samacharsecretary.com

खाद्य सुरक्षा विभाग ने 14 दिन में सुधार के दिए निर्देश, नहीं तो लाइसेंस होगा सस्पेंड

भोपाल भीषण गर्मी के चलते आइसक्रीम की मांग बढ़ने के साथ-साथ मिलावट की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शुक्रवार को विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करते हुए कसाटा स्लाइस, पिस्ता टब सहित अन्य आइसक्रीम के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। जिनकी रिपोर्ट आने के बाद मिलावट का खुलासा हो सकेगा। विभिन्न प्रतिष्ठानों से नामी ब्रांड्स के नमूने जब्त जानकारी के अनुसार खाद्य सुरक्षा विभाग के दो दिवसीय अभियान के तहत शुक्रवार को संभागीय उड़नदस्ता (भोपाल-नर्मदापुरम संभाग) की टीम ने शहर के प्रमुख होलसेलर्स, रिटेलर्स और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स से नामी ब्रांड्स की आइसक्रीम के नमूने जब्त किए हैं। इन जगहों पर टीम ने दी दबिश जिनमें जेके रोड, मिनाल रेसीडेंसी स्थित महाकाल इंटरप्राइजेज से हैट्सन एग्रो प्रोडक्ट लिमिटेड (तमिलनाडु) द्वारा निर्मित "फ्लेवर्ड आइसक्रीम कसाटा स्लाइस" और "फ्लेवर्ड आइसक्रीम पिस्ता टब" के नमूने लिए हैं। जबकि कटारा हिल्स स्थित रिलायंस रिटेल लिमिटेड से मशहूर "अमूल आइसक्रीम", लहारपुर सनी इंटरप्राइजेज से "क्वालिटी वाल्स" की आइसक्रीम के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं।  

उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौरमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में किया गया विकास कार्यो का भूमिपूजन लोकार्पण

रायपुर नगर पालिक निगम केारबा के 09 वार्डो में आज 01 करोड़ 80 लाख रूपये के विभिन्न विकास कार्यो का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया गया, प्रदेश के उद्योग, श्रम, सार्वजनिक उपक्रम व आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौरमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में इन विकास कार्यो का भूमिपूजन एवं लोकार्पण सम्पन्न हुआ।  नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा वार्ड क्र. 07 अंतर्गत गायत्री स्कूल से आलू गोदाम तक 07 लाख 95 हजार रूपये की लागत से पेवर ब्लाक बिछाने का कार्य, वार्ड क्र. 07 सिंधी मोहल्ला से शारदा गुप्ता घर के सामने 05 लाख रूपये की लागत से मंच निर्माण, वार्ड क्र. 06 अंतर्गत प्रायमरी स्कूल सीतामणी में 01 लाख 86 हजार रूपये की लागत से बालिका शौचालय का निर्माण, वार्ड क्र. 08 मोतीसागरपारा सीतामणी पवन टेंट के पास गोकुलगंज तक 20 लाख रूपये की लागत से सड़क डामरीकरण कार्य, वार्ड क्र. 01 अंतर्गत बालक मिडिल स्कूल कोरबा में 08 लाख 07 हजार रूपये की लागत से अतिरिक्त कक्ष का निर्माण, वार्ड क्र. 05  इंदिरा नगर में 15 लाख रूपये की लागत से सतनामी समाज के सामुदायिक भवन का निर्माण, वार्ड क्र. 14 अमरैयापारा स्वास्थ्य केन्द्र में 07 लाख रूपये की लागत से शौचालय एवं अतिरिक्त सुविधा का कार्य, वार्ड क्र.02 मिशन रोड कोरबा कलचुरी भवन के समीप 25 लाख रूपये की लागत से डोम एवं सामुदायिक भवन निर्माण तथा वार्ड क्र.01 कोरबा जोन अंतर्गत पेट्रोल पम्प के पास 19 लाख 56 हजार रूपये की लागत से ओव्हरब्रिज सौदंर्यीकरण का कार्य कराया जाना हैं, आज इन सभी कार्यो का भूमिपूजन उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौरमती संजूदेवी राजपूत के द्वारा किया गया। इसी प्रकार वार्ड क्र. 14 अमरैयापारा राधाकृष्ण मंदिर के समीप निगम द्वारा निर्मित भवन के ऊपर तल में 10 लाख रूपये की लागत से आर.सी.सी. छत व अन्य विस्तार का कार्य किया गया है, वहीं वार्ड क्र. 06 रानी गेट दशहरा मैदान में स्थित सामुदायिक मंच के पास 04 लाख रूपये की लागत से किचन शेड एवं शौचालय का निर्माण कराया गया है। इसी प्रकार वार्ड क्र.10 अंतर्गत रापाखर्रा बस्ती में 06 लाख रूपये की लागत से मंच का निर्माण, वार्ड क्र. 10 इमलीडुग्गू केबिन के पास 05 लाख रूपये की लागत से मंच का निर्माण तथा वार्ड क्र. 09 सीतामणी में 37 लाख 24 हजार रूपये की लागत से भवन का डिस्मेंटल व नवीन भवन का निर्माण कार्य कराया गया है, जिसका लोकार्पण आज उद्योग मंत्री देवांगन एवं महापौरमती राजपूत के हाथों किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुये उद्योग मंत्री लखनलाल देवंागन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में राज्य का तेजी विकास हो रहा है, जहाॅं तक कोरबा के विकास का प्रश्न है तो मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के लगभग ढाई साल के इस कार्यकाल में 1000 करोड़ रूपये के कार्य स्वीकृत किये गये हैं, उन्होने कहा कि कोरबा के विकास के लिये फण्ड की कोई कमी नहीं हो रही है तथा करोड़ों रूपये के विकास कार्य लगभग हर वार्ड में हो रहे हैं। उद्योग मंत्री देवांगन ने आगे कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान हमारी सरकार ने जो वायदें किये थे, उन सभी वायदों को व मोदी की गारंटी को पूरा किया गया हैं, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से समाज के सभी वर्ग के लोगों को लाभान्वित कराया जा रहा है, उद्योग मंत्री देवांगन ने कोरबा के विकास की चर्चा करते हुये कहा कि महापौरमती संजूदेवी राजपूत लगातार सक्रियता के साथ कार्य कर रही हैं, लोगों की समस्याएं सुन रही है,ं उनका निराकरण करा रही हैं, तो दूसरी ओर लगातार विकास कार्य भी निगम क्षेत्र में हो रहे हैं। इस अवसर पर महापौरमती संजूदेवी राजपूत ने अपने  उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किये गये अपने हर वायदें को पूरा कर रही हैं, प्रदेश की 70 लाख बहनों को प्रतिमाह 01 हजार रूपये दिया जा रहा है तथा जो-जो घोषणाएं की गई थी, वे सभी पूरी की जा रही हैं। उन्होने कहा कि विगत 10-11 वर्ष पूर्व से कोरबा विकास में पिछड़ गया था, किन्तु अब निगम क्षेत्र में विकास को तेज गति व सही दिशा मिली हैं, उद्योग मंत्री देवांगन कोरबा के विकास के लिये लगातार कार्य कर रहे हैं। इस अवसर पर सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौरमती संजूदेवी राजपूत की अगुवाई में नगर पालिक निगम कोरबा के सभी 67 वार्डो में बिना किसी भेदभाव के तेजी के साथ विकास कार्य हो रहे है, जिसके लिये मैं उन्हें धन्यवाद देता हूॅं, उन्होने कहा कि वास्तव में कोरबा में व्यापक पैमाने पर विकास कार्य हो रहे हैं तथा लोगों की समस्याएं तेजी के साथ दूर हो रही है। वही पार्षद नरेन्द्र देवांगन ने कहा कि पहले 05-05 लाख रूपये के विकास कार्य स्वीकृत कराने हेतु लंबी लड़ाई लड़नी पड़ती थी, किन्तु अब करोड़ों रूपये के विकास कार्य बड़ी सरलता के साथ स्वीकृत हो रहे हैं। उद्योग मंत्री देवांगन ने चुनाव के समय जो विकास कार्य संबंधी वायदे किये थे, वे आज सब पूरे हो रहे हैं।     कार्यक्रम के दौरान  पार्षद नरेन्द्र देवंागन, राधा महंत, उपेन्द्र पटेल, रूबीदेवी सागर, युगल कैवर्त, टामेश अग्रवाल, ईश्वर पटेल, प्रभा टीकम राठौर, धनश्री साहू, सरोज शांडिल्य, मुकुंद सिंह कंवर, रामशंकर साहू, पूर्व पार्षद सुफल दास महंत, मण्डल अध्यक्ष योगेश मिश्रा, वैभव शर्मा, नरेन्द्र पाटनवार, जोन कमिश्नर नीरज कौशिक, सहायक अभियंता पीयूष राजपूत, विनोद नेताम, आकाशवास्तव, लक्ष्य चतुर्वेदी, अनिल यादव, मनोज सिंह राजपूत, आत्माराम गंर्धव, सुशीला सिंह, सुरेन्द्र राजवाडे़, मनीष जायसवाल, राजेन्द्र जायसवाल, राहुल कुमार, सुकेश दलाल, टीकम राठौर, विनोद यादव, अनिल यादव, जे.पी.कौशिक, मनमोहन कौशिक, मोनू आदिले, कुलदीप यादव, बजरंग यादव आदि के साथ काफी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

पर्यावरण अनुकूल शहरी विकास पर होगा राष्ट्रीय मंथन

भोपाल  ‘मेनस्ट्रीमिंग-एलआईएफईः पर्यावरण अनुकूल टिकाऊ शहरी आवासों का निर्माण’ विषय पर प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन भोपाल में 30 एवं 31 मई को आयोजित किया जाएगा। इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर के विशेषज्ञ, नीति-निर्माता, शोधकर्ता, पर्यावरणविदो और नागरिक पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली और उससे संबंधित शहरी विकास के संबंध में विचार-विमर्श करेंगे। सम्मेलन का आयोजन सोसाइटी ऑफ नेचर हीलर्स एंड कंज़र्वेटर्स (एसएनएचसी इंडिया) द्वारा मध्यप्रदेश राज्य जैव-विविधता बोर्ड के सहयोग से किया जा रहा है। राष्ट्रीय सम्मेलन में शहरी जैव-विविधता संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, सस्टेनेबल शहरी विकास, पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा होगी। सम्मेलन का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच शहरों को अधिक पर्यावरण अनुकूल, टिकाऊ और जलवायु-सक्षम बनाने के लिए व्यवहारिक समाधान एवं नीति-आधारित सुझावों को बढ़ावा देना है। एसएनएचसी इंडिया विगत कई वर्ष से पर्यावरण संरक्षण, शहरी जैव-विविधता संवर्धन तथा जल संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। हाल ही में सम्मेलन के आधिकारिक पोस्टर एवं ब्रोशर का विमोचन प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख,  शुभरंजन सेन तथा मध्यप्रदेश राज्य जैव-विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव एवं भारतीय वन सेवा (सेवानिवृत्त) अधिकारी  सुदीप सिंह द्वारा किया गया। सम्मेलन केवल पर्यावरणीय चुनौतियों पर चर्चा का मंच नहीं होगा, बल्कि नागरिकों को अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण-अनुकूल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित भी करेगा। सम्मेलन का मूल उद्देश्य प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रतिपादित लाइफ (Lifestyle for Environment) की अवधारणा को जन-जन तक पहुंचाना और उसे व्यवहार में उतारने के लिए प्रेरित करना है। देशभर से विभिन्न आयु वर्गों, व्यवसायों एवं पृष्ठभूमियों से आने वाले प्रतिभागियों की सहभागिता से यह सम्मेलन ज्ञान-विनिमय, नीति संवाद और सामूहिक कार्यवाही का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा। सम्मेलन से प्राप्त निष्कर्ष एवं सुझाव सतत शहरी नियोजन, जैव-विविधता संरक्षण तथा पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा देने में उपयोगी सिद्ध होंगे।  

पेंच टाइगर रिजर्व में पेंच एडवांस वार्निंग सिस्टम से होगी वन्यजीव संरक्षण की निगरानी

भोपाल पेंच टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण और निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्थापित की गई अत्याधुनिक पेंच एडवांस वार्निंग सिस्टम (PAWS) तकनीक ने अपनी उपयोगिता सिद्ध कर दी है। एआई आधारित कैमरा नेटवर्क की सहायता से रिजर्व के कोर क्षेत्र में अवैध रूप से प्रवेश कर मछली पकड़ने आए एक व्यक्ति को त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया गया है। पेंच टाइगर रिजर्व के संवेदनशील क्षेत्रों में स्थापित PAWS प्रणाली ने 26 मई को कोर क्षेत्र में मानव गतिविधि का अलर्ट जारी किया। यह क्षेत्र बाघों एवं अन्य मांसाहारी वन्यजीवों की उच्च उपस्थिति वाला प्रतिबंधित इलाका है। अलर्ट प्राप्त होते ही वन विभाग का मैदानी अमला तत्काल मौके पर पहुंचा और अवैध रूप से मछली पकड़ने आए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय, छिंदवाड़ा में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। इस सफल कार्रवाई ने वन एवं वन्यजीव संरक्षण में आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग को प्रमाणित किया है। समय पर प्राप्त अलर्ट और त्वरित कार्रवाई से न केवल अवैध गतिविधि पर अंकुश लगाया गया, बल्कि संभावित मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति को भी टालने में सफलता मिली। संबंधित क्षेत्र में बाघों की नियमित आवाजाही रहती है, जिससे किसी भी अनाधिकृत मानव प्रवेश से गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता था। पेंच टाइगर रिजर्व द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निगरानी प्रणाली को मैदानी कार्यवाहियों के साथ जोड़कर कोर क्षेत्र की सुरक्षा, वन्यजीव संरक्षण तथा मानव सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाया गया है। पीएडब्ल्यूएस तकनीक भविष्य में भी वन अपराधों की रोकथाम और संरक्षित क्षेत्रों की प्रभावी निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।  

हादसे में दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल, मौके पर मची अफरा-तफरी

उमरिया जिले के पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत तिवनी गांव के पास शुक्रवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पुलिया पर पलट गई। हादसे में 5 लोगों की मौत की खबर है, जबकि करीब दो दर्जन लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जा रहे थे धार्मिक कार्यक्रम में जानकारी के अनुसार पाली से लगे ग्राम गिंजरी के ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर बिजौरा गांव में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान तिवनी गांव स्थित शनिधाम के पास पुलिया पर ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित हो गया और ट्रॉली पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा इतना तेज था कि मौके पर चीख-पुकार मच गई। हालांकि संयोग से ट्रैक्टर पुलिया के नीचे नहीं गिरा, अन्यथा दुर्घटना और भी भयावह हो सकती थी।  

3,540 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा हाई-स्पीड कॉरिडोर मध्य भारत में कनेक्टिविटी का नया मानक स्थापित करेगा

भोपाल  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में विकसित हो रहे आधुनिक अधोसंरचना नेटवर्क ने भारत की विकास यात्रा को नई गति प्रदान की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री  मोदी के विजन के अनुरूप राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेस-वे, आर्थिक कॉरिडोर और मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी परियोजनाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था, व्यापार और निवेश को नई ऊर्जा मिल रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा मध्यप्रदेश में विकसित की जा रही जबलपुर आउटर रिंग रोड परियोजना महाकौशल क्षेत्र के विकास का नया अध्याय लिखने जा रही है। प्रदेश में सड़क अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण परियोजना है। लगभग 3,540 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हो रही 114 किलोमीटर लंबी यह महत्वाकांक्षी परियोजना जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी, व्यापार, पर्यटन एवं औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करेगी। लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह ने बताया कि जबलपुर क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने वाली यह परियोजना शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के साथ-साथ क्षेत्रीय व्यापार, पर्यटन, कृषि और औद्योगिक गतिविधियों को भी मजबूती प्रदान करेगी। फोर लेन वाले इस अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का निर्माण विशेष रूप से शहर के बाहर से आने-जाने वाले भारी एवं लंबी दूरी के यातायात को सुगम मार्ग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है। फोर लेन वाले इस अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का निर्माण विशेष रूप से शहर के बाहर से आने-जाने वाले भारी एवं लंबी दूरी के यातायात को सुगम मार्ग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इसके पूर्ण होने के बाद जबलपुर शहर में यातायात का दबाव कम होगा तथा उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की ओर जाने वाले वाहनों को शहर के भीतर प्रवेश करने की आवश्यकता नहीं रहेगी। शहर को मिलेगी ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत विगत वर्षों में जबलपुर में तेजी से हुए शहरी विस्तार, औद्योगिक गतिविधियों में वृद्धि तथा यात्री एवं मालवाहक वाहनों की संख्या बढ़ने से यातायात दबाव लगातार बढ़ा है। शहर की प्रमुख सड़कों पर जाम, लंबा यात्रा समय और ईंधन की अतिरिक्त खपत आम समस्या बन गई थी। आउटर रिंग रोड परियोजना इन चुनौतियों का दीर्घकालिक समाधान प्रस्तुत करती है। इसके संचालन से लंबी दूरी के वाहनों का आवागमन शहर के बाहर से होगा, जिससे शहरी सड़कों पर दबाव कम होगा और आम नागरिकों को अधिक सुगम एवं सुरक्षित यातायात व्यवस्था उपलब्ध होगी। पांच पैकेजों में हो रहा निर्माण परियोजना को प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 5 अलग-अलग पैकेजों में विभाजित किया गया है। इनमें बरेला से मानेगांव, मानेगांव से एनएच-45, एनएच-45 से कुशनेर, कुशनेर से अमझर तथा अमझर से बरेला तक के खंड शामिल हैं। सभी पैकेज मिलकर जबलपुर के चारों ओर एक मजबूत बाहरी परिवहन नेटवर्क तैयार करेंगे। इन मार्गों के विकसित होने से जबलपुर हवाई अड्डे सहित क्षेत्र के प्रमुख कस्बों और ग्रामीण इलाकों को बेहतर सड़क संपर्क प्राप्त होगा। परियोजना के विभिन्न हिस्से इस वर्ष तथा अगले वर्ष चरणबद्ध रूप से यातायात के लिए खोले जाएंगे। किसानों की उपज समय पर पहुंचेगी बाजार परियोजना का सीधा लाभ किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा। वर्तमान में बरेला, शाहपुरा, पाटन, सिहोरा और आसपास के क्षेत्रों के किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में ट्रैफिक जाम और परिवहन संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। आउटर रिंग रोड बनने के बाद कृषि उत्पादों का परिवहन तेज होगा, जिससे समय की बचत होगी और किसानों को बेहतर बाजार अवसर उपलब्ध होंगे। परिवहन लागत कम होने से उनकी आय पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। स्थानीय किसानों का मानना है कि परियोजना के कुछ प्रारंभिक हिस्सों के संचालन से ही यात्रा में होने वाली देरी में कमी महसूस होने लगी है और पूर्ण परियोजना शुरू होने के बाद यह लाभ और अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। लॉजिस्टिक्स और माल परिवहन को मिलेगी नई गति जबलपुर मध्य भारत का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र है। आउटर रिंग रोड बनने के बाद मालवाहक वाहनों को शहर के भीतर प्रवेश नहीं करना पड़ेगा, जिससे परिवहन लागत और समय दोनों में कमी आएगी। ईंधन की बचत होगी और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क अधिक कुशल बन सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना भविष्य में जबलपुर को मध्य भारत के प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पर्यटन क्षेत्र को मिलेगा बड़ा लाभ जबलपुर की पहचान केवल औद्योगिक और प्रशासनिक शहर के रूप में नहीं, बल्कि एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में भी है। भेड़ाघाट की संगमरमरी घाटियां, धुआंधार जल प्रपात, ग्वारी घाट, नर्मदा तट और निकटवर्ती कान्हा राष्ट्रीय उद्यान देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। नई रिंग रोड इन पर्यटन स्थलों तक पहुंच को अधिक तेज और सुविधाजनक बनाएगी। साथ ही अमरकंटक जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों तक यात्रा भी पहले की तुलना में अधिक सुगम होगी। इससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों और स्थानीय रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। नर्मदा पर बनेगा आधुनिक इंजीनियरिंग का प्रतीक परियोजना का सबसे आकर्षक और महत्वपूर्ण हिस्सा नर्मदा नदी पर निर्मित किया जा रहा लगभग 750 मीटर लंबा एक्सट्राडोज्ड ब्रिज है। आधुनिक तकनीक से तैयार किया जा रहा यह पुल न केवल परिवहन सुविधा को बेहतर बनाएगा बल्कि भविष्य में क्षेत्र की एक विशिष्ट पहचान के रूप में भी स्थापित होगा। मध्यप्रदेश की जीवन रेखा मानी जाने वाली नर्मदा नदी पर निर्मित यह पुल आधुनिक विकास और सांस्कृतिक विरासत के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण होगा। व्यापक अधोसंरचना निर्माण इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत 14 बड़े पुल, 37 छोटे पुल, 4 रेलवे ओवरब्रिज, 3 फ्लाईओवर, 12 वाहन अंडर-पास, 23 हल्के वाहनों के अंडर-पास, 2 एलिवेटेड स्ट्रक्चर, 3 ओवर-पास तथा लगभग 332 पुलियाओं का निर्माण किया जा रहा है। यह अधोसंरचना न केवल यातायात को निर्बाध बनाएगी बल्कि भविष्य की बढ़ती परिवहन आवश्यकताओं को भी पूरा करेगी। महाकौशल क्षेत्र के विकास को मिलेगा नया आधार आउटर रिंग रोड का लाभ केवल जबलपुर तक सीमित नहीं रहेगा। बरेला, मानेगांव, शाहपुरा, सिहोरा, पाटन, अमझर, कुशनेर, आधारताल और गढ़ा सहित अनेक क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही मंडला, डिंडोरी, नरसिंहपुर और कटनी जैसे जिलों की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। बेहतर सड़क नेटवर्क के कारण उद्योगों, वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, लॉजिस्टिक्स पार्क और नए निवेश के अवसर … Read more

जनसुविधा के साथ विकास कार्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मंत्री सारंग

भोपाल सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने शुक्रवार को निर्माणाधीन 10 लेन करोंद बायपास परियोजना का एनएचएआई, नगर निगम, पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन, मेट्रो कॉर्पोरेशन एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। मंत्री  सारंग ने निर्माण कार्य की प्रगति, यातायात व्यवस्था, जनसुविधाओं एवं निर्माण कार्य के दौरान उत्पन्न हो रही समस्याओं का मौके पर जायजा लेकर संबंधित आधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। अस्थायी रूप से टैंकरों के माध्यम से करें पानी की व्यवस्था निरीक्षण में मंत्री  सारंग ने निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदार की लापरवाही के कारण पानी लाइन बार-बार क्षतिग्रस्त होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए दोषियों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मंत्री  सारंग ने कहा कि ठेकेदार की लापरवाही के कारण नागरिकों को पानी की समस्या का सामना न करना पड़े, इसके लिये तत्काल एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए। मंत्री  सारंग ने कहा कि जहां भी पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है, वहां तत्काल अस्थायी रूप से टैंकरों के माध्यम से पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। अव्यवस्थाओं को लेकर की नाराजगी व्यक्त मंत्री  सारंग ने निर्माण कार्य में सामने आ रही व्यवस्थागत कमियों एवं अव्यवस्थाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदार के प्रति नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा आमजन की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाएगा। मंत्री  सारंग ने कहा कि करोंद बायपास परियोजना शहर के यातायात को सुगम बनाने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन निर्माण कार्य के कारण नागरिकों को अनावश्यक परेशानियां न उठानी पड़े। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य के दौरान यातायात, आवागमन एवं दैनिक गतिविधियां प्रभावित न हों, इसके लिए सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय के साथ कार्य करें। पानी एवं सीवेज लाइनों को व्यवस्थित रूप से करें शिफ्ट मंत्री  सारंग ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण एजेंसियां खुदाई करने से पहले पानी एवं सीवेज लाइनों की स्थिति देख लें, जिससे भविष्य में इस प्रकार की समस्याएं उत्पन्न न हों। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य पूरी योजना एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप किया जाए, जिससे परियोजना समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण हो सके। ठेकेदार से लिया जाएगा आर्थिक मुआवजा मंत्री  सारंग ने कहा कि ठेकेदार की लापरवाही से पाइप-लाइन टूटने की वजह से हुए नुकसान की भरपाई के लिये आर्थिक मुआवजा भी वसूला जाएगा। साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोबारा न हो तथा निर्माण कार्य में आमजन को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।  

राजनाथ सिंह का बड़ा दावा, ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान घुटनों पर आया

नई दिल्ली  'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत ने मात्र चार दिनों के भीतर पाकिस्तान को युद्धविराम की अपील करने पर मजबूर कर दिया। यह जानकारी शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी। ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य अभियान नहीं था, बल्कि भारत की निर्णायक इच्छाशक्ति, आधुनिक सैन्य क्षमता और तीनों सेनाओं के उत्कृष्ट तालमेल का जीवंत उदाहरण था। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि भारत द्वारा अब तक लड़े गए युद्धों और अभियानों की तुलना में ऑपरेशन सिंदूर कई मायनों में अलग और अत्यंत प्रभावशाली रहा। दरअसल देश की सैन्य शक्ति, रणनीतिक क्षमता और सैनिकों के अदम्य साहस का प्रतीक बन चुके ऑपरेशन सिंदूर को लेकर शुक्रवार को एक विशेष अवसर देखने को मिला।  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस ऐतिहासिक सैन्य अभियान पर आधारित एक स्मारक प्रकाशन का विमोचन किया। नई दिल्ली में आयोजित इस समारोह में भारतीय सेनाओं के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान पूरा वातावरण गर्व, सम्मान तथा राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत दिखाई दिया।  इस दौरान रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत के सैन्य इतिहास की एक अभूतपूर्व सफलता बताया। राजनाथ सिंह ने कहा कि शुक्रवार को जारी किया गया स्मारक प्रकाशन केवल घटनाओं का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह उन सैनिकों की भावनाओं, संघर्षों और अनुभवों को भी सामने लाता है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित की। उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध केवल हथियारों और रणनीतियों से नहीं जीते जाते, बल्कि उनमें नेतृत्व, साहस, मानसिक दृढ़ता और दबाव में सही निर्णय लेने की क्षमता सबसे बड़ी भूमिका निभाती है। यह पुस्तक इन्हीं पहलुओं को बेहद मानवीय और प्रेरणादायक तरीके से प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि जब देश के सैनिक सीमाओं पर अपने प्राणों की बाजी लगाते हैं, तब राष्ट्र के नागरिकों का भी दायित्व बनता है कि वे देशहित को सर्वोपरि रखें। रक्षा मंत्री ने लोगों से अपील की कि वे इस प्रकाशन से प्रेरणा लें और ऐसे जिम्मेदार नागरिक बनें जो देश की संप्रभुता और सुरक्षा के महत्व को गहराई से समझ सकें। समारोह में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी तथा सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। गौरतलब है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' की रणनीतिक योजना, संयुक्त सैन्य समन्वय, आधुनिक तकनीक के उपयोग और जमीनी स्तर पर सैनिकों के साहसिक प्रदर्शन पर अनेक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चर्चा हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारतीय सशस्त्र बल अब पारंपरिक युद्ध सीमाओं से आगे बढ़कर तेज, सटीक और बहुआयामी सैन्य अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम देने में सक्षम हैं। इस अभियान ने न केवल भारत की सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी यह संदेश दिया कि भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। स्मारक प्रकाशन को सैनिकों के साहस, समर्पण और राष्ट्रभक्ति को समर्पित एक जीवंत दस्तावेज माना जा रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देने का कार्य करेगा। 

आम लोगों के लिए खुशखबरी! केंद्र सरकार लाई नई योजना, पैसे से लेकर बीमा तक मिलेगा फायदा

नई दिल्ली केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए सोशल सिक्योरिटी सुविधाओं के लिए स्कीम लाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसके तहत सरकार एक्सीडेंटल इंश्योरेंस, हेल्थ फैसलिटीज, मैटरनिटी सपोर्ट, बुजुर्गों के लिए सुरक्षा, कैश, एजुकेशन लोन और अंतिम संस्कार जैसे खर्चों के लिए आर्थिक मदद देने की तैयारी में है। यह जानकारी श्रम और रोजगार मंत्रालय के संयुक्त सचिव और महानिदेशक (श्रम कल्याण) आशुतोष पेडनेकर ने दी है। सरकार ने बढ़ाए कदम पेडनेकर ने बताया कि सरकार गिग वर्कर्स को सुविधाएं देने के लिए कदम बढ़ा दिए हैं। इसके लिए नेशनल सोशल सिक्योरिटी बोर्ड फॉर गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स को लागू करने की हरी झंडी दी गई है। यह बोर्ड इस क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए कल्याणकारी योजनाओं पर काम करेगा। इसके साथ ही गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए एक सोशल सिक्योरिटी फंड भी बनाया जा रहा है। इस फंड के जरिए सरकार गिग वर्कर्स के लिए एक्सीडेंटल इंश्योरेंस, हेल्थ फैसलिटीज, मैटरनिटी सपोर्ट, बुजुर्गों के लिए सुरक्षा, कैश, एजुकेशन लोन और अंतिम संस्कार जैसे खर्चों के लिए आर्थिक मदद करेगी। इन योजनाओं के स्वरूप को अंतिम रूप देने के लिए सरकार फंड मैनेजर्स और दूसरे संबंधित पक्षों से बातचीत कर रही है। सरकार की ओर से इसके लिए प्लेटफॉर्म कंपनियों को अपने कर्मचारियों का डेटा 22 जून तक ई-श्रम पोर्टल से जोड़ने को कहा गया है। इससे कामगारों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे मिल सके। कंपनियों के लिए क्या प्लान? सरकार की योजना के तहत एग्रीगेटर कंपनियों का डेटा और ई-श्रम पोर्टल एक-दूसरे से सीधे जुड़ेंगे। इससे कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं की रियल-टाइम ट्रैकिंग संभव होगी। कामगार मोबाइल ऐप के जरिए अपने अधिकारों और इस्तेमाल की जानकारी भी देख सकेंगे। गिग वर्कर्स कौन हैं? गिग वर्कर्स ऐसे कर्मचारी होते हैं जो पारंपरिक कर्मचारी-नियोक्ता संबंध से बाहर रहकर तय समय या प्रोजेक्ट के आधार पर काम करते हैं। इसमें फ्रीलांसर, स्वतंत्र ठेकेदार और पार्ट-टाइम कर्मचारी आदि शामिल हो सकते हैं। वहीं, प्लेटफॉर्म वर्कर्स वे हैं जो किसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए सीधे लोगों या कंपनियों को सेवाएं देते हैं। उदाहरण से समझें तो ओला-उबर के ड्राइवर या स्विगी-जोमैटो के डिलीवरी ब्वॉय प्लेटफॉर्म वर्कर की कैटेगरी में आते हैं। भारत में पहली बार नए श्रम कानूनों के तहत गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया गया है। फिलहाल देश में करीब 1 करोड़ गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स काम कर रहे हैं और सरकार को उम्मीद है कि दशक के अंत तक यह संख्या बढ़कर 2.5 करोड़ तक पहुंच सकती है।

पीएम सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना से जगमगा रहे मध्यप्रदेश के करीब 1.30 लाख घर

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में 'पीएम सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना' भारत को अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में एक वैश्विक महाशक्ति के रूप में स्थापित कर रही है। आत्मनिर्भर ऊर्जा के साथ सशक्त भारत की दिशा में केन्द्र सरकार के बढ़ते कदमों का ही सुपरिणाम है कि आज देश के 40 लाख घरों में रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित हो गए हैं। इनमें मध्यप्रदेश के 1 लाख 29 हजार 971 घर शामिल हैं। ये सभी घर-परिवार अब बिजली बिल की चिंता से हमेशा के लिए मुक्त होकर स्वच्छ एवं अक्षय ऊर्जा से रौशन हो रहे हैं। मध्यप्रदेश में स्थापित इन सोलर संयंत्रों से 456 मेगावॉट से अधिक स्वच्छ सौर ऊर्जा का उत्पादन भी हो रहा है। केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा संचालित पीएम सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के नेशनल पोर्टल के अनुसार इस योजना से अब तक प्रदेश के 1 लाख 34 हजार 436 परिवार लाभान्वित हो चुके हैं। प्रदेश के पीएम सूर्य घर योजना हितग्राहियों को अब तक 901.92 करोड़ रुपये की अनुदान (सब्सिडी) राशि रिलीज की जा चुकी है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा प्रदेश में 6 लाख घरों को 'पीएम सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना' के तहत सौर ऊर्जा से रौशन करने का लक्ष्य लिया गया है। लक्ष्य प्राप्ति के लिए तेजी से काम जारी है। विभाग को अब तक 2 लाख 4 हजार 601 आवेदन मिल चुके हैं।