samacharsecretary.com

सावधान! ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ बनकर ठग रहे जालसाज, लोगों के खाते कर रहे साफ

लुधियाना. देश भर में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे डिजिटल संगठन “कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी)” का नाम अब साइबर ठगों के लिए नया हथियार बन गया है। युवाओं को सिस्टम बदलने और बड़ी जिम्मेदारी मिलने का लालच देकर ठग लोगों को फिशिंग लिंक भेज रहे हैं। लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल फोन हैक हो रहा है और लोगों की बैंकिंग जानकारी साइबर अपराधियों तक पहुंच रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए लुधियाना पुलिस ने आम जनता को सतर्क करने के लिए अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर जागरूकता वीडियो जारी किया है। पुलिस के पास ऐसे मामलों की 6 से 7 के करीब शिकायतें पहुंची हैं। हालांकि किसी से अभी तक ठगी नहीं हुई। जिसके बाद पुलिस इसे गंभीरता से ले रही है। ऐसे समझिए ठगी का नया तरीका इन दिनों कॉकरोच जनता पार्टी ट्रेंडिंग में होने के चलते ठगों ने एक लिंक तैयार किया है। जिसके ऊपर लिखा है कि देश को बदलना है तो पार्टी के साथ जुड़ें। पार्टी के साथ जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक करें और आप रजिस्टर हो जाएंगे। यही नहीं आप पार्टी के वॉट्सऐप ग्रुप, मैसेंजर और इंस्टाग्राम इनबॉक्स के साथ जुड़ जाएंगे। ऐसे में लोग उक्त लिंक पर जाने-अंजाने में क्लिक कर बैठते हैं। जिसके बाद उनका फोन रिमोट मोड यानि हैक हो जाता है। फोन या लैपटाप की सारी डिटेल जिसमें बैंक खाते की डिटेल, पर्सनल फोटोज और बाकी की सभी डिटेल्स ठगों द्वारा अपने कब्जे में ले ली जाती हैं। जिसके बाद वो आपके इन डिटेल्स की मदद से आपके खाते को खाली कर देते हैं या फिर ब्लैकमेल करते हैं। ये लिंक वॉट्सऐप, मैसेंजर और इंस्टाग्राम के इनबाक्स में भेजे जा रहे हैं। जिससे लोग ठगी का शिकार बन रहे हैं। ग्राफिक के लालच में आकर कर रहे क्लिक इसी तरह के कॉकरोच पार्टी के लिंक पर लोगों को ओहदे दिए जा रहे हैं। उनसे उनकी फोटो मांगी जाती है और एक ग्राफिक बनाकर भेजा जाता है, जिसमें फोटो भेजने वाले शख्स की फोटो लगाकर उसे पार्टी का पद देकर ग्राफिक भेज दिया जाता है। लोगों को लगता है कि वो पार्टी के मेंबर बन गए हैं, जबकि उनके फोटो का इस्तेमाल ठग लोन लेने, क्रेडिट कार्ड बनवाने और फर्जी आईडी बनाने में कर रहे हैं। पुलिस ने बनाई 42 सैकेंड का जागरूकता वीडियो लुधियाना पुलिस ने आम लोगों को इस नए फ्रॉड से बचाने और जागरूक करने के लिए अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर एक वीडियो भी जारी किया है। 42 सेकेंड के इस वीडियो में पुलिस अधिकारी अमरिंदर सिंह ने विस्तार से बताया है कि कैसे एक छोटी सी गलती लोगों को कंगाल बना सकती है। इस वीडियो में विजुअल्स के साथ लोगों के सामने पेश किया गया है, ताकि लोगों को आसानी से समझ आ सके। साइबर पुलिस ने जारी की एडवाइजरी अगर आपने लिंक क्लिक कर दिया है तो तुरंत इसकी शिकायत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर करें। इसके साथ ही एक लिखित शिकायत अपने नजदीकी साइबर थाने में दर्ज करवाएं। अपने बैंक खातों पर तुरंत कैश ट्रांजेक्शन को बंद करवाएं और क्रेडिट या डेबिट कार्ड को ब्लाक करवा दें। मैसेंजर और इंस्टाग्राम आने वाले लिंक को बिना खोले ही डिलीट करें और इसे रिपोर्ट करें, ताकि बाकी कोई इसका शिकार न होने पाए। लिंक क्लिक हो गया है तो तुरंत अपने फोन को आफ कर दें, ताकि कोई एक्टिविटी न होने पाए। इस तरह के फर्जी लिंक से बचने के लिए लोगों से अपील की है। इसके साथ ही अगर किसी ने लिंक क्लिक कर दिया है तो वो तुरंत साइबर पुलिस से संपर्क करे। लोगों से अपील है कि किसी भी अंजान लिंक को क्लिक न करें, क्योंकि ये साइबर ठगों का ट्रैप हो सकता है। -स्वपन शर्मा, पुलिस कमिश्नर

वाराणसी में प्रमुख सोलर कंपनियों द्वारा यूपी नेडा को दिए गए प्रस्ताव में सोलर दीदी को प्रति माह 14,196 रुपये वेतन

लखनऊ.  उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिलाओं को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जनपद वाराणसी एक नई पहचान बना रहा है। वाराणसी की महिलाएं सोलर लीडर बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहीं हैं। सोलर दीदी पहल के माध्यम से महिलाओं को न केवल तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है, बल्कि उन्हें रोजगार, सम्मान और ऊर्जा स्वावलंबन से भी जोड़ा जा रहा है। प्रमुख सोलर कंपनियों द्वारा यूपी नेडा को दिए गए प्रस्ताव के अनुसार चयनित सोलर दीदियों को वाराणसी में रहकर कार्य करने का अवसर मिलेगा। इस संबंध में यूपी नेडा डायरेक्टर रविन्दर सिंह ने बताया कि यूपीनेडा इम्पेनल्ड वेंडर्स द्वारा महिलाओं को ₹14,196 प्रति माह का वेतन दिया जाता है। इसके साथ ही वेंडर्स द्वारा प्रत्येक सोलर दीदी को लगभग ₹1.30 लाख मूल्य का 2 किलोवाट सोलर प्लांट निःशुल्क दिया जाएगा, जिससे वे अपने घर को सौर ऊर्जा से जोड़ सकेंगी। महिलाओं को आधुनिक ऊर्जा उपयोग से जोड़ने हेतु एक इंडक्शन स्टोव भी वेंडर्स द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा प्रत्येक सफल सोलर स्थापना पर ₹1000 की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी। विभाग की ओर से सभी प्रशिक्षुओं से अपील की गई है कि वे समय से प्रशिक्षण केंद्र पहुंचें, सात दिवसीय प्रशिक्षण को गंभीरता से पूरा करें तथा टेस्ट उत्तीर्ण कर इस अभियान का हिस्सा बनें। यह पहल केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि महिलाओं को ऊर्जा क्षेत्र में नेतृत्व प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। वाराणसी में चल रही यह पहल अब पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बनती दिखाई दे रही है, जहां महिलाएं सोलर दीदी बनकर हरित ऊर्जा क्रांति की अगुवाई कर रही हैं। प्रदेश में अब तक 5,44,810 से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित उत्तर प्रदेश में अब तक 5,44,810 से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। राज्य में कुल 9,68,548 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से बड़े पैमाने पर स्वीकृति एवं स्थापना सुनिश्चित की गई है। इसके साथ ही प्रदेश में 1,844.87 मेगावाट की कुल स्थापित क्षमता सृजित हुई है तथा ₹3,539.06 करोड़ की सब्सिडी केंद्र सरकार द्वारा एवं ₹1200 करोड़ से अधिक की सब्सिडी राज्य सरकार द्वारा जारी की जा चुकी है। प्रदेश में प्रतिदिन 82 लाख यूनिट से अधिक मुफ्त बिजली रूफटॉप सोलर के माध्यम से उत्पन्न हो रही है, जिसकी अनुमानित लागत 5 करोड़ रुपये से अधिक है।

AIIMS में हो रहा ट्विशा का दोबारा पोस्टमार्टम, सुरक्षा के बीच भदभदा विश्राम घाट पर अंतिम संस्कार की तैयारी

भोपाल/नई दिल्ली. नोएडा की 33 वर्षीय मॉडल और एक्ट्रेस त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में आज का दिन अहम है। भोपाल एम्स में पुलिस की भारी मुस्तैदी के बीच त्विषा का दूसरा पोस्टमार्टम किया जा रहा है। इस संवेदनशील मामले में मौत का सच जानने के लिए दोबारा यह प्रक्रिया अपनाई गई, जिसके बाद भोपाल के भदभदा विश्राम घाट में त्विषा का अंतिम संस्कार होगा। बता दें कि दिल्ली एम्स (AIIMS) के विशेषज्ञ डॉक्टरों की चार सदस्यीय टीम रविवार को ही भोपाल पहुंची। राज्य सरकार की औपचारिक अपील और भोपाल कोर्ट के निर्देश पर दिल्ली एम्स के निदेशक खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः लिया है संज्ञान इस हाई-प्रोफाइल मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की विशेष पीठ सोमवार, 25 मई को इस मामले की सुनवाई करेगी। शीर्ष अदालत ने इस स्वतः संज्ञान मामले को "एक युवती की उसके ससुराल में अप्राकृतिक मृत्यु में कथित संस्थागत पूर्वाग्रह और प्रक्रियात्मक अनियमितताएं" शीर्षक दिया है, जो पुलिस व स्थानीय प्रशासन की शुरुआती भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ससुराल में मिला था शव, पति 7 दिन की रिमांड पर गौरतलब है कि कुछ महीने पहले ही शादी के बंधन में बंधीं त्विषा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फंदे पर लटकी पाई गई थीं। मृतका के परिजनों ने दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया, जिसके बाद त्विषा के पति वकील समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। 10 दिनों तक फरार रहने के बाद समर्थ सिंह को शुक्रवार को जबलपुर से गिरफ्तार किया, जिसे शनिवार को स्थानीय अदालत ने 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। दूसरी तरफ, आरोपी सास गिरिबाला सिंह का दावा है कि पुलिस ने बयान दर्ज करने के लिए अब तक उनसे संपर्क नहीं किया है। ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने मांग की है कि सीबीआई को जल्द से जल्द इस मामले की कमान संभालनी चाहिए।

मोबाइल फॉरेंसिक वैन से बस्तर पुलिस होगी हाईटेक, अपराधियों पर कसेगा शिकंजा

जगदलपुर. बस्तर संभाग में अपराध जांच को तकनीकी मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. जगदलपुर में मोबाइल फॉरेंसिक वेन का शुभारंभ किया गया. यह अत्याधुनिक वेन घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने में पुलिस की मदद करेगी. अधिकारियों का कहना है कि इससे जांच प्रक्रिया और तेज व सटीक बनेगी. कार्यक्रम में पुलिस और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. फॉरेंसिक विशेषज्ञ अब मौके पर ही डिजिटल और तकनीकी जांच कर सकेंगे. इस सुविधा से साइबर और आपराधिक मामलों में त्वरित कार्रवाई संभव होगी. पुलिस का दावा है कि आधुनिक तकनीक से अपराधियों तक पहुंच आसान होगी. वेन में जांच से जुड़े अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं. बस्तर संभाग में पहली बार इस तरह की मोबाइल सुविधा उपलब्ध हुई है. अधिकारियों ने इसे न्याय प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया. इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की जांच में भी तेजी आने की उम्मीद है. पुलिस विभाग अब तकनीक आधारित जांच व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी में है.

हरियाणा BJP का विशेष अभियान, मोदी सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की योजना

चंडीगढ़  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर हरियाणा भाजपा ने प्रदेशभर में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में भाजपा हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बडोली ने “बारह साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” कार्यक्रम को लेकर प्रदेश समिति का गठन किया है। प्रदेश कार्यालय ‘पंचकमल’ से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह समिति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की 12 वर्षों की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को जनता तक पहुंचाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करेगी। कार्यक्रमों के माध्यम से केंद्र सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक ले जाने की रणनीति पर काम किया जाएगा। गठित समिति में प्रदेश सचिव राहुल राणा को संयोजक बनाया गया है, जबकि पूर्व प्रदेश सचिव मनीष यादव को सह-संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय बंसल, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य ओबीसी मोर्चा अवनीत कौर तथा युवा मोर्चा कार्यकारिणी सदस्य विकास दहिया को सदस्य बनाया गया है। भाजपा संगठन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह समिति प्रदेशभर में विभिन्न जनसंपर्क, संवाद और उपलब्धि आधारित कार्यक्रम आयोजित कर सकती है, ताकि प्रधानमंत्री मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल को जनकल्याण और विकास के दृष्टिकोण से जनता के बीच प्रस्तुत किया जा सके।

AI से होगी प्रॉपर्टी की जांच, दिल्ली में पेपरलेस रजिस्ट्री सिस्टम लागू करने की योजना

नई दिल्ली  मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली में संपत्ति की रजिस्ट्री की प्रक्रिया को लेकर बड़े बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। AI आधारित इस नई व्यवस्था से संपत्ति को लेकर बढ़ता विवाद खत्म होगा, भ्रष्टाचार की संभावना कम हो जाएगी, विवादित संपत्तियों के खरीद-फरोख्त पर रोक लगने के साथ साथ संपत्ति रजिस्ट्री की पूरी व्यवस्था पेपरलेस होगी। सीएम इन बदलावों को लेकर निजी कंपनियों के साथ बैठक भी कर चुकी हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि हम सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों को आधुनिक पासपोर्ट सेंटर की तरह विकसित करना चाहते हैं। सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों के वर्क कल्चर को बदलना चाहते हैं, जिससे भ्रष्टाचार, अनावश्यक देरी, लंबा इंतजार कम हो और पूरी व्यवस्था तकनीक पर आधारित हो। इससे पारदर्शिता बढ़ने के साथ जवाबदेही भी तय होगी AI से होगी मालिकाना हक की जांच सीएम ने बताया कि वह जिस प्रीमियम मॉडल का सब-रजिस्ट्रार ऑफिस चाहती हैं, वह डिजिटल और AI आधारित होगा। यानी आवेदन करने से लेकर प्रॉपर्टी के मालिकाना हक तक की जांच एआई आधारित व्यवस्था से होगी। आवेदकों को सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में सिर्फ बायोमीट्रिक व फोटो खिंचवाने के लिए आना होगा। अभी संपत्ति की रजिस्ट्री कराने के लिए दोनों पार्टी आपस में एग्रीमेंट करते हैं। इसके बाद नोटरी से दस्तावेज तैयार करवाए जाते हैं, फिर सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में समय लेकर आगे काम होता है। वेबसाइट पर भरी जाएगी फॉर्म की जानकारी नई व्यवस्था में दोनों पार्टियों के बीच होने वाले एग्रीमेंट की जानकारी वेबसाइट पर मौजूद फॉर्म में भरी जाएगी। अगर कोई विवादित संपत्ति है, या बुक्ड प्रॉपर्टी है तो AI उसके रिकॉर्ड से खुद मैच कर लेगी और उसपर रेड फ्लैग लगाएगी। इससे विवादित संपत्तियों के खरीद-फरोख्त पर रोक लगेगी। अगर संपत्ति में कोई समस्या नहीं है तो दोनों पक्ष सब-रजिस्ट्रार में जाएंगे। इसके बाद संपत्ति की रजिस्ट्री पर डिजिटल साइन होकर वह सीधे आवेदक के डिजी लॉकर में भी चला जाएगा। नए कॉन्सेप्ट के सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में एसी वेटिंग रूम, डिजिटल हेल्प डेस्क, प्रशिक्षित स्टाफ, स्मार्ट टोकन सिस्टम और रीयल टाइम ऐप्लीकेशन ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं होंगी। ये होगा फायदा     विवादित प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त नहीं हो पाएगी।     मालिकाना हक की जांच ऑनलाइन की जाएगी।     रजिस्ट्री के बाद सब-रजिस्ट्रार दस्तावेज को नहीं रोक सकेंगे।     रजिस्ट्री में होने वाले भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी।

संगीत शिक्षिका को राहत, झारखंड HC ने सेवा बहाली का दिया आदेश

रांची झारखंड हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि एक ही संस्थान से हासिल समान डिग्री धारकों के बीच केवल अंकों के बदलाव के आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकता. जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने शिक्षा विभाग के उस नियम को मनमाना और अमान्य करार दिया, जिसके तहत 2007 से पहले 300 अंकों की संगीत प्रभाकर डिग्री लेने वालों को बहाली के अयोग्य मान लिया गया था. अदालत ने याचिकाकर्ता सुचरिता महतो को आठ सप्ताह के भीतर सभी परिणामी लाभों के साथ सेवा में बहाल करने का निर्देश दिया है. संगीत शिक्षिका की सेवा समाप्त करने पर कोर्ट सख्त बोकारो निवासी सुचरिता महतो ने प्रयाग संगीत समिति, इलाहाबाद से वर्ष 1985 और 1989 में संगीत प्रभाकर की डिग्री हासिल की थी. वर्ष 2011 के विज्ञापन के आधार पर उन्हें गिरिडीह में संगीत शिक्षिका के पद पर नियुक्त किया गया था, लेकिन 31 जुलाई 2020 को जिला शिक्षा पदाधिकारी ने उनकी सेवा यह कहते हुए समाप्त कर दी कि उनकी डिग्री को सरकार से मान्यता प्राप्त नहीं है. 300 और 500 अंकों की डिग्री को लेकर उठा विवाद शिक्षा विभाग ने 14 सितंबर 2022 को एक संकल्प जारी किया. इसमें प्रयाग संगीत समिति की 500 अंकों वाली संगीत प्रभाकर डिग्री को स्नातक के समकक्ष मान्यता दी गयी, लेकिन याचिकाकर्ता को इसलिए बाहर रखा गया क्योंकि उनके पास 2007 से पहले की 300 अंकों वाली डिग्री थी.

मुख्यमंत्री योगी बोले – श्रमिक राज्य की प्रगति की सबसे बड़ी शक्ति, उन्हें सम्मान और सुरक्षा देना सरकार की प्राथमिकता

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रमिक कल्याण, कौशल विकास और रोजगार सृजन को और व्यापक तथा परिणाममुखी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने बाल श्रमिक विद्या योजना को प्रदेश के सभी 75 जनपदों में विस्तारित करने, ‘सेवामित्र व्यवस्था’ को और प्रभावी बनाने, निर्माण श्रमिकों के लिए बड़े शहरों में आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र विकसित करने तथा रोजगार मिशन को वैश्विक अवसरों से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि श्रमिक केवल उत्पादन प्रक्रिया का हिस्सा नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रगति की सबसे बड़ी शक्ति हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि श्रमिकों, युवाओं और कमजोर वर्गों को सम्मानजनक जीवन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित कार्य वातावरण और बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध हों। शनिवार को श्रम एवं सेवायोजन विभाग की विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और प्रस्तावित योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी बच्चा आर्थिक मजबूरी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाल श्रम प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर बच्चों को विद्यालयों से जोड़ा जाए और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र के सहयोग से इन बच्चों के कौशल विकास की कार्ययोजना भी तैयार की जाए। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2020 में प्रारंभ की गई इस योजना के तहत 8 से 18 वर्ष आयु वर्ग के कामकाजी बच्चों को विद्यालयों में प्रवेश दिलाकर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। वर्तमान में योजना 20 जनपदों में संचालित है। मुख्यमंत्री ने इसे नए प्रावधानों के साथ प्रदेश के सभी 75 जनपदों में लागू करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने ‘सेवामित्र व्यवस्था’ को रोजगार और जनसुविधा का अभिनव मॉडल बताते हुए कहा कि तकनीक आधारित ऐसी व्यवस्थाएं युवाओं और कुशल कामगारों के लिए नए अवसर तैयार करती हैं। उन्होंने इसे और अधिक प्रभावी तथा जनोपयोगी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2021 से संचालित इस व्यवस्था के तहत नागरिक मोबाइल ऐप, वेब पोर्टल अथवा कॉल सेंटर के माध्यम से घरेलू सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। वर्तमान में पोर्टल पर 1097 सेवा प्रदाता, 5049 सेवामित्र और 54,747 कुशल कामगार पंजीकृत हैं। मुख्यमंत्री ने सरकारी विभागों में भी आवश्यकता के अनुसार सेवामित्र व्यवस्था के उपयोग के प्रस्ताव को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग में हुए संस्थागत सुधारों की सराहना करते हुए कहा कि उद्योगों के अनुकूल वातावरण और श्रमिक हितों के बीच संतुलन बनाना सरकार की नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक 32,583 कारखाने पंजीकृत हो चुके हैं। मार्च 2017 तक जहां यह संख्या 14,176 थी, वहीं अप्रैल 2017 के बाद 18,407 नए कारखानों का पंजीकरण हुआ है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 4860 कारखानों का पंजीकरण किया गया। विभाग को बीआरएपी सुधारों के क्रियान्वयन में ‘टॉप अचीवर’ के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है तथा उद्योग समागम 2025 में श्रम क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने निर्माण श्रमिकों के लिए सभी औद्योगिक शहरों में प्रस्तावित श्रमिक सुविधा केंद्रों यानी ‘लेबर अड्डों’ को व्यवस्थित रूप से विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों को केवल श्रमिकों के एकत्रीकरण स्थल के रूप में नहीं, बल्कि श्रमिक सहायता एवं सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में दूसरे क्षेत्रों से आने वाले श्रमिकों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित आवास सुविधा उपलब्ध कराना भी आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कानपुर में प्रस्तावित औद्योगिक श्रमिक प्रशिक्षण संस्थान और छात्रावास योजना को कौशल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना समय की मांग है। बैठक में बताया गया कि विष्णुपुरी स्थित भूमि पर 200 प्रशिक्षुओं की क्षमता वाला प्रशिक्षण संस्थान प्रस्तावित है, जहां कारपेंटरी, इलेक्ट्रिशियन, फिटर, प्लंबर, पेंटर और बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन सहित विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त बेनाझाबर स्थित भूमि पर 200 प्रशिक्षुओं की क्षमता वाला छात्रावास भी प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने रोजगार सृजन को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में बताते हुए कहा कि प्रदेश के युवाओं को स्थानीय, राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। बैठक में बताया गया कि जुलाई 2025 में गठित ‘उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन’ के माध्यम से युवाओं को देश और विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। रोजगार मिशन को विदेश मंत्रालय से भर्ती एजेंसी का लाइसेंस भी प्राप्त हो चुका है। लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और कानपुर में आयोजित रोजगार कार्यक्रमों के माध्यम से 27,555 युवाओं का चयन किया गया, जिनमें 2300 युवाओं का चयन विदेशों में रोजगार हेतु हुआ। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025-26 के दौरान प्रदेश में 3030 रोजगार मेलों और कैंपस प्लेसमेंट कार्यक्रमों के माध्यम से 3,74,776 अभ्यर्थियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए। इसी अवधि में आयोजित 4873 करियर काउंसलिंग कार्यक्रमों में 6,80,469 युवाओं ने सहभागिता की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रोजगार मेलों को केवल औपचारिक आयोजन न बनाकर उन्हें उद्योगों की वास्तविक मांग और युवाओं की क्षमता से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि इसे सरदार वल्लभभाई पटेल इंडस्ट्रियल एंड एम्प्लॉयमेंट ज़ोन से भी जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने वैश्विक रोजगार अवसरों को लेकर किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश का युवा विश्वस्तरीय अवसरों का लाभ उठाने में सक्षम है। बैठक में बताया गया कि जर्मनी, जापान और स्लोवाक गणराज्य सहित विभिन्न देशों में रोजगार की संभावनाएं चिन्हित की गई हैं। जापानी, जर्मन और अंग्रेजी सहित विभिन्न भाषाओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ करने के लिए समझौते किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवायोजन विभाग को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक और डिजिटल रोजगार तंत्र के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने रोजगार संगम पोर्टल में एआई आधारित सेवाओं, डिजिटल जॉब मैचिंग और ऑनलाइन काउंसलिंग प्रणाली को मजबूत करने के निर्देश दिए।

कान्स 2026 के क्लोजिंग सेरेमनी में छाईं ऐश्वर्या राय, फैंस के दिलों पर किया राज

ऐश्वर्या राय बच्चन कान्स की जान हैं… भारत की आन-बान-शान हैं. इस गॉर्जियस डीवा के लिए ये कहना बिल्कुल भी गलत नहीं होगा. ऐश्वर्या का कान्स 2026 की क्लोजिंग सेरेमनी को अटेंड करना, फैंस के लिए टूटते तारे को देखकर विश मांगने जैसा रहा. तीन दिन तक अपने सभी लुक में एक्ट्रेस ने फैंस को खूब चौंकाया. ऐश्वर्या के इन तीन दिन में कई वीडियोज सामने आएं, जिनमें बेटी आराध्या के साथ बिताया खास पल विदेशी फैंस का ऐश्वर्या…चीयर करने वाला पल तो शामिल था ही. साथ ही कई और भी खास मोमेंट्स थे जिन्होंने फैंस का दिन बना दिया. आइये बताते हैं. बेस्ट फ्रेंड ने दी झप्पी अब जब इस ग्रैंड इवेंट का समापन हो चुका है तो ऐश्वर्या के कई वीडियोज सामने आ रहे हैं. जहां वो लोगों से मिलतीं, उनसे अपनेपन से बात करतीं. तो वहीं कई हॉलीवुड एक्ट्रेस उन्हें देख दौड़ लगाती दिखीं. ऐश्वर्या का चार्म और रॉयल प्रेजेंस तो जैसे महफिल ही लूट रहा है. एक वीडियो में हॉलीवुड स्टार ईवा लोंगोरिया ऐश्वर्या को देख इतनी एक्साइटेड हो गईं कि उनके पास ही भागी चली गईं. उन्होंने एक्ट्रेस को अपना बेस्ट फ्रेंड बताया और कहा कि कान्स अब शुरू हुआ है. ईवा और ऐश्वर्या की फोटोज सालों से कान्स इवेंट में सेंटर ऑफ अट्रैक्शन रही हैं. दोनों साथ में खूब पोज देते हैं और इनकी दोस्ती की खूब चर्चा होती है. बॉडीगार्ड ने चौंकाया ऐश्वर्या का इसी के साथ एक और वीडियो सामने आया जहां वो अपने साथ चलते बॉडीगार्ड को देख हैरान नजर आईं. ऐश्वर्या ने कहा कि वो बहुत लंबा है. फिर वो बहुत ही क्यूट तरीके से बॉडीगार्ड को घूरती हुई दिखीं. ऐश्वर्या का ये वीडियो खूब वायरल हो रहा है. फैंस उनकी मासूमियत पर फिदा हो रहे हैं. इसी के साथ ऐश्वर्या का ब्रूट को दिया कान्स से एक इंटरव्यू भी सामने आया जहां वो अपनी सोशल मीडिया की जानकारी, कॉन्फिडेंस और खुद से दोस्ती करने पर बात करती दिखीं. इंस्टाग्राम के चक्कर में नहीं पड़ना चाहतीं ऐश्वर्या ऐश्वर्या ने कहा कि- मेरे आसपास के लोग मुझे याद दिलाते रहते हैं कि इंस्टाग्राम का गेम बहुत पहले शुरू हो चुका है. आप ही इसे यूज नहीं कर रहे हो. मैं उस स्पेस में गई ही नहीं हूं. मेरे लिए सोशल मीडिया भी एक तरह का मीडिया ही है, जो अलग अलग तरह से एग्जिस्ट करता है. इसके अलग-अलग चेहरे हैं. आप जब काम करते हैं तो साथ मिलकर ही करते हैं, क्योंकि ये सारे मीडियम्स ऑडियन्स के बेस पर ही चलते हैं. मैं इसे सिंपल ही रखना चाहती हूं. ऐश्वर्या ने आगे अपनी फीलिंग्स जाहिर करते हुए कहा कि मैं हमेशा हर दिन ऐसे काम करती हूं जैसे ये पहला दिन हो. आपकी जर्नी कैसी है, ये मायने रखता है, यहां कुछ भी सही-गलत नहीं है. अपने आने वाले वर्क कमिटमेंट्स पर बात करते हुए ऐश्वर्या ने बताया कि मैं स्क्रिप्ट्स में ऐसा कुछ अलग नहीं ढूंढती, बस जब आप उसे पढ़ते हो तो, वो कहानी आपको क्लिक कर जाए. इतना ही काफी है.

हरिमंदिर साहिब को उड़ाने की धमकी से मचा हड़कंप, आरोपी सौरव बिस्वास पर कसा शिकंजा

अमृतसर. पश्चिम बंगाल के सौरव बिस्वास की गिरफ्तारी की सूचना अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस अंतरराष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन (इंटरपोल) को देने जा रही है। पता चला है कि आरोपित ने पाकिस्तान और बंगलादेश में क्रिप्टो करंसी के जरिए कुछ लोगों को भुगतान किया है। यह भुगतान किस डील के बदले में किया गया इसकी जांच करवाई जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि ई-मेल के जरिए धमकियां देने वाला आरोपित सौरव बिस्वास के खिलाफ उक्त दो देशों के साथ-साथ अन्य देशों को भी वांछित हो सकता है। फिलहाल जांच मुकम्मल होने के बाद उसे फताहपुर जेल भेज दिया गया है। साइबर सेल के अधिकारी ने बताया कि केस में नए पहलू सामने आने पर आरोपित को दोबारा कोर्ट के जरिए प्रोडक्शन वारंट पर जेल से गिरफ्तार किया जा सकता है। बता दें सौरव बिस्वास ने छह महीने पहले से अब तक श्री हरिमंदिर साहिब को बम से उड़ने की 40 के करीब धमकियां ई-मेल भेज कर की थी। इसके अलावा आरोपित ने श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, स्कूल, बस अड्डा, श्री दुर्ग्याणा मंदिर, रेलवे स्टेशन सहित देश के कई हिस्सों में ई-मेल भेजकर महत्वपूर्ण स्थलों को बम से उड़ाने की धमकियां दी थीं। पुलिस ने लंबी जांच पड़ताल के बाद सौरव बिस्वास को गिरफ्तार कर लिया। इसके कब्जे से तीन सौ से ज्यादा ई मेल आइडी और उनके पासवर्ड बरामद किए हैं। यह सभी उसने पैसे देकर विभिन्न लोगों से खरीदे थे और इसके जरिए फिर धमकियों का सिलसिला शुरु हुआ था। आरोपित के कब्जे से मिले तीन सीपीयू, पांच हार्ड डिस्क, तीन मोबाइल, एक इंटरनेट राउटर, 15 हाट मेल अकाउंट बरामद किए थे।