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सिंधु की दमदार जीत, सुपर 500 टूर्नामेंट में खिताब से दो कदम दूर

नई दिल्ली भारत की बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने ऑस्ट्रेलियन ओपन सुपर 500 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। आज यानि 12 जून को उन्होंने चीन की चेन सु यू को क्वार्टर फाइनल में एकतरफा मैच में मात दी। चेन को 21-6, 21-9 से हराने और अंतिम चार में जगह बनाने में सिंधु को सिर्फ 31 मिनट लगे। जिससे उनके साल के पहले खिताब की उम्मीदें मजबूत हो गई हैं। एकतरफा मैच में पीवी सिंधु की जीत इस सीजन के आठ BWF ( बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन ) टूर्नामेंट में सिंधु का यह केवल दूसरा सेमीफाइनल है। उतार-चढ़ाव भरे नतीजों वाले सीजन के बाद पीवी सिंधु के लिए अच्छी खबर है। क्वार्टर फाइनल में ईशारानी बरुहा को मात देने के बाद उन्होंने सेमिफाइनल में चेन सु यू के सामने अपने अनुभव और आक्रामक खेल से बढ़त हासिल कर ली। पहले सेट में सिंधु ने 21-6 से जीत हासिल की। इसके बाद विपक्षी को मुकाबले में आने का मौका नहीं दिया। दूसरे सेट में शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए 21-9 से बाजा मार ली। यह इस टूर्नामेंट में उनकी सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस में गिनी जा सकती है। क्वार्टर फाइनल में ईशारानी को 22-20 और 21-12 से हराया था। यह मुकाबला सिर्फ 42 मिनट में खत्म हो गया था। तन्वी शर्मा के पास इतिहास रचने का मौका इस जीत के साथ पीवी सिंधु ऑस्ट्रेलिया ओपन सुपर 500 में खिताब जीतने से सिर्फ दो जीत दूर हैं। क्वार्टर-फाइनल और सेमीफाइनल में अपनी प्रतिद्वंद्वी को जिस तरह से हराया उससे उनका आत्मविश्वास जरूर बढ़ा होगा। इसके साथ ही आपको बता दें कि महिला सिंगल्स में भारत की उम्मीदों को युवा खिलाड़ी तन्वी शर्मा से भी बढ़ावा मिला है। जिन्होंने अपनी ही देश की मालविका बंसोड़ को सीधे गेम में हराकर क्वार्टर-फाइनल में जगह बनाई। 17 साल की तन्वी ने 21-13, 21-15 से जीत हासिल की और ऑस्ट्रेलिया में अपना शानदार खेल जारी रखा। तन्वी ने पिछले राउंड में चीन की पांचवीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी चिउ पिन-चियन को हराकर पहले ही सबका ध्यान अपनी ओर खींचा था और इसके बाद मालविका के सामने भी अच्छा खेल दिखाया।  

भारतीय शूटिंग के युग का अंत, जसपाल राणा ने दुनिया को कहा अलविदा

नई दिल्ली भारतीय खेल इतिहास के सबसे चमकदार निशानेबाजों में शामिल जसपाल राणा का निधन हो गया है. वह 49 साल के थे. जर्मनी से लौटने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और दिल्ली में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर से भारतीय खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है. राणा जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप से भारतीय दल की वापसी की उड़ान के दौरान बीमार पड़ गए थे और उन्हें एक चिकित्सा प्रक्रिया से गुजरना पड़ा था. नई दिल्ली में उतरते ही उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया और उन्हें स्टेंट डाले गए थे. राणा भारतीय पिस्टल निशानेबाजों के लिए ‘हाई परफार्मेंस कोच’ के रूप में कार्यरत थे. जसपाल  राणा अपने पीछे पत्नी रीना राणा, पुत्री देवांशी, पुत्र युवराज, पिता नारायण सिंह राणा तथा दो भाई-बहन सुषमा सिंह और सुभाष राणा को छोड़ गए हैं. गढ़वाल से ग्लोबल मंच तक 28 जून 1976 को उत्तराखंड के एक गढ़वाली परिवार में जन्मे जसपाल राणा का संबंध एक खेल-प्रेरित परिवार से था. उनके पिता नारायण सिंह राणा सेना के पूर्व अधिकारी रहे और बाद में उत्तराखंड के पहले खेल मंत्री बने. बचपन से ही निशानेबाजी का माहौल उन्हें विरासत में मिला और उनके पिता ही उनके पहले कोच बने. महज 12 वर्ष की उम्र में उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परिचय दे दिया था, जिससे उनका नाम तेजी से उभरने लगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिग्गज निशानेबाज जसपाल राणा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने X पर लिखा कि राणा का निधन भारतीय खेल जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है.     करियर की शुरुआत और अंतरराष्ट्रीय पहचान 1988 में अहमदाबाद में हुए राष्ट्रीय शूटिंग चैम्पियनशिप में सिल्वर मेडल जीतकर उन्होंने देश का ध्यान खींचा. इसके बाद 1994 में मिलान (इटली) में जूनियर वर्ल्ड शूटिंग चैम्पियनशिप  में उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड स्कोर बनाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनसनी फैलाई. 1996 अटलांटा ओलंपिक में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया और 10 मीटर एयर पिस्टल व 50 मीटर फ्री पिस्टल इवेंट में हिस्सा लिया. कॉमनवेल्थ गेम्स के सबसे सफल भारतीय जसपाल राणा का नाम कॉमनवेल्थ गेम्स इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है. – कुल 15 पदक – 9 स्वर्ण, 4 रजत, 2 कांस्य – 1994, 1998, 2002 और 2006 में लगातार चार संस्करणों में पदक 2002 मैनचेस्टर कॉमनवेल्थ गेम्स उनका सबसे सफल संस्करण रहा, जहां उन्होंने 6 पदक जीतकर इतिहास रचा.  एशियन गेम्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन 2006 दोहा एशियन गेम्स में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए- – 3 स्वर्ण पदक – 1 रजत पदक 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल में 590 अंक बनाकर उन्होंने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की, जो उनके करियर का सबसे प्रतिष्ठित क्षण माना जाता है. सम्मान और राष्ट्रीय पहचान उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें देश के सर्वोच्च खेल और नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया गया- – अर्जुन पुरस्कार (1994) – पद्मश्री (1997) – द्रोणाचार्य पुरस्कार (2020 में- कोचिंग के लिए)  कोचिंग में सुनहरा अध्याय खेल करियर के बाद उन्होंने कोचिंग को अपना मिशन बनाया. 2012 के बाद उन्होंने युवा भारतीय निशानेबाजों को तैयार करना शुरू किया और भारतीय शूटिंग की नई पीढ़ी को मजबूत आधार दिया. 2018 से वे ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर के कोच बने. दोनों के बीच 2021 में कुछ समय का अलगाव रहा, लेकिन 2023 में वे फिर साथ आए और 2024 ओलंपिक की तैयारी की. उनकी ट्रेनिंग शैली को बेहद अनुशासित और अंतरराष्ट्रीय स्तर का माना जाता था, जिसमें ओलंपिक जैसी परिस्थितियों का अभ्यास कराया जाता था. राणा हमेशा कहते थे कि कोचिंग उनका जुनून है और उनका उद्देश्य खिलाड़ियों को विश्व स्तर पर तैयार करना है, न कि व्यावसायिक लाभ. देहरादून स्थित उनकी अकादमी से कई युवा निशानेबाज निकले जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया. दिग्गज निशानेबाज जसपाल राणा का निधन, 49 साल की उम्र में ली आखिरी सांस  एक युग का अंत जसपाल राणा का जाना भारतीय शूटिंग के लिए एक अपूरणीय क्षति है. उन्होंने न केवल पदक जीते, बल्कि एक पूरी पीढ़ी तैयार की जिसने भारत को वैश्विक खेल मानचित्र पर मजबूत स्थान दिलाया. उनकी विरासत भारतीय खेल इतिहास में हमेशा जीवित रहेगी -एक ऐसे खिलाड़ी

विम्बलडन 2026 में बंपर जैकपॉट, विजेता को मिलेंगे करोड़ों रुपए; जानें पूरी प्राइज मनी

लंदन  खिलाड़ियों द्वारा ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों की कमाई में अधिक हिस्सेदारी की मांग के बीच व‍िम्बलडन  ने 2026 संस्करण के लिए रिकॉर्ड प्राइज मनी बढ़ोतरी का ऐलान किया है. ऑल इंग्लैंड क्लब ने  बताया कि अगले महीने शुरू होने वाले प्रतिष्ठित ग्रास-कोर्ट ग्रैंड स्लैम में कुल पुरस्कार राशि और खिलाड़ी भत्तों (Per Diems) में 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।  इस बढ़ोतरी के बाद पुरुष और महिला सिंगल्स चैम्प‍ियन को 36 लाख पाउंड (करीब 48 लाख डॉलर) की इनामी राशि मिलेगी, यानी भारतीय रुपए में बात करें तो करीब-करीब 46 करोड़ रुपए. वहीं कुल प्राइज मनी और भत्तों को मिलाकर यह आंकड़ा 6.42 करोड़ पाउंड (करीब 8.58 करोड़ डॉलर) तक पहुंच गया है, यानी करीब-करीब 76 करोड़ 77 लाख रुपए. इसे टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे बड़ी सालाना वृद्धि बताया गया है।  ऑल इंग्लैंड क्लब की चेयर डेबोरा जेवंस ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि खिलाड़ी इस फैसले का स्वागत करेंगे. उन्होंने कहा- यह बेहद बड़ी रकम है. हमने क्वालिफाइंग राउंड समेत हर स्तर के खिलाड़ियों को ध्यान में रखते हुए पुरस्कार राशि बढ़ाई है. मुझे उम्मीद है कि खिलाड़ी इसकी अहमियत समझेंगे।  हालांकि खिलाड़ियों की मांग इससे भी अधिक थी. जेवंस ने खुलासा किया कि हाल ही में पेरिस में खिलाड़ियों के सलाहकार और पूर्व डब्ल्यूटीए सीईओ लैरी स्कॉट के साथ हुई बातचीत में खिलाड़ियों ने इस साल व‍िम्बलडन  के लिए कुल 7.1 करोड़ पाउंड की पुरस्कार राशि की मांग रखी थी।  पिछले कुछ समय से टेनिस खिलाड़ी चारों ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों की आय में अधिक हिस्सेदारी और निर्णय प्रक्रिया में बड़ी भूमिका की मांग कर रहे हैं. फ्रेंच ओपन से पहले वर्ल्ड नंबर-1 महिला खिलाड़ी आर्यना सबालेंका ने कहा था कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो खिलाड़ी भविष्य में बहिष्कार (Boycott) जैसे कदम पर भी विचार कर सकते हैं. पुरुष विश्व नंबर-1 यानिक सिनर, कोको गॉफ और कई अन्य शीर्ष खिलाड़ियों ने भी इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखी थी।  रोलां गैरो में आयोजित फ्रेंच ओपन के दौरान शीर्ष-10 खिलाड़ियों ने प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराने के लिए पत्रकारों के साथ अपने मीडिया सत्रों को 15 मिनट तक सीमित कर दिया था. इससे पहले करीब एक साल पहले 20 प्रमुख खिलाड़ियों ने चारों ग्रैंड स्लैम प्रमुखों को पत्र लिखकर अधिक प्राइज मनी और फैसलों में ज्यादा भागीदारी की मांग की थी।  कब से शुरू हो रहा है व‍िम्बलडन  2026  29 जून से शुरू होने वाले व‍िम्बलडन  में इस बार पहले दौर में हारने वाले खिलाड़ियों को भी बड़ा फायदा होगा. पहले दौर की पुरस्कार राशि 80,000 पाउंड कर दी गई है, जो 2024 की तुलना में 21 प्रतिशत अधिक है. वहीं क्वालिफाइंग राउंड की कुल पुरस्कार राशि में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।  व‍िम्बलडन  में उपव‍िजेताओं को क्या म‍िलेगा? पुरुष और महिला सिंगल्स उपविजेताओं को 18 लाख पाउंड (करीब 24 लाख डॉलर) मिलेंगे यानी 23 करोड़ भारतीय रुपये, जो पिछले वर्ष की तुलना में 18 प्रतिशत ज्यादा है।  व‍िम्बलडन  की आय का बड़ा हिस्सा ब्रिटेन की टेनिस और पैडल संचालन संस्था लॉन टेनिस एसोसिएशन (LTA) को जाता है. किसी भी वितरित वित्तीय अधिशेष का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा एलटीए को मिलता है, जिसका उपयोग खेल में भागीदारी बढ़ाने, कोर्टों के नवीनीकरण, युवा खिलाड़ियों के विकास और व‍िम्बलडन  से पहले होने वाले ग्रास-कोर्ट टूर्नामेंटों के आयोजन में किया जाता है।  एलटीए की 2025 रिपोर्ट के अनुसार व‍िम्बलडन  से प्राप्त अधिशेष (surplus)  2024 की तुलना में 4 प्रतिशत घटकर 4.86 करोड़ पाउंड रह गया, हालांकि महिला टूर्नामेंट को क्वीन्स क्लब में शामिल किए जाने के कारण संस्था की कुल आय में 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।  व‍िम्बलडन  29 जून से शुरू होगा. महिला वर्ग में गत चैम्प‍ियन इगा स्वियातेक अपने खिताब की रक्षा करेंगी. वहीं पुरुष वर्ग में मौजूदा चैम्प‍ियन जैन‍िक सिनर हैं, जिन्होंने पिछले साल फाइनल में कार्लोस अल्काराज को हराया था. हालांकि अल्काराज इस बार कलाई की चोट के कारण टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। 

मेक्सिको का दमदार प्रदर्शन, क्विनोनेस और जिमेनेज चमके; दक्षिण अफ्रीका 2-0 से पराजित

मेक्सिको  फुटबॉल प्रेमियों के इंतजार का पल का समाप्त हो गया है. फीफा वर्ल्ड कप 2026 (Fifa World Cup 2026) के महाकुंभ का आगाज हो गया है. टूर्नामेंट का पहला मुकाबला मेजबान मेक्सिको और दक्षिण अफ्रीका (Mexico vs South Africa) के बीच मेक्सिको सिटी स्टेडियम में खेला गया. जहां मेक्सिको की टीम जूलियन क्विनोनेस और राउल जिमेनेज के शानदार गोलों के बदौलत 2-0 से कामयाबी हासिल करने में कामयाब रही. मैच के दौरान मैक्सिको की टीम काफी आक्रामक नजर आई. जिसका परिणाम यह रहा कि मेजबान टीम पूरे मैच के दौरान विपक्षी टीम के ऊपर हावी नजर आई. मैक्सिको के आक्रामक खेल का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नौवें मिनट में ही जूलियन क्विनोनेस ने गोल दागते हुए टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी. हालांकि, इसके बाद टीम को दूसरे गोल के लिए कुल 57 मिनटों का इंतजार करना पड़ा. टीम की तरफ से दूसरा गोल 66वें मिनट में अनुभवी स्ट्राइकर राउल जिमेनेज ने हेडर के जरिए हासिल किया।    मैच के दौरान दोनों टीमों की तरफ से दिखी अनुशासनहीनता मैच के दौरान दोनों टीमों की तरफ से अनुशासनहीनता भी देखने को मिले. अफ्रीकी टीम की तरफ से जहां स्पेफेलो सिथोल और थेम्बा ज्वाने को अनुशासनहीनता के लिए रेड कॉर्ड दिखाया गया. वहीं इंजरी टाइम के दौरान मेक्सिको के डिफेंडर सीजर मोंटेस को भी रेड कार्ड मिला. मैच के दौरान एक पल ऐसा भी आया जब अफ्रीकी टीम को नौ खिलाड़ियों के साथ ही खेलना पड़ा. जिसका परिणाम यह रहा कि टीम को 2-0 की हार के साथ पहला मुकाबला गंवाना पड़ा।  राउल जिमेनेज ने हासिल की विशेष उपलब्धि मैच के दौरान राउल जिमेनेज ने एक विशेष उपलब्धि भी हासिल की. 66वें मिनट में गोल दागते हुए इंटरनेशनल करियर में उनके कुल 46 गोल हो गए हैं. जिसके साथ ही वह अब मैक्सिको की तरफ से सर्वाधिक गोल करने वाले संयुक्त रूप से दूसरे फुटबॉलर बन गए हैं. खास मामले में उन्होंने पूर्व फुटबॉलर जारेड बॉर्गेटी की बराबरी की है. बॉर्गेटी ने भी अपने इंटरनेशनल करियर में कुल 46 गोल दागे थे. पहले स्थान पर जेवियर हर्नांडेज काबिज हैं. जिन्होंने 109 मुकाबलों में कुल 52 गोल लगाए हैं। 

बारिश बनी विलेन, 349 रन बनाने के बाद भी मिली हार; अब ट्राई सीरीज फाइनल की राह कैसे होगी तय?

 दांबुला IND A vs AFG A: दांबुला में खेली जा रही ट्राई-नेशन A सीरीज में अफगानिस्तान A ने बड़ा उलटफेर करते हुए भारत A को DLS नियम के तहत 4 रन से हरा दिया. इस नतीजे ने टूर्नामेंट के समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं और अब 21 जून को होने वाले फाइनल की रेस काफी रोमांचक हो गई है. सवाल है कि क्या भारत ए टीम इस टूर्नामेंट का फाइनल खेल पाएगी? लेकिन उससे पहले जान लीजिए गुरुवार (11 जून) को हुए मुकाबले में क्या हुआ?  भारत A ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 49 ओवर में 349/9 का विशाल स्कोर खड़ा किया. टीम को तेज शुरुआत दिलाने में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और प्रभस‍िमरन सिंह ने अहम भूमिका निभाई. दोनों ने पहले विकेट के लिए सिर्फ 7.1 ओवर में 74 रन जोड़ दिए।  16 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने 22 गेंदों पर 44 रन बनाए. उनकी पारी में 9 चौके शामिल रहे. खास बात यह रही कि उन्होंने बिना कोई छक्का लगाए 200 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए. हालांकि वह एक बार फिर ऑफ स्टंप के बाहर उठती गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में आउट हो गए।  इसके बाद प्रभस‍िमरन सिंह ने आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी और 69 गेंदों पर 84 रन ठोक दिए. कप्तान तिलक वर्मा और उपकप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने भी शानदार अर्धशतक जड़े. दोनों बल्लेबाजों ने 66-66 रन की पारियां खेलीं. तिलक ने लगातार दूसरा अर्धशतक लगाया, जबकि ऋतुराज ने भी टूर्नामेंट में लगातार दूसरी बार 50+ स्कोर बनाया।  मध्यक्रम में सूर्यांश शेडगे ने 27 गेंदों पर 40 रन बनाकर तेजी से रन जुटाए और भारत को 300 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. अफगानिस्तान की ओर से अब्दुल्लाह अहमदजई सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 5 विकेट झटके।  बारिश की वजह से मुकाबला प्रभावित हुआ और DLS नियम के तहत अफगानिस्तान A का लक्ष्य 38 ओवर में 294 रन कर दिया गया. जवाब में कप्तान इमरान और हसन इसाखिल ने तेज शुरुआत दिलाई. इमरान ने नाबाद 75 रन बनाए, जबकि बहिर शाह ने 51 रन की अहम पारी खेली।  जब 25.5 ओवर में अफगानिस्तान का स्कोर 177/2 था, तब एक बार फिर बारिश आ गई और खेल दोबारा शुरू नहीं हो सका. DLS गणना में उस समय अफगानिस्तान A निर्धारित पार स्कोर से 4 रन आगे था, जिसके चलते उसे विजेता घोषित कर दिया गया।  भारत A के गेंदबाज शुरुआती दो विकेट लेने के बाद दबाव नहीं बना सके. अरशद और अनुकूल रॉय ने सफलता दिलाई, लेकिन इमरान और बहिर शाह की साझेदारी मैच भारत से दूर ले गई. अगर खेल आगे बढ़ता या कुछ और विकेट गिरते तो DLS समीकरण बदल सकता था, लेकिन बारिश ने भारत की वापसी का मौका ही नहीं दिया।  फाइनल का समीकरण क्या है? टूर्नामेंट में अब अफगानिस्तान A और भारत A दोनों के 2-2 अंक हैं. हालांकि बेहतर नेट रन रेट (+0.155) की वजह से अफगानिस्तान शीर्ष पर पहुंच गया है, जबकि भारत A (+0.053) दूसरे स्थान पर है. श्रीलंका A अभी बिना अंक के तीसरे स्थान पर है।  अब भारत A को 15 जून को श्रीलंका A और 17 जून को अफगानिस्तान A के खिलाफ मुकाबले खेलने हैं. इन मैचों के नतीजे ही तय करेंगे कि 21 जून के फाइनल में कौन सी दो टीमें पहुंचेंगी. यदि श्रीलंका A अगले मुकाबले में अफगानिस्तान को हरा देता है तो अंक तालिका और भी दिलचस्प हो जाएगी।  ट्राई सीरीज का शेड्यूल 9 जून: भारत A ने श्रीलंका A को 8 रन से हराया 11 जून: अफगानिस्तान A ने भारत A को 4 रन से हराया (DLS) 13 जून: अफगानिस्तान A vs श्रीलंका A 15 जून: भारत A vs श्रीलंका A 17 जून: भारत A vs अफगानिस्तान A 19 जून: अफगानिस्तान A vs श्रीलंका A 21 जून: फाइनल  

नहीं रहे शूटिंग के गोल्डन बॉय जसपाल राणा, खेल जगत में शोक की लहर

नईदिल्ली  जाने-माने भारतीय शूटिंग कोच और एशियाई खेलों के पूर्व गोल्ड मेडलिस्ट जसपाल राणा का निधन हो गया है। वे 49 साल के थे। नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (NRAI) के प्रेसिडेंट कलिकेश नारायण सिंह देव के अनुसार, राणा ने गुरुवार रात दिल्ली के एक अस्पताल में आखिरी सांस ली। हाल ही में, जर्मनी के म्यूनिख में हुए ISSF वर्ल्ड कप से भारतीय टीम की वापसी की फ़्लाइट के दौरान बीमार पड़ने के बाद राणा का एक मेडिकल प्रोसीजर हुआ था। नई दिल्ली पहुंचने पर उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया और स्टेंट लगाने के लिए एक मेडिकल प्रोसीजर किया गया। राणा भारतीय पिस्टल शूटर्स के लिए हाई-परफॉर्मेंस कोच के तौर पर काम कर रहे थे। कैसे हुई जसपाल राणा की मौत? निशानेबाज से कोच बने जसपाल राणा जर्मनी से लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें दिल्ली के MAX अस्पताल में भर्ती करवाया गया और फिर आज कुछ देर पहले उन्होंने अस्पताल में अंतिम सांस ली। सूत्रों के मुताबिक, फ्लाइट में उनके सीने में तेज दर्द हुआ था। दिल्ली में विमान लैंड होने के बाद, उन्हें दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ने के कारण तुरंत साकेत के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, अभी डॉक्टर की तरफ से उनकी मौत की वजह नहीं बताया गई है। मूल रूप से उत्तराखंड के उत्तरकाशी निवासी जसपाल राणा को निशानेबाजी के क्षेत्र में उनकी उत्कृष्ट सफलता के लिए साल 2002 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था. दिग्गज निशानेबाज जसपाल राणा के निधन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर गहरा दुख व्यक्त किया है। 

क्रिकेट में द्रविड़ परिवार की नई एंट्री! अन्वय द्रविड़ को मिली टीम इंडिया में जगह, श्रीलंका में दिखेगा दम

मुंबई  भारतीय क्रिकेट में द्रविड़ परिवार का एक और नाम नेशनल लेवल पर पहुंच गया है. पूर्व भारतीय कप्तान और महान बल्लेबाज राहुल द्रव‍िड़ के छोटे बेटे अन्वय द्रविड़ को अगले महीने होने वाले श्रीलंका दौरे के लिए टीम इंड‍िया की अंडर-19 वनडे टीम में शामिल किया गया है. 17 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज को घरेलू आयु वर्ग क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन का इनाम मिला है।  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की जून‍ियर सेलेक्शन कमेटी, जिसकी अगुवाई शरत श्रीधरन कर रहे हैं. उन्होंने ने गुरुवार को श्रीलंका दौरे के लिए वनडे और मल्टी-डे दोनों टीमों का ऐलान किया. यह दौरा 4 जुलाई 2026 से श्रीलंका के हंबनटोटा में शुरू होगा, जिसमें तीन वनडे और दो मल्टी-डे मुकाबले खेले जाएंगे।  अन्वय को 15 सदस्यीय वनडे टीम में जगह मिली है. वह टीम के दो विकेटकीपरों में शामिल हैं, जबकि दूसरे विकेटकीपर  रजत बघेल हैं. मध्य प्रदेश के यशवर्धन सिंह चौहान को टीम की कप्तानी सौंपी गई है, जबकि लक्ष्य रायचंदानी उपकप्तान होंगे।  यह चयन अन्वय के करियर का अब तक का सबसे बड़ा मुकाम माना जा रहा है. दिलचस्प बात यह है कि उनके बड़े भाई समित द्रविड़ कर्नाटक की अंडर-19 टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, लेकिन नेशनल लेवल पर टीम इंड‍िया की अंडर-19 टीम में जगह बनाने वाले परिवार के पहले सदस्य अन्वय बने हैं।  क्यों म‍िला अन्वय द्रव‍िड़ को टीम इंड‍िया में मौका  अन्वय हाल ही में वीनू मांकड़ ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन के कारण चर्चा में आए थे. उन्होंने कर्नाटक अंडर-19 टीम की कप्तानी करते हुए टीम को क्वार्टर फाइनल तक पहुंचाया था. टूर्नामेंट में उन्होंने छह पारियों में 220 रन बनाए. उनकी सबसे यादगार पारी हिमाचल प्रदेश के खिलाफ आई थी, जहां उन्होंने दबाव भरे रनचेज में नाबाद 82 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई थी. इससे पहले वह अंडर-16 विजय मर्चेंट ट्रॉफी में शतक भी जड़ चुके हैं, जिसने सेलेक्टर्स का ध्यान उनकी ओर खींचा।  अंडर-19 वर्ल्ड कप 2028 की तैयारी नेशनल सेलेक्टर इस दौरे को अगले अंडर-19 वर्ल्ड कप राउंड की शुरुआत के तौर पर देख रहे हैं. चूंकि अन्वय अभी केवल 17 साल के हैं, इसलिए वह दो साल बाद होने वाले अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए भी पात्र रहेंगे. ऐसे में श्रीलंका की परिस्थितियों में मिलने वाला यह अनुभव उनके विकास के लिए काफी अहम माना जा रहा है. भारतीय टीम जून के अंत में श्रीलंका रवाना होगी. वनडे सीरीज खत्म होने के बाद मल्टी-डे मुकाबले खेले जाएंगे, जिनके लिए अलग टीम का चयन किया गया है।  टीम इंड‍िया की अंडर-19 वनडे टीम: सागर व‍िर्क, लक्ष्य रायचंदानी (उपकप्तान), यशवर्धन सिंह चौहान (कप्तान), विनीत वीके, अर्जुन राजपूत, कुशाग्र ओझा, रजत बघेल (विकेटकीपर), अन्वय द्रविड़ (विकेटकीपर), अनमोलजीत सिंह, वुटकुरी यशवीर गौड़, रोहित अनिल यादव, शाविन वी, काव्या परेश पटेल, मोहित उलवा और ईशान सूद।  भारत पुरुष अंडर-19 श्रीलंका दौरा पूरा शेड्यूल     पहला वनडे: 04 जुलाई 2026 (शनिवार) – सुबह 10:00 बजे, हम्बनटोटा     दूसरा वनडे: 06 जुलाई 2026 (सोमवार) – सुबह 10:00 बजे, हम्बनटोटा     तीसरा वनडे: 09 जुलाई 2026 (गुरुवार) – सुबह 10:00 बजे, हम्बनटोटा     पहला मल्टी-डे मैच: 13–16 जुलाई 2026 (सोमवार–गुरुवार) – सुबह 10:00 बजे, गॉल     दूसरा मल्टी-डे मैच: 20–23 जुलाई 2026 (सोमवार–गुरुवार) – सुबह 10:00 बजे, कोलंबो     नोट: मैच टाइम श्रीलंका के समयानुसार.   

भारत-पाकिस्तान महामुकाबला 14 जून को, हरमनप्रीत की टीम पर रहेंगी नजरें

 नई दिल्ली  महिला टी20 वर्ल्ड कप का 10वां संस्करण कल यानी 12 जून 2026 से शुरू होने वाला है। ये सीजन ऐतिहासिक होने जा रहा है, क्योंकि पहली बार 12 टीमें खिताब की जंग के लिए एक-दूसरे से भिड़ेगी। इस टूर्नामेंट का फाइनल मैच 5 जुलाई को खेला जाएगा इस बार टी20 विश्व कप की मेजबानी का जिम्मा इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड के कंधों पर है। 33 मुकाबलों वाले इस मेगा इवेंट में 12 टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है। ग्रुप-ए में भारत, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश और नीदरलैंड्स को रखा गया है। वहीं ग्रुप-बी में मेजबान इंग्लैंड के साथ न्यूजीलैंड, श्रीलंका, वेस्टइंडीज, आयरलैंड और स्कॉटलैंड की टीमें होंगी। भारतीय फैंस को तो बस इंतजार है कब भारत और पाकिस्तान महिला टीम का मैच हो, आइए आपको बताते हैं ये मैच कब, कहां और कितने बजे से खेला जाएगा? IND vs PAK W T20 World Cup 2026: कब होगा भारत-पाक मैच? वनडे विश्व कप 2025 का खिताब जीतने वाली हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम के लिए यह विश्व कप बेहद खास होगा, क्योंकि अब टीम इंडिया टी20 की बादशाहत हासिल करने के इरादे से उतरेगी। भारतीय महिला टीम आज तक टी20 विश्व कप की ट्रॉफी नहीं उठा सकी है। वह सिर्फ एक बार 2020 में फाइनल तक पहुंची थी। बता दें कि 14 जून को बर्मिंघम में भारतीय महिला टीम का पहला मुकाबला चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से होगा। ये मैच रात 7 बजे से खेला जाएगा। दोनों के हेड-टू-हेड रिकॉर्ड देखें तो महिला टी20 विश्व कप में दोनों टीमें 8 बार भिड़ी हैं, जिनमें 6 बार भारत और सिर्फ 2 बार पाकिस्तान को जीत मिली है। ऐसे में भारतीय महिला टीम का पाकिस्तान पर पलड़ा भारी है। भारत का ग्रुप स्टेज का पूरा शेड्यूल 14 जून: भारत vs पाकिस्तान, बर्मिंघम 17 जून: भारत vs नीदरलैंड्स, लीड्स 21 जून: भारत vs दक्षिण अफ्रीका, मैंचेस्टर 25 जून: भारत vs बांग्लादेश, मैंचेस्टर 28 जून: भारत vs ऑस्ट्रेलिया,लंदन ट्रॉफी का रास्ता आसान नहीं ग्रुप-ए में भारतीय महिला टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती 6 बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया और मजबूत दक्षिण अफ्रीका होगी। हरमनप्रीत की सेना को अगर इतिहास रचना है तो ग्रुप स्टेज से लेकर नॉकआउट तक हर मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ देना होगा। बांग्लादेश और नीदरलैंड्स को हल्के में लेनी की गलती टीम इंडिया को नहीं करनी होगी। Women's T20 WC 2026: दोनों ग्रुप इस प्रकार- ग्रुप ए: भारत, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड्स, दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश ग्रुप बी: इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, श्रीलंका, वेस्टइंडीज, आयरलैंड, स्कॉटलैंड

16 साल बाद वापसी कर रही साउथ अफ्रीका की बड़ी परीक्षा

जोहानिसबर्ग फीफा विश्व कप 2026 का भव्य आगाज शुक्रवार को प्रतिष्ठित एज्टेका स्टेडियम में मेजबान मेक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के बीच मुकाबले से होगा। यह मैच रात 12:30 बजे से खेला जाएगा। सह मेजबान होने के कारण मेक्सिको पर घरेलू दर्शकों की उम्मीदों का भारी दबाव है और टीम अपने अभियान की शुरुआत जीत के साथ करना चाहेगी। घरेलू मैदान पर किसी भी तरह की चूक पूरे टूर्नामेंट के माहौल को प्रभावित कर सकती है। दूसरी ओर 16 साल बाद विश्व कप में वापसी कर रही दक्षिण अफ्रीका के लिए यह मुकाबला खुद को फिर से वैश्विक फुटबॉल मंच पर स्थापित करने का सुनहरा अवसर है। यदि वह मेजबान टीम को हराने में सफल रहती है तो ग्रुप ए की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है और उसके लिए नाकआउट चरण का रास्ता आसान हो सकता है। दिलचस्प बात यह है कि 2010 विश्व कप के उद्घाटन मुकाबले में भी ये दोनों टीमें आमने-सामने थीं। तब जोहानिसबर्ग में खेला गया मैच 1-1 से बराबरी पर छूटा था और दक्षिण अफ्रीका बाद में गोल अंतर के कारण अगले दौर में जगह बनाने से चूक गया था। मेक्सिको के मुख्य कोच जेवियर अगुइरे अपने तीसरे कार्यकाल में टीम की कमान संभाल रहे हैं। उन्होंने टीम को मजबूत रक्षात्मक ढांचे, मिडफील्ड में एडसन अल्वारेज की अगुआई और स्ट्राइकर राउल जिमेनेज की गोल करने की क्षमता के इर्द-गिर्द तैयार किया है। एज्टेका स्टेडियम में मौजूद हजारों समर्थक टीम के लिए 12वें खिलाड़ी की भूमिका निभा सकते हैं। वहीं, कोच ह्यूगो ब्रूस के मार्गदर्शन में दक्षिण अफ्रीका केवल रक्षात्मक रणनीति अपनाने नहीं उतरेगा। अफ्रीकी क्वालीफायर में नाइजीरिया जैसी मजबूत टीम को पीछे छोड़कर विश्व कप में पहुंची इस टीम ने छह मैचों में केवल चार गोल खाए और नौ गोल दागे। लाइल फोस्टर, ओसविन अपोलिस और मिडफील्डर टेबोहो मोक्वेना टीम की सबसे बड़ी ताकत हैं। ग्रुप ए में आगे कोरिया गणराज्य और चेकिया जैसी टीमों से भी मुकाबले होने हैं। ऐसे में विश्व कप के इस उद्घाटन मैच की जीत किसी भी टीम को शुरुआती बढ़त और आत्मविश्वास प्रदान कर सकती है। फुटबाल प्रेमियों की नजरें अब एज्टेका स्टेडियम पर टिकी हैं, जहां से विश्व कप 2026 की रोमांचक यात्रा शुरू होगी। दूसरे मैच में दक्षिण कोरिया का सामना चेकिया से विश्व कप में शुक्रवार को दूसरा मैच दक्षिण कोरिया और चेकिया के बीच खेला जाएगा। यह मुकाबला सुबह 7:30 बजे से होगा। चेकिया की टीम 2006 के बाद पहली बार विश्व कप में खेल रही है और उसे दक्षिण कोरियाई टीम की कड़ी चुनौती का सामना करना है। दक्षिण कोरियाई टीम क्वालीफाइंग दौर में एक भी मैच नहीं हारी है। इस विश्व कप में सभी की नजरें दक्षिण कोरिया के स्टार खिलाड़ी सन हेंग मिन पर होंगी क्योंकि यह संभवत: उनका अंतिम विश्व कप हो सकता है।

क्वींस क्लब में सेरेना की वापसी: कनाडा की एमबोको के साथ मिलकर जीता पहला मैच

 लंदन  टेनिस की दिग्गज खिलाड़ी सेरेना विलियम्स ने लगभग चार वर्ष बाद पेशेवर टेनिस में वापसी करते हुए क्वींस क्लब ग्रास कोर्ट प्रतियोगिता में मंगलवार को डबल्स मुकाबले में यादगार जीत दर्ज की। अमेरिकी स्टार ने कनाडा की 19 वर्षीय खिलाड़ी विक्टोरिया एमबोको के साथ मिलकर अपना पहला मुकाबला जीता। सेरेना और एमबोको की जोड़ी ने तीसरी वरीयता प्राप्त निकोल मेलिचार-मार्टिनेज और एरिन राउटलिफ की जोड़ी को 7-6 (2), 6-2 से हराया। यह मुकाबला वर्ष 2022 के यूएस ओपन के बाद सेरेना का पहला पेशेवर मैच था। मैच के दौरान सेरेना ने 120 मील प्रति घंटे तक की रफ्तार से सर्विस की और कई दमदार विनर शाट लगाए। मुकाबले का अंत भी उन्होंने दो दो ऐस और एक शानदार सर्विस विनर के साथ शानदार अंदाज में किया। जीत से खुश सेरेना जीत के बाद सेरेना ने कोर्ट पर कहा, 'यह बहुत मजेदार था। विक्टोरिया के साथ खेलकर मुझे बहुत आनंद आया। हमने पहले कभी साथ नहीं खेला, लेकिन कोर्ट पर सब कुछ बहुत स्वाभाविक लगा।' हालांकि, बाद में प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने अपने प्रदर्शन को लेकर विनम्रता दिखाई। उन्होंने मजाकिया अंदाज में खुद को 'सी माइनस' अंक दिए, लेकिन साथ ही कहा कि चार साल बाद सीधे घास के कोर्ट पर लौटना आसान नहीं होता और कुल मिलाकर उनका प्रदर्शन अच्छा रहा। वापसी क्‍यों खास सेरेना की वापसी इसलिए भी खास रही, क्योंकि विपक्षी टीम बेहद मजबूत थी। एरिन राउटलिफ दो बार यूएस ओपन डबल्स चैंपियन रह चुकी हैं, जबकि निकोल मेलिचार-मार्टिनेज विंबलडन और यूएस ओपन के डबल्स फाइनल तक पहुंच चुकी हैं। क्वींस क्लब में दर्शकों ने भी उनका जोरदार स्वागत किया। एंडी मरे एरिना में सेरेना को दिन की सबसे बड़ी तालियां मिलीं। इससे पहले दर्शक ब्रिटेन की एमा राडुकानू और केटी बोल्टर के मुकाबले भी देख चुके थे।