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IND vs AFG: आखिरी वनडे में कई खिलाड़ियों का भविष्य दांव पर, टीम इंडिया 3-0 की तलाश में

चेन्नई भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आखिरी मुकाबला शनिवार (20 जून) को चेन्नई में है. सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना चुकी भारतीय टीम अब क्लीन स्वीप के इरादे से मैदान पर उतरेगी. हालांकि इस मैच का सबसे बड़ा आकर्षण सिर्फ नतीजा नहीं, बल्कि कुछ खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी होगा, जिनके लिए यह मुकाबला भविष्य तय करने वाला साबित हो सकता है. सबसे ज्यादा निगाहें यशस्वी जायसवाल पर रहेंगी. दिसंबर 2025 के बाद पहली बार वनडे टीम में वापसी करने वाले जायसवाल लखनऊ में खेले गए दूसरे मैच में सिर्फ 4 रन बनाकर आउट हो गए थे. इससे पहले उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ विशाखापत्तनम (वाइजैग) में नाबाद 116 रनों की शानदार पारी खेली थी, लेकिन तब से टीम की तस्वीर काफी बदल चुकी है. ईशान किशन की वापसी ने टॉप ऑर्डर में कंपटीशन और कठ‍िन कर दिया है. किशन ने लखनऊ वनडे में शतक लगाकर अपनी दावेदारी मजबूत कर ली. उनकी मौजूदगी के कारण कप्तान शुभमन गिल को खुद नंबर-3 पर उतरना पड़ा ताकि जायसवाल को ओपनिंग का मौका मिल सके. यदि किशन और श्रेयस अय्यर क्रमशः नंबर-4 और नंबर-5 पर बने रहते हैं तो जायसवाल के लिए टीम में जगह बनाना और मुश्किल हो जाएगा. ऐसे हालात में चेन्नई वनडे उनके लिए बड़ा अवसर है. भारत की इंग्लैंड टूर के लिए वनडे टीम का ऐलान भी जल्द होना है और बीसीसीआई सेलेक्श कमेटी के बॉस अजीत अगरकर की अगुआई वाला पैनल हाल के दिनों में कड़े फैसले लेने के लिए जाना जाता है. ऐसे में एक और नाकामी जायसवाल की मुश्किलें बढ़ा सकती है. केएल राहुल की स्थिति थोड़ी अलग है. लंबे समय बाद श्रेयस अय्यर की वापसी के बाद राहुल को अब अधिकतर नंबर-6 पर बल्लेबाजी करनी पड़ सकती है. वनडे क्रिकेट में नंबर-5 राहुल की सबसे सफल पोजिशन रही है. इस क्रम पर उन्होंने 38 मैचों में 1517 रन बनाए हैं, जिसमें तीन शतक और 10 अर्धशतक हैं. उनका एवरेज भी 63.2 का रहा है. हालांकि नंबर-6 पर उनके आंकड़े उतने प्रभावशाली नहीं हैं. राहुल ने इस स्थान पर 15 मैचों में 332 रन बनाए हैं और सिर्फ एक अर्धशतक लगाया है. लोअर ऑर्डर में बल्लेबाजी करते हुए उन्हें कम ओवर मिलते हैं, इसलिए अब उनके सामने तेजी से रन बनाने और फिनिशर की भूमिका निभाने की चुनौती है. चेन्नई में वह इसी नई भूमिका में खुद को साबित करने की कोशिश करेंगे. क्या हर्ष‍ित का होगा टीम इंड‍िया में कमबैक? बॉल‍िंग ड‍िपार्टमेंट में हर्षित राणा की वापसी चर्चा का विषय है. बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैबिलिटेशन पूरा करने के बाद उन्हें टीम में शामिल किया गया है. ऐसे में संभावना है कि उन्हें अर्शदीप सिंह की जगह प्लेइंग इलेवन में मौका मिल सकता है, जिन्होंने सीरीज के शुरुआती दोनों मुकाबले खेले हैं. हर्षित की मौजूदगी भारत को निचले क्रम में अतिरिक्त बल्लेबाजी विकल्प भी देती है, खासकर तब जब नीतीश कुमार रेड्डी चोट के कारण उपलब्ध नहीं हैं. इसके अलावा टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ता इंग्लैंड दौरे से पहले उनकी मैच फिटनेस और तैयारियों का आकलन भी करना चाहेंगे. गुरनूर बरार ने सीरीज के दोनों मैच खेले हैं और टीम मैनेजमेंट विभिन्न परिस्थितियों में उन्हें और परखना चाह सकता है. इसलिए टीम इंड‍िया के बॉल‍िंग कॉम्ब‍िनेशन में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं. दूसरी ओर अफगानिस्तान के लिए यह दौरा अब तक बेहद निराशाजनक रहा है. टेस्ट और वनडे दोनों फॉर्मेट में टीम इंड‍िया के सामने संघर्ष करती नजर आई है. दोनों वनडे मुकाबलों में भी अफगान टीम न बल्लेबाजी में प्रभाव छोड़ सकी और न ही गेंदबाजी में. हशमतुल्लाह शाहिदी की अगुआई वाली टीम अब आखिरी मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन के साथ दौरे का समापन करना चाहेगी. जीत भले मुश्किल दिख रही हो, लेकिन अफगानिस्तान अपनी प्रतिष्ठा के अनुरूप कड़ी चुनौती देने की कोशिश करेगा. भारतीय टीम: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, ईशान किशन, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, गुरनूर बरार, हर्ष दुबे, यशस्वी जायसवाल और हर्षित राणा. अफगानिस्तान टीम: हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान ), रहमानुल्लाह गुरबाज, इब्राहिम जादरान, सेदिकुल्लाह अतल, दरवेश रसूली, रहमत शाह, इकराम अलीखिल, मोहम्मद नबी, अजमतुल्लाह ओमरजई और राशिद खान. भारत vs अफगान‍िस्तान हेड टू हेड (वनडे) कुल मैच: 6 भारत जीता : 5 टाई: 1 मुकाबला दोपहर 1:30 बजे से शुरू होगा. भारत की नजर सीरीज में 3-0 की जीत दर्ज करने पर होगी, जबकि अफगानिस्तान सम्मान बचाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करेगा.

फीफा वर्ल्ड कप 2026: अमेरिका की लगातार दूसरी जीत, मोरक्को ने भी दर्ज की अहम जीत

 नई दिल्ली  फीफा वर्ल्ड कप-2026 के संयुक्त मेजबान अमेरिका ने ग्रुप-डी के मैच में ऑस्ट्रेलिया को मात देकर नॉकआउट दौर में जगह बना ली है। वहीं, मोरक्को ने ग्रुप-सी के मैच में स्कॉटलैंड को पटखनी देते हुए अगले दौर में जाने की संभावनाओं को मजबूत कर लिया है। अमेरिका नॉकआउट दौर में पहुंचाने वाली दूसरी टीम बन गई है। उससे पहले, एक और संयुक्त मेजबान मैक्सिको ने अगले दौर में जगह बनाई थी। वह ऐसा करने वाली पहली टीम थी। 96 साल बाद हुआ ऐसा अमेरिका की ये इस वर्ल्ड कप में लगातार दूसरी जीत है और इसी के साथ उसने 96 साल का सूखा खत्म किया है। इस वर्ल्ड कप से पहले अमेरिका ने साल 1929 में लगातार दो मैच जीते थे। इस डबल को दोहराने में अमेरिका को 96 साल लग गए। उसने अपने पहले मैच में पैराग्वे को 4-1 से मात दी थी। सीटल स्टेडियम में खेले गए इस मैच में अमेरिका के लिए पहला गोल ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी कैमरन बर्गेस ने किया। उन्होंने गेंद को क्लियर करने के प्रयास में आत्मघाती गोल कर डाला जिससे अमेरिका 11वें मिनट में ही 1-0 से आगे हो गई। पहले हाफ के खत्म होने से दो मिनट पहले यानी 43वें मिनट में एलेक्स फ्रीमैन ने अमेरिका के लिए दूसरा गोल कर दिया। दूसरे हाफ में कोई गोल हो नहीं सका और अमेरिका ने ये मैच जीतते हुए शान से नॉकआउट दौर में जगह बनाई। मोरक्को ने भी जीता मैच वहीं मोरक्को ने भी स्कॉटलैंड के खिलाफ शुरुआती बढ़त ले ली थी जिसे कायम रखते हुए जीत हासिल की। मोरक्को के लिए इस्माइल साल्बारी ने डेढ़ मिनट में गोल करते हुए अपनी टीम को बढ़त दिलाई और फिर इसे कायम रखते हुए स्कॉटलैंड को पटखनी दी। ब्राहिम डिएज ने स्कॉटलैंड को डिफेंस को भेदते हुए इस्लमाइल तक शानदार पास दिया। इसके बाद इस्माइल ने एक झन्नटेदार किक से गेंद को नेट में डाल अपनी टीम को 1-0 से आगे कर दिया। इसी स्कोरलाइन से मोरक्को ने जीत हासिल की और अगले दौर में जाने की उम्मीदों को पुख्ता किया।  

नेमार के बिना भी चमका ब्राजील, हैती को हराकर विश्व कप में खोला जीत का खाता

 नई दिल्ली  मोरक्को के खिलाफ अपने पहले मैच में 1-1 से ड्रॉ खेलने पर मजबूर होने वाली ब्राजील ने शनिवार को फीफा वर्ल्ड कप-2026 में अपनी पहली जीत हासिल कर ली है। ग्रुप-सी के मैच में ब्राजील ने हैती को 3-0 से मात देकर अपना खाता खोला। पहले मैच में ड्रॉ खेलने के बाद ब्राजील को इस मैच में जीत की सख्त जरूरत थी और उसने इसी तरह का खेल दिखाते हुए तीन अंक लिए जिससे अब उसके कुल चार अंक हो गए हैं और वह मोरक्को की बराबरी पर है जिसने स्कॉटलैंड को मात दी है। शुरू से दिखाया दबदबा हैती की ये लगातार दूसरी हार है और वह अगले दौर की रेस से लगभग बाहर हो गई है। अपने स्टार खिलाड़ी नेमार के बिना उतरी ब्राजील ने शुरू से ही इस मैच में अपना दबदबा दिखाया। 23वें मिनट में उसने अपना पहला गोल किया। उसके लिए ये गोल माथेयास कुनहो ने किया। माथेयास यहीं नहीं रुके। उन्होंने 36वें मिनट में एक और गोल कर दिया और अपनी टीम को 2-0 की बढ़त दिला दी। पहले हाफ का अंत ब्राजील के पक्ष में 2-0 से होता दिख रहा था, लेकिन इस हाफ के अतिरिक्त समय में विनिसियस जूनियर ने लुकास पाक्वेटा के पास पर शानदार गोल कर स्कोर 3-0 कर दिया। दूसरे हाफ में नहीं हो सका गोल हैती के लिए वापसी काफी मुश्किल थी, लेकिन उसके पास पूरा दूसरा हाफ था। हालांकि, ब्राजील की दीवार को भेदना उसके लिए आसान नहीं रहा। इस हाफ में उसके लिए उपलब्धि यही रही कि उसने और कोई गोल नहीं होने दिया। ब्राजील ने काफी कोशिश की, लेकिन दूसरे हाफ में वह हैती के डिफेंस को चकमा नहीं दे सकी। हालांकि, उसके पास जीत के लिए पर्याप्त स्कोर था जो उसके काम आया और ब्राजील ने इस टूर्नामेंट की अपनी पहली जीत हासिल की।  

दो रेड कार्ड पड़े भारी, नौ खिलाड़ियों वाली कतर पर कनाडा की बड़ी जीत

 नई दिल्ली  फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप मैच में दो-दो लाल कार्ड खाने वाली कतर को मेजबान कनाडा ने 6-0 से रौंद दिया। मेजबानों के लिए स्ट्राइकर जोनाथन डेविड ने हैटट्रिक जमाई जबकि काएल लैरिन और नेथन सलिबा ने एक-एक गोल किया। मैच का छठा गोल मोहम्मद मनाइ ने 75वें मिनट में अपने ही गोल पोस्ट में मार दिया। मैच की शुरुआत लैरिन के खूबसूरत गोल से हुई। मैच के 16वें मिनट में बॉक्स के बाएं तरफ से आई गेंद पर जमाए करारे शॉट को कतर के गोलकीपर ने रोक लिया लेकिन वह गेंद पर काबू नहीं पा सके और वह छिटककर लैरिन के पैरों में आ गिरी जिन्होंने एकदम करीब से इसे गोल में पहुंचा दिया। कतर की मुश्किलें बढ़ीं मैच के 29वें मिनट में डेविड ने अपना पहला गोल दागा जब उन्होंने दूर से जमाए एक शॉट को कतर के डिफेंडर से लगकर छिटकने के बाद दमदार शॉट के जरिए गोल में पहुंचाया। दो-तीन मिनट के बाद ही कतर की मुसीबतें बढ़ गईं जब मैच के 33वें मिनट में होमाम अहमद को रेफरी ने रेड कार्ड दिखा दिया। पहले हाफ के अतिरिक्त समय (45+3) में अपना दूसरा और मैच का तीसरा गोल किया। इस गोल में भी डेविड को भाग्य का साथ मिला। बॉक्स के बाएं तरफ से उछली गेंद पर लगे करारे हेडर को कतर के गोलकीपर ने रोक लिया, लेकिन गेंद फिर से डेविड के पास जा गिरी जिन्होंने एकदम नजदीक से कोई गलती नहीं की। पहला हाफ खत्म हुआ तो कनाडा 3-0 से आगे थी। दूसरे हाफ में कनाडा का जलवा दूसरे हाफ की शुरुआत कतर के असिम मदिबो के भयंकर फाउल से हुई। उन्होंने कनाडा के इस्माइल कोने को पीछे से टैकल करके गिरा दिया। रेफरी ने मदिबो को तुरंत रेड कार्ड दिखाकर बाहर भेज दिया। कोने की चोट बहुत गंभीर थी उन्हें भी स्ट्रेचर पर लादकर मैदान से बाहर ले जाया गया। मैच के 53वें मिनट में हुई इस घटना के कुछ देर बाद, 64वें मिनट में सलिबा ने बेहतरीन फ्री किक के जरिए कनाडा की बढ़त 4-0 की कर दी। सिर्फ नौ खिलाड़ियों के साथ खेल रही कतर की मुश्किलें खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही थीं। मनाइ ने 75वें मिनट में कनाडा का एक शॉट गोल से दूर भेजने की जगह पूरी ताकत से गोल के अंदर मार दिया। डेविड ने दूसरे हाफ के अतिरिक्त समय (90+2) में अपनी हैटट्रिक पूरी करते हुए कनाडा को 6-0 से जीत दिला दी।

विराट कोहली के भविष्य पर बड़ा खुलासा, RCB CEO ने 2030 को लेकर दिया चौंकाने वाला संकेत

बेंगलुरु  क्या फिटनेस ही लंबा करियर तय करती है? जब 44 साल के एमएस धोनी अभी भी आईपीएल में खेल सकते हैं, तो 37 के विराट कोहली क्यों नहीं? कोहली की फिटनेस, भूख और निरंतरता आज भी उन्हें खेल के शीर्ष पर बनाए हुए हैं और यही सवाल अब चर्चा का विषय है कि वह कब तक खेलते रहेंगे।  विराट कोहली के रनों की भूख, मोटिवेशन, महारत और फिटनेस इन सबने मिलकर उन्हें खेल के शिखर तक पहुंचाया है. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के साथ लगातार दो IPL खिताब जीतने के बाद अब यह सवाल उठता है कि क्या कोहली में वही भूख बाकी है? आधुनिक युग के इस महान खिलाड़ी ने क्रिकेट में लगभग सब कुछ हासिल कर लिया है।  विराट कोहली IPL 2030 तक? उन्होंने IPL 2025 जीता, जिससे 18 साल का सूखा खत्म हुआ फिर IPL 2026 के फाइनल में गुजरात टाइटंस (GT) के खिलाफ शानदार चेज़ करते हुए RCB को खिताब जिताया और टीम को लगातार दूसरी बार चैंपियन बनाया इस तरह RCB IPL खिताब डिफेंड करने वाली तीसरी टीम बन गई. लगातार दो खिताब जीतने के बाद, मेनन ने कहा कि उन्हें लगता है कोहली कम से कम तीन से चार साल और खेलेंगे. इसका मतलब है कि उनका IPL करियर 2030 तक जा सकता है, हालांकि, अगर कोहली चाहें तो वह अपने रिटायरमेंट को और आगे बढ़ा सकते हैं लेकिन जिस तरह उन्होंने अचानक टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा, कुछ भी कहना मुश्किल है।  RCB और विराट एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, मेनन ने CNBC TV18 से बातचीत में कहा कि वह हमेशा से RCB के साथ जुड़े रहे हैं हमने उन्हें कभी टीम से अलग नहीं देखा, और भविष्य में भी उनका जुड़ाव बना रहेगा. उन्होंने आगे कहा, “अगले तीन से चार साल तक वह जरूर खेलेंगे. वह फिट हैं, उनकी भूख खत्म नहीं होती. इस IPL सीजन में आपने उनकी ऊर्जा, रन और एटीट्यूड देखा सब कुछ शानदार था. तीन-चार साल तक खेलने में कोई दिक्कत नहीं।  कोहली अभी धीमे नहीं पड़ रहे मेनन की बात गलत नहीं है अब कोहली सिर्फ एंकर की भूमिका में नहीं हैं जो टीम को संभालते थे एंडी फ्लावर, मो बॉबाट और दिनेश कार्तिक के नेतृत्व में RCB ने एक नई रणनीति अपनाई है, जिससे टीम अब तक की सबसे स्थिर बन गई है. जैसे उन्होंने वनडे क्रिकेट में खुद को बदला, वैसे ही कोहली ने टी20 गेम को भी नए तरीके से ढाला है. टी20 इंटरनेशनल से रिटायरमेंट के बाद भी वह IPL में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और आधुनिक क्रिकेट की मांग के अनुसार खुद को ढाल चुके हैं. सबसे खास बात सिर्फ उनके रन नहीं, बल्कि रन बनाने का तरीका है. उनका स्ट्राइक रेट 150 से ऊपर है, जबकि औसत 55 से ज्यादा है. दिलचस्प बात यह है कि IPL 2016 के उनके ऐतिहासिक सीजन में स्ट्राइक रेट 152 था, जबकि इस साल यह 166 तक पहुंच गया. इसे कहते हैं असली “reinvention” यानी खुद को नए सिरे से ढालना। 

एशियन गेम्स टीम में जगह नहीं मिलने पर मनिका बत्रा नाराज, चयन प्रक्रिया पर उठाए सवाल

 नई दिल्ली भारत की स्टार टेबल टेनिस खिलाड़ी मन‍िका बत्रा ने एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिलने के बाद सेलेक्शन प्रोसेस पर गंभीर सवाल उठाए हैं. देश की टॉप महिला पैडलर ने कहा कि उन्हें टीम से बाहर किए जाने का फैसला बेहद निराशाजनक है और इस संबंध में उन्हें कोई स्पष्ट कारण भी नहीं बताया गया।  वैसे मन‍िका बत्रा की हाल‍िया और ताजा आईटीटीएफ टेबल टेनिस विश्व रैंकिंग में 51वें नंबर पर हैं. 31 वर्षीय मन‍िका बत्रा को टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) द्वारा घोषित एशियन गेम्स स्क्वॉड में शामिल नहीं किया गया. उन्हें मुख्य टीम के बजाय रिजर्व खिलाड़ियों की सूची में स्वस्तिका घोष के साथ रखा गया है।  सेलेक्शन प्रोसेस पर उठाए सवाल मन‍िका ने अपने बयान में कहा कि उन्हें सिर्फ सेलेक्शन ना होने का दुख नहीं है, बल्कि इस बात ने ज्यादा निराश किया है कि सेलेक्शन मानदंडों की व्याख्या और उनका इस्तेमाल किस तरह किया गया. उनका दावा है कि उन्हें बाहर करने के पीछे कोई व‍िशेष्ज्ञ कारण शेयर न हीं किया गया।  भारतीय स्टार ने कहा कि सेलेक्शन प्रोसेस में एकरूपता को लेकर सवाल उठते हैं. उनके मुताबिक, पिछले एशियन गेम्स सेलेक्शन साइक‍िल में जिन मानकों और नियमों को अपनाया गया था, इस बार उनके मामले में अलग तरीके से लागू किया गया. यदि नियम वही थे, तो फिर उनके साथ अलग व्यवहार क्यों किया गया, इसका जवाब मिलना चाहिए।  घरेलू टूर्नामेंट नहीं खेलने का पड़ा असर मन‍िका बत्रा का चयन नहीं होने की मुख्य वजह घरेलू प्रतियोगिताओं में उनकी अनुपस्थिति मानी जा रही है. घरेलू इवेंट्स में हिस्सा नहीं लेने के कारण वह टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया की रैंकिंग में शामिल नहीं हैं. यही कारण उनके चयन के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा बना. हालांकि मन‍िका का मानना है कि पूरे मामले में पारदर्शिता की कमी रही है और चयन से जुड़ी जानकारी खिलाड़ियों को स्पष्ट रूप से दी जानी चाहिए।  पीएम मोदी और खेल मंत्री से की अपील मन‍िका बत्रा ने इस मुद्दे को लेकर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) से हस्तक्षेप की अपील की है।  उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि उन्होंने सेलेक्शन प्रोसेस लेकर स्पष्टता मांगी है और संबंधित संस्थाओं से अनुरोध किया है कि मामले की जांच की जाए ताकि सेलेक्शन क्राइटेर‍िया का निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पालन सुनिश्चित हो सके. मन‍िका ने कहा कि एशियन गेम्स 2026 टीम में उनका सेलेक्शन न होना बेहद दुखद है. उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों के लिए यह जानना जरूरी है कि सेलेक्शन के फैसले किन आधारों पर लिए जा रहे हैं।  भारतीय टेबल टेनिस में बड़ा नाम हैं मन‍िका मन‍िका बत्रा भारतीय टेबल टेनिस की सबसे सफल खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं. राष्ट्रमंडल खेलों और इंटरनेशनल लेव पर उन्होंने भारत को कई महत्वपूर्ण पदक दिलाए हैं. ऐसे में एशियन गेम्स जैसे बड़े टूर्नामेंट के लिए उनका मुख्य टीम में चयन न होना खेल जगत में चर्चा का विषय बन गया है।  अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि भारतीय ओलंपिक संघ, खेल मंत्रालय या टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया इस पूरे विवाद पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। 

हैम्सट्रिंग इंजरी से उबर रहे विराट कोहली, BCCI फिटनेस टेस्ट के बाद होगा अंतिम फैसला

नई दिल्ली स्टार बल्लेबाज विराट कोहली हैम्सट्रिंग इंजरी के चलते अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में नहीं खेल रहे हैं। फैंस को उनकी वापसी का बेसब्री से इंतजार है। इसी बीच विराट की वापसी को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। वे इंग्लैंड के खिलाफ वनडे श्रंखला में टीम का हिस्सा हो सकते हैं। भारतीय क्रिकेट बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कि जल्द ही इंग्लिश धरती पर होने वाली एकदिवसी सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान 3 से 4 दिन में हो जाएगा। विराट कोहली ने शुरू की वापसी की तैयारी टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार विराट कोहली ने वापसी के लिए रिहैब शुरू कर दिया है। बेंगलुरू स्थित बीसीसीआई के सेटर ऑफ एक्सिलेंस में विराट जल्द ही फिटनेस का परीक्षण देने वाले हैं। अगर सब कु ठीक रहा तो विराट को इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए चुन लिया जाएगा। आपको बता दें कि विराट मूल रूप से अफगानिस्तान के खिलाफ एकदिवसीय श्रंखला के लिए चुने गए थे। आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटंस के सामने 75 रन की पारी के दैरान उनकी हैम्सिट्रिंग में दिक्कत हुई थी। इसके बाद मैदान पर उन्हें ट्रीटमेंट लेते हुए भी देखा गया था। इंजरी की गंभीरता को देखते हुए फिर सीरीज से बाहर कर दिया गया। इस दिन वापसी कर सकते हैं विराट कोहली गौरतलब है कि भारत का इंग्लैंड दौरा 1 जुलाई से शुरू होने वाला है। पहले 5 मैचों की टी20 सीरीज खेली जाने वाली है। इसके बाद वनडे सीरीज का आगाज होगा। तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार पहला मुकाबला 14 जुलाई को होने वाला है। यानि इसी दिन विराट कोहली एक्शन में नजर आ सकते हैं। कल यानि 20 जून को अफगानिस्तान के साथ आखिरी वनडे होने वाला है। इसके बाद ही अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति इंग्लैंड की वनडे सीरीज के लिए टीम चुनने के लिए बैठेगी। विराट कोहली का आना क्यों जरूरी? विराट कोहली के समावेश से भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाजी क्रम को मजबूती मिलेगी। अपनी आखिरी 10 वनडे पारियों में उन्होंने 3 शतक और 4 अर्धशतक जमाए हैं। आईपीएल 2026 में उन्होंने 16 मैचों में 56 की औसत से 674 रन बनाए थे। जिसमें एक सेंचुरी और 5 फिफ्टी शामिल थी।  

Neeraj Chopra ने माना पिछले साल चोट के बावजूद खेलना था गलत फैसला, अब पूरी तरह फिट

 दोहा  भारतीय स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने स्वीकार किया कि पिछले साल विश्व चैंपियनशिप में पीठ की चोट के बावजूद हिस्सा लेना सही फैसला नहीं था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अब वह पूरी तरह फिट महसूस कर रहे हैं और शुक्रवार को होने वाली दोहा डायमंड लीग के जरिए सत्र की शुरुआत के लिए तैयार हैं। नीरज सितंबर 2025 में टोक्यो विश्व चैंपियनशिप में 84.03 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ आठवें स्थान पर रहे थे। प्रतियोगिता के बाद उन्होंने खुलासा किया था कि वह कमर के निचले हिस्से की चोट से जूझ रहे थे, जिसके कारण उन्हें इस सीजन की शुरुआत भी देर से करनी पड़ी। गलत फैसला किया नीरज ने कहा कि विश्व चैंपियनशिप से पहले ही मुझे चोट थी। हमने काफी मेहनत की और टोक्यो में हिस्सा भी लिया, लेकिन अब लगता है कि वह सही फैसला नहीं था। मुझे पहले से पता था कि समस्या है, लेकिन वह 2025 की आखिरी प्रतियोगिता थी, इसलिए मैंने खेलने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी के जीवन में चोटें लगातार परेशान करती हैं। पहले टखने में दिक्कत थी, फिर कंधे में। इसके बाद मैंने अपनी टीम और फिजियो के साथ बैठकर शरीर के हर हिस्से पर काम किया। अब मैं अच्छा और फिट महसूस कर रहा हूं, देखते हैं कल क्या होता है। दोहा में दमदार प्रदर्शन की उम्‍मीद नीरज ने इसी दोहा में 16 मई 2025 को 90.23 मीटर का थ्रो कर पहली बार 90 मीटर की बाधा पार की थी। हालांकि उनका मानना है कि तकनीकी रूप से वह उनका सर्वश्रेष्ठ प्रयास नहीं था। उन्होंने कहा कि वह थ्रो तकनीकी रूप से इतना अच्छा नहीं था। हाथ की गति शानदार थी, लेकिन अगर निचले हिस्से का इस्तेमाल बेहतर तरीके से करता तो दो-तीन मीटर और जुड़ सकते थे। मैंने उसका वीडियो ज्यादा बार नहीं देखा।  

नीदरलैंड्स के खिलाफ मैच में फील्डिंग करते समय लगी गंभीर चोट, भारतीय टीम को बड़ा झटका

नई दिल्ली आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 में खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही भारतीय टीम को एक बड़ा झटका लगा है। टीम की स्टार ऑलराउंडर और ऑफ-स्पिनर श्रेयंका पाटिल टखने की गंभीर चोट के कारण टूर्नामेंट के बाकी बचे मैचों से बाहर हो गई हैं। बुधवार को नीदरलैंड्स के खिलाफ खेले गए ग्रुप-ए के मुकाबले के दौरान फील्डिंग करते समय वह चोटिल हो गईं जिसके बाद उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा था। फील्डिंग के दौरान लगी थी चोट यह हादसा मैच के छठे ओवर की पहली गेंद पर हुआ। श्रेयंका की गेंद को नीदरलैंड्स की बल्लेबाज फेबे मोल्केनबोएर ने लेग साइड की तरफ खेला। मिडविकेट पर मौजूद फील्डर गेंद को पूरी तरह रोकने में नाकाम रही जिसके बाद श्रेयंका खुद ही गेंद के पीछे दौड़ पड़ीं। गेंद को उठाने के लिए झुकते समय उनका संतुलन बिगड़ गया और वह काफी बुरी तरह गिर पड़ीं जिससे उनके दाएं टखने में गंभीर चोट आ गई। श्रेयंका का इस तरह चोटिल होना टीम के लिए इसलिए भी निराशाजनक है क्योंकि वह हाल ही में एक पुरानी चोट से उबरकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापस लौटी थीं। प्रेमा रावत की टीम में एंट्री श्रेयंका के बाहर होने के बाद आईसीसी की टेक्निकल कमेटी ने उनके रिप्लेसमेंट को मंजूरी दे दी है। भारतीय टीम में उनकी जगह 24 वर्षीय लेग-स्पिनर प्रेमा रावत को शामिल किया गया है। प्रेमा पहले से ही इंडिया-ए सेटअप के साथ इंग्लैंड में मौजूद थीं इसलिए वह जल्द ही सीनियर टीम के साथ जुड़ जाएंगी। हालांकि प्रेमा ने अभी तक सीनियर टीम के लिए इंटरनेशनल डेब्यू नहीं किया है लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनका हालिया प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है। घरेलू सर्किट में शानदार ट्रैक रिकॉर्ड प्रेमा रावत ने हाल के दिनों में विमेंस प्रीमियर लीग और इंडिया-ए के लिए खेलते हुए सेलेक्टर्स को काफी प्रभावित किया है। डब्ल्यूपीएल के बीते सीजन में आरसीबी के लिए तीन मैच खेलते हुए उन्होंने 6 से कम की इकोनॉमी रेट और 8 के बेहतरीन औसत से 2 विकेट चटकाए थे। इसके अलावा, विमेंस एशिया कप राइजिंग स्टार्स टूर्नामेंट में उन्होंने इंडिया-ए की ओर से धारदार गेंदबाजी करते हुए महज 9.62 के औसत से 8 विकेट अपने नाम किए थे।

टेबल टेनिस स्टार मनिका बत्रा ने सेलेक्शन में पारदर्शिता पर उठाए सवाल, PM मोदी से की अपील

नई दिल्ली भारत की स्टार टेबल टेनिस खिलाड़ी मन‍िका बत्रा ने एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिलने के बाद सेलेक्शन प्रोसेस पर गंभीर सवाल उठाए हैं. देश की टॉप महिला पैडलर ने कहा कि उन्हें टीम से बाहर किए जाने का फैसला बेहद निराशाजनक है और इस संबंध में उन्हें कोई स्पष्ट कारण भी नहीं बताया गया. वैसे मन‍िका बत्रा की हाल‍िया और ताजा आईटीटीएफ टेबल टेनिस विश्व रैंकिंग में 51वें नंबर पर हैं. 31 वर्षीय मन‍िका बत्रा को टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) द्वारा घोषित एशियन गेम्स स्क्वॉड में शामिल नहीं किया गया. उन्हें मुख्य टीम के बजाय रिजर्व खिलाड़ियों की सूची में स्वस्तिका घोष के साथ रखा गया है. सेलेक्शन प्रोसेस पर उठाए सवाल मन‍िका ने अपने बयान में कहा कि उन्हें सिर्फ सेलेक्शन ना होने का दुख नहीं है, बल्कि इस बात ने ज्यादा निराश किया है कि सेलेक्शन मानदंडों की व्याख्या और उनका इस्तेमाल किस तरह किया गया. उनका दावा है कि उन्हें बाहर करने के पीछे कोई व‍िशेष्ज्ञ कारण शेयर न हीं किया गया. भारतीय स्टार ने कहा कि सेलेक्शन प्रोसेस में एकरूपता को लेकर सवाल उठते हैं. उनके मुताबिक, पिछले एशियन गेम्स सेलेक्शन साइक‍िल में जिन मानकों और नियमों को अपनाया गया था, इस बार उनके मामले में अलग तरीके से लागू किया गया. यदि नियम वही थे, तो फिर उनके साथ अलग व्यवहार क्यों किया गया, इसका जवाब मिलना चाहिए. घरेलू टूर्नामेंट नहीं खेलने का पड़ा असर मन‍िका बत्रा का चयन नहीं होने की मुख्य वजह घरेलू प्रतियोगिताओं में उनकी अनुपस्थिति मानी जा रही है. घरेलू इवेंट्स में हिस्सा नहीं लेने के कारण वह टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया की रैंकिंग में शामिल नहीं हैं. यही कारण उनके चयन के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा बना. हालांकि मन‍िका का मानना है कि पूरे मामले में पारदर्शिता की कमी रही है और चयन से जुड़ी जानकारी खिलाड़ियों को स्पष्ट रूप से दी जानी चाहिए. पीएम मोदी और खेल मंत्री से की अपील मन‍िका बत्रा ने इस मुद्दे को लेकर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) से हस्तक्षेप की अपील की है.   उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि उन्होंने सेलेक्शन प्रोसेस लेकर स्पष्टता मांगी है और संबंधित संस्थाओं से अनुरोध किया है कि मामले की जांच की जाए ताकि सेलेक्शन क्राइटेर‍िया का निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पालन सुनिश्चित हो सके. मन‍िका ने कहा कि एशियन गेम्स 2026 टीम में उनका सेलेक्शन न होना बेहद दुखद है. उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों के लिए यह जानना जरूरी है कि सेलेक्शन के फैसले किन आधारों पर लिए जा रहे हैं. भारतीय टेबल टेनिस में बड़ा नाम हैं मन‍िका मन‍िका बत्रा भारतीय टेबल टेनिस की सबसे सफल खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं. राष्ट्रमंडल खेलों और इंटरनेशनल लेव पर उन्होंने भारत को कई महत्वपूर्ण पदक दिलाए हैं. ऐसे में एशियन गेम्स जैसे बड़े टूर्नामेंट के लिए उनका मुख्य टीम में चयन न होना खेल जगत में चर्चा का विषय बन गया है. अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि भारतीय ओलंपिक संघ, खेल मंत्रालय या टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया इस पूरे विवाद पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं.