृत्व वाले सामुदायिक उद्यमों, 65 समुदाय-आधारित संस्थानों और पांच स्मार्ट स्कूलों के गठन से लाभान्वित हो रहे हैं। सीहोर में बहु-स्तरीय खेती के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि – सीहोर के 20 गाँवों … Read more

CM सुक्खू ने विधायक पत्नी के विधानसभा क्षेत्र को दी राहत और विकास की सौगातें

शिमला  हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर भी विधायक हैं. ऐसे में सीएम सुक्खू की अपनी पत्नी कमलेश ठाकुर के विधानसभा क्षेत्र पर खास मेहरबानी रहती है. ताजा मामले में अब देहरा में आरटीओ दफ्तर खोलने की नोटिफिकेशन जारी की गई है. दरअसल. इस रिजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस के तहत, ज्वाली, ज्वालामुखी, इंदौरा और फतेहपुर को शामिल किया गया है. पत्नी के विधानसभा क्षेत्र के लिए नई दफ्तर खोलने की घोषणा करना नई बात नहीं है. सीएम सुक्खू ने इससे पहले भी कई ऐलान देहरा के लिए किए है. जानकारी के अनुसार, सुक्खू सरकार में सबसे पहले यहां पर एसपी दफ्तर खोला था और देहरा को 14वां पुलिस जिला बनाया गया. पांच नवंबर 2024 में यह दफ्तर शुरू हुआ था. वहीं, लोक निर्माण विभाग (PWD) का सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर कार्यालय भी खोला गया है. इसके, अलावा, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड (HPSEB) का सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर दफ्तर, जल शक्ति विभाग का सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) दफ्तर भी देहरा को सीएम सुक्खू की पत्नी के विधायक बनने के बाद दिया गया. जून में देहरा आए थे सीएम हाल ही में जून महीने में सीएम सुक्खू ने देहरा का दौरा किया था और हरिपुर तहसील के बनखंडी में दुर्गेश अरण्य वन्य प्राणी उद्यान में 47.62 करोड़ रुपये की लागत से अस्पताल प्रशासन, डायगनोस्टिक ब्लॉक, केन्द्रीकृत रसोईघर व क्वारंटीन केंद्र और 16.25 करोड़ रुपये की लागत से उठाऊ पेयजल योजना की आधारशिला रखी. गौरतलब है कि देहरा में अकेले टूरिज्म सेक्टर पर 100 करोड़ रुपये खर्च करने का प्लान सरकार का है. देहरा पर मेहरबानी क्यों गौरतलब है कि देहरा में 2024 में उपचुनाव हुए थे तो इसमें सीएम की पत्नी कमलेश ठाकुर की जीत हुई थी. वहीं, देहरा सीएम सुक्खू का ससुराल भी है. पत्नी के मायके देहरा के लिए सीएम सुक्खू अक्सर घोषणाएं करते रहते हैं. पत्नी के बहाने सीएम को घेरती रहती है भाजपा बुधवार को भारतीय जनता पार्टी ने बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरा और साथ ही कहा कि सरकार नई जॉब ट्रेनी पॉलिसी को रद्द करे. भाजपा विधायक सतपाल सत्ती ने तंज कसते हुए कहा महिलाओं को पेंशन का वादा पूरा न करने पर माफी सीएम को माफी मांगनी चाहिए. सत्ती ने कहा कि आपने भाभी जी को तो पेंशन लगा दी, क्या सभी महिलाओं को पेंशन देंगे. इस पर सीएम ने कहा कि पेंशन नहीं अभी सैलरी लगी है और वो भी भाजपा की वजह से लगी है.

अब भी वक्त है संभल जाओ – राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को तेज प्रताप की कड़ी चेतावनी

पटना बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने मंगलवार को अपने छोटे भाई और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव को राज्य में होने वालेसे पहले पार्टी के भीतर ‘‘गद्दारों'' से सावधान रहने की सलाह दी। तेज प्रताप को हाल में उनके पिता और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने पार्टी से निष्कासित कर दिया था। तेज प्रताप ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में यह भी दावा किया कि ‘‘कुछ गद्दार मेरे राजनीतिक करियर को खत्म करने की साजिश रच रहे हैं।'' तेज प्रताप ने कहा, ‘‘मैं तेजस्वी से कहना चाहता हूं कि अब भी समय है। अपने आस-पास मौजूद ‘जयचंदों' से सावधान रहो, नहीं तो चुनाव में बहुत बुरे नतीजे देखने को मिलेंगे। अब आप कितने समझदार हैं, यह चुनाव परिणाम तय करेंगे।'' तेज प्रताप ने अपनी पोस्ट में एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें कांग्रेस की ‘वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान औरंगाबाद की नबीनगर विधानसभा सीट से राजद विधायक विजय कुमार सिंह उर्फ डब्लू सिंह के चालक के साथ कथित तौर पर मारपीट होती दिख रही है। इस वीडियो की प्रमाणिकता की पुष्टि पंजाब केसरी नहीं कर सकी है। इस कथित घटना का हवाला देते हुए तेज प्रताप ने कहा, ‘‘मुझे समझ में नहीं आता कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने यह यात्रा लोकतंत्र बचाने के लिए निकाली है या इसे तोड़ने के लिए। जिस तरह नबीनगर विधानसभा क्षेत्र में विधायक के चालक और एक मीडियाकर्मी को ‘जयचंदों' द्वारा पीटा गया और गाली-गलौज की गयी, वह अत्यंत निंदनीय और शर्मनाक है।'' "कुछ गद्दार मेरे राजनीतिक करियर को खत्म करने की साजिश रच रहे" एक अन्य पोस्ट में तेज प्रताप ने लिखा, ‘‘कुछ गद्दार मेरे राजनीतिक करियर को खत्म करने की साजिश रच रहे हैं। लेकिन ये गद्दार नहीं जानते कि मेरा नाम तेज प्रताप यादव है। मैं और ज्यादा ताकत के साथ आगे बढ़ता रहूंगा। चाहे कितनी भी बड़ी साजिश रच ली जाए, मुझे कभी हरा नहीं सकते।'' मंगलवार को, तेज प्रताप ने इस साल के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए पांच छोटे दलों का गठबंधन बनाने की भी घोषणा की। उन्होंने यहां संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की, जिसमें पांच दलों- विकास वंचित इंसान पार्टी (VVIP), भोजपुरिया जन मोर्चा (बीजेएम), प्रगतिशील जनता पार्टी (पीजेपी), वाजिब अधिकार पार्टी (डब्ल्यूएपी) और संयुक्त किसान विकास पार्टी (एसकेवीपी) — के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी उपस्थित थे।  

पर्यटन को बढ़ावा देने की बड़ी पहल: बिहार में लग्जरी होटल और आलीशान रिसॉर्ट का निर्माण शुरू

पटना  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने वाला बड़ा फैसला लिया गया है। बैठक में कुल 16 एजेंडों पर मुहर लगी, जिनमें राजगीर और वैशाली में फाइव स्टार होटल और रिसॉर्ट बनाने की योजना को स्वीकृति दी गई। कहां बनेंगे होटल और रिसॉर्ट कैबिनेट की ओर से राजगीर (नालंदा) और वैशाली में होटल और रिसॉर्ट बनाने का प्रस्‍ताव पास किया है। राजगीर में 10 एकड़ भूमि पर दो पांच सितारा होटल और वैशाली में 10 एकड़ भूमि पर एक पांच सितारा रिसॉर्ट बनाने की योजना है। इन परियोजनाओं का निर्माण पब्लिक, प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर होगा। इसके तहत जमीन निजी निवेशकों को निर्धारित अवधि के लिए लीज पर दी जाएगी। लीज अवधि समाप्त होने के बाद इनके संचालन और प्रबंधन पर सरकार निर्णय लेगी। पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं में बढ़ोतरी राजगीर और वैशाली बिहार के प्रमुख ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन स्थल हैं। यहां हर साल देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। अभी तक इन जिलों में अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले होटल कम होने के कारण पर्यटकों को दिक्कतें होती थीं। नए होटल और रिसॉर्ट बनने से पर्यटकों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और उनकी संख्या में वृद्धि होगी। पर्यटन उद्योग और रोजगार को बढ़ावा     इन परियोजनाओं से बिहार के पर्यटन उद्योग को नई पहचान मिलेगी।     विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी।     स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार के अवसर बढ़ेंगे।     होटल और रिसॉर्ट के आसपास आर्थिक व सामाजिक गतिविधियां तेज होंगी। बिहार का बढ़ता पर्यटन महत्व बताते चलें कि बिहार ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से समृद्ध प्रदेश है। बौद्ध, जैन और हिंदू धर्म से जुड़े कई प्रमुख स्थल यहां हैं। लेकिन उच्च स्तरीय होटलों की कमी पर्यटकों के लिए चुनौती बनी हुई थी। लिहाजा सरकार अब इस कमी को दूर कर बिहार को पर्यटन के मानचित्र पर उभारना चाहती है। जिसका प्रयास सरकार के स्‍तर से भी कर दिया गया है।  

667 नए आवासों से खुले बेहतर जीवन के द्वार: नगरीय विकास मंत्री ने की राजस्थान आवासन मण्डल की 5 नवीन आवासीय योजनाओं की शुरुआत

जयपुर, राजस्थान आवासन मण्डल की बहुप्रतीक्षित आवासीय योजनाओं का बुधवार को आवास भवन जयपुर में भव्य शुभारम्भ किया गया। नगरीय विकास, स्वायत्त शासन एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इन योजनाओं की शुरुआत करते हुए कहा कि यह केवल निर्माण नहीं, बल्कि प्रदेशवासियों को सुरक्षित और सुविधायुक्त जीवन की ओर ले जाने वाला कदम है। खर्रा ने बताया कि इन 5 विशिष्ट पंजीकरण योजनाओं के तहत कुल 667 आवास/फ्लैट्स बनाए जाएंगे, जो उदयपुर, बारां, बूंदी, धौलपुर और बाड़मेर जैसे जिलों में आमजन को एक बेहतर आवासीय विकल्प देंगे। मुख्य योजनाएं इस प्रकार हैं- बूंदी जिले की नैनवा आवासीय योजना, पॉकेट-A एवं पॉकेट-B में विभिन्न आय वर्ग के लिए 72 स्वतंत्र आवास, लागत 7 लाख 80 हजार से प्रारम्भ। बारां जिले की अटरू आवासीय योजना में विभिन्न आय वर्ग के लिए 189 स्वतंत्र आवास, लागत 7 लाख 60 हजार से प्रारंभ। बाड़मेर जिले की लंगेरा आवासीय योजना में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी आय वर्ग के लिए 200 स्वतंत्र आवास, लागत 8 लाख 61 हजार से प्रारंभ। धौलपुर जिले की बाड़ी रोड योजना में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी (जी+3) आय वर्ग के लिए 64 फ्लैट्स, लागत 12 लाख 45 हजार से प्रारम्भ। उदयपुर जिले की पानेरिया की मादड़ी में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी (जी+3) आय वर्ग के लिए 142 फ्लैट्स, लागत 11 लाख 68 हजार से प्रारम्भ। इस अवसर पर मंत्री खर्रा ने कहा कि राजस्थान के यशस्वी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार हर वर्ग को आवास उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्पित है। उन्होंने कहा की राज्य सरकार सिर्फ मकान नहीं दे रही, बल्कि एक सम्मानजनक जीवन का माध्यम दे रही है। उन्होंने बताया कि सभी योजनाएं समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण ढंग से विकसित की जाएंगी, ताकि लाभार्थियों को आधुनिक जीवन की समस्त सुविधाएं मिल सकें। इस कार्यक्रम में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने भी शिरकत की  गोदारा ने कहा की राजस्थान आवासन मण्डल आमजन के आवास के सपने को साकार करने के लिए आज भी पहली पसंद है। उन्होंने मण्डल की योजनाओं की मुक्त कंठ से सराहना की । उल्लेखनीय है कि मई माह में ही मण्डल ने 427 आवासों की 5 आवासीय योजना जयपुर, बारां, बूंदी और धौलपुर में शुरू की थी। शुभारम्भ समारोह में आवासन मण्डल के अध्यक्ष देबाशीष पृष्टि, आवासन आयुक्त डॉ. रश्मि शर्मा, सचिव डॉ. अनिल पालीवाल, मुख्य अभियंता अमित अग्रवाल, टीएस मीना, प्रतीक श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, आम नागरिक व मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे आमजन के आवास के सपने को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम बताया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से क्रिकेटर वेंकटेश अय्यर ने की सौजन्य भेंट

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में क्रिकेटर वेंकटेश अय्यर ने सपत्नीक सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का क्रिकेटर अय्यर ने पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। उन्होंने बताया कि वह इंदौर शहर के निवासी हैं। भेंट के दौरान विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अय्यर को उनके अब तक के क्रिकेट प्रदर्शन की बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।  

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सांसदों संग की चर्चा, केंद्र प्रवर्तित योजनाओं को लेकर मंथन

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस में राजस्थान के सांसदों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान उन्होंने राज्य में केंद्र प्रवर्तित योजनाओं की प्रगति को लेकर गहन चर्चा की और प्रदेश के समग्र विकास के लिए सांसदों का सहयोग मांगा। मुख्यमंत्री ने सांसदों से आग्रह किया कि वे संसद में राजस्थान से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता से उठाएं और केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में राज्य की स्वीकृतियों और फंडिंग से संबंधित मामलों को सक्रियता से आगे बढ़ाएं। उन्होंने विशेष रूप से प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) जैसी योजनाओं को तेजी से लागू करवाने के लिए सांसदों का समर्थन मांगा। शर्मा ने कहा कि प्रदेश में निवेश के बेहतर माहौल के लिए केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर तत्परता से कार्य करना होगा। उन्होंने इस दिशा में केंद्र सरकार से अधिक सहयोग प्राप्त करने के लिए सांसदों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। बैठक में कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि रहे मौजूद इस महत्वपूर्ण बैठक में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, भूपेंद्र यादव, भागीरथ चौधरी, राज्यसभा सांसद  मदन राठौड़, चुन्नीलाल गरासिया, घनश्याम तिवाड़ी, राजेंद्र गहलोत, तथा लोकसभा सांसद  दामोदर अग्रवाल,  सी.पी. जोशी,  दुष्यंत सिंह,  लुंबाराम चौधरी, महिमा कुमारी मेवाड़, श्रीमती मंजू शर्मा, मन्नालाल रावत, पी.पी. चौधरी और राव राजेंद्र सिंह सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें विकास की योजनाओं में राज्य सरकार के सहभागी के रूप में कार्य करने का आह्वान किया। इससे पहले मंगलवार दोपहर को मुख्यमंत्री ने दिल्ली में कई केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की। दिल्ली में वे  संसद भवन पहुंचने जहां उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित कई नेताओं से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान और केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी से भेंट की। इस दौरान शर्मा ने जयपुर में लैंग्वेज लैब स्थापित करने के विषय पर विस्तृत चर्चा की।  केन्द्रीय शिक्षा मंत्री से धर्मेंद्र प्रधान से वार्षिक कार्ययोेजना के तहत प्रदेश को वित्तीय अनुदान शीघ्र जारी की मांग की। शर्मा ने केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में आयोजित होने वाले खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स-2025 की तैयारियों, आयोजन से जुड़े विभिन्न पहलुओं तथा प्रदेश में खेलों के विकास से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा कार्मिक एवं लोक शिकायत राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात कर प्रदेश के सिविल सेवकों से संबंधित एवं कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग से जुड़े विविध विषयों पर चर्चा भी की।