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मध्य प्रदेश की नई G-RAM-G योजना, 125 दिन रोजगार, काम न मिलने पर भत्ता और मजदूरी में देरी पर मुआवजा

भोपाल  केंद्र सरकार ने ‘विकसित भारत–रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी (ग्रामीण) अधिनियम, 2025' (VB-G Ram-G) के तहत संशोधित मजदूरी दरों को लागू कर दिया है. नया कानून एक जुलाई से लागू हो गया है. इसमें मनरेगा में 100 की बजाय अब 125 दिनों की रोजगार गारंटी मिलेगी.सरकार के अनुसार, नई ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत राष्ट्रीय औसत मजदूरी बढ़कर 327.4 रुपये रोजाना हो गई है. मनरेगा में पहले यह 298.8 रुपये प्रतिदिन थी. इसमें करीब 29 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कहा कि एक जुलाई से प्रभावी नई मजदूरी दरें सभी 34 राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और मजदूरी क्षेत्रों में बढ़ाई गई हैं.मंत्रालय ने बताया कि 300 रुपये प्रतिदिन की नयी अंतरिम आधार मजदूरी दर तय की गई है, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि योजना के तहत अधिसूचित कोई भी मजदूरी इससे कम न हो. सरकार के अनुसार, देशभर में औसतन मजदूरी दरों में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।  रोजगार की गारंटी 125 दिन होगी मंत्रालय ने कहा कि नया अधिनियम पात्र ग्रामीण परिवारों को 125 दिन तक मजदूरी आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी देता है, जबकि मौजूदा ढांचे में यह सीमा 100 दिन थी. 21 राज्यों और प्रशासनिक इकाइयों में मजदूरी को बढ़ाकर 300 रुपये की नई अंतरिम आधार दर तक पहुंचाया गया है. वहीं, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में मजदूरी में 15 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि होगी. अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड में लगभग 24.5 प्रतिशत की सबसे अधिक वृद्धि की गई है। 15 दिन में मजदूरी का भुगतान नहीं होने पर 16वें दिन से हर दिन की देरी पर 0.05% प्रतिदिन की दर से कंपनसेशन मिलेगा। योजना के प्रस्तावित नियम कैबिनेट में पेश किए जाने थे, लेकिन मंगलवार और बुधवार को कैबिनेट की बैठक नहीं हुई। इसलिए नियमों का राजपत्र में प्रकाशन कर दिया गया। मप्र सरकार जल संरक्षण और बांध जैसे बड़े प्रोजेक्ट में भी इसे लागू करने की तैयारी कर रही है। योजना का क्रियान्वयन 60:40 के अनुपात में होगा, यानी केंद्र 60 फीसदी पैसा देगा और राज्य सरकार को 40 फीसदी वित्तीय भार उठाना पड़ेगा। 1. कितने दिन का रोजगार मिलेगा? योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक पात्र परिवार को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 125 दिन का अकुशल रोजगार मिलेगा। यह मौजूदा मनरेगा के 100 दिनों से अधिक है। परिवार के वयस्क सदस्य स्वेच्छा से काम कर सकेंगे। 2. 15 दिन में काम नहीं मिला तो क्या होगा? यदि आवेदन करने के 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो आवेदक दैनिक बेरोजगारी भत्ते का हकदार होगा। पहले 30 दिन के लिए मजदूरी दर का 25 फीसदी और उसके बाद में 50 फीसदी भत्ता मिलेगा। 3. मजदूरी कब और कैसे मिलेगी? काम करने वाले मजदूरों की मजदूरी साप्ताहिक आधार पर दी जाएगी। किसी भी स्थिति में काम करने की तारीख से 15 दिन के भीतर भुगतान करना अनिवार्य होगा। 4. मजदूरी में देरी हुई तो क्या होगा? यदि मस्टर रोल बंद होने के 15 दिन बाद भी मजदूरी नहीं मिलती, तो 16वें दिन से भुगतान होने तक बकाया मजदूरी पर प्रतिदिन 0.05% की दर से मुआवजा (कंपनसेशन) दिया जाएगा। इससे समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है। 5. आवेदन की प्रोसेस क्या होगी? रोजगार के लिए आवेदन मौखिक, लिखित या डिजिटल माध्यम से किया जा सकेगा। आवेदन ग्राम पंचायत, वार्ड सदस्य, कार्यक्रम अधिकारी या अधिकृत पोर्टल पर किया जा सकेगा। आवेदन की रसीद भी अनिवार्य रूप से मिलेगी। 6. कौन कर सकेगा आवेदन? जिस ग्रामीण परिवार का पंजीकरण होगा और जिसके वयस्क सदस्य का नाम रोजगार गारंटी कार्ड में दर्ज होगा, वही योजना के तहत काम मांग सकेगा। परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य आवेदन कर सकता है। 7. गांवों में किस तरह के काम होंगे? योजना के तहत जल संरक्षण, ग्रामीण सड़कें, सिंचाई, आजीविका बढ़ाने वाले कार्य, मूलभूत ग्रामीण अधोसंरचना और जलवायु परिवर्तन से बचाव से जुड़े विकास कार्य कराए जाएंगे। इनका उद्देश्य गांवों की स्थायी संपत्ति तैयार करना है। 8. मॉनिटरिंग कैसे और कौन करेगा? योजना में जीपीएस, मोबाइल आधारित उपस्थिति, रियल-टाइम डेशबोर्ड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया जाएगा। इससे फर्जीवाड़ा रोकने, भुगतान की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने का दावा किया गया है। 9. कमजोर और वंचित वर्ग को प्राथमिकता राज्य सरकार वंचित और जरूरतमंद परिवारों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता से रोजगार उपलब्ध कराएगी। इसका उद्देश्य ऐसे परिवारों की आजीविका सुरक्षा को मजबूत करना है। 10. सिर्फ रोजगार नहीं, गांवों के विकास पर भी फोकस योजना का लक्ष्य केवल मजदूरी देना नहीं, बल्कि 'विकसित ग्राम पंचायत योजना' के तहत गांवों का समग्र विकास करना है। पंचायत स्तर की योजनाओं को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की विकास योजनाओं से जोड़कर दीर्घकालिक ग्रामीण विकास सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है।

पांच जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी

पटना  राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून का प्रभाव कमजोर होने के कारण बीते माह की तरह जुलाई में भी सामान्य से कम वर्षा की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार माह में ज्यादातर भागों के अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक बना रहेगा।  प्रदेश का अधिकतम तापमान 32-34 डिग्री सेल्सियस के बीच एवं न्यूनतम तापमान 24-26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। राज्य के अधिकतर भागाें में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ कहीं छिटपुट तो कहीं पर भारी वर्षा के कारण उमस वाली गर्मी लोगों को परेशान करेगी।  पांच जिलों में भारी बारिश की चेतावनी  उत्तर बिहार की तुलना में राजधानी सहित दक्षिण भागों में वर्षा में कमी देखने को मिलेगी। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को पटना सहित सभी भागों में बादलों की आवाजाही बने होने के साथ कुछ जगहों पर हल्की वर्षा के आसार है।  जबकि, प्रदेश के पांच जिलों के कटिहार, मधुबनी, पूर्णिया, सीतामढ़ी एवं पश्चिमी चंपारण के एक या दो स्थानों पर मेघ गर्जन, वज्रपात के साथ भारी वर्षा को लेकर चेतावनी जारी की गई है।  तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना है। प्रदेश के शेष जिलों में 30-40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने के साथ कुछ स्थानों पर बिजली चमकने एवं मेघ गर्जन के साथ बूंदाबांदी के आसार है। बीते 24 घंटों के दौरान समस्तीपुर में 39 किमी प्रतिघंटा हवा की रफ्तार दर्ज की गई।  प्रदेश के अलग-अलग भागों में वर्षा दर्ज की गई। गोपालगंज के भोरे में 92.8 मिमी सर्वाधिक वर्षा दर्ज की गई। बुधवार को मधुबनी और मुंगेर को छोड़ कर पटना सहित शेष जिलों के तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। राजधानी का अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री सेल्सियस एवं 39.0 डिग्री सेल्सियस के साथ भभुआ में प्रदेश का सर्वाधिक तापमान दर्ज किया गया। प्रमुख शहरों में वर्षा की स्थिति पूर्वी चंपारण के चटिया में 86.2 मिमी, गोपालगंज में 79.2 मिमी, मुजफ्फरपुर के मुसहरी में 71.6 मिमी, समस्तीपुर के पूसा में 68.8 मिमी, किशनगंज के दिघलबैंक में 65.2 मिमी, समस्तीपुर के मोरवा में 59.2 मिमी दर्ज की गई। गोपालगंज के फुलवरिया में 48.8 मिमी, पूर्वी चंपारण के चेरिया में 30.6 मिमी, भभुआ के अधवारा में 28.4 मिमी, रोहतास में 27.0 मिमी, भभुआ में 24.6 मिमी दर्ज की गई। समस्तीपुर के कल्याणपुर में 22.8 मिमी, लखीसराय के चानन में 22.2 मिमी, सिवान में 20.4 मिमी, डेहरी में 20.0 मिमी, पश्चिम चंपारण के बैरिया में 19.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। प्रमुख शहरों का तापमान  (डिग्री सेल्सियस में) शहर     अधिकतम (°C)     न्यूनतम (°C) पटना      36.3                   28.6 गया        36.8                      26.2 भागलपुर   35.0                  27.4 मुजफ्फरपुर  33.0            27.6

30 हजार भूमिहीनों का घर का सपना होगा पूरा, बिहार सरकार का बड़ा फैसला

मुजफ्फरपुर. बिहार के भूमिहीन परिवारों के लिए राज्य सरकार एक बड़ी सौगात लेकर आई है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 'अभियान बसेरा-2' के तहत मुजफ्फरपुर जिले के करीब 1,400 परिवारों सहित राज्य के 30 हजार भूमिहीनों को वासभूमि (घर बनाने के लिए जमीन) उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए सभी जिलों को को टारगेट अलॉट कर दिया गया है। विभाग की योजना है कि आगामी 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक मौके पर इन सभी पात्र लाभार्थियों के बीच जमीन का बंदोबस्ती प्रमाण पत्र (वासगीत पर्चा) वितरित कर दिया जाए। 15 अगस्त तक पूरी होगी पहचान राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर साफ निर्देश दिया है कि 15 अगस्त से पहले हर हाल में नए और लंबित पड़े पात्र भूमिहीन लाभार्थियों की पहचान और भौतिक सत्यापन का काम पूरा कर लिया जाए। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में अब तक 'अभियान बसेरा' के पहले चरण में 71 हजार 569 भूमिहीन परिवारों को जमीन देकर बसाया जा चुका है। अब इसके दूसरे चरण (बसेरा-2) की शुरुआत की गई है, जिसमें सबसे ज्यादा लाभार्थी पटना, मुजफ्फरपुर और पूर्वी चंपारण जिलों से सामने आए हैं। 31 जुलाई तक तैयार होंगे प्रमाण पत्र इस बार भ्रष्टाचार और गड़बड़ी को रोकने के लिए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। चयनित लाभार्थियों के बंदोबस्ती प्रमाण पत्र ऑनलाइन तैयार किए जाएंगे और संबंधित राजस्व अधिकारियों से इस पर डिजिटल/भौतिक हस्ताक्षर कराने की समयसीमा 31 जुलाई 2026 तय की गई है। मुजफ्फरपुर के अपर समाहर्ता कुमार प्रशांत ने इस संबंध में जिले के सभी अंचलाधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी अंचलों से जल्द से जल्द भूमिहीनों का अंचलवार ब्योरा मांगा है, ताकि समय पर वासगीत पर्चा तैयार किया जा सके। इस पूरे अभियान की मॉनिटरिंग सीधे पटना मुख्यालय स्तर से की जा रही है।

नीरज चोपड़ा के बाद रोहित यादव का जलवा, विश्व सीजन में दूसरे सर्वश्रेष्ठ थ्रोअर बने

नई दिल्ली  पहले नीरज चोपड़ा, फिर सचिन यादव और अब रोहित यादव के रूप में भारत का एक और स्टार भाला फेंक एथलीट विश्व पटल पर छा गया है। उत्तर प्रदेश के जौनपुर के एक छोटे से गांव अदारिया डभिया के रोहित 87.05 मीटर की दूरी तक भाला फेंककर अब दुनिया के इस सत्र के दूसरे सर्वश्रेष्ठ थ्रोअर बन गए हैं। भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में चल रही 65वीं नेशनल इंटर-स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के आखिरी दिन 25 वर्षीय रोहित ने स्वर्ण पदक के साथ यह उपलबधि भी हासिल की और इस सत्र में शीर्ष पर चल रहे श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिराज (92.62 मीटर) के बाद सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए। इसी के साथ उन्होंने जापान में होने वाले एशियन गेम्स के लिए भी क्वालीफाई कर लिया। हाल ही में दोहा डायमंड लीग में दो बार के ओलिंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा के चौथे स्थान (85.69 मीटर) पर रहने और वहां श्रीलंका के पथिराज के छा जाने बाद भाला फेंक में इस साल कामनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में भारत के पदक और खासकर स्वर्ण पदक की आस कुछ कम हो चली थी, लेकिन इस बीच रोहित यादव अब इस प्राचीन खेल में भारत की नई उम्मीद बनकर उभरे हैं। अब इस प्रदर्शन के दम पर रोहित भी नीरज के साथ भाला फेंक में इस साल के इन दो बड़े खेलों में भारत के लिए पदक जीतने को दम लगाएंगे। रोहित यादव का पिछला सर्वश्रेष्ठ थ्रो 83.76 मीटर था। यह उन्होंने इंडियन एथलेटिक्स सीरीज के लुधियाना लेग में दर्ज किया गया था। हालांकि अब 87.05 मीटर का उनका थ्रो 2022 में मनु डीपी द्वारा बनाए गए प्रतियोगिता के 84.35 मीटर के रिकॉर्ड से भी कहीं बेहतर रहा। प्रतियोगिता में यशवीर सिंह (83.72 मीटर) और सचिन यादव (82.32 मीटर) क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। इन दोनों ने भी एशियन गेम्स के लिए 77.87 मीटर का क्वालिफिकेशन मार्क पार किया। कामनवेल्थ गेम्स में देखने को मिलेगी कड़ी टक्कर चोट के बाद वापसी करने वाले नीरज को भी हल्के में नहीं लिया जा सकता। वह दोहा के इस सत्र के अपने पहले प्रदर्शन के दम पर इस सत्र के बेस्ट थ्रोअर की सूची में सर्वश्रेष्ठ चार में बने हुए हैं। ऐसे में कौन जाने की अगले माह ग्लासगो में होने वाले कामनवेल्थ गेम्स और इसके बाद एशियन गेम्स में श्रीलंका के पथिराज के अलावा हमवतन नीरज और रोहित के बीच ही कड़ी टक्कर देखने को मिल जाए। इससे पहले नीरज को एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अपने फ्लाप शो के दौरान अन्य एथलीटों सहित हमवतन सचिन यादव से भी शिकस्त झेलनी पड़ी थी। रोहित यादव ने कहा, इस प्रदर्शन से कामनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स जैसे बड़े टूर्नामेंट से पहले मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है। भविष्य में बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए मुझे शुरुआती थ्रो में ही 85 या 86 मीटर की दूरी पार करने की आदत डालनी चाहिए। भाला फेंक में इस सत्र के पांच सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन     एथलीट, देश, थ्रो, स्थान     रुमेश पाथिराज, श्रीलंका, 92.62 मी., रोम डायमंड लीग     रोहित यादव, भारत, 87.05 मी., भुवनेश्वर राष्ट्रीय एथलेटिक्स     एंडर्सन पीटर्स, ग्रेनेडा, 86.50 मी., दोहा डायमंड लीग     नीरज चोपड़ा, भारत, 85.69 मी., दोहा डायमंड लीग     जैकब वाडलेज, चेक गणराज्य, 85.00 मी., दोहा डायमंड लीग  

Bhopal-Jewar Flight: नई हवाई सेवा का शुभारंभ, शानदार स्वागत के बावजूद कम रहे यात्री

भोपाल  भोपाल से नोएडा के जेवर एयरपोर्ट तक सीधी उड़ान बुधवार से शुरू हो गई। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने वाटर सैल्यूट से उड़ान का स्वागत किया। यात्रियों को इस उड़ान का काफी समय से इंतजार था, लेकिन पहले दिन उड़ान को उम्मीद से कम यात्री मिले। उड़ान से मात्र नौ यात्री नोएडा से भोपाल पहुंचे। भोपाल से 36 यात्री रवाना हुए। इस रूट पर इंडिगो ने उड़ान प्रारंभ की है। कंपनी की पहली उड़ान संख्या 6-ई 7653 बुधवार को निर्धारित समय शाम 6.50 बजे राजा भोज एयरपोर्ट पर लैंड हुई। एयरपोर्ट अथॉरिटी किसी नए शहर तक हवाई कनेक्शन जुड़ने पर वाटर सैल्यूट से विमान का स्वागत करती है। इसी परंपरा के अनुरूप विमान पर फायर ब्रिगेड की दमकलों ने स्वागत किया। इस रूट पर 72 सीटों वाला विमान चला रही है। सीधी उड़ान शुरू होने से दिल्ली एनसीआर में आने वाले गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम, मेरठ एवं बुलंदशहर आदि जाने वाले हवाई यात्रियों को सुविधा होगी। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस उड़ान में यात्रियों की संख्या बढ़ेगी।  

पंजाब CM भगवंत मान बेंगलुरु में करेंगे विपश्यना, एक हफ्ते तक नहीं करेंगे सरकारी कार्यक्रम

चंडीगढ़. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान एक सप्ताह के प्राकृतिक चिकित्सा और स्वास्थ्य सुधार कार्यक्रम के लिए बेंगलुरु रवाना हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार, वह करीब सात दिनों तक एक निजी प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र में रहेंगे। इस दौरान प्राकृतिक उपचार, शरीर की शुद्धि, योग, ध्यान और विशेष खानपान के माध्यम से उनके स्वास्थ्य में सुधार पर ध्यान दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री पिछले कुछ समय से लगातार राजनीतिक कार्यक्रमों, प्रशासनिक बैठकों और विभिन्न सरकारी गतिविधियों में व्यस्त रहे हैं। लगातार कामकाज और यात्रा के कारण उन्हें पहले भी थकान की शिकायत हुई थी। इसके बाद चिकित्सकों ने उन्हें कुछ समय आराम करने और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी थी। इसी सलाह के आधार पर उन्होंने एक सप्ताह का यह स्वास्थ्य कार्यक्रम तय किया है। प्राकृतिक चिकित्सा से गुजरेंगे सीएम सूत्रों का कहना है कि इस दौरान मुख्यमंत्री प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के तहत शरीर की शुद्धि की प्रक्रिया से गुजरेंगे। साथ ही योग, ध्यान और विशेष आहार योजना का पालन करेंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शारीरिक और मानसिक ऊर्जा को बेहतर बनाना तथा व्यस्त दिनचर्या के बाद शरीर को फिर से सक्रिय करना है। बेंगलुरु स्थित निजी प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र में उनके रहने की पूरी व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम के दौरान चिकित्सकों और विशेषज्ञों की निगरानी में उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जाएगा। आवश्यकतानुसार उपचार और खानपान की योजना में बदलाव भी किया जा सकता है। रवाना होने से पहले खत्म किए सभी कार्य स्वास्थ्य कार्यक्रम पर रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में चल रही कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। इसके अलावा विभिन्न योजनाओं से जुड़े कार्यों का उद्घाटन और प्रशासनिक स्तर पर जरूरी निर्देश भी दिए, ताकि उनकी अनुपस्थिति के दौरान विकास कार्यों की गति प्रभावित न हो। सरकारी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री की गैरमौजूदगी में भी पंजाब सरकार का नियमित कामकाज पहले की तरह चलता रहेगा। विभागों को आवश्यक निर्देश पहले ही दिए हैं और प्रशासनिक व्यवस्था सामान्य रूप से जारी रहेगी। जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री अधिकारियों के संपर्क में भी रहेंगे।

6 जुलाई को खानूगांव में होगी बाढ़ प्रबंधन की मॉकड्रिल, आपदा से निपटने की तैयारियों का होगा परीक्षण

6 जुलाई को खानूगांव में होगी बाढ़ प्रबंधन की मॉकड्रिल मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा; जलभराव रोकने, संवेदनशील जलस्रोतों की सुरक्षा और कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी सुनिश्चित करने के निर्देश कलेक्टर मिश्रा के निर्देशन में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक सम्पन्न भोपाल  कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के निर्देशन में गुरुवार को कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।   बैठक में अपर कलेक्टर सुमित पांडे ने आगामी मानसून को दृष्टिगत रखते हुए संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए विभिन्न विभागों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूर्ण सतर्कता के साथ कार्य करने तथा आपदा प्रबंधन संबंधी निर्धारित प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।   बैठक में बताया गया कि 6 जुलाई को खानूगांव में बाढ़ प्रबंधन की मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। अपर कलेक्टर पांडे ने मॉक ड्रिल के सफल एवं प्रभावी संचालन के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे अभ्यास आपदा की वास्तविक परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी राहत-बचाव कार्य सुनिश्चित करने के साथ-साथ विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जलभराव रोकने के लिए ड्रेनेज सिस्टम की विशेष सफाई के निर्देश   अपर कलेक्टर पांडे ने नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संभावित जलभराव की स्थिति से बचाव के लिए ड्रेनेज सिस्टम तथा प्रमुख नालों की युद्धस्तर पर सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, नाव, लाइफ जैकेट तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की अग्रिम उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही नगर निगम एवं एसडीआरएफ की बचाव टीमों को संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त संसाधनों सहित तैनात रखने तथा सभी नियंत्रण कक्षों को 24×7 सक्रिय रखने के निर्देश भी दिए। जलस्रोतों पर सुरक्षा जाली और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं     वर्षाकाल में पर्यटकों एवं आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अपर कलेक्टर ने केरवा डैम,कलियासोत, अमरगढ़, महादेव पानी सहित जिले के अन्य संवेदनशील जलस्रोतों एवं पिकनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।   उन्होंने गहरी खाइयों एवं जलस्रोतों के समीप सुरक्षा जाली लगाने, चेतावनी सूचक बोर्ड स्थापित करने तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वर्षाकाल में जलस्रोतों पर विशेष सावधानी बरतें तथा प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।  हर एसडीएम अपने क्षेत्र में गठित करेंगे आपदा प्रबंधन टीम        बैठक में सभी अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में समर्पित आपदा प्रबंधन टीमों का गठन करें तथा विभागों के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखें। उन्होंने कहा कि किसी भी घटना की सूचना तत्काल नियंत्रण कक्ष तक पहुंचाई जाए, ताकि न्यूनतम रिस्पॉन्स टाइम के साथ राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया जा सके। जर्जर भवनों, बंद खदानों और कोचिंग संस्थानों पर विशेष निगरानी जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपर कलेक्टर पांडे ने नगरीय निकायों को जिले के जर्जर एवं खतरनाक भवनों की सूची तैयार कर आवश्यकतानुसार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बंद पड़ी खदानों के चारों ओर सुरक्षित फेंसिंग कराने तथा दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा।        बैठक में कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। अपर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी कोचिंग संस्थानों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा फायर सेफ्टी मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।              बैठक में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, नगर निगम, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

DMF से बदली खनन प्रभावित गांवों की तस्वीर, ₹1.81 करोड़ की सड़क ने विकास को दी नई रफ्तार

डीएमएफ से बदली खनन प्रभावित गांवों की तस्वीर, 181 लाख की सड़क ने विकास को दी रफ्तार मुढ़ापार-धतूरा-कोरबी-खम्हरिया मार्ग का 4.40 किमी नवीनीकरण डीएमएफ से 180.93 लाख रुपये की लागत से हुआ निर्माण शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला बड़ा संबल रायपुर, खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) निधि का प्रभावी उपयोग प्रदेश में बदलाव की नई मिसाल बन रहा है। कोरबा जिले में डीएमएफ से निर्मित मुढ़ापार-धतूरा-कोरबी-खम्हरि या सड़क ने वर्षों पुरानी आवागमन की समस्या दूर कर हजारों ग्रामीणों के जीवन को आसान बना दिया है। कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत की सुनियोजित कार्ययोजना के तहत डीएमएफ मद से 180.93 लाख रुपये की लागत से 4.40 किलोमीटर लंबी सड़क का नवीनीकरण एवं सुदृढ़ीकरण किया गया। 15 अप्रैल 2026 को निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अब क्षेत्र के ग्रामीणों को वर्षभर सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल रही है। पहले बरसात के दौरान सड़क कीचड़ और जलभराव से भर जाती थी, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई, मरीजों का उपचार, किसानों की उपज का परिवहन और ग्रामीणों की दैनिक गतिविधियां प्रभावित होती थीं। अब बेहतर सड़क संपर्क से स्कूल, अस्पताल और बाजार तक पहुंच आसान होने के साथ किसानों को अपनी उपज समय पर बाजार तक पहुंचाने में भी सुविधा मिल रही है। यह सड़क केवल आवागमन का माध्यम नहीं बनी, बल्कि खनन प्रभावित गांवों के सामाजिक और आर्थिक विकास की नई आधारशिला साबित हुई है। बेहतर संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक ग्रामीणों की पहुंच बढ़ी है, जिससे क्षेत्र में विकास की नई गति दिखाई दे रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और डीएमएफ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों पुरानी समस्या के समाधान से उनके जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। यह परियोजना इस बात का उदाहरण है कि डीएमएफ निधि का योजनाबद्ध और जनहितकारी उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में बनेगा देश का पहला संविधान थीम पार्क, जानें क्या होगी इसकी खासियत

भिलाई नगर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और जनकल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर दुर्ग जिले में एक ऐतिहासिक और महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू की जा रही है। जिले में करीब 10 एकड़ भूमि पर देश का पहला संविधान थीम पार्क विकसित किया जाएगा, जो भारतीय संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक न्याय की भावना को समर्पित होगा। इस अनूठी परियोजना का सबसे बड़ा आकर्षण भारत के संविधान की देश की सबसे विशाल प्रतिकृति होगी। इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विशेष पहचान दिलाने की योजना बनाई गई है। प्रस्तावित थीम पार्क केवल एक स्मारक नहीं होगा, बल्कि भारतीय लोकतंत्र, संविधानिक मूल्यों, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता का जीवंत केंद्र बनेगा। संविधान थीम पार्क में 100 फीट ऊंचे अशोक स्तंभ का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन और योगदान पर आधारित अत्याधुनिक डिजिटल गैलरी भी विकसित की जाएगी, जहां उनके संघर्ष, विचारों और संविधान निर्माण में निभाई गई भूमिका को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। परियोजना के तहत 3डी होलोग्राम और डिजिटल संविधान संग्रहालय की स्थापना भी की जाएगी, जहां आगंतुक संविधान के इतिहास, विकास और उसके महत्वपूर्ण प्रावधानों को इंटरैक्टिव माध्यम से समझ सकेंगे। इसके अलावा संविधान अध्ययन एवं शोध केंद्र की स्थापना कर विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षाविदों को अध्ययन एवं अनुसंधान की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। युवाओं और विद्यार्थियों को संविधान के प्रति जागरूक करने तथा लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़ने के उद्देश्य से विशेष प्रेरणा केंद्र भी विकसित किया जाएगा। पार्क में आधुनिक पर्यटन सुविधाएं, सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए विशेष परिसर तथा आगंतुकों के लिए आकर्षक व्यवस्थाएं भी उपलब्ध होंगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को देश में संविधान जागरूकता, लोकतांत्रिक शिक्षा और सांस्कृतिक पर्यटन के एक नए केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। माना जा रहा है कि इसके निर्माण से दुर्ग जिला राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान स्थापित करेगा और बड़ी संख्या में पर्यटकों, विद्यार्थियों तथा शोधकर्ताओं को आकर्षित करेगा।

गृह विभाग का बड़ा फेरबदल: 125 डिप्टी एसपी का ट्रांसफर, सीएम सुरक्षा टीम में भी बदलाव

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने गुरुवार को दिन में 125 डिप्टी एसपी को नई तैनाती दी हैं। इनमें से अधिकांश वे हैं, जिनको हाल ही में निरीक्षक से पुलिस उपाधीक्षक के पद पर प्रोन्नत किया गया था। सरकार की ओर से जारी आदेश में सभी को तत्काल प्रभाव से नई तैनाती पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। इन ट्रांसफर में मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात अफसरों को भी बदला गया है। मुरादाबाद के कमलेश कांत को नोएडा और अशोक सिंह को जीआरपी गोरखपुर ट्रांसफर किया गया है। इंस्पेक्टर से डिप्टी एसपी पद पर प्रमोशन के बाद मुरादाबाद के कमलेश कांत को नोएडा कमिश्नरेट और सहारनपुर से शिव ठाकुर को मेरठ भेजा गया है। नोएडा प्रदेश का सबसे बड़ा औद्योगिक और हाई-प्रोफाइल कमिश्नरेट माना जाता है। यहां कानून-व्यवस्था और सुरक्षा की बड़ी जिम्मेदारी अब उनके कंधों पर होगी। मंजरी राव को प्रमोशन के बाद बलिया में ही पुलिस उपाधीक्षक बनाया गया है। शिल्पा वर्मा को कन्नौज भेजा गया है। इसके अलावा, अशोक कुमार सिंह को डिप्टी एसपी संत कबीरनबगर से डिप्टी एसपी रेलवे गोरखपुर के पद पर तैनाती मिली है। इमरान खान को ललितपुर से प्रयागराज पीएसी में सहायक सेनानायक नियुक्त किया गया है। लखनऊ पीएसी से धर्मेंद्र सिंह यादव को मुरादाबाद पुलिस अकादमी भेजा गया है। मुख्यमंत्री सुरक्षा में लखनऊ कमिश्नरेट से सुधाकर द्विवेदी और भानु प्रताप सिंह को तैनात कर दिया गया है। इनको भी प्रमोशन मिला था। मुख्यमंत्री सुरक्षा में तैनात रहे जितेंद्र कुमार-2 को आगरा कमिश्नरेट में सहायक पुलिस आयुक्त बनाया गया है। पहले उनका तबादला शाहजहांपुर किया गया था, लेकिन संशोधित आदेश में उन्हें आगरा भेजा गया। वीवीआईपी सुरक्षा का अनुभव रखने वाले जितेंद्र कुमार अब पर्यटन नगरी आगरा में कानून-व्यवस्था संभालेंगे। मुजफ्फरनगर में डिप्टी एसपी विनय कुमार द्विवेदी को वाराणसी कमिश्नरेट का एससीपी बनाया गया है। धार्मिक और पर्यटन के लिहाज से हमेशा व्यस्त रहने वाले वाराणसी में सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन उनकी प्रमुख जिम्मेदारी होगी। मुजफ्फरनगर से विश्वजीत सिंह को जीआरपी मुरादाबाद में डिप्टी एसपी के पद पर तैनाती मिली है। बाराबंकी से राम किशन को अब गाजियाबाद कमिश्नरेट में एसीपी बनाया गया है। दिल्ली से सटे एनसीआर क्षेत्र में आने वाले गाजियाबाद में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण माना जाता है। अयोध्या से संदीप कुमार राय का तबादला प्रयागराज कमिश्नरेट में एसीपी के पद पर किया गया है। प्रयागराज में बड़े धार्मिक आयोजनों, कानून-व्यवस्था और छात्र गतिविधियों को देखते हुए उनकी नई तैनाती को अहम माना जा रहा है। अयोध्या के बाद संदीप कुमार राय दूसरी धार्मिक नगरी प्रयागराज पहुंचे हैं।