samacharsecretary.com

क्रिकेट इतिहास में नया तूफान! वैभव सूर्यवंशी का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर से भी तेज

मुंबई   भारतीय क्रिकेट में जब भी कोई नया युवा बल्लेबाज कमाल करता है, तो उसकी तुलना तुरंत भगवान माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर से होने लगती है। लेकिन आज कहानी कुछ और है। सवाल यह नहीं है कि क्या 15 साल के वैभव सूर्यवंशी अगले सचिन हैं, बल्कि सस्पेंस इस बात का है कि क्रिकेट के मायने अब कितने बदल चुके हैं। जहां सचिन के दौर में क्रीज पर टिकना महानता थी, वहीं वैभव के दौर में पहली ही गेंद से तबाही मचाना पहचान बन चुका है। सचिन की परीक्षा थी 'टिकना' 15 नवंबर 1989 को जब 16 साल के सचिन तेंदुलकर पाकिस्तान के खतरनाक गेंदबाजों के सामने उतरे, तो उनका मकसद सिर्फ जिंदा रहना और क्रीज पर टिकना था। उन्होंने साल 1990 में इंग्लैंड के खिलाफ 119 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलने के लिए 189 गेंदें ली थीं। उस दौर में टेस्ट क्रिकेट और धैर्य ही असली पैमाना हुआ करते थे, जहां स्कूल की किताबें साथ लेकर चलने वाले सचिन ने धीरे-धीरे अपनी बादशाहत बनाई। पहली गेंद से धमाका करते वैभव इसके ठीक उलट, राजस्थान रॉयल्स के वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 14 साल की उम्र में आईपीएल डेब्यू करते ही शार्दुल ठाकुर की पहली गेंद पर छक्का जड़ दिया था। उन्होंने गुजरात टाइटंस के खिलाफ महज 35 गेंदों में शतक ठोक दिया, जो किसी भी भारतीय द्वारा आईपीएल इतिहास का सबसे तेज शतक है। अपनी 101 रनों की पारी में 94 रन तो उन्होंने सिर्फ चौके-छक्कों से बनाए थे। IPL 2026 के सीजन में वैभव का बल्ला आग उगल रहा है। उन्होंने 14 मैचों में 232 के हैरान करने वाले स्ट्राइक रेट से 583 रन कूट दिए हैं, जिसमें सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 37 गेंदों में लगाया गया एक और खूंखार शतक शामिल है। 53 में से 42 छक्कों की कहानी काफी कुछ कहती है! इस सीजन में वैभव सूर्यवंशी ने कुल 53 छक्के लगाए हैं, जिनमें से 42 सिर्फ तेज गेंदबाजों के खिलाफ आए हैं. यानी लगभग हर चार में से तीन छक्के उन्होंने पेस अटैक के खिलाफ लगाए हैं।  यह सिर्फ आंकड़ा नहीं है, यह एक पैटर्न है और वह पैटर्न बताता है कि वैभव के सामने सबसे बड़ा खतरा नहीं, बल्कि सबसे बड़ा अवसर खुद तेज़ गेंदबाज़ बन रहे हैं।  पेस अटैक पर सीधा हमला तेज गेंदबाजों के खिलाफ वैभव का प्रदर्शन IPL 2026 में असाधारण रहा है. उन्होंने इस विभाग के खिलाफ 478 रन बनाए हैं, औसत 43.45 और स्ट्राइक रेट 235.46 के साथ. इस दौरान 44 चौके और 42 छक्के उनके नाम दर्ज हैं।  सबसे बड़ी बात यह है कि उन्होंने हर 4.83 गेंद पर एक छक्का जड़ा है- जो किसी भी पेस अटैक के लिए एक लगातार दबाव का संकेत है। स्पिन के खिलाफ भी उनका प्रदर्शन मजबूत है, लेकिन तुलना खुद फर्क बता देती है. स्पिन के खिलाफ उन्होंने 105 रन बनाए हैं, औसत 35.00 और स्ट्राइक रेट 218.75 के साथ. यहां भी 11 छक्के दर्ज हैं, लेकिन असली तबाही तेज गेंदबाजों के खिलाफ ही दिखी है।  शुरुआत ही सबसे बड़ा हथियार वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी का सबसे खतरनाक पहलू उनका शुरुआती आक्रमण है. वह क्रीज़ पर 'सेट होने' का इंतजार नहीं करते- बल्कि पहली गेंद से ही मैच का स्वरूप बदल देते हैं. इस सीजन में-  – पहली गेंद पर 3 छक्के – पहले 5 गेंदों में 11 छक्के – पहले 10 गेंदों में 20 छक्के – पहले 15 गेंदों में 36 छक्के ये आंकड़े बताते हैं कि उनका इरादा साफ है या तो शुरुआत में ही मैच पर कब्जा, या फिर विपक्ष को बचने का मौका ही नहीं देना।  पावरप्ले में सबसे बड़ा धमाका पावरप्ले यानी पहले छह ओवर- जहां मैच की दिशा तय होती है और यहीं वैभव सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हुए हैं।  पहले 6 ओवरों में उन्होंने-  – 430 रन बनाए – औसत 61.42 – स्ट्राइक रेट 231.18 – 37 छक्के यानी हर ओवर में सिर्फ रन नहीं, बल्कि दबाव भी बढ़ता गया. दिलचस्प बात यह है कि यही वह चरण है जहां सबसे ज्यादा तेज गेंदबाज गेंदबाजी करते हैं और यहीं वे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।  मिडिल ओवर्स में भी नहीं रुकता तूफान पावरप्ले के बाद अक्सर बल्लेबाजों की रफ्तार कम होती है, लेकिन वैभव सूर्यवंशी इस परिभाषा को भी चुनौती दे रहे हैं।  सातवें ओवर के बाद भी उनका स्ट्राइक रेट 235.38 बना हुआ है. इस चरण में उन्होंने 16 छक्के लगाए हैं और हर 4.06 गेंद पर एक छक्का निकाला है।  यानी उनका खेल किसी एक फेज पर निर्भर नहीं है- वह पूरे 20 ओवर का खतरा हैं. 44 गेंदबाज, 31 शिकार इस सीजन में वैभव ने अब तक 44 अलग-अलग गेंदबाजों का सामना किया है, और उनमें से 31 को छक्का जड़ चुके हैं।  यह आंकड़ा बताता है कि वह किसी एक टीम या किसी एक गेंदबाज पर निर्भर नहीं हैं. उनका आक्रमण सिस्टम के खिलाफ नहीं, बल्कि हर व्यक्तिगत गेंदबाज के खिलाफ चलता है।  कहानी सिर्फ छक्कों की नहीं 53 छक्कों में से 42 सिर्फ तेज गेंदबाजों के खिलाफ होना एक बड़ी कहानी कहता है कि आधुनिक टी20 क्रिकेट में अब 'सबसे मजबूत विभाग' भी सबसे बड़ा निशाना बन सकता है।  वैभव सूर्यवंशी ने साबित कर दिया है कि उम्र सिर्फ पासपोर्ट में लिखी होती है, मैदान पर नहीं. अब टी20 क्रिकेट का सबसे बड़ा सवाल यही है- क्या कोई गेंदबाज उन्हें रोक पाएगा, या हर तेज गेंद सिर्फ उनके लिए एक और मौका बन चुकी है? बदल गया क्रिकेट का मिजाज सचिन का काम टीम को संभालना था, लेकिन वैभव का काम विरोधी टीम की गेंदबाजी को तहस-नहस करना है। सचिन को खुद को साबित करने के लिए सालों मिले, लेकिन आज के इम्पैक्ट प्लेयर वाले टी20 दौर में वैभव के पास सिर्फ 20 गेंदें होती हैं मैच का पासा पलटने के लिए।   

गेहूं खरीदी में बड़ा आंकड़ा पार, लघु और सीमांत किसानों से भी लाखों मीट्रिक टन खरीद जारी

अब तक कुल 13.36 लाख किसानों से 103 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जित सीमांत एवं लघु कृषकों से हुआ 32.14 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन गेहूं का उपार्जन अभी भी जारी भोपाल मध्यप्रदेश न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अब तक 13 लाख 36 हजार किसानों से गेहूं का उपार्जन कर देश में अव्वल है। अब तक 103 लाख 48 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हो चुका है। इसमें से 8 लाख 9 हजार 990 सीमांत एवं लघु कृषकों से 32 लाख 14 हजार मीट्रिक टन गेहूँ खरीदी की गई है। गेहूं का उपार्जन अभी भी जारी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि कोविड-19 की अवधि को छोड़कर विगत 10 वर्षों में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूं का सर्वाधिक उपार्जन किया गया है। मुख्यमंत्री कर रहे सतत मॉनिटरिंग मंत्री राजपूत ने बताया है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से 78 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन लक्ष्य को केन्द्र सरकार द्वारा 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश में 100 लाख मीट्रिक टन निर्धारित लक्ष्य से अधिक गेहूँ का उपार्जन हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रदेश में हो रहे गेहूँ उपार्जन की सतत मॉनीटरिंग की जा रही है। उन्होंने स्वयं खरीदी केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर तौल व्यवस्था, बारदाने की उपलब्धता और खरीदी केन्द्रों पर किसानों के लिये उपलब्ध जरूरी सुविधाओं का आकस्मिक निरीक्षण भी किया। साथ ही किसानों से संवाद कर उपार्जित गेहूँ के भुगतान आदि के बारे में जानकारी ली। उन्होंने किसानों के हित में जिन किसानों ने स्लाट बुक करा लिये हैं, उनके गेहूं उपार्जन की अवधि 23 मई से बढ़ाकर 28 मई तक कर दी है। किसानों को 22,842.9 करोड़ से अधिक का भुगतान किसानों को अब तक उपार्जित गेहूं का 22,842.9 करोड़ रूपये का भुगतान भी किया जा चुका है। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल काटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल काटों में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिया गया। किसानों की सुविधा के लिये तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक किया गया। देयक जारी करने का समय भी रात 12 बजे तक कर दिया गया है। गेहूं का उपार्जन सप्ताह में 6 दिन तक किया जा रहा है। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिये पीने का पानी, बैठने के छायांदार स्थान और जन-सुविधाओं की व्यवस्थाएं की गई हैं। किसानों से 2585 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रूपये प्रति क्विंटल बोनस सहित 2625 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं के भंडारण की भी समुचित व्यवस्था की गई है। किसानों की उपज की तौल समय पर हो सके, इसके लिये उपार्जन केन्द्रों में बारदाने, तौल काटें, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्प्यूटर, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और उपज की साफ-सफाई के लिये पंखा एवं छन्ना आदि की समुचित व्यवस्थाएं की गई।  

MP में शराब कारोबारियों की बढ़ी मुश्किलें, सरकार करेगी ओवरचार्जिंग और अवैध अहातों पर सख्ती

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार ने नई आबकारी नीति 2026-27 के तहत शराब दुकानों और अवैध गतिविधियों पर सख्ती बढ़ाने का फैसला किया है। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेशभर में आबकारी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि शराब दुकानों पर ओवर रेटिंग, तय समय के बाद बिक्री और अवैध रूप से संचालित शॉप बार जैसी गतिविधियों के खिलाफ राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले मदिरा ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों पर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश की सभी कम्पोजिट मदिरा दुकानों को पूरी तरह “ऑफ श्रेणी” घोषित किया गया है। इसके तहत दुकान परिसर या आसपास शराब सेवन की अनुमति नहीं होगी। अवैध अहातों और उपभोग स्थलों को बंद कराने के लिए विशेष दल गठित कर औचक निरीक्षण किए जाएंगे।   उप मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब दुकानों के खुलने और बंद होने के निर्धारित समय का सख्ती से पालन कराया जाएगा। इसके लिए पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीमें निगरानी करेंगी। वहीं उपभोक्ताओं से तय कीमत से अधिक राशि वसूलने की शिकायतों को रोकने के लिए दुकानों पर शराब की दरें प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है। साथ ही पारदर्शिता के लिए दुकानों पर क्यूआर कोड भी लगाए जाएंगे, ताकि ग्राहक वास्तविक कीमत की जांच कर सकें। उन्होंने कहा कि निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर शराब बेचने वालों पर भारी जुर्माना लगाने के साथ लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाई भी की जाएगी। इसके अलावा प्रदेश के पवित्र घोषित नगरों और क्षेत्रों में अवैध शराब बिक्री रोकने के लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।  सभी कम्पोजिट दुकानें 'ऑफ श्रेणी' की घोषित, अवैध अहाते होंगे बंद उप मुख्यमंत्री ने नीतिगत प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश की सभी कम्पोजिट मदिरा दुकानों को पूरी तरह 'ऑफ श्रेणी' का घोषित किया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब दुकान परिसर या उसके आसपास मदिरा सेवन (शराब पीने) की सुविधा उपलब्ध कराना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। नियमों के उल्लंघन की शिकायतों की सघन जांच के लिए विशेष दलों का गठन किया गया है, जो औचक निरीक्षण करेंगे। इस दौरान मिलने वाले सभी अवैध अहातों और उपभोग स्थलों को तुरंत बंद कराने के निर्देश मुख्यालय द्वारा बिंदुवार दिशा-निर्देशों के माध्यम से जारी कर दिए गए हैं। देर रात तक शराब बिक्री पर रोक, क्यूआर कोड से थमेगी ओवर रेटिंग दुकानों के निर्धारित समय से पहले खुलने और तय वक्त के बाद देर रात तक मदिरा बेचने के मामलों को सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। राजपत्र में निर्धारित समय सीमा का पालन कराने के लिए अब पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीमें मिलकर गश्त करेंगी। इसके साथ ही उपभोक्ताओं से तय मूल्य से अधिक राशि वसूलने (ओवर रेटिंग) की शिकायतों पर रोक लगाने के लिए प्रत्येक दुकान पर विक्रय दरों का प्रदर्शन अनिवार्य किया गया है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए दुकानों पर क्यूआर कोड चस्पा किए जाएंगे, जिससे मदिरा की वास्तविक दरों का सत्यापन हो सकेगा। यदि कोई ठेकेदार निर्धारित दर से अधिक कीमत पर मदिरा बेचता पाया गया, तो उस पर भारी जुर्माना और लाइसेंस निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई होगी। पवित्र नगरों और क्षेत्रों में अवैध परिवहन व बिक्री पर रहेगी पैनी नजर  देवड़ा ने कहा कि प्रदेश के जिन नगरों और क्षेत्रों को 'पॉली / पवित्र' घोषित किया गया है, वहाँ मदिरा की अवैध बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इन प्रतिबंधित क्षेत्रों में पहले से ही मदिरा दुकानों को पूरी तरह बंद रखने के आदेश लागू हैं। अब इन क्षेत्रों में शराब के किसी भी प्रकार के अवैध परिवहन या बिक्री को रोकने के लिए निगरानी तंत्र (सुरक्षा और इंटेलिजेंस) को और अधिक मजबूत किया जा रहा है, ताकि सरकार के इन कदमों से अवैध रूप से मदिरा का विक्रय और उपभोग कराने वाले तत्वों पर पूरी तरह शिकंजा कसा जा सके।

गर्मी से फिलहाल राहत नहीं, 29 मई के बाद बदलेगा मौसम; आंधी-तूफान की चेतावनी

नईदिल्ली  दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में इस समय भीषण गर्मी का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार 28 मई तक उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में तापमान में कोई बड़ी कमी आने की संभावना नहीं है। इसके बाद 29 से 31 मई के बीच तापमान में छह से आठ डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि यह राहत पूरी तरह से नहीं होगी, क्योंकि ‘नौतपा’ का असर अभी खत्म नहीं हुआ है। नौतपा अर्थात साल के वे नौ सबसे गर्म दिन होते हैं। यह अवधि मई के अंत में शुरू होकर जून के पहले सप्ताह तक की होती है। इस समय सूर्य भूमध्य रेखा के काफी करीब होता है और कर्क रेखा की ओर बढ़ता है, जिसके कारण मैदानी इलाकों का तापमान 45 से 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। दूसरी ओर एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ जारी है, साथ ही 28 मई, 2026 से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से उत्तर-पश्चिमी भारत के कई राज्यों में धूल भरी आंधी, हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है। फिलहाल 28 मई तक देश के कई राज्यों में भीषण गर्मी से राहत के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आज, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना, उत्तराखंड और पश्चिम मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में लू या हीटवेव चलने की आशंका जताई गई है। इन राज्यों में दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, विदर्भ और पश्चिम राजस्थान में भीषण लू चलने का अंदेशा है। विभाग ने चेतावनी दी है कि इन इलाकों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर रह सकता है। दोपहर के समय बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वहीं पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, कोंकण-गोवा, सौराष्ट्र-कच्छ और तमिलनाडु, पुडुचेरी तथा कराईकल के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम के बने रहने की आशंका है। उमस के कारण लोगों को अधिक पसीना और बेचैनी महसूस हो सकती है। समुद्री क्षेत्रों में नमी बढ़ने से गर्मी और ज्यादा परेशान करेगी। जबकि, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और विदर्भ के कुछ इलाकों में रात के समय भी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में ‘वार्म नाइट’ की स्थिति रहने की आशंका जताई है। इसका मतलब है कि रात का तापमान सामान्य से अधिक रहेगा, जिससे लोगों को नींद और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। क्या दिल्ली-एनसीआर में भीषण लू से मिलेगी राहत? दिल्ली-एनसीआर में 26 और 27 मई को भी गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं। मौसम विभाग ने भीषण लू के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अधिकतम तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 29 से 32 डिग्री के बीच रहने का पूर्वानुमान है। दिनभर आसमान साफ रहेगा, जिससे धूप और ज्यादा तेज महसूस होगी। गर्म हवाओं के कारण लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने में परेशानी हो सकती है। विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते 28 और 29 मई को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में; 28, 30 और 31 मई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में; और 28 तथा 31 मई को पूर्वी उत्तर प्रदेश में गरज के साथ बारिश व 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के 70 किमी प्रति घंटे में तब्दील होने के आसार हैं। इन राज्यों में तापमान में गिरावट आएगी और तपिश से राहत मिलने की संभावना है। कई राज्यों में आंधी और बारिश के आसार वर्तमान में एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन के असर से मौसम तेजी से बदल रहा है। बिहार, झारखंड, कर्नाटक और कई दक्षिणी राज्यों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, केरल और पश्चिम बंगाल में भी गरज के साथ बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की अपील की है। पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश का सिलसिला जारी है। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। चेरापूंजी में सात सेमी और अगरतला में आठ सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं आज, 26 मई, 2026 को भी असम और मेघालय के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। यहां बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन राज्यों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी इन राज्यों में भारी बारिश की आशंका जताई है। लोगों को नदी और पहाड़ी क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी भी जारी की गई है। दक्षिण भारत में भी बदलेगा मौसम केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। केरल और तमिलनाडु में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इन राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बरस सकते हैं बादल। विभाग ने यहां बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम भी बना रहेगा। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में तेज हवाएं चलने के आसार हैं। समुद्र में हवा की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। मानसून की आगे बढ़ने की स्थिति दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। … Read more

तेंदूपत्ता और महुआ संग्रह से लेकर भारतीय वन सेवा तक का प्रेरक सफर

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से  भारतीय वन सेवा (IFS) के लिए चयनित रायगढ़ जिले के संबलपुरी गांव निवासी अजय गुप्ता ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने अजय को भारतीय वन सेवा में चयनित होने पर बधाई देते हुए इसे पूरे छत्तीसगढ़, विशेषकर वनांचल क्षेत्र के लिए गौरव और प्रेरणा का क्षण बताया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अजय गुप्ता ने केवल अपने माता-पिता का ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत प्रेरणादायी है कि एक ऐसा युवा, जिसने बचपन में जंगलों में तेंदूपत्ता और महुआ संग्रह कर परिवार का हाथ बंटाया, आज उन्हीं जंगलों के संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी निभाने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि बताती है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती, बल्कि अवसर और संकल्प मिल जाए तो दूरस्थ अंचलों के युवा भी देश की सर्वोच्च सेवाओं में अपनी जगह बना सकते हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की ‘लघु वनोपज संघ छात्रवृत्ति’ तथा ‘पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति’ जैसी योजनाओं ने अजय जैसे प्रतिभाशाली युवाओं की राह आसान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि अजय की सफलता वनांचल समाज के सपनों, संघर्ष और आत्मविश्वास की जीत है तथा यह हजारों युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस देगी। उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिले के संबलपुरी गांव में साधारण परिवेश में पले-बढ़े अजय गुप्ता का बचपन जंगलों, वनोपज संग्रहण और खेती-किसानी के बीच बीता। छुट्टियों के दौरान वे अपने माता-पिता के साथ जंगलों में जाकर तेंदूपत्ता और महुआ एकत्रित करते थे। आर्थिक अभावों के बावजूद उन्होंने शिक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाया और 10वीं में 92.66 प्रतिशत तथा 12वीं में 91.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी मेधा का परिचय दिया। उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर अजय को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर में प्रवेश मिला, जहां अध्ययन के दौरान उन्हें तीन वर्षों तक छात्रवृत्ति का लाभ मिला। अजय ने कठिन परिस्थितियों के बीच अध्ययन जारी रखते हुए भारतीय वन सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 91वीं रैंक प्राप्त की और अपने सपनों को साकार किया। अजय गुप्ता ने बताया कि प्रारंभिक जीवन में उनके सपने सीमित थे और लगता था कि दुनिया गांव तक ही सीमित है, लेकिन उच्च शिक्षा और नए अनुभवों ने उनके सोचने का दायरा विस्तृत किया। उन्होंने कहा कि जंगल उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा रहा है और बचपन से प्रकृति के साथ बने इसी जुड़ाव ने उन्हें वन सेवा में जाने की प्रेरणा दी। उनका मानना है कि जंगल ने उन्हें केवल आजीविका ही नहीं, बल्कि जीवन की दिशा भी दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अजय की सफलता प्रदेश के उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं। उन्होंने कहा कि सही अवसर, मार्गदर्शन, मेहनत और शासन के सहयोग से गांवों और वनांचल क्षेत्रों के युवा भी देश के सर्वोच्च पदों तक पहुंच सकते हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अजय गुप्ता जैसे युवा आने वाली पीढ़ियों को संघर्ष, आत्मविश्वास और संकल्प की शक्ति का संदेश देंगे तथा छत्तीसगढ़ के युवाओं को नई दिशा और नई प्रेरणा प्रदान करेंगे।

संभल से चंदौली तक सुरक्षा कड़ी, बकरीद को लेकर पुलिस फोर्स तैनात

 चंदौली/संभल/सहारनपुर/अयोध्या/ मुजफ्फरनगर/आजमगढ़,      उत्तर प्रदेश सरकार और जिला पुलिस-प्रशासन ने आज 28 मई को मनाए जाने वाले बकरीद (ईद-उल-अजहा) के त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पूरे राज्य में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं. संभल से लेकर चंदौली और अयोध्या से लेकर मुजफ्फरनगर तक सभी जिलों में कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए विशेष कार्ययोजना लागू की गई है. पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च किया है और सीसीटीवी, ड्रोन कैमरों व सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल के जरिए असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जा रही है. शासन की स्पष्ट गाइडलाइन के अनुसार सार्वजनिक स्थलों पर खुले में कुर्बानी और सड़कों पर नमाज अदा करने की पूरी तरह मनाही है।  संभल में पांच जोन और 18 सेक्टर में सुरक्षा अति संवेदनशील माने जाने वाले संभल जिले में सुरक्षा का बड़ा खाका तैयार किया गया है. अपर पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह के अनुसार, पूरे जिले को 5 जोन और 18 सेक्टर में बांटा गया है, जहां मजिस्ट्रेट के साथ आरआरएफ, पीएसी और भारी पुलिस बल तैनात है. ढाई सौ से अधिक सीसीटीवी कैमरों से इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर द्वारा निगरानी की जाएगी. मिश्रित आबादी वाले इलाकों में रूफटॉप ड्यूटी लगाई गई है और सोशल मीडिया सेल को एक्टिव किया गया है।  मेरठ और सहारनपुर में पुलिस का पैदल मार्च मेरठ और सहारनपुर में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ रखने के लिए पुलिस अधिकारियों ने भारी बल के साथ भीड़भाड़ वाले बाजारों और महत्वपूर्ण स्थानों पर पैदल मार्च किया. मेरठ के एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि शासन के आदेशानुसार सभी धार्मिक आयोजन होंगे. सहारनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने नागरिकों और व्यापारियों से संवाद कर सुरक्षा का भरोसा दिलाया. दोनों जिलों में संदिग्ध वाहनों की चेकिंग की जा रही है और अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर है।  चंदौली में संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर पूर्वी उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में भी बकरीद को लेकर प्रशासन हाई अलर्ट पर है. चंदौली के एसपी आशीष पटेल ने बताया कि समस्त थाना क्षेत्रों में पीस कमेटी की बैठकें पूरी हो चुकी हैं. ईदगाहों और मस्जिदों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा, जबकि थाना प्रभारी लगातार पेट्रोलिंग करेंगे. मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है. सोशल मीडिया पर माहौल खराब करने वाले भड़काऊ संदेश पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।  मुजफ्फरनगर में डेढ़ हजार जवानों की तैनाती मुजफ्फरनगर में जोनल-सेक्टर प्रणाली लागू कर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. एसएसपी संजय कुमार वर्मा के अनुसार, बुढ़ाना और खतौली जैसे अति संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी के लिए 10 डीएसपी, 5 एएसपी, 45 इंस्पेक्टर, 200 सब इंस्पेक्टर और 889 रंगरूटों समेत लगभग डेढ़ हजार पुलिस जवान तैनात किए गए हैं. यहां भी ड्रोन और सीसीटीवी से मस्जिदों की निगरानी हो रही है ताकि सड़कों पर नमाज न हो।  अयोध्या और आजमगढ़ में चप्पे-चप्पे पर पहरा रामनगरी अयोध्या में डीआईजी सोमेन बर्मा ने स्पष्ट किया कि नमाज केवल निर्धारित ईदगाहों और मस्जिदों में तय समय पर होगी. अयोध्या रेंज के पांचों जिलों में व्यापक समीक्षा की गई है. उधर, आजमगढ़ के एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि चिन्हित सामूहिक कुर्बानी और नमाज स्थलों का भौतिक निरीक्षण कर साफ-सफाई व सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. प्रशासन परंपरागत और शांतिपूर्ण माहौल में त्योहार संपन्न कराने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।  लखनऊ में भी पुलिस अलर्ट  वहीं, राजधानी लखनऊ में भी पुलिस अलर्ट पर है. बकरीद पर सुबह 10:00 बजे ईदगाह में नमाज होगी, सड़कों पर नमाज की पूरी मनाही है. मौलाना खालिद रशीदी फिरंगी महली ने 'आजतक' कहा कि लोगों से केवल उन्हीं जानवरों की कुर्बानी करने की अपील की गई है जिन पर कानूनी बंदिश नहीं है. कुर्बानी के लिए नए स्थान तय नहीं होंगे, बल्कि पहले से निर्धारित जगहों पर ही साफ-सफाई के साथ इसे अंजाम दिया जाएगा।  वहीं, मुंबई के मामले पर निराशा जताते हुए कहा गया कि इस्लाम में प्रतिबंधित जानवर लाना गलत है और प्रशासन को ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. त्योहार पर किसी भी पक्ष की दखलंदाजी नहीं होनी चाहिए ताकि आपसी सौहार्द बना रहे। 

Horoscope 28 May: किस राशि को मिलेगा धन लाभ और किसे रहना होगा सतर्क? पढ़ें आज का राशिफल

मेष 28 मई के दिन लेंट दिखाने, मददगार लोगों से मिलने और नए प्रोजेक्ट शुरू करने के बड़े मौके मिलेंगे। क्लियर डिसीजन और छोटी-छोटी सफलताओं से कॉन्फिडेंस बढ़ेगा। आज का दिन क्रिएटिव काम, नए कनेक्शन और तरक्की के लिए एक अच्छी शुरुआत लेकर आएगा। उन ऑफर के लिए हां कहें, जो लाभदायक लगे। वृषभ 28 मई के दिन प्यार भरी बातें और रियल बातों से लव लाइफ में रौनक आती है। आज का स्टेबल दिन आपको काम खत्म करने और आगे की योजना बनाने में मदद करेगा। क्लियर नोट्स, अच्छे रिमाइंडर और जरूरी स्टेप्स का इस्तेमाल करें। मिथुन 28 मई के दिन कोशिशें लगातार करते रहें, छोटी-छोटी जीत का जश्न मनाएं। आज शाम में ध्यान से धन का मैनेजमेंट करें। शांति से लीडरशिप की डोर संभालें। टीम के साथियों की सुनें और एनर्जी और फोकस बनाए रखने के लिए काम और आनंद के बीच बैलेंस बनाएं। कर्क 28 मई के दिन दोस्त आपको दिलचस्प लोगों से मिलवा सकते हैं। छोटी-छोटी बातों से काम पर मददगार मौके मिल सकते हैं। आज के दिन नई दोस्ती में बदलाव आ सकता है। जब आप एक हेल्दी रूटीन को फॉलो करते हैं तो हेल्थ बैलेंस्ड रहती है। सिंह 28 मई के दिन अगर रिलेशनशिप में हैं, तो कोई छोटी-मोटी शेयर्ड एक्टिविटी प्लान करें। फोकस करें कि समय के साथ आसानी से कनेक्शन बन सकें। आज के दिन आप जिज्ञासु और मिलनसार महसूस करेंगे। सीखने और शेयर करने के लिए तैयार रहेंगे। कन्या 28 मई के दिन सुनना और तारीफ करना याद रखें। आप इस बात पर फोकस करें कि आपकी प्रायोरिटीज क्लियर हैं। आज के दिन ऐसे काम चुनें, जो आपकी ताकत से मेल खाते हों। अपनों से बातचीत से अपनापन और काम के आइडिया मिल सकते हैं। तुला 28 मई के दिन प्यार से बताएं कि आपको क्या चाहिए। छोटे-छोटे दोस्ताना काम मददगार लोगों को अट्रैक्ट कर सकते हैं। जिज्ञासा को धैर्य के साथ बैलेंस करें ताकि आइडिया काम के नतीजों में बदल सकें। वृश्चिक 28 मई के दिन देखभाल के साथ सब्र और खुशी बनी रहेगी। शांत मूड आपको सॉल्यूशन खोजने में मदद करेगा। आज के दिन आपका परिवार आपके प्लान को सपोर्ट करेगा। आपका काम आसानी से चलेगा। धनु 28 मई के दिन क्लियर बातचीत से कन्फ्यूजन दूर होती है और अपनापन आ सकता है। एक सोशल और शांति भरा दिन रहेगा, जो बातचीत से सीखने में मदद करेगा। क्लियर सवाल पूछें, नोट्स लिखें और कामों के लिए एक स्मार्ट प्लान फॉलो करें। मकर 28 मई के दिन सिंगल लोग कम्युनिटी इवेंट में या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किसी को नोटिस कर सकते हैं। आज के दिन शाम तक, कामयाबी का एक शांत एहसास आपका हौसला बढ़ाएगा। आज का दिन धीरे-धीरे आपका कॉन्फिडेंस बढ़ाएगा। कुंभ 28 मई के दिन अपने पार्टनर से कनेक्ट करने के लिए छोटे कदम उठाएं। शांति से अपने टाइम को मैनेज करें। आज के दिन जल्दबाजी में कोई डिसीजन न लें, और छोटी-मोटी मदद स्वीकार करें। मीन 28 मई के दिन करियर में प्रोजेक्ट को लीड करने और आइडिया शेयर करने के बड़े मौके मिलेंगे। आज के दिन आपके छोटे-छोटे कदम खुशहाल, आसान रोजमर्रा के रूटीन की ओर लगातार तरक्की कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री साय की घोषणा का हुआ पालन

रायपुर   छत्तीसगढ़ सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए जिला पंचायतों को भी गौण खनिजों से प्राप्त रॉयल्टी राजस्व राशि में हिस्सा देने का आदेश जारी कर दिया है। राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर नवीन कुमार अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जिला पंचायतों को भी गौण खनिज निधि का हिस्सा दिए जाने की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने मंच से ही इस मांग को स्वीकार करते हुए घोषणा की थी, जिसका अब राज्य शासन द्वारा पालन कर दिया गया है। खनिज साधन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार गौण खनिजों से प्राप्त कुल राजस्व का 33 प्रतिशत हिस्सा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को पूर्ववत दिया जाएगा, जबकि शेष 67 प्रतिशत राशि का वितरण ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और जिला पंचायतों के बीच निर्धारित स्लैब के अनुसार किया जाएगा।  जारी आदेश के तहत 7.50 लाख रुपये तक की राशि पूरी तरह ग्राम पंचायत को मिलेगी। 7.50 लाख से 10 लाख रुपये तक की राशि में 80 प्रतिशत ग्राम पंचायत, 10 प्रतिशत जनपद पंचायत और 10 प्रतिशत जिला पंचायत को दिया जाएगा। 10 लाख से 25 लाख रुपये तक की राशि में ग्राम पंचायत को 70 प्रतिशत तथा जनपद और जिला पंचायत को 15-15 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा। इसी तरह 25 लाख से 50 लाख रुपये तक की राशि में ग्राम पंचायत को 60 प्रतिशत और जनपद व जिला पंचायत को 20-20 प्रतिशत हिस्सा दिया जाएगा। 50 लाख रुपये से अधिक की राशि में ग्राम पंचायत को 50 प्रतिशत तथा जनपद और जिला पंचायत को 25-25 प्रतिशत राशि मिलेगी।  राज्य शासन ने निधि के उपयोग के दायरे का भी विस्तार किया है। अब इस राशि का उपयोग स्कूलों और अस्पतालों में रनिंग वाटर सुविधा, सामुदायिक शौचालय, मुक्तिधाम निर्माण, पहुंच मार्ग तथा वाचनालय निर्माण जैसे कार्यों में किया जा सकेगा। जिला पंचायतों को मिलने वाली राशि का उपयोग उन क्षेत्रों के विकास कार्यों में किया जाएगा जहां खनन गतिविधियों का प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और गांवों में विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जिला पंचायतों को गौण खनिज निधि में हिस्सेदारी मिलने से स्थानीय विकास योजनाओं को मजबूती मिलेगी और त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी। मुख्यमंत्री की घोषणा का पालन होने पर जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर नवीन कुमार अग्रवाल सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रसन्नता जताई है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से पंचायतों के कामकाज और संचालन व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को और अधिक गति मिलेगी।

उज्जैन के डायल-112 हीरोज घर की राह भटके मानसिक रूप से अस्वस्थ बालक को सुरक्षित संरक्षण में लेकर थाने पहुँचाया

भोपाल उज्जैन जिले के थाना चिंतामन गणेश क्षेत्र में डायल-112 जवानों की संवेदनशीलता एवं तत्पर कार्यवाही से घर का रास्ता भटक गए मानसिक रूप से अस्वस्थ 10 वर्षीय बालक को सुरक्षित संरक्षण में लेकर थाना पहुँचाया गया। 26 मई को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना चिंतामन गणेश क्षेत्र अंतर्गत कंदरिया चौराहा के पास एक मानसिक रूप से अस्वस्थ बालक अकेला मिला है, जो घर का रास्ता भटक गया है तथा पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही तत्काल चिंतामन गणेश थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को मौके के लिए रवाना किया गया। डायल-112 स्टाफ आरक्षक सागर सिंह एवं पायलट लाल सिंह ने मौके पर पहुंचकर बालक को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। डायल-112 जवानों ने बालक से जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया, किन्तु मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण वह अपने परिजनों के संबंध में कोई जानकारी नहीं दे पा रहा था। डायल-112 जवानों ने बालक को सुरक्षित डायल 112 वाहन में बैठाकर आसपास क्षेत्र में परिजनों की तलाश एवं पूछताछ की, किन्तु परिजनों के संबंध में कोई जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी। इसके बाद डायल-112 टीम द्वारा बालक को सुरक्षित थाना चिंतामन गणेश पहुँचाया गया।  

60 बोरिंग सूखे, अब टैंकरों के सहारे चलेगा इंदौर का जल प्रबंधन

इंदौर  देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर गंभीर जलसंकट से गुजर रहा है। हालत यह है कि 35 लाख से ज्यादा जनसंख्या वाला यह शहर आज भी पानी के मामले में 70 किमी दूर बहने वाली नर्मदा नदी के भरोसे है। शहर में सवा लाख से ज्यादा बोरिंग हैं, लेकिन वर्षाजल को जमीन में सहेजने की प्रवृत्ति नहीं होने की वजह से इनमें से ज्यादातर सूख चुके हैं। वर्ष 2013 में नर्मदा का तीसरा चरण इंदौर आया था जो वर्ष 2024 तक की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया था। पिछले 13 साल में भविष्य की आवश्यकता को लेकर कोई काम ही नहीं हुआ। स्थिति यह है कि आज शहर का बड़ा हिस्सा टैंकरों के भरोसे है। रोज किसी न किसी क्षेत्र में जलसंकट को लेकर चक्काजाम और प्रदर्शन हो रहे हैं। नींद से जागे नगर निगम ने नर्मदा के चौथे चरण को लेकर काम तो शुरू कर दिया है, लेकिन इसे पूरा होने में कम से कम तीन साल लगेंगे। मतलब साफ है कि शहरवासियों को आने वाले तीन साल जलसंकट झेलना ही पड़ेगा। इन वजहों से बिगड़े हालात 1970 के आसपास इंदौर में सूखे के हालात बने थे। 70 किमी दूर बहने वाली नर्मदा का जल इंदौर लाने के लिए आंदोलन हुआ, जिसके बाद नर्मदा परियोजना को स्वीकृति मिली। वर्ष 1978 में नर्मदा का पहला चरण इंदौर आया और शहर को 90 एमएलडी पानी मिलने लगा। वर्ष 1990 में नर्मदा का दूसरा चरण इंदौर आया और 90 एमएलडी पानी और मिलने लगा। वर्ष 2013 में तीसरा चरण इंदौर आया और इंदौर को 430 एमएलडी पानी मिलने लगा। पिछले दो दशक में शहर का विस्तार तेजी से हुआ। नई कॉलोनियां, टाउनशिप आईं, जनसंख्या में तेजी से वृद्धि हुई, लेकिन पानी की मात्रा बढ़ाने को लेकर कोई काम नहीं हुआ। हाल ही में नर्मदा के चौथे चरण का काम शुरू हुआ है। उम्मीद जताई जा रही है कि वर्ष 2029 के अंत तक यह पूरा हो जाएगा। इसके बाद इंदौर को कुल 900 एमएलडी पानी मिलने लगेगा। बोरिंग या तो सूख गए या दूषित पानी दे रहे हैं शहर के 25 प्रतिशत हिस्से में आज भी नर्मदा लाइनें नहीं हैं। ये क्षेत्र पूरी तरह से बोरिंग पर निर्भर हैं। गर्मी के चलते ज्यादातर बोरिंग या तो सूख चुके हैं या दूषित पानी दे रहे हैं। इसके चलते ये क्षेत्र अब पूरी तरह से टैंकरों पर आश्रित हो गए हैं। औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाला प्रदूषित पानी खुले में छोड़ने से आसपास के क्षेत्रों का भू-जल दूषित हो गया। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से 36 मौतें हुईं। नए तालाबों की योजना नहीं बनी, पुरानों का गहरीकरण नहीं हुआ लगभग 87 वर्ष पहले होलकरकाल में इंदौर की पानी की आवश्यकता पूरी करने के लिए यशवंत सागर जलाशय बनाया गया था। इसके बाद किसी नए तालाब की योजना तक नहीं बनी। शहर में सिरपुर, बिलावली, पिपल्याहाना तालाब हैं, लेकिन इनके गहरीकरण को लेकर काम ही नहीं हुआ। प्रति व्यक्ति 100 लीटर पानी भी नहीं मिल रहा नर्मदा के तीन चरण इंदौर लाने के बाद अधिकारियों का अनुमान था कि शहर में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 180 लीटर पानी की आपूर्ति हो सकेगी, लेकिन तेजी से बढ़ती जनसंख्या की वजह से ऐसा नहीं हो सका। नर्मदा का तीसरा चरण 25 लाख जनसंख्या की आवश्यकता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था, लेकिन नगर निगम सीमा में 29 गांव शामिल करने के बाद इन गांवों में नर्मदा पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी नगर निगम पर आ गई। जनसंख्या भी 35 लाख से अधिक हो गई। यही वजह है कि शहर को इस वर्ष शहर में जबरदस्त जलसंकट झेलना पड़ रहा है। चौथा चरण आने के बाद मिलेगी राहत नर्मदा के चौथे चरण पर नगर निगम लगभग 2300 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसके बाद इंदौर को 900 एमएलडी पानी मिलने लगेगा। अमृत 2.0 योजना के तहत किए जा रहे इस कार्य में शहर में 1500 किमी नई पाइप लाइन बिछाई जाएगी। दो लाख से ज्यादा पुराने जल कनेक्शन की लाइन भी बदली जाएगी। 1.47 लाख नए कनेक्शन भी दिए जाएंगे। इसके अलावा 40 नई टंकियां बनाई जाएंगी। अनुमान है कि नर्मदा के चौथे चरण से इंदौर की वर्ष 2045 तक की आवश्यकता पूरी होगी।