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‘हर घर एक रविवार, गंदगी पर प्रहार’ अभियान में उमड़ी जनभागीदारी, 50 हजार लोगों ने दिखाई रुचि

लखनऊ यूपी की रामनगर अयोध्या में नगर निगम अयोध्या की ओर से चलाए जा रहे हर घर एक रविवार, गंदगी पर प्रहार अभियान का रविवार को चलाया गया। महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी रविवार की सुबह सात बजे लता चौक अयोध्या धाम के पास सफाई अभियान में भाग लेते हुए सड़क पर झाड़ू लगाई। नगर में जगह-जगह सफाई अभियान चलाया गया। इस मौके पर मेयर गिरीशपति त्रिपाठी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अयोध्या पूरा महानगर आज स्वच्छता के लिए सड़कों पर उतर आया है। घर से बाहर अपने निकला है, गलियों को साफ कर रहा है, सार्वजनिक जगहों को साफ कर रहा है। 50 हजार से ज्यादा स्वीकृति पत्र मेरे पास ऑनलाइन आए हैं जो अयोध्या की सफाई में अपना योगदान करना चाहते हैं। 400 से ज्यादा स्थलों सामूहिक तौर पर लोग निकले हुए हैं। अयोध्या नगर का जन सामान्य से लेकर विशिष्ट वर्ग तक, चाहे डॉक्टर हों, इंजीनियर हों, वकील हों, अध्यापक हों या व्यवसायी हों सभी लोग आज अयोध्या की सड़कों पर हैं। सभी अयोध्या को स्वच्छ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरी नगर की स्वच्छता के लिए एक साथ पूरे महानगर के लोग एक साथ सामूहिक संकल्प शक्ति के साथ एक साथ सामूहिक अभियान चलाएं ये दुनिया में अपने आप में अद्भुत अभियान है। मैं पूरे महानगर का, नगर निगम की टीम का, हमारे पार्षद गणों का अभिनंदन करता हूं। उन्होंने अभियान में मदद की। आज पूरी दुनिया अयोध्या की स्वच्छता को देख रही है। स्वच्छ शहरों की लिस्ट में रैंकिंग पर मेयर ने कहा कि अभी हमारी 28वीं रैंकिंग है। उम्मीद है कि इस बार हम रैंकिग अच्छी करेंगे। इस अभियान से पहले अयोध्या नगर निगम के महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने रायबरेली रोड स्थित गुरुनानक एकेडमी से नाका हनुमानगढ़ी होते हुए रामनगर तक पदयात्रा निकाली थी। उन्होंने आमजन से नगर निगम क्षेत्र में चलाए जाने वाले स्वच्छता के महाअभियान ‘एक रविवार, हर परिवार, करे गंदगी पर वार’ में सहभागिता का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि सफाई के मामले में नगर को देश के टॉप- 10 महानगरों में लाने के लिए जन-जन की भागीदारी आवश्यक है। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने कहा कि 31 मई को अपने घरों के आसपास महज आधा घंटा सफाई करने से नगर साफ-सुथरा तो होगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 जारी है। जनता को जोड़ने के लिए, 15-दिवसीय एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसका समापन आज हो रहा है। लोगों से अपील है कि जहां भी हों वहां साफ-सुथरा रखें।

गुरिंदरवीर के रिकॉर्ड की PM मोदी ने की तारीफ, ‘मन की बात’ में जानना चाहा जीत का मंत्र

जालंधर. पंजाब के जालंधर के युवा धावक गुरिंदरवीर सिंह ने अपनी रफ्तार से देशभर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। हाल ही में रांची में आयोजित राष्ट्रीय फेडरेशन कप एथलेटिक्स प्रतियोगिता में गुरिंदरवीर सिंह ने 100 मीटर दौड़ महज 10.09 सेकंड में पूरी कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में गुरिंदरवीर सिंह की खुलकर सराहना की और उनसे सीधे बातचीत कर उनके संघर्ष और सफलता की कहानी देशवासियों तक पहुंचाई। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि रांची में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता के दौरान कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूटे, लेकिन पुरुष 100 मीटर दौड़ में दो दिनों के भीतर तीन बार रिकॉर्ड टूटना पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया। इसी उपलब्धि के कारण गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया। भारतीय नौसेना में ऑफिसर हैं गुरविंदर बातचीत के दौरान गुरिंदरवीर सिंह ने बताया कि वह भारतीय नौसेना में पेटी ऑफिसर हैं और उनका सपना ट्रैक पर भी देश का नाम रोशन करना तथा वर्दी में भी राष्ट्र सेवा करना है। उन्होंने बताया कि उनके पिता और दादा दोनों खिलाड़ी रहे हैं। बचपन में जब वह उनके पदक और ट्रॉफियां साफ करते थे, तभी उनके मन में भी खिलाड़ी बनने का सपना जागा। गुरिंदरवीर ने प्रधानमंत्री को बताया कि एक समय ऐसा भी था जब लोगों ने उन्हें कहा कि 100 मीटर दौड़ भारतीय खिलाड़ियों के लिए उपयुक्त स्पर्धा नहीं है। कई लोगों का मानना था कि भारतीय धावक इस स्पर्धा में विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकते। लेकिन उनके पिता ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने और असंभव को संभव करने की प्रेरणा दी। यही विश्वास उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। संघर्ष व अनुशासन को बताया सफलता का राज प्रधानमंत्री ने जब उनसे सफलता का राज पूछा तो गुरिंदरवीर ने कहा कि संघर्ष, अनुशासन, परिवार का सहयोग और प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन उन्हें लगातार आगे बढ़ाता रहा। हार और चोट के दौर में भी परिवार ने उनका मनोबल नहीं टूटने दिया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने दोनों खिलाड़ियों की खेल भावना की भी सराहना की। गुरिंदरवीर ने बताया कि मैदान के बाहर वह और अनिमेष अच्छे मित्र हैं, लेकिन प्रतियोगिता के दौरान दोनों एक-दूसरे को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं। यही स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भारतीय दौड़ को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बातचीत के अंत में गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि दोनों खिलाड़ी भविष्य में भी देश का नाम विश्व स्तर पर रोशन करेंगे। ‘मन की बात’ में मिली इस विशेष पहचान के बाद पंजाब ही नहीं, पूरे देश के खेल प्रेमियों में गुरिंदरवीर सिंह की उपलब्धि को लेकर गर्व का माहौल है। साथियो, एक स्पर्धा जिसकी पूरे देश में सबसे अधिक चर्चा हुई, वह थी 100 मीटर दौड़। महज दो दिनों के भीतर पुरुष 100 मीटर दौड़ का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तीन बार टूटा। यह उपलब्धि हासिल करने वाले दो खिलाड़ी हैं—गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर। मैंने सोचा कि इस बार ‘मन की बात’ में इन दोनों खिलाड़ियों से बातचीत की जाए, ताकि देशवासी इनके संघर्ष और सफलता की कहानी सुन सकें। प्रधानमंत्री: अनिमेष जी नमस्कार। गुरिंदरवीर जी, आपको भी नमस्कार, सत श्री अकाल। अनिमेष कुजूर और गुरिंदरवीर सिंह: नमस्कार सर। प्रधानमंत्री: आप दोनों ने अद्भुत उपलब्धि हासिल की है। संगीत में तो जुगलबंदी के बारे में सुना था, लेकिन खेल में इस तरह की सकारात्मक प्रतिस्पर्धा कम ही देखने को मिलती है। आप दोनों ने एक-दूसरे को चुनौती दी और फिर उससे आगे निकलने का प्रयास किया। मैं चाहता हूं कि ‘मन की बात’ के श्रोता आपके बारे में अधिक जानें। पहले अनिमेष जी, आप अपने बारे में बताइए। अनिमेष कुजूर: सर, मेरा नाम अनिमेष कुजूर है। मैं 200 मीटर और 400 मीटर स्पर्धा का राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक हूं। मेरा संबंध छत्तीसगढ़ से है और वर्तमान में मैं ओडिशा की ओर से खेलता हूं। पिछले वर्ष मैं एशियाई प्रतियोगिता और विश्व विश्वविद्यालय खेलों में पदक जीतकर लौटा था। मैंने वर्ष 2021 में एथलेटिक्स की शुरुआत की। उससे पहले मैं सैनिक विद्यालय, अंबिकापुर में पढ़ता था और फुटबॉल खेलता था। कोविड काल के दौरान मेरे माता-पिता मुझे बाहर जाकर दौड़ने और खेलने की अनुमति देते थे। बाद में मेरे मित्रों ने मुझे राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। मुझे यह भी नहीं पता था कि वहां से राष्ट्रीय स्तर के लिए चयन होगा। वहीं से मेरा चयन हुआ और आज मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं। प्रधानमंत्री: बहुत अच्छा। अब गुरिंदरवीर जी, आप अपनी कहानी बताइए। गुरिंदरवीर सिंह: नमस्कार सर। मेरा नाम गुरिंदरवीर सिंह है। मैं भारतीय नौसेना में पेटी ऑफिसर हूं और हाल ही में मैंने 100 मीटर दौड़ में 10.09 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है। मैं पहला भारतीय हूं जिसने 10.1 सेकंड की बाधा को पार किया है। मेरा प्रयास है कि मैं ट्रैक पर भी और वर्दी में भी देश की सेवा करूं। मेरे पिता और दादा दोनों खिलाड़ी रहे हैं। बचपन में जब भी घर की सफाई होती थी, मैं उनके पदक और ट्रॉफियां साफ करता था। उन्हें देखकर मेरे मन में जिज्ञासा पैदा होती थी कि ये सम्मान कैसे मिले। तब मेरे पिता मुझे अपनी खेल यात्राओं की कहानियां सुनाते थे। वहीं से मेरे भीतर भी खिलाड़ी बनने का सपना पैदा हुआ। वे सुबह दौड़ने जाते थे, तो मैं भी उनके साथ जाने लगा। उन्होंने जो कुछ खेलों से सीखा था, वह मुझे सिखाना शुरू किया। इसी दौरान मैंने उसेन बोल्ट को विश्व रिकॉर्ड बनाते देखा। तब मैंने अपनी मां से मजाक में कहा था कि आज आप मुझे टेलीविजन देखने नहीं दे रहीं, लेकिन एक दिन ऐसा आएगा जब आप मुझे टेलीविजन पर खोजेंगी। आज जब मेरी मां मुझे दौड़ते हुए देखती हैं तो मुझे बहुत खुशी होती है। हम एक मध्यमवर्गीय परिवार से हैं। मेरे पिता वॉलीबॉल खिलाड़ी थे, लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण उन्हें खेल छोड़ना पड़ा। उनका अधूरा सपना उन्होंने मेरे भीतर देखा। वे हमेशा कहते थे कि सपने केवल देखने से पूरे नहीं होते, उनके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। वे मुझे मिल्खा … Read more

सोशल मीडिया पर जातीय तनाव फैलाने का आरोप, यूट्यूबर मनीष पटेल की बेल चौथी बार रिजेक्ट

रीवा. आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में गिरफ्तार यूट्यूबर मनीष पटेल की कानूनी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अदालतों से राहत मिलने की उम्मीदों को एक बार फिर झटका लगा है। बीते कुछ दिनों में उनकी जमानत याचिका लगातार चार बार खारिज हो चुकी है। जिला न्यायालय से लेकर हाईकोर्ट तक किसी भी अदालत ने उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया है। वहीं दूसरी ओर, इस मामले ने अब कानूनी दायरे से निकलकर सामाजिक और जातीय बहस का रूप ले लिया है। रीवा और पूरे विंध्य क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। सोशल मीडिया पर समर्थन और विरोध के बीच माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। लगातार चार बार खारिज हुई जमानत याचिका मनीष पटेल के खिलाफ दर्ज मामले को अदालतों ने गंभीर मानते हुए अब तक कोई राहत नहीं दी है। जानकारी के अनुसार 28 मई को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पन्ना नागेश की अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद 30 मई को चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश आर.के. शर्मा की अदालत ने भी याचिका निरस्त कर दी। इससे पहले जिला न्यायालय और हाईकोर्ट भी मनीष पटेल को जमानत देने से इनकार कर चुके हैं। इस तरह अब तक चार अलग-अलग स्तरों पर उनकी जमानत याचिका अस्वीकार हो चुकी है। कानूनी जानकारों के अनुसार अब निर्धारित अवधि तक हाईकोर्ट में दोबारा जमानत याचिका दाखिल करने का रास्ता भी सीमित हो गया है। गिरफ्तारी के बाद दो धड़ों में बंटा समाज मनीष पटेल की गिरफ्तारी के बाद विंध्य क्षेत्र में सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। इंटरनेट मीडिया पर उनके समर्थक और विरोधी लगातार अपनी-अपनी राय रख रहे हैं। कुछ संगठन उनके समर्थन में खुलकर सामने आए हैं, जबकि कई समूह गिरफ्तारी को उचित कार्रवाई बता रहे हैं। उत्तर प्रदेश के कुछ संगठनों द्वारा भी मनीष पटेल के समर्थन में रीवा पहुंचने की घोषणाएं सोशल मीडिया पर की गई हैं। इससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। पुलिस और जिला प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। व्हाट्सएप ग्रुपों में फैल रहा जातीय तनाव पुलिस के अनुसार आरोपी के समर्थन में बनाए गए कुछ सोशल मीडिया और व्हाट्सएप समूहों में जाति विशेष को लेकर आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणियां साझा की जा रही हैं। इन संदेशों में सामाजिक बहिष्कार, धार्मिक गतिविधियों से दूरी बनाने और व्यापारिक संबंध समाप्त करने जैसी बातें लिखी जा रही हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार कुछ संदेशों में लोगों से एक विशेष समुदाय के नेताओं को वोट न देने, धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल न करने, व्यापारिक संबंध खत्म करने और सामाजिक व्यवहार में दूरी बनाने जैसी अपीलें की जा रही हैं। पुलिस का मानना है कि इस तरह की सामग्री सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती है और कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती है। भड़काऊ पोस्ट से बचें रीवा पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सार्वजनिक एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी जाति, धर्म या समुदाय के खिलाफ घृणा फैलाने वाली सामग्री साझा न करें। साथ ही बिना सत्यापन के किसी भी पोस्ट, वीडियो या संदेश को आगे बढ़ाने से बचें। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रहे संदेशों, वीडियो और टिप्पणियों की लगातार निगरानी की जा रही है। यदि कोई व्यक्ति सांप्रदायिक या सामाजिक वैमनस्य फैलाने का प्रयास करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने कहा- माहौल बिगाड़ने वालों पर होगी कार्रवाई रीवा पुलिस अधीक्षक गुरुकरण सिंह ने स्पष्ट कहा है कि पुलिस फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और एक्स सहित सभी प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नजर रख रही है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक या भड़काऊ जानकारी साझा न करें। एसपी के अनुसार सोशल मीडिया पर सनसनीखेज दावे, पुराने वीडियो और संदर्भ से हटाकर प्रस्तुत की गई तस्वीरों का उपयोग अक्सर लोगों को भड़काने के लिए किया जाता है। ऐसे मामलों में सावधानी बरतना आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि समाज में वैमनस्य फैलाने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अमृता पटेल ने लगाए धमकियों के आरोप इस बीच मनीष पटेल के साथ वीडियो बनाने वाली अमृता पटेल भी चर्चा में हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दावा किया है कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। अमृता का आरोप है कि उन्हें इंटरनेट मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर अपमानजनक संदेश भेजे जा रहे हैं और जान से मारने तक की धमकी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि उनके पास ऐसे संदेशों और पोस्ट के स्क्रीनशॉट मौजूद हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि धमकियां देने वाले लोग कौन हैं। दूसरी ओर रीवा पुलिस का कहना है कि अब तक इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि शिकायत मिलती है तो नियमानुसार जांच कर कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया की लड़ाई से बढ़ी प्रशासन की चुनौती पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली भड़काऊ सामग्री किस तेजी से सामाजिक तनाव का कारण बन सकती है। मनीष पटेल का मामला अब केवल एक आपराधिक प्रकरण नहीं रह गया है, बल्कि यह सामाजिक विमर्श और डिजिटल जिम्मेदारी का विषय भी बन चुका है। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सोशल मीडिया पर फैल रहे भड़काऊ संदेशों पर नियंत्रण रखना है। आने वाले दिनों में अदालत की अगली सुनवाई और पुलिस की जांच इस मामले की दिशा तय करेगी, लेकिन इतना तय है कि रीवा और विंध्य क्षेत्र की नजरें इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।

कमिश्नरेट लागू होते ही पहली जिला बदर कार्रवाई, कुख्यात बदमाश पर पुलिस का शिकंजा

रायपुर. छत्तीसगढ़ के रायपुर में कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद पहली बार जिला बदर की कार्रवाई की गई है. गुढ़ियारी इलाके के आदतन बदमाश अविनाश कोसले उर्फ मनिया को रायपुर समेत 6 जिलों की सीमा से बाहर रहने का आदेश दिया गया है. सक्षम न्यायालय की अनुमति के बिना वह 30 अगस्त तक इन जिलों में प्रवेश नहीं कर सकेगा. पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर की अनुशंसा पर यह कार्रवाई की गई है. जानकारी के मुताबिक, विकास नगर निवासी अविनाश कोसले के खिलाफ 12 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं. हत्या के प्रयास और चाकूबाजी जैसे गंभीर मामलों में वह जेल भी काट चुका है. लेकिन लगातार कार्रवाई के बावजूद उसके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ, जिसके कारण अब जिला बदर की कार्रवाई की गई. पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने आदेश जारी कर अविनाश को 29 मई की शाम 5 बजे से रायपुर, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद, बलौदाबाजार और गरियाबंद जिलों की सीमा से बाहर रहने के निर्देश दिए हैं.  पुलिस ने सुनवाई के बाद उसके खिलाफ जिला बदर का आदेश जारी किया. कमिश्नरेट पुलिस का यह पहला जिला बदर आदेश है. पुलिस अब शहर के अन्य आदतन अपराधियों के खिलाफ लगातार शिकंजा कसने वाली है. इसके लिए कई मामलों में प्रकरण तैयार किए जा रहे हैं, जबकि कुछ मामलों में सुनवाई की प्रक्रिया जारी है.

सिद्धारमैया युग का अंत, अब डीके शिवकुमार संभालेंगे कर्नाटक की कमान

 नई दिल्ली  सालों की राजनीतिक जोड़-तोड़ और सिद्दरमैया के साथ जबरदस्त सत्ता की खींचतान के बाद डीके शिवकुमार आखिरकार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनने का अपना बरसों पुराना सपना पूरा करने जा रहे हैं। वह 3 जून को दोपहर 3.30 बजे लोक भवन के ग्लास हाउस में राज्य के 25वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। पार्टी सदस्यों ने बताया कि यह तारीख शिवकुमार के निजी ज्योतिषी बेलूर द्वारकानाथ से सलाह-मशविरा करने के बाद तय की गई। शाम 4 बजे का निकला शुभ मुहूर्त ज्योतिष में गहरा विश्वास रखने वाले शिवकुमार को सलाह दी गई थी कि वह उस दिन शाम करीब 4.05 बजे शुरू होने वाले शुभ मुहूर्त में शपथ लें। इस समय को इसलिए भी चुना गया है ताकि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और एआईसीसी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी इस मौके पर मौजूद रह सकें। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, जब नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हुई तो बातचीत के आखिरी दौर में प्रियंका ने अहम भूमिका निभाई। इस मौके की राजनीतिक अहमियत के बावजूद कांग्रेस ने कोई भव्य समारोह न करने का फैसला किया है। सादा समारोह रखने का क्यों लिया गया फैसला? राज्य कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जीसी चंद्रशेखर ने कहा, “हमने शुरू में इस कार्यक्रम को विधान सौध की भव्य सीढ़ियों पर आयोजित करने की योजना बनाई थी, जिसमें राज्य के अलग-अलग हिस्सों से 15,000 से 20,000 लोग शामिल होते लेकिन महंगाई और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण लोगों को हो रही परेशानियों को देखते हुए हमने ऐसा न करने का फैसला किया।” उन्होंने आगे कहा, “शिवकुमार ने भी इस बात पर जोर दिया कि यह एक सादा कार्यक्रम होना चाहिए, जो जनसेवा के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता को दर्शाता हो। चूंकि ये काम-काज वाला दिन है, इसलिए हम जनता को होने वाली किसी भी असुविधा से भी बचना चाहते थे।” डीके शिवकुमार को चुना गया विधायक दल का नेता शनिवार को विधान सौध में हुई एक बैठक में शिवकुमार को सर्वसम्मति से कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया। अब सबका ध्यान कैबिनेट गठन पर है। सीएलपी नेता के तौर पर शिवकुमार का चुनाव 17 सालों में नेतृत्व में आया पहला बदलाव है। इस पूरी अवधि में यह पद सिद्दरमैया के पास था। सीएलपी की बैठक में सिद्दरमैया ने खुद शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रखा, जबकि पूर्व गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। इसके बाद विधायकों ने सर्वसम्मति से इसे मंजूरी दे दी। बाद में कांग्रेस के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने इसकी औपचारिक घोषणा की। बैठक के तुरंत बाद शिवकुमार ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात की और औपचारिक रूप से सरकार बनाने का दावा पेश किया। कैबिनेट गठन पर सभी का ध्यान अब सभी का ध्यान कैबिनेट गठन पर है। अगर मंगलवार से पहले बातचीत पूरी हो जाती है तो शिवकुमार के साथ कई मंत्रियों के शपथ लेने की संभावना है। चंद्रशेखर ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे कार्यक्रम स्थल पर न जाएं और उन्हें भरोसा दिलाया कि शिवकुमार कांग्रेस कार्यकर्ताओं और जनता से मिलने के लिए जिलों का दौरा करेंगे। सिद्दरमैया के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद कांग्रेस पार्टी के अलग-अलग गुटों को साथ लेते हुए जाति, समुदाय और क्षेत्रीय हितों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि 'अहिंदा' सामाजिक गठबंधन फॉर्मूले के तहत कई उपमुख्यमंत्री बनाने की योजना पर फिर से विचार किया जा रहा है, क्योंकि इस पद के लिए दावेदारों की संख्या बहुत ज्यादा है। नई कैबिनेट में अहम मंत्रालयों को लेकर भी चर्चा चल रही है, जिसमें सिद्दरमैया के बेटे यतींद्र को कोई बड़ी जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि निवर्तमान मुख्यमंत्री अपने बेटे को कैबिनेट में शामिल करने के पक्ष में नहीं हैं।

‘भारत एक शक्तिशाली देश है’ अमेरिकी रक्षा मंत्री ने की भारतीय सेना के आधुनिकीकरण की सराहना

नई दिल्ली  अमेरिका ने भारत की बढ़ती सैन्य शक्ति का लोहा मानते हुए उसे शक्तिशाली देश बताया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा, भारत अपने भारी रक्षा उद्योग और सैन्य तंत्र का तेजी से विकास कर अपनी क्षमता बढ़ा रहा है। सेना का आधुनिकीकरण कर उसे लंबी और सफल सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार कर रहा है। हेगसेथ ने यह बात रक्षा और कूटनीतिक मामलों के महत्वपूर्ण वार्षिक कार्यक्रम शांग्रीला डायलाग में कही है। इस वर्ष कार्यक्रम में विश्व के 44 प्रमुख देशों के नेता, सैन्य विशेषज्ञ, कूटनीतिज्ञ और अन्य प्रमुख हस्तियां शिरकत कर रही हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा, भारत शक्तिशाली देश है और वह अपनी सेना का आधुनिकीकरण कर रहा है। ऐसा कर वह हिंद महासागर क्षेत्र में शक्ति संतुलन कायम कर रहा है। भारत रक्षा उत्पादन में अपनी क्षमता बढ़ा रहा है, हम भी उसके साथ मिलकर रक्षा उत्पादन करने के लिए संकल्पित हैं। हेगसेथ ने क्या कहा? हेगसेथ ने बताया कि अमेरिका अपने रक्षा उत्पादन का फलक बढ़ा रहा है और उसे विश्व के कई देशों तक फैला रहा है। वहां पर वह उन देशों के साथ मिलकर रक्षा उत्पादन करेगा। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा- उनके जापान, दक्षिण कोरिया, आस्ट्रेलिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों से मजबूत रक्षा संबंध हैं। कार्यक्रम में हेगसेथ ने कहा, एशिया-प्रशांत क्षेत्र विश्व का सबसे ज्यादा महत्व और उथल-पुथल वाला इलाका है। इसलिए अमेरिका का क्षेत्र पर ज्यादा ध्यान है। लेकिन क्षेत्रीय देश अपने रक्षा खर्च को लेकर गंभीर नहीं हैं। ऐसे देशों को अपना रक्षा खर्च बढ़ाकर समानुपातिक होना चाहिए। कहा, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में चीन के साथ अमेरिका के संबंध बेहतर हुए हैं। लेकिन अपनी और अपने सहयोगी देशों की सुरक्षा के साथ हम कोई समझौता नहीं करेंगे। हेगसेथ ने स्वीकार किया कि पश्चिम एशिया और यूरोप में चल रहे युद्ध और तनाव से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी गतिविधियां कम हुई हैं। लेकिन यह स्थिति अस्थायी है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र अमेरिका की दीर्घ अवधि की रणनीतिक प्राथमिकताओं में शामिल है।

‘हम इसका ख्याल रखेंगे’ अस्पताल CEO को ममता की कथित चेतावनी वायरल, भाजपा ने घेरा

कोलकाता तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के मामले में राजनीति तेज होती जा रही है। अभिषेक को कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती कराए जाने के दौरान ममता बनर्जी का हॉस्पिटल सीईओ को धमकाते हुए एक ऑडियो क्लिप वायरल हो रहा है। इस क्लिप के वायरल होते ही राजनीति तेज हो गई है। वायरल रिकॉर्डिंग में, ममता बनर्जी कथित तौर पर बेले व्यू अस्पताल के सीईओ प्रदीप टंडन पर जमकर बरस रही हैं,उन पर गलत काम करने का आरोप लगा रही हैं और उन्हें अंजाम भुगतने की चेतावनी दे रही हैं। दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में अभिषेक पर हुए हमले के बाद उन्हें बेले व्यू हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। ममता का आरोप है कि हॉस्पिटल ने अभिषेक की चोटों को कम करके दिखाया। इतना ही नहीं सरकार के निर्देश पर उन्होंने अभिषेक बनर्जी को भर्ती करने से भी इनकार कर दिया। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक वायरल ऑडियो क्लिप में ममता बनर्जी को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “माफ कीजिए मिस्टर टंडन, आपने गलत काम किया है।” ममता बनर्जी आगे कहती हैं, "याद रखिए कि हमने आपकी कितनी मदद की है। भगवान आपको माफ नहीं करेंगे। आप लोगों को गुमराह कर रहे हैं। आपको शर्म आनी चाहिए। हर कोई आपके अहंकार को याद रखेगा। आप अस्पताल चला रहे हैं और भाजपा सत्ता में है। कल, अगर केंद्र सरकार नहीं रही, तो हम इसका ख्याल रखेंगे।" गौरतलब है कि ममता बनर्जी का यह वीडियो ऐसे समय में लीक हुआ है, जब बंगाल के भाईपो (बंगाली में भतीजा) पर सोनारपुर में हमला हुआ था। चुनावी हिंसा में मारे गए तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता के परिवार वालों से मिलने के लिए पहुंचे अभिषेक के सामने लोगों ने चोर-चोर के नारे लगाए। इसके बाद उन पर अंडे और पत्थर फेंके गए। सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में ही अभिषेक के साथ मारपीट कर दी गई। इतना ही नहीं उनकी शर्ट को भी फाड़ डाला गया। सोशल मीडिया पर इस घटना से जुड़े कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें अभिषेक के सुरक्षाकर्मी उन्हें हेलमेट पहनाकर सुरक्षित निकालते हुए दिख रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अभिषेक बनर्जी ने हमले का आरोप भारतीय जनता पार्टी के ऊपर लगाया। उन्होंने कहा, "यह सब भाजपा की किया हआ है। यह इनका लोकतंत्र है। अभी सत्ता में आए 6 महीने नहीं हुए हैं। यह कानून व्यवस्था है। मेरी सुरक्षा में तैनात कर्मियों ने घटनाक्रम से पहले ही अपने अधिकारियों को सूचित कर दिया था लेकिन इसके बाद भी कोई अतिरिक्त फोर्स नहीं भेजी गई।" इस घटना के बाद अभिषेक कार्यकर्ता के घर गए और फिर वहां से उन्हें कोलकाता के अपोलो हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां से उन्हें बैले व्यू हॉस्पिटल शिफ्ट कर दिया गया। यहां पर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सामने आईं और उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और एक पुलिस अधिकारी ने अस्पताल को फोन करके अभिषेक को जल्द से जल्द डिस्चार्ज करने के लिए दबाव डाला है। ममता ने कहा कि अभिषेक की चोटें गंभीर हैं, लेकिन इसके बाद भी उन्हें भर्ती नहीं करने दिया गया। बता दें, इस मामले में बंगाल पुलिस ने अभी तक पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक घटना के दौरान के वीडियो और लोगों से पूछताछ के आधार पर 5 संदिग्ध लोगों को अभिषेक बनर्जी पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल इस मामले की जांच की जा रही है।

RCB या GT? नरेंद्र मोदी स्टेडियम में दूसरी ट्रॉफी के लिए दोनों टीमों की टक्कर

 नई दिल्ली आईपीएल 2026 का फाइनल मैच आज यानी 31 मई (रविवार) को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) के बीच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाना है। इस पूरे सीजन शानदार प्रदर्शन करने वाली दोनों टीमें खिताब जीतने से एक कदम दूर हैं। आरसीबी ने क्वालिफायर-1 में गुजरात टाइटंस को हराकर सीधे फाइनल में जगह बनाई थी। वहीं, गुजरात टाइटंस ने राजस्थान रॉयल्स को हराकर फाइनल का टिकट कटाया। आरसीबी 5वीं बार आईपीएल फाइनल मैच खेलेगी, जबकि गुजरात की टीम आईपीएल में तीसरी बार फाइनल खेलने उतरेगी। RCB vs GT Final: गिल Vs पाटीदार, आईपीएल का खिताबी मैच दरअसल, डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (Royal Challengers Bengaluru) की नजरें लगातार दूसरे आईपीएल खिताब (IPL Trophy) को हासिल करने पर होगी। वहीं, गुजरात की टीम भी अपने दूसरी आईपीएल ट्रॉफी जीतना चाहेंगी। दोनों टीमों के कप्तान जबरदस्त फॉर्म में हैं। आरसीबी के रजत पाटीदार (Rajat Patidar) और गुजरात के शुभमन गिल (Shubman Gill), दोनों इंडिया की T20 टीम का दरवाजा खटखटा रहे हैं। दोनों का लीडरशिप स्टाइल अलग है, लेकिन दोनों ही अपनी टीम के लिए कमाल का परफॉर्म कर रहे हैं। रजत पाटीदार का शांत और सिंपल अंदाज RCB के लिए लकी साबित हुआ है। पिछले 2 सीजन से उनकी कप्तानी में टीम स्टेबल है। अब वो धोनी और रोहित शर्मा के क्लब में शामिल होने के करीब हैं। ये दोनों ही IPL ट्रॉफी डिफेंड करने वाले कप्तान हैं। पिछले साल भी आरसीबी ने आईपीएल 2025 का खिताब पंजाब किंग्स को हराकर जीता था। बता दें कि 32 साल के मध्य प्रदेश के बल्लेबाज पाटीदार ने कप्तानी के साथ-साथ बल्ले से भी तबाही मचाई है। उन्होंने 14 मैचों में 486 रन ठोके हैं। इस दौरान उनका एवरेज 44 का और स्ट्राइक रेट 196 का रहा, जिसमें 5 फिफ्टी भी शामिल हैं। पाटीदार को स्पिन का किंग माना जाता था, लेकिन इस सीजन तेज गेंदबाजों की भी उन्होंने जमकर धुनाई की है। दूसरी तरफ कप्तान शुभमन गिल भी इंडिया की T20 टीम में वापसी के लिए बेताब दिख रहे हैं। स्टाइलिश ओपनर जबरदस्त फॉर्म में हैं। 15 मैचों में वह 722 रन बना चुके हैं। इस दौरान उनका एवरेज 48.13 का रहा है और स्ट्राइक रेट 163.71 का। वहीं, दोनों कप्तान गिल और पाटीदार, फाइनल में धमाकेदार पारियां खेलकर पहुंचे हैं। पाटीदार ने क्वालिफायर-1 में GT के खिलाफ सिर्फ 33 गेंद पर 93 रन की तूफानी पारी खेली थी और  RCB 92 रन से मैच जीता था। वहीं गिल ने क्वालिफायर-2 में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 53 गेंद पर 101 रन की शानदार सेंचुरी ठोकी और टाइटंस को फाइनल में पहुंचाया। IPL Final: घर में GT का पलड़ा भारी अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में इस सीजन गुजरात की टीम ने कुल 7 मैच खेले है, जिसमें से 5 मैचों में उन्हें जीत हासिल हुई, जबकि दो मैच में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इस मैदान पर एक मैच गुजरात का आरसीबी के साथ भी हुआ था, जिसमें गुजरात को जीत मिली थी। ऐसे में घर में जीटी का पलड़ा भारी है और पाटीदार की आरसीबी टीम क्या इस ‘चक्रव्यूह’ को तोड़कर इतिहास रच पाएगी या नहीं, ये आज पता चल ही जाएगा। IPL 2026 Final RCB vs GT Playing 11 Predicted आरसीबी: वेंकटेश अय्यर, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, जैकब डफी, जोश हेजलवुड, रासिख सलाम डार। गुजरात टाइटंस: साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), निशांत सिंद्धू, वाशिंगटन सुंदर, जेसन होल्डर, राहुल तेवतिया, राशिद खान, प्रसिद्ध कृष्णा, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज।

Census 2026: रायपुर में पहले चरण का काम खत्म, छूटे मकानों को दूसरे फेज में मिलेगा मौका

रायपुर. छत्तीसगढ़ में 30 मई को जनगणना के पहले चरण का समापन हो गया है। अधिकारियों के अनुसार रायपुर जिले में प्रगणकों ने 100 प्रतिशत से भी अधिक घरों तक पहुंचकर मकान सूचीकरण का कार्य पूरा कर लिया है। जिन घरों तक पहुंच नहीं हो सकी, उनका डेटा अगले चरण में शामिल किया जाएगा। प्रगणकों ने घर-घर जाकर जानकारी एकत्र की और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उसे सर्वर में दर्ज किया। इससे जिले में जनगणना कार्य सफलतापूर्वक पूरा माना जा रहा है। जनगणना के दौरान 1 मई से 30 मई तक प्रगणकों ने घर-घर जाकर 33 प्रकार के सवालों के आधार पर जानकारी एकत्र की और उसे सीधे सर्वर में दर्ज किया। इससे पहले 16 से 30 अप्रैल तक लोगों द्वारा स्वयं ऑनलाइन स्व-गणना भी की गई थी। इस प्रक्रिया में नागरिकों की बुनियादी जानकारी, आवासीय स्थिति और अन्य आवश्यक विवरण शामिल किए गए। डिजिटल प्रणाली के माध्यम से डेटा को तुरंत अपडेट किया गया, जिससे जनगणना कार्य को गति और पारदर्शिता मिली। खाली घरों तक कई बार पहुंचे प्रगणक अधिकारियों ने बताया कि जिन घरों में लोग उपलब्ध नहीं थे, वहां प्रगणक तीन से चार बार पहुंचे। इसके बाद भी यदि जानकारी नहीं मिल सकी, तो उन घरों को “बंद” दर्ज कर सिस्टम में अपडेट कर दिया गया। इसके बावजूद प्रयास किया गया कि अधिकतम घरों का सही डेटा संग्रहित हो सके और किसी भी परिवार की जानकारी छूट न जाए। यह पूरी प्रक्रिया निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार संपन्न की गई। 2027 में होगा दूसरा चरण, जुटाई जाएगी व्यक्तिगत जानकारी जनगणना का अगला चरण 1 फरवरी 2027 से शुरू होगा। इसमें प्रत्येक व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी जैसे शिक्षा, भाषा, व्यवसाय और जाति संबंधी डेटा एकत्र किया जाएगा। इससे सरकार को योजनाएं बनाने में अधिक सटीक और रियल टाइम डेटा उपलब्ध होगा। इस चरण में विस्तृत सामाजिक और आर्थिक आंकड़े जुटाए जाएंगे, जिससे विकास योजनाओं को और प्रभावी तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी। रायपुर में बनाए गए 3939 ब्लॉक, मजबूत व्यवस्था के साथ हुआ सर्वे जनगणना कार्य को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए रायपुर जिले को 3939 ब्लॉकों में विभाजित किया गया था। प्रत्येक प्रगणक को 180 से 200 घरों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके साथ ही हर छह प्रगणकों पर एक सुपरवाइजर की नियुक्ति भी की गई थी। इस व्यवस्था से सर्वे कार्य की निगरानी और गुणवत्ता सुनिश्चित की गई तथा पूरे अभियान को समय पर और व्यवस्थित तरीके से पूरा किया गया।

त्विषा शर्मा केस में नया मोड़, कोर्ट में दोनों पक्षों ने दायर किए नए आवेदन; CBI के सवालों पर पूर्व जज की सफाई

भोपाल. बहुचर्चित एक्ट्रेस त्विषा शर्मा मौत मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कानूनी दांव-पेंच और तीखे होते जा रहे हैं। भोपाल कोर्ट में दोनों पक्षों ने कॉल रिकॉर्ड और बैंक स्टेटमेंट खंगालने के लिए 3 नए आवेदन लगाए हैं। सीबीआई के तीखे सवालों पर पूर्व जिला जज ने माना कि एफआईआर से पहले अग्रिम जमानत की अर्जी लगाना उनकी बड़ी भूल थी। मामले की कमान संभालते ही सीबीआई ने पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की घेराबंदी शुरू कर दी है। शुरुआती पूछताछ में जब उनसे पूछा गया कि- "अगर आपकी कोई गलती नहीं थी, तो आपने एफआईआर दर्ज होने से पहले ही इतनी जल्दबाजी में अग्रिम जमानत की अर्जी क्यों लगाई? और बेटे समर्थ को फरार होने के लिए क्यों कहा? इस सवाल पर कानून की जानकार गिरिबाला सिंह पहले तो पूरी तरह खामोश रहीं। हालांकि, बाद में उन्होंने इसे अपनी बड़ी रणनीतिक भूल स्वीकार करते हुए कहा कि "उन्हें इस बात का रत्ती भर भी अंदाजा नहीं था कि इस कदम से उन पर ही संदेह और ज्यादा मजबूत हो जाएगा।" भोपाल कोर्ट में दोनों पक्षों की ओर से कुल तीन नए आवेदन दाखिल किए गए हैं, जिसने इस मिस्ट्री को और उलझा दिया है। 1. त्विषा के वकील (अंकुर पांडे) का आवेदन: उन्होंने अदालत से मांग की है कि 12 से 20 मई के बीच पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के कॉल रिकॉर्ड्स (CDR) को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए। इसके साथ ही एम्स (AIIMS) में पोस्टमार्टम के समय के सीसीटीवी फुटेज को भी सीबीआई अपनी कस्टडी में लेकर सुरक्षित करे। 2. गिरिबाला सिंह की ओर से दो आवेदन: पूर्व जज के वकील ने त्विषा के परिजनों के कॉल रिकॉर्ड निकालने और त्विषा के बैंक अकाउंट का स्टेटमेंट सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका दावा है कि त्विषा को करीब 7 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। परिजनों का बड़ा आरोप: त्विषा के परिवार का दावा है कि मौत की वारदात के ठीक बाद पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने शहर के 46 प्रभावशाली लोगों को लगातार फोन किए थे। यही वजह है कि उनके कॉल रिकॉर्ड्स को खंगालना बेहद जरूरी है। सीबीआई ने इन तीनों आवेदनों पर अपना पक्ष रखने के लिए कोर्ट से समय मांगा है। केस डायरी में साइन कराने पहुंचे एसीपी; डमी पुतले से होगा टेस्ट शनिवार दोपहर करीब 1 बजे सीबीआई के अधिकारी, एफआईआर में फरियादी बनाए गए एसीपी रजनीश कश्यप के साथ भोपाल कोर्ट पहुंचे। केस डायरी में कई महत्वपूर्ण जगहों पर उनके हस्ताक्षर बाकी थे, जिन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत पूरा कराया गया। इसके तुरंत बाद, सीबीआई की टीम ट्विशा के हुबहू वजन और ऊंचाई का एक डमी पुतला तैयार कर घटनास्थल पर पूरा क्राइम सीन री-क्रिएट करने की तैयारी में जुट गई है। गिरिबाला से पूछे जाएंगे 50 सवाल; सीबीआई की 'चेकलिस्ट' तैयार सीबीआई ने पूर्व जज से पूछताछ के लिए 50 से ज्यादा तीखे सवालों की एक विस्तृत लिस्ट तैयार की है, जिसमें शामिल हैं ऐसे कुछ अहम बिंदु: एम्स पहुंचने के बाद भी स्थानीय पुलिस को तुरंत सूचना क्यों नहीं दी गई? वारदात के बाद बेटे समर्थ को अचानक फरार होने के लिए क्यों कहा गया? घर में सीसीटीवी लगाने वाले वेंडर को फुटेज डिलीट करने या छेड़छाड़ के लिए कॉल क्यों किए गए? ब्यूटी पार्लर से सीसीटीवी फुटेज निकलवाने के पीछे क्या मकसद था? पोस्टमार्टम रिपोर्ट में त्विषा के शरीर पर मिले चोट के निशान कैसे आए? त्विषा की प्रेग्नेंसी (गर्भावस्था) को लेकर दोनों पक्षों के बीच क्या विवाद चल रहा था? क्या आप प्रभावशाली लोगों को फोन कर दबाव बना रही थीं? क्या आप दबाव बनाकर त्विषा के बिजनेस शेयर अपने नाम कराना चाहती थीं?