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शानदार कामकाज का मिला सम्मान, प्रदेश के दो IPS अफसरों को अहम जिम्मेवारी

रायपुर   प्रदेश के 2 IPS अफसरों को बड़ी जिम्मेदारी से नवाजा गया है। नीतू कमल और डी श्रवण को बड़ी सौगात मिली है। इन दोनों अधिकारियों को केंद्रीय सुरक्षा एजेंसी में आईजी के लिए इंपैनल किया गया है जो बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। 2008 बैच के आईपीएस अधिकारी नीतू कमल और डी श्रवण को बड़ी जिम्मेवारी छत्तीसगढ़ कैडर के  इन दो IPS अफसरों को यह अहम जिम्मेदारी मानी जा रही है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को केंद्र सरकार ने बड़ी सौगात दी है।  2008 बैच के आईपीएस अधिकारी नीतू कमल और डी श्रवण के केंद्रीय सुरक्षा एजेंसी में आईजी के लिए इंपैनल होने को एक बड़ा मुकाम माना जा रहा है। आपको बता दें कि आईपीएस नीतू कमल मौजूदा समय में CBI  में प्रतिनियुक्ति पर हैं, जबकि डी श्रवण राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।  दोनों अधिकारियों के अनुभव को देखते हुए केंद्र ने उन्हें अहम जिम्मेदारी सौंपी है। गृह मंत्रालय की ओर से  जारी सूची में देश से वर्ष 2001 से 2008 बैच तक के 67 आईपीएस अधिकारियों को आईजी और डीआईजी स्तर के पदों के लिए इंपैनल किया गया है। छत्तीसगढ़ कैडर के  इन दो IPS अफसरों को ये सौगात मिली है जो एक अहम बात मानी जा रही है।

वंदे भारत पर हमला! उज्जैन में उत्पातियों ने की पत्थरबाजी, यात्रियों में दहशत

उज्जैन  मध्य प्रदेश के उज्जैन में रेल्वे स्टेशन से 200 मीटर की दूरी पर वंदे भारत ट्रेन में उस वक्त हड़कंप मच गया जब अचानक एक के बाद एक पथराव होने लगे. देखते ही देखते उत्पातियों ने ट्रेन के 4 कोच के कांच फोड़ दिए. पथराव इतनी तेज था कि कोच के कांच तड़क गए. गनीमत रही इस दौरान यात्री सुरक्षित रहे किसी को कोई चोट नहीं लगी।  ग्लास टूटने की तस्वीरें आईं सामने जैसे ही घटना की जानकारी सामने आई मामले में रेल्वे ने तत्काल संज्ञान लेते हुए RPF थाने में FIR दर्ज करवाई. रेलवे पुलिस अब CCTV फुटेज व अन्य साक्ष्य के आधार पर उत्पातियों की तलाश में जुट गई है. घटना के बाद यात्री सहम उठे. वहीं जैसे ही ट्रेन स्टेशन पर पहुंची रेलवे पुलिस ने जांच पड़ताल और पूछताछ शुरू कर दी है. घटना सोमवार देर शाम की है. जिसको लेकर अब FIR दर्ज की गई है. वहीं ट्रेन के ग्लास टूटने की तस्वीरे बुधवार सुबह सामने आई हैं।  अचानक होने लगा वंदे भारत ट्रेन पर पथराव पूरा मामला सोमवार देर शाम लगभग 07:30 बजे के आस पास का है. वंदे भारत ट्रेन भोपाल के रास्ते उज्जैन आ रही थी. उज्जैन स्टेशन से 200 मीटर दूरी पर गदा पुलिया के पास नीलगंगा क्षेत्र में अचानक ट्रेन पर पथराव होने लगा. कुल 4 कोच इस दौरान क्षतिग्रस्त हुए हैं. देखते ही देखते ट्रेन में मौजूद यात्रियों में हड़कंप मच गया. यात्री कुछ समझ पाते कि ट्रे स्टेशन पर पहुंच गई. जहां यात्रियों ने पुलिस से शिकायत की. जिसके बाद पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की. घटना को लेकर रेलवे पीआरओ मुकेश कुमार ने कहा, ''संबंधित अधिकारी मामले को देख रहे हैं. सभी यात्रि सुरक्षित हैं।  पुलिस ने की आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज RPF थाना प्रभारी नरेंद्र यादव ने बताया, ''सभी यात्री सुरक्षित है. उज्जैन में वंदे भारत ट्रेन में ऐसा पहली बार हुआ है. आगे से एसी घटना ना हो इसके लिए उत्पातियों को दबोचकर कड़ी कार्रवाईं की जाएगी. शिकायत पर FIR दर्ज कर अज्ञात उत्पातियों के विरुद्ध जांच एवं तलाश शुरू कर दी है। 

दो दिन में दूसरी बार पाकिस्तान की लताड़, भारत ने UN में खोली आतंक की पोल

नई दिल्ली भारत ने 2 दिन में दूसरी बार पाकिस्तान को लताड़ लगाई है। वैश्विक मंचों पर भारत को उकसाने वाली बयानबाजियों से बाज न आने वाले पाकिस्तान को भारत ने इस बार आंतकवाद के मुद्दे पर आड़े हाथों लिया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में 'यूएन चार्टर के सिद्धांतों को बनाए रखने' पर आयोजित एक खुली बहस के दौरान भारत के स्थायी राजदूत पार्वथनेनी हरीश ने पाकिस्तान को एक्सपोज किया। राजदूत हरीश ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान को भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देने की भारी कीमत चुकानी होगी। राजदूत हरीश ने पाकिस्तान के असली चेहरे को UNSC में बेनकाब किया। उन्होंने अपने बयान में कहा, “पाकिस्तान को यह स्वीकार करना होगा कि सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के गंभीर परिणाम होते हैं। अस्तित्व में आने के बाद से ही पाकिस्तान लगातार आतंकवाद, उग्रवाद, हिंसक कट्टरपंथ और भारत-विरोधी बयानबाजी कर रहा है। पाकिस्तान दुष्ट ताकतों को पालने और उनका इस्तेमाल करने में जुटा हुआ है।” क्या बोला भारत? भारतीय राजदूत पाकिस्तान की सेना की कुख्यात डॉक्ट्रिन 'ब्लीडिंग इंडिया बाय अ थाउजेंड कट्स' यानी भारत को लहूलुहान करने जैसी नीति को भी संयुक्त राष्ट्र के सामने लेकर आए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ कई युद्ध शुरू कर, बेवजह आक्रामकता दिखाकर और आतंकवाद फैलाकर संप्रभुता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के सिद्धांतों का खुला उल्लंघन किया है। ऐसे में पाकिस्तान का UN चार्टर के प्रति प्रतिबद्धता जताना पूरी तरह खोखला और पाखंड है। राजदूत हरीश ने याद दिलाया कि स्वतंत्र भारत ने शुरुआत से ही पाकिस्तान के सीमा पार आक्रमण को झेला है। पाकिस्तान ने भारतीय क्षेत्रों पर अवैध कब्जा करने की कोशिश की। भारत ने यह भी बता दिया कि उसके पास इस आतंकवाद के खिलाफ अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है। जम्मू कश्मीर के जिक्र पर भी भारत ने सुनाया गौरतलब है कि भारत ने जम्मू कश्मीर के मुद्दे का जिक्र करने को लेकर मंगलवार को भी पाक और चीन को सुनाया था। दरअसल पाकिस्तान और चीन के बीच बीजिंग में हुई एक बैठक के बाद एक साझा बयान जारी किया था। इसमें कश्मीर का जिक्र कर कहा गया था कि इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के मुताबिक सुलझाया जाना चाहिए। इसके बाद भारत ने सख्त हिदायत देते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न हिस्सा है और इस पर किसी भी तीसरे देश को टिप्पणी करने का कोई हक नहीं है। नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय (MEA) के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक बयान में कहा, “हम चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के अनुचित बयान को सिरे से खारिज करते हैं। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं, थे और हमेशा रहेंगे। किसी भी अन्य देश के पास इस पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।” वहीं भारत ने CPEC प्रोजेक्ट को लेकर भी अपनी आपत्ति दोहराई। भारत ने कहा कि इस कॉरिडोर का कुछ हिस्सा भारत की संप्रभु धरती (PoK) से होकर गुजरता है और भारत अपनी क्षेत्रीय अखंडता पर चोट करने वाले और पाकिस्तान के अवैध कब्जे को वैध बनाने वाले किसी भी देश के ऐसे कदम का कड़ा विरोध करता है।

ईरान से आई राहत भरी खबर, होर्मुज तनाव के बीच सफल रही भारत की रणनीति

नई दिल्ली ईरान में होर्मुज संकट के बीच एक ऐसी खबर आई है, जो भारत को खुश करने वाली है. दरअसल ईरान में हिरासत में रखे गए 10 भारतीय नाविकों को आखिरकार रिहा कर दिया गया है. ये भारत सरकार की ओर से लगातार हो रही कूटनीतिक कोशिशों के बाद मिली सफलता है. एक लंबी वार्ता और प्रक्रिया के बाद इन नाविकों की सुरक्षित रिहाई संभव हो सकी है. भारतीय शिपिंग प्राधिकरण के मुताबिक ये नाविक एमवी हार्बर फीनिक्स नाम के तेल टैंकर पर तैनात थे।  आपको बता दें कि ये मामला जुलाई, 2025 का है, जिसमें ईरान के जास्क पोर्ट के पास इस जहाज को रोके जाने के बाद नाविकों को हिरासत में ले लिया गया था. डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग ने बयान जारी कर कहा कि नाविकों को अब सुरक्षित रूप से रिहा कर दिया गया है और उन्हें वापस भारत लाने की तैयारी की जा रही है. इस मामले कोई भी सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है और बेहद शांति से भारत सरकार ने नाविकों की वापसी सुनिश्चित की है।  भारत-ईरान के अच्छे संबंधों का सबूत  भारत और ईरान के बीच लंबे समय से मजबूत कूटनीतिक और ऊर्जा संबंध रहे हैं. हालांकि भारत अमेरिका और इजरायल के साथ भी करीबी रिश्ते बनाए रखता है, इसलिए ऐसे मामलों में नई दिल्ली काफी संतुलित और सावधानी भरी नीति अपनाती है. ईरानी सुरक्षा बल अक्सर खाड़ी क्षेत्र में उन जहाजों को पकड़ने का दावा करते हैं, जिन पर अवैध रूप से ईंधन ले जाने का शक होता है. हालांकि भारतीय नाविकों की गिरफ्तारी की सटीक वजह या जहाज से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है. शिप ट्रैकिंग वेबसाइट्स के मुताबिक एमवी हार्बर फीनिक्स पलाऊ झंडे वाला एक ऑयल टैंकर है. भारतीय सरकार ने इस पूरे मामले में सार्वजनिक बयानबाजी से बचते हुए शांत कूटनीति की रणनीति अपनाई. माना जा रहा है कि इसी वजह से बातचीत के जरिए नाविकों की रिहाई का रास्ता निकल पाया।  होर्मुज पर बना हुआ है संकट  भारत दुनिया के सबसे बड़े मर्चेंट नेवी कार्यबल वाले देशों में शामिल है. खाड़ी क्षेत्र के समुद्री रास्तों पर हजारों भारतीय नाविक काम करते हैं. वहीं 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर कड़ी निगरानी और प्रतिबंध बढ़ा दिए हैं. दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी इसी रास्ते से होकर गुजरता है. भारत, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल खरीदार है, अपनी लगभग आधी कच्चे तेल की जरूरत होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए पूरी करता है. हालांकि इस बीच भारत के कई टैंकर होर्मुज से गुजरे हैं. पिछले एक हफ्ते में भारत के लिए एलएनजी ला रहे दो जहाजों ने भी इस रास्ते को क्रॉस किया है, जिसके बाद गैस संकट का दबाव थोड़ा कम जरूर होगा। 

फ्री बस यात्रा के लिए तैयार रहें, भिवानी में हैपी कार्ड को लेकर शुरू होगा जागरूकता अभियान

भिवानी. आपकी यात्रा सुगम और सुखद हो इसके लिए हैप्पी कार्ड बनाए गए हैं। भिवानी डिपो में अभी भी 45 हजार से अधिक हैप्पी कार्ड आवेदकों का इंतजार कर रहे हैं। भिवानी डिपो, तोशाम और लोहारू सब डिपो में हजारों हैप्पी कार्डों का वितरण नहीं हो पाया है। रोडवेज कर्मचारी अब पात्र लोगों को फोन कर-करके कार्ड ले जाने की अपील कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद अपेक्षित संख्या में लोग कार्ड लेने नहीं पहुंच रहे। रोडवेज अधिकारियों की मानें तो भिवानी डिपो, तोशाम और लोहारू डिपो में पिछले दिनों कुल 53,252 हैप्पी कार्ड पहुंचे थे। इनमें से बड़ी संख्या अब भी डिपो में पड़ी हुई है। इससे पहले अप्रैल 2024 में 1,52,892 हैप्पी कार्ड आए थे। इस प्रकार अब तक इन तीनों डिपो में कुल मिलाकर 2,06,144 हैप्पी कार्ड पहुंच चुके हैं। डेढ़ लाख से ज्यादा कार्ड बंटे रोडवेज के अनुसार अब तक 1,57,363 हैप्पी कार्ड पात्र लोगों को वितरित किए जा चुके हैं। बावजूद इसके 45 हजार से अधिक कार्ड अब भी पात्र लोगों तक पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि शुरुआत में योजना को लेकर लोगों में उत्साह दिखा, लेकिन अब धीरे-धीरे कार्ड लेने वालों की संख्या घटने लगी है। खासतौर पर भिवानी डिपो में अब पहले जैसी भीड़ नजर नहीं आ रही। कम होती दिलचस्पी ने बढ़ाई चिंता रोडवेज विभाग के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बन गई है। जिन लोगों ने आवेदन प्रक्रिया पूरी कर हैप्पी कार्ड बनवा लिया, वही अब कार्ड लेने में कम रुचि दिखा रहे हैं। कई पात्र लोग या तो सूचना के बावजूद डिपो नहीं पहुंच रहे या फिर कार्ड लेने में देरी कर रहे हैं। विभागीय कर्मचारियों को अब लाभार्थियों के मोबाइल नंबर पर संपर्क करना पड़ रहा है। कर्मचारी लगातार फोन करके लोगों से कार्ड प्राप्त करने की अपील कर रहे हैं, ताकि योजना का लाभ समय पर मिल सके और कार्ड निष्क्रिय अवस्था में डिपो में न पड़े रहें। लाभार्थियों तक पहुंचाना अब बड़ी चुनौती हैप्पी कार्ड योजना का उद्देश्य जरूरतमंद और पात्र वर्ग को रोडवेज यात्रा में राहत देना है, लेकिन लाभार्थियों की उदासीनता के कारण विभाग को अतिरिक्त प्रयास करने पड़ रहे हैं। डिपो स्तर पर कार्डों की सुरक्षा, रिकार्ड और वितरण व्यवस्था भी एक अतिरिक्त जिम्मेदारी बन गई है। रोडवेज अधिकारियों का मानना है कि अगर लोग समय पर अपने कार्ड नहीं लेते, तो योजना का पूरा लाभ प्रभावित हो सकता है। डिपो में आए हैप्पी कार्डों का वितरण लगातार किया जा रहा है। जिन पात्र लोगों के कार्ड तैयार हैं, उन्हें फोन के माध्यम से सूचना दी जा रही है। डीसी के गांवों में लगने वाले रात्रि दरबार में भी हैप्पी कार्ड वितरण के लिए बूथ बनाए जाते हैं। पात्र लोग संबंधित डिपो पर पहुंचकर अपना हैप्पी कार्ड प्राप्त कर सकते हैं ताकि सरकार की इस योजना का लाभ आसानी से मिल सके।

भीषण गर्मी से तड़पे लोग, जल्द बदल सकता है मौसम का मिजाज

अमृतसर. पंजाब में गर्मी का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। नौतपा के बीच पंजाब का अधिकतम तापमान एक बार फिर 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार आज भी गर्मी से राहत मिलती नहीं दिख रही है।  लेकिन जल्द मौसम में फेर बदल के आसार बनते दिख रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार बठिंडा सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भीषण गर्मी और लू के चलते लोगों का दिनभर घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। मौसम केंद्र चंडीगढ़ की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब में सामान्य से करीब 2.4 डिग्री अधिक तापमान दर्ज किया गया। पटियाला में 43.4 डिग्री, फरीदकोट में 42.5 डिग्री, लुधियाना में 42.5 डिग्री और फाजिल्का में 42.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। अमृतसर और चंडीगढ़ में भी पारा 41 डिग्री से ऊपर बना रहा। वेस्टर्न डिस्टरबेंस हो रहा एक्टिव नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने राज्य में राहत की आशंका जताई है। मौसम विभाग के अनुसार 28 मई वीरवार को राज्य में बदलाव देखने को मिलेगा। कुछ इलाकों में इस दिन लू का अलर्ट है, जकि कुछ में बारिश की आंशका भी जताई गई है। लेकिन 29 मई को पूरे राज्य में वेस्टर्न डिस्टरबेंस से मौसम में बदलाव होगा। आज पूरे राज्य में बढ़ेगी गर्मी 27 मई : मौसम विभाग ने फिरोजपुर, फरीदकोट, मुक्तसर, फाजिल्का, बठिंडा, मोगा, बरनाला, लुधियाना, संगरूर, मानसा और पटियाला में भीषण गर्मी की लहर को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरन तारन, कपूरथला, जालंधर, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली और फतेहगढ़ साहिब में येलो अलर्ट रहेगा। 28 मई : मौसम करवट लेना शुरू करेगा। फिरोजपुर, फरीदकोट, मुक्तसर, फाजिल्का, बठिंडा, बरनाला और मानसा में भीषण गर्मी का ऑरेंज अलर्ट जारी रहेगा। जबकि पंजाब के कई अन्य जिलों में तेज हवाएं, बिजली चमकने और आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना भी जताई गई है। 29 मई : पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना और पटियाला में आंधी-तूफान, बिजली और ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज अलर्ट रहेगा। तरन तारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, मोगा, फरीदकोट, मुक्तसर, बठिंडा, बरनाला, संगरूर और मानसा में येलो अलर्ट जारी किया गया है।  30 मई : पंजाब के अधिकांश हिस्सों में तेज हवाएं, बिजली चमकने और आंधी-तूफान की संभावना बनी रहेगी। पठानकोट, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में ऑरेंज अलर्ट रहेगा, जबकि बाकी कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लू के बीच लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, अधिक पानी पीने और गर्मी से बचाव रखने की सलाह दी है। 

रोहतक: भूमि विवादों के समाधान के लिए अब सिर्फ राजस्व अधिकारी करेंगे कार्रवाई

रोहतक  हरियाणा सरकार ने लाल डोरा और स्वामित्व योजना से संबंधित शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए नई व्यवस्था लागू की है। विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा सभी जिला उपायुक्तों को जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि अब हरियाणा आबादी देह (स्वामित्व अधिकारों का निहितकरण, अभिलेखीकरण एवं समाधान) अधिनियम-2025 के तहत आने वाली शिकायतों का निपटारा केवल अधिकृत राजस्व अधिकारी ही करेंगे। सरकार के इस फैसले को ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि स्वामित्व संबंधी विवादों के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आमजन को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था का लाभ मिलेगा। विकास एवं पंचायत विभाग, चंडीगढ़ की ओर से जारी पत्र के अनुसार यह अधिनियम 19 जनवरी 2026 को अधिसूचित किया गया था, जबकि इसे 26 नवंबर 2025 से प्रभावी माना गया है। विभाग के संज्ञान में आया था कि लाल डोरा और स्वामित्व योजना से जुड़ी शिकायतें अब तक कई स्थानों पर बीडीपीओ (खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी) तथा डीडीपीओ (जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी) कार्यालयों को भेजी जा रही थीं, जबकि अधिनियम में इन अधिकारियों की कोई निर्धारित भूमिका नहीं है। इससे शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी और फाइलों की आवाजाही बढ़ रही थी। नए निर्देशों के तहत अब ऐसे सभी मामलों का निस्तारण केवल अधिनियम के तहत नियुक्त नायब तहसीलदार (एसी द्वितीय श्रेणी) और तहसीलदार (एसी प्रथम श्रेणी) जैसे राजस्व अधिकारियों की ओर से किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि शिकायतों का समाधान अधिनियम की धारा 15 और 16 के प्रावधानों के अनुरूप किया जाना अनिवार्य होगा जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजपाल चहल ने कहा कि विभागीय निर्देशों के अनुसार अब लाल डोरा व स्वामित्व योजना से संबंधित मामलों को बीडीपीओ या डीडीपीओ कार्यालयों में नहीं भेजा जाएगा, बल्कि शिकायतकर्ता सीधे संबंधित राजस्व अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायत प्रस्तुत कर सकेंगे। इससे न केवल प्रक्रिया सरल होगी, बल्कि शिकायतों के समाधान में तेजी आएगी और लोगों को समय पर राहत मिल सकेगी।

नौतपा में हेल्थ अलर्ट: सुबह 9 बजे के बाद अंडा खाना पड़ सकता है भारी

नौतपा शुरू हो चुके हैं और इन दिनों सुबह 7-8 बजे से ही तेज धूप महसूस होने लगती है. पारा 40 से 45 डिग्री को पार कर रहा है और झुलसती धूप ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. ऐसे मौसम में जरा सी भी लापरवाही सीधे आपके पेट का कबाड़ा कर सकती है. जब बात प्रोटीन डाइट की आती है, तो अंडा सबसे पॉपुलर और आसान ऑपशन माना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भीषण गर्मी के महीनों में अंडा खाने की टाइमिंग आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है? यदि आप भी सुबह देर से उठते हैं या ऑफिस की जल्दबाजी में सुबह 9 बजे के बाद हैवी एग ब्रेकफास्ट करते हैं तो यह आदत आपको सीधे डॉक्टर के पास पहुंचा सकती है. सुबह 9 बजे के बाद अंडा क्यों न खाएं? साइंस के अनुसार, अंडे में भरपूर मात्रा में हाई-क्वालिटी प्रोटीन और हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं. जब आप प्रोटीन से भरपूर चीजें खाते हैं तो शरीर को उसे पचाने के लिए अधिक एनर्जी खर्च करनी पड़ती है और इस प्रक्रिया को थर्मिक इफेक्ट ऑफ फूड (TEF) या थर्मोजेनेसिस कहते हैं. प्रोटीन का थर्मिक इफेक्ट (20% से 30%) कार्बोहाइड्रेट और फैट से कहीं ज्यादा होता है जिसका सीधा मतलब है कि प्रोटीन को ब्रेकडाउन करने में शरीर के अंदरूनी तापमान में बढ़ोतरी होती है. सुबह 9 बजे के बाद गर्मी तेज होने लगती है और बाहर का तापमान भी अधिक रहता है. इसलिए यदि आप उस समय अंडा खाते हैं तो शरीर के अंदर का तापमान बढ़ेगा और सूरज की रोशनी से बाहर का. ऐसे में हैवी प्रोटीन आपके डाइजेशन सिस्टम पर डबल लोड डाल देता है, जिससे दिनभर एसिडिटी, ब्लोटिंग और पेट में भारीपन की समस्या मससूस हो सकती है. गर्मियों में अंडा कब खाएं? न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर आप गर्मियों में अंडे का पूरा फायदा उठाना चाहते हैं तो इसे सुबह 7:00 से 8:30 बजे के बीच ही खा लें. इस समय मौसम में थोड़ी ठंडक रहती है जिससे धूप तेज होने से पहले आपकी बॉडी इसे आसानी से प्रोसेस कर लेती है. WebMD का कहना है, अंडा न्यूट्रिएंट्स का पावरहाउस है लेकिन तपती गर्मी में अंडे के पीले हिस्सों का अधिक मात्रा में सेवन करने से बचें. क्योंकि इसमें फैट की मात्रा ज्यादा होती है जो शरीर में सबसे ज्यादा हीट जनरेट करता है. गर्मी के महीनों में रोजाना 1 से 2 अंडे खाना सुरक्षित है. बाकी अंडे की मात्रा आपकी फिजिकल एक्टिविटी, गोल आदि पर निर्भर करती है. पानी की कमी से ब्लॉक हो जाएगा पेट गर्मी में अंडा या कोई भी प्रोटीन सप्लीमेंट लेते समय लोग सबसे बड़ी चूक पानी की मात्रा में करते हैं. प्रोटीन मेटाबॉलिज्म के बाद निकलने वाले बाई-प्रोडक्ट्स को शरीर से बाहर फ्लश करने के लिए किडनी को ज्यादा पानी की जरूरत होती है. यदि आप अंडा खाने के बाद दिनभर में 3 से 4 लीटर पानी नहीं पी रहे हैं तो गंभीर डिहाइड्रेशन और कब्ज होना तय है इसलिए सुबह तेज धूप से पहले अपना नाश्ता निपटा लें.

सुरक्षाबलों का बड़ा सर्च ऑपरेशन जारी, राजौरी में आतंकियों पर कसता शिकंजा

राजौरी  जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों का बड़ा ऑपरेशन लगातार पांचवें दिन भी जारी है. डोरीमल और गम्भीर मोगला के घने जंगलों में सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF की संयुक्त टीमें आतंकियों की तलाश में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं. सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि इलाके में लश्कर-ए-तैयबा के दो बड़े कमांडर छिपे हो सकते हैं, जिन्हें पकड़ने या मार गिराने के लिए सुरक्षाबलों ने घेराबंदी और कड़ी कर दी है।  सूत्रों के मुताबिक आतंकियों के खिलाफ मल्टी ग्रिड ऑपरेशन चलाया जा रहा है. ऑपरेशन में पैरा स्पेशल फोर्स के जवानों की अतिरिक्त तैनाती की गई है. साथ ही ड्रोन, हाईटेक सर्विलांस सिस्टम और आधुनिक निगरानी उपकरणों की मदद से जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि आतंकियों को भागने का मौका न मिले. दरअसल शनिवार को यहां उस समय मुठभेड़ शुरू हो गई थी, जब जंगल में छिपे आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर अचानक फायरिंग कर दी. इसके बाद सेना और पुलिस ने जवाबी कार्रवाई शुरू की और पूरे इलाके को घेर लिया गया. खुफिया एजेंसियों को पहले ही इन जंगलों में 2 से 3 आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर आतंकवाद विरोधी अभियान शुरू किया गया।  नागरोटा स्थित सेना की व्हाइट नाइट कोर ने भी ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए इसे ‘ऑपरेशन शेरुवाली’ नाम दिया है. माना जा रहा है कि आतंकी अभी भी जंगल के भीतर किसी दुर्गम इलाके में छिपे हुए हैं।  राजौरी की पीर पंजाल रेंज का यह इलाका आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है. यहां घने जंगल, ऊंची पहाड़ियां और सीमित रास्ते सुरक्षाबलों के लिए मुश्किलें बढ़ाते हैं. यही वजह है कि ऑपरेशन बेहद सावधानी और रणनीति के साथ चलाया जा रहा है. सुरक्षा एजेंसियों ने आसपास के इलाकों में भी चौकसी बढ़ा दी है. जगह-जगह नाके लगाए गए हैं और वाहनों व पैदल आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है ।  स्थानीय लोग भी सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहे हैं. फिलहाल इस ऑपरेशन में किसी जवान या नागरिक के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन सुरक्षाबल आतंकियों को किसी भी हाल में बच निकलने का मौका नहीं देना चाहते। 

झारखंड में बाल विवाह पर रोक को लेकर सीएम सख्त, जागरूकता अभियान तेज करने के आदेश

रांची  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में हो रहे बाल विवाह पर चिंता जताई है। साथ ही उन्होंने इसपर हर हाल में रोक लगाने को कहा है। मंगलवार को महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक सुरक्षा विभाग की समीक्षा के क्रम में उन्होंने कहा कि गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा जैसे जिलों में बाल विवाह के ज्यादा मामले आ रहे हैं। वहां अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाए। बाल विवाह में सम्मिलित तथा इसे बढ़ावा देने वालों पर की जाने वाली कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानकारी भी आम लोगों को दें, ताकि कानून के प्रति उनमें डर हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि आडियो-वीडियो के माध्यम से एवं विभिन्न इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से भी लोगों में बाल विवाह को लेकर प्रभावी जागरूकता लाई जा सकती है। साथ ही स्कूल-कालेज की छात्राओं सहित आम लोगों को भी जागरूक करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह मुक्त झारखंड की दिशा में अपनी साहस और दृढ़ संकल्प को दिखाने वाली बालिकाओं को ब्रांड एंबेसडर/वालेंटियर बनाकर समाज में जागरूकता फैलाएं, ताकि बालिकाओं के अल्प आयु में विवाह करने की सामाजिक विसंगति पर रोक लगाई जा सके। मुख्यमंत्री ने विभाग को बजट की राशि शत-प्रतिशत खर्च करते हुए योजनाओं का सीधा लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने विभाग में रिक्त पदों को भरने के लिए शीघ्र नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि सीडीपीओ के 106 पद, महिला पर्यवेक्षिका के 433 पद, आंगनबाड़ी सेविका के 583 पद एवं आंगनबाड़ी सहायिका के 897 पद रिक्त हैं। इन पदों पर शीघ्र नियुक्ति की जाएगी। मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत संरचनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के भीतर मिशन मोड में माडल आंगनबाड़ी केंद्र बनाए जाएं। आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण के लिए सीएसआर एवं डीएमफटी फंड का उपयोग कर पहले जीर्ण-शीर्ण एवं किराए के भवन में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को शिफ्ट कराना सुनिश्चित करें। सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए आधारभूत संरचनाओं को सुदृढ़ करें। मुख्यमंत्री ने सखी वन स्टाप सेंटर की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि सखी वन स्टाप सेंटर के उपयोग के प्रति महिलाओं को जागरूक कर विभिन्न हिंसा से प्रभावित महिलाओं को सहायता प्रदान करें। साथ ही इसे स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ जोड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला हेल्पलाइन नंबर को लेकर लोगों में जागरूकता लाएं और इस नंबर पर प्राप्त शिकायतों को तत्परता के साथ निराकरण करना सुनिश्चित की जाए। बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह, निदेशक समाज कल्याण किरण कुमार पासी, विभाग के अपर सचिव अभय नंदन अम्बष्ट, निदेशक आइसीपीएस विजय कुमार सिन्हा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में हो बिजली, शौचालय और पेयजल की व्यवस्था मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली, शौचालय एवं पेयजल आपूर्ति की बेहतर सुविधा सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि किराए पर संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को सरकारी विद्यालय परिसरों में शिफ्ट किए जाने का कार्य भी विभाग द्वारा किया जा रहा है। इससे बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा और इसका सकारात्मक प्रभाव बच्चों पर पड़ेगा। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि पोषण अभियान योजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी सेविकाओं को मोबाइल फोन उपलब्ध कराने के पश्चात पोषण ट्रैकर पोर्टल के माध्यम से प्रत्येक दिन की गतिविधियों को अपलोड किया जा रहा है। इससे पर्यवेक्षण में आसानी हो रही है। छूटे हुए पात्र लाभुकों को मिले मंइयां सम्मान एवं सर्वजन पेंशन योजना का लाभ सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री सर्वजन पेंशन योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्धारित आयु वर्ग के सभी पात्र व्यक्तियों को पेंशन योजना का लाभ मिले। जो पात्र लाभुक छूटे हुए हैं, उन्हें भी शीघ्र योजना से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने मंइयां सम्मान योजना की कार्य प्रगति की भी जानकारी ली एवं अहर्ता पूरा करने वाले छूटे हुए लाभुकों को भी इस योजना से जोड़ने के निर्देश दिए।