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हरमनप्रीत सिंह ने रचा इतिहास, भारत को लगातार दूसरी बार एशियन चैंपियन बनाने वाले पहले कप्तान बने

नागोया  एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में भारतीय टीम ने मलेशिया को 5-1 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। भारत के लिए कप्तान हरमनप्रीत सिंह और जुगराज सिंह ने गोल किए। ये दोनों गोल पेनल्टी कॉर्नर पर आए। भारतीय पुरुष टीम एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल जीती है। इसके साथ ही हरमनप्रीत सिंह ने इतिहास रच दिया है। वह भारत को लगातार दूसरी बार एशियन चैंपियन बनाने वाले पहले भारतीय कप्तान बने हैं। पुरुषों से पहले भारत की महिला टीम ने भी गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। महिला टीम ने फाइनल में चीन को मात दी थी। यह पहला मौका है, जब एशियन गेम्स में भारत की महिला और पुरुष दोनों हॉकी टीमों ने गोल्ड मेडल जीता है। भारत की पुरुष टीम पांचवीं बार एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने में सफल रही है। वहीं, महिला टीम दूसरी बार गोल्ड जीती है। भारत ने की शानदार शुरुआत भारत ने इस मैच में हमेशा की तरह शानदार शुरुआत की और 10वें मिनट में गोल कर 1-0 की बढ़त बना ली। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल किया और टीम को मैच में आगे कर दिया। हालांकि, मलेशिया ने 4 मिनट बाद ही गोल कर मैच में बराबरी कर ली। मलेशिया के लिए सिल्वरस सेलो ने गोल दागा। पहले क्वार्टर का खेल 1-1 की बराबरी पर खत्म हुआ। भारत ने दूसरे क्वार्टर में बनाई बढ़त भारत ने मैच के दूसरे क्वार्टर में पेनल्टी कॉर्नर पर दूसरा गोल कर मलेशिया पर 2-1 की बढ़त बना ली। जुगराज ने 23वें मिनट पर बेहतरीन गोल किया। इसके बाद मलेशिया की टीम गोल करने के लिए छटपटाने लगी और बेहद आक्रामक खेल दिखाया। इसी प्रयास में उनसे गलतियां भी हुईं। हालांकि, दूसरे क्वार्टर के अंत तक स्कोर 2-1 से भारत के पक्ष में था। तीसरे क्वार्टर में भी भारत का गोल भारत ने तीसरे क्वार्टर में मलेशिया की टीम को पूरी तरह से दबाव में ला दिया। लगातार पेनल्टी कॉर्नर बनाकर भारत ने मलेशिया के खिलाड़ियों को दबाव में डाला और उनसे गलती होने पर पेनल्टी शूट हासिल कर लिया। हार्दिक ने मैच के 42वें मिनट में आसानी से पेनल्टी शूट पर गोल किया और टीम इंडिया 3-1 से आगे हो गई। यहां से भारत की जीत दिख रही थी, लेकिन सतर्क रहना जरूरी था। पांचवें क्वार्टर में चित हुआ मलेशिया पांचवें क्वार्टर के 54वें मिनट में शिलानंद ने फील्ड गोल कर भारत को 4-1 से आगे कर दिया। इसके बाद टीम के लिए पहला गोल करने वाले कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 57वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर टीम के लिए आखिरी गोल भी किया। इसके साथ ही टीम इंडिया ने फाइनल मैच 5-1 से जीतकर लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

मिट्टी के अखाड़े से एशियन गेम्स के गोल्ड तक, अमन सहरावत की संघर्ष से सफलता की कहानी

 नागोया गोया में भारतीय पहलवान अमन सहरावत ने आखिरकार एशियन गेम्स के मेडल का रंग बदल दिया. 23 साल के अमन ने पुरुषों के 57 किग्रा फ्रीस्टाइल में गोल्ड मेडल जीत लिया. शनिवार को फाइनल में उन्होंने नॉर्थ कोरिया के वर्ल्ड चैम्प‍ियन चोंग सोंग हान को 11-7 से हराया।  अमन ने मुकाबले में शानदार रणनीति दिखाई और हान की हर कोशिश का जवाब दिया. नॉर्थ कोरियाई पहलवान ने भारतीय पहलवान को पछाड़ने की पूरी कोशिश की, लेकिन अमन पूरे मुकाबले में नियंत्रण बनाए रखने में सफल रहे।  फाइनल से पहले अमन ने सेमीफाइनल में ताजिकिस्तान के ऐयाल बेलोल्यूब्स्की को 14-8 से हराया था. इस जीत के साथ उन्होंने पहली बार एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने का मौका बनाया और फाइनल में उसे हासिल भी कर लिया।  अमन ने 2023 हांगझोऊ एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता था. अब उन्होंने उसी मेडल का रंग बदलकर गोल्ड कर दिया. शुक्रवार को सुजीत कलकल ने पुरुषों के 65 किग्रा वर्ग में गोल्ड जीता था, यानी कुश्ती में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। . 10 साल की उम्र में मां को खोया अमन सहरावत का सफर बेहद संघर्ष भरा रहा है. उन्होंने 10 साल की उम्र में अपनी मां को खो दिया था और इसके एक साल बाद पिता का भी निधन हो गया. इसके बाद उनके चाचाओं ने उनका साथ दिया. हरियाणा के बिरोहर के मिट्टी वाले अखाड़ों से अमन की कुश्ती की शुरुआत हुई।  बाद में वह दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम पहुंचे, जहां कोच ललित कुमार के मार्गदर्शन में उनकी कुश्ती निखरी. अमन की पहचान उनकी तेज रफ्तार, आक्रामक अंदाज और लगातार मूवमेंट वाली कुश्ती से बनी।  सबसे कम उम्र के ओलंपिक मेडलिस्ट बने अमन ने 2018 और 2019 में अंडर-17 वर्ल्ड चैम्प‍ियनशिप में ब्रॉन्ज जीता. 2019 में अंडर-17 एशियन चैम्प‍ियनशिप का गोल्ड भी उनके नाम रहा. 2022 में उन्होंने अंडर-23 वर्ल्ड चैम्प‍ियनशिप और अंडर-23 एशियन चैम्प‍ियनशिप में गोल्ड जीता।  मई 2024 में इस्तांबुल में हुए वर्ल्ड ओलंपिक क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट में उन्होंने 57 किग्रा फ्रीस्टाइल में भारत का ओलंपिक कोटा हासिल किया. पेरिस ओलंपिक से पहले वह रोज करीब आठ घंटे ट्रेनिंग कर रहे थे।  पेरिस 2024 में अमन ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत के सबसे कम उम्र के व्यक्तिगत ओलंपिक मेडलिस्ट बनने का गौरव हासिल किया।  हार से वापसी, अब एशियन गेम्स GOLD पेरिस के बाद भी अमन का सफर आसान नहीं रहा. चोट के कारण वह एशियन चैम्प‍ियनशिप में नहीं उतर सके. इसके बाद मंगोलिया के रैंकिंग टूर्नामेंट में ब्रॉन्ज जीता और तीन हफ्ते से भी कम समय बाद जून 2025 में तुर्की की इंटरनेशनल प्रतियोगिता में गोल्ड हासिल किया।  2025 वर्ल्ड चैम्प‍ियनशिप में पेट की बीमारी के कारण वह वजन नहीं कर पाए और मुकाबले से पहले ही डिस्क्वालिफाई हो गए।  अब एशियन गेम्स में वर्ल्ड चैम्प‍ियन को हराकर अमन ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है. उनके खाते में अब ओलंपिक ब्रॉन्ज के साथ एशियन गेम्स गोल्ड भी है।  अमन सहरावत की प्रमुख उपलब्धियां     2024 ओलंपिक- ब्रॉन्ज     2026 सीनियर एशियन चैम्प‍ियनशिप- सिल्वर     2023 एशियन गेम्स- ब्रॉन्ज     2023 सीनियर एशियन चैम्प‍ियनशिप- गोल्ड     2022 अंडर-23 वर्ल्ड चैम्प‍ियनशिप- गोल्ड     2022 अंडर-23 एशियन चैम्प‍ियनशिप- गोल्ड     2022 अंडर-20 एशियन चैम्प‍ियनशिप- ब्रॉन्ज     2018 और 2019 अंडर-17 वर्ल्ड चैम्प‍ियनशिप- ब्रॉन्ज     2019 अंडर-17 एशियन चैम्प‍ियनशिप- गोल्ड  

जन-गण-मन बजा तो सावधान खड़े रहे पाकिस्तानी खिलाड़ी, मोहसिन नकवी के अरमान हुए चकनाचूर

नागोया नागोया में एशियन गेम्स 2026 के पोडियम पर एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने करोड़ों भारतीयों का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया, जबकि पाकिस्तानी खेमे की सारी हेकड़ी निकालकर रख दी। भारत ने फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान को 19 रनों से हराकर लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। जीत के बाद जब विक्ट्री सेरेमनी में भारत का तिरंगा झंडा सबसे ऊपर लहराया और स्टेडियम में 'जन-गण-मन' की गूंज हुई, तो रजत पदक जीतने वाली पूरी पाकिस्तानी क्रिकेट टीम को मजबूरी में सिर झुकाकर भारतीय राष्ट्रगान के सम्मान में सावधान मुद्रा में खड़ा होना पड़ा। नकवी की चालबाजी और पाकिस्तान के सपने चकनाचूर इस शर्मनाक पल से पहले पाकिस्तानी मीडिया और पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी कई तरह के हवा-हवाई सपने देख रहे थे। चर्चाएं थीं कि नकवी मेडल सेरेमनी के दौरान गोल्ड मेडल बांटने की फिराक में थे ताकि अगर भारतीय टीम इसे लेने से इनकार करे तो भारत पर गाज गिरे। साथ ही पाकिस्तान यह मानकर बैठा था कि वे भारत को हराकर अपना राष्ट्रगान बजवाएंगे और भारतीय खिलाड़ियों को उसके सम्मान में खड़ा होना पड़ेगा। लेकिन भारतीय जांबाज खिलाड़ियों ने मैदान पर अपनी विस्फोटक परफॉर्मेंस से पाकिस्तान के इन तमाम मंसूबों और गंदे मंसूबों को पलक झपकते ही चकनाचूर कर दिया। 2022 से जारी है भारतीय क्रिकेट की बेजोड़ बादशाहत पोडियम पर महिला टीम की ही तरह पुरुष टीम का भी स्वर्णिम परचम लहराना यह साफ दिखाता है कि भारतीय क्रिकेट अब पाकिस्तान से मील आगे निकल चुका है। साल 2022 के टी20 वर्ल्ड कप (मेलबर्न), 2023 के वनडे वर्ल्ड कप (अहमदाबाद), एशिया कप और अब 2026 एशियन गेम्स तक चाहे पुरुष टीम हो या महिला टीम, भारत ने हर मंच पर पाकिस्तान को बुरी तरह रौंदा है। पाकिस्तान का भारत को हराने का सपना एक बार फिर नागोया की सरजमीं पर हमेशा-हमेशा के लिए दफन हो गया।  

नीरू ढांडा का बड़ा सम्मान, एशियन गेम्स के समापन समारोह में भारत की ध्वजवाहक बनीं

 नागोया  ट्रैप निशानेबाज नीरू ढांडा रविवार को एशियाई खेलों के समापन समारोह में भारत की ध्वजवाहक होंगी। नीरू ने एशियाई खेलों में दो स्वर्ण पदक और एक टीम रजत पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। 27 वर्षीय नीरू एशियाई खेलों में अपना तीसरा पदक जीतने के एक दिन बाद भारत लौट गई थीं। अब वह समापन समारोह में भारतीय दल का नेतृत्व करने के लिए शनिवार सुबह नागोया वापस जाएंगी। खेलों भारतीय अभियान की उप प्रमुख अंजलि भागवत ने शुक्रवार को बताया कि नीरू समापन समारोह में महिला ध्वजवाहक होगी। वह कल सुबह नागोया लौट रही हैं। पुरुष ध्वजवाहक के बारे में फैसला कल किया जाएगा। नीरू ने महिलाओं की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने के बाद मनीषा कीर और आशिमा अहलावत के साथ मिलकर महिलाओं की टीम स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया। इसके बाद उन्होंने काइनन चेनाई के साथ जोड़ी बनाकर ट्रैप मिक्स्ड टीम में स्वर्ण पदक जीता।

रोहित शर्मा का ऐतिहासिक कारनामा, ओपनर के तौर पर 10 हजारी बने; सचिन का रिकॉर्ड ध्वस्त

चंडीगढ़ भारत के दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा ने शनिवार को न्यू चंडीगढ़ में वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में दो रन बनाते ही इतिहास रच डाला। वह वनडे क्रिकेट में बतौर ओपनर सबसे तेज 10 हजार रन कंप्लीट करने वाले प्लेयर बन गए हैं। उन्होंने 202 पारियों में यह कीर्तिमान हासिल किया। 'हिटमैन' के नाम से मशहूर रोहित ने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का वर्ल्ड रिकॉर्ड ध्वस्त किया है। सचिन ओपनर के रूप में 214 पारियों में 10 हजारी बने थे। उनके बाद वेस्टइंडीज के पूर्व धाकड़ ओपनर क्रिस गेल (268 पारी) और श्रीलंका के पूर्व खतरनाक सलामी बल्लेबाज सनथ जयसूर्या (303 पारी) हैं। वनडे इतिहास में सिर्फ चार क्रिकेटर ही बतौर ओपनर 10 हजार या उससे अधिक रनों का आंकड़ा पार कर पाए हैं। रोहित शर्मा इस लिस्ट में चौथे नंबर पर 39 वर्षीय वनडे क्रिकेट में बतौर ओपनर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में फिलहाल चौथे स्थान पर हैं। उनसे आगे गेल हैं, जिन्होंने 10179 रन बटोरे। जयसूर्या 12740 रनों के साथ दूसरे नंबर हैं। सचिन ने 15310 रन बनाए। टॉप 10 लिस्ट में तीन भारतीय शामिल हैं। भारत के पूर्व कप्तान सौर गांगुवी ने सलामी बल्लेबाज के रूप में 9146 रन जुटाए। बता दें कि रोहित ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे वनडे में शतक जमाया था। उन्होंने गुवाहाटी में 75 गेंदों में 101 रन बनाए, जिसमें 10 चौके और 6 सिक्स थे। यह उनके वनडे करियर का 35वां शतक था। वनडे क्रिकेट इतिहास में बतौर ओपनर सबसे ज्यादा रन 15310 – सचिन तेंदुलकर (भारत) 12740 – सनथ जयसूर्या (श्रीलंका) 10179 – क्रिस गेल (वेस्टइंडीज) 10000 – रोहित शर्मा (भारत) 9200 – एडम गिलक्रिस्ट (ऑस्ट्रेलिया) 9146 – सौरव गांगुली (भारत) 8648 – डेसमंड हेन्स क्रिस गेल (वेस्टइंडीज) 8357 – तमीम इकबाल (बांग्लादेश) 8156 – सईद अनवर (पाकिस्तान) 8083 – हाशिम अमला (साउथ अफ्रीका) रोहित ने पहली बार कब ओपनिंग की? रोहित ने सितंबर 2007 में वनडे डेब्यू किया था। हालांकि, रोहित को लंबे समय बाद ओपनिंग करना का चांस मिला। उन्होंने वनडे में पहली बार पारी की शुरुआथ जनवरी 2011 में साउथ अफ्रीका दौरे पर की। रोहित ने तीन मैचों में ओपनिंग की लेकिन कुछ कास प्रभाव नहीं छोड़ पाए। वह उसके बाद टीम से अंदर-बाहर होते रहे। रोहित को फिर जनवरी 2013 में ओपनर के तौर पर आजमाने का फैसला किया गया, जिसके बाद 'हिटमैन' ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह टेस्ट और टी20 इंटरनेलनल से संन्यास ले चुके हैं और भारत के लिए सिर्फ वनडे में एक्टिव हैं।

विराट कोहली का 41वां डक, जेडन सील्स की जादुई गेंद ने चंडीगढ़ वनडे में पहली ही गेंद पर किया आउट

न्यू चंडीगढ़ न्यू चंडीगढ़ के पीसीए स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले जा रहे तीसरे और अंतिम वनडे मुकाबले में कैरेबियाई तेज गेंदबाज जेडन सील्स ने एक जादुई गेंद पर भारतीय दिग्गज विराट कोहली को गोल्डन डक पर पवेलियन भेज दिया। शानदार फॉर्म में चल रहे विराट कोहली का इस तरह पहली ही गेंद पर आउट होना भारतीय फैंस के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं था। विराट कोहली काफी अच्छे फॉर्म में हैं, लेकिन किसी ने उम्मीद नहीं की होगी कि विराट कोहली की पारी का अंत कुछ ऐसा होगा। बता दें कि विराट कोहली अपने इंटरनेशनल करियर में 41वीं बार डक पर आउट हुए हैं। 2025 ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद पहला डक! शुभमन गिल के आउट होने के बाद विराट कोहली जल्दी ही क्रीज पर उतरे थे। जेडन सील्स ने मिडिल स्टंप की लाइन पर फुल लेंथ गेंद फेंकी, जो टप्पा खाने के बाद सीधी रही। विराट ने इसे फ्लिक करने का प्रयास किया, लेकिन पूरी तरह बीट हो गए और गेंद सीधे जाकर उनके मिडिल स्टंप से टकराई। यह देर 2025 में हुए ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद पहली बार है जब विराट कोहली वनडे में डक पर आउट हुए हैं। ऑस्ट्रेलिया में विराट लगातार दो मैचों में शून्य पर आउट हुए थे। शुभमन गिल ने जीता टॉस, अंशुल कंबोज का डेब्यू सीरीज के इस अंतिम मुकाबले में भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। शुरुआती दोनों वनडे मुकाबलों को 8-8 विकेट से जीतकर सीरीज पर पहले ही 2-0 से कब्जा जमा चुकी भारतीय टीम ने तीसरे मैच के लिए अपनी प्लेइंग-11 में तीन बड़े बदलाव किए। अंशुल कंबोज को वनडे में डेब्यू करने का मौका मिला है। वहीं नितीश कुमार रेड्डी की प्लेइंग-11 में वापसी हुई है। इसके अलावा तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को टीम में शामिल किया गया है। वेस्टइंडीज की शर्मनाक क्लीन स्वीप से बचने की कोशिश सीरीज पहले ही जेब में होने के बावजूद, वेस्टइंडीज ने जेडन सील्स की इस तूफानी गेंद से भारतीय टॉप-ऑर्डर को शुरुआती झटके देकर मैच में रोमांच बरकरार रखा है। वेस्टइंडीज की टीम इस मुकाबले को किसी भी हाल में अपने नाम करना चाहेगी, ताकि वे क्लीन स्वीप के शर्म से बच सके। पिछले वनडे में 400 से ज्यादा रन बनाने के बाद भी वेस्टइंडीज को हार का सामना करना पड़ा था।  

भारत-पाकिस्तान फाइनल में टीम इंडिया का जलवा, 211 रन के बाद पाकिस्तान को हराकर जीता गोल्ड

 नई दिल्ली  एशियन गेम्स 2026 के मेन्स क्रिकेट फाइनल में भारत और पाकिस्तान की शन‍िवार को टक्कर हुई, दोनों ही टीमों के बीच रोमांचक टक्कर देखने को म‍िली. लेकिन भारतीय टीम ने लगातार बैक टू बैक एश‍ियन गेम्स में दूसरा गोल्ड मेडल पक्का किया. भारतीय टीम ने पहले खेलते 211/6 का बड़ा स्कोर बनाया. जो भारतीय टीम का पहले खेलते हुए पाकिस्तान के ख‍िलाफ सबसे बड़ा स्कोर रहा. अभ‍िषेक शर्मा, त‍िलक वर्मा और श‍िवम दुबे ने शानदार पार‍ियां खेलीं.  जबाव में पाकिस्तान की टीम टारगेट से दूर रह गई. मुकाबला शन‍िवार (3 अक्टूबर) को न‍िश‍िन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में हुआ. भारत ने सेमीफाइनल में श्रीलंका को 124 रन से हराया, जबकि पाकिस्तान ने बांग्लादेश को 6 व‍िकेट से मात देकर फाइनल में जगह बनाई. मुकाबले में टॉस भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का निर्णय लिया है. भारत की नजर अपने खिताब का बचाव करने पर है, जबकि पाकिस्तान पुरुष क्रिकेट में एशियन गेम्स का अपना पहला गोल्ड जीतना चाहेगा. वहीं क्रिकेट का ब्रॉन्ज मेडल शन‍िवार को हुआ, जिसे श्रीलंका की टीम ने 63 रनों से जीता और बांग्लादेश को मात दी. पाकिस्तानी बैटिंग की हाइलाइट्स रनचेज में पाकिस्तानी टीम को पहला झटका वॉशिंगटन सुंदर ने दिया. सुंदर ने कप्तान साहिबजादा फरहान (10 रन) को पवेलियन रवाना किया. उस समय पाकिस्तान का स्कोर 33/1 था. फिर अक्षर पटेल ने विकेटकीपर बल्लेबाज उस्मान खान को चलता किया, जो केवल 3 रन बना सके. अक्षर ने इसके बाद शानदार बैटिंग कर रहे माज सदाकत (23 रन) को भी अपनी फिरकी में फंसाया. इसके बाद शिवम दुबे ने पहली ही गेंद पर सैम अयूब (29) को आउट कर भारत को चौथी सफलता दिलाई. वॉशिंगटन सुंदर ने उनका कैच पकड़ा. इसके बाद  वॉशिंगटन सुंदर ने अब्दुल समद को आउट कर भारत को पांचवीं सफलता दिलाई. समद ने तेज गेंद पर बिना ज्यादा फुटवर्क के बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद हवा में ज्यादा ऊंची चली गई. लॉन्ग-ऑन पर आसान कैच लिया गया. ऐसी रही भारत की बल्लेबाजी भारतीय टीम को वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा ने तूफानी शुरुआत दी. हालांकि वैभव अपनी इनिंग्स को ज्यादा बड़ा नहीं कर पाए. वैभव को सैम अयूब ने विकेटकीपर उस्मान खान के हाथों कैच आउट कराया. वैभव ने 2 छक्के की मदद से 9 बॉल पर 15 रन बनाए. वैभव के आउट होने के समय स्कोर 28/1 था. संजू सैमसन ने इस मैच में भी निराश किया और 2 रनों के निजी स्कोर पर अहमद दानियाल का शिकार बने. इसी बीच भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा ने 20 गेंदों में हाफ सेंचुरी पूरी की. जो उनका इस फॉर्मेट में 13वां पचासा रहा. वहीं इसके कुछ देर बाद अभ‍िषेक की पारी 61 रनों पर समाप्त हो गई. अभ‍िषेक ने अपनी पारी में 28 गेंदें खेलीं, उन्होंने 3 चौके और 7 छक्के जड़े. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 217 प्लस रहा. अभ‍िषेक को अराफात मिन्हास ने आउट किया, वो उस्मान खान द्वारा स्टम्प किए गए. वहीं भारत को चौथा झटका ईशान किशन के रूप में लगा. उनको अराफात मिन्हास ने बोल्ड कर दिया. ईशान 18 गेंदों में 20 रन बनाकर आउट हुए. उनकी पारी में 3 चौके शामिल रहे. इसके बाद अबरार अहमद ने श्रेयस अय्यर को कैच आउट करा दिया. श्रेयस 24 गेंदों में 21 रन बनाकर पवेलियन लौटे. उनकी पारी में 2 चौके शामिल रहे. साहिबजादा फरहान ने उनका कैच पकड़ा. श्रेयस आउट होने वाले पांचवें ख‍िलाड़ी रहे. वहीं अंत‍िम ओवर्स में भारतीय टीम के लिए श‍िवम दुबे और त‍िलक वर्मा ने तेज पारी खेली.  अहमद दानियाल ने शिवम दुबे को कैच आउट करा दिया. दुबे ने 15 गेंदों में 27 रन बनाए, जिसमें 2 चौके और 2 छक्के शामिल रहे. माज सदाकत ने उनका कैच पकड़ा. त‍िलक वर्मा ने 22 गेंदों पर 51 रनों की शानदार पारी खेली. म‍िड‍िल ओवर्स में फ‍िसली, फ‍िर आख‍िरी 4 ओवर्स में  69 रन बनाए   खास बात यह रही कि भारतीय टीम के अभ‍िषेक शर्मा जब आउट हुए तो स्कोर 7.5 ओवर्स में 93 रनों पर 3 विकेट हो गया. इसके बाद जब श्रेयस जब 14.1 ओवर्स में आउट हुए तो टीम इंड‍िया का स्कोर 133/5 हो गया. वहीं आख‍िरी के 4 ओवर्स में भारतीय टीम ने 69 रन बनाए. भारत-पाकिस्तान T20I में सबसे बड़े फर्स्ट इनिंग स्कोर     211/6 – भारत, निस्शिन, 2026     192/5 – भारत, अहमदाबाद, 2012     181/7 – भारत, दुबई, 2022     175/7 – भारत, कोलंबो RPS, 2026     171/5 – पाकिस्तान, दुबई, 2025     159/8 – पाकिस्तान, मेलबर्न, 2022 कैसी है प्लेइंग 11 भारत और पाकिस्तान दोनों ने अपने-अपने सेमीफाइनल जीते हैं. ऐसे में फाइनल में दोनों टीमों ने अपनी प्लेइंग-11 में कोई बदलाव नहीं किए. दोनों ही टीमों ने ओल्ड फॉर्मूला अपनाया. एश‍ियन गेम्स फाइनल में टीम इंड‍िया की प्लेइंग 11: वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई और जसप्रीत बुमराह. एश‍ियन गेम्स के फाइनल में पाकिस्तान की प्लेइंग 11: साहिबजादा फरहान (कप्तान), सैम अयूब, उस्मान खान (विकेटकीपर), माज सदाकत, हसन नवाज, अब्दुल समद, अराफात मिन्हास, अहमद दानियाल, मोहम्मद वसीम जूनियर, अबरार अहमद और सुफियान मुकीम. भारत-पाकिस्तान का हालिया रिकॉर्ड दोनों टीमों के बीच पिछले 5 मुकाबलों में भारत का पलड़ा भारी रहा है. भारत ने 15 फरवरी 2026 को 61 रनों से जीत दर्ज की थी. इससे पहले 28 सितंबर 2025 को 5 विकेट, 21 सितंबर को 6 विकेट, 14 सितंबर को 7 विकेट और 9 जून 2024 को 6 रन से भारत ने पाकिस्तान को हराया था. भारत और पाकिस्तान का हेड टू हेड (टी20 में)     कुल मैच 17     भारत जीता 14     पाकिस्तान जीता 3 भारत कैसे एश‍ियन गेम्स के फाइनल में पहुंचा भारत को 28 सितंबर को अफगानिस्तान के खिलाफ क्वार्टर फाइनल खेलना था, लेकिन बारिश के कारण एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी. बेहतर रैंकिंग के आधार पर भारत सेमीफाइनल में पहुंचा और वहां श्रीलंका को हराया. पाकिस्तान का क्वार्टर फाइनल हॉन्ग कॉन्ग के खिलाफ था. यह मैच भी बारिश के कारण बिना गेंद फेंके रद्द हुआ और बेहतर रैंकिंग के आधार पर पाकिस्तान सेमीफाइनल में पहुंचा, जहां उसने बांग्लादेश को हराकर फाइनल का टिकट कटाया. … Read more

भारत-वेस्टइंडीज तीसरा वनडे आज: गिल की टीम की नजर सीरीज में 3-0 पर, प्लेइंग XI में बड़ा बदलाव

नई दिल्ली  भारतीय वनडे टीम शनिवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज क्लीन स्वीप करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। भारतीय टीम ने शुरुआती दोनों वनडे में धमाकेदार प्रदर्शन किया है और बड़े अंतर से वेस्टइंडीज को मात दी है। तीसरे और आखिरी वनडे में शुभमन गिल के नेतृत्व वाली भारतीय टीम प्लेइंग इलेवन में बदलाव के साथ उतरेगी। तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा चोट के कारण अंतिम वनडे से बाहर हो गए हैं, उनकी जगह अंशुल कंबोज को मौका मिला है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीसरा वनडे न्यू चंडीगढ़ में दोपहर दो बजे से शुरू होगा। वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए जस्टिन ग्रीव्स के शतक की बदौलत 50 ओवर में 7 विकेट खोकर 295 रन बनाए। भारत ने ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में शुभमन गिल (110) और विराट कोहली (139) के शतकों की बदौलत 41.1 ओवर में 2 विकेट पर 300 रन बनाकर मैच अपने नाम किया। दूसरा वनडे में भारत ने मारी बाजी गुवाहाटी में खेला गया दूसरा वनडे हाईस्कोरिंग रहा। वेस्टइंडीज के तीन बल्लेबाज जॉन कैम्पबैल (101), शाई होप (104) और आमिर जंगू (114) ने शतक ठोका। इन शतकीय पारियों की मदद से वेस्टइंडीज ने 50 ओवर में 7 विकेट खोकर 405 रन बनाए। जोकि वनडे में वेस्टइंडीज का हाईएस्ट स्कोर है। इसके जवाब में भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने शतक (101) लगाया। वहीं भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने दोहरा शतक लगाते हुए कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। गिल ने 133 गेंद में नाबाद 223 रन बनाए। भारत ने 43.3 ओवर में 2 विकेट पर 406 रन बनाकर मैच जीता। भारत बनाम वेस्टइंडीज तीसरा वनडे IND vs WI Live Socre: भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आखिरी मैच शनिवार को न्यू चंडीगढ़ में खेला जाएगा। मैच दोपहर दो बजे शुरू होगा और टॉस डेढ़ बजे होगा।

शूट-ऑफ में परफेक्ट 10 लगाकर कुमकुम मोहद ने जीता गोल्ड, महिला रिकर्व में भारत का पहला स्वर्ण

नई दिल्ली  एशियन गेम्स 2026 में भारत की 17 वर्षीय युवा तीरंदाज कुमकुम मोहद ने इतिहास रच दिया है। महिला व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा के बेहद उतार-चढ़ाव और रोमांच से भरे फाइनल मुकाबले में कुमकुम ने दक्षिण कोरिया की दिग्गज तीरंदाज ओह येजिन को शूट-ऑफ में पछाड़कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। एशियन गेम्स के इतिहास में यह पहला मौका है जब भारत ने महिला व्यक्तिगत रिकर्व तीरंदाजी में गोल्ड मेडल जीता है। इसके साथ ही मौजूदा एशियाई खेलों में कुमकुम का यह दूसरा स्वर्ण पदक है जबकि भारतीय तीरंदाजों का इस साल यह 5वां गोल्ड रहा। शुरुआती सेट में पिछड़ने के बाद की शानदार वापसी गोल्ड मेडल मुकाबले की शुरुआत भारतीय तीरंदाज के लिए आसान नहीं रही। दक्षिण कोरिया की ओह येजिन ने पहला सेट 29-27 से जीतकर बढ़त बनाई। इसके बाद दूसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला और सेट 29-29 से बराबर रहा जिससे कुमकुम 1-3 से पिछड़ गईं। हालांकि, दबाव के बावजूद 17 साल की कुमकुम ने हिम्मत नहीं हारी और तीसरे सेट में लगातार तीन परफेक्ट 10 लगाकर शानदार वापसी की और मुकाबले को 3-3 से बराबर कर दिया। सांस रोक देने वाले मोड़ पर पहुंचा मुकाबला चौथे सेट में एक 8 के स्कोर के कारण कुमकुम को सेट गंवाना पड़ा और वह 3-5 से पीछे हो गईं। अब पांचवां सेट कुमकुम के लिए करो या मरो का बन चुका था। यहां भारतीय सनसनी ने अपने अदम्य साहस और सटीक निशानेबाज़ी का मुजाहिरा करते हुए पांचवां सेट जीता और मुकाबले का स्कोर 5-5 से बराबर कर लाइव मैच को शूट-ऑफ में धकेल दिया। शूट-ऑफ में परफेक्ट 10 से रचा इतिहास शूट-ऑफ में गोल्ड मेडल का फैसला केवल एक-एक तीर से होना था। दबाव के इस पल में दक्षिण कोरिया की ओह येजिन चूक गईं और केवल 8 का स्कोर ही कर सकीं। इसके ठीक बाद कुमकुम मोहद ने बिना किसी झिझक के सटीक निशाना साधते हुए परफेक्ट 10 जड़ा और भारत को ऐतिहासिक स्वर्ण पदक दिला दिया। पहले ही लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक का टिकट पक्का कर चुकीं कुमकुम की इस अविश्वसनीय खिताबी जीत से पूरे देश में खुशी की लहर है।  

प्रणवी उर्स का ऐतिहासिक गोल्ड, एशियन गेम्स में पहली बार भारतीय महिला ने गोल्फ में जीता स्वर्ण

नई दिल्ली भारत के लिए आइची-नागोया में खेले जा रहे एशियन गेम्स-2026 काफी ऐतिहासिक साबित हो रहे हैं। आज यानी शनिवार को भी भारत के हिस्से कुछ ऐतिहासिक उपलब्धियां आई हैं जिनमें से एक है गोल्फ में महिला खिलाड़ी प्रणवी उर्स का गोल्ड मेडल। प्रणवी एशियन गेम्स में गोल्फ में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं। प्रणवी के इस प्रदर्शन से भारतीय टीम भी सिल्वर मेडल अपने नाम करने में सफल रही। प्रणवी ने कुल 15 अंडर 265 के स्कोर के साथ गोल्ड पर कब्जा जमाया। चीन की यिन रुओनिंग के हिस्से सिल्वर आया तो वहीं सिंगापुर की शैनन टन ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। मेरा नाम होगा पहला इस जीत के बाद प्रणवी खुशी से फूली नहीं समा रही हैं और उन्हें अपने आप पर इस बात का गर्व है कि वह एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक गोल्ड जीतने के बाद उन्होंने कहा, "मुझे कोई भी काम सबसे पहले करना पसंद है। लोग आगे और भी बहुत कुछ करेंगे, लेकिन मेरा नाम हमेशा पहला ही रहेगा।" प्रणवी के अलावा सिल्वर मेडल जीतने वाली भारतीय टीम में अदिति अशोक (फाइनल राउंड में 67) और दीक्षा डागर (फाइनल राउंड में 77) शामिल थीं। अदिति ने पिछले एशियाई खेलों में सिल्वर जीता था। इस बार वह टू-ओवर 282 के कुल स्कोर के साथ संयुक्त रूप से 14वें स्थान पर रहीं। वहीं दीक्षा 12-ओवर के कुल स्कोर के साथ संयुक्त रूप से 23वें स्थान पर रहीं। टीम मेडल का फैसला इस बात से लिया जाता है कि लीडरबोर्ड पर दो सर्वश्रेष्ठ स्कोरर कौन हैं। ऐसी स्थिति में भारत का कुल स्कोर 14-अंडर 546 का रहा। चीन के पास गोल्ड गया। उसका स्कोर 22-अंडर 538 रहा। 2002 के बाद पहला मेडल प्रणवी ने इस मेडल के साथ ही लंबा सूखा खत्म किया है। उनका यह मेडल 2002 में शिव कपूर के पुरुषों के व्यक्तिगत इवेंट में गोल्ड जीतने के बाद भारत का पहला गोल्फ गोल्ड मेडल है। यह 1982 के दिल्ली एशियाई खेलों के बाद भारत का सबसे अच्छा प्रदर्शन भी था। उसी साल गोल्फ को इन खेलों में शामिल किया गया था।