samacharsecretary.com

घर में घुसा बाघ बना काल, बांधवगढ़ में महिला की मौत; बचाने पहुंचे तीन लोग घायल

उमरिया. बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा क्षेत्र अंतर्गत खेरवा मोहल्ला में शुक्रवार तड़के एक बाघ की घुसपैठ से पूरे गांव में दहशत फैल गई। बाघ घर में घुस आया और सो रही महिला पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। महिला को बचाने पहुंचे पति, पिता और ससुर भी बाघ के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में भय, तनाव और आक्रोश का माहौल है। मृत महिला की पहचान फूल बाई पति पहलू पाल (करीब 40 वर्ष) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार सुबह लगभग तीन बजे बाघ अचानक घर के भीतर घुस गया और महिला पर हमला कर दिया। महिला की चीख सुनकर पति पहलू पाल, पिता और ससुर दशई पाल उसे बचाने दौड़े, लेकिन बाघ ने उन पर भी हमला कर दिया। घायलों को गंभीर हालत में मानपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। घंटों घर में डटा रहा बाघ घटना के कई घंटे बाद तक बाघ घर के भीतर मौजूद बताया गया, जिससे ग्रामीणों में दहशत और बढ़ गई। परिवार के अन्य सदस्यों पर हमले की आशंका बनी रही। गांव के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए, लेकिन डर के कारण कोई घर के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। ग्रामीणों का फूटा गुस्सा वन अमला बाघ को सुरक्षित बाहर निकालने और क्षेत्र खाली कराने में जुटा रहा। इसी दौरान नाराज ग्रामीणों ने वन परिक्षेत्राधिकारी पर हमला कर दिया, जिससे उनके सिर में चोट आई। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार वन्यजीवों की आवाजाही बढ़ रही है, लेकिन सुरक्षा और निगरानी के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे। वन विभाग के सामने दोहरी चुनौती बताया जा रहा है कि मृतका के पिता कुछ दिन पहले पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने बेटी के घर आए थे, लेकिन यह यात्रा दर्दनाक हादसे में बदल गई। फिलहाल वन विभाग के सामने बाघ को सुरक्षित रेस्क्यू करने के साथ ग्रामीणों के आक्रोश को शांत करने की भी बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। सीएम ने की आर्थिक सहायता का एलान बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत ग्राम खेरवा टोला, जिला उमरिया में बाघ के हमले में एक महिला और कुछ नागरिकों की मौत हो गई है। मरने वाले के परिजनों को 25 लाख की सहायता राशि दी जा रही है। घायलों के निशुल्क इलाज की व्यवस्था के आदेश दिए हैं।

शादीशुदा महिला की मौत पर बढ़ा शक, कोरबा में 4 दिन बाद कब्र से निकाला गया शव

कोरबा. उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम भलपहरी में विवाहिता विनीता पाटले की संदिग्ध मौत ने नया मोड़ ले लिया है। दफन के चार दिन बाद प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया। मायके पक्ष ने पति, सास और ससुर पर दहेज प्रताड़ना, मारपीट और हत्या की आशंका जताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। तहसीलदार, स्वास्थ्य विभाग, फॉरेंसिक टीम और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में शव उत्खनन की कार्रवाई की गई। तेज धूप के बीच घंटों तक चली इस कार्रवाई को देखने ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही। बताया जा रहा है कि शुरुआत में मृतिका के ससुर ने शव निकालने का विरोध किया, लेकिन बाद में पुलिस की समझाइश के बाद कार्रवाई पूरी की गई। मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के बाद से ही विनीता को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। पति मुकेश पाटले आए दिन मारपीट करता था और छोटी-छोटी बातों पर घर से निकाल देता था। परिजनों के मुताबिक विनीता कई बार रोते हुए मायके पहुंची, लेकिन बच्चों और परिवार की खातिर समझौता कर उसे वापस ससुराल भेज दिया जाता था। मृतिका की मां ने आरोप लगाया कि कुछ समय पहले विनीता को फांसी लगाकर मारने की कोशिश भी की गई थी। हाल ही में गांव के पंच-सरपंच बताकर कुछ लोग समझौते के नाम पर उसे ससुराल ले गए थे, जबकि बाद में वे रिश्तेदार निकले। इस घटना के बाद परिवार का शक और गहरा गया। परिजनों का कहना है कि मौत के बाद शव को नहलाते समय शरीर पर चोट के निशान दिखाई दिए थे। नाक और मुंह से खून निकलने की बात भी सामने आई। इसके बावजूद बिना पोस्टमार्टम कराए जल्दबाजी में शव दफना दिया गया, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया। विनीता की बहन ने बताया कि कुछ दिन पहले तक वह पूरी तरह स्वस्थ थी और पारिवारिक कार्यक्रम में डांस भी कर रही थी। अचानक हुई मौत और बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार किए जाने से परिवार लगातार सवाल उठा रहा है।इधर, पति मुकेश पाटले ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। हालांकि, वह विनीता के बार-बार मायके जाने के कारणों पर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। उरगा थाना प्रभारी नवीन पटेल ने बताया कि मायके पक्ष की शिकायत और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कार्यपालिक दंडाधिकारी की मौजूदगी में शव उत्खनन कराया गया है। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल पूरे मामले की गुत्थी पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी हुई है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि विनीता की मौत सामान्य थी या इसके पीछे प्रताड़ना और साजिश का कोई गंभीर पहलू छिपा है। कब्र से निकाला शव: उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम भलपहरी में विवाहिता विनीता पाटले की संदिग्ध मौत के बाद, दफन किए जाने के चौथे दिन प्रशासनिक अधिकारियों और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में शव को कब्र से बाहर निकाला गया। ससुराल पक्ष पर संगीन आरोप: मायके पक्ष ने मृतिका के पति मुकेश पाटले, सास और ससुर पर दहेज के लिए बेरहमी से मारपीट करने और सुनियोजित तरीके से हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार: परिजनों का दावा है कि विनीता की मौत के बाद शव को नहलाते समय उसके शरीर पर चोट के निशान थे और नाक-मुंह से खून आ रहा था, फिर भी ससुराल वालों ने बिना पोस्टमार्टम के शव दफना दिया।

जुलाई 2026 में शुक्र-केतु युति का प्रभाव, कई राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण समय की आशंका

 ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राशि परिवर्तन और उनकी युति का मानव जीवन पर गहरा असर पड़ता है.जुलाई 2026 में एक ऐसा ही महत्वपूर्ण और संवेदनशील संयोग बनने जा रहा है. वैभव, सुख-संपदा और प्रेम के कारक ग्रह शुक्र 4 जुलाई 2026 को सिंह राशि में प्रवेश करेंगे.सिंह राशि में रहस्यमयी और छाया ग्रह केतु पहले से ही विराजमान हैं.ऐसे में सिंह राशि में शुक्र और केतु की बेहद करीबी युति (मिलन) होने जा रही है. ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, शुक्र और केतु का यह मिलाप कुछ राशि के जातकों के लिए उतार-चढ़ाव और बड़ी चुनौतियां लेकर आ सकता है.आइए जानते हैं कि इस अवधि में किन राशियों को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है. शुक्र-केतु युति का जीवन पर प्रभाव ज्योतिषियों के अनुसार, शुक्र जहां भौतिक सुखों और प्रेम का प्रतीक है, वहीं केतु वैराग्य और भ्रम का कारक है.जब ये दोनों ग्रह एक साथ आते हैं, तो जातक के निजी रिश्तों और भावनाओं में अचानक भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है.इस दौरान आर्थिक मामलों में जोखिम बढ़ जाता है और पारिवारिक मोर्चे पर अनपेक्षित तनाव का सामना करना पड़ सकता है. वृषभ राशि: वृषभ राशि के जातकों के लिए शुक्र और केतु की यह युति काफी कष्टकारी साबित हो सकती है.इस अवधि में आपके प्रेम संबंधों और वैवाहिक जीवन में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं, जिससे मानसिक तनाव बढ़ेगा.फिजूलखर्ची बढ़ने के कारण आपकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है.कार्यक्षेत्र में भी अधिकारियों या सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाने में मुश्किलें आ सकती हैं, इसलिए संयम से काम लें. सिंह राशि चूंकि यह युति सिंह राशि में ही बनने जा रही है, इसलिए इस राशि के जातकों पर इसका सीधा असर देखने को मिलेगा.इस दौरान आपके स्वभाव में अचानक चिड़चिड़ापन या भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे बनते हुए काम बिगड़ सकते हैं.व्यक्तिगत संबंधों में गलतफहमियां बढ़ने की आशंका है.स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें,  कोई भी बड़ा वित्तीय निवेश करने से पहले अनुभवी लोगों की सलाह जरूर लें. वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह गोचर काल मिश्रित परिणाम लेकर आएगा, लेकिन कुछ मामलों में आपको बेहद संभलकर रहने की जरूरत है.नौकरीपेशा लोगों को ऑफिस की राजनीति या वाद-विवाद से दूरी बनाकर रखनी होगी.पारिवारिक संपत्तियों या पैतृक मामलों को लेकर घर में कलह की स्थिति बन सकती है.वाणी पर नियंत्रण रखें, अन्यथा करीबी दोस्तों या रिश्तेदारों से संबंध खराब हो सकते हैं.

पार्टी के बाद सड़क पर मचा हड़कंप! भोपाल में कार ने लोगों और वाहनों को रौंदा

भोपाल. भोपाल में शनिवार रात एक बेकाबू कार ने खूब उत्पात मचाया। कार चला रहे युवक नशे में धुत थे। बर्थडे पार्टी के बाद उन्होंने कई लोगों, गाड़ियों और ठेलों को टक्कर मारी। करीब 10-12 किलोमीटर तक उत्पात मचाया। एक्सीडेंट में कई लोगों के घायल होने की खबर है। बैरागढ़ इलाके में जन्मदिन मनाया फिर मचाया उत्पात शनिवार रात करीब 9 से 9:30 बजे के बीच की घटना बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक सर्वा दुबे, आदित्य, तुषार खरे और संभव जायसवाल सहित कुछ युवक बैरागढ़ इलाके में जन्मदिन मनाने के लिए इकट्ठे हुए थे। पार्टी के दौरान शराब पी और फिर टोयोटा हाइराइडर कार से निकले। कई लोगों और वाहनों को मारी टक्कर पहले आदित्य नाम का युवक कार चला रहा था। फिर स्टेशन के पास उसने गाड़ी सर्वा दुबे को दे दी। सर्वा दुबे ने तेज रफ्तार में गाड़ी दौड़ाई। रास्ते में ठेले, बाइक और कई लोगों को टक्कर मारता आगे बढ़ा। कीर्ति मेडिकल के पास से लेकर अशोका गार्डन, अयोध्या नगर, कोलार रोड और मीनाल इलाके तक तेज रफ्तार कार ने कई लोगों को चपेट में लिया। 3 थानों की पुलिस ने पीछा करके किया अरेस्ट आरोपी युवकों ने एक पुलिस आरक्षक को भी टक्कर मारी। पुलिस को जैसे ही सूचना मिली कि कुछ युवक कार से उत्पात मचा रहे हैं तो पुलिस एक्टिव हो गई। 3 थानों की पुलिस ने कार का पीछा किया और 10-12 किलोमीटर भागने के बाद मिनाल के पास पकड़ा। आरोपियों को भीड़ ने घेरा, पुलिस ने बचाकर निकाला एक्सीडेंट से गुस्साए हजारों लोगों ने आरोपियों को घेर लिया। हालात बेकाबू हो गए थे। पुलिस ने आरोपी युवकों को भीड़ से बचाकर निकाला। पुलिस ने 2 आरोपियों को सुरक्षित हिरासत में लिया। एक आरोपी के फरार होने की आशंका है। घायलों की संख्या स्पष्ट नहीं एक्सीडेंट में घायल लोगों के अयोध्या नगर और अशोका गार्डन इलाके के अस्पतालों में होने की संभावना है। घायलों की संख्या स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन संख्या ज्यादा बताई जा रही है। सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबर: मध्यप्रदेश का नौगांव सबसे गर्म, 46.8 डिग्री पर पहुंचा पारा, खजुराहो में 46.4, भोपाल में 42.2 और इंदौर में 41.4 डिग्री तापमान पुलिस बोली- आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई  बजरिया थाना प्रभारी शिल्पा गौरव ने कहा कि घटना बेहद गंभीर है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा की नई प्रदेश टीम लगभग तैयार, क्षेत्रीय अध्यक्षों को लेकर सबसे ज्यादा कश्मकश

 लखनऊ उत्तर प्रदेश भाजपा की नई टीम का खाका लगभग तैयार हो चुका है। दिल्ली में इसे अंतिम रूप देने की कवायद बीते चार दिनों से चल रही है। माना जा रहा है कि रविवार को इस पर फाइनल बैठक हो सकती है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के दिल्ली से बाहर होने के चलते अंतिम मुहर नहीं लग सकी है। आज मुहर लगने की पूरी संभावना जताई जा रही है। अध्यक्ष की हरी झंडी मिलने पर कल के बाद कभी भी इसका ऐलान हो सकता है। तमाम दावेदार भी दिल्ली में डेरा डाले हैं। सबसे ज्यादा कश्मकश क्षेत्रीय अध्यक्षों को लेकर है। वहीं विधानसभा चुनाव में टिकट की दावेदारी करने वाले कुछ चेहरे प्रदेश टीम से बाहर हो सकते हैं। कुछ मौजूदा प्रदेश महामंत्रियों की भूमिका बदलना भी तय माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि उन्हें उपाध्यक्ष बनाया जा सकता है। भाजपा के राज्य मुख्यालय पर इन दिनों सन्नाटा है। यूपी के भाजपाई दिल्ली की ओर टकटकी लगाए हैं। दरअसल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम के गठन की कवायद चल रही है। लखनऊ में लंबी मशक्कत के बाद अब गेंद दिल्ली के पाले में है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह कई दिन से दिल्ली में ही हैं। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष के साथ वार्ता हो चुकी है। मगर राष्ट्रीय अध्यक्ष के बाहर जाने के चलते फिर बैठक नहीं हो सकी है। प्रदेश की नई टीम और क्षेत्रीय अध्यक्षों के साथ ही भाजपा की नई मीडिया टीम को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। दरअसल मौजूदा मीडिया टीम में कई चेहरे प्रदेश पदाधिकारी बनने की दौड़ में पूरी शिद्दत से जुटे हैं। टिकट के लिए ताल ठोंकने वाले हो सकते हैं बाहर दरअसल पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए नई टीम के गठन की कवायद में जुटी है। यही कारण है कि आमूल-चूल परिवर्तन की जगह नए और पुरानों का सामंजस्य बनाने की तैयारी है। कुछ मौजूदा पदाधिकारियों का टीम से बाहर होना तय माना जा रहा है। इनमें कुछ ऐसे चेहरे भी शामिल हैं जिन्हें या तो पार्टी चुनाव लड़ाने का मन बना रही है या फिर वे खुद टिकट के लिए ताल ठोंक रहे हैं। वहीं कुछ मौजूदा प्रदेश महामंत्रियों को उपाध्यक्ष बनाया जा सकता है। एक मौजूदा प्रदेश मंत्री दिल्ली की डोर के सहारे प्रमोशन की दौड़ में है। पार्टी प्रदेश की नई टीम और क्षेत्रीय अध्यक्षों के जरिए सामाजिक समीकरण भी साधेगी।

विजय सरकार पर स्टालिन का हमला, बोले- जनता जल्द DMK के पास लौटेगी

चेन्नई द्रविड़ मुनेत्र कड़गम प्रमुख और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने नई नवेली टीवीके (तमिलगा वेत्री कझगम) सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने राज्य में विजय की पार्टी की जीत को 'सिनेमा सुनामी' करार देते हुए कहा कि ये उत्साह कुछ दिनों में ठंडा पड़ जाएगा और लोग फिर डीएमके की ओर रुख करेंगे. डीएमके प्रमुख ने एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि विजय की सरकार अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएगी. पूर्व सीएम ने ये भी दावा किया कि ये चुनाव नतीजे राजनीतिक उथल-पुथल नहीं, बल्कि लोगों ने विजय को इस लिए वोट दिया, क्योंकि उनके पसंदीदा अभिनेता ने एक राजनीतिक पार्टी शुरू की है. ये कोई राजनीतिक सुनामी नहीं बल्कि महज एक 'सिनेमा सुनामी' थी. उन्होंने स्पष्ट किया कि टीवीके बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटें भी नहीं जीत सकी है और वर्तमान में डीएमके की मेहरबानी से ये (टीवीके) सरकार सत्ता में है. एमके स्टालिन ने टीवीके सरकार के भविष्य पर बड़ा सवाल खड़ा करते हुए कहा कि आठ और पांच मिलकर केवल 120 होते हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि टीवीके ने अन्नाद्रमुक (AIADMK) को तोड़ने की पूरी कोशिश की लेकिन वे पूरी तरह असफल रहे. आज उनकी सरकार 'दीवार पर बैठी बिल्ली' की तरह है जो किसी भी दिन गिर सकती है. 'पूरे घटनाक्रम पर है DMK की नजर' स्टालिन ने तंज भरे लहजे में कहा कि कम्युनिस्ट, वीसीके (VCK) और आईयूएमएल (IUML) ने पहले केवल बाहर से समर्थन देने की बात कही थी, लेकिन अब वो सीधे कैबिनेट का हिस्सा बन चुके हैं, जिसके लिए वह बधाई के पात्र हैं. द्रमुक इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम पर करीब से नजर बनाए हुए है और सही वक्त का इंतजार कर रही है. डीएमके अध्यक्ष ने आगे कहा कि जैसे कोई छोटा बच्चा अंत में अपनी मां को ही ढूंढता है, ठीक वैसे ही तमिलनाडु की जनता बहुत जल्द वापस हमारे पास आएगी. लोगों का जल्द ही इस राजनीतिक खिलौने (टीवीके सरकार) से मोहभंग हो जाएगा. जनता ने केवल उत्साह में आकर वोट दिया था, जिसे ये सरकार अपनी बड़ी कामयाबी मान रही है. BJP की जीत के पीछे कांग्रेस उधर, तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता (LOP) और द्रमुक (DMK) के वरिष्ठ नेता उदयनिधि स्टालिन ने अपनी पूर्व सहयोगी पार्टी कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लगातार उभार और जीत के लिए सीधे तौर पर उसे जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने चेन्नई में दिए अपने एक हालिया बयान में साफ शब्दों में कहा कि वह पहले सोचते थे कि देश में बीजेपी की लगातार हो रही जीतों के लिए सिर्फ नरेंद्र मोदी और अमित शाह जिम्मेदार हैं, लेकिन अब वो इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि इसका असली और मुख्य कारण केवल कांग्रेस ही है. उदयनिधि ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास न तो बुनियादी शिष्टाचार है और न ही कोई कृतज्ञता, इसलिए इस दल पर अब कभी-भी दोबारा भरोसा नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि उनके नेता कूटनीतिक रूप से ऐसी कांग्रेस का बोझ अपने कंधों पर उठाकर चुनाव लड़ रहे थे, जबकि उनके जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस उम्मीदवारों को भारी मतों से जिताने के लिए इस चुनाव में भी अपना खून-पसीना एक किया था. आपको बता दें कि हाल ही में संपन्न हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में  अभिनेता विजय के नेतृत्व वाली नई पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK)सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी. इसके बाद कांग्रेस और अन्य दलों के साथ सरकार बनाई. इसके बाद विधानसभा में हुए फ्लोर टेस्ट में विजय की सरकार ने अभूतपूर्व समर्थन हासिल करते हुए 140 से ज्यादा वोट प्राप्त किए थे.

अफ्रीका में इबोला फैलने पर भारत सरकार की एडवाइजरी जारी

 नई दिल्ली  इबोला बीमारी के प्रकोप को देखते हुए, भारत सरकार ने रविवार को उन भारतीय नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है जो कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान में रह रहे हैं या वहां यात्रा कर रहे हैं। सरकार ने उन्हें स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी सार्वजनिक स्वास्थ्य दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने और अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने परामर्श में कहा है कि कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान में बदलती स्थिति और विश्व स्वास्थ्य संगठन की सिफारिशों को देखते हुए, सभी भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक इन देशों की अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस स्थिति को अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। बुन्दिबुग्यो स्ट्रेन का प्रकोप और जोखिम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत में अभी तक बुन्दिबुग्यो वायरस स्ट्रेन के कारण होने वाली इबोला बीमारी का कोई मामला सामने नहीं आया है। अफ्रीका सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने आधिकारिक तौर पर कांगो और युगांडा को प्रभावित करने वाले बुन्दिबुग्यो स्ट्रेन के प्रकोप को महाद्वीपीय सुरक्षा का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। कांगो और युगांडा की सीमाओं से सटे दक्षिण सूडान जैसे देशों को भी संक्रमण के उच्च जोखिम वाले क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है। निगरानी बढ़ाने के निर्देश WHO की आपातकालीन समिति ने 22 मई को प्रवेश बिंदुओं पर रोग निगरानी को मजबूत करने के लिए अस्थायी सिफारिशें जारी की हैं। इसका उद्देश्य उन यात्रियों का पता लगाना, उनका आकलन करना और उन्हें रिपोर्ट करना है जो ऐसे क्षेत्रों से आ रहे हैं जहाँ बुन्दिबुग्यो वायरस की पुष्टि हुई है और जिनमें अस्पष्ट बुखार के लक्षण हैं। इबोला की गंभीर स्थिति इबोला बीमारी एक वायरल रक्तस्रावी बुखार है, जो इबोला वायरस के बुन्दिबुग्यो स्ट्रेन के संक्रमण से होता है। यह एक अत्यंत गंभीर बीमारी है जिसकी मृत्यु दर काफी अधिक है। बुन्दिबुग्यो वायरस के कारण होने वाली इबोला बीमारी को रोकने या इलाज के लिए कोई वैक्सीन या विशिष्ट उपचार स्वीकृत नहीं है।

उत्तरी कश्मीर में सुरक्षा बलों की कार्रवाई तेज, आतंकी ठिकानों का भंडाफोड़

जम्मू कश्मीर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ जारी अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है. उत्तरी कश्मीर के अलग-अलग इलाकों में चलाए गए संयुक्त तलाशी अभियानों के दौरान सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के ठिकानों को ढूंढ निकाला और उन्हें पूरी तरह तबाह कर दिया. सुरक्षा बलों को उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के क्रीरी इलाके में आतंकियों के छिपे होने की खुफिया जानकारी मिली थी. जिसके बाद सेना और स्थानीय पुलिस ने नीलसर इलाके में एक जॉइंट सर्च ऑपरेशन शुरू किया था. आतंकवादी इस जगह का इस्तेमाल दोबारा न कर सकें, इसलिए सुरक्षा बलों ने इस ठिकाने को तुरंत तबाह कर दिया. पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है. 23 विस्फोटक स्टिक्स बरामद इस ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने इलाके में बने एक गुप्त आतंकी ठिकाने का पर्दाफाश किया. सुरक्षा बलों को इन ठिकानों से भारी मात्रा में विस्फोटक और अन्य सामग्री बरामद हुई. ठिकाने की तलाशी लेने पर वहां से करीब 23 विस्फोटक स्टिक्स और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई. बांदीपोरा में प्राकृतिक गुफाओं में बना था ठिकाना इससे पहले उत्तरी कश्मीर के ही बांदीपोरा जिले से भी ऐसी ही एक कामयाबी की खबर आई थी. सुरक्षा बलों ने बांदीपोरा के अरागम इलाके में स्थित खंजपत्री के जंगलों में एक बड़े आतंकी ठिकाने को ध्वस्त किया था. ये कार्रवाई 14 से 15 मई के बीच एक विशेष 'सर्च एंड डिस्ट्रॉय ऑपरेशन' के तहत की गई थी. इस बड़े ऑपरेशन को सेना की 13 राष्ट्रीय राइफल्स, बांदीपोरा पुलिस और CRPF की तीसरी बटालियन ने मिलकर अंजाम दिया था. युद्ध जैसा सामान बरामद पहाड़ी इलाके में तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों की नजर वहां बनी प्राकृतिक गुफाओं पर गई. जब इन गुफाओं की तलाशी ली गई त वहां छिपाकर रखा गया भारी मात्रा में युद्ध जैसा सामान बरामद हुआ. इस ठिकाने से रोजमर्रा के कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स टूल्स, खाने-पीने का राशन, बर्तन जैसी चीजें भी मिली थीं.

RR vs MI: करो या मरो मुकाबले में राजस्थान की नजर आखिरी प्लेऑफ टिकट पर

मुंबई  राजस्थान रॉयल्स की टीम मुंबई इंडियंस के खिलाफ रविवार को मुंबई में होने वाले लीग चरण के अपने अंतिम मैच में जीत हासिल कर प्लेऑफ में जगह बनाने के लिए अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेगी। मुंबई इंडियंस पहले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुका है और वह जीत के साथ विदाई लेने के लिए प्रतिबद्ध होगा लेकिन राजस्थान रॉयल्स के लिए यह मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण है जिसमें जीत पर वह प्लेऑफ में पहुंचने वाली अंतिम टीम बन जाएगी। राजस्थान के हैं 14 अंक इस मैच में संभावित रूप से गर्म और उमस भरे रविवार की दोपहर में दोनों टीमों की सहनशक्ति और फिटनेस की परीक्षा होगी। रॉयल्स फिलहाल 14 अंकों के साथ है। उसे मुंबई इंडियंस के खिलाफ जीत हासिल करनी होगी, जिससे उसके 16 अंक हो जाएंगे। इससे वह प्लेऑफ के अंतिम स्थान के दो अन्य दावेदार पंजाब किंग्स और कोलकाता नाइटराइडर्स दोनों पर कम से कम एक अंक की बढ़त हासिल कर लेगा। रॉयल्स ने अपने पिछले पांच मुकाबलों में जीत से ज्यादा हार का सामना किया है लेकिन वे मुंबई के खिलाफ जीत के लिए जीजान लगा देंगे। उसके खिलाड़ी यहां की परिस्थितियों से अच्छी तरह अवगत हैं। जायसवाल हैं एमआई के लिए खतरा मुंबई इंडियंस के लिए वैभव सूर्यवंशी की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से कहीं ज्यादा बड़ा खतरा यशस्वी जायसवाल हैं। स्थानीय खिलाड़ी जायसवाल ने गुवाहाटी में जसप्रीत बुमराह की अगुवाई वाले गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ जमकर बल्लेबाजी करते हुए 32 गेंदों में 77 रन बनाए थे। जायसवाल उस मैदान पर वापसी कर रहे हैं जहां उन्होंने तीन साल पहले आईपीएल में अपना पहला शतक लगाया था। उन्होंने इसके बाद अगले साल उसी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ अपना दूसरा शतक बनाया था। KKR ने मुंबई इंडियंस को हराया, प्लेऑफ की रेस रोमांचक, 5 टीमों में जंग लेकिन राजस्थान रॉयल्स को अभी भी अपने कप्तान रियान पराग और ध्रुव जुरेल से अधिक निरंतरता की जरूरत होगी। यह दोनों बल्लेबाजी क्रम में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं लेकिन बीच के ओवरों में जरूरी गति प्रदान नहीं कर पाए हैं। मौजूदा फॉर्म को देखते हुए रॉयल्स को एक अधिक खतरनाक टीम का सामना करना पड़ेगा। मुंबई के कुछ खिलाड़ी अच्छी फॉर्म में लौट आए हैं। इन दोनों टीम ने हालांकि पिछले पांच मैचों में तीन हार और दो जीत हासिल की हैं। इस मैच में मुंबई की टीम में शामिल भारतीय टीम के स्टार खिलाड़ियों सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या और तिलक वर्मा को अपना जलवा दिखाने के लिए आखिरी मौका मिलेगा। वे अच्छा प्रदर्शन करके टीम को सम्मान के साथ विदाई लेने में मदद कर सकते हैं। दोनों टीमें इस प्रकार हैं मुंबई इंडियंस: हार्दिक पंड्या (कप्तान), दानिश मालेवार, रॉबिन मिंज (विकेटकीपर), रयान रिकेलटन (विकेटकीपर), रोहित शर्मा, नमन धीर, शेरफेन रदरफोर्ड, सूर्यकुमार यादव, कॉर्बिन बॉश, विल जैक्स, मयंक रावत, शार्दुल ठाकुर, तिलक वर्मा, अश्विनी कुमार, ट्रेंट बोल्ट, जसप्रीत बुमराह, दीपक चाहर, एएम गजनफर, कृष भगत, केशव महाराज, मयंक मारकंडे, मोहम्मद इजहार, रघु शर्मा। राजस्थान रॉयल्स: रियान पराग (कप्तान), अमन राव, शुभम दुबे, शिमरोन हेटमायर, यशस्वी जयसवाल, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), लुआन-ड्रे प्रिटोरियस (विकेटकीपर), रवि सिंह, वैभव सूर्यवंशी, डोनोवन फरेरा, रवींद्र जड़ेजा, दासुन शनाका, जोफ्रा आर्चर, ब्रिजेश शर्मा, नांद्रे बर्गर, तुषार देशपांडे, केवेना मफाका, एडम मिल्ने, सुशांत मिश्रा, विग्नेश पुथुर, रवि बिश्नोई, संदीप शर्मा, कुलदीप सेन, यशराज पुंजा, युद्धवीर सिंह। मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 3:30 बजे शुरू होगा।

सुकमा को स्वच्छ बनाने मिशन मोड में नगर पालिका

सुकमा. नगर पालिका परिषद सुकमा द्वारा शहर को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु व्यापारियों एवं नागरिकों को जागरूक करने मंगलवार को समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। केन्द्र सरकार द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के संशोधित नियमों को 01 अप्रैल 2026 से पूरे देश में लागू कर दिया गया है। इसी क्रम में नगर पालिका परिषद सुकमा के सभा कक्ष में व्यापारियों, दुकानदारों, होटल प्रबंधकों एवं संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। बैठक में मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री विनीत साव ने बताया कि नए नियमों के तहत कचरे को 4 श्रेणियों में विभाजित कर स्त्रोत पर ही पृथकीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। नागरिकों को अब हरा डस्टबीन (गीला कचरा), नीला (सूखा कचरा), लाल (सेनेटरी कचरा) और पीला (विशेष देखभाल वाला हानिकारक कचरा) निर्धारित नियमों के अनुसार उपयोग करना होगा। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक और व्यापारी कचरा अलग-अलग करके स्वच्छता दीदियों को देगा, तो शहर की सफाई व्यवस्था और अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी होगी। नगर पालिका द्वारा अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों अर्थात बल्क वेस्ट जनरेटरों के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इनके लिए ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य किया गया है तथा गीले कचरे के निपटान हेतु स्वयं के परिसर में ही प्रसंस्करण सुविधा स्थापित करना जरूरी होगा। नगर पालिका ने नागरिकों की सुविधा के लिए शिकायत निवारण हेतु निदान हेल्पलाइन नंबर 1100 एवं व्हाट्सएप चौटबॉट नंबर 8519009090 भी जारी किया है, जिससे सफाई संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में प्रशासन ने सिंगल यूज़ पॉलिथीन को पर्यावरण एवं स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बताते हुए इसे पूर्णतः बंद करने की अपील की। साथ ही स्वच्छ भारत मिशन के तहत गारबेज फ्री सिटी के नियमों की जानकारी देते हुए नागरिकों से तालाबों व सार्वजनिक स्थलों में कचरा न फेंकने, खुले में कचरा न जलाने, खुले में शौच न करने और केवल स्वच्छता दीदियों को ही कचरा देने की अपील की गई। नगर पालिका परिषद सुकमा ने भरोसा दिलाया कि जनसहयोग से शहर को स्वच्छ, सुरक्षित और आदर्श नगर के रूप में विकसित किया जाएगा। बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष हुंगाराम मरकाम सहित व्यापारी, पार्षद और शहर के वरिष्ठ नागरिक उपस्थित थे।