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हरियाणा में NEET परीक्षा को लेकर सख्ती, पेपर लीक रोकने खुफिया तंत्र रहेगा एक्टिव

पंचकूला. 21 जून को होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न करवाना हरियाणा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। खुफिया तंत्र सक्रिय रहेगा और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खुद पूरे मामले को मॉनिटर कर रहे हैं। इसी संबंध में शुक्रवार को पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। प्रदेश में कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, नीट परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था तथा नशामुक्त हरियाणा अभियान की भी समीक्षा की गई।  बैठक में प्रदेशभर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस आयुक्त, पुलिस अधीक्षक सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। डीजीपी ने सभी अधिकारियों को राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप गंभीरता, सतर्कता और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए। डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों का समय रहते निरीक्षण किया जाए तथा सुरक्षा, निगरानी एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को पहले से सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से खुफिया तंत्र को सक्रिय रखने के निर्देश देते हुए कहा कि पेपर लीक अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता पर हरियाणा पुलिस की नजर रहनी चाहिए। बैठक में नशामुक्त हरियाणा अभियान को लेकर भी व्यापक चर्चा की गई। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो संजय कुमार ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार नशामुक्त अभियान को लेकर काफी संवेदनशील है तथा उच्च स्तर पर निगरानी की जा रही है। नशा तस्करी के नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश एडीजीपी संजय कुमार ने कहा कि पड़ोसी राज्यों में बढ़ती नशा तस्करी का सीधा प्रभाव हरियाणा पर पड़ता है। ऐसे में डिमांड और सप्लाई दोनों स्तरों पर रणनीतिक कार्रवाई करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशा बिक्री अथवा स्टोरेज की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जाए। मेडिकल स्टोर एवं केमिस्ट एसोसिएशनों के साथ नियमित बैठकें आयोजित की जाएं तथा केमिस्ट शाप्स के स्टाक, सीसीटीवी सिस्टम और रिकार्ड की लगातार निगरानी की जाए। डीजीपी ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन हर परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस बल को सदैव तैयार रहना होगा। प्रत्येक जिले में गठित कानून एवं व्यवस्था कंपनियों का नियमित प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया दी जा सके।

लोगों को बड़ी राहत! चंडीगढ़ में एक ही छत के नीचे होंगे सभी सरकारी काम

चंडीगढ़. प्रशासन ने नागरिक सेवाओं को सरल, तेज और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाते हुए यूटी में सिंगल विंडो सिस्टम-यूनिफाइड पोर्टल के प्रभावी तरीके से लागू और सुधार के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी विभिन्न राज्यों में लागू बेहतर व्यवस्थाओं का अध्ययन कर चंडीगढ़ में लोगो के लिए सुविधाजनक और आधुनिक प्रणाली विकसित करने पर काम करेगी। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार कमेटी का गठन मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद किया गया। बैठक में तमिलनाडु सरकार की “सिंपल गव” पहल और डी-रेगुलेशन मॉडल पर चर्चा की गई थी। कमेटी में डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव, सूचना प्रौद्योगिकी सचिव डी. कार्तिकेयन, निदेशक आईटी अविकेश गुप्ता, निदेशक स्कूल शिक्षा नितिश सिंगला और एनआईसी के वरिष्ठ अधिकारी विवेक वर्मा सहित अन्य अधिकारियों को शामिल किया है। कमेटी विभिन्न राज्यों में लागू सिंगल विंडो सिस्टम की कार्यप्रणाली का अध्ययन करेगी और चंडीगढ़ के लिए उपयुक्त मॉडल की सिफारिश करेगी। साथ ही विभिन्न सरकारी सेवाओं की प्रक्रिया को सरल बनाने, प्रोसेस री-इंजीनियरिंग करने और अनावश्यक औपचारिकताओं को कम करने पर भी काम किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य नागरिकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने से राहत देना और अधिकतर सेवाओं को एकीकृत पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराना है। इससे मंजूरियों और सरकारी प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, तेज और नागरिक हितैषी बनाने में मदद मिलेगी। क्या है तमिलनाडु का मॉडल प्रशासन यदि तमिलनाडु की सिंपल गव और डी-रेगुलेशन नीति लागू करता है तो नागरिक सेवाओं और उद्योगों को बड़ा लाभ मिल सकता है। इस मॉडल के तहत सिंगल विंडो सिस्टम, आनलाइन मंजूरियां, सेल्फ-सर्टिफिकेशन और अनावश्यक नियमों में कमी से लोगों को दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे। भवन नक्शा, व्यापार लाइसेंस, एनओसी और विभिन्न प्रमाण पत्रों की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो सकती है। इससे भ्रष्टाचार और फाइलों में देरी कम होगी। उद्योगों और कारोबारियों को भी कम समय में मंजूरी मिलने से निवेश बढ़ने तथा “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” में सुधार की संभावना है।

गर्मियों में ग्लोइंग स्किन के लिए चंदन, गुलाब जल और खीरे के आसान उपाय

 गर्मियों में स्किन का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी होता है. तेज धूप, पसीना और उमस की वजह से चेहरा डल और बेजान नजर आने लगता है. ऐसे में लोग इससे बचने के लिए महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स या पार्लर का सहारा लेते हैं. लेकिन घर में मौजूद कुछ नेचुरल चीजों की मदद से भी आप गर्मियों में अपनी स्किन को हेल्दी, फ्रेश और ग्लोइंग बनाए रख सकते हैं. आइए जानते हैं गर्मियों में स्किन की देखभाल के लिए कुछ आसान और असरदार घरेलू उपाय. चंदन चंदन को स्किन के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. इसमें ठंडक पहुंचाने और सूजन कम करने वाले गुण होते हैं जो धूप से झुलसी चेहरे को राहत देने में मदद करते हैं. यह सनबर्न, टैनिंग, हीट रैशेज और एक्स्ट्रा ऑयल की समस्या को कम करने में भी असरदार माना जाता है. गर्मियों में स्किन को हेल्दी और फ्रेश रखने के लिए आप चंदन पाउडर में गुलाब जल मिलाकर चेहरे पर फेस पैक के तौर पर लगा सकते हैं. फिर 15 मिनट बाद चेहरे को ठंडे पानी से धोकर मॉइश्चराइजर लगा लें. गुलाब जल गुलाब जल का इस्तेमाल सदियों से भारतीय स्किनकेयर में किया जाता रहा है. यह चेहरे को ठंडक देने के साथ उसे रिफर्श भी रखता है. गुलाब जल स्किन का PH बैलेंस बनाए रखने, पोर्स टाइट करने और रेडनेस कम करने में मदद करता है. गर्मियों में आप गुलाब जल को फ्रिज में रखकर टोनर के तौर पर चेहरे पर स्प्रे कर सकते हैं. इससे चेहरे पर तुरंत फ्रेशनेस महसूस होती है. खीरा खीरा गर्मियों में त्वचा के लिए सबसे फायदेमंद चीजों में से एक माना जाता है. इसमें भरपूर पानी और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो स्किन को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं. यह चेहरे की सूजन, डार्क सर्कल्स और सनबर्न को कम करने में भी असरदार है. आप खीरे का रस चेहरे पर लगा सकते हैं या फिर एलोवेरा जेल के साथ इसका फेस मास्क बनाकर इस्तेमाल कर सकते हैं. दही दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स और लैक्टिक एसिड चेहरे को एक्सफोलिएट करने में मदद करते हैं. यह चेहरे को ठंडक देने के साथ उसे सॉफ्ट और हाइड्रेटेड बनाए रखने में मदद करता है. दही सन टैन कम करने और स्किन बैरियर को मजबूत बनाने में भी फायदेमंद माना जाता है. गर्मियों में सादे दही को चेहरे और गर्दन पर लगभग 15 मिनट लगाकर रखें, फिर ठंडे पानी से धो लें.

एयरपोर्ट के नजदीक बम मिलने से अलर्ट पर पुलिस, जबलपुर में पूरे इलाके की घेराबंदी

जबलपुर  जबलपुर में एयरपोर्ट के पास बम मिला है। यह अनएक्सप्लोडेड बम देख इलाके में दहशत पसर गई। जबलपुर के इस इलाके में ही खमरिया ऑर्डिनेंस फैक्ट्री सहित सेना की इन्फैंट्री और हथियार कारखाने हैं। ऐसे में बम मिलने के मामले की गंभीरता बढ़ गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरा इलाका घेर लिया। जांच में पता चला कि यह करीब 12 किलो का जिंदा मोर्टार है। इसे सेना का UXO (Unexploded Ordnance – अनएक्सप्लोडेड ऑर्डनेंस) यानी बिना फटा हुआ जिंदा बम बताया जा रहा है। पुलिस ने तुरंत सैन्य अधिकारियोें को मामले की जानकारी दी। अब सेना अपनी कार्यवाही कर रही है। शनिवार को दिखाई दिया एक जिंदा बम डुमना में एयरपोर्ट से लगे खमरिया थाने के गदेरी गांव में एक घर के निर्माण के लिए खुदाई की जा रही है। इस दौरान शनिवार  को एक जिंदा बम दिखाई दिया। इससे हड़कंप मच गया। दहशत में आए ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को मामले की जानकारी दी। खमरिया इलाके में सेना की बड़ी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री और हथियार डिपो खमरिया इलाके में सेना की बड़ी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री और हथियार डिपो हैं ऐसे में जिंदा बम मिलने की खबर से हड़कंप मच गया। पुलिस गदेरी गांव में घटनास्थल पर पहुंची। एहतियातन पूरे इलाके को भी घेर लिया। भवन निर्माण के लिए कॉलम की खुदाई का काम चल रहा पुलिस अधिकारियों के अनुसार गांव के सुनील यादव के प्लॉट पर भवन निर्माण के लिए कॉलम की खुदाई का काम चल रहा था। इसी दौरान शाम करीब 6 बजे मजदूरों को जमीन के अंदर बम मिला। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर सुरक्षा के लिहाज से घटनास्थल को घेर लिया। पुलिसकर्मियों ने जब ध्यान से देखा तो सेना का पुराना बम निकला मौके पर आए खमरिया थाने के पुलिसकर्मियों ने जब ध्यान से देखा तो सेना का पुराना बम निकला। यह एक UXO (Unexploded Ordnance – अनएक्सप्लोडेड ऑर्डनेंस) यानी बिना फटा हुआ जिंदा बम है। पुलिस ने भारतीय सेना के अधिकारियों को विस्फोटक मिलने की खबर दी। सेना का यह बम काफी पुराना है जो कि यहां सालों से दबा था। फिलहाल सेना अपनी कार्यवाही में जुटी पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जानकारी मिलते ही सैन्य अधिकारियों को मामले की सूचना दी ताकि बम निरोधक दस्ता (Bomb detection and Disposal Squad) मौके पर आकर बम को सुरक्षित रूप से डिफ्यूज कर सके। फिलहाल सेना अपनी कार्यवाही में जुटी है। इधर पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।  

दफ्तर में काम नहीं, जाम छलकाते दिखे कर्मचारी; सरकारी ऑफिस से शराबखोरी का वीडियो सामने आया

बालोद. बालोद जिले में जिला विपणन विभाग के कर्मचारियों का कारनामा सामने आया है, जिन्होंने सरकारी कार्यालय को ही मयखाना बना दिया. घटना का वीडियो सामने आने के बाद अब अधिकारियों पर नजर है कि वे पूरे वाकये पर क्या कदम उठाते हैं. मामला बालोद जिले के मालीघोरी धान संग्रहण केंद्र का है, जहां पदस्थ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी तिलेश्वर साहू कुछ लोगों के साथ दारू पार्टी करते नजर आ रहे हैं. सरकारी आलमारी में दस्तावेज की जगह शराब की बोतलें रखी जा रही है, और कर्मचारियों के साथ मिलकर जाम छलकाया जा रहा है. वहीं इस पूरे मामले में डीएमओ टिकेंद्र राठौर का पक्ष लेने के लिए संपर्क किया गया तो उन्होंने ‘मैं छुट्टी में बाहर हूं’ कहकर सवाल सुने बिना ही फोन काट दिया. इससे प्रतीत होता है कि अधिकारी भी ऐसे नशाखोर कर्मचारियों को बचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं.

तेल की कीमतों ने चौंकाया! पेट्रोल 115.69 और डीजल 100.92 रुपये पहुंचा, अपने शहर का रेट करें चेक

नई दिल्ली  पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों का ऐलान आज सुबह 6 बजे हो गया है। राहत की बात यह है कि तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के रेट में आज फिर कोई बढ़ोतरी नहीं की है। आखिरी बार ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के द्वारा पिछले हफ्ते शनिवार को इजाफा किया गया था। इसके बाद से ही दाम स्थिर बने हुए हैं। इस बीच इंटरनेशनल मार्केट से अच्छी खबर आई है। कच्चे तेल की कीमतों में कुछ गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, युद्ध के पूर्व स्तर से यह अब भी काफी अधिक है। सबसे महंगा पेट्रोल और डीजल कहां?  26 मई 2026 के रेट के अनुसार हैदराबाद में पेट्रोल सबसे अधिक रेट पर बिक रहा है। इस शहर में लोगों को एक लीटर पेट्रोल के लिए 115.69 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। वहीं, डीजल के लिए तिरुअनंतपुरम् में लोगों को 115.49 रुपये प्रति लीटर देने पड़ रहे हैं। दूसरी तरफ चंडीगढ़ में पेट्रोल का रेट 98.10 रुपये प्रति लीटर है। जोकि दिल्ली सहित अन्य शहरों की तुलना में काफी कम है। बता दें, भुवनेश्वर में डीजल का रेट 100.92 रुपये प्रति लीटर है। देश के अलग-अलग शहरों में पेट्रोल का क्या है रेट?  दिल्ली – 102.12 रुपये मुंबई – 111.18 रुपये कोलकाता – 113.47 रुपये चेन्नई – 107.77 रुपये गुरुग्राम – 102.77 रुपये नोएडा – 102.12 रुपये बेंगलुरू – 110.93 रुपये भुवनेश्वर – 109.92 रुपये चंडीगढ़ – 98.10 रुपये हैदराबाद – 115.69 रुपये जयपुर – 112.66 रुपये लखनऊ – 102.05 रुपये पटना – 113.35 रुपये तिरुअनंतपुरम् – 115.49 रुपये डीजल का क्या चल रहा है रेट?  नई दिल्ली – 95.20 रुपये मुंबई – 97.83 रुपये कोलकाता – 99.82 रुपये चेन्नई – 99.55 रुपये गुरुग्राम – 95.444 रुपये नोएडा – 95.56 रुपये बेंगलुरू – 98.80 रुपये भुवनेश्वर – 100.92 रुपये चंडीगढ़ – 86.09 रुपये हैदराबाद – 103.82 रुपये जयपुर – 97.79 रुपये लखनऊ – 95.55 रुपये पटना – 99.36 रुपये तिरुअनंतपुरम् – 104.40 रुपये 4 बार हो सका इजाफा  मई के महीने में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में चार बार इजाफा हो गया है। इस दौरान पेट्रोल और डीजल का रेट करीब 7.5 रुपये बढ़ गया है। कच्चे तेल के दाम बढ़ने के बाद से तेल कंपनियों पर कीमतों को बढ़ाने का काफी दबाव था। कीमतों में इजाफे से पहले तेल कंपनियों को हर दिन 1000 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा। जोकि अब 500 करोड़ रुपये से कम हो गया है। सरकार ने भी कीमतों को संभालने की बहुत कोशिश की। एक्साइज ड्यूटी में कटौती भी की गई। लेकिन जब इंटरनेशनल मार्केट में स्थिति सामान्य नहीं हुई उसके बाद तेल कंपनियों को यह फैसला लेना पड़ा।

यात्रियों को बड़ा झटका: बिहार में साधारण, डीलक्स और एसी बसों का किराया बढ़ा

पटना बिहार के लोगों को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगने वाला है। 1 जून से बस का सफर महंगा हो जाएगा। सम्राट सरकार ने बस किराया में 10 से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। परिवहन विभाग ने शुक्रवार को इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी। नया किराया राज्य के विभिन्न रूटों पर चलने वालीं बसों पर लागू होगा। सरकार ने साधारण से लेकर डीलक्स और एसी सभी तरह की बसों के किराये में बढ़ोतरी की है। बिहार में बीते 5 सालों से बस किराया नहीं बढ़ा था। हर पांच साल में किराये के पुनर्निर्धारण का नियम है। डीजल की कीमतें बढ़ने से बस संचालन का खर्च भी बढ़ा है। परिवहन विभाग को 15 प्रतिशत तक किराये में बढ़ोतरी का प्रस्ताव मिला था, जिस पर आपत्ति एवं सुझाव मांगे जाने के बाद लागू कर दिया गया। सरकार ने दूरी के आधार पर नया किराया तय किया है। साधारण बसों में 50 किलोमीटर तक के सफर पर अब प्रति किलोमीटर 1.73 रुपये भाड़ा लगेगा। पहले यह दर 1.50 रुपये थी। 100 किलोमीटर तक की यात्रा पर अब प्रति किमी 1.71 रुपये भाड़ा लगेगा। 200 किमी तक 1.68 रुपये और 300 किलोमीटर से अधिक की दूरी पर यात्रियों को प्रति किमी 1.65 रुपये किराया देना होगा। इसी तरह डीलक्स बस सेवा में 50 किलोमीटर तक का सफर 1.96 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से होगा। 100 किलोमीटर तक की यात्रा करने पर 1.94 रुपये प्रति किमी की दर से भाड़ा लगेगा। 200 किमी तक सफर पर 1.90 रुपये और 300 किमी से ऊपर की यात्रा पर 1.87 रुपये प्रति किमी किराया लगेगा। एसी बस में 50 किलोमीटर तक की यात्रा पर नया किराया 2.30 प्रति किमी तय किया गया है। 100 किलोमीटर तक सफर के लिए 2.28 रुपये, 200 किमी तक 2.24 रुपये और 300 किमी से अधिक की लंबी दूरी की यात्रा पर 2.20 रुपये प्रति किमी के हिसाब से भाड़ा देना होगा। इसके अलावा, परिवहन विभाग ने वॉल्वो जैसी प्रीमियम बसों के किराये में भी बढ़ोतरी की है। नगरीय बस सेवा यानी सिटी बस में सफर करने वाले लोगों को भी अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी। नई दरों के अनुसार सरकारी बसों के साथ ही निजी बस संचालक भी किराये में बढ़ोतरी करेंगे। बिहार में बस भाड़े में इजाफे का प्रस्ताव पहले ही आ गया था, इससे किराया में बढ़ोतरी होने की पूरी संभावना जताई जा रही थी। इसके चलते कुछ जगहों पर निजी बस संचालकों ने इसी महीने से किराये में इजाफा कर दिया, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

भारतीय एथलेटिक्स को मिली नई स्टार, पूजा सिंह ने हाई जंप में बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड

 हांगकांग  एशियाई अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दूसरे दिन भारत की 19 वर्षीय पूजा सिंह ने ऊंची कूद में न सिर्फ स्वर्ण पदक जीता, बल्कि 14 वर्ष से चले आ रहे इस स्पर्धा के सीनियर नेशनल रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया। पूजा ने 1.93 मीटर की छलांग लगाते हुए सहाना कुमारी के 2012 में बनाए गए 1.92 मीटर के सीनियर नेशनल रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया। प्रतियोगिता से पहले पूजा का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1.90 मीटर था। इसलिए पूजा का नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाना कोई हैरानी की बात नहीं थी। पिछले साल भी दिखाया कमाल पिछले साल दक्षिण कोरिया में हुई एशियाई चैंपियनशिप में भी पूजा ने 1.89 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता था। हालांकि पूजा ने हाल में रांची में हुए फेडरेशन कप में हिस्सा नहीं लिया था, लेकिन अब इस छलांग से उन्होंने 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए तय किए गए 1.92 मीटर के क्वालिफाइंग मार्क को पार कर लिया है। संघर्षों का किया सामना हरियाणा के फतेहाबाद के एक गांव में राजमिस्त्री की बेटी पूजा को अपने करियर की शुरुआत में आर्थिक तंगी के चलते गांव के खेतों में बांस के डंडों और भूसे की बोरियों की मदद से अभ्यास करना पड़ा था। दो दिनों की प्रतियोगिताओं में भारत अब तक चार स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक जीत चुका है। नितिन गुप्ता ने पुरुषों की 5000 मीटर की पैदल दौड़ और अमानत कंबोज ने महिलाओं की चक्का फेंक स्पर्धा में स्वर्ण जीता पदक।  

केतु मघा नक्षत्र में प्रवेश, कुछ राशियों के लिए शुभ तो कुछ के लिए सावधानी

ज्योतिष शास्त्र में केतु को एक रहस्यमयी और छाया ग्रह माना गया है. जो अपनी चाल हमेशा उल्टी चाल जब भी केतु अपना नक्षत्र या पद बदलते हैं, तो इसका सीधा असर सभी 12 राशियों के जीवन पर पड़ता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 31 मई को केतु देव नक्षत्र पद परिवर्तन करके मघा नक्षत्र के तीसरे चरण में प्रवेश करने जा रहे हैं. केतु का यह सूक्ष्म गोचर कुछ राशियों के लिए आध्यात्मिक उन्नति और अचानक धन लाभ लेकर आएगा, तो वहीं कुछ राशियों को इस दौरान थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत होगी. आइए जानते हैं कि इस परिवर्तन का सभी 12 राशियों पर क्या प्रभाव पड़ने वाला है. मेष राशि (Aries) मेष राशि वालों के लिए यह परिवर्तन मिले-जुले परिणाम देगा. आपको अपनी सेहत का खास ख्याल रखना होगा. कार्यक्षेत्र में कुछ गुप्त शत्रु सक्रिय हो सकते हैं, इसलिए अपनी योजनाओं को किसी के साथ साझा न करें. हालांकि, आध्यात्मिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी. वृषभ राशि (Taurus) वृषभ राशि के जातकों के लिए केतु का तीसरे चरण में जाना आर्थिक दृष्टिकोण से उतार-चढ़ाव वाला रह सकता है. निवेश करने से पहले अनुभवी लोगों की सलाह जरूर लें. प्रेम जीवन और वैवाहिक संबंधों में थोड़ी गलतफहमियां हो सकती हैं, वाणी पर नियंत्रण रखें. मिथुन राशि (Gemini) मिथुन राशि वालों के लिए यह समय करियर में बदलाव के संकेत दे रहा है. अगर आप नौकरी बदलने की सोच रहे हैं, तो सोच-समझकर फैसला लें. इस दौरान माता की सेहत को लेकर थोड़ी चिंता रह सकती है. जमीन-जायदाद के मामलों में जल्दबाजी न करें. कर्क राशि (Cancer) कर्क राशि के जातकों के लिए यह गोचर साहस और पराक्रम में वृद्धि करेगा. छोटे भाई-बहनों के साथ थोड़े मतभेद हो सकते हैं, लेकिन कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी. छोटी दूरी की यात्राओं के योग बनेंगे जो भविष्य में फायदेमंद साबित होंगी. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि वालों के लिए यह समय संचित धन (सेविंग्स) को प्रभावित कर सकता है. अचानक कुछ बड़े खर्चे सामने आ सकते हैं, जिससे बजट बिगड़ सकता है. परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत करते समय मर्यादा का ध्यान रखें. खान-पान पर नियंत्रण रखें, पेट से जुड़ी समस्या हो सकती है. कन्या राशि (Virgo) केतु का यह पद परिवर्तन आपकी ही राशि में हो रहा है, जिससे आपके स्वभाव में थोड़ा एकांतप्रिय होना या भ्रम की स्थिति बन सकती है. मानसिक तनाव से बचने के लिए योग और ध्यान का सहारा लें. वैवाहिक जीवन में जीवनसाथी की भावनाओं का सम्मान करें. तुला राशि (Libra) तुला राशि वालों के लिए यह गोचर खर्चों में बढ़ोतरी कराने वाला रहेगा. विशेषकर विदेश यात्रा या कोर्ट-कचहरी के मामलों में धन खर्च हो सकता है. अनिद्रा या पैरों में दर्द की शिकायत रह सकती है. हालांकि, जो लोग आध्यात्मिक यात्रा पर जाना चाहते हैं, उनके लिए समय अनुकूल है. वृश्चिक राशि (Scorpio) वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह परिवर्तन बेहद शुभ रहने वाला है. आपको अचानक कहीं से अटका हुआ धन प्राप्त हो सकता है. बड़े भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा. सामाजिक दायरे में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी और आपकी दबी हुई इच्छाएं पूरी होने के रास्ते खुलेंगे. धनु राशि (Sagittarius) धनु राशि वालों के लिए कार्यक्षेत्र में यह समय बेहद महत्वपूर्ण रहेगा. नौकरी में काम का दबाव बढ़ सकता है, जिससे आप थोड़ा तनाव महसूस कर सकते हैं. अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाकर चलें. पिता की सेहत का ध्यान रखें और उनके साथ विवाद से बचें. मकर राशि (Capricorn) मकर राशि के जातकों के लिए केतु का तीसरे चरण में प्रवेश भाग्य में थोड़ी रुकावटें ला सकता है. बनते हुए कामों में आखिरी वक्त पर देरी हो सकती है, लेकिन धैर्य न खोएं. लंबी दूरी की यात्राओं या तीर्थ यात्रा के योग बनेंगे. गुरु और गुरुतुल्य लोगों का आशीर्वाद आपको सही रास्ता दिखाएगा. कुंभ राशि (Aquarius) कुंभ राशि वालों को इस अवधि में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है. वाहन चलाते समय सतर्क रहें और चोट-चपेट से बचें. ससुराल पक्ष से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं. गुड विज्ञान, ज्योतिष या रिसर्च के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह समय बेहद शानदार रहेगा. मीन राशि (Pisees) मीन राशि के जातकों के वैवाहिक जीवन और व्यापार में इस गोचर का असर देखने को मिलेगा. साझेदारी के बिजनेस में पारदर्शिता रखें, अन्यथा विवाद हो सकता है. जीवनसाथी के स्वभाव में थोड़ी कड़वाहट आ सकती है, शांत रहकर स्थिति को संभालें.

विक्रमशिला सेतु टूटने के बाद राहत की खबर, सात जून से पहले बहाल होगा आवागमन

 भागलपुर भागलपुर के विक्रमशिला सेतु के टूट जाने से परेशान बिहार वासियों के लिए अच्छी खबर है। इस पुल पर आठ जून से दोबारा परिचालन शुरू हो सकता है। इसको लेकर सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीम ने पूरी ताकत झोंक दी है। तीसरे बेली ब्रिज का निर्माण अंतिम चरण में है। जबकि चौथे बेली ब्रिज के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बीआरओ के अधीक्षण अभियंता की निगरानी में चौथे ब्रिज के फाउंडेशन की लाइन खींची गई। हालांकि शुक्रवार दोपहर हुई बारिश के कारण काम पूरी तरह बाधित हो गया। शेष काम रात में निपटाए जाएंगे। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने शुक्रवार को विक्रमशिला सेतु पर चल रहे बेली ब्रिज निर्माण एवं आवागमन पुनर्बहाली कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बीआरओ एवं संबंधित अधिकारियों से कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त की और जरूरी दिशा-निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि सात जून से पूर्व हर हाल में पुल पर यातायात प्रारंभ करना है। पहले पांच जून का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन आंधी पानी के कारण बिजली कटने की समस्या से काम में बाधा आई। इससे शुरू करने का लक्ष्य दो दिन आगे बढ़ गया है। पथ निर्माण मंत्री सह बिहपुर विधायक शैलेंद्र कुमार से जानकारी के मुताबिक विक्रमशिला सेतु से करीब 50 किलोमीटर के रिंग रोड को अगुआनी घाट से जोड़ा जाएगा। इसके लिए सर्वे और डीपीआर बनाने का काम शुरू हो गया है। रिंग रोड के बन जाने से इलाके के लोगों को आवगमन का एक वैकल्पिक मार्ग सुलभ हो जाएगा और इलाके के लोगों को कटाव से सुरक्षा मिलेगी। इससे क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलने की संभावना है। मंत्री ने बताया कि यह परियोजना भविष्य में क्षेत्रीय विकास और यातायात व्यवस्था को नई दिशा देगी। इस दौरान मंत्री ने बिहपुर विधानसभा क्षेत्र में लत्तीपुर, नन्हकार, जमींदारी, राघोपुर, काजीकोरैया गंगा तटबंध सहित कालूचक, विष्पुरिया, सिहकुंड और गुवारीडीह समेत कोसी कटाव प्रभावित इलाकों में चल रहे कटावरोधी कार्यों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि पहले इन क्षेत्रों में मानसून शुरू होने के बाद कटावरोधी कार्य प्रारंभ होता था, लेकिन इस बार मानसून पूर्व ही कार्य शुरू कराने का निर्देश बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों को दिया गया है। भागलपुर से उत्तर बिहार को जोड़ने वाला महत्वूपर्ण पुल विक्रमशिला सेतु का कुछ हिस्सा 3 मई की रात टूट गया। प्रशासन ने इस पुल पर रात के 12.30 बजे से आवागमन रोक दिया था वरना बड़ा हादसा हो सकता था। पुल टूटने के बाद भागलपुर समेत आस पास के जिलों में हाहाकारी स्थिति उत्पन्न हो गयी। कई जिलों का संपर्क इस पुल के कारण टूट गया। पटना से दिल्ली तक इस पुल के टूटने की चर्चा हुई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की पहल पर बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन की टीम पहुंची और बेली ब्रीज का निर्माण किया।