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टैक्स चोरी रोकने के लिए सरकार की नई तैयारी, फर्जी बिलिंग पर सख्ती : देवड़ा

कर चोरी, फर्जी बिलिंग को रोकेगा इंफोर्मेशन मॉड्यूल : उप मुख्यमंत्री देवड़ा वाणिज्यिक कर विभाग के “इन्फॉर्मेशन मॉड्यूल” का हुआ शुभारंभ भोपाल  उप मुख्यमंत्री एवं वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि विभाग द्वारा प्रारंभ किये गये इंफॉर्मेशन मॉड्यूल से वित्तीय चोरी को रोका जा सकेगा। इसका लाभ प्रदेश को राजस्व वृद्धि में मिलेगा। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने मध्यप्रदेश वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारियों को इंफोर्मेशन मॉड्यूल के निर्माण और शुभारंभ पर बधाई देते हुए कहा कि मॉड्यूल की बेहतर तरीके से मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित की जाएं। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि राज्य में कर अपवंचन की रोकथाम, राजस्व संग्रहण में वृद्धि तथा नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिये “इन्फॉर्मेशन मॉड्यूल” विकसित किया गया है। यह मॉड्यूल कर चोरी, फर्जी बिलिंग, बिना बिल के व्यापार, अवैध गोदाम, कर संबंधी अनियमितताओं एवं अन्य संदिग्ध गतिविधियों की सूचना सीधे विभाग तक सुरक्षित एवं सरल माध्यम से उपलब्ध कराने की सुविधा प्रदान करेगा। मॉड्यूल से प्राप्त सूचनाओं का विभाग द्वारा विश्लेषण एवं सत्यापन किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्राप्त सूचनाओं के निराकरण की स्थिति एवं विभाग द्वारा की गई कार्रवाई से संबंधित जानकारी नागरिक पोर्टल पर उपलब्ध डैशबोर्ड के माध्यम से साझा की जाएगी। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित हो सकेगी। नागरिकों द्वारा प्रदान की गई उपयोगी एवं तथ्यात्मक जानकारी राज्य के राजस्व संरक्षण, कर अपवंचन पर प्रभावी नियंत्रण तथा कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी एवं उत्तरदायी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आयुक्त वाणिज्यिक कर अनय द्विवेदी ने अपील की है कि नागरिक राज्यहित में इस मॉड्यूल का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें तथा कर अपवंचन की रोकथाम एवं राजस्व वृद्धि में सहभागी बनें। नागरिकों की सक्रिय सहभागिता से राज्य में निष्पक्ष एवं पारदर्शी व्यापारिक वातावरण को बढ़ावा मिलेगा तथा शासन की विकासात्मक योजनाओं के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। विस्तृत जानकारी के लिये लिंक पर क्लिक करें।… https://mptax.mp.gov.in/  

सूर्या हत्याकांड पर गरजे CM योगी, बोले- नालायक औलादों को कानून सिखाएगा सबक

 बिजनौर उत्तर प्रदेश के बिजनौर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद में सूर्या प्रताप चौहान और असद से जुड़ी घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. नालायक औलादों को सबक सीखना होगा. सीएम ने कहा कि शस्त्र उठाना होगा अगर सामने खर-दूषण हो।  सीएम योगी ने सूर्या और असद से जुड़ी घटना पर कहा, 'दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. नालायक औलादों को सबक सीखना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की संवेदनाएं सामान्य और कानून का पालन करने वाले नागरिकों के साथ हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र के अनुरूप प्रदेश और देश में सभी वर्गों को बिना किसी भेदभाव के सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।  'अहिंसा और मानवता समाज के आभूषण हैं' योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अहिंसा और मानवता समाज के आभूषण हैं, लेकिन जब समाज और व्यवस्था के सामने चुनौती खड़ी करने वाली ताकतें हों, तब उनके मुकाबले के लिए आवश्यक कदम उठाना भी जरूरी हो जाता है. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सभी को कानून और व्यवस्था का सम्मान करना चाहिए तथा किसी को भी नियमों से ऊपर नहीं समझना चाहिए।  मुख्यमंत्री के इस बयान को गाजियाबाद की हालिया घटना के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को लेकर चर्चा जारी है. उन्होंने दोहराया कि प्रदेश सरकार कानून का राज स्थापित करने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।  क्या है पूरा मामला? गाजियाबाद में 28 मई की शाम एक 17 वर्षीय युवक सूर्या चौहान की चाकू से हमले के बाद मौत हो गई. पुलिस के अनुसार, घटना के पीछे पुरानी दुश्मनी को वजह माना जा रहा है. आरोप है कि सूर्या को उसके कुछ पुराने परिचितों ने फोन कर एक स्थान पर बुलाया था. जैसे ही वह वहां पहुंचा, कई युवकों ने उसे घेर लिया और धारदार हथियार से हमला कर दिया।  बता दें कि बकरीद के दिन गाजियाबाद में हुए 17 साल के सूर्या चौहान हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया है। अब असद के घर बुलडोजर ऐक्शन का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने असद के घर को सरकारी जमीन पर बना अवैध निर्माण बताते हुए 15 दिन के अंदर इसे हटाने का आदेश दिया है। असद के परिवार को जारी नोटिस में कहा गया है कि यदि 15 दिनों के अंदर कब्जा नहीं हटाया गया तो प्रशासन खुद इस मामले में कार्रवाई करेगा। एसडीएम ऑफिस की ओर से असद के घर के बाहर नोटिस चस्पा किया गया है। पाकिस्तान से विस्थापित परिवारों, पूर्व सैनिकों और पट्टेदारों को भूमि स्वामित्व अधिकार प्रमाण पत्र वितरण के मौके पर सीएम योगी ने कहा कि पाकिस्तान से आए हुए जिन परिवारों की पुश्तैनी संपत्तियों पर कब्जा किया गया था, दशकों बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिला। चौथी पीढ़ी में हमने उन विस्थापित परिवारों को उनकी जमीनों का मालिकाना हक दिया है। इनकी संख्या 1645 है यानी कुल मिलाकर 8 से 10 हजार लोगों को आज ये कागजात प्राप्त हो रहे हैं। गाय पशु नहीं हमारी माता है सीएम योगी ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने की मांग करने वालों दोगले व्यवहार वाला करार देते हुए कहा कि ऐसे लोगों को चेले-चपाटे ही बकरीद के मौके पर सोशल मीडिया पर गाय की फोटो लगा रहे थे। उनसे कहा गया है कि अपने चेले-चपाटों को समझा लें। गाय हमारे लिए पशु नहीं, हमारी माता है। बेटे और माता के बीच कुछ घोषित करने की जरूरत नहीं होती। हम उन्हें राष्ट्रमाता मानते ही हैं। गाय को पशु मानने वाले इंसान नहीं हैं. गाय हमारी स्वाभाविक माता है। यूपी में यदि किसी ने गाय माता के साथ कुछ भी गलत करने की कोशिश की तो फिर उसका अंजाम क्या होगा, यह सबको मालूम है। उन्होंने कहा कि सज्जन के साथ सज्जनता और दुर्जन के साथ उसी की भाषा में बात होनी चाहिए। गंभीर रूप से घायल सूर्या को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई. मामले में असद, नवाब, फरहान, आतिफ और सारिक सहित कई लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है. असद का एनकाउंटर किया जा चुका है। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया अवलोकन, कहा – प्राचीन ज्ञान परंपरा हमारी सांस्कृतिक अस्मिता की अमूल्य धरोहर

ज्ञान भारतम् अभियान के अंतर्गत बड़े कनेरा में मिलीं 150 वर्ष पुरानी दुर्लभ पांडुलिपियां मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया अवलोकन, कहा – प्राचीन ज्ञान परंपरा हमारी सांस्कृतिक अस्मिता की अमूल्य धरोहर उड़िया भाषा में लिखित पंजी, पुराण, पंचांग सहित कई महत्वपूर्ण ग्रंथ पीढ़ियों से परिवारों में सुरक्षित रायपुर   छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और ज्ञान परंपरा से जुड़े अमूल्य विरासत संरक्षण के प्रयासों को नई प्रेरणा देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अंतर्गत कोंडागांव जिले के ग्राम बड़े कनेरा का दौरा किया। यहां उन्होंने ज्ञान भारतम् अभियान के तहत संरक्षित लगभग 150 वर्ष पुरानी उड़िया भाषा में लिखित प्राचीन पांडुलिपियों का अवलोकन किया और उनके संरक्षण में जुटे परिवारों की सराहना की। मुख्यमंत्री साय ने ग्राम निवासी रामूराम यादव से मुलाकात कर उनके पास सुरक्षित रखी गई आठ प्राचीन पांडुलिपियों को देखा तथा उनके इतिहास, उपयोग और संरक्षण के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि ऐसी ऐतिहासिक धरोहरें केवल पुस्तकीय विरासत नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान प्रणाली की जीवंत पहचान हैं। इन्हें संरक्षित रखना आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। मुख्यमंत्री ने पीढ़ियों से इन पांडुलिपियों को सहेजकर रखने वाले परिवारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि समाज की भागीदारी के बिना सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण संभव नहीं है। जिन परिवारों ने दशकों तक इन धरोहरों को सुरक्षित रखा है, वे वास्तव में हमारी ज्ञान-संपदा के संरक्षक हैं। इस अवसर पर बड़े कनेरा के हरदू कश्यप, परमेश्वर मानिकपुरी, अमरावती के त्रिलोचन मानिकपुरी, पुरसोती राम मौर्य तथा कोपरा ग्राम के चमरू नाग ने भी मुख्यमंत्री से चर्चा की। उन्होंने बताया कि ये पांडुलिपियां उनके दादा-परदादाओं के समय से परिवारों में संरक्षित हैं और आज भी अत्यंत सावधानीपूर्वक सुरक्षित रखी जाती हैं। संरक्षकों ने मुख्यमंत्री को बताया कि इन पांडुलिपियों में पंजीयार, पंजी, पुराण, पंचांग तथा चक्रकूट पंचांग जैसे महत्वपूर्ण ग्रंथ शामिल हैं, जिनका उपयोग परंपरागत ज्ञान, धार्मिक अनुष्ठानों, सामाजिक व्यवस्थाओं तथा ज्योतिषीय गणनाओं में किया जाता रहा है। इन ग्रंथों में स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं, धार्मिक विधानों और समय गणना की विशिष्ट प्रणालियों का भी उल्लेख मिलता है। मुख्यमंत्री साय ने पांडुलिपियों के अध्ययन की प्रक्रिया, उन्हें पढ़ने-समझने की पारंपरिक पद्धतियों तथा वर्तमान समय में उनके संरक्षण की व्यवस्था के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में प्राचीन ज्ञान-संपदा के संरक्षण, डिजिटलीकरण और व्यवस्थित दस्तावेजीकरण की दिशा में सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी सांस्कृतिक विरासत और ज्ञान परंपरा से जुड़ी रह सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित ज्ञान भारतम् अभियान देश की प्राचीन पांडुलिपियों, ज्ञान परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। यह अभियान भारत की बौद्धिक विरासत को सुरक्षित रखने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी ऐतिहासिक जड़ों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रहा है।

गर्मी के बीच राहत की खबर! मध्यप्रदेश में तेज बारिश-ओलों का अलर्ट, मानसून ने केरल में दी एंट्री

भोपाल  मध्य प्रदेश में इस बार मानसून की एंट्री को लेकर बड़ा अपडेट सामने आ गया है। बताया जा रहा है कि, इस बार मानसून सामान्य तिथि से लगभग 5 से 7 दिन की देरी से प्रदेश में एंटर हो सकता है। राजधानी भोपाल में स्थित राज्य मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में मानसून की एंट्री 20 से 22 जून के बीच होने की संभावना है। हालांकि मानसून के आगमन से पहले ही प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ है और जून के शुरुआती चार दिनों तक कई जिलों में आंधी बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी रहने की संभावना है। वैसे तो मई का महीना भीषण गर्मी और लू के लिए जाना जाता है। शुरुआती दिनों में प्रदेश भीषण गर्मी के साथ साथ लू की चपेट में रहा थी। लेकिन महीने के आखिरी दिनों में प्रदेश के कई इलाकों में मौसम ने करवट ली और भीषण गर्मी के साथ तेज बारिश और ओलावृष्टि का भी सामना किया। स्थिति ये रही कि मई मे औसत से करीब आधा इंच अधिक वर्षा दर्ज की गई है। इसके साथ-साथ विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में भारी बारिश होगी. इंडिया मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) ने अनुमान लगाया है कि मानसून आने पर पूरे राज्य में जोरदार बारिश होगी. भारत में मानसून को लेकर पूरे देश में करीब से नजर रखी जा रही है, क्योंकि केरल में मानसून का आना देश के बाकी हिस्सों में इसके आगे बढ़ने का बेंचमार्क है. तेज बारिश की आशंका को देखते हुए, आईएमडी (IMD) ने इस हफ्ते अलग-अलग दिनों में सात जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।  विभाग के मुताबिक केरल के अलपुझा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, त्रिशूर और मलप्पुरम को बुधवार और गुरुवार को ऑरेंज अलर्ट पर रखा गया है, जबकि पठानमथिट्टा और कोझिकोड गुरुवार को अलर्ट पर हैं. मौसम विभाग के अधिकारियों ने कमजोर इलाकों में रहने वालों से हाई अलर्ट पर जाने को कहा है. वहीं, मौसम एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि इन जिलों में कुछ जगहों पर कम समय में 11 से 20 सेंटीमीटर बारिश हो सकती है।  बता दें, इतनी तेज बारिश से शहरी इलाकों में अचानक बाढ़ और पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ जाता है, जिससे डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसियों को मॉनिटरिंग और तैयारी के उपाय बढ़ाने पड़ रहे हैं. कई दूसरे जिलों के लिए भी येलो अलर्ट जारी किए गए हैं, जिससे राज्य के बड़े हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है. आने वाले मानसून से केरल के समुद्र तट पर खराब मौसम और तेज हवाएं चलने की उम्मीद है।  कैसे आता है अंचल में मानसून? मानसून का आगमन बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने निम्नदाब क्षेत्र या चक्रवातीय तूफानों की वजह से या फिर अरब सागर में बने निम्नदाब क्षेत्र की वजह से होता है। मौसम विभाग के अधिकारियों ने मछुआरों को सलाह दी है कि जब तक मौसम ठीक न हो जाए, वे समुद्र में न जाएं. जहां लोग हफ्तों की भीषण गर्मी से राहत की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं राज्य भर में प्री-मानसून तैयारी तेज कर दी है, जिसमें बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए नालों, नहरों और पानी के रास्तों की सफाई शामिल है. बहुत ज़्यादा गर्मी के बाद, आने वाले दिनों में पहली बार बड़े पैमाने पर मानसून की बारिश से केरल का नजारा बदलने की उम्मीद है, साथ ही मौसमी बारिश के लिए माहौल तैयार होगा जो पूरे भारत में खेती और पानी के संसाधनों को बनाए रखती है। 

रेलवे में सख्ती तेज! 11 चोर दबोचे गए, 23 अवैध वेंडरों पर भी चला शिकंजा

भोपाल रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों के सामान की चोरी तथा अवैध वेंडरों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए भोपाल मंडल द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और वाणिज्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई में चोरी करने वाले आरोपितों और नियमों का उल्लंघन करने वाले वेंडरों पर सख्त कार्रवाई की गई है। जुर्माना लगाकर भेजा जेल वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त डॉ. अभिषेक और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया के निर्देशन में चलाए गए अभियान के दौरान पिछले तीन दिनों में यात्रियों का सामान चोरी करने या चोरी का प्रयास करने वाले 11 संदिग्धों को पकड़ा गया। इनमें से दो आरोपितों के खिलाफ जीआरपी थाना भोपाल में प्रकरण दर्ज किया गया, जबकि नौ अन्य को रेलवे न्यायालय ने दोषी पाते हुए 2,500 रुपये जुर्माना और 30 दिन के कारावास की सजा सुनाई। अवैध वेंड पर भी शिकंजा यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खान-पान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रेलवे स्टेशनों पर संचालित स्टालों और फूड यूनिट्स का भी निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले 23 वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई की गई। रेलवे अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2026 में मई माह तक केवल भोपाल पोस्ट द्वारा ही 591 वेंडरों पर विभिन्न नियमों के उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। यात्रियों से सतर्क रहने की अपील रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस विशेष अभियान का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, चोरी की घटनाओं को रोकना और अधिकृत वेंडरों के माध्यम से बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है। रेलवे ने यात्रियों से भी अपील की है कि वे अपने सामान की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल आरपीएफ या रेलवे अधिकारियों को दें।  

पीडब्ल्यू सचिव सख्त, मंजूर कार्यों की टेंडर प्रक्रिया 30 जून तक पूरी करने के आदेश

रायपुर. लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने आज सभी मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं और कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर विभागीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विभागीय मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में आयोजित बैठक में अधिकारियों को मार्च-2026 तक स्वीकृत कार्यों के 30 जून तक निविदा आमंत्रित कर 31 जुलाई तक कार्यादेश जारी करने के निर्देश दिए, ताकि वर्षा ऋतु के तुरंत बाद ये काम शुरू किए जा सकें। उन्होंने छत्तीसगढ़ से गुजर रहे भारतमाला परियोजनाओं की सड़कों से राज्य की सड़कों को जोड़ने फोरलेन सड़कों के निर्माण की कार्ययोजना बनाने को कहा, ताकि भारतमाला सड़कों का पूरा लाभ राज्य को भी मिल सके। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी और अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव भी बैठक में मौजूद थे। विभाग के सभी संभागों के कार्यपालन अभियंता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक में शामिल हुए। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में शामिल प्रदेशभर की 36 द्रुतगामी सड़कों के साथ ही दूरस्थ अंचलों के पहुंचविहीन गांवों के लिए भी प्राथमिकता से सड़कों व पुलों की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्तमान वित्तीय वर्ष और पिछले वित्तीय वर्ष के बजट में शामिल कार्यों की प्राथमिकता सूची तैयार कर 10 जून तक भेजने को कहा। उन्होंने 31 जुलाई तक इनके प्राक्कलन भी भेजने के निर्देश दिए। बंसल ने नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में आरसीपीएलडब्लूईए (Road Connectivity Project in Left Wing Extremism Areas) के कार्यों को हर हाल में 31 मार्च 2027 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक के बाद अधिकारियों को जिओ-टैगिंग और एसएनए का ऑनलाइन प्रशिक्षण भी दिया गया। बंसल ने ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों का परीक्षण कर समय पर उनका भुगतान करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न आयोजनों और कार्यक्रमों के देयकों का भुगतान एक माह के भीतर करने को कहा। उन्होंने भुगतान के पहले सभी कार्यों का कड़ाई से सत्यापन भी करने के निर्देश दिए। उन्होंने 31 मार्च 2026 तक किए गए कार्यों के पूर्णता प्रमाण पत्र और फाइनल बिल समीक्षा के लिए भेजने को कहा। बंसल ने सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं को हर तीन महीने में राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक कर राष्ट्रीय राजमार्गों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। विभागीय सचिव ने निर्माण एजेंसियों एवं ठेकेदारों से अच्छा समन्वय रखकर निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा में कार्य पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को डामरीकरण एवं अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के दौरान खुद फील्ड में मौजूद रहकर कड़ी निगरानी रखने को कहा। उन्होंने सभी अधिकारियों को हर मंगलवार को अपने कार्यालय में ही रहने के निर्देश दिए। उन्होंने काम में ढिलाई एवं लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर नियमानुसार कार्यवाही करने को भी कहा। उन्होंने भू-अर्जन के मामलों में मिशन मोड में काम करते हुए आगामी तीन से छह माह के भीतर सभी प्रकरणों को निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने बरसात को देखते हुए सड़कों की मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर पूर्ण करने को कहा।  बंसल ने कार्यों में सुविधा और प्रशासनिक कसावट के लिए विभाग के विभिन्न अनुविभागीय कार्यालयों के स्थानांतरण एवं पुनर्गठन की कार्यवाही जून कर लेने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में लोक विर्माण विभाग की परिसंपत्तियों के डिजिटाइजेशन, एसडीओ से लेकर प्रमुख अभियंता कार्यालय तक ई-ऑफिस से कार्य संपादित करने, कार्यालयों को सुव्यस्थित रखने, गति शक्ति पोर्टल पर कार्यों की प्रगति की जानकारी समय पर अपडेट करने, न्यायालयीन प्रकरणों में जवाब समय पर दाखिल करने, प्रशासकीय स्वीकृति के बाद तकनीकी स्वीकृति, निविदा आमंत्रण और कार्यादेश जारी करने की प्रक्रियाएं दो से तीन माह में पूर्ण करने तथा चालू वित्तीय वर्ष के बजट में शामिल कार्यों को प्राथमिकता से स्वीकृत कराने के भी निर्देश दिए।

JoSAA काउंसिलिंग प्रक्रिया जारी, IIT-NIT की पहली सीट अलॉटमेंट लिस्ट 13 जून को आएगी

पटना. देश के प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों आइआइटी, एनआइटी और अन्य में प्रवेश के लिए जाइंट सीट एलोकेशन अथारिटी (जोसा) ने काउंसिलिंग का कार्यक्रम जारी कर दिए हैं। मंगलवार की सुबह 10 बजे से जोसा काउंसिलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन और च्‍वाइस फिलिंग की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। आर्किटेक्चर एप्टीट्यूड टेस्ट (एएटी) में सफल होने वाले अभ्यर्थी सात जून से अपनी विशेष चाॅइस भर सकेंगे। उम्मीदवारों की सुविधा और सीट के अनुमान के लिए आठ जून और 10 जून को माक सीट एलोकेशन एक और दो के परिणाम प्रदर्शित किए जाएंगे। 11 जून की शाम तक रजिस्‍ट्रेशन छात्र 11 जून की शाम पांच बजे तक रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे, जिसके बाद भरी गई च्‍वाइस सिस्टम द्वारा स्वतः लाक हो जाएगी। इसके बाद सीट आवंटन की प्रक्रिया मुख्य रूप से पांच राउंड में आयोजित की जाएगी। पहले राउंड 13 जून को सुबह 10 बजे सीट एलोकेशन लिस्ट जारी होगी। चयनित छात्रों को आनलाइन रिपोर्टिंग, डाक्युमेंट अपलोड और 26 जून 2026 तक फीस का भुगतान करना होगा। दूसरे राउंड में 30 जून को शाम पांच बजे घोषित किया जाएगा, जिसके लिए फीस भुगतान की अंतिम तिथि तीन जुलाई है। 8 जुलाई तक फीस भुगतान तीसरा राउंड का परिणाम छह जुलाई को जारी होगा। इसके लिए फीस भुगतान आठ जुलाई तक किया जा सकता है। चौथा राउंड का कटआफ 10 जुलाई को जारी होगा। इसके लिए फीस भुगतान की अंतिम तिथि 13 जुलाई है। पांचवें और अंतिम राउंड का सीट आवंटन 16 जुलाई को किया जाएगा। यह राउंड आइआइटी और आइआइएससी के लिए फाइनल होगा। एनआईटी प्लस सिस्टम के लिए आंशिक प्रवेश शुल्क का आनलाइन भुगतान 22 से 24 जुलाई के बीच होगा। छात्र अपनी आवंटित सीट से नाम वापस लेने की प्रक्रिया भी राउंड दो, तीन और चार के दौरान कर सकते हैं।

पंजाब इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के पूर्व CMD ने खटखटाया हाई कोर्ट का दरवाजा, FIR रद्द करने की मांग

चंडीगढ़. पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड और पंजाब स्टेट पावर कार्पोरेशन लिमिटेड के पूर्व चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक केडी चौधरी ने अपने खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार के मामले को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती दी है। 76 वर्षीय सेवानिवृत्त अधिकारी ने याचिका दाखिल कर विजिलेंस ब्यूरो की ओर से दर्ज एफआईआर को रद्द करने और मामले में आगे की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। हालांकि उन्हें तत्काल राहत नहीं मिली और हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई आठ जुलाई तक स्थगित कर दी है। यह मामला वर्ष 2013 में लुधियाना के बसंत एवेन्यू क्षेत्र में 66 केवी ग्रिड सब-स्टेशन की स्थापना के लिए दी गई प्रशासनिक मंजूरी से जुड़ा है। विजिलेंस ब्यूरो का आरोप है कि ग्रिड निर्माण के दौरान विभागीय दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया गया। आरोपों के अनुसार ग्रिड के लिए निर्धारित न्यूनतम एक एकड़ भूमि और दो ग्रिड सब-स्टेशनों के बीच कम से कम पांच किलोमीटर की दूरी बनाए रखने की शर्तों का पालन नहीं किया गया। इसी आधार पर पूर्व सीएमडी समेत अन्य अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। केडी ने आरोपों को निराधार बताया याचिका में केडी चौधरी ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और तथ्यों के विपरीत बताया है। उनका कहना है कि बसंत एवेन्यू, दुगरी और आसपास के इलाकों में लगातार बढ़ रहे बिजली लोड, ओवरलोड ट्रांसफार्मरों और बार-बार बाधित हो रही बिजली आपूर्ति को देखते हुए क्षेत्रीय इंजीनियरों और फील्ड अधिकारियों ने वर्ष 2008 से ही नए ग्रिड सब-स्टेशन की आवश्यकता जताई थी। यह प्रस्ताव विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक स्तरों पर जांच के बाद अंतिम स्वीकृति के लिए उनके पास पहुंचा था। याचिका में कहा गया है कि जिन दिशा-निर्देशों के उल्लंघन का आरोप लगाया जा रहा है, वे कोई वैधानिक नियम नहीं बल्कि पुराने विभागीय दिशा-निर्देश हैं। तेजी से बढ़ते शहरीकरण और भूमि की उपलब्धता की कमी को देखते हुए कई मामलों में ऐसे मानकों में छूट दी जाती रही है। चौधरी ने दावा किया कि उनकी सेवानिवृत्ति के बाद भी कम भूमि और कम दूरी वाले कई ग्रिड सब-स्टेशनों को मंजूरी दी गई। दावा- एफआईआर में रिश्वत का जिक्र नहीं पूर्व सीएमडी ने अदालत को यह भी बताया कि एफआईआर में कहीं भी यह आरोप नहीं लगाया गया कि उन्होंने रिश्वत ली, व्यक्तिगत लाभ प्राप्त किया या सरकारी खजाने को किसी प्रकार का वित्तीय नुकसान पहुंचाया। उनका तर्क है कि एक प्रशासनिक और तकनीकी निर्णय को आपराधिक रंग देकर कार्रवाई की गई है। याचिका में 13 वर्ष बाद एफआईआर दर्ज किए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं। चौधरी ने कहा कि इसी शिकायत की वर्ष 2018 और 2021 में जांच की जा चुकी है और दोनों बार मामले को बंद कर दिया गया था। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के चर्चित भजन लाल बनाम हरियाणा राज्य मामले का हवाला देते हुए एफआईआर को दुर्भावनापूर्ण और कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया है। 8 जुलाई को होगी अगली सुनवाई मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने तत्काल कोई अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए सुनवाई आठ जुलाई तक स्थगित कर दी। अब इस मामले में अगली सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष दोनों पक्षों की दलीलें विस्तार से रखी जाएंगी। फिलहाल यह मामला प्रशासनिक निर्णयों और आपराधिक जवाबदेही के बीच संतुलन को लेकर महत्वपूर्ण कानूनी बहस का विषय बन गया है।

किसानों को जागरूक करने बड़ा अभियान शुरू, जैविक खेती और उत्पादों पर रहेगा फोकस

रायपुर. रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित उपयोग से प्रभावित हो रहे मृदा स्वास्थ्य, घटती भूमि उर्वरता और पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान के लिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा 1 से 30 जून तक देशव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ चलाया जाएगा. अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में भी व्यापक स्तर पर जनजागरूकता और कृषक उन्मुख गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा. अभियान के दौरान ग्राम पंचायत, विकासखंड और जिला स्तर पर कृषक संगोष्ठियां, कृषि चौपाल, जनजागरूकता कार्यक्रम और जैविक उत्पाद प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी. कृषि वैज्ञानिक किसानों को रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभाव, प्राकृतिक खेती के लाभ, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा खेती की लागत कम करने के उपायों की जानकारी देंगे. साथ ही मृदा परीक्षण आधारित पोषक तत्व प्रबंधन और फसल की आवश्यकता के अनुरूप उर्वरकों के उपयोग के संबंध में भी मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा. प्रदेशभर में अधिक आवागमन वाले क्षेत्रों में दीवार लेखन के माध्यम से मृदा संरक्षण और प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी. किसानों और नागरिकों को प्राकृतिक खेती अपनाने की शपथ भी दिलाई जाएगी. पंचायत स्तर पर आयोजित कृषि चौपालों में किसानों और जनप्रतिनिधियों को अपनी कम से कम 25 प्रतिशत कृषि भूमि पर स्वेच्छा से प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा.

महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की जरूरत : राज्यपाल पटेल

महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति रहें सजग : राज्यपाल पटेल लोकभवन में लगा स्वास्थ्य शिविर  राज्यपाल ने महिलाओं को वितरित किए स्वच्छता किट भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि स्वस्थ समाज एवं परिवार के लिए महिलाओं का स्वस्थ होना बहुत जरूरी है। उन्होंने महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि महिलाएँ अपनी व्यस्त जीवन शैली में अपने स्वास्थ्य की चिंता करें। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए समय निकाले। संतुलित आहार, योग और व्यायाम को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। राज्यपाल पटेल सोमवार को लोक भवन में आयोजित स्वास्थ्य शिविर शुभारंभ अवसर पर संदीपनि सभागार में उपस्थित महिलाओं से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने महिलाओं को स्वच्छता किट प्रदान की। संदीपनि सभागार और सिविल डिस्पेंसरी में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों का अवलोकन किया। ज्ञातव्य है कि राज्यपाल पटेल के जन्म दिवस के अवसर पर लोक भवन में सोमवार को स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया था। अस्थिरोग संबंधी चिकित्सकीय जाँच के लिए बोन मिनरल डेनसिटी जाँच और परामर्श शिविर का सिविल डिस्पेंसरी में तथा एच.पी.व्ही. और महिला स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जागरूकता के लिए चिकित्सकीय परामर्श सत्र सांदीपनि सभागार में आयोजित किया गया था। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, उप सचिव सुनील दुबे सहित लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित थे।