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कुराकाओ का FIFA में कमाल, छोटे देश ने बड़े मुकाबले में मारी बाजी

नई दिल्ली  कुराकाओ दक्षिणी कैरिबियन सागर में स्थित छोटा लेकिन बेहद खूबसूरत द्वीप देश है. यह नीदरलैंड साम्राज्य का स्वायत्त देश है. रंगीन इमारतों और शानदार समुद्री तटों के लिए जाना जाने वाला यह द्वीप हाल ही में अपनी ऐतिहासिक खेल उपलब्धि के कारण अंतर्राष्ट्रीय सुर्खियों में आया है. कुराकाओ पहले डच उपनिवेश था. अब यह संपन्न पर्यटन स्थल और ऑयल रिफाइनिंग सेंटर बन चुका है. यहां की फुटबॉल टीम ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के लिए क्वॉलिफाई किया है. कुराकाओ की आबादी महज 1,56,000 है. यह दुनिया के सबसे छोटे देशों में से एक है. इसकी आबादी दिल्ली के लाजपत नगर और नोएडा से भी कम है. इस छोटे से देश ने खेल के सबसे बड़े मंच पर अपनी जगह बनाकर सबको चौंका दिया है. यह कहानी सिर्फ एक खेल की जीत नहीं, बल्कि छोटे समुदायों के बड़े सपने और अटूट लगन की भी कहानी है. यह द्वीप वेनेजुएला के तट से केवल 65 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और भौगोलिक रूप से ‘एबीसी द्वीप समूह’ (रूबा, बोनेयर, कुराकाओ) का हिस्सा है. कुराकाओ चर्चा में क्यों है? कुराकाओ के चर्चा में आने का सबसे बड़ा कारण उनकी फुटबॉल टीम का फीफा विश्व कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के लिए क्वॉलिफाई करना है.     सबसे छोटा देश: अपनी 1.56 लाख की आबादी के साथ कुराकाओ फीफा विश्व कप के लिए क्वॉलिफाई करने वाला इतिहास का सबसे छोटा देश बन गया है. इससे पहले यह रिकॉर्ड आइसलैंड के नाम था, जिसकी आबादी 2018 में लगभग 3.5 लाख थी.     अभूतपूर्व उपलब्धि: यह उपलब्धि तब मिली, जब कॉनकाकाफ (CONCACAF) क्वॉलिफायर में कुराकाओ ने जमैका के खिलाफ 0-0 का स्ट्रेसफुल ड्रॉ खेला, जिससे वे ग्रुप बी में टॉप पर रहे और विश्व कप में अपनी जगह पक्की कर ली.     डच कनेक्शन: कुराकाओ की सफलता का बड़ा हिस्सा इसके डच प्रवासी खिलाड़ियों (Diaspora Players) को जाता है, जिनमें से ज्यादातर नीदरलैंड में जन्मे और पले-बढ़े हैं लेकिन कुराकाओई विरासत रखते हैं. इस स्ट्रैटेजी ने टीम को शानदार मजबूती दी है.     ट्रेनर की भूमिका: दिग्गज डच कोच डिक एडवोकाट (Dick Advocaat) ने टीम के बदलाव में बड़ी भूमिका निभाई. इससे ‘द ब्लू वेव’ (टीम का निकनेम) ने एक दशक में दुनिया की टॉप फुटबॉल टीम्स में जगह बना ली. कुराकाओ से जुड़े रोचक तथ्य कुराकाओ सिर्फ फुटबॉल ही नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति और अनूठी खासियत के लिए भी जाना जाता है:     राजधानी और वास्तुकला: इसकी राजधानी विलेमस्टैड (Willemstad) यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल (UNESCO World Heritage Site) है. यह अपने रंग-बिरंगे डच औपनिवेशिक वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें इमारतों को पेस्टल रंगों में रंगा गया है.     भाषा का मिश्रण: कुराकाओ में लोग औसतन 4 भाषाएं बोलते हैं! यहां की आधिकारिक भाषाएं- पापियामेंटू (Papiamentu), डच और अंग्रेजी हैं. पापियामेंटू एक अनूठी क्रियोल भाषा है, जो स्पैनिश, पुर्तगाली और डच भाषाओं का मिश्रण है.     झूले वाला पुल: यहां क्वीन एम्मा ब्रिज (Queen Emma Bridge) है, जिसे ‘झूलती बूढ़ी महिला’ (Swinging Old Lady) भी कहा जाता है. यह फ्लोटिंग पोंटून पुल है, जो जहाजों के गुजरने के लिए खुलता और बंद होता है.     हरिकेन से बचाव: यह द्वीप कैरिबियन के तूफान वाले बेल्ट के दक्षिण में स्थित है, जिसके कारण यह आमतौर पर बड़े तूफानों से बचा रहता है.  

स्मृति मंधाना की होने वाली है शादी, टीम इंडिया और परिवार में खुशी की लहर

इंदौर  टीम इंडिया की धमाकेदार प्लेयर स्मृति मंधाना 'इंदौर की बहू' बनने वाली हैं. वो सिंगर-म्यूजिक कम्पोजर पलाश मुच्छल से शादी करने वाली हैं. इस शादी की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं. उनके घर जगमगाती लाइट्स से सज चुके हैं. इसी के साथ टीम इंडिया भी उनकी शादी में आने की तैयारी कर रही है. क्रिकेटर हरमनप्रीत कौर ने बताया कि वो सबसे मिलने के लिए कितनी बेकरार हैं.  शादी में मस्ती करती दिखेगी टीम इंडिया पलाश और स्मृति की शादी ऐसे समय में हो रही है जब पहले से ही वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीतने का जश्न मनाया जा रहा है. इस शादी में शामिल होने के लिए पूरी वुमन्स क्रिकेट टीम भी एक्साइटेड है. जीत के बाद ये उनके लिए री-यूनियन का पल होगा. इस बारे में हरमनप्रीत ने भी न्यूज एजेंसी से बात की थी.  हरमनप्रीत ने कहा कि- हम सब एक दूसरे की कंपनी इतनी एंजॉय करते हैं कि जब दूर जा रहे होते हैं तो ऐसे लगता है कि कब अगली बार फिर मिलेंगे. क्योंकि हमें साथ में इतना अच्छा लगता है. लगता है कब फिर से टूर होगा, कब वापस मिलेंगे. आगे हरमनप्रीत ने बताया कि वो स्मृति की शादी में सबसे मिलने के इंतजार में हैं. वो बोलीं- अब स्मृति की शादी होने वाली है, और उम्मीद है कि हम सब वहीं मिलेंगे. साथ में गेट-टुगेदर करेंगे और खूब मजे करेंगे.  जोर-शोर से हो रही तैयारी पलाश-स्मृति की शादी का खूब बज है. इस रिश्ते में दो इंडस्ट्रीज का शानदार मिलन देखने को मिल सकता है. वहीं शादी में फिल्म इंडस्ट्री और स्पोर्ट्स के कई दिग्गज शामिल सकते हैं. स्मृति-पलाश की वेडिंग प्रेपरेशन भी शुरू हो चुकी हैं. सभी रस्में स्मृति के होमटाउन महाराष्ट्र के सांगली में होंगे. यहां की सजावट का वीडियो सामने आया. पूरा माहौल जगमगाते लाइट्स से चमक रहा है. गलियों में चमचमाती लड़ियां लगी हैं.  पलाश-स्मृति की शादी 23 नवंबर की बताई जा रही है. खबर है कि क्रिकेटर की मेहंदी रस्म हो चुकी है. पलाश ने भी कुछ वक्त पहले ऐलान किया था कि वो इंदौर की बहू बनेंगी. दोनों काफी समय से डेट कर रहे थे. वहीं हाल ही में पलाश की सिंगर बहन पलक मुच्छल ने भी बताया था कि पूरा परिवार इस समय कितना खुश है, और बस शादी की तैयारियों में लगा है. 

ODI रैंकिंग में बड़ा उलटफेर: रोहित शर्मा नंबर-1 से नीचे, कीवी बल्लेबाज़ ने कब्जाई शीर्ष पोज़िशन

नई दिल्ली  आईसीसी की ताजा वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग (ICC ODI Batting Rankings 2025) में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) का नंबर-1 स्थान लंबे समय तक बरकरार नहीं रह सका। हाल ही में सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शतक लगाकर वह शीर्ष पर पहुंचे थे, लेकिन न्यूजीलैंड के अनुभवी बल्लेबाज डैरिल मिचेल ने शानदार प्रदर्शन कर उन्हें पीछे छोड़ दिया। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे मैच में मिचेल ने अपने करियर का सातवां शतक ठोककर वनडे रैंकिंग में पहली बार नंबर-1 स्थान हासिल किया। इस उपलब्धि के साथ वे 1979 के बाद शीर्ष स्थान हासिल करने वाले दूसरे कीवी बल्लेबाज बन गए। उनसे पहले ग्लेन टर्नर यह उपलब्धि हासिल करने वाले न्यूजीलैंड के पहले खिलाड़ी थे।   1979 के बाद पहले कीवी नंबर-1 बल्लेबाज बने न्यूजीलैंड के कई दिग्गज बल्लेबाज मार्टिन क्रो, एंड्रयू जोंस, रोजर टोस, नाथन एस्टल, केन विलियमसन, मार्टिन गप्टिल और रॉस टेलर टॉप-5 तक पहुंचे, परंतु नंबर-1 स्थान तक कोई नहीं पहुंच पाया था। मिचेल इस खास क्लब में अब ग्लेन टर्नर के बाद शामिल हो गए हैं। पाकिस्तानी खिलाड़ियों को बड़ा फायदा ताजा वनडे रैंकिंग में पाकिस्तान के खिलाड़ियों ने प्रभावशाली प्रदर्शन का इनाम पाया। श्रीलंका को हाल ही में 3-0 से हराने के बाद मोहम्मद रिजवान पांच स्थान की छलांग लगाकर संयुक्त 22वें स्थान पर पहुंचे। फखर जमान को भी पांच स्थान का फायदा मिला और वे 26वें स्थान पर आ गए। गेंदबाजों में अबरार अहमद ने 11 स्थान की बड़ी छलांग लगाकर टॉप-10 में पहुंचते हुए 9वां स्थान हासिल किया। तेज गेंदबाज हारिस रउफ भी पांच स्थान बढ़कर 23वें नंबर पर पहुंचे। वहीं अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान वनडे गेंदबाजी रैंकिंग में नंबर-1 पर कायम हैं। कोलकाता टेस्ट के बाद जबरदस्त बदलाव टीम इंडिया और साउथ अफ्रीका के बीच कोलकाता टेस्ट खत्म होने के बाद आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में भी कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए। साउथ अफ्रीका के कप्तान टेम्बा बावुमा ने दूसरी पारी में नाबाद 55 रन बनाकर पहली बार टॉप-5 टेस्ट बल्लेबाजों की सूची में जगह बनाई। भारतीय कप्तान शुभमन गिल, गर्दन की चोट के बावजूद, दो स्थान ऊपर उठकर 11वें नंबर पर पहुंच गए। बांग्लादेशी खिलाड़ियों को भी आयरलैंड पर जीत का लाभ मिला। कप्तान नजमुल हुसैन शांतो चार स्थान ऊपर चढ़कर संयुक्त 34वें स्थान पर पहुंचे, जबकि महमुदुल हसन जॉय ने 19 स्थान की जबरदस्त छलांग लगाकर 74वीं रैंक हासिल की। जसप्रीत बुमराह कायम शीर्ष पर टेस्ट गेंदबाजी रैंकिंग में जसप्रीत बुमराह अपना दबदबा कायम रखे हुए हैं। ईडन गार्डन्स में छह विकेट लेकर उन्होंने शीर्ष स्थान बरकरार रखा। कुलदीप यादव ने दो स्थान ऊपर चढ़कर अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ 13वां स्थान प्राप्त किया, जबकि रवींद्र जडेजा चार स्थान ऊपर बढ़कर 15वें स्थान पर आ गए। साउथ अफ्रीका के मार्को यानसेन 11वें स्थान पर पहुंचे और साइमन हार्मर ने 20 स्थान की छलांग लगाकर 24वां स्थान हासिल किया। T20 रैंकिंग में कीवी खिलाड़ियों का जलवा टी20 रैंकिंग में न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी चमका। टिम रोबिंसन आठ स्थान ऊपर उठकर 15वें स्थान पर पहुंच गए। डेवॉन कॉनवे सात स्थान की बढ़त के साथ संयुक्त 48वें स्थान पर आए। वहीं बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जैकब डफी एक स्थान ऊपर बढ़कर दूसरे नंबर पर काबिज हुए।

भारतीय टीम को मिली राहत: गिल फिट, गुवाहाटी मैच में रहेंगे टीम के साथ

मुंबई भारत और साउथ अफ्रीका के बीच शनिवार से दूसरे टेस्ट मैच की शुरुआत होगी, जिसके लिए भारतीय कप्तान शुभमन गिल बुधवार को टीम के साथ गुवाहाटी जाएंगे। हालांकि, सीरीज के निर्णायक मुकाबले में गिल के खेलने पर अभी तक मुहर नहीं लगी है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल को साउथ अफ्रीका के खिलाफ कोलकाता टेस्ट के दूसरे दिन गर्दन में चोट लग गई थी। दिन का खेल खत्म होने के बाद उन्हें जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया, जिसके बाद निगरानी में रखा गया और अगले दिन छुट्टी दे दी गई। शुभमन को दिए गए उपचार का अच्छा असर हो रहा है। वह 19 नवंबर को टीम के साथ गुवाहाटी जाएंगे। बीसीसीआई की मेडिकल टीम उनकी निगरानी करती रहेगी और दूसरे टेस्ट में उनकी भागीदारी पर उसी के अनुसार फैसला लिया जाएगा।” कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले के दूसरे दिन बल्लेबाजी के दौरान गिल चोटिल हुए थे। भारतीय पारी के 35वें ओवर में साउथ अफ्रीकी ऑफ स्पिनर साइमन हार्मर की गेंद पर चौका लगाने के बाद गिल को गर्दन में परेशानी महसूस हुई, जिसके बाद उन्हें रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा। इसके बाद भारतीय कप्तान मैच में दोबारा बल्लेबाजी के लिए नहीं उतर सके। दूसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद गिल को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी गर्दन में सर्वाइकल कॉलर लगा हुआ था। तीसरे दिन की शुरुआत से पहले बीसीसीआई ने घोषणा कर दी थी कि कप्तान गिल मैच के शेष हिस्से से बाहर हो गए हैं। भारतीय टीम को इस रोमांचक मुकाबले में 30 रन से हार का सामना करना पड़ा था। इसी के साथ साउथ अफ्रीका ने दो मुकाबलों की सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली। अब सीरीज बराबरी पर खत्म करने के लिए टीम इंडिया को गुवाहाटी टेस्ट जीतना होगा। इससे पहले अक्टूबर 2024 में गिल गर्दन में अकड़न की समस्या से जूझते नजर आए थे। न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट से पहले उन्हें यह समस्या हुई, जिसके कारण वह मैच से बाहर हो गए थे। इसी समस्या के कारण गिल जुलाई 2024 में श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में भी नहीं खेल सके थे।  

40वी इंदिरा मैराथन में प्रदीप सिंह चौहान व रीनू ने प्रथम स्थान पर मारी बाजी

प्रयागराज 40वीं इंदिरा मैराथन में बुधवार को 42.195 किलोमीटर की दौड़ पूरी करते हुए पुरुष वर्ग में उत्तराखंड के धावक प्रदीप सिंह चौहान और महिला वर्ग में हरियाणा की रीनू ने प्रथम स्थान पर बाजी मारी। इसी तरह पुरुष वर्ग में द्वितीय स्थान पर उप्र के प्रतापगढ़ जिले के ज्ञान बाबू ने दौड़ पूरी किया। तीसरे स्थान पर प्रयागराज के रोहित सरोज ने दौड़ पूरी किया। महिला वर्ग में द्वितीय स्थान पर महाराष्ट्र की अश्विनी मदान जादव और महाराष्ट्र की ज्योति शंकर गवते पहुंची है।  पहली बार मैराथन में 21 वर्ष से कम उम्र के एथलीटों (न्यूनतम 18 वर्ष तक) को दौड़ने का मौका दिया गया है। जो सीने पर इलेक्ट्रॉनिक चिप युक्त विब लगाकर दौड़े हैं। इस बार भी सर्वाधिक संख्या सेना व पैरामिलिट्री के धावकों की है। जबकि देश के दक्षिणी हिस्से से सर्वाधिक एथलीटों का प्रयागराज में जमावड़ा हुआ है। 40वीं इंदिरा मैराथन का शुभारम्भ उप्र खेल निदेशक डा.आर.पी.सिंह, जिलाधिकारी प्रयागराज मनीष कुमार वर्मा, उप्र एथलेटिक्स संघ के सचिव नरेन्द्र कुमार और अध्यक्ष आशुतोष भल्ला, क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी प्रयागराज प्रेम कुमार और मण्डलायुक्त प्रयागराज सौम्या अग्रवाल ने दीप प्रज्वलित करके किया।   

हरमनप्रीत कौर का ब्रांड पोर्टफोलियो तीन गुना होने की उम्मीद, विश्व कप का दिखा प्रभाव

नई दिल्ली  विश्व कप जीतने के बाद विभिन्न ब्रांड भारतीय महिला क्रिकेटरों में भी दिलचस्पी दिखाने लग गए हैं। इन खिलाड़ियों में कप्तान हरमनप्रीत कौर भी शामिल हैं, जिनके विज्ञापन पोर्टफोलियो में आने वाले महीनों में तीन गुना वृद्धि होने की उम्मीद है। नवी मुंबई में खेले गए फाइनल में नादिन डी क्लार्क का कैच लेकर भारत को दक्षिण अफ्रीका पर जीत दिलाने वाली हरमनप्रीत विश्व कप से पहले आठ से ज़्यादा ब्रांड से जुड़ी थीं लेकिन उनकी मैनेजर नूपुर कश्यप ने बताया कि अब यह बदलाव आ रहा है।  कश्यप ने  कहा, ‘विश्व कप से पहले हरमनप्रीत आठ दस ब्रांड से जुड़ी थी लेकिन विश्व कप के बाद उनकी कीमत और ब्रांड की संख्या में तीन गुना वृद्धि होने की उम्मीद है। गैर-खेल पारंपरिक क्षेत्र के ब्रांड उनसे संपर्क कर रहे हैं और उनके साथ जुड़ने के लिए तैयार हैं।'  कश्यप ने कहा कि 2017 का फाइनल भारत में महिला क्रिकेट के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी, लेकिन आठ साल बाद खिताबी जीत ने खेल की लोकप्रियता और ब्रांड की रुचि को दूसरे स्तर पर पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा, ‘खिलाड़ियों की बिजनेस मैनेजर होने के कारण मैंने देखा है कि विशेष कर विश्व कप जीतने के बाद महिला क्रिकेट में रुचि और निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पहले महिला खिलाड़ियों को कुछ ब्रांड तक सीमित रखा जाता था लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब हम मानसिकता में बहुत बदलाव देख रहे हैं।'  कश्यप ने कहा, ‘अब स्थिति बदल रही है और ब्रांड महिला क्रिकेटरों को मजबूत, सक्षम और निपुण खिलाड़ियों के रूप में प्रदर्शित करने के महत्व को पहचानने लगे हैं। ऐसा करके वे न केवल महिला एथलीटों के बारे में सोच बदल रहे हैं, बल्कि अधिक समावेशी और सहायक खेल संस्कृति में भी योगदान दे रहे हैं।'   

कुराकाओ बना फीफा विश्व कप के लिए क्वालिफाई करने वाला सबसे छोटा देश

किंग्सटन कैरेबियाई क्षेत्र का छोटा सा द्वीप राष्ट्र कुराकाओ ने इतिहास रच दिया है। मंगलवार को जमैका के खिलाफ 0-0 से ड्रॉ खेलकर कुराकाओ ने पहली बार फीफा विश्व कप के लिए क्वालिफाई कर लिया। यह उपलब्धि हासिल करने वाला यह दुनिया का सबसे छोटा देश बन गया है। कुराकाओ, जिसकी आबादी सिर्फ 1.56 लाख है, ने किंग्सटन में खेले गए मुकाबले में जमैका की ओर से हुए जोरदार दूसरे हाफ के दबाव को झेलते हुए जरूरी ड्रॉ हासिल किया, जिससे उसे संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में होने वाले आगामी विश्व कप का टिकट मिल गया। ‘ब्लू वेव’ के नाम से मशहूर टीम का यह सफर किसी परीकथा से कम नहीं रहा। छह मैचों में 12 अंकों के साथ कुराकाओ ने ग्रुप-B में शीर्ष स्थान हासिल किया और जमैका पर एक अंक की बढ़त के साथ क्वालिफिकेशन पक्का किया। अगले साल पहली बार विश्व कप में टीमों की संख्या बढ़कर 48 होने जा रही है, और इसी के साथ कुराकाओ ने सबसे छोटे देश के तौर पर क्वालिफाई करने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड आइसलैंड (2018) के नाम था, जिसकी आबादी करीब 3.5 लाख है।  

स्कॉटलैंड ने 26 साल बाद फीफा विश्व कप के लिए क्वालिफाई किया, मैक्टोमिने ने दागा करिश्माई गोल

ग्लास्गो स्कॉटलैंड ने 10 खिलाड़ियों के साथ खेल रही डेनमार्क पर 4-2 की रोमांचक जीत दर्ज कर फीफा विश्व कप 2026 के लिए क्वालिफाई कर लिया। यह स्कॉटलैंड का 1998 के बाद पहला विश्व कप टिकट है। मैच में इंजरी टाइम में आए दो गोलों ने मुकाबले को यादगार बना दिया। शुरुआती तीसरे मिनट में स्कॉट मैक्टोमिने ने गेंद पर शानदार ओवरहेड किक मारकर स्कॉटलैंड को बढ़त दिलाई। नेपोली मिडफील्डर का यह गोल पूरे स्टेडियम को झूमने पर मजबूर कर गया। हालांकि डेनमार्क ने जल्द ही खुद को संभाला और पहले हाफ में गेंद पर कब्जा बनाए रखा, लेकिन गोल नहीं कर सके। दूसरे हाफ में 57वें मिनट पर रासमुस होइलुंड ने पेनल्टी को गोल में बदलकर स्कोर 1-1 कर दिया। इसके चार मिनट बाद डेनमार्क को झटका लगा जब रासमुस क्रिस्टेनसन को दूसरा पीला कार्ड मिलने पर मैदान छोड़ना पड़ा और टीम 10 खिलाड़ियों की रह गई। 78वें मिनट में लॉरेंस शेंकलैंड ने कॉर्नर पर शानदार फिनिश करते हुए स्कॉटलैंड को 2-1 की बढ़त दिलाई, लेकिन कुछ ही देर में पैट्रिक डॉर्गु ने स्कोर 2-2 कर दिया। इसके बाद स्कॉटलैंड ने दमदार वापसी करते हुए इंजरी टाइम में दो गोल दागे। 93वें मिनट में कीरन टियरनी ने बाहर से जोरदार शॉट लगाकर गोल किया और टीम को 3-2 से आगे कर दिया। मैच के खत्म होने से ठीक पहले केनी मैकलीन ने आधे मैदान से गेंद को गोल में डालकर स्कॉटलैंड की ऐतिहासिक जीत पक्की कर दी। स्कॉटलैंड ग्रुप सी का विजेता बनकर 13 अंकों के साथ विश्व कप के लिए सीधे क्वालिफाई हुआ, जबकि डेनमार्क को प्लेऑफ का रास्ता अपनाना पड़ेगा। स्कॉटलैंड मैनेजर स्टीव क्लार्क ने खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा, “आखिरी कदम हमेशा मुश्किल होता है, और लड़कों ने इसे बखूबी संभाला। मैक्ट्रोमिने का ओवरहेड किक मेरी जिंदगी का सबसे बेहतरीन गोल था।” कप्तान एंड्रयू रॉबर्टसन ने भावुक होकर कहा, “हम कभी हार नहीं मानते। यह स्क्वॉड की पहचान है। हमने देश को रोमांच में डाल दिया, लेकिन इसका हर पल वाजिब था। हम विश्व कप में जा रहे हैं।”  

गौतम गंभीर बने कोच, और डूबने लगी टीम इंडिया की टेस्ट बादशाहत?

नई दिल्ली  गौतम गंभीर के कार्यकाल में भारतीय टीम का टेस्ट में तेजी से पतन हो रहा है। यकीन न हो तो आंकड़ों पर गौर फरमा लीजिए। गंभीर के कोच बनने से पहले टीम इंडिया टेस्ट मैचों में अपने घर में लगभग अजेय थी। दौरा करने वाली टीमें सीरीज जीतना तो छोड़िए, एक मैच तक जीतने के लिए तरस जाया करती थीं। फिर आया गौतम गंभीर युग और अब टीम मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ घर में ही जीत के लिए तरस गई है। गौतम गंभीर के मुख्य कोच बनने से पहले टीम इंडिया 10 सालों में घर में जितने टेस्ट मैच हारी थी, उससे ज्यादा तो उनके कार्यकाल के शुरुआती 16 महीनों में ही हार गई है। गंभीर युग से पहले भारतीय टीम जनवरी 2013 से दिसंबर 2023 तक एक दशक में घर में सिर्फ 3 टेस्ट मैच हारी थी। गंभीर के आने के बाद अब तक 6 होम टेस्ट में ही 4 मैच हार चुकी है। गौतम गंभीर को जुलाई 2024 में भारतीय टीम के मुख्य कोच की जिम्मेदारी सौंपी गई। उनके कार्यकाल में टी20 और वनडे में तो टीम इंडिया का ट्रैक रिकॉर्ड शानदार है लेकिन टेस्ट में तो बहुत ही बुरा हाल है। उन्हें विरासत में एक ऐसी टीम मिली थी जिसे घर में हराना मजबूत से मजबूत टीमों के लिए टेढ़ी खीर हुआ करती थी। गंभीर के दौर में टीम इंडिया का टेस्ट में प्रदर्शन गौतम गंभीर के कोच बनने के बाद भारतीय टीम ने अब तक 18 टेस्ट में 7 में जीत हासिल की है और 9 में उसे हार का सामना करना पड़ा। इस दौरान घर में टीम इंडिया ने 8 मैच खेले हैं, जिनमें 4 में उसे जीत मिली है और 4 में हार। घर में पिछले 6 टेस्ट में 4 में हार गौतम गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद भारतीय टीम घर में खेले गए पिछले 6 मैचों में 4 में हार चुकी है। जिन दो मैचों में जीती है वो वेस्टइंडीज के खिलाफ जीती है। न्यूजीलैंड के खिलाफ बेंगलुरु टेस्ट में भारत चौथे दिन 8 विकेट से हार गया। उसके बाद पुणे टेस्ट में भी न्यूजीलैंड ने तीसरे दिन ही 113 रन से हराया। मुंबई टेस्ट में भी उसने भारतीय टीम को तीसरे दिन ही 25 रन से शिकस्त दी। अब दक्षिण अफ्रीका ने कोलकाता टेस्ट में तीसरे ही दिन भारत को 30 रन से हरा दिया है। किसी भी मजबूत टीम से नहीं जीत पाए सीरीज गौतम गंभीर के अब तक के कार्यकाल में भारतीय टीम किसी भी मजबूत टीम के खिलाफ टेस्ट सीरीज नहीं जीत सकी है। दक्षिण अफ्रीका के साथ 2 मैच की होम सीरीज में भी टीम इंडिया 1-0 से पीछे है। घर में सिर्फ बांग्लादेश और वेस्टइंडीज से जीते गंभीर के कार्यकाल में भारत ने जिन दो टेस्ट सीरीज में जीत हासिल की है, वो दोनों ही टीमें घर से बाहर काफी कमजोर मानी जाती हैं। भारत ने पिछले साल बांग्लादेश को अपनी धरती पर 2-0 से हराया था। उसके अलावा इसी साल वेस्टइंडीज को अपने घर में 2-0 से हराया। वेस्टइंडीज कभी सबसे मजबूत टीमों में शुमार होती थी लेकिन अब तो वह अपने अतीत की छाया तक नहीं है। न्यूजीलैंड ने घर में आकर धो दिया गौतम गंभीर के कार्यकाल में भारत पिछेल साल अपनी ही सरजमीं पर न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में बुरी तरह हारा। 3 मैच की सीरीज में टीम इंडिया एक भी मैच जीतना तो दूर, ड्रॉ तक नहीं करा पाई और 3-0 से शर्मनाक पराजय झेलनी पड़ी। उसके बाद भारत को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर 1-3 से हार का सामना करना पड़ा। इस साल इंग्लैंड दौरे पर भारत 5 टेस्ट मैच की सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया। सीरीज 2-2 से बराबर रही।  

श्री सत्य साईं बाबा के जन्म शताब्दी समारोह में पहुंचे तेंदुलकर, सुनाया विश्व कप 2011 से जुड़ा किस्सा

पुट्टपर्थी दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर बुधवार को आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी में श्री सत्य साईं बाबा के जन्म शताब्दी समारोह में पहुंचे, जहां उन्होंने श्री सत्य साईं बाबा से जुड़ी अपनी यादों को साझा किया। तेंदुलकर ने बताया कि बाबा अक्सर उनके मन की बात को जान लेते थे, जो उनके लिए अविश्वसनीय होता था। इस दौरान तेंदुलकर ने विश्व कप 2011 से जुड़ा एक किस्सा भी साझा किया। सचिन तेंदुलकर ने समारोह में कहा, इस जगह ने हम लाखों लोगों को बहुत सुकून, उद्देश्य और दिशा दी है। जब मैं यहां खड़ा होता हूं, तो मुझे याद आता है कि बाबा ने हमारे जीवन में कितने योगदान दिए और हमें बेहतर इंसान बनाया। सचिन तेंदुलकर ने बताया कि बचपन में उनका हेयरस्टाइल श्री सत्य साईं बाबा की तरह ही था। उन्होंने कहा, “मुझे याद है, मैं सिर्फ 5 साल का था और मैं जहां भी जाता था, मेरे स्कूल और मेरे आस-पास के लोग मुझे “वो जो छोटा बच्चा है ना, जिसके बाल सत्य साईं बाबा जैसे हैं” कहकर बुलाते थे। ऐसा सिर्फ इसलिए था, क्योंकि मैंने 5 साल की उम्र तक बाल नहीं कटवाए थे। मेरे बाल भी वैसे ही लंबे थे। मैं उस समय समाज के लिए बाबा के योगदान को समझने में बहुत छोटा था। मैं उनसे पहली बार 90 के दशक के मध्य में व्हाइटफील्ड में मिला था और तब से मुझे उनसे कई बार मिलने का सौभाग्य मिला है।” उन्होंने कहा, “बाबा में यह क्षमता थी कि चाहे आप कहीं भी हों वे आपके मन में, आपके साथ रह सकते थे। मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं, क्योंकि मेरे मन में कई सवाल चल रहे थे। बिना पूछे ही, बाबा ने उन सवालों के जवाब दे दिए। यह मेरे लिए एक अविश्वसनीय अनुभव था। क्योंकि मैं सोच रहा था, उन्हें कैसे पता चला कि मेरे मन में क्या चल रहा था? उन्होंने पहले ही जवाब दे दिया था, मुझे आशीर्वाद दिया था, मुझे दिशा दी थी।” सचिन तेंदुलकर ने बताया कि साल विश्व कप 2011 से पहले श्री सत्य साईं बाबा ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में मदद की थी। उन्होंने कहा, “2011 से पहले मैं कई विश्व कप खेल चुका था। मुझे पता था कि यह मेरा आखिरी विश्व कप हो सकता है। हम बेंगलुरु में एक कैंप में थे। इसी बीच मुझे एक फोन कॉल आया और बताया गया कि बाबा ने मेरे लिए एक किताब भेजी है। यह सुनकर मेरे चेहरे पर मुस्कान आ गई। मैं जानता था कि यह विश्व कप हमारे लिए बेहद खास होगा। इस किताब ने मुझे आत्मविश्वास और आत्मबल दिया।”