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फीफा वर्ल्ड कप के बीच याद आया भारतीय फुटबॉल का गोल्डन दौर

नई दिल्‍ली  फीफा विश्व कप 2026 का काउंड डाउन जारी है। 11 जून (भारतीय समयानुसार 12 जून) 2026 से फुटबॉल के इस महाकुंभ की शुरुआत होगी और फाइनल 19 जुलाई को खेला जाएगा। टूर्नामेंट की मेजबानी संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको संयुक्त रूप से कर रहे हैं। फीफा विश्व कप 2026 में 48 टीमों के बीच 104 मैच खेले जाएंगे। इन टीमों को 4-4 के 12 ग्रुप में बांटा गया है। 11 जून से 27 जून तक ग्रुप स्‍टेज के मैच होंगे। 28 जून से 3 जुलाई तक राउंड ऑफ 32, 4 से 7 जुलाई तक राउंड ऑफ 16 के मुकाबले खेले जाएंगे। क्वार्टर फाइनल 9 से 11 जुलाई तक होगा। इसके बाद सेमीफाइनल 14 और 15 जुलाई, तीसरे स्थान का मैच 18 जुलाई को होगा। बिना जूतों के उतरी भारतीय टीम आइए इस बीच आपको भारतीय मेंस फुटबॉल टीम के एक ब्लैक एंड व्हाइट दौर में ले चलते हैं। भारतीय फुटबॉल टीम ने 1948 के लंदन ओलंपिक (London Olympics 1948) में डेब्‍यू किया। यह टीम फ्रांस के खिलाफ मैच के लिए नंगे पैर मैदान पर उतरी थी। ऐसे में कई बार सोशल मीडिया पर दावे किए जाते हैं कि प्‍लेयर्स के पास जूते खरीदने के पैसे नहीं थे। सरकार से मिलने वाली आर्थिक सहायता भी बहुत कम थी। इस मैच में भारत को 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था। स्वतंत्र भारत की ओर से पहला इंटरनेशनल फुटबॉल गोल सरंगापानी रमन ने इसी मैच में किया था। तब भारत के कोच बलेदास चटर्जी थे। अपनी मर्जी से नहीं पहले जूते ओलंपिक की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित 'ओलंपिक में भारतीय फुटबॉल' के बारे में एक डिटेल्‍ड ब्रीफिंग में यह उल्लेख किया गया है कि 31 जुलाई, 1948 को आयोजित मैच के दौरान भारतीय टीम के 11 में से 8 प्‍लेयर्स ने अपनी मर्जी से जूते नहीं पहने थे। हम भारत में फुटबॉल खेलते हैं भारतीय टीम के तब के कप्तान तालीमेरेन एओ (Talimeren Ao) ने अपनी टीम के नंगे पैर खेलने के बारे में कहा, "हम भारत में फुटबॉल खेलते हैं, जबकि आप लोग बूटबॉल खेलते हैं।" माना जाता है कि 8 खिलाड़ियों ने पूर्वी लंदन के क्रिकलफील्ड स्टेडियम के गीले और फिसलन भरे मैदान पर बिना जूते के खेलना पसंद किया। 1953 तक फीफा जैसे कई इंटरनेशनल टूर्नामेंटों में मैचों के दौरान जूते पहनने के बारे में कोई नियम नहीं थे। भारतीय फुटबॉल का गोल्‍डन एज भारत ने इसके बाद लगातार तीन ओलंपिक खेले। इनमें हेल्सिंकी 1952, मेलबर्न 1956 और रोम 1960 शामिल हैं। मेलबर्न में भारतीय फुटबॉल टीम ने इतिहास रचते हुए सेमीफाइनल का टिकट कटाया और सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली एशियाई टीम बनी। इंडिया ने क्वार्टरफाइनल में मेजबान ऑस्ट्रेलिया को शिकस्‍त दी थी। इसके बाद सेमीफाइनल में भारत को यूगोस्लाविया से हार मिली। साथ ही कांस्य पदक मैच में बुल्गारिया से हारने के कारण सैमार बनर्जी की अगुवाई वाली भारतीय टीम मेडल जीतने से चूक गई। 1948 से 1960 के बीच का दौर भारतीय फुटबॉल के स्वर्ण युग के रूप में माना जाता है।  

आशीष तानी पूर्ति की हैट्रिक से भारत बना चैंपियन, जापान को फाइनल में करारी शिकस्त

जापान  भारत ने अंडर-18 हॉकी पुरुष एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। फाइनल में भारत के सामने डिफेंडिंग चैंपियन जापान की चुनौती थी। इस टूर्नामेंट में जापान की टीम अभी तक अजेय थी। उसने पूल राउंड में भारत को भी हराया था। टीम इंडिया ने कावासाकी हेवी इंडस्ट्रीज हॉकी स्टेडियम में मेजबानों को कोई मौका नहीं दिया और 4-1 से जीत हासिल की। इस जीत के साथ ही भारत टूर्नामेंट के इतिहास का सबसे सफल देश बन गया है। टीम की यह तीसरी ट्रॉफी है। पाकिस्तान ने दो बार खिताब जीता है। भारत ने दूसरे मिनट में ही गोल दागा मलेशिया को सेमीफाइनल में 8-1 से हराने वाली जापानी टीम फाइनल में कमाल नहीं कर पाई। मैच के दूसरे ही मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला। आशीष तानी पूर्ति ने इसपर गोल करके टीम को बढ़त दिला दी। दूसरे क्वार्टर के अंत में 28वें मिनट में आशीष ने भारत की तरफ से दूसरा गोल किया। 30वें मिनट में केतन कुशवाहा ने फील्ड गोल करके अंतर 3-0 कर दिया। आशीष तानी पूर्ति ने लगाई हैट्रिक तीसरे क्वार्टर के चौथे मिनट में आशीष ने भारत के लिए एक और गोल किया। इसके साथ ही उनका हैट्रिक पूरा हुआ और टीम की बढ़त 4-0 की हो गई। जापान की तरफ से नुमादा गाकू ने पेनल्टी कॉर्नर से 52वें मिनट में गोल किया। भारत ने इसके अलावा मेजबान टीम को कोई मौका नहीं दिया और मैच को 4-1 से अपने नाम करके खिताब जीत लिया। आशीष हाईएस्ट गोल स्कोरर रहे आशीष तानी पूर्ति ने इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 13 गोल दागे। भारत के केतन कुशवाहा और साउथ कोरिया के यूं जेह्योक 8-8 गोल के साथ दूसरे नंबर पर रहे। फाइनल मुकाबले में भारत को तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले। तीनों पर ही आशीष ने गोल दागे। वहीं जापान को चार पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन टीम इंडिया ने उन्हें सिर्फ एक ही गोल दागने दिया।

लगातार तीन बार सही अनुमान के बाद फिर चर्चा में क्लेमेंट, नीदरलैंड्स को बताया विजेता

नई दिल्ली जर्मनी के गणितज्ञ योआखिम क्लेमेंट की पिछले तीन फीफा विश्व कप की भविष्यवाणी सच हुई है। 2014 में जर्मनी, 2018 में फ्रांस और 2022 में उन्होंने अर्जेंटीना को चैंपियन बनने का अनुमान लगाया था। उनके तीनों ही अनुमान सही हुए थे। फीफा विश्व कप 2026 के शुरू होने में एक हफ्ते से भी कम का समय बचा हुआ है। योआखिम क्लेमेंट के अनुमान के अनुसार इस बार नीदरलैंड्स की टीम खिताब जीतेगी। योआखिम क्लेमेंट का कहना है कि उन्होंने यह मॉडल यह दिखाने के लिए बनाया था कि विश्व कप विजेता का अनुमान लगाना लगभग असंभव है। 2014 में जब उनकी भविष्यवाणी सही निकली और जर्मनी चैंपियन बना, तो वे खुद भी हैरान रह गए थे। उन्होंने कहा, 'जब जर्मनी ब्राजील में विश्व चैंपियन बना तो मैं चौंक गया था, क्योंकि अधिकांश विशेषज्ञों का मानना था कि कोई भी यूरोपीय टीम दक्षिण अमेरिका में विश्व कप नहीं जीत सकती।' कैसे काम करता है क्लेमेंट का मॉडल? योआखिम क्लेमेंट का मॉडल कई अहम बातों को ध्यान में रखता है। जैसे- किसी देश की प्रति व्यक्ति जीडीपी, उस देश की आबादी, लोगों में फुटबॉल की लोकप्रियता, फीफा रैंकिंग में टीम की स्थिति। इसके साथ ही लक का भी एलिमेंट है। क्लेमेंट इस बात पर भी जोर देते हैं कि किस्मत का रोल फुटबॉल में बहुत बड़ा होता है। किसे हराकर चैंपियन बनेगा नीदरलैंड्स? अपने मॉडल के अनुसार क्लेमेंट का अनुमान है कि नीदरलैंड सेमीफाइनल में स्पेन को हराकर फाइनल में पहुंचेगा। दूसरा सेमीफाइनल इंग्लैंड और पुर्तगाल के बीच होगा। इसमें पुर्तगाल को जीत मिलेगी। फाइनल में नीदरलैंड्स की टीम पुर्तगाल के खिलाफ जीत हासिल करेगी। हालांकि उनकी पिछली भविष्यवाणियां सही रही हैं, लेकिन क्लेमेंट खुद लोगों को उनकी भविष्यवाणी पर दांव लगाने से मना करते हैं। उन्होंने कहा, 'यह बिल्कुल लॉटरी जैसा है। अगर कोई मेरी भविष्यवाणी के आधार पर सट्टा लगाता है, तो मैं उसकी मदद नहीं कर सकता।' उन्होंने इसे सिक्का उछालने जैसा बताते हुए कहा कि अगर कोई चार बार लगातार सही अनुमान लगा ले, तो इसका मतलब यह नहीं कि अगली बार भी वही होगा। फीफा विश्व कप में नीदरलैंड्स का सफर नीदरलैंड्स ने अभी तक फीफा विश्व कप का खिताब नहीं जीता है। टीम इस बार ग्रुप एफ में है। इस ग्रुप में जापान, स्वीडन और ट्यूनीशिया की भी टीम है। 1974 और 1978 के अलावा 2010 में टीम फाइनल तक पहुंची थी। 2014 में उसने तीसरे स्थान पर फिनिश किया था। 2018 में क्वालीफाई करने में फेल रहने के बाद 2022 में नीदरलैंड ने फीफा विश्व कप में क्वार्टरफाइनल तक का सफर तय किया था। इस बार टीम का पहला मुकाबला 14 जून को जापान से है।  

वैभव सूर्यवंशी बने चर्चा में, पहली बार सीनियर टीम में चयन

नई दिल्ली आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के साथ-साथ एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम का ऐलान शनिवार (6 जून) को किया गया है. मेन्स सेलेक्शन पैनल की भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के हेडक्वार्टर में बैठक हुई, जिसमें स्क्वॉड को अंतिम रूप दिया गया. प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीम का ऐलान चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर और बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने किया. तीनों टूर्नामेंट में टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे, वहीं तिलक वर्मा टीम के उप-कप्तान बने हैं. 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को भी पहली बार सीनियर टीम में शामिल किया गया है. उधर तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए रेस्ट दिया गया है. वो एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा लेंगे और उन्हें मोहम्मद सिराज की जगह टीम में जगह मिली है. हालांकि सिराज इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे पर टी20 टीम में शामिल किए गए हैं. सबसे बड़ी खबर ये रही कि सूर्यकुमार यादव की टी20 कप्तानी छिन गई है और उन्हें टीम में भी शामिल नहीं किया गया है. बीसीसीआई की अपेक्स काउंसिल कमेटी की मीटिंग में सूर्य को हटाने पर फैसला लिया गया. बस शनिवार को औपचारिक ऐलान किया गया. इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम की घोषणा बाद में की जाएगी.सचिन तेंदुलकर को जब 1989 में टीम इंडिया से पहली बार खेलने का मौका मिला था, तब उनकी उम्र 16 साल 205 दिन थी. यानी वैभव जब 26 जून को अपना पहला मैच खेलेंगे तब वह सिर्फ 15 साल 180 दिन के ही होंगे, जो कीर्तिमान है।  इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय स्क्वॉड: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), रवि बिश्नोई, अभिषेक शर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, मोहम्मद सिराज, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, ईशान किशन, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव और वैभव सूर्यवंशी. एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय मेन्स क्रिकेट टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), रवि बिश्नोई, अभिषेक शर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, जसप्रीत बुमराह, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, ईशान किशन, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती और वैभव सूर्यवंशी. आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), रवि बिश्नोई, अभिषेक शर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, मोहम्मद सिराज, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, ईशान किशन, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव और वैभव सूर्यवंशी. भारत का आयरलैंड दौरा (जून) • पहला टी20: 26 जून, बेलफास्ट • दूसरा टी20: 28 जून, बेलफास्ट भारत का इंग्लैंड दौरा (जुलाई) • 1 जुलाई: पहला टी20, चेस्टर ले स्ट्रीट • 4 जुलाई: दूसरा टी20, मैनचेस्टर • 7 जुलाई: तीसरा टी20, नॉटिंघम • 9 जुलाई: चौथा टी20, ब्रिस्टल • 11 जुलाई: पांचवां टी20, साउथम्प्टन • 14 जुलाई: पहला वनडे, बर्मिंघम • 16 जुलाई: दूसरा वनडे, कार्डिफ • 19 जुलाई: तीसरा वनडे, लॉर्ड्स

भारतीय बेटियों का शानदार प्रदर्शन, हॉकी एशिया कप में तीसरा स्थान हासिल

नई दिल्ली जापान के काकामिगाहारा में खेली जा रही महिला अंडर-18 एशिया कप 2026 हॉकी प्रतियोगिता में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम कर लिया है। शनिवार को खेले गए तीसरे स्थान के मुकाबले में भारत ने दक्षिण कोरिया को 3-0 से करारी शिकस्त दी। सेमीफाइनल में चीन के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में मिली करीबी हार की निराशा को पीछे छोड़ते हुए भारतीय बेटियों ने मैदान पर जबरदस्त वापसी की और पूरे मैच में कोरियाई टीम पर अपना दबदबा बनाए रखा। टीम इंडिया का शानदार खेल इस अहम मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और मैच शुरू होने के दूसरे ही मिनट में संदीप कुमारी ने बेहतरीन मैदानी गोल दागकर टीम को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी। इस शुरुआती सफलता से भारतीय खिलाड़ियों का हौसला काफी बढ़ गया और उन्होंने कोरियाई रक्षापंक्ति पर दबाव बनाए रखा। मैच के 16वें मिनट में कप्तान स्वीटी कुजूर ने एक और शानदार फील्ड गोल करते हुए भारत की बढ़त को दोगुना (2-0) कर दिया और टीम को एक मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। 33 मिनट में दागा गोल दो गोल की सुरक्षित बढ़त के बाद भी भारतीय फॉरवर्ड लाइन ने हमले करना बंद नहीं किया। हाफ टाइम के बाद, मैच के 33वें मिनट में टूर्नामेंट की सबसे सफल स्कोरर नुशीन नाज ने अपनी क्लास दिखाते हुए मैच का तीसरा गोल दागा। यह इस प्रतियोगिता में नुशीन का 12वां गोल था जिसने टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर चार्ट में उनकी स्थिति को और मजबूत कर दिया। भारत के मजबूत डिफेंस के आगे दक्षिण कोरियाई टीम मैच में एक भी गोल करने में नाकाम रही और भारत ने 3-0 से मैच जीतकर पोडियम फिनिश सुनिश्चित की। खेल में पहला गोल दागने और शानदार खेल दिखाने के लिए संदीप कुमारी को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। ब्रॉन्ज मेडल भी जीता इस पूरे टूर्नामेंट में भारतीय महिला अंडर-18 टीम का प्रदर्शन बेहद कमाल का रहा। टीम ने अपनी अटैकिंग हॉकी का लोहा मनवाते हुए प्रतियोगिता में कुल 36 गोल दागे। इस कांस्य पदक के साथ भारत ने अपने अभियान का एक सुखद अंत किया है जो भविष्य के लिए भारतीय महिला हॉकी की मजबूत नींव को दर्शाता है। गौरतलब है कि टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला शनिवार को ही मेजबान जापान और चीन के बीच खेला जाएगा। पुरुष टीम जीत सकती है गोल्ड महिला टीम की इस सफलता के बीच अब सबकी नजरें भारतीय पुरुष अंडर-18 हॉकी टीम पर टिकी हैं। पुरुष टीम शनिवार को ही भारतीय समयानुसार दोपहर 03:30 बजे पुरुष अंडर-18 एशिया कप 2026 के महामुकाबले में मेजबान जापान से भिड़ेगी जहां उसकी नजरें गोल्ड मेडल जीतने पर होंगी।  

आशीष तानी की हैट्रिक से चमकी टीम इंडिया, पाकिस्तान को रोमांचक मुकाबले में दी मात

काकामिगाहारा  भारतीय अंडर-18 पुरुष हॉकी टीम ने अंडर-18 पुरुष एशिया कप 2026 के सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 5-3 से हराकर फाइनल में जगह बना ली। आखिरी क्वार्टर तक 2-3 से पीछे चल रही भारत टीम ने मैच के आखिरी मिनटों में अटैकिंग खेल दिखाते हुए 3 गोल मारे और जीत दर्ज करते हुए फाइनल में जगह बनाई। भारतीय टीम का शनिवार को फाइनल में मेजबान जापान से सामना होगा। पाकिस्तानी खिलाड़ी ने दिखा धोखा इस मैच का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। मैच के तीसरे क्वार्टर में पाकिस्तानी खिलाड़ी ने बुली से सीधे गोल किया। इसके बाद पाकिस्तान खिलाड़ी के जश्न पर सवाल उठ रहा है। पाकिस्तानी खिलाड़ी ने अपने स्टीक को को जमीन पर फेंका। हॉकी में बुली का इस्तेमाल खेल को दोबारा शुरू करने के लिए किया जाता है। जब किसी कारण से खेल रोका जाता है, तो दोनों टीमों के खिलाड़ी खेल भावना दिखाते हुए गेंद को विपक्षी टीम की ओर वापस भेज देते हैं। पाकिस्तान ने ऐसा नहीं किया और गोल दाग दिया। मैच में देखने को मिली कांटे की टक्कर मैच की शुरुआत में दोनों टीमें एक दूसरे को कड़ी टक्कर देती नजर आईं। आशीष तानी पूर्ति ने 12वें मिनट में भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई।पाकिस्तान ने दूसरे क्वार्टर में आक्रामक खेल दिखाया और 27वें मिनट में अपना पहला गोल किया। पाकिस्तान के लिए ये गोल अदील ने किया था। तीसरे क्वार्टर में दोनों तरफ से जबरदस्त एक्शन देखने को मिला। भारत ने 35वें मिनट में बढ़त हासिल की जब शाहरुख अली (35वें मिनट) ने तेज पासिंग का फायदा उठाया और गेंद को नेट में डाल दिया। पाकिस्तान ने दो मिनट बाद ही 37वें मिनट में मुहम्मद फरहान असलम के फील्ड गोल से जवाब दिया। इसके बाद पाकिस्तान को 42वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे उजैर अहमद कुरैशी ने गोल में बदल दिया। इस गोल के साथ पाकिस्तान की बढ़त तीसरे क्वार्टर के आखिर में 2-3 हो गई। आशीष तानी ने चार गोल दागे भारत ने आखिरी क्वार्टर में जबरदस्त हमला किया। 49वें मिनट में आशीष तानी पूर्ति ने दूसरे पेनल्टी कॉर्नर से शानदार ड्रैगफ्लिक मारकर स्कोर 3-3 से बराबर कर दिया। भारत ने अगले कुछ मिनटों में पूरी तरह से दबदबा बनाया और कई पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए। 53वें मिनट में, आशीष ने एक और शानदार पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके अपनी हैट्रिक पूरी की। आशीष (56वें मिनट) ने एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला और अपना चौथा गोल करते हुए टीम को 5-3 की निर्णायक बढ़त दिला दी।  

टीम इंडिया में सबसे युवा खिलाड़ी बने वैभव सूर्यवंशी, सचिन से भी आगे निकले

नई दिल्ली आयरलैंड, इंग्लैंड सीरीज और आगामी एशियन गेम्स के लिए भारतीय टी20 टीम का एलान कर दिया गया है। इस टीम सेलेक्शन में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला नाम 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का है। वैभव ने भारतीय टीम में जगह बनाते ही क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले महान सचिन तेंदुलकर का एक बेहद पुराना और ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वह भारत के लिए चुने जाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड टूटा क्रिकेट इतिहास के सबसे महान बल्लेबाजों में शुमार सचिन तेंदुलकर को जब पहली बार साल 1989 में पाकिस्तान दौरे के लिए भारतीय टीम में चुना गया था, तब उनकी उम्र 16 साल 181 दिन थी। सचिन ने 16 साल और 205 दिन की की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखकर इतिहास रचा था लेकिन अब 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने उनसे भी कम उम्र में भारतीय सीनियर टीम में जगह बनाकर इस बड़े रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया है। आईपीएल 2026 में धमाकेदार प्रदर्शन हाल ही में समाप्त हुए आईपीएल 2026 में वैभव सूर्यवंशी ने अपने बल्ले से वो कोहराम मचाया जिसने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। पूरे सीजन में उनके बल्ले से आग उगलती हुई पारियां देखने को मिलीं जहां उन्होंने कुल 776 रन कूट डाले। इस दौरान सबसे ज्यादा चौंकाने वाला उनका स्ट्राइक रेट रहा, जो करीब 236 का था जो इस टी20 लीग के इतिहास में अविश्वसनीय माना जा रहा है। अपने इसी धमाकेदार और निरंतर प्रदर्शन के बूते वैभव ने न सिर्फ सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बनकर ऑरेंज कैप अपने नाम की बल्कि उन्हें पूरे टूर्नामेंट का सबसे मूल्यवान खिलाड़ी चुनते हुए मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर के अवॉर्ड से भी नवाजा गया। इसी दमदार प्रदर्शन का इनाम अब उन्हें टीम इंडिया के सीनियर स्क्वाड में एंट्री के रूप में मिला है। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन, ईशान किशन, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, मोहम्मद सिराज, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव। एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम का स्क्वाड: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन, ईशान किशन, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह।  

ज्वेरेव ने मेंसिक को हराकर लगातार दूसरे फ्रेंच ओपन फाइनल में बनाई जगह

पेरिस  जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव अपने पहले ग्रैंड स्लैम खिताब से अब सिर्फ एक जीत दूर हैं। उन्होंने शुक्रवार को 26वीं वरीयता प्राप्त जाकुब मेंसिक को 7-5, 6-2, 3-6, 6-3 से हराकर एक बार फिर फ्रेंच ओपन के फाइनल में प्रवेश कर लिया। 29 वर्षीय ज्वेरेव इससे पहले तीन ग्रैंड स्लैम फाइनल हार चुके हैं, जिनमें दो साल पहले फ्रेंच ओपन का फाइनल भी शामिल है। पेरिस में इस बार उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। अब रविवार को फाइनल में उनका सामना 10वीं वरीयता प्राप्त फ्लेवियो कोबोली से होगा। दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में कोबोली का सामना इटली के ही खिलाड़ी मत्तेओ अर्नाल्डी से होना था, लेकिन अर्नाल्डी बीमार होने की वजह से मैच से हट गए और कोबोली फ्रेंच ओपन के फाइनल में पहुंच गए। पहला सेट रहा बेहद कड़ा कोर्ट फिलिप शैट्रियर पर खेले गए मुकाबले का पहला सेट बेहद कड़ा रहा। 11वें गेम में ज्वेरेव ने बैकहैंड क्रांसकोर्ट विनर लगाकर ब्रेक प्वाइंट हासिल किया और फिर एक शानदार शॉट के जरिए बढ़त बना ली, जिसे मेंसिक नेट में मार बैठे। ज्वेरेव ने एक दमदार ऐस के साथ पहला सेट अपने नाम किया। दूसरे सेट की शुरुआत में ही उन्होंने सर्विस ब्रेक हासिल कर लिया, जबकि मेंसिक का खेल कुछ समय के लिए बिखर गया। एक ब्रेक के दौरान मेंसिक सिर पर तौलिया रखे बैठे नजर आए। वापसी के बाद उनकी मुश्किलें और बढ़ गईं, क्योंकि ज्वेरेव ने अपना स्तर और ऊंचा कर लिया तथा डबल ब्रेक हासिल करते हुए मैच में 2-0 की बढ़त बना ली। हालांकि गर्दन की समस्या के कारण लंबा मेडिकल टाइमआउट लेने के बाद मेंसिक ने जोरदार वापसी की तीसरे सेट में हासिल की जीत उन्होंने अपनी तेज सर्विस और शानदार ड्रॉप शॉट्स की मदद से 4-2 की बढ़त बनाई और तीसरा सेट जीत लिया लेकिन चौथे सेट में ज्वेरेव ने कोई गलती नहीं की। उन्होंने दमदार खेल दिखाते हुए सेट और मैच दोनों अपने नाम कर लिए तथा लगातार दूसरे फ्रेंच ओपन फाइनल में जगह पक्की कर ली।  

यशस्वी जल्दी आउट, मुल्लांपुर टेस्ट में भारत की शुरुआत लड़खड़ाई

न्यू चंडीगढ़ भारत और अफगानिस्तान के बीच इकलौता टेस्ट मैच आज (6 जून) से शुरू हुआ है. दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला मुल्लांपुर (न्यू चंडीगढ़) के महाराजा यादविंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में है. मुकाबले में टॉस भारतीय टीम ने जीता है और पहले बैटिंग का निर्णय लिया. भारत की ओर से स्पिन बॉलिंग ऑलराउंडर मानव सुथार का ये डेब्यू मुकाबला है. भारत और अफगानिस्तान दोनों का साल 2026 में ये पहला टेस्ट मैच है. यह मुकाबला वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) के 2025-27 चक्र का हिस्सा नहीं है. ऐसे में भारत इस मुकाबले को अगस्त में प्रस्तावित श्रीलंका दौरे के मद्देनजर तैयारियों के तौर पर देख रहा है, जहां शुभमन ब्रिगेड को दो टेस्ट मैच खेलने हैं. भारतीय टीम की पहली पारी में शुरुआत उतनी अच्छी नहीं रही. यशस्वी जायसवाल सिर्फ 24 रन बना सके और उन्हें मोहम्मद सलीम सफी ने पवेलियन रवाना किया. अफगानिस्तान का टेस्ट डेब्यू जून 2018 में भारत के खिलाफ बेंगलुरु में हुआ था. तब भारतीय टीम ने अफगानिस्तान को पारी और 262 रनों से हराया था. अब दूसरी बार अफगानिस्तान संग भारतीय टीम टेस्ट मैच खेल रही है. देखा जाए तो अफगानिस्तान ने केवल 12 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें उसने चार में जीत हासिल की. सात मुकाबले अफगानी टीम ने हारे और एक मुकाबला ड्रॉ़ पर छूटा. मुकाबले में भारत की प्लेइंग-11: केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल, साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, ध्रुव जुरेल, मानव सुथार, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा. अफगानिस्तान की संभावित प्लेइंग-11: सेदिकुल्लाह अटल, रहमानुल्लाह गुरबाज, अब्दुल मलिक, रहमत शाह, हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अफसर जजई (विकेटकीपर), अजमतुल्लाह उमरजई, शराफुद्दीन अशरफ, नांगेयालिया खरोटी, जियाउर रहमान शरीफी और मोहम्मद सलीम सफी.

टीम इंडिया में एंट्री के साथ इतिहास रच सकते हैं वैभव सूर्यवंशी, सचिन का रिकॉर्ड खतरे में!

नईदिल्ली  भारत के आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए टी20 स्क्वॉड का ऐलान कल यानी शनिवार, 6 जून को हो सकता है। नए कप्तान के साथ-साथ स्क्वॉड में कई आईपीएल स्टार्स को भी मौका मिल सकता है। ईएसपीएनक्रिकइन्फो की रिपोर्ट के अनुसार आईपीएल 2026 में सबसे ज्यादा 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप जीतने वाले वैभव सूर्यवंशी की भी किस्मत चमक सकती है और उन्हें सीनियर टीम से पहली बार बुलावा आ सकता है। अगर वैभव सूर्यवंशी का चयन आयरलैंड दौरे पर होता है और उन्हें टीम इंडिया के लिए डेब्यू करने का मौका मिलता है तो वह भारत के लिए डेब्यू करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन ‘क्रिकेट के भगवान’ कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। सचिन तेंदुलकर का इंटरनेशनल डेब्यू पाकिस्तान के खिलाफ 1989 में हुआ था, तब उनकी उम्र 16 साल 205 दिन थी। वहीं वैभव सूर्यवंशी आज यानी शुक्रवार, 5 जून को उनकी उम्र 15 साल 70 दिन की है। 26 जून को भारत को आयरलैंड के खिलाफ पहला टी20 खेलना है, अगर वैभव सूर्यवंशी का चयन सीनियर टीम में होता है और उन्हें डेब्यू करने का मौका मिलता है तो वह सचिन तेंदुलकर का यह रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। श्रेयस अय्यर के रूप में भारत को मिल सकता है नया टी20 कप्तान रिपोर्ट्स की मानें तो बीसीसीआई सूर्यकुमार यादव से कप्तानी छीनकर टी20 टीम की कमान श्रेयस अय्यर को सौंपने का मन बना चुके हैं। टीम के ऐलान के साथ नए कप्तान का भी ऐलान हो सकता है। वैसे तो अय्यर ने 2023 से भारत के लिए कोई टी20 मैच नहीं खेला है, मगर इस साल की शुरुआत में उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ बतौर इंजरी रिप्लेसमेंट भारतीय स्क्वॉड में जगह मिली थी, मगर उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला था। अय्यर की कप्तानी आईपीएल और डोमेस्टिक क्रिकेट में लाजवाब रही है। 2024 में उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स को चैंपियन बनाया था, वहीं 2025 में वह पंजाब किंग्स की कप्तानी करते हुए फाइनल तक पहुंचे थे, जहां उन्हें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। अय्यर की कप्तानी के साथ-साथ उनकी बल्लेबाजी भी टी20 में लाजवाब रही है, जो उन्हें कप्तानी का दांवेदार बनाती है। श्रेयस अय्यर के पिछले दो सालों में 1000 से अधिक रन है, वहीं इस सीजन में उन्होंने अपना पहला आईपीएल शतक भी ठोका था।